हाय एवरीवन मेरा नाम है सी पाऊजा नाम है बायोलॉजी एजुकेटर नीट यूजी कैटेगरी आज की 15 मिनट सीरीज में हम लोग आगे बढ़ने वाले हैं एक जेनेटिक्स के पहले चैप्टर से काफी बड़ा चैप्टर है प्रिंसिपल्स ऑफ इनहेरिटेंस एंड वेरिएशन इसका मैं डिटेल वन शॉट नीचे पिन कर दूंगी एंड एंड इस पूरी प्लेलिस्ट का लिंक भी मैं नीचे डाल दूंगी ये जो सारे नोट्स हैं आपको मिलेंगे मेरे टेलीग्राम पे टेलीग्राम मेरे ही नाम से सी पाउजा बायोलॉजी ऑफिशियल एंड इट इज़ अ स्कैनर सो लेट अस स्टार्ट विदाउट वेस्टिंग अ टाइम सो व्हाट इज़ जेनेटिक्स जेनेटिक्स इज़ अ ब्रांच ऑफ़ साइंस व्हिच डील्स विथ अ स्टडी ऑफ़ इनहेरिटेंस वेरिएशन इन्हहेरिटेंस होता है ट्रांसमिशन ऑफ़ कैरेक्टर्स फ्रॉम पेरेंट्स टू ऑफस्प्रिंग एंड वेरिएशन होता होता है हम लोग हम कैरेक्टर्स लेने के बाद भी आपस में काफी डिफरेंट है। एंड वो क्यों डिफरेंट है? बिकॉज़ ऑफ़ म्यूटेशन, क्रॉसओवर इन [नाक से की जाने वाली आवाज़] सब रीज़ंस की वजह से। नाउ द प्रोसेस ऑफ़ ट्रांसमिशन ऑफ़ कैरेक्टर्स इज़ कॉल्ड ऐज़ इनहेरिटेंस। बात करें हमारे सेक्सुअल रिप्रोडक्शन की। सेक्सुअल रिप्रोडक्शन में आप जानते हैं मेल एंड फीमेल पेरेंट दे गव हाफ ऑफ़ द क्रोमोसोम्स इन देयर गेमिट्स एंड गेमेट्स। देन फ्यूज्ड टू फॉर्म द ज़ागोट। ज़ागोट से अल्टीमेटली आपका नया ऑर्गेनिज़्म बनता है। नए ऑर्गेनिज़्म की बात करें तो हमारे पास 46 क्रोमोसोम होते हैं। 46 क्रोमोसोम किस फॉर्म में प्रेजेंट होते हैं? 23 पेयर्स के फॉर्म में प्रेजेंट होते हैं। देन यहां पर एक नया टर्म इंट्रोड्यूस होता है व्हिच इज़ जीन। जीन इज़ व्हाट? इट्स अ फंक्शनल सेगमेंट ऑफ़ डीएनए। बिकॉज़ सारा डीएनए कोड नहीं करता है। कुछ स्पेसिफिक सेगमेंट ही प्रोटीन बनाते हैं एंड उनको हम जीन बोलते हैं। नाउ द अल्टरनेट फॉर्म ऑफ़ जीन इज़ कॉल्ड एज़ अलील और अरिलोमॉर्फ। देन हम बात करते हैं मेंडल के एक्सपेरिमेंट की। मेंडल इज़ नोन ऐज़ अ फादर ऑफ़ जेनेटिक्स एंड ही डिड हाइब्रिडाइजेशन एक्सपेरिमेंट फॉर सेवन इयर्स। कितना टाइम? सेवन इयर्स। ये क्वेश्चन भी रह चुका है। ऑन पी प्लांट दैट इज़ पाइस सटाइवम। एंड ये इयर्स आपको याद रखने हैं। नाउ मेंडल ने जो काम किया था मेंडल ने जो काम किया था वो पी प्लांट पे किया था। देन सवाल आता है व्हाई ही चोज़ द पी प्लांट? ही चोज़ पी प्लांट बिकॉज़ इसमें अ शॉर्ट लाइफ स्पैन था। ईजी टू ग्रो था लैब में लार्ज नंबर ऑफ़ ऑफस्ट्रिंग बनते थे। बाईसेक्सुअल था तो सेल्फ पोलिनेशन भी होती थी। कंट्रास्टिंग ट्रेस शो करता था। पी प्लांट के कुछ कैरेक्टरिस्टिक्स की बात करूं। देन इट्स अ डिप्लॉयड प्लांट 2n = 46 मतलब सेवन पेयर ऑफ़ क्रोमोसोम्स हैं। बाईसेक्सुअल है। सेवन कैरेक्टरिस्टिक्स उसने स्टडी किए। एंड ये जो कैरेक्टरिस्टिक्स थे अलग-अलग क्रोमोसोम पर बैठे थे। एंड सेवन कररेक्टर्स मतलब 14 ट्रेट्स, 14 ट्रू ब्रीडिंग वैरायटीज यहां पर आ जाती हैं। ये भी अपने आप में क्वेश्चन रह चुका है। अब मेंडल का काम इतना सक्सेसफुल क्यों था? क्योंकि मेंडल ने मैथ्स को यूज़ किया था। स्टैट्स को यूज़ किया था। अपने सारे एक्सपेरिमेंट्स का रिकॉर्ड रखा था। लार्ज सैंपल साइज़ था। तो क्रेडिबिलिटी क्रेडिबिलिटी बढ़ती है। ठीक है? एंड एक्सपेरिमेंट्स का थ्यरेटिकल इनफेंस में भी दिया था। एंड सक्सेसिव जनरेशन में उसने नोटिस किया कि सेम रिजल्ट्स आए। लेकिन फिर भी मेंडल का वर्क अनरकॉग्नाइज़्ज़ रहा। बिकॉज़ उस टाइम पे कम्युनिकेशन वाज़ नॉट ईजी। इंटरनेट नहीं था। उसके जो कंटेंपररीज वो मैथ्स को एक्सेप्ट नहीं कर रहे थे। वो फिजिकल प्रूफ नहीं दे पाया कि फैक्टर एज अ डिस्क्रीट यूनिट होता है। बट मेंडल का वर्क फिर से रिीसवर किया गया इन 1901 बाय थ्री साइंटिस्ट दैट इज़ कार्ल कॉरेंस, टिशरमार्क एंड ह्यूगो डिब्रीज़। ठीक है? देन आते हैं मेंडल के एक्सपेरिमेंट पे। मेंडल के इन क्रॉसेस के मोनोहाइब्रिड क्रॉस, डाइहाइब्रिड क्रॉस। मोनोहाइब्रिड क्रॉस की बात करें तो इन्हहेरिटेंस ऑफ़ अ कैरेक्टर जिसमें सिंगल कैरेक्टर का इन्हहेरिटेंस हम देखते हैं। तो जब भी उसने हाइब्रिडाइजेशन एक्सपेरिमेंट किए तो यहां पर तीन स्टेप्स उसने फॉलो किए। सबसे पहले सिलेक्शन ऑफ़ प्योर लाइन पेरेंट्स। प्योर लाइन पेरेंट्स वो होते हैं जो कि ओवर द टाइम सेल्फ पोलिनेशन करते रहो तो चेंज नहीं होते हैं। बेसिकली होमोजाइगस पे पैरेंट्स के बारे में बात की है। इनकी क्रॉस पोलिनेशन करा के F1 कराई एंड देन F1 की हमने सेल्फिंग कराई। ठीक है? तो इसमें हम लोग एक पनेट स्क्वायर भी बनाते हैं। पनेट स्क्वायर हमें हेल्प करता है फॉर द ग्राफिकल रिप्रेजेंटेशन टू कैलकुलेट द प्रोबेबिलिटी ऑफ़ ऑल द जीनोटाइप एज़ वेल एज अ फिनोटाइप। ठीक है? तो सबसे पहले हम लोग बात करते हैं मोनोहाइब्रिड क्रॉस की। किसके बारे में बात करते हैं? मोनोहाइब्रिड क्रॉस। मोनोहाइब्रिड क्रॉस में अगर हम देखें तो वेरी सिंपलीफाइड क्रॉस इज़ देयर। मोनोहाइब्रिड क्रॉस में मेरे बच्चों अगर हम देखें तो इट इज़ अ वेरी वेरी सिंपलीफाइड क्रॉस। इस तरीके से मेरे बच्चों क्रॉस होता है। हैव अ लुक। ठीक है? इन्हहेरिटेंस ऑफ़ वन जीन। आपने पैरेंट चूज़ किए। T आप प्योर लाइन पे पैरेंट्स चूज़ करते हो। उनके गेमेट्स बनते हैं। गेमिट्स में 50% ऑफ़ द एललील आते हैं। एंड देन फर्स्ट फीलियल जनरेशन में अगर आप देखेंगे तो सारे के सारे प्लांट्स जो होंगे वो हेटेरोज़ाइगस टॉल होंगे। ठीक है? मतलब फिनोटिपिकली दे रिेंबल वन ऑफ़ द पेरेंट। बट जीनोटिकली किसी को रिेंबल नहीं करते। फिर आपने सेकंड जनरेशन के लिए इन्हीं की सेल्फिंग कराई एंड आपके पास दो तरीके के प्लांट आए एंड तीन तरीके की जीनोटाइप आई। यानी कि जब हम बात करेंगे इसकी जीनोटिपिक और फिनोटपिक रेशो की तो जीनोटपिक रेशियो इज़ गोइंग टू बी टू वन एंड फिनोटपिक रेशियो इज़ गोइंग टू बी 3: वन। अब मोनोहाइब्रिड के बेस पे उसने दो तरीके के लॉज़ दिए। दैट इज़ लॉ ऑफ़ डोमिनेंस एंड लॉ ऑफ़ सेग्रगेशन। लॉ ऑफ़ डोमिनेंस के एक्सेप्शनंस भी हैं। जैसे कि इनकंप्लीट डोमिनेंस इज़ द एक्स एक्सेप्शन। कोड डोमिनेंस इज़ द एक्सेप्शन। लॉ ऑफ़ डोर्मिनेंस कहता है कि भैया कैरेक्टर्स आर कंट्रोल्ड बाय फैक्टर्स। फैक्टर्स पेयर में होते हैं। और अगर ये डिसिमिलर पेयर हो तो एक दूसरे पर हावी पड़ता है। लॉ ऑफ़ डोमिनेंस इज़ यूज़्ड टू ये लाइंस बहुतेंट है। इज़ यूज़्ड टू एक्सप्लेन द एक्सप्रेशन ऑफ़ ओनली व पैेरेंटल कैरेक्टर इन मोनोहाइब्रिड F1। एक ही कैरेक्टर आता है टॉल वाला। एंड एक्सप्रेशन ऑफ़ बोथ द कैरेक्टर्स इन F2। अह F2 में देखेंगे तो टॉल भी आ रहा है, डोफ भी आ रहा है। एंड यही लॉ ऑफ़ टर्मिनेंस एक्सप्लेन करता है 3:1 को। देन लॉ ऑफ़ सेग्रगेशन इज़ कॉल्ड एज़ लॉ ऑफ़ प्युरिटी ऑफ़ गेमेट्स। यानी कि ये जो लॉ है इसका कोई भी एक्सेप्शन नहीं है। ये कहता है कि जब भी गेमिट्स बनते हैं तो 50% अली 50% जो गेमिट्स हैं उसमें हाफ ऑफ द अलील आते हैं एंड 50% अपने हाफ ऑफ द ले जाता है। ठीक है? दिस लॉ इज़ बेस्ड ऑन द फैक्ट दैट अलील डू नॉट शो एनी ब्लेंडिंग। दिस इज़ वेरीेंट। कोई ब्लेंडिंग शो नहीं करते। एंड बोथ द कैरेक्टर्स आर रिकवर्ड एज़ सच इन एफ टू जनरेशन। ठीक है? दो पैरेंट्स कंटेन टू अली। पैरेंट के पास तो दो अलील होते हैं। लेकिन जब गेमिट्स बनाते हैं तो उसका हाफ आता है। ठीक है? होमोजाइगस पे पैरेंट्स सारे एक जैसे गेमिट्स बनाएगा। मान लो कैपिटल T कैपिटल T हो तो ओनली कैपिटल T वाला बनाएगा। एंड हेट्रोजाइगस की बात करें तो यार दो अलग-अलग तरीके के गेमेट्स बनाएगा। ठीक है? देन हमारे पास आया इन द डाईहाइब्रिड क्रॉस। डाईहाइब्रिड क्रॉस में मेंडल ने दो कैरेक्टर्स लिए। सीड शेप एंड सीड कलर। तो इसके दो पे पैरेंट्स थे प्योर लाइन। कैपिटल आर कैपिटल आर कैपिटल वाई कैपिटल वाई स्मॉल आर आर स्मॉल आर स्मॉल वाई स्मॉल वाई। सेम वही तीन स्टेप से उसने डाईहाइब्रिड क्रॉस किया। ठीक है? डाईहाइब्रिड क्रॉस किया। अह पहले एफ वन आया। Ry वाई। ये फिनोटपिकली तो डोमिनेंट था लेकिन जीनोटिकली हेटेरोजाइगस था। फिर उसकी सेल्फिंग कराई। सेल्फिंग रहने के बाद इस तरीके का पनेट स्क्वायर आया। इस पनेट स्क्वेयर में टोटल कितने तरीके की फिनोटाइप्स आई? अगर फिनोटाइप्स का नंबर देखोगे तो टोटल चार तरीके की फिनोटाइप्स आई। राउंड येलो, राउंड ग्रीन, रिंकल येलो, रिंकल ग्रीन। इनकी रेशियो अगर देखेंगे तो 9 33 1 दिस इज़ अ फिनोटपिक रेशो। अब इधर पे पैरेंटल टाइप 9 + 1 है और ये जो है वो नए कॉम्बिनेशन बने हैं। दैट इज़ रिक्बिनेंट्स। तो 16 में से जो सिक्स है वो रिकॉमिनेंट्स हैं। एंड 10 है वो क्या है? पैरेंटल है। फिर जीनोटापिक रेशो मैंने आपको डिटेल वाले में सिखाया है। इट्स अ फोक लाइन मेथड व्हिच कम्स आउट टू बी नाइन टाइप्स ऑफ़ जीनोटाइप। 1 2 1 2 4 2 एंड 1 2 1 ठीक है? यस। 1 2 1 2 एंड 1 2 1 ये हमारी जीनोटपिक रेशो आती है। अब इसके बेसिस पे मेंडल ने दिया था लॉ ऑफ़ इंडिपेंडेंट असोर्टमेंट। सबसे पहले डाईहाइबिड के बेस पे हुआ था। ये कहता है कि अगर दो कैरेक्टर एक साथ भी हैं तो भी वो एक दूसरे को इंटरफेयर नहीं करते। दोनों का इन्हहेरिटेंस जो है वो सेपरेट चलता है। दे डू नॉट इंटरफेयर ईच अदर। इसका भी एक्सेप्शन है। दैट इज़ लिंकेज। लिंकेज कहता है कि अगर क्रोमोजोम अगर जींस मेरे एक ही क्रोमोसोम पर बैठे हो दे आर बाउंड टू गेट लिंक। ठीक है? वो सेपरेट नहीं होते हैं। अगर नजदीक हो तो टाइट लिंकेज होती है। दूर हो तो थोड़ी लूज़ लिंकेज होती है। ओके मेरे बच्चों? देन आता है कि अगर आपको फिनोटिपिकली डोमिनेंट का जीनोटाइप पता करना है कि वो होमोजाइगस है या फिर हेटेरजाइगस डोमिनेंट है। उसके लिए हम लोग कौन सा क्रॉस करते हैं? टेस्ट क्रॉस करते हैं। नाउ टेस्ट क्रॉस इज़ अ टाइप ऑफ़ बैक क्रॉस। बैक क्रॉस होता है अगर आप ऑफस्प्रिंग का क्रॉस पैरेंट से कराओ। अगर ये पैरेंट आपका डोमिनेंट है तो वो हो जाएगा आउट क्रॉस। अगर यही पैरेंट आपका रेसेसिव है तो वो हो जाएगा आपका टेस्ट क्रॉस। टेस्ट क्रॉस इज़ वेरी वेरी वेरीेंट। बहुत पीवाईक्यूज़ इस पे आते हैं। तो वो कह रहे हैं टॉल दो तरीके का टॉल हो सकता है T और कौन सा हो सकता है? T. ठीक है? अब ये पता लगाने के लिए आप उसको रेसेसिव पेरेंट से क्रॉस करा दोगे। अगर तो सारे टॉल आ रहे हैं यानी कि वो वाला जो टॉल था वो T था। अगर बराबर टॉल और ड्वार्फ आ रहे हैं तो मतलब यानी कि वो वाला जो टॉल था वो कौन सा था? वो वाला आपका हेटेरोजाइगस टॉल था। और यहां पर एक चीज़ और याद रखेंगे यहां जीनोटपिक रेशियो इज़ इक्वल टू क्या होती है? फिनोटपिक रेशो होती है। देन एनसीईआरटी में एक पैराग्राफ दिया हुआ है कॉन्सेप्ट ऑफ़ डोमिनेंस। ये बड़ा इंपॉर्टेंट है। ये कहता है कि ओरिजिनली तो सारे हमारे जींस कौन से थे? डोमिनेंट थे। फिर म्यूटेशन आई, एवोल्यूशन हुई। एंड अल्टीमेटली एक ऐसा सीन आया जिस म्यूटेशन की वजह से या तो सेम फंक्शनल प्रोटीन हो सकता है। तो उसमें तो फिनोटाइप चेंज नहीं हुए। तो यार अभी तो वो डोमिनेंट है। लेकिन अगर म्यूटेशन की वजह से फिनोटाइप चेंज हो जाती है यानी कि या तो प्रोटीन बना नहीं या फिर नॉन फंक्शनल बना। उसको हम लोग बोलेंगे कि अब तो डोमिनेंट से क्या बन चुका है? रेसेसिव बन चुका है। मूविंग ऑन टू द एक्सेप्शनंस ऑफ़ मेंडेलियन इनहेरिटेंस। फर्स्ट वन इज़ इनकंप्लीट डोमिनेंस। इनकलीट डोमिनेंस मतलब जो डोमिनेंट डिलील है वो कंप्लीटली हावी नहीं हो पा रहा है रेसेसिव पर। यानी कि जो फिनोटाइप आ रहा है F1 में वो बीच का आ रहा है। जैसे रेड प्लांट्स और वाइट प्लांट क्रॉस करते हैं तो बीच के जो प्लांट बनते हैं दैट इज़ पिंक प्लांट्स। इनका जब आप F2 करेंगे तो इनकी जीनोटपिक रेशियो और फिनोटपिक रेशियो यहां पर भी बराबर आएगी। GR = PR दैट इज़ वन टू वन। एग्जांपल इज़ फ्लावर कलर इन स्टैप ड्रैगन, मेराबिलस जलापा, कोट कलर इन वन हॉर्न कैटल एंड वेरीेंट एग्जांपल जो आपकी एनसीआरटी में दी हुई है। दैट इज़ स्टार्स सिंथेसिस एंड पी प्लांट। ठीक है? इसमें बी जीन के बारे में बात की है। बी जीन दो चीजों के बारे में बताता है। पहली चीज़ कि बी जीन दो ट्रेट्स कंट्रोल कंट्रोल कर रहा है। तो एक जीन कंट्रोलिंग मोर देन टू ट्रेट्स। तो ये सबसे पहले एग्जांपल हो जाएगा प्लियोट्रॉपिक। दूसरा चीज कि यार ये जो बीजीन जब स्टार्च ग्रेन का साइज कंट्रोल करता है तो ये इनकंप्लीट डोमिनेंस शो करता है। लेकिन जब ये सीड शेप को कंट्रोल करता है तो ये कंप्लीट डोमिनेंस शो करता है। तो एनसीआरटी की बड़ी ब्यूटीफुल लाइंस है। द डोमिनेंस इज़ नॉट एन ऑटोनॉमस फीचर ऑफ़ अ जीन। डोमिनेंस किसी की जागीर नहीं है। वो डिपेंड करता है कि तुम क्या देखना चाहते हो। अगर तुम ये प्रोडक्ट देखना चाहते हो ग्रेन साइज तो तुम्हें इनकंपलीट डोमिनेंस दिख रही है। अगर तुम सीड शेप देखना चाहते हो तो तुम्हें कंप्लीट डोमिनेंस दिख रही है। नेक्स्ट कॉन्सेप्ट इज़ को डोमिनेंस। इसको डोमिनेंस कहता है कि अगर दो अलग-अलग तरीके के डोमिनेंट एललील एक साथ हैं, दो डिफरेंट टाइप ऑफ़ डोमिनेंट एललील एक साथ हैं, तो वो दोनों इक्वली एक्सप्रेस करेंगे। एक क्लासिक एग्जांपल इज़ एबी ब्लड ग्रुप। इसमें ए ब्लड ग्रुपिंग इज़ कंट्रोल बाय आईजीन। दो इसमें डोमिनेंट होते हैं और एक रेसेसिव होता है। अगर हम बात करें तो भैया यहां पर एक कैरेक्टर को कंट्रोल करने के लिए दो से ज्यादा एललील हैं। तो ये मल्टीपल एललिज्म का भी एग्जांपल है। तो एबीिय ब्लड ग्रुपिंग इज़ आल्सो एन एग्जांपल ऑफ़ मल्टीपल एललिज्म। यानी कि वन कै वन जीन वन कैरेक्टर इज़ बीइंग कंट्रोलोल्ड बाय सिंगल जीन इज़ हैविंग मोर देन डिफरेंट टाइप ऑफ़ अलील। और याद रखने हैं कि मल्टीपल एललिज्म की जो अ पता चलता है वो तुम्हें सिर्फ पॉपुलेशन में पता चल सकता है। वो चीज तुम्हें भी कभी ऑर्गेनिज्म के बारे में सिंगल ऑर्गेनज़्म से तुम नहीं पता लगा पाओगे कि इस कैरेक्टर के मल्टीपल एललील है। एंड जब मल्टीपल एललिज़्म होता है तो नंबर ऑफ़ फ़िनोटाइप और जीनोटाइप का फार्मूला होता है। फिनोटाइप इज़ n + 1 वेयर n इज़ नंबर ऑफ़ मल्टीपल एललील। एंड जीनोटाइप इज़ n / 2 * n + 1। ठीक है? अब ये आपको एग्जांपल याद होनी चाहिए। ये इस पे कई बार न्यूमेरिकल भी आ जाते हैं कि अगर पैरेंट ये है और ये है तो ब्लड ग्रुप क्या बनेगा? ए बनेगा। ये है और ये है तो ब्लड ग्रुप क्या बनेगा? ए बी बनेगा। आई होप ये आपको बनाना आता है कि डोमिनेंट और रेसेसिव का क्या सीन है? नहीं तो आप डिटेल वाला वीडियो नीचे देख सकते हैं। देन प्लियोट्रॉपी। प्लीट्रॉपी क्या होती है? जब एक एक जीन मल्टीपल कैरेक्टर्स को कंट्रोल करता है। जैसे कि बी जीन अभी किया पी प्लांट में। हीमोग्लोबिन का जीन इन सिकल सेल, फिनाइल, क्यूटन्यूरिया, वमिटेशन एंड ड्रोसोफिला। ये सारे एग्जांपल है प्लीट्रॉपी। इससे उल्टा पॉलीजेनिक इनहेड्रेंस। पॉलीजेनिक इनहेरिटेंस होता है जब एक कैरेक्टर को कंट्रोल करने के लिए मल्टीपल मल्टीपल जींस हैं। जैसे कि स्किन कलर इन ह्यूमन ये एनसीआरटी में दिया हुआ है। आईक्यू इन ह्यूमन, हाइट इन ह्यूमन, कर्नल कलर इन बीट। जब भी पॉलीजेनिक इनहेरिटेंस होती है आपको याद रखना है इंपैक्ट ऑफ ईच डोमिनेंट एललील हैज़ अ पार्शियल कंट्रीब्यूशन टू द फिनोटाइप। यानी कि जितना ज्यादा डोमिनेंट एललील होंगे, उतना ही ज्यादा गहरा एक्सप्रेशन होगा। एंड यहां पर इंपैक्ट ऑफ़ एनवायरमेंट भी आता है। एंड यहां पर हर डोमिनेंट एललील का एडिटिव इफ़ेक्ट है। एंड यहां ये ग्रेडियंट शो करता है। ठीक है? ऐसा नहीं है कि इट्स वाइट और ब्लैक। हमारे पास ग्रेडियंट है आईक्यू में भी, स्किन कलर में भी, हाइट में भी। और जब भी आप इसकी रेशियोज़ निकालने चलते हैं तो जो ग्राफ बनता है वो कैसा बनता है? बेल शेप बनता है। एंड हमेशा जो मैक्सिमम नंबर ऑफ इंडिविजुअल आते हैं वो हमेशा किसके आते हैं? इंटरमीडिएट के आते हैं। आपको एग्जांपल एनसीईआरटी में किसकी दी हुई है? स्किन कलर की दी हुई है। देन कम्स टू क्रोमोसोमल थ्योरी ऑफ़ इनहेरिटेंस व्हिच वाज़ गिवन बाय थॉमस। व्हिच वाज़ गिवन बाय सटन एंड बोराई। इन्होंने बोला सबसे पहले तो इसका बेसिस क्या था? मेंडल का वर्क एंड स्टडी ऑफ़ सेल डिवीज़न। ठीक है? इन्होंने बोला क्रोमोसोम्स के ऊपर जीन बैठे हैं। तो अगर क्रोमोजोम सेग्रगेट होंगे तो जीन भी सेग्रगेट होंगे। क्रोमोसोम पेअर हो जाएंगे तो जीन भी पेअर हो जाएंगे। एंड फर्टिलाइजेशन में पेयर्ड कंडीशन आ जाती है। गेमिट में ये दोनों सेपरेट हो जाते हैं। दैट मींस बोथ क्रोमोसोम एंड जीन अकर इन पेयर्ड फॉर्म एंड दे शो पैरेललिज्म पैरेलललिज्म इन बोथ ऑफ़ देम। दैट इज़ द क्रोमोसोमल थ्योरी ऑफ़ इनहेरिटेंस। अब ये बात तो बोली थी किसने? थॉमस हैं अपने सटन एंड बोहराई ने। लेकिन प्रूव इसको किसने किया? थॉमस एंड मॉ्गन ने अपने ड्रोसोफिला पे। यहां पर एक फोटोग्राफी भी बनी हुई है आपकी इंडिपेंडेंट असोर्टमेंट ऑफ क्रोमोजोम्स। ये आपको अच्छे से याद रखनी है इंडिपेंडेंट असोर्टमेंट की। आपने सेल डिवीजन में पढ़ा हुआ है कि यार ये जो कैपिटल आर है जरूरी नहीं है आपके कैपिटल वाई के साथ ही जाएगा। ये आपका कैपिटल आर कैपिटल वाई के साथ भी जा सकता है और आपका कैपिटल आर स्मॉल वाई के साथ भी जा सकता है। इस तरीके से ये शो करता है इंडिपेंडेंट असोर्ट ऑफ़ क्रोमोजोम्स। ठीक है? एक चीज़ मैं यहां पर बताना भूल गई थी कि इंडिपेंडेंट असोर्टमेंट ऑफ़ क्रोमोजोम सिर्फ उन्हीं दो कैरेक्टर के लिए काम करेगी व्हिच आर प्रेजेंट ऑन डिफरेंट क्रोमोजोम्स। जैसे सीड शेप और सीड कलर अगर आप यहां पर देखेंगे सीड शेप इज़ प्रेजेंट ऑन क्रोमसोम नंबर सेवन। सीड कलर इज़ प्रेजेंट ऑन क्रोमोसोम नंबर वन। तो आप उसी पर ही इंडिपेंडेंट असोर्टमेंट लगा सकते हो। अगर कोई दो कैरेक्टर है जो सेम क्रोमोसोम पे है वो तो लिंके शो कर लेंगे व्हिच इज़ एन एक्सेप्शन। तो ये चीज़ आप याद रखेंगे। चलिए थॉमस एंड मॉर्गन के प्रूफ के बारे में बात करते हैं। तो उन्होंने ड्रोफिला को यूज़ किया टू प्रूव दिस क्रोमोसोमल थ्योरी। ड्रोसोफिला क्यों यूज़ किया? क्योंकि स्माल साइज था, शॉर्टर लाइफ स्पैन था। बहुत सारी हेड रिट्री वेरिएशन थी जो कि आप लो पावर लो पावर माइक्रोस्कोप के अंदर देख सकते हो। माइक्रोस्कोप के अंदर देख सकते हो। तो सिंगल मीटिंग से 100 ऑफ़ प्रोजनी बनते हैं। एंड ये सेक्सुअल डम डायमॉर्फिज्म भी शो करता है। एनसीआरटी में फोटो बनी हुई है। जो मेल है वो छोटा होता है। फीमेल बड़ा होता है। एंड फीमेल के बाद से एक कोविचर भी होता है। फिर यहां पर बात की गई भैया लिंक्ड जीन क्या होते हैं? जो जींस एक ही क्रोमोसोम पर बैठे होते हैं दे हैव टेंडेंसी टू स्टे टुगेदर। वो सेपरेट नहीं होना चाहते क्रॉसिंग ओवर से उनको हम लिंक जीन बोलते हैं। अब लिंकेज ग्रुप एक एडिशनल यू नो कांसेप्ट है जिस पे पीवाईक्यू है बट एनसीईआरटी में नहीं दिया हो। आपको पता होना चाहिए। लिंकेज ग्रुप हम किसको बोलते हैं? हैप्लॉयड सेट ऑफ क्रोमोजोम को बोलते हैं। जैसे अगर बात करें इस ह्यूमन की बात कर लो। ह्यूमन में बात करें तो कितने लिंकेज ग्रुप होंगे? ह्यूमन में बात करें तो यहां मेल और फीमेल में अलग-अलग होता है। अगर मैं फीमेल की बात करूं तो हमारे पास 23 लिंकेज ग्रुप होंगे। लेकिन मेल की बात करें तो 24 होंगे क्योंकि इसमें हमारे पास वाई का अलग लिंकेज ग्रुप आ जाता है। चलिए ये जो एक्सपेरिमेंट किया था मॉ्गन ने इसमें उसने तीन तरीके के क्रॉस किए। एक क्रॉस किया बॉडी कलर और आई कलर का। फर्स्ट क्रॉस। सेकंड क्रॉस किया आई कलर और विंग टाइप का। एंड तीसरा क्रॉस किया उसने बॉडी कलर और विंग टाइप का। जब उसने रिजल्ट निकाला क्रॉस ए के बारे में देखें तो उसको पैरेंटल भी मिले और रिक्बिनेंट भी मिले। पैरेंटल का नंबर बहुत ज्यादा था एज़ कंपेयर टू रिक्बिनेंट। मतलब ये इकट्ठे रहना चाहते हैं जीन मतलब दे आर वेरी मच क्लाइट लिंक। इधर देखिए पैरेंटल अभी भी ज्यादा है रिक्बिनेंट से बट थ उससे कम है। यहां पर पैरेंटल कॉम्बिनेशन 62.8 बन रहे हैं। यानी कि ये वाले जीन जो होंगे थोड़े से दूर होंगे। अब यहां पर अल्फ्रेड सूटमट एक स्टूडेंट थे मॉर्गन के जिन्होंने क्रोमोजोमल मैपिंग करी। उसके ऊपर जींस कैसे अरेंज्ड हैं वो बताया। तो उसके बारे में बात करते हैं। तो अल्फ्रेड स्टूठे वांट की बात करें। इन्होंने क्रोमोजोमल मैपिंग करी। इन्होंने बोला परसेंटेज ऑफ रिकॉम्बिनेशन डिपेंड्स अपॉन द क्रॉसओवर। जितना क्रॉसओवर ज्यादा बढ़ता जाएगा उतना ही बीच में डिस्टेंस बढ़ता जाएगा। तो वो कह रहा था मान लो अगर ये तुम्हारे पास क्रोमोजोम है। दो जीन अगर यहां पर क्लोज प्रेजेंट हैं। यानी कि ये टाइटली लिंक्ड हैं। ये क्रॉसओवर नहीं होना चाहेंगे। लेकिन अगर कोई दो जीन है जो काफी दूर-दूर हैं तो यार ये लूजली लिंक्ड हैं। ये क्रॉसओवर हो जाएंगे। और ये कहता था जितनी रिक्बिनेशन परसेंटेज होती है ना ये रिक्बिनेशन फ्रीक्वेंसी होती है उतना ही डिस्टेंस होता है। डिस्टेंस के लिए इसने यूनिट लिया सेंटीम ऑर्गन और मैप यूनिट। तो मान लीजिए ये जो जीन है इनके बीच में रिकॉम्बिनेशन फ्रीक्वेंसी इज़ 1.3 यानी कि डिस्टेंस इज़ 1.3 सेंटीम ऑर्गन। इनके बीच में रिक्बिनेशन फ्रीक्वेंसी इज़ थ्री 37.2 यानी कि डिस्टेंस बिटवीन दीज़ टू जीन इज़ 37.2 सेंटीम ऑर्गन। अब ये मैक्सिमम कितनी होती है? 50% ही होती है। तो रिकॉमिनेशन फ्रीक्वेंसी आप निकाल भी सकते हो अगर ना दी हुई। नंबर ऑफ़ रिक्बिनेंट्स अपॉन टोटल प्रोजेनी इंट 100. देन आता है सेक्स डिटर्मिनेशन। दो तरीके वैसे तीन तरीके का होता है। एनवायरमेंटल, क्रोमोसोमल एंड जेनिक बैलेंस थ्योरी। हम यहां दो ही करेंगे। एनवायरमेंटल में देखिए इट डिपेंड्स अपॉन द टेंपरेचर ऑन व्हिच वी इनक्यूबेट द फर्टिलाइज्ड एग। जैसे क्रोकोडाइल और लिज़र्ड में देखेंगे, हाई टेंपरेचर में करेंगे तो मेल, लो में करेंगे तो फीमेल। एंड टर्टल में इसका एग्जैक्टली ऑोजिट मेन है क्रोमोसोमल सेक्स डिटरर्मिनेशन। जो कहते हैं कि भैया दो तरह के क्रोमोसोम्स होते हैं। एक तो होते हैं सोमेटिक, ऑटोसोम्स जिनका सेक्स में कोई रोल नहीं है। दूसरे टाइप के क्रोमोसोम्स होते हैं सेक्स क्रोमोसोम, एलोसोम और रेडियोसोम। जैसे ह्यूमंस में एलोसो और रेडियोसोम कौन से हैं? एक्स एंड व हैं। अब ये डिस्कवरी कहां से हुई? हेनकिंग काम कर रहे थे इंसेक्ट के स्पर्म्स पे। उन्होंने देखा यार 50% स्पर्म्स के पास एक न्यूक्लियर बॉडी है। 50% के पास कुछ भी नहीं है। तो जिनके पास ये न्यूक्लियर बॉडी थी उसको क्या बोला इन्होंने? एक्स बॉडी। और जिनके पास नहीं थी उसको बोला यार इसके पास तो कुछ नहीं है। लेटर ऑन नाम पता चला कि भैया यही एक्स बॉडी कौन सा है? एक्स क्रोमोजोम है। विल्सन ने इसको नाम दिया। देन हमने थ्री टाइप्स ऑफ़ सेक्स डिटरर्मिनेशन कर। फोर टाइप्स ऑफ़ सेक्स डिटरर्मिनेशन करनी है। जैसे ह्यूमंस में बात करें तो एक्स एक्स एक्स व टाइप ऑफ़ सेक्स डिटरर्मिनेशन। ह्यूमंस में दो तरीके के गेमेट कौन बनाता है? मेल बनाता है। यानी कि मेल डाईगमेट ही शो करते हैं। डाईगमेटी डाईगमेटी शो करते हैं। देन अब आगे बात करें इंसेक्ट्स में इट इज़ एक्स व एंड एक्स एक्स ठीक है यस ट्रोसोफिला में देन इस तरीके से आपको सारे टाइप की जो सेक्स डिटरमिनेशन है वो आनी चाहिए। इसके बाद चारों टाइप की सेक्स डिटरर्मिनेशन आनी चाहिए। देन हम करते हैं हैप्लॉड डिप्लॉयड फॉर सेक्स डिटरर्मिनेशन। यानी कि एक ऐसा इंसेक्ट भी है जिसमें हैप्लॉयड और डिप्लॉयड विल डिटरमिन द सेक्स ऑफ़ द सेक्स ऑफ़ द ऑर्गेनज़्म। एग्ज़ांपल हनी बी एंड्स एंड वेब्स। वो यहां पर एग्जांपल दिया हुआ हनी बी का। यानी बेस 2n = 32 यानी कि n = 16 यहां कहते हैं यहां की जो फीमेल्स हैं ना फीमेल्स आर एक्चुअली डिप्लॉयड एंड मेल्स मेल्स आर हैप्लॉयड। तभी यहां पर नाम आया हैपोलो डिप्लॉयडी टाइप ऑफ़ सेक्स डिटरमिनेशन। अब ये बनती कैसे है? फीमेल जो होती है दो तरीके की होती है। क्वीन या वर्कर। क्वीन इज़ अ फर्टाइल मेंबर। वर्कर इज़ अ स्टेराइल मेंबर ऑफ़ द फैमिली। क्वीन का काम है अंडे देना। तो ये फर्टाइल है। ये मियोसिस करके अंडे देती है। अब ये जो एग्स हैं अगर इनको स्पर्म मिल जाए। स्पर्म बनता कैसे? हैप्लॉयड ड्रोन से। मेल आर द ड्रोनस। अब ये हैप्लॉयड हैं। ये हैप्लॉयड स्पर्म कैसे बनाते हैं? ऑब्वियसली माइटोसिस से बनाएंगे। तो ये जब आपस में फर्टिलाइज करेंगे तो हमेशा फीमेल लार्वा बनेगा। क्योंकि ये जो लार्वा बन रहा है ये 2n = 32 बन रहा है। यानी कि ये डिप्लॉयड और डिप्लॉयड तो फीमेल होती है। अगर इसको रॉयल जेली मिली तो क्वीन मिलेगा। नहीं मिली तो क्या होगा? वर्कर होगा। ठीक है जी? यस। तो मेल बना कैसे? मेल एक्चुअली में बना। अगर ये n की पार्थिनोजेनेसिस हो गया हो जाए। पार्थिनोजेनेस हो जाए। n = 16 पार्थिनोजेनेसिस हो जाए तो ये डायरेक्टली क्या बना देगा मेरे बच्चों? मेल बना देगा। ठीक है? नेक्स्ट बात आती है म्यूटेशन की। म्यूटेशन इज़ बेसिकली द टर्म गिवन बाय इट वाज़ गिवन बाय ह्यूगो डिडवरीज़ एंड इट कॉज़्ड बाय म्यूटाजन। तीन अलग-अलग तरीके की म्यूटेशंस हम पढ़ते हैं। जीनोमैटिक, क्रोमोसोमबेशन एंड जीन म्यूटेशन। जीनोमेटिक होती है जब पूरा क्रोमोजोम का नंबर चेंज हो जाए। या तो एक क्रोमोसोम ज्यादा, एक कम या फिर पूरा का पूरा सेट ज्यादा, सेट कम। क्रोमोसोमरेशन होती है। नंबर उतना ही है। लेकिन क्रोमोसोम के ऊपर कुछ पोर्शन डिलीटेड है, कुछ एडिशनल है, कुछ सब्स्टट्यूट हो गया है। या फिर जीन म्यूटेशन। अब ये म्यूटेशन किसमें है? डीएनए में डीएनए में ए की जगह टी आ गया, सी की जगह जी आ गया है। यानी कि दैट इज़ सिंगल बेस पेयर का अगर चेंज हो रहा है, दैट इज़ कॉल्ड एज पॉइंट म्यूटेशन। अब ये म्यूटजन तीन तरीके के होते हैं बच्चों। फिजिकल, केमिकल एंड बायोलॉजिकल। ये दिया हुआ है। ये आपकी ह्यूमन हेल्थ में भी दिया हुआ है। फिजिकल मटजेंट दैट इज़ आयनाइजिंग रेडिएशन एंड नॉन आयनाइजिंग। आयनाइजिंग में एक्स रेज़, गामा रेज़, बीटा रेज़, नॉन आयनाइजिंग में यूवीज़। ये आपने फिजिक्स में पढ़ा हुआ है। केमिकल्स में बहुत सारी गैसेस होती हैं। केमिकल्स होते हैं जो म्यूटेशन कॉज़ कर सकती हैं। बायोलॉजिकल में बैक्टीरिया और वायरस व्हिच हैज़ अ कैपेबिलिटी टू कॉज़ द म्यूटेशन। सबसे पहले जीनोमेटिक म्यूटेशन। जीनोमेटिक मेडिटेशन में क्रोमोसोम का नंबर ऊपर नीचे हो रहा है। अगर तो एक दो क्रोम क्रोमोसोम ऊपर नीचे हो रहे हैं दैट इज़ एनप्लॉयडी। लेकिन अगर पूरा का पूरा सेट ऊपर नीचे हो रहा है दैट इज़ यूप्लॉयडी। अब एनप्लॉयडी में हाइपोप्लॉयडी भी हो सकती है। एक नंबर कम हो सकता है। जैसे कि टर्नर में या एक नंबर ज्यादा भी हो सकता है। जैसे कि आपके डाउन सिंड्रोम में है। वैसे तो इसका इतना डिटेल दिया नहीं हुआ बट इसमें पीवाईक्यूस बहुत है। तो प्लीज आप ये अच्छे से करिए। हाइपरप्लयडी यानी कि अगर एक या एक से ज्यादा क्रोमोसोम है। देखिए इसमें ट्राइसोमी डबल ट्राइसोमी टेट्रास अ आपका टेट्रासोमी हो सकता है। सबसे पहले बात करते हैं अगर 2n + 1 कंडीशन है यानी कि कोई एक टाइप का क्रोमोसोम ज्यादा है। जैसे यहां पर टू की तीन कॉपीज़ हैं दो की जगह दैट इज़ ट्राइसोमी। ट्राइसोमी आपको जो याद करनी है दैट इज़ गोइंग टू बी डाउन सिंड्रोम ट्राइसोमी। 21 टाऊ सिंड्रोम 13 एडवर्ड 18 एंड क्लाइन फेल्टर इज़ अ ट्राइसोमी ऑफ़ सेक्स क्रोमोसोम व्हिच इज़ द x एक्स व कंडीशन मेल्स में होती है। व्हिच इज़ द एक्स एक्स व कंडीशन मेल्स में होती है। देन 2n + 1 + 1 होगा। सो दैट इट इज़ गोइंग टू बी डबल ट्राइसोमी। कोई दो क्रोमोसोम है जो तीन कॉपीज़ में प्रेजेंट है। एंड अगर कोई एक क्रोमोसोम की दो की जगह चार कॉपीज़ आ जाए टेट्रासोमी 2n + 2 देन हाइपोइड ये एक या एक से ज्यादा क्रोमोसोम कम हो जाए। दैट इज़ 2n - 1 व्हिच इज़ कॉल्ड ऐज़ मोनोसोमी। टर्नर सिंड्रोम इज़ अ मोनोसोमी ऑफ़ x क्रोमोसोम। देन 2n - 1 - 1 कोई दो क्रोमोसोम है जिनकी एक-एक कॉपी प्रेजेंट है। दैट इज़ डबल मोनोसोमी। अब इसका रीज़न क्या होता है यार? इसका रीज़न होता है कि नॉर्मली अगर मियोसिस हो रही है तो नॉर्मल डिस्टंक्शन है। सब अपने-अपने गेमिट ऐसे आधे-आधे बना दे रहे हैं। आधे क्रोमोसोम ऊपर आधे नीचे। लेकिन अगर नॉन डिस्टंक्शन हो जाए इसको आधा-आधा जाना चाहिए था। लेकिन ये दोनों उठ के इधर आ गए। फोर और फोर डैश इधर आ गए। तो इस ऊपर वाले गेमेट के साथ मोनोसोमी बन जाएगी। नीचे वाले के साथ ट्राइसोमी हो जाएगी। सो नॉन डिस्कंशन डिसजंक्शन ड्यूरिंग एनाफेस मियोसिस रिजल्ट्स इन दिस काइंड ऑफ़ कंडीशन। देन सेकंड टाइप ऑफ़ म्यूटेशन इज़ क्रोमोसोमल लैबोरेशन जिसमें या तो कोने वाले सेगमेंट उड़ जाए डेफिशिएंसी। या तो बीच के उड़ जाए जैसे फोर फाइव उड़ जाए तो डिलीशन। डुप्लीकेशन मतलब डुप्लीकेट हो जाए। जैसे 4 5 6 यहां भी है एक बारी और आ गया 4 5 6 इन्वर्जन का मतलब उल्टे-पुल्टे हो जाए। जैसे कि यहां पर फोर फाइव है तो यहां पर 54 हो गया। पैरासेंट्रिक मतलब सेंट्रोमियर को इन्वॉल्व नहीं कर रहा। देन पेरिसेंट्रिक ये देखो टू इधर है सेंट्रोमियर के थ्री इधर है। तो थ्री इधर आ गया। टू इधर आ गया। ठीक है जी? यस। तो ये हो गया आपका नेक्स्ट टाइप ऑफ़ क्रोमोसोमल लैबोरेशन। देन मेरे पास आता है ट्रांसोशन। ट्रांसोशन इज़ बेसिकली जस्ट लाइक क्रॉसिंग ओवर बट बिटवीन नॉन होमोलोगस क्रोमोसोम। आपको पता है क्रॉसिंग ओवर तो होमोलोगस में होती है। लेकिन अगर नॉन होमोलोगस में हो रही हो क्रॉसिंग ओवर टाइप ऑप सिचुएशन। दैट इज़ कॉल्ड ऐज़ ट्रांसोकेशन। देन जीन म्यूटेशन की बात करते हैं। जीन म्यूटेशन इज़ चेंज विद रिस्पेक्ट टू जीन का स्ट्रक्चर। ये लास्ट टाइप ऑफ़ म्यूटेशन है जिसमें आप डीएनए में बेस चेंज कर दे रहे हो। वेरीेंट वन इज़ सब्स्टिट्यूशन जो हम किसमें देखते हैं? आपके सील सेल एनीमिया में देखते हैं। व्हिच इज़ अ पॉइंट म्यूटेशन। अगर तो प्यूरिन इज़ रिप्लेस बाय प्यू प्यूरिन पिमिडीन बाय पिरामिडिन दैट इज़ ट्रांजिशन। बट इफ प्यूरिनर इज़ रिप्लेस्ड बाय पिरामिडिन दैट इज़ कॉल्ड ऐज़ ट्रांसवर्ज़। अनदरेंट फैक्टर इज़ पेडिग्री। पेडिग्री में देखें तो यार सबसे पहले तो आपको ये सारे सिंबल्स पता होने चाहिए कि मेल कैसा मेल का सिंबल क्या है? फीमेल का क्या है? सेक्स अनस्पेसिफाइड। सबसेेंट इसमें कंसैगनस मैरिजेस का जिसमें दो डंडे लगते हैं। देन मेरे बच्चों आपको कुछ रूल्स मैंने बताए हुए हैं कि आप सबसे पहले क्या करेंगे? जनरेशंस लिख लेंगे। जनरेशन वन, जनरेशन टू, जनरेशन थ्री। अगर तो यार सिक्स स्किपिंग हो रही है तो ज्यादा चांसेस रेसेसिव के हैं। अगर स्किपिंग नहीं हो रही तो ज्यादा चांसेस किसके हैं? डोमिनेंट के हैं। ठीक है जी? देन आपको पता होना चाहिए कि अगर क्रिस क्रॉस इनहेरिटेंस हो रही है तो एक्स लिंक रेसेसिव है। अगर सिर्फ मेल मेल में जा रहा है तो व लिंग डिजीज है। तो ये रूल्स मैंने स्पेशली पेडिग्री के बारे में बताए हुए हैं। आप मेरा ही सेशन अगर सर्च करेंगे ना पेडगरी एनालिसिस बाय सीट पाउच। 5 मिनट का सेशन है। वो रूल्स आप सारे दोबारा सीख सकते हैं। मूविंग ऑन टू द वेरी-वेरी वेरीेंट पोर्शन दैट इज़ डिसऑर्डर्स। दो तरीके के डिसऑर्डर्स होते हैं। ऑट्सोमल डिसऑर्डर, डर्समल डोमिनेंट एंड रिसेसिव। सेक्स लिंग डिसऑर्डर जिसमें एक्स लिंग्ड और व लिंग्ड आता है। ठीक है जी? ये एग्जांपल बहुतेंट है। पहला क्वेश्चन तो यहीं से आता है। ऑटसोमल रेसेसिव जैसे कि फिनाइल किटन्यूरिया, सिकलसनीमिया, लेसीमिया, सिस्टीफाइब्रोसिस। डोमिनेंट में माइटोनिक रिस्ट्रोफी। एक्स लिंग में डोमिनेंट एंड एक्स लिंग में रिसेसिव। ये वाले आपके रिसेसिव में आएंगे। कलर ब्लाइंडनेस, हीमोफीलिया। ठीक है जी। देन व लिंग में आपका हाइपरट्राइकोसिस। सबसे इंपॉर्टेंट डिसऑर्डर जो यहां पर एनसीआरटी डिटेल में बताती है वो आप यहां पर याद करेंगे। फिनाइल किटनेरिया। फिनाइल किटनेरिया इज़ वन ऑसोमल रेसेसिव। दूसरा इसमें क्या होता है जो जीन जिसका नाम है जो जिसने कोड कर रहा होता है फिनाइल एलनिन हाइड्रोक्सिलेज़। इसका काम होता है फिनाइल एलिनिन टू टाइरोसिन कन्वर्ट करना। लेकिन अगर इस जीन में म्यूटेशन हो जाएगी तो ये एंजाइम नहीं बनेगा। एंजाइम नहीं बनेगा तो ये कन्वर्ज़ नहीं हो पाएगा। कन्वर्ज़ नहीं होगा तो फिनाइल एलिनिन क्या होता जाएगा? एक्यूमुलेट होता जाएगा। जिसके दो इफ़ेक्ट हैं। प्राइमरी इफ़ेक्ट ब्रेन पर रिटार्डेशन हो जाएगा। सेकेंडरी इफ़ेक्ट। स्किन में पिगमेंटेशन एंड हेयर की भी थिनिंग हो जाएगी। यानी कि एक जीन के मल्टीपल इफ़ेक्ट्स। प्लियोट्रॉपी का भी एग्जांपल है। अनदर वन इज़ सिकल सेल में। इट्स आल्सो ऑट्समल रिसेसिव क्रोमोसोम 11 का डिसऑर्डर है। एंड इसमें क्या हो रहा है कि आपका जो बीटा चेन ऑफ़ हीमोग्लोबिन है उसमें चेंज आ रहा है। कैसे? कैसे? नॉर्मल हीमोग्लोबिन के जीन में अगर तुम यहां पर देखोगे सीटीसी और यहां पर सीएसी। यहां पर क्या हो रहा है? सीटीसी इज़ रिप्लेस्ड बाय सीएसी। यानी कि टी इज़ रिप्लेस्ड बाय ए। जिसकी वजह से एमआरएनए में गैग इज़ रिप्लेस्ड बाय गोग। इससे क्या हुआ? अगर अमाइनो एसिड का चेन देखेंगे तो बीटा चेन जो है उसमें सिक्स्थ पोजीशन पर ग्लूटामिक एसिड था एचबीए में। एचबीए में। लेकिन एचबीएस में क्या हो जाएगा? सिक्स्थ पोजीशन पर वैलिन हो जा रहा है। तो हो क्या रहा है? t इज़ रिप्लेस्ड बाय A पिरामिडन इज़ रिप्लेस्ड बाय प्यूरिन। दैट इज़ गोइंग टू बी प्यूरिन। दिस इज़ प्यूरिन। दैट इज़ गोइंग टू बी ट्रांसवर्ज़। ठीक है? ट्रांसवर्ज़। दूसरी चीज़ ये पॉइंट म्यूटेशन का भी एग्जांपल है। किसका एग्जांपल है? पॉइंट म्यूटेशन का भी एग्जांपल है। म्यूटेशन। दूसरी चीज़ मेरे बच्चों, बीटा चेन की सिक्स पोजीशन पर चेंज आ रहा है। वैलिन इन प्लेस ऑफ़ ग्लैटमिक एसिड। ग्लटामिक एसिड रिप्लेस बाय वैलिन। तो अगर तो एचबी एचबीए कंडीशन है तो नॉर्मल है। एचबी एचबीएस है तो यार इसको बीमारी तो नहीं होगी बट ये हेटेरोज़ाइगस हो होगा एंड इट विल बी रेजिस्टेंट टू मलेरिया। एचबीएस एचबीएस इज़ अ वन क्योंकि एसोमल रिसेसिव है ना तो बीमारी होगी एंड इट इज़ फेटल एक्चुअली। इसके मल्टीपल इफ़ेक्ट्स हैं। प्राइमरी इफ़ेक्ट कि आरबीसी आपके बाईकॉनकेव से सिकल शेप हो जाएंगे। सेकेंडरी इफ़ेक्ट में एनीमिया, ब्रेन डैमेज एंड आरबीसी काउंट भी कम हो सकता है। तो ये भी किसका एग्जांपल हो गया? प्लीोट्रॉपी का एग्जांपल हो गया है। अनदर अब ये जो सिकल सेल नीमिया था ये तो क्वालिटी की प्रॉब्लम थी। क्वालिटेटिव क्योंकि ग्लूटामिक एसिड की जगह आपका वैलन आ रहा था। एक क्वांटिटी की प्रॉब्लम भी होती है आरबीसी में दैट इज़ कॉल्ड एज़ थैलेसीमिया। दो तरीके का अल्फा एंड बीटा। अल्फा थैलेसीमिया क्रोमोम 16 और ये आपका क्रोमोसोम नंबर 11। यहां जीन एचबीएन एचबी2 यहां जीन एचबीबी। अल्फा थैलेसीमिया में अल्फा कम बन रहा है। अल्फा चेन कम बन रही है तो बीटा प्रेसिपिटेट हो जा रही है। आरबीसी टूट जा रहा है। बीटा चेन में बीटा चेन कम बन रही है तो अल्फा प्रेसिपिटेट हो रहा है तो आरबीसी फिर टूट जा रहा है। ये जो प्रॉब्लम है ये किसकी है? क्वांटिटेटिव प्रॉब्लम है। किसकी प्रॉब्लम है? क्वांटिटेटिव प्रॉब्लम है। अनदर एग्जांपल इज़ एक्स लिंक रेसेसिव के आते हैं कलर ब्लाइंडनेस। जिसमें जो आई के कोन सेल्स हैं वो डैमेज हो जाते हैं। एंड जिसकी वजह से आप कलर का डिफरेंशिएट नहीं कर पाते। है रेड और ग्रीन बराबर दिख रहा है। रेड ग्रीन कलर ब्लाइंडनेस। ठीक है? इसमें क्या होगा कि यार जो कैपिटल C वाला है मान लीजिए ये सीन है X C ये क्या होने वाला है? नॉर्मल होने वाला है। X C वाई ये नॉर्मल मेल होने वाला है। X C वाई ये क्या होने वाला है? अफेक्टेड मेल होने वाला है। एंड X C ये दोनों अफेक्टेड फीमेल होने वाली है। और ये वाली फीमेल क्या होगी? कैरियर फीमेल होगी। याद रखेंगे कैरियर को बीमारी नहीं होती है। अब तुम नोटिस करो फीमेल को बीमारी करने के लिए दो रिसेसिव अलील चाहिए। लेकिन मेल को बीमारी करने के लिए एक ही चाहिए। तो ज्यादा ईजीली कौन अफेक्ट हो सकता है? मेल। इसीलिए मेल का परसेंटेज फीमेल से काफी ज्यादा है। 8% मेल अफेक्टेड है एंड4% फीमेल। नेक्स्ट डिसऑर्डर इज़ हीमोफिलिया। दैट इज़ ब्रीडर डिजीज। ये क्वीन रॉयल डिजीज है। क्वीन की फैमिली में रन करती है। इसमें क्या हो रहा है कि छोटा सा भी कट लगता है तो खून बहना रुकता ही नहीं। इज़ नो क्लॉटिंग। क्यों? क्योंकि क्लॉटिंग प्रोटीनंस ही नहीं बन रहे हैं। क्लॉटिंग फैक्टर एट इज़ एब्सेंट इन टाइप ए। क्लॉटिंग फैक्टर नाइन इज़ एब्सेंट इन टाइप बी। ये भी एक कैसा डिसऑर्डर एक्सिंग रिसेसिव एंड सेम टाइप के आपके जीनोटाइप बनते हैं। इसमें न्यूमेरिकल्स आते हैं। देन मूविंग ऑन टू द नॉन मेंडेडलियन डिसऑर्डर जिसमें हम टर्नर क्लाइम फेल्टर और डाउन सिंड्रोम करेंगे। डाउन सिंड्रोम की बात करें तो गिवन बाय लैंग डाउन डाउन 1866 ट्राइसोमी ऑफ़ 21 केरोटाइप अगर तुम देखोगे तो यहां 21 क्रोमोसोम की आपको ट्राइसोमी दिखाई देगी। इसके क्या सिम्टम्स हैं? इसमें फिजिकल यू नो डेवलपमेंट इज़ रिटार्डेड। मेंटल डेवलपमेंट इज़ रिटार्डेड। स साइकोमोटर डेवलपमेंट इज़ रिटार्डेड। फ्लैट बैक होगा। बहुत सारे लूप्स होंगे। सीमियन पाम क्रीज़ होगी। बिग एंड रिंकल टंग होगी। कि कंजेनिटल हार्ट डिजीज होगा बच्चे को एंड बच्चा हो सकता है डेफ म्यूट भी हो। बहुत सारे केसेस इसमें बन सकते हैं। तो इट्स अ ट्राइसोमी ऑफ़ 21। तो टोटल क्रोमोसोम यहां पर कितने बन जाएंगे? 27 बन जाएंगे। 2n + 1 का केस है। फिर सेक्स क्रोमोसोम का केस देखिए। टर्नर इज़ फॉर द मोनोसोमी ऑफ़ सेक्स क्रोमोसोम। एंड क्लाइन फेल्टेड इज़ अ ट्राइसोमी ऑफ़ सेक्स क्रोमोसोम। ठीक है? टर्नर लड़कियों को होता है। क्लाइंट फेल्टर किसको होता है? लड़कों को होता है। तो कैसा कंडीशन होगा? ऑटसोम्स + xy यानी कि 44 ऑटसोम है प्लस xy या 47 xy इसमें मेल का क्या क्या यू नो कैरेक्टर्स आएंगे गायनेकोमेस्टिया हो जाएगा यानी कि ब्रेस्ट डेवलपमेंट आ जाएगी क्योंकि मेल के पास एडिशनल एक्स है स्टेराइल मेल होगा टॉल होगा एंड मेंटली रिटार्डेड होगा सेम वे फीमेल में क्या प्रॉब्लम आएगी इसके पास एक एक्स कम है रुडीमेंट्री ओवरी स्टेराइल होगी शॉर्ट स्ट्रेचर्ड होगी एंड मेंटली रिटार्डेड भी होगी तो ये बात हो गई आपके प्रिंसिपल्स ऑफ इनहेरिटेंस एंड वेरिएशन की नोट्स इसके यहां पर हैं डिटेल में कोई भी टॉपिक देखना है तो मैं नीचे इसका वन शॉट भी पिन करके जा रही हूं मन शॉट के अलावा आप और डिटेल में भी देखना चाहें। फॉर एग्जांपल आप क्लास 12थ में अभी एंट्री कर रहे हैं तो मेरा यू नो इन पार्ट्स वीडियो भी है लेक्चर वन, लेक्चर टू, लेक्चर थ्री। आप पूरा वीडियो देखिए। सात पार्ट से मैंने इसको एक्सप्लेन किया है। उससे अच्छी एक्सप्लेनेशन आपको नहीं मिलेगी। सो अगर आपको वीडियो अच्छा लगता है तो लाइक करना एंड मेक श्योर दैट यू आर कमेंटिंग ऑन इट। अगला चैप्टर कौन सा चाहिए वह भी बता दो।
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