जय हिंद साथियों। साथियों अब वह दिन दूर नहीं जब आपको आपका फाइनल फिटमेंट फैक्टर मिलेगा। इस वीडियो के माध्यम से आज आप यही जानेंगे कि आपका फाइनल फिटमेंट फैक्टर कितना बनेगा? क्या लॉजिक है, क्या डॉक्यूमेंटेशन है? इस सब से रिलेटेड। और अब देखते हैं कि आपकी जितनी भी संस्थाएं हैं चाहे वह डिफेंस की ऑर्गेनाइजेशन हो, चाहे वह रेलवे की ऑर्गेनाइजेशन हो, चाहे वह पोस्टल डिपार्टमेंट की ऑर्गेनाइजेशन हो या फिर डिफेंस सिविलियन ऑर्गेनाइजेशन हो, यानी कि केंद्रीय कर्मचारियों की जितनी भी संस्थाएं हैं, उन्होंने क्या-क्या फिटमेंट फैक्टर अपनी तरफ से वेतन आयोग के सामने सामने रखा है और किस लॉजिक के साथ रखा है। किस डॉक्यूमेंटेड सपोर्ट के साथ रखा है। यह एक टेबल है आपके सामने जिसमें विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से वेतन आयोग के सामने जो मेमोरेंडम दिए हैं और उसमें क्या-क्या उन्होंने मांगे रखी हैं। आज मैं विशेषकर सिर्फ और सिर्फ फिटमेंट फैक्टर की बात करूंगा कि कितने फिटमेंट फैक्टर की डिमांड रखी है और क्या-क्या सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट दिए हैं जिससे सरकार के अंदर भी बेचैनी बढ़ी हुई है। तो देखिए सबसे पहले यूनियन डिमांड फॉर दी एथ पे कमीशन फिटमेंट फैक्टर। आप देखिए यहां यूनियंस के नाम है। फिटमेंट फैक्टर की डिमांड है और प्रपोज्ड मिनिमम बेसिक पर कितनी होनी चाहिए? सातवें वेतन आयोग में जो 18 थी वही बेस है और उसी के आधार पर कैलकुलेशन करके बताया गया है। तो पहला देखिए बीपीएस सबसे पहले जानना है कि बीपीएस है क्या? आपके लिए यह देखिए बीपीएस की हम बात करें। भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ जो कि मजदूर संघ से एफ़िलिएटेड एक ऑर्गेनाइज़ेशन है जिस ऑर्गेनाइज़ेशन के अंदर टोटली डिफेंस सिविलियन वर्कर्स हैं। यह देखिए भारतीय प्रत्यक्षा मजदूर संघ और इसके अंदर भारतीय मजदूर संघ से एफ़िलिएटेड है और इसके अंदर टोटली जो वर्कर्स हैं वो इंडियन डिफेंस वर्कर्स यूनियन के हैं और मिनिस्ट्री ऑफ़ डिफेंस में आते हैं। तो इनकी तरफ से जो फिटमेंट फैक्टर की डिमांड रखी गई है वो रखी गई है चार की जिसके हिसाब से पे लेवल वन में मिनिमम जो बेसिक बनती है वो बनती है 72000 अब देखिए दूसरी संस्था जो कि आप यहां देख रहे हैं एनसीजेसीएम स्टाफ साइड एनसीजेसीएम स्टाफ साइट जिसके जनरल सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्रा जी हैं उनकी तरफ से फिटमेंट फैक्ट क्टर रखा गया है 3.833 और इसके मुताबिक उनकी बेसिक पे बनती है 69000 तो अब देखिए साथियों ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के भी जनरल सेक्रेटरी हैं शिव गोपाल मिश्रा जी आपने देखा होगा रक्षा मंत्री जी से रेलवे मिनिस्टर से प्रधानमंत्री जी से मिलते रहते हैं। यह यूनियन बहुत मजबूत है। नेशनल काउंसिल स्टाफ साइड जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी वहां एनसीजीसीएम जिन्होंने 3.833 का फिटमेंट फैक्टर प्रपोज किया है और उसका मेमोरेंडम भी सबमिट किया है पैनल के समकक्ष ये इनकी तरफ से डिमांड है। अब नेक्स्ट डिमांड देखिए एआईडीएफ एआईडीएफ तरफ से भी 3.833 का डिमांड रखा है और मिनिमम बेसिक भी 69,000 रखी है। एआईडीएफ ऑल इंडिया डिफेंस एंप्लई फेडरेशन यह भी एक बहुत पुरानी ऑर्गेनाइजेशन है जिसने अपना मेमोरेंडम सबमिट कर दिया है और यह 1953 की संस्था है 1953 की देखिए मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस के वो है ये संस्था ऑल इंडिया डिफेंस एंप्लई फेडरेशन जो कि बहुत पुरानी संस्था है इनके बारे में मैंने अभी आपको बताया अगली देखिए डिमांड यह है महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गेनाइजेशन। इनकी तरफ से फिटमेंट फैक्ट प्रपोज किया गया है 3.8 जिसके मुताबिक 68400 उनकी सैलरी बनती है मिनिमम। अब नेक्स्ट देखिए एफएपीओ। यह भी बहुत पुरानी संस्था है। एफएपीओ जिनकी तरफ से रिकमेंडेशन किया गया फिटमेंट फैक्टर 3.0 टू 3.25 यानी कि पे लेवल वन में 3.0 और अपेक्स बॉडी तक बढ़ते हुए यह 3.25 रिकमेंड किया है। इसके मुताबिक मिनिमम जो बेसिक पे की डिमांड है वो 54000 54000 से 58000 500 की उनकी तरफ से रखी गई है। ये देखिए फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशन एफएओ उनकी तरफ से वो डिमांड रखी गई है। 3.023.25 फिटमेंट फैक्टर। अब नेक्स्ट देखिए आपके सामने है एफवीए फेडरेशन ऑफ वेट्स एसोसिएशन जो कि 165 ऑर्गेनाइजेशनों की अपेक्स बॉडी है और यह सारी जो ऑर्गेनाइजेशन है उनके अंदर सबसे यंगेस्ट ऑर्गेनाइजेशन है। इन्होंने मिनिमम फिटमेंट फैक्टर 3.0 की डिमांड रखी है। जिसके हिसाब से पे लेवल वन में जो मिनिमम बेसिक पे है वह बनती है 54,000। अब यहां पर डिफेंस पर्सनल की जो पे लेवल थ्री से शुरू होती है सैलरी। इन्होंने डिमांड रखी है कि डिफेंस पर्सनल की जो सैलरी है वह पे लेवल फाइव से मिनिमम शुरू होनी चाहिए। और पे लेवल फाइव से शुरू होने के लिए वहां पर जो पे मैट्रिक्स है उसके अंदर पे लेवल फाइव में जो बेसिक पे है 18,000 की जगह पर वह है 29,600। तो यानी कि वहां डिमांड बनती है मिनिमम बेसिक पर 87600 तो यह डिमांड रखी गई है और अब देखिए नेक्स्ट एआईटीयूसी ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस इनकी तरफ से भी फिटमेंट फैक्टर थ्री की डिमांड की गई है जिसके मुताबिक मिनिमम बेसिक सैलरी बनती है पे लेवल वन के लिए 54000 और यह जो ऑर्गेनाइजेशन है 105 साल पुरानी ऑर्गेनाइजेशन है जो कि 31 अक्टूबर 1920 में अस्तित्व में आई। उनकी तरफ से मांग रखी गई है। अब ये जितनी सारी मांग रखी गई है इनके सपोर्टिंग में लॉजिक क्या है? डॉक्यूमेंटेशन क्या है? क्यों इतनी मांगे डिमांड फिटमेंट फैक्टर की रखी जा रही हैं? जबकि वेतन आयोग के गठन होने से पहले फिटमेंट फैक्टर 1.86 1.92 2.7 2.15 की ही चर्चा हो रही थी और अब ऐसा क्या हुआ कि सारी ऑर्गेनाइजेशनों की तरफ से इतने फिटमेंट फैक्टर की मांगे रखी जा रही हैं। तो साथियों, अब देखिए सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट्स क्या-क्या हैं जो आपके फिटमेंट फैक्टर को हेल्प कर रहे हैं बढ़ाने के लिए और संस्थाएं जिनका हवाला दे रही हैं। पहला नंबर एक अगर आप देखें तो ये देखिए द मेंटेनेंस एंड वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स एंड सीनियर सिटीजंस एक्ट 2007 यहां है जो कि पेरेंट्स मींस फादर और मदर वेदर बायोलॉजिकल एडप्टिव और स्टेप फादर और स्टेप मदर यह एक डॉक्यूमेंट है जो कि गवर्नमेंट का ही है। इसका हवाला दिया जा रहा है। दूसरा एक डॉक्यूमेंट देखिए सुप्रीम कोर्ट का एक वर्डिक्ट था भूपेंद्रनाथ हजारका एंड अनदर्स वर्सेस स्टेट ऑफ आसाम एंड अदर्स जो कि 30 नवंबर 2000 12 में आया था जजमेंट उसके हिसाब से यह सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट है। तीसरा सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट देखिए आप यहां देख रहे हैं। द कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी 2020 हैज़ चेंज्ड। यहां पर एक्सपेंडेड डेफिनेशन ऑफ फैमिली। यह एक और सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट है कि फैमिली को एक्सपेंड किया गया है। उसकी परिभाषा में परिवर्तन आया है। और आपने देखा होगा कुछ दिन पहले रक्षा मंत्रालय की तरफ़ से डिफेंस पर्सनल के लिए एक आदेश भी जारी हुआ है कि जहां पर फ़ैमिली डेफ़िनेशन को एक्सपेंड करके एंप्लाइजज़ को जो डिफेंस एंप्लाइजज़ हैं जिनकी शादी नहीं हुई है उनके लिए अकोमोडेशन को बढ़ाया गया है। जबकि अब से पहले नॉन मैरिड डिफेंस पर्सनल को मैरिज अकोमोडेशन नहीं मिलता था। इस तरीके से। तो यहां देखिए अब फैमिली जो यूनिट्स हैं वो किस तरीके से हैं। एंप्लाइजस एक स्पाउस उनके एक और चिल्ड्रन दो चिल्ड्रन जो कि एक चिल्ड्रन को 0.8 कंसीडर किया जाता है। तो 0.8 एंड 0.8 पेरेंट्स जो भी जिनको भी 0.8 ईच कंसीडर किया जाता है। तो इस तरीके से फैमिली यूनिट बनती है 5.2 अब इसको राउंड ऑफ किया जाए तो यह हो जाती है पांच। अब तक के जितने भी वेतन आयोग आपके बने वो फैमिली यूनिट तीन से कैलकुलेट कर कर आपके लिए फिटमेंट फैक्टर आपके वेजेस आपकी सैलरी निर्धारण होता था। अब फिर क्योंकि फ़ैमिली यूनिट पांच हो गए तो उस हिसाब से जब कैलकुलेट करते हैं तो फिटमेंट फैक्टर बढ़ जाता है। यह सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट है। आप चाहे तो यह डॉक्यूमेंट हमारे WhatsApp चैनल पे मिल जाएंगे। आप वहां से ले सकते हैं, स्टडी कर सकते हैं। तो इस तरह इन डॉक्यूमेंटेड लॉजिक के साथ में संस्थाएं फिटमेंट फैक्टर की डिमांड कर रही हैं और उन्होंने मेमोरेंडम के रूप में वेतन आयोग के सामने सबमिट कर दिया। और अगर आप इन सबका एवरेज निकालेंगे तो यह एवरेज भी आपका आता है 3.066 फिटमेंट फैक्टर। तो यह थी जानकारी आपके फिटमेंट फैक्टर के संबंध में। फिर मिलेंगे आपके वेलफेयर से जुड़ी हुई किसी अन्य जानकारी के साथ अगली वीडियो में। तब तक के लिए जय हिंद जय भारत।
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