ओ अज्ञान मरांस ज्ञानं जनला कया चक्षु मितम येना तस्मै श्री गुरुवे नमः हरे कृष्णा भगवत गीता अध्याय दूसरा और शलोक संख्या नेह विक्रम नाश अस्थ प्रवा नते स्पम धर्स यते महतो भया इस प्रयास में ना तो हानि होती है ही हस अपितु इस पथ पर की गई अल्प प्रगति भी महान भय से रक्षा कर सकती है तो कौन से प्रयास की बात कर रहे हैं जिस प्रयास के बारे में भगवान इस पूरी गीता में अर्जुन का आदेश उपदेश दे रहे हैं कि आत्मा का क्या नेचर है दूसरा अध्याय ल अबाउट नोइंग द सोल एक तरह से पूरा भगवत गीता का सारांश है और इसमें भगवान बता रहे हैं कि इस भगवत गीता में जो मैंने बताया है सारांश रूप में क्योंकि डिटेल डिस्क्रिप्शन अगर आप चाहेंगे तो श्रीमद् भागवत में मिलती है और भगवत गीता तो एक तरह का वेरी एनालिटिकल स्टडी इसके अंदर जो भी निष्कर्ष निकले जो कि हम गीता के अंतिम समय तक पहुंच के समझ जाएंगे बल्क उससे पहले ही शीला प्रपात अपने तात्पर्य में समझा देंगे उन निष्कर्षों पर यदि हम चलते हैं जीवन को आगे बढ़ाते हैं तो उसमें बता ना तो रानी है मतलब ना तो हानि कभी ऐसा नहीं है कि कभी लॉस हो जाएगा और ही आप अपने स्टेज से नीचे आओगे नीचे नहीं आओगे आप जहां पर आपने जोर लगाया वहीं पर एक हुक लगा दिया जाएगा उसके ऊपर ही आप जाओगे हर बार तो यह बड़ा भगवान बहुत ही इंपॉर्टेंट हमें एक अरेंस दे रहे हैं क्योंकि रास्ता कठिन लगता है हमारे लिए क्योंकि हमें अब डिफरेंट कंडीशनिंग हो गई है हमारी रिजन स्टेट तो भगवान की सेवा करना ही था लेकिन इस संसार में काफी समयक रहने के कारण मटेरियल एसोसिएशन के कारण मटेरियल संग के कारण भोगने की इच्छा के कारण हमारे अंदर एक डिफरेंट कंडीशनिंग हो गई है उस कंडीशनिंग में के अगेंस्ट में जब हम चल रहे हैं लद हम अपने स्वाभाविक नेचर की तरफ जा रहे हैं लेकिन व हमें मुश्किल लग रहा है तो इसलिए कई बार यह डाउट मन में आ जाता है कि अगर हम इसको नहीं सक्सेसफुली कर पाए तो क्या होगा ऐसा तो नहीं है कि क्या कहते दुविधा में दोनों पड़े ना मिली ना राम कि इधर से माया को छोड़ के इधर आए और इधर से यह भी नहीं मिला क्योंकि कहीं ना कहीं कुछ इच्छा मेरी रह गई लोगों को डाउट होता ही है कि हम लोग हम समझते ही कि हमारे अंदर कितने अनर्थ है ये केवल हम खुद ही जानते हैं हमें पता होता है हमारे मन में चलने वाली बातों का तो अब वो उसमें अगर कोई बात रह गई कोई इच्छा रह गई कोई अनर्थ रह गया तो मेरा क्या होगा है ना तो भगवान यहां पर गारंटी दे रहे हैं कि इस प्रयास में ना तो हानि होती है ना ही हरा मतलब कि कोई लॉस नहीं है यानी कि देर इज नो डेप्रिसिएशन देर इ नो लॉस इन दिस प्रोसेस और इसके विपरीत यदि इस रास्ते पर यदि आप थोड़ा सा भी चलोगे तो महान भय से रक्षा होगी तो बेनिफिट मैंने की बहुत ज्यादा है और लॉस कोई भी नहीं है तो शिला प्रपात से भी ये प्रश्न एक बार पूछा था उनके शिष्यों ने क्योंकि शिला प्रपात के शिष्य विदेशों में बहुत ही डिफरेंट जिंदगी जी रहे थे आप जानते ही है कि विदेशी जिंदगी कैसी है उसके विपरीत यहां पर उनको बोला गया कि आप एक शादी कर लोगे बस ट्स इट रिलेशनशिप उसके बाद आप किसी कैसीनो वगैरह में नहीं जाओगे जबक उनका तो जिंदगी उससे चलती है और डेली ऑफिस के बाद हम जब भी हम क विदेश में गए तो हमने देखा कि ये लोग बड़े पर्टिकुलर है टाइम के 5 बजे ऑफिस बंद तो 5 बजे बंद तो हमें तो हिंदुस्तानी लोगों को बड़ा अच्छा लगता था क्योंकि हिंदुस्तान में तो पांच के छह और सात और आठ ऑफिस में बसते हैं तो हम जब ऑफिस से बाहर निकले तो हम देख के हैरान हो गए कि सारे के सारे ऑफिसर ऑफिस वाले लोग बियर शॉप में बियर 5:5 पर चालू हो चुका है तो बियर पीना शराब पीना कसीनो जाना ये सब नॉर्मल है उनके लिए लाइफ का पार्ट है ऐसे लोगों को प्रभुपाद ने बोला आप ऐसी जिंदगी जियो आप बताइए अब वो क्वेश्चन में आ गया कि प्रभुपाद आप हमें बता तो रहे हैं व्ट इफ अगर हम इस रास्ते पर सक्सेसफुल नहीं हुए तो हमारा क्या होगा तब प्रभुपाद ने उनको समझाया कि क्या होगा अल्टीमेटली आप एक साफ शुद्ध यानी कि प्योर लाइफ जीन है इसके फायदे देखिए आपकी हेल्थ पहले से कितनी अच्छी हो रही है देखिए आप कई दिनों तक नहाते नहीं थे आपके सर में जुए पड़ी होती थी हां इतने जटाए पड़ जाएंगी तो जुए तो पड़ेंगी हा हिप्पीज नशे में दुत रहते थे इससे आपका लिवर खराब होता था कैंसर होता था बीमारियां होती थी ना जाने कहां का हमारे पास भी इतने यंगस्टर्स आए जिनकी जिन शराब पीते थे सिगरेट पीते थे अभी तक तो उनके फेफड़े फट के खत्म हो जाते हां तो एक तो हमने आपका हेल्थ को बचाया एंड हेल्थ इज वेल्थ कम से कम हेल्थ बचाई जिससे आप कारण आप खा पा रहे हो हा बुरी आदतें बताई बचाई अब आपको आप कई परिवारों को टूटने से बचाया जो मल्टीपल या इलिसिट रिलेशनशिप के कारण वो परिवारों में रिश्ते टूटते हैं व खत्म होते हैं उनको बचाया आपके रिश्तों को बचाया कितने अनाथ ऐसे बच्चों को बताया बचाया जो कि अबॉर्शन में बा दिए जा रहे है या फेंक दिए जा रहे है ववर तो कितना इ दिस लाइफ नॉट गुड आपको उसके ऊपर से हमने प्र दिया कृष्ण भावना में जबरदस्त प्रसाद का टेस्ट मिला उसके बाद में हमने आपको नाचना गाना दिया जीवन का एक पर्पस दिया जिसमें कि आप दुखियों दुखी लोगों के पास जा रहे हो और दुखी लोगों को प्रीच करके उनको सुखी बना रहे हो अब बताइए एक तो यह लाइफ है इसमें आपने क्या खोया सोच के देखेंगे तो कुछ खोया तो नहीं ऐसा क्योंकि जो आनंद मुझे माना शराब में मिलता था व आनंद मुझे कहीं और मिल रहा है तो इट्स सेम थिंग उसमें थोड़ा सा समय लगता है और प्रभुपाद ने कहा तो ये तो मैंने तुम्हें डिफरेंट जिंदगी दी जिसमें नाचना है गाना है घूमना है खाना है फिरना है हा बस जीवन में कुछ नियम है सवेरे ऐसे उठना है शाम को इ बजे सोना है ऐसे माला जप नहीं कुछ चीजें नहीं खानी है हर व्यक्ति जो कि हेल्थ कॉन्शियस होता है आज की डेट में उसको पता होता है कि उसको यह चीज नहीं खानी है आजकल तो बहुत ही ज्यादा ये चीज नहीं खाएंगे इसमें फैट है इसमें इतना प्रोटीन है कैलकुलेट करो कितना दे कैलोरीज कितना हो गया आदमी वैसे भी देखता ही है क्या खाना है क्या नहीं खाना है है कि नहीं इस तरह से तो आदमी वैसे ही और ये हम पुरानी कहावत है कि अर्ली टू बेड अर्ली टू राइज ये आहा भी पुरानी है आप जानते ही है तो फिर यह भी एक रेगुलेटेड लाइफ देना तो बड़ी अच्छी लाइफ दी हमें अब इसके विपरीत क्वेश्चन य आता है कि यदि यह सब जो आप कर रहे हो जो आप ये नहीं करते हो कृष्ण भावना हा उन्होंने यह पूछा था कि जीवन के अंत में अगर यह मालूम पता कि कृष्ण है ही नहीं जो यह प्रोसेस कर रहे हैं ये सब बेकार है तो क्या तब पूपा ने ये सब समझाया तो भी तुमने एक बहुत अच्छी लाइफ जी नाना नाचना गाना खाना पीना सब है और इसके विपरीत यदि लाइफ के अंत में हमें ये पता चलता है कि कृष्ण है और यह प्रोसेस था लेकिन मैंने अपना दिमाग लॉजिक लगा लगा के मायावादी की बात सुन सुन के इधर उधर की बात सुन उसको छोड़ दिया तो कितना बड़ा नुकसान हो जाएगा जीवन का हां तो इसलिए इसी इसी सेंटेंस को यदि हम समझे कि देर इज नो लॉस जैसा प्रभ पादा समझा रहे हैं जैसा भगवान बोल रहे हैं अर्जुन को इस प्रोसेस में लॉस तो है ही नहीं अर्जुन को भी भगवान बोलते हैं देखिए यदि आप हारेंगे यानी कि मारे जाएंगे युद्ध में तो आपको स्वर्ग उ लोगों की प्राप्ति होगी क्योंकि आपने धर्म पालन करते हुए मारे गए और यदि आप जीत गए तो आपको यह राज्य तो मिलेगा ही मिलेगा और दोनों ही केसेस में मेरी कृपा तो मिलेगी मिलेगी इसको कहते हैं हाथ उंगली में और सर कड़ाई में तो यानी कि चारों तरफ से आपका फायदा ही है इसमें नुकसान है कहां अगर आप देखा जाए तो अर्जुन को भी पहले समझा दिया गया था उसी तरह से इसके लाइव एग्जांपल भी है जो कि जैसा हमने बोला श्रीमद् भागवत से डिटेल डिस्क्रिप्शन जो भगवत गीता में भगवान बताते हैं उसका डिटेल डिस्क्रिप्शन पढ़ना है तो श्रीमद् भागवत पढ़िए तो श्रीमद् भागवत में स्टोरी आती है कि राजा भरत जो है किसी कारण से अपने अंतिम समय प चूक जाते हैं जैसा कि अभी हम चूकने की बात कर रहे हैं कि प्रोसेस हम पूरा नहीं कर पाए तो चूक गए उन उनका कुछ गड़बड़ हो गई उनके अंतिम समय में जो उसके नियम पालन कर रहे थे वो मिल नियमों से चूक गए उनकी आसक्ति यां कहीं और से हो किसी और चीज से हो गई और वो अगले जन्म में पैदा हुए अब जब अगले जन्म में पैदा हुए तो क्या पैदा हुए एक हिरण बन के पैदा हुए लेकिन हिरण बन के भी उनको यह चेतना याद रही कि हां मैंने पिछले जन्म में भक्ति करी थी और मुझसे कुछ गड़बड़ हुई थी तो वह केवल भक्तों का उच्छिष्ट खाते थे मंदिर के आसपास उन्होंने अपना घर बना लिया भक्त लोग आते थे भगवान के दर्शन करते थे प्रसाद पाते थे पत्तल फेंक देते थे व पत्तल को चाटते थे कि भक्तो का उच से भक्ति मिलेगी और फिर उस हिरन की डेथ होती है तो एक और जन्म मिलता है जड़ भरत और उस जन्म के अंदर भी उन्हें अपने पिछले दोनों जन्म याद रहते हैं कि कौन-कौन से मैंने गलती करी क मनुष्य जीवन में ही वो भक्ति का प्रोसेस को अच्छे से अपना सकता है तो उसको फिर से चांस मिलता है और इस जन्म में वो सक्सेसफुली आगे चलकर प्र पहुंच जाते है ऐसी अजामिल की कथा है जिन्होंने बचपन में भक्ति करी थी बीच में उनका इलिसिट रिलेशनशिप बन गए थे जीवन के अंत में उन्हें फिर से एक और चांस मिलता है तो ऐसे शास्त्रों में बहुत सारे एग्जांपल है जहां पर भगवान क्योंकि भगवान खुद ही ये कौन तया प्रति जाने ना में भक्त प वहां भी बोलते हैं कि मेरे भक्त का नाश नहीं हो सकता थोड़े समय के लिए मेरा भक्त पद भ्रष्ट जरूर हो सकता है देर मे बी सिचुएशन बट अ वो अल्टीमेटली य विल कम बैक और जब वो कम बैक करेगा तो यहां पर इंपॉर्टेंट टू नो है कि उसका जो प्रोसेस चालू होगा वहीं से चालू होगा जहां उसने खत्म किया था हां ये बड़ा इंपॉर्टेंट है जैसे कि संसार में प्रभुपाद बता भी रहे हैं परपट में कि जब हम माना हमने कोई एजुकेशन ली हमने कुछ हां डिग्री ली ग्रेजुएशन पोस्ट ग्रेजुएशन डॉक्टरेट तो ये डिग्री लेने के बाद हमारी जब मृत्यु होती है तो अगले जन्म में ज हम पैदा होते हैं तो कोई ऐसी जगह नहीं है जहां मान्यता मिलती है कि पिछले जन्म में हम यह प्राप्त होते हमें फिर से वो अ आ इ ई ए बी सीडी सोचिए पीएचडी आदमी को उसको ए बी सीडी पढ़नी पड़ती है फिर से दिस इज अ लॉस इसको लॉस कहते हैं लेकिन इस प्रोसेस में क्या है भगवान प्रोटेक्ट करते हैं उसकी इस चेतना को इट ल अबाउट चेतना कॉन्शसनेस तो भगवान क्या करते हैं अगले जन्म में इसलिए देखते हैं कि कई लोग कैसे पैदा होते इसी भक्ति भाव के साथ पैदा होते हैं और यह हवा में बातें नहीं करी जा रही है य बड़ी इंपोर्टेंट है क्योंकि यय क्वेश्चन अर्जुन ने डायरेक्टली भी पूछा था भगवत गीता में जब अर्जुन इसको डायरेक्टली पूछते हैं छठ अध्याय में है ये तो अर्जुन क्या बोलते हैं कि उस असफल योगी की क्या गति होगी जो इस रास्ते में अटक जाता है फस जाता है फेल हो जाता है तो क्या उसके लिए सब कुछ चला नहीं जाएगा माया भी संसारी भोग भी चला गया तो भगवान क्या बोलते हैं 39 लोक में सॉरी 4 श्लोक में कि हे प्रथा पुत्र कल्याण कार्यों में निरत योगी का ना तो इस लोक में और ना ही परलोक में विनाश होता है भलाई करने वाली वाला कभी बुराई से पराजित नहीं होता असफल योगी आप सुनिए असफल योगी पवित्र पवित्र आत्माओं के लोकों में अनेका अनेक वर्षों तक भोग करने के बाद सदाचारी पुरुषों के परिवार में या धनवान कुल में जन्म लेता है द साइंस ऑफ रिइनकारनेशन कौन व्यक्ति कहां पैदा होगा भगवान य आंसर दे रहे हैं ऐसा नहीं है कि कोई व्यक्ति कहीं भी गलती से पैदा होता गलती से मैं किसी माता पिता के घर में आ गया ऐसा नहीं है भगवान बता रहे हैं कि कौन कहां पैदा होगा यह डिसाइड करते हैं भगवान यहां बता रहे हैं जो आप असफल योगी योगी तो था लेकिन उस रास्ते में असफल रह गया तोव क्या होगा सदाचारी पुरुषों के यहां पैदा होगा या धनवान कुलो में पैदा होगा धनवान कुलो में पैदा क्यों होगा क्योंकि उसको पैसा कमाने की जरूरत नहीं पड़ेगी पैसा कमाए नहीं तो क्या करेगा अपना समय भक्ति के कार्यों में लगाएगा आजकल तो पैसे वाला भी सोचता है मेरा बेटा उस पैसे को जो कि ऑलरेडी अनंत है उसको और बढ़ा दे तो यह प्रप हमारे पास अगर धन हो तो हमें जीवन को बर्बाद नहीं करना चाहिए यूजलेस कामों में उसको सेल्फ रिलाइजेशन में लगाना चाहिए तो इसलिए उसका जन्म ऐसी जगह पर होगा या आगे बता रहे हैं अगले श्लोक में अथवा अगर कोई दीर्घ काल तक योग रहा यानी कि काफी एडवांसड आदमी था और जस्ट जस्ट रह गया किसी कारण से वह ऐसे योगियों के जन्म घर में जन्म लेगा जो अति बुद्धिमान है यानी कि श्रेष्ठ वैष्णव के य पैदा होगा निश्चय ही इस संसार में ऐसा जन्म दुर्लभ है तोय सारी फिलोसोफी गीता में फर्द क्लेरिफाई इस तरह से हो जाती है कि इस रास्ते में कोई भी नाश नहीं कोई भी हानि नहीं है कोई लॉस नहीं है कृष्णा विल प्रोटेक्ट अस उन्होंने ऐसा प्रॉमिस कर दिया कनत प्रति जाने ही ना भक्ता पति उसके अलावा ये अर्जुन को छठे अध्याय में आंसर भी दे दिया कि मैं उसका जन्म ऐसी जगह पर कराऊंगा हां पर वो अपनी अधूरी भक्ति को कंटिन्यू कर सके तो यह तो रहा कि इस रास्ते में लॉस नहीं है लेकिन बता रहे हैं साथ में फायदा क्या है महान भय से रक्षा होती है और भय क्या है सबसे बड़ा संसार में भय है मृत्यु का भय हां अगर इस रास्ते में हम चलते हैं तो मृत्यु के भय से भी हमें छुटकारा मिलता है इस मृत्यु से ही छुटकारा मिल जाता है अल्टीमेटली जो कि डिफिकल्ट है बट क्योंकि हम हर बार अगले स्टेप पर चढ़ रहे हैं लद वी शुड नॉट बी थिंकिंग कि चलो इस बारी पास नहीं हुए तो अग ऐसा तो नहीं होता ना हम लोग ऐसा कभी नहीं सोचते चलो इस बार भी पास नहीं हुए इस बार एक पेपर निकाल लेते हैं डिस्टिंक्शन आ जाएगी एजमन मिल जाएगी व्ट एवर अलग-अलग एग्जामिनेशन सिस्टम हो सकता है दूसरी बार तीसरी बार में पास हो जाएंगे क्योंकि जैसे जैसे हम आगे बढ़ रहे हैं लाइफ की कंडीशन खराब होती जा रही है यहां पर हा इस कलयुग के अंदर इसलिए इसको एसे बहाना भी नहीं लेना चाहिए कि अब हम आराम से करेंगे अब तो क्या है भगवान हमारा प्रोटेक्ट करेंगे करेंगे लद इट इज ट्रू बट सच्चे हृदय से हमें प्रयत्न तो करना चाहिए कि यही जन्म हमारा आखरी जन्म और इसी जन्म के बाद हम भगवान के नाम में चले जाए वहां पर अगर हम फेल हो गए तो उसकी गारंटी भगवान दे रहे हैं अगर आपका प्रयास सच्चा है तो भगवान कह रहे हैं मैं हमेशा आपके साथ खड़ा रहूंगा और मैं मैं इस की गारंटी लेता हूं हां कि आपकी कोई लॉस आपको ना हो इस रास्ते पर तो ये तो वही बात हो गई है ना जैसा हमने बोला कि सारी उंगलियां भी घी में ही है सर भी खड़ाई में ही है किसी प्रकार का लॉस नहीं है जीवन में हेल्थ अच्छी हुई आनंद आया अच्छे लोग मिले हमारे संग करने के लिए कम से कम धोखा धड़ी फरे पॉलिटिक्स से बचे ऐसे लोगों के बीच में रहे अलग-अलग जगह देखी तीर्थ स्थानों में जाना भी एक प्रकार की हर इंसान के अंदर घूमने की इच्छा है जैसे प्रभुपाद कहते हैं कि आत्मा जन्मों से भटक रही है तो घूमने की उसकी नेचर है आत्मा की इसलिए किसी को बोला जाए ना घूम नहीं सकते आप घूमो क नहीं इसलिए ट्रेवलिंग इंडस्ट्री बूमिंग लेकिन वो क्या है कि संतुष्टि नहीं मिल रही है उसमें लोगों को पैसा बहुत खर्च हो रहा है और जो स्पिरिचुअल हां तो स्पिरिचुअल ट्रेवलिंग हमें मिलती है भक्तों के साथ में तो ये इतना सब कुछ जब मिल रहा हो और साथ में भगवान गारंटी भी ले रहे हो तो ऐसी ही कई सारे फाइनेंशियल एडवाइजर आते हैं कहते हैं जी आपको ये मिलेगा आपको ये मिलेगा ए शॉर्ट रिटर्न मिलेंगे ये मिलेंगे लेकिन जब डिटेल में जाते हैं तो समझ में आता है सब फ्रॉड है नोबडी इज गिविंग अ शॉर्ट रिटर्न सब इधर-उधर से घुमा रहे हैं हमें बेवकूफ बना रहे हैं लेकिन यहां पर गारंटी साक्षात भगवान की हम ऐसे लोगों की प्रॉमिस पर विश्वास करके इन्वेस्टमेंट कर देते हैं लेकिन क्यों नहीं हम भगवान के कहने पर इस प्रोसेस में कुछ इन्वेस्ट करें इसमें कोई लॉस नहीं है इसकी गारंटी भगवान लेते हैं हरे कृष्णा श प्रभुपाद की जय भगवत गीता की जय
Get free YouTube transcripts with timestamps, translation, and download options.
Transcript content is sourced from YouTube's auto-generated captions or AI transcription. All video content belongs to the original creators. Terms of Service · DMCA Contact