ओम सदा सुनो भाई सुनो सुनो बात हमारी सोच लो भाई सुनो आज बारिश हो सुनो सुनो तुम बहन होगी सुनो सुनो भाई सुनो सुनो आज हमारी सुनो सुनो [संगीत] [संगीत] गूंजता है आज जरा की करुणा भारी पुकार हाथ जोड़कर कर रही वह बार-बार मनुहार बार-बार मनुहार समस्या ऐसी आई धरती करें पुकार बच्चा लो मुझको भाई नमस्कार हम गेंद ये भी के छात्र धरती करें पुकार विषय को लेकर उपस्थित हुए हैं हम प्रस्तुत करने जा रहे हैं नुक्कड़ नाटक तो आई बचते हैं मिलकर हम अपनी धरती की जान जिसे कर रहे हैं हम मानव महान प्रदूषण प्लास्टिक किट नशों का हमने बिछाया ऐसा दाल फिजा कुटी वसुधा हो गया उसका बड़ा हाल बढ़ाने लगा इन डंबो का जब बन जाए चली गई पृथ्वी हम लोग अपने के लिए अपना न्याय [संगीत] बजरंग हो रहा है मानो चंडी से जल रही हो कलेजा फैट रही है हम मा रहे हैं हम मा रहे हैं है है चित्रकूट हो गए हैं हम काफिले फटाफट बताओ आज कम दे करते हैं हम कम ज्यादा करते हैं हम बातें कम देखो यह हैं हम हम हैं हम प्रभु विश्व के कोनी कोनी में लगे हैं अमृत मानवों के थे बिल्कुल सही है तुम्हारी बात चलते हैं हम फटाफट तुम्हारे साथ 2 मिनट में रेडी होते हैं हम बिकॉज़ या मैं आप हम हैं पक्का नाम तो बताओ प्रदूषण प्लास्टिक [संगीत] कर देते हैं उनकी समस्याओं का हमारे अंदर है बहुत ही दम बिकॉज़ या नेहा हम हैं हम हैं सुनो [संगीत] मेरी कहानी के लिए यमराज के दरबार में पधार चुकी है हर मुश्किल तुम्हारी जो बहुत से दूर है हमारी तुम्हारी हर परेशानी को कर देंगे कम है [प्रशंसा] [संगीत] बट हम और तूफान आप मुझे लाइए महाराज आप मुझे न्याय दिलाइए ठीक है देवी धरती आप हैं हमारी मुंह बोली बहन कहते हैं हम सब की तरफ से सॉरी आपको बड़ा काश पड़ा है सी आपका काश देख कर कोई है हमारे आंखे नाम बिकॉज़ यू चलते हैं हम मानव लोग वही करेंगे न्याय लगाएंगे दानवों पर रॉक [संगीत] जंगलों को हमने किया शहर हमने खुद के जमीन से पूछो किसी से है की अमीर से पूछो हवा में कितना जहर है किसी शहर के गरीब से पूछो फैला कर प्रदूषण सब ने किया है इस धारा का शोषण देखिए सबकी भारी लापरवाही करनी पड़ी यमराज को तुरंत कार्यवाही देख दशा धारा की उन्हें कुछ अटपटा सा लगा झटपट बलाई उन्होंने वो और जानवरों की तरह सरसों अब तो मैं यहां नहीं है रहना क्या आपने बचाव में तुम्हें कुछ कहना है मेरा रेजोल्यूशन ये माना भी तो मुझे बढ़ते हैं ये मोर की दो मुझे तेजी से फ्लेट हैं है है शेख हूं मैं बहुत डर हो का रहा हूं किसी से ना दारुण सबको सातू है है करके मेरा प्रयोग बढ़ते हैं आज वस्तुओं की मंत्र अगर उन्हें को कम हो रही है मानव जीवन की यात्रा नहीं है दोस्त मुझे तो ए रहा है एक इंसानों पर भी रोज फिर धरती युगा चुपचाप ना रहो अपनी मां की बात सबके सामने कहो डरो ना तो छुपाओ ना अपना गम [प्रशंसा] [संगीत] बचाओ इन दानवों से करो मेरा उठा के मानव और ये दानव करते हैं मुझे धरती महाराज सच्चाई हो गई है हमसे भारी भूल चुभ रहा है हमारे मां में सुन अब नहीं करेंगे हम तुम्हें गंदा प्रदूषण की गति को करेंगे मंडा क्षमा करो है धरती माता हम थे अब तक यूं नादान करके थोड़ा सा विकास समझते थे हम खुद को महान साड़ी गलती थी हमारी मुश्किलों में पड़ी आप भारी के घुमा रखेंगे हम आपको बिल्कुल साफ अगर दिया तो धरती को तो दूंगा तुमको दान नरक में डालकर कर दूंगा जिंदगी तुम्हारी झंड तो मिलकर आओ आगे कसम ये खाओ पेड़ लगाओ मिलकर अपना रुकेंगे अपना समझेंगे हम मिलकर [संगीत] ये कहती थी [संगीत] कम कम [संगीत] स्वराज है [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत]
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