क्या आप जानते हैं इतनी बड़ी शिप का बहुत बड़ा प्रोपेलर कब और कैसे चेंज किया जाता है? सोचिए, यह कोई छोटा पंखा नहीं बल्कि कई टन वर्जन का सॉलिड मेटल का टुकड़ा होता है जो पूरे जहाज को समुंदर में आगे बढ़ाता है। जब प्रोपेलर डैमेज हो जाए, ब्लेड्स क्रैक हो जाए या परफॉर्मेंस कम हो जाए। तब शिप को ड्राई डॉक में लाया जाता है ताकि पानी पूरी तरह निकाल दिया जाए। सबसे पहले पुराने प्रोपेलर के बड़े नट को स्पेशल हाइड्रोलिक टूल्स से लूज किया जाता है। फिर हैवी कन की मदद से धीरे-धीरे उसे शाफ्ट से निकाला जाता है। नया प्रोपेलर पहले से बैलेंस और पॉलिश करके रेडी होता है। उसे केयरफुली शाफ्ट पर स्लाइड किया जाता है और एग्जैक्ट एलाइनमेंट चेक होती है ताकि वाइब्रेशन ना आए। उसके बाद लॉकिंग नट को टाइट करके सेफ्टी सिक्योर की जाती है। फाइनल स्टेज में रोटेशन टेस्ट होता है ताकि सब कुछ स्मूथ चले। इसी पावरफुल प्रोसेस के बाद यह बहुत बड़ा प्रोपेलर फिर से हजारों टन की शिप को लहरों के बीच आगे धकेलना शुरू कर देता है। अगर आप भी सोचते हो कि बिना इसके शिप एक कदम नहीं चल सकती तो कमेंट में लिखिए प्रोपेलर। वीडियो पसंद आया हो तो लाइक और सब्सक्राइब और बेल आइकॉन दबाना मत भूलना।
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