ब भज मन हरे हरे विश्वनाथ मन हरे हरे ओमकार भजो मन हरे हरे ओमकार भजो मन हरे हरे रामदेव भजो मन हरे हरे रामदेव भजो मन हरे हरे कामदेव भजो मन हरे हरे काम देव भजो मन ह हरे न की भजो मन हरे हरे हरे नंगी भजो मन हरे हरे नक रंगी भजो मन हरे हरे ंगी भज मन हरे हरे सतगुरु भजो मन हरे हरे सतगुरु भजो मन हरे हरे सतगुरु भजो मन हरे हरे सतगुरु भजो मन हरे हरे गुरु राम भजो मन हरे हरे गुरु राम भजो मन हरे हरे गुरु राम भजो मन हरे हरे गुरु राम भजो मन हरे हरे रामदेव भजो मन हरे हरे रामदेव भज मन हरे हरे रामदेव भज मन हरे हरे रामदेव भज मन हरे हरे नंगी भजो मन हरे हरे न कलंगी भजो मन हरे हरे न कलंगी भजो मन हरे हरे ंगी भजो मन हरे हरे राधे श्याम भजो मन हरे हरे श्री राधे श्याम भजो मन हरे हरे राधे श्याम भजो मन हरे हरे शी राधे श्याम भजो मन हरे हरे रामदेव भजमन हरे हरे रामदव भजमन हरे हरे रामदव भजमन हरे हरे रामदव भजमन हरे हरे सीताराम भजो मन हरे हरे सीताराम भज मन हरे [संगीत] हरे तो रामदव रूप देखा जो अन करो द पेड़ो लने ू और देवतारा दिवड़ा बड़े श्री रामदेव व जो स्वरू संतो को नमस्कार करो सब देवन को करो प्रणाम जग में जितने देव हुए वंद आरम बंदु सरस्वती शारदा अने वंदू गरवा गणेश वंद रामा पीर ने वंद ओ माहे वंद रामा पीर ने वंद ओ माम है त्वमेव माता स पिता त्वमेव त्वमेव बंधु सस तमेव त्वमेव विद्या द्रविणं [संगीत] तमेव त्वमेव सर्व मम देव देव त्वम देव सर्व मम देव दे बोलिए रामदेव जी महाराज की जय अजमल घर अवतार की जय अयोध्या नाथ की जय बाल कृष्ण लाल की जय सदगुरु देव की सत्य सनातन धर्म की श्री बदरंग दस बापानी जय दयाराम बापानी जय श बुना वाला हनुमान जी महाराज खड़िया मात की भारथ जी महाराज की ओ ओ नमः पार्वती पते हर हर [संगीत] महादेव [संगीत] उपस्थित दरे एक गद गंगाना अधिकारी ध वडेलो माताओं बहनों वाला बालको आपके हदय में विराजित सदगुरु सुप बाबा रामदेव जी के शरण में कोटि कोटि प्रणाम एमद साकड़ा सरने आंगने गाम समस्त आयो रामदेव कथा अंदर दरक मनु भावन व्यास गाद प्र सुस्वागत एमज घर बैठा देश परदेश विदेश कथा श्रवण करे लाइव गोपी स्टूडियो गोपी स्टूडियो द्वारा लाइव श्रवण करे एने व्यास गाथ जय सियाराम जय श्री कृष्ण आजत राम कथा अंदर द्वितीय दिवस अंदर मंगल प्रवेश कर र काले आपने पोथी यात्रा श काम पोथी यात्रा पोथी जने माथ सु काम ली के भगवान वान में स्वरूप से बाबा रामदेव भागवत कथा से भगवान कृष्ण नम स्वरूप अने ज ग्रंथ बाबा ना विचारो माथे लेवान कारण के माथे लेवा आपा में उतर क्या उतार एकलो माथे मुने फरवा नथी मारो ार घर बोज फ ब उतारी नाखो अने बाबा रामदेव ना विचारो माथे ल पोने जीवन मा उतारो बठेला हो माता ने खबर हो बा तमारे बाक नान हो तो दूध पाव ड़ा पभ राख काम के प बाबा रामदेव ना विचारो आप उतरे ने उतारना जो आप उतारी तो भ पार उतर ला माटे आने माथ बीज पोथया का एक तो खबर पड़े के बाया थ बीज पथ यात्र नियम जेने रे पोथी यात्रा निकले अने पोथी ल आप अल गुला के पु उता उडता वास्ते गाती आई अ जे ज गली मा जे शेरी मा मारा बाबा ना पावन पगला थ से बाप शरी मा बाप पला दीरान मृत्यु न बा आ कोई जी वस्तु नथी प आज मनन ने मफत मवा लाग ने हम जाती नथी अले बरवार कथा मक मेरे भाई बहन कीमत ना कर आनी कदर कर अ आने कीमत कौन आपी सके आने कीमत कौन करी सके तने टूक क के एक बाजू आ तवा लात एक बाजू हमारा बाबा विचारो मुको सत्संग मुको अ एक बाजू स ब्रह्मांड संपदा मुकी दो तो आना विचारने तोले आवे य आज मनन तने साकड़ा सरने आंगने म बा बाबानी कृपा म नकर आप घण नकी कर हो के कथा में दास आंद कर पर बाप नथी लेवा तो लाभ आज तारा अध मार ध कर हो आप नक्की कर के सात दिवस कथा श्रवण करवी बध सोड़ी देव आ विचार कर हो कामकाज ब गोठवाई ग हो सता आप भागन होय तो आपन साभ सकिए क क बाप ब नक्की कर ब खेवा गोठवा तो कुट गुजरी जाए तो हाथ ब पड़े ब पड़ेगा त करे न करे कथा रे मरण थ र माने लेज आपा भाग्य में नथी मनुष्य अवतार ला माटे मका म से सदगुरु बाबा कहे बड़े भाग्य मनुष्य तन [संगीत] पावा भाग्य मानसत पावा बड़े भाग्य धन पावा बड़े भाग्य मनुष्य तन पावा सूर दुर्लभ सद ग्रंथन गावा सुर दुर्लभ सद ग्रंथन गावा सर दुर्लभ स ग्रंथन गावा सुर दुर्लभ सदा ग्रंथन गावा बड़े भाग्य मनुष तन पावा भाग्य मनुष तन पावा मनुष तन पावा मनुष तन पा सदगुरु ब भाग मनुष्य तन पावा मनुष्य अवतार नथ म अन लेवा म सूर दुर्लभ सद ग्रंथन गावा सूर दुर्लभ सद ग्रंथ गा शास्त्र अन करवा माटे ने वासवा माटे ने वागवा माटे ने उतार माटे आने लो पुराण क दादा पुराण लेवा कोई शास्त्र कि कोई वेद कि कोई पुराण पुराण आपने गामड़ गाना स ने खबर होय के वरसाद पहला आप डोलाओ आप फया पू परता रे ला मा नावा के पानी दी जा य जा बात के खोटी बात पायो ता पहला करो पूर्ण प अने र्ण टपा तो पायो मजबूत था ू पूर्ण पूरी ने पुराण की मेरी भाई बहन मारे तमारा जीवन आप जो जो ईश्वर तरफ व हो तो मारे तमारा पूण परवी पड़ पूण पुराण पूण परवानी आप जीव उरवान आप लेवान आप कथा बड़े भाग्य मनुष्य तन पावा सर दुल सद ग्रंथन गावा मनुष्य अवतार मनने म केवल हरि गुण गावा माटे सद कर्म करवा माटे भजन करवा माटे नहीं कि बीजी माथा कुट करवा माटे आज आट आटली कथाओ थाय सत्संग थाय शवा ने आप जरूर से ने आप भूख हो जोवे पर कथा में आ क रीते कथा नियम छ कथा साभ क रीते आज घ बर कथा में क मेरे भाई बहन के कथा मा हजारो माणस ब बाबा कथा मा हजारो माणस ब कथा किला ब महत्व िक जरूर नथी ब कथा क्या ब तो के गंगा किनारे बहारो यमुना किनारे बहारो ने घटे बहारो ल गंगा किनारे घर करो नाव निर्म निर बा तो गंगा किनारे तो सुखी मानस सके तो गरीब गरीब मनु था तो आप हाड़ा सरवा तो क ब आमने आकर्ष मेवे न मेवे तो कोई पूछ बाबा तो अन्याय गंगा किनारे नकी तो अ तारे की के तमारे गंगा किनारे जावानी जरूर नथी ज बाबानी कथा शरू थाने ना तमाम तीर्थ आवे से जावानी जरूर नथी अ जा कथा शरू था ना तमाम तीर्थ गंगा जमुना सरस्वती आप प्रयाग त जो जा कथा शरू था संतो आ न संतो मवा जा पड़े दर्शन करवा जा पड़े ज मारा बाबानी कथा हो ने संतो पधार से प्रयाग तो नकी कर अहा त गंगा किनारे जाओ अने कदाच गंगा ने पूछ के गंगा तारा में ब पाप धोवा आवे से का तो पाप धोवे से का तो तू क्या पाप धवा जा य तो प्रश्न गंगा ने पाप तो र गंगा ने कोई पूछ के गंगा त पाप धो का तो त क्या पाप धोवा मा जाओ गंगा ज गद गंगा भगी थ होरा बाबानी कथा होने पाप धोवा माटे जा आपने न पाप धवा जा गंगा तो क गंगा मन ज्ञान गंगा महान गद गंगा महान आज आज मेलो फरा भाव मे प्रेम मेलो साक सरने आज आनंद मेलो बा गंगा आवे हम जावानी जरूर नथी अ लो तमने प्रश्न करू जवाब आपो गंगा तारे ड़ गंगा स्वभाव रवान लो जवाब आप खबर पड़े क्या जा गंगा तारे डुबा गंगा तार स्वभाव सेने तो टिकट ले जाओ हरिद्वार अने हाक मुकी नाओ राम बोलो भाई राम तो क्यों सुन तारे शका आपने तरता नथ आत कारण के हाटनी स्पीड मा जा अ हाक मुकी दिए तोम जो आ पा नि थ जा आप गंगा तारे ं तमने जवाब आप ने तरता न आड़ गंगा जाओ तो डूबी मरवानी शक्यता साक सर गंगा आ तमने तरता ना आवड़ तो डुबकी मारो जेटला ा उतरने एलो मारो बार बीजन ध तमने तार आ तरता मार का के तार वालो य य तारे तो एक गंगा महान है गंगा भगी थ सन मेलो स मंडप मे भाव मे लाग मारो ु भा तो भाग मार बा न तो के बी जमने चार पा जा जा ब जा प कथा जाम नाम रे जा जा बाप कथा तो पहले जाली त [संगीत] जा क पले ब जावा ब जावा आमना हा गया क्या जा आओ कथा मा आवो लू क कथा कोई गंगा किनारे नहीं कोई मंदिर मा नहीं कोई साकरा सरमा नहीं कथा मेरे भाई बहन बहारो ने तो एक बार तरा दद में बहार एक बर रा मन में [संगीत] बहार बार तो बहु आयोजन करया आप दादा ना दादा बधा कथा करता आ आखर डम ना र् हमारा ना र् र् तो लागे लागे रोहन र् एक बर कथा रुदया में बरी दो फरी करन पड़े र हमारा फायद मंडप वाला माइक वाला डिया वाला फायद को रे एक बार आनंद कर ले बा फरी आश कथा क तमने खबर नथी उतर कारण खबर तमने त ब डोरा रखता हो तुमने खबर होत क्या ब क्या ब आ मा बन पवे य लोही पीवे गाछ ना आ दूध छ प पीवे लोय पीवे दूध पीवे अमृत तो पावन थई जाए प लोय पीवे ए त ने ज अमृत पीवा से कथा मा ये पवान से पर आखी जिंदगी मेनत में लोय पी बाप कोई दूध न [संगीत] पी तड़ी ना बनो हम एकवार हमम जोनी अंदर दूध पड़ से अमृत ज्ञान से य ल लो आ गा छ अमृत प्यालो छ मेरे भाई बहन पड़ आप आपवा विषयो तो श करवाला माटे आ आप राम कथा ने आप जीवन उतार बाबा विचारने आप जीवन उतार बाबा आप आ एक याद राखो अ बद बाने मवा नता आमंत्रण आप मवा ता तो एक मन मा राख के हम बदना धने मलवा ज से तमने जा बद बापू देखा है आ पोथी देखा है तमने हगा वाला देखा है तो भटका जावा आ मार ह मारो हरि बैठो मारो द्वारका वा कुमकुम पगले आ बैठो आ भाव जाग अ भाव जगा प्रेम जड़ोगर क आज साकड़ा सरने अत गंगा भगी थ अ रामदे कथा पारम कथा क्या शरू थ कोई खबर नथी कथा पहला कैलाश मा शरू थ आ नो म्याल से आ वस्तु न पड़ी से आ अ ए जो वक्ते आप जानो सो शिव कथा त करी से मा आ है भाव के सती यजन कुंड मा पड़या बीजो अवतार हिमालय ने थयो अने पछ पा भोले बाबा साथ विवाह थया विवाह थया अने कैलाश में आवे अने आज जोय के मरा महादेव अति आनंदमा छ अति सुखमा छ तो लाव मारो पति आनंद मा से तो मार पूर्वन प्रश्न पूछ लो माथा में व नाखी सुंदर मदानी साड़ी पहरी पवित्र थई अ भोले बाबा ने पाछ आवे आनंद करता करता शर जानी अव शर जानी गई शंभू पही मात भवानी पाति बल अवसर जानी अवसर जानी गई स पही मात भवानी पारवती भल पती अवसर जानी गय शंभु महि मात भवानी पार्वती भल अवसर जानी अवसर जानी जय संगू पही मात भवानी पार्वती बर [संगीत] पार्वती भला अवसर जानी अवस जानी ग शभ पहे मात भवानी पार्वती भ अवसर जोयो कयो अवसर जोयो लाग जोयो कयो लाग जोयो आज मारो महादेव आनंद मा सा बनो आज मारो पति आनंद मा तो लाव मारो पूर्वन प्रश्न पूछी लो अने बनने खबर हो के पता पति आनंद मा हो ने तारे पूछ पूछ अन पति आंद मा न हो खेत ठा आयो हो अन पूछ खबर पड़े तमने थाकी क्या बा कंटा गया हो रे आवे आप क मवा जा पड़वा नथी ह मल पायो हो मल ने बजार मा क्या होय वप भाव कपान आ हो रा भाव आ डार भाव आ हो प प रे आवे प पूछ के म मवा जा जा हो ब रोका हो पछ भ आनंद मा लो म खवा आज भवानी के मार पति आनंदमा अ ला आज पूर्व म प्रश्न पूछ लो भगवान शिवजी पासे आवे म महादेव केट मान पोतानी पनीने मान आपे जानी प्रिया अदर की ना आदर की ना वाम भाग आसन हर दीना जानी प्रिया अदर अत कीना अदर अति कीना वाम भाग आसन हर लीना जानी प्रिया जो मारा पत्नी आवे ने मान का अपमान न करो साभ मारा भायो पोतानी नारीन का अपमान करो न मान न जोत पर भाव बोला तो खरा मारो महादेव मनन तमने ज्ञान आपे मान जानी प्रिया आदर किना वान भाग आसन हरना महादेव वान भाग आसन अने वक्ते देवी आज मुड़मा लाग पूछ भवान केत म मा छ मार महादेव के बाप ं तो निज ममा ं तो आनंद मा छ तो रोज आनंद आज म मा तमने आ जगत म में लागे करोत आप म हो तोख जगत म लागे लागे आप म मान हो तो कोई बोले तो गमे बा देवी आज म मा छ बाकी हं तो निज आनंद मा छं तो सच्चिदानंद छ परम तत्व खलो महापुरुष बोलो प्रभ एक बात कह तुमने क्या आज तरा गलामा माला शली भगवान के खोपड़ी नि माला खोपड़ी नहीं माला कली खोपड़ी के 108 कोनी खोपड़ी के तमारी खोपड़ी जोवा मारी खोपड़ी माला मार कहा देवी त अटली वार जलमा ली वार मर्या न मैं ली बार जन्म ताली बार री पासे तो तने अजन्मा छ मने जरा वरा दुख कोई नथी बा मार जन्म मरण नथी तो स महापुरुष आ हाहा तो त अमर तो मने अमर बनाओ अत शरुआत मने अमर बनाओ मारे वाड़ी ड़ी भवान त एकना हा तो मने अमर बनाव देवी अमर बनवा माटे जानव पड़े जानव पड़े के महामंत्र अ महामंत्र जने मछ अ अमर थ जा महामंत्र की दो कोई निज धर्म की दो देवी कोई महा धर्म की दो कोई स्वरा मंडप की दो अने कोई सत सनातन धर्म की निज धर्म नेने जा सनातन धर्म जा महादेव ने जा देवी फरी वार संसार में आ पड़तो नथी तो प्रभु 108 वार जन्मी मरी थाकी ग अने मने तमारा महाधमनी त करो मने उपदेशो मने महामंत्र कहो भगवान के देवी प्रश्न तोरो पूछ महा धर्म कौन आ धर्म कौन अनी शरुआत तमने करू देवी नहीं था अ सापा भगवान सम मने पहली स राम कथा मरा भोले [संगीत] बाबा भोलेश्वर का है सुग है भवान भोलेश्वर काहे भवानी आरा सनातन मा और धरम सनातन माही भोलेश्वर है सुनो है भवानी भोलेश्वर काहे सुनो कथा कहो रे साथ मंगल हलका हरी कता कहो रे स मंगई भगवान शिवजी क देवी आप महा धर्म निज धर्म सेने जेने जाणो ने आवागमन मटी जाए तो कृपा कर सती बोला के मने महाधमनी वात करो पर देवी आया वात न था केम न था आ वात जो बीजा कोई जानी जाए तो य प अमर थ जाए तमने वात नहीं कर ना माटे आप अघर वन मा जा पड़ के जीव जंतु प हो कीड़ी प न हो कारण के जो जा तो देवी अमर बनी जा आहा अ तारे क्या ले जा जगदंबा ने ल अमर गुफा जने आप शार धाम क द्वार बंद खोले ना महादेव वात ले आप दवार खोले चार दम यात्रा आहा न जा श वातावरण अने व भगवान शिवजी बोल देवी ं तमने महा धर्म बात करो निज धर्म बात करो पर एक बोल बंधा के हूं जार वात करू र तमार हो का देवान का के मन खबर पड़े वात कर खई जाऊ राम भजन शरू हो वा ई जाए थ मेला अ हं तुमने वात करू रकार देवान जो रकार बन था आप वाणी पूरी बोलो कबूल से के हा ले नियम कोने बनाव महादेव कोई भजन मा जाओ तो क हरे बाप हरे आवाज शरुआत महादेव करली नियम ने बना से ले देवी हो दे र मने ख प सई गया काई नहीं बोल बंधा अने वक्ते मार महादेव अ साकड़ा सर आंगने महा धर्म महामंत्र शरुआत करे से बा गुरुजी महामंत्र मोट से महिमा वखार ब्रम ना भेद मा हरे बाप हरे ना ऋषि मुनि जपता जाहा हरि नता चार वेदमा ना ऋषि मुनि जपता आ हरियो का चारे फे [संगीत] [संगीत] मार आ वेदमा नथी बाबा आ वेद मा नथी भेद मा से आ वात मारो महादेव करे सारा सर आंग आ [संगीत] बा गुरुजी असल जगमा मवे आधार 50 करोड़ मा पानी निर हता निराकार मा शक्ति दर्शनी रे स निरंजन हता निरा कश कीनी [संगीत] रे अरे बाप [संगीत] [प्रशंसा] हरे जय हो [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] गुरु मरा सक्ति समागम निरंजन वासन [संगीत] दध मैया ने बादो रे उमे प्राण पुरुष प्रगत की धारे के वो उमइया ने धो रे उम पाण पुरुष पगत की दारे प्राण पुरुष परगट प्राण पुरुष प्रगट [संगीत] की बतास नता सुनता सार मा पानी तेरी प धर्म तो ते सत्य तेन बात य ब्रह्मा जा मंत्र बात करे अ जनी बात जना भजन हम थोड़ी ंग तो आवे हो बा पारवती शरू कर आहा होई गया सारू भजन है ो देवान की हमल जो जागेगा पावेगा सोवे गई खोएगा काल की तू बाप ला जागी जाज आवज केटला वाग ियार में जोजो नथी तमारा का बप राधवा ब तेरा बाप उपाधि तोय बाप त जो आ अ फरी अवसर न मड़े बाटे काल तो नहीं क पड़े व्यास गादीन नियम छ कथा त्यारे उतरे मारा बाप व्यास गादी बापू आ जा ने तो पहला पोतानी जग्या लाई ले फिल्म जो तो पला जा ना टिकट से हज टिकट से हज 00 टिकट से तो ला पकी जा ना जिनगी बकड़ से मुफत में से तो बाप माड़ पड़ खामी तो कररी नहीं बा काल के द तू स जमने आप दो री जिंदगी फरी जाए सुवा मा जा री बात नथी बनी बात ने पार्वती ने वा हुई क्या स अवे माफ कर अगले वातो कर वक्ते हो का बंद थयो हो का बंद यो बकार आयो अरे बाप अरे भोला दादा कले माताजी ई गया तो बी कौन जागे एक पोलारा में टेटो मरी गलो बाप अ य वस्तु हमले अ ना चेतना आवी जाए बाप विचार करी ो मरी गलो टेटो जो हातो होय ना तना आ जाती होय तो त तो जीवता स [संगीत] बाप तो आहा कौन आ जो माथ आ जो पोपट बच्चू बनी उड़े माता जी हमारे व्यास दादा ने पत्नी तन करता प अंदर जाए भोलानाथ मारी ना के लवा अने अंदर ले एक मानो गर्भ ना कोई मारी सके बो ब ब बज परत बलेवा मारी नाखो अरे मारो महामंत्र तो बा अन र प्रभु एक क्ण माटे माया हरीलो तो हमा सुखदेव जी महाराज जानता जानता काने शब्द पड़ी जाए बापने जो बाप तना आ जा अमर बनी जा जाने जाने तो टेटो कोई लेवा देवा नता सा पार्वती ने बीजा गया अमर थ जा तो बाप त केमन जाने जाने शब्द कान पड़वा दे तने भा क कथा मा आ भावे भावे कथा मा पवित्र पवित्र कथा मा आ भले नाया न हो तो आवो तो ज्ञान गंगा प्रगट थ बाप आप पावन करवा माटे गंगा आप पावन करवा आ जवा होवा पवित्र अपवित्र नायक आओ बा लो टेने तना मले तो म तमने के मले आ पड़ भावे कवे जाड़ जा शब्द कान पड़ी जाने तो बनी जा जाने जाने तो आपने भाव ब तो शन मले आ आ बात पूरी था जगदंबा ने खोली प्रभु प्रभु के ग का हुआ में तमने था बाप लहुआ मैं तुमने आप प्रभु भूल थ देवी समय सने वारे वारे नथी मतो मले बोलो मेरे भाई बहन मनुष्य अवतार वारे वारे मले आज समय फरी मले आप फरी नथ म आज म मा मन लोग र रने ब भग कर ब मेहनत कर बाप मेहनत न जा बा हमारे क्या हमने गुरु महाराज ने पाव पीवा वा तो जो त लाखो रुपिया आपो साधु राजी नथा भाव आवी अ बाबा ना शब्द ने साभ र साधु राजी था आ लो रमी रमी सयो पहरी पहरी री पहरी पहरी ना मंडल वाला भा बेग कर से के मारा गाने ज्ञान म आ कर तो निज धर्म ने जाणे आ कर तो महा धर्म जाने बाप तु म नथी प आप तो आप न न का खो कन के बद बाप नहीं मार महादेव के देवी हुवा 108 अवतार लेवा प बा महादेव ने घरना नाने जगदंबा 108 अवतार लेवा पड़ तो मार रे किला लेवा पड़ जम हम ी जगदंबा 10 अवता लेवा प हमारी जानने अवतार लेवा पड़े तो आप केला लेवा पड़ आ तोतार वाय तो अगला जल में उ तो बीज पर क्या वा तो रा पट में उगे न उ नक खड़ बावलिया था पा पा पड़े तो हम खारो पाट नथी दरबार से मारा बार बन धन साकड़ा सर से तो मीठू पड़ से बाप तो उग पड़े बा भी च पछ जो आप रही जा ईए तो आप नब नने का एक जन्म सने लागे तो मार रे केटला लागे अने न देवी वात पूरी थ ग फरी न नहीं त तो करवी पड़ रे त कर पड़ केम जवी ते नथी शक्ति परा रण बन बाप आज मने मात न करो तोम जो पृथ्वी ने र साल ख दो भगवान के देवी क्रोध न करो तो त करो देवी जग्या बदल पड़ लो बदलो अने ल क्या आवे ए वखते नारायने आजा करी वरा पथवी पाने ने बार काने पथवी रा भगवान ा मा ला पा मा थर कर पलो पाठ करयो तोरा महादेव पथवी मा पाठ कर थ पाठ पूजा शरू थ न खंड पू न खंड अने कश स्थापना करीने एक जोत प्रक नवखंड क पथवी कई आप बाट मा करता हो पाठ पूजा करता हो बाट मा अ आनी मा करता हो नव खंड कया मार रे गोवाना पृथ्वी पहला क्या पानी माती सं सुरत का न क्या आप मान उदर धा माने ज को बापने का न उ माथे पथवी ना हलवा त का अ 50 करोड़ मा पानी पर जार प्रभुने प्रार्थना करी प्रार्थना कर हे प्रभु मने आमा छोड़ तने नहीं छो तने नहीं भल तारे पथवी बार आ पृथ्वी बार आ पला श म नव खंड म नव खंड कता नव दरवाजा सा ले आन विस्तार आग करी तमने अने न खंडन दरवाजा दसमा द्वारे मारो बार ब बैठो गोती ले जा बाप आवे प दमा द्वारे प्रभु बैठा वात बरोबर से प जड़ का ज नवे नव दरवाजा स्वस थई जाए नवे नव दरवाजा मेल निक जाए तो मारो हरि आपो आप देखा नव दरवाजा आप आख मा मेल कान मा मेल आप जी मा मेल काथ म नवे नव दरवाजा स्वस थाय ते ार गोत नहीं जो पड़े का अ त जो नव दरवाजा म रे हरे जोत बोलो आमरा न आ हो तो तर बन वि कर नाखो ो कर क्या तो बाक जलम तो मरी ग जलम जोत न आ बाप नव दरवाजा बार ब ध जोत रूप आ जोतना दर्शन करवा माटे आटली बी मेहनत था [संगीत] बा जोनी मेहनत अ न आवे तो बात पूरी अ य नाना मा कहती ने बेटा दीवान न मार भ तो आम कर अने देव आप कता राम ता ला ग राम थ तो आप माने प्रश्न कर देव क्या गयो जाथ आ तो जीव क्या क्या गयो खबर नथ तो एक हा ले एक दे राम बोलो भाई राम थ जा ला माटे राम थ जाए ला बारना ध बैठो ओखी लेवानी मारी तमारी फरज मा आवे जोत ना पवे य जोत मार तमारो आत्माराम पृथ्वी नव खंड आहा ज महा धर्म ज जोत प्र आवे जगदंबा ने आनंद यो जगदंबा ने क देवी आप पृथ्वी मा प पाठ थाय अने बाजोट माथे प पाठ थाय देवी तमने खबर से के ना श के बाजोट मा चार पाया क्या महादेव म तमने समजावे पाठ पहला त जो साथियो करे करे कि न करे साथियो स्वस्तिक प्रतीक कल्याणकारी प्रतीक चार पख होवा महादेव कसे सतयुग द्वापर ता युग ने कलयुग चार चौकड़ी न साथियो अ म ने बतावे सतयुग दवा पर युग ने कलयुग चार बन मगज में आ तमने क आप हाथ क्या करिए छ आप उमरा में करिए ने उमरो पूजी छ नानी पाड़ी बन तमने हाथ करजो उमरा मा थोड़ो साइड मा करजो श काम उमरो छ तो कारेक आपो पग आवे के ना आवे दादा का पग आवे कि ना आवे तो इस स्वस्त प्रतीक अ आपा पग ने अंदर श पनोती आपा पग मा पनोती से जो सप आपो पग आवे ने तो आपा घरे पनोती आवे आ साइड मा र्च क्या गोखला गोखला स प्र भगवान साथियो बता सतयुग द्वापर तेता युग ने कलयुग अ पछ देवी की तमने खबर के हा महा धर्म वात शरू था हाना चार पाया हा ार पाए एक एक महा धर्मी बैठो जो रामदव कथा पायो ब मजबूत हा हा पहलो पायो बताव से विश्वास न बीजो वचन तीजो शरणागति न सतो धर्मन पहलो पायो स्नान पछ रूपा पछ त्रांबा अन माटी न पहला पाया हाथी पसे तो गायने कवली सेले अजा अ चार से ओ अने पहला पाए पाच कोड़ रा बीजा पाए सात तीजा पाए नौ चौथा पाए 12 ओ अन आ अन सार पा एक एक महा धर्मी बैठा पला पाए प्रहलाद बजा पा हरिश्चंद्र ा पाई बलीराजा स्था पा धर्म राजा उ जगदंबा के उ महादेव वात तो त करी दीी टूक मा पर हम मने का टप्पो पड़े नहीं मने का हम नहीं मने सार सार पाया नहीं विस्तार से कथा कहो आहा अरे महादेव के वाह देवी वात प्रश्न करवा बहु शतु एम करी सार सार पायाने कथा मने पूछ धन से हिमालय पुत्री ने हजारों बार धन से एक प्रश्न की कथा शरू एक प्रश्न राम कथा शरू था एक प्रश्न थ भागवत कथा शरू ने एक प्रश्न थया आज साकड़ा सरने आंगने महा धर्म कथा शरू चार पाया कथा भगवान शिवजी सोट करे ले चार पाया एक पायो जन उतरी जाने मारा पद ने पा जा और नकी मार रे कर के केटला पाया उतार अ बाजना पाया केटला मजबूत त जोजो भाव भगवान शिवजी वक्ते परम पुरुष ध्यान धरी अ मन तमने महा धर्म ना चार पायाने कथा कहे सतना बेली धर्म ना थोरी जाम रे [संगीत] जावा अड़ सेठ तीरथ गंगा [संगीत] नारे ना सतना बली र्म नाधोरी साम जावा अड़ तीरथ गंगा यमुना रथ गंगा यमना ना अड़ रथ गंगा यमुना पहलो पहलो जगना रचयो प्रहलाद रायण [संगीत] द्वार एवा कुंजर दोरी य करब पहलो पहलो यो प्रला रायण दवा उजर दरी ने उ ने दरबार सोना तेरा कलश हताने सोना केरा एवा सोना ना सहा सब बैठा न कर गरा सोना केरा क हताने सना केरा वा सोना ना सिंहासन बठ नकड़ गरा देवा सोनाना सिंहासन बैठा तंगी रा वा सोनाना सिंहासन बैठ कंग कीरा मारो न कड़ंग मारो नया पला युग मा प्रहलाद जी पाठ करयो छ अने पाच कोड़ने ल रा सोनाने सिंहासन अ वक्ते कुंजर कहता हाथी ने लावे हाथी ने मारे अ हवार सजीवन करे बाकी माटी बने आप प्रसादी जन कोली कए प्रसादी कए ध्यान देजो पर मने नथ हमत के संतो पाप करता से मारता से आ करता से संतो तो हिंसा कर ना पाड़ तो हाथ शका मारवान ले हम जा न ना लो पाप करे हा पाठे जवान प्रसादी लेवानी थने मारवान प कयो हाथी के बाप लो रमतो फरे हाथी नहीं मरा हमारा मा अहंकार रूपी हुकार रूपी हाथी से ने मार का के तो थाय का न था य जो ह कररी ग य अहंकार य हाथी से ने मारो आप कथा मा जाइए दर पुण में गुरुद्वारे पाठे जए जो आपो अहंकार न म तो पाठे दया शु थाए आपने आली कथा हम से सता आप में परिवर्तन ना आवे तो कथा हमला परिवर्तन तो तो अहंकार रूप थने मारवान सदगुरु क भगवान शिवजी बोला के भवानी नहीं प्रहलाद तो असुर कु ज तो व सोना सिहासन नक केम आने पास केम रा मन कहो विस्तार भगवान शिवजी क क्या क्या जान ना कृष्ण राजने अंदर सार जार अंधकार तो हरि नाम लेवा नहीं प्रभु स्मरण थाय नहीं पूजा पाठ थाय नहीं अगना थाय नहीं त्यारे पाच वर्ष ना प्रहलाद कमा भेट मा तलवार जोड़ अने एक बर गाम मा नगर सरसा करवा माटे निकले तो गावना पादर एक प्रजापति घर भक्ति नाथ शरुआत थ प्रजापति घर अने एक श्री बाई कुंभार रहे अनी भक्ति करे जाहर में तो भक्ति था बो मारी नाखे जर में भक्ति थाती थ मरवाना बके ने पोना घरमा भरा साना माना भरा गला अर उतरी जाए अने परमात्मा भजन करे बोलो आज आपने कोई भजन करवानी ना पाड़ सता करता न आने ब पोना घर भ सामा भक्ति करे वि महाराज अर ज साना माना भक्ति करे आपने कोई ना पाड़ न सता करता नथी नब आप वाला तो श्री बाई भक्ति करे एक बार आने माला तैयार थ गया निभ में मुकी अने माला पकवा मा निभ हगा गाम गाम जोय वखते ड़ने आग लागी गई माला पाकी रया श्री बाई भजन गाए घटना बने एक बिलाड़ी रोती रोती आवे बिलाड़ी ज रोवे रे श्री बाई कुमार पूछे बेटा श काम रो के बा मारा बच्चा खवा रा बचा को रोवा गोती मा दीकरी आखा गाम आ मारो कोई जग बच्चा न एकदम निवाड़ा पा आ बच्चा मु से के बा तो सुरक्षित जग मुक था क्या मुक था के कासा माला में अरे कासा माला में मुक था कास मा क्या से तने खबर के ना आ निवाड़ आ निवाड़ा वक्ते पोता बसा बता जोई बिलाड़ी ठेक मारे निभ पड़वा जाए बाव कारण के श्री बाई संत कोई मरवान बा मारा बच्चा बले भले बिला रे मा छ अने मारा पड़ा बता हो तो क सके सके हा पर मरवा दो तो मने मरवा दे तो मरवा तो बच्चा बटा तो मरी गया हो बथ थ गया म नहीं तो मने मरवा दे सदगुरु श्री बाई कसे मरवा तोन दो मरवा नहीं दो तो तो बच्चा कहा बेटा एक काम कर बच्चा जीवता हवारे निकले कई रीते मार आराध कर परमात्मा ने पकार कर अ आरा करू तो हरि आवे का बच्चा ब निकले का आवाज प्रहलाद साने ने अत आ दीवाल पा श्री भाई तारा दादा बच्चा बार निक बे कलाक तो थ ग भ आ ते खोटी ते जगत ठगो आ ते श्री बाई ठ हम भगत प्रभु पर बच्चा ना निकले श्री बाई कुंभार के निकले अन प्रहलाद के जो सवारे ब न निकले प्रहलाद के हमारे बचा ब न निकले तो श्री बाई तार रती मस्तक जद है रती म जु थाए पर श्री बाई कुभार के जो ब बार तो तो प्रहलाद के मारू माथ दो माथा हाटे माल से बा म मुफत न मले ले आप गुरुद्वारे जा पाठे जा तो पहला गुरु ने हाथ में शरीफ द क्या तन मन धन सब कुछ है तेरा बाप रे मले से आ हाहाहा आ तो माथ हाते माल से जो जीवता निकले तो प्रहलाद माथु आपे न निकले तो श्री बाई मा आपे रे की प्रहलाद उभ अ बिला की मारे जरा सपोर्ट आप कावान नहीं हाथ मा राम सागर ल अने करो मेल कोनी हारे मरा नंगी निजा धारी हारे मेल करयो अ आरा पड़े तारो भरोसो मन भारी अजमल रा तारो भरोसो मन भारी [संगीत] रे तारो भरोस मने भारी अजमल तारो भरोस मने भारी रे [संगीत] जी भाग बड़ो जने भगवन मया भाग बड़ो [संगीत] जनहा [संगीत] भगवत मरिया राम कुवर जा धारी अजमल रा राम कोवर ने जा धारी अजमल रा ार भरोस मन ार रे तारो भरोसो मने भारी अजमरा रो भरोसो मने [संगीत] मांजना वाले जय हो बचा उगाया बड़ती अगनी माही रे हो मांजना वाले बसा ब अगनी माई रे जी भक्त प्रहलाद नी प्रतिजना पावे भक्त प्रहलाद नि [संगीत] रेहा प्रतिजना पाली रणा कसना क्यों मारी अमल हर कना मारी अजमल जा तारो भरोसो मन भार रे हो जी तारो भरोसो म भार मरा मारो भरोस मने भारी [संगीत] रे गुरुदेव तुम्हारी जय जय हो गुरुदेव री जय जय हो गुरुदेव तुम्हारी जय जय हो गुरुदेव तुम्हारी जय जय हो भ तुम्हारी जय जय हो संतो भक्तो तुम्हारी जय जय हो संतो भक्तो तुम्हारी जय जय हो संतो भक्तो तुम्हारी जय जय हो गुरुदेव री जय जय हो गुरुदेव तुम्हारी जय जय हो सीता राम राम राम राम राजा राम राम राम सीता राम राम राम राजा राम राम राम सीता राम राम राम राजा राम राम राम सीता राम राम राम राजा राम राम राम सीता राम राम राम राजा राम राम राम सीता राम राम राजा राम राम राम सीता राम राम राम राजा राम राम राम सीता राम राम राम राजा राम राम राम सीता राम राम राम राजा राम राम राम सीता राम राम राम राजा राम राम राम श रामदेव जी महाराज जंज बापू ना समा सदगुरु के शरण में कोटि कोटि वंदन जय सियाराम आप कथा आवे कि तारो भरोसो मने भारी अजम तारो भरोस मने भारी मान जार वाले ब उ माई आम करता करता श्री बाई कुभार भजन गाए मानदार भजन हमले प्रहलाद बाजू में न सवार पड़े निभ शांत यो ज निभ शांत थयो मा एक एक मा ल अ प्रने के जो तो ब माला पाका ब अने पाका मातला में का अ हम जा संसार रूपी नि भाड़ त मातला पण पाका व मा काई न हो न कता फलानी बन पाकी ब हमी लेवान खाली फलान भाई पाको ब हम लेवान खाली ब माला पाखा निक श्री बाई के जो के खाली छ जो तो खाली छ आम जो तो खाली थवानी जरूर बाप जने जेने खाली थ गया अंदर थ मार राम कृपा करी बाप अंदर से खाली ला अंदर खाली मा आनंद हमारा आवा को सदगुरु बजार में जा त बजार कर दुकान के आमा आमा मरस आमा मीठू से आमा हदर आमा तेल से एक ब ती आमा से के राम राम केम राम राम के खाली वन राम राम के आमा काई नथी मारा बाप कासनी बहनी बनी जा अंदर का नाखो तो मारो राम राम मा बाकी ज कसर से राम नथी कसर से ना राम न राम राम हम आ निडो छ आ निबाड़ सात दिवस हवान साकड़ा सरने आंगने ड़ सात दिवस आमना रवान जनी मा सदगुरु मेर था है नी मा कृपा था है माथ को बाप बार निकल से बाकी मार ज हलवा जावा कोई नहीं मा सदगुरु म्यार भाने तो ब लीला ले नक न हो नि तो ह अ आप जलमा हगी छ संसार रूपी निभा कितो से अया प्रलाद के देखो खाली के नथ का खाली साभ एक माट काचू हो वच वच मा काचू र आ तो मारा नकलंग कला हती भाव अने मातन कास होत अ श्री बाई कुंभार लो प्रलाद देखो जा प्रलाद जोवे ए वक्ते श्री बाई बोल्या बसड़ा माने रोड़ा नहीं हो तमारी मा हम हा रोवे से जाओ का तो मियाओ मियाओ कर बसड़ा बहर निकले बा आ मया मया कर बसड़ा बहर निकले अ माने ल गया से अने वक्ते मान जारी ना वाले बसा उगा बनती अनी माई रे हो भक्त प्रहलाद ने प्रतिजना पाले भक्त प्रलाद नीरे हा प्रतिजना पाई हर कसना मारी अजमल रा तार भ [संगीत] सोमरे मया मया कर व हाथ माथ मालू पड़ी ग मा तो फूटी जाए ने ज मा फूट ने तो प्रहलाद ब्रम भांगी गई बा आटली जवार लागे नजरे जो हेवाल बाप अने वखते प्रलाद बोल्या श्री बाई वचन प्रमाणे माथ आर छ लेले माथ अरा अ मा अ तारा माथा श कर नहीं मा तू जो हारी ग तने तो तू ना पड़ तो तार माथ उतारी ले श बा के मा दीरा मेंलो फेर हमें मा मा कोना माथा न ले मा माथ तो लेव पड़ मा मार देव ता लेव पड़ हार देव रे श्री बाई कुंभार बो ता माथ देव क्या तो कोना माथ मुने तो तारी काया कल्याण थ जा वेदन महामंत्र बाप याद राखो श्री बा बोले प्रलाद के बोल क्या माथ मुक ता पहलू माथ मक तो माना शरण माथ पिता शरण मु तीज माथ कोई सदगुरु ना शरण मुकी दे तारी कान कल्याण थ जा ण जग्या माथा मुवानी जरूर से माता पिता गुरु आप न जग्या माथा मुकी दोम पछ तमारे कोई द्वारका जावानी जरूर नहीं रे को अयोध्या जावानी जरूर नहीं कोई रण जावानी जरूर नहीं रण राज तमारा रे आ जने माता ने मान जने पिता ने मान जने गुरुजन मन बाप माथा मुकने मारो हरि दौड़ दौड़ आवे नक्की मार तमारे करवा क्या माथ मुक अ तार प्रलाद बो बा माने तो माथ मुक पिता ने मुक अने हार तारा शरणे तो तारा जव सदगुरु मने बीजी क्या मुके मु तारा शरण अने एक कुंभार बाईने गुरु करे श्री बाईने हम जा प्रलाद ने माथे हाथ हाथ मुयो विश्वास हाथ को दवा प्र गया हो मारा बाप मा आ विश्वा बेटा तारो बाप धर्मन विरोधी भगवान विरोधी ता वा वाको थाय मैं तने मंत्र विश्वास विश्वास गातो नहीं जा मारो हरि तने मार तने भरोस माल ल अने गुरु महाराज पूजन करे प्रलाद आपको लाखों प्रणाम हे गुरु महाराज वंदन करी ज्ञान ल विश्वास ने रे आवे कथा ला तो मारू था बाप त जानो के डूंगरा धार मा नाख तो बसन ब हाथ पग नीचे नाख तो बन ब अधारी कोटड़ मा पर बच बसो ली सेले ली का अ ये ल ब तो बसो रे बाप मरतो केम नथी रे क पिताजी मारवा वा तो बे हाथ वालो से बसा वालो मारो ह हज हाथ वा ला खतरा करवा करले सभा था गागा ता क्याम बापने बापे पूछ त प्रहलाद बालक क मारो हरि क्या नथी क्या नथी मारामा तर क मारो ठाकर से जल थमा ब तही बरा तारो हरी बधे का तो थामला में री का तो बार ब लो गावे पाच वर्ष बाक ु तो रोने ु गुरु गुरु गुरु आवाज आ गुरु अवाज आने थान देखो गुरुना घर निभा देखो नि ब ब र प्रगट बो भगवान की ज गुरु जन विश्वास गुरुना र म बाप नि मार गुरु बसा बसावे बसा ब वात ल तो मा म भागवत विषय काले राजकोट पू भागवत क ब गुरुना घ विश्वास म तो विश्वास ने उतार पलो पायो विश्वास पलो पायो विश्वास वक्ते जन माम समजावे भगवान अतन थ गया ता इ केना सिहासन ब मार माता आरती उतारी ता म नक धारी सना बा आरा आरती उतारे आरती उतारी प भगवान नया आ नगर रो पटा महा धर्म उपदेश फला कर कोने प्रलाद रा बन द कर उपदेश मारा बाप कर उपदेश निर्वाण प ले पा कर सकी गया पा कोड़ सटकी गया पा कर ल निर्वाण पद पा तो प्रलाद दयाने नेने पाद विमान ज आ ता कोई री इच्छा कर के बाप में घ उपदेश आप तो कोई आ हो तो तो जा हाजी समय आप छ जन ला लो अब हाजी समय मा तो हाथ में आवे आवे अन प्रहलाद निकला गाम अने मा धर्म विमान आ से सतलोक विमान आ अने जन सर्ग में आ हो हालो कोई तैयार न ब बाना काे जम हाड़ा हार बाना का बाप त ला हमारे कपड़ा ना हमारे शरा बाना न काटता बान नहीं आले बान एकल से मारा अलग न बान मारा बार न बान बान ऊपर वा ते बाना का म खेतर जा मार गोद धोवा से मार बान का रंगलो जा प्रहलाद के बाप आ गाम म गाने पाद गाम त ने त एक ाक वर्ष डोरा साता था आ गाम में पवा दादा ख पड़ी तड़का ठ दादा मार हरे आवे दादा ठा ब ठ जो माध नेदर एम कोने उतार रामदेव मित्र मंडल कथा कर विमान लो दादा के जो बटा अ नहीं तो पा आवे तो हम पतो आवे ब्रतो आ मार बाप ब लेवा सूरदास अत उ [संगीत] क पा रा दादा काम सता धोरा से दूध से तो सोकरा ी दूध भा र कोई नहीं भास मुक सूरत ने मुंबई ी ब मु हे मुज अरे पाच दूध दादा न मान न मान बा प संतो ने दुख लागे हो बा आ ग ने त तमारा ग उतरने दुख था साधु बान आ दादा कक मान गाम में आ तो एक माजी हम मा नाम हम हम कोई हम जुमा हो तो खोटो न लगाता हम जुमा हम जुमा केला वर अरे बेटा 85 वर अरे मधम विमान आ गाम वाट जोवे से अने घ जाए ार आ हा अरे बेटा जो मरा हाथमा तो जो बेरी गोड़ हम पाच वर के आवे तो हम जो अत छोकरा विको नाखू व घर काम करे मोटा थई जाए अरे मा प दोरी ना माले ना पा दोरी हम मानो हम लो हम बेटा पा ली रे गुरखा बनो गुरखा [संगीत] बाप के ह ह कर गरवा न खावा राती जाग सरावा न दे ला गुरखा बनोवा 85 वर्ष छोड़ो पर प्रहलाद थाकी गया न मान हमन मान गाव मा गया आ गाम कोई आ पसे एक गटर गाम तो ए माड़ो पड़ तो कीड़ा हा महा धर्मन विमान आ त आ ना अरे ना तो फूलवाड़ी हो संतो बेठा होय भगवान बेवा पानी मा दूध म हरी हरी वातो हो हरी हरी सुवा सु कीडो के मने सुवास न भावे मने तो बाप दुर्गंध हो तो फवे ले हाले कीडो आ मारी तमारी कथा से आ संसारी गटर से त कीड़ा से मारा बाप आथ फूल माथ सुगंध ल लेज मारा सास नर भमरो रे भम बगीचा नि माई जो फूलनी सुगंध नेनो फूलनी सुगंध नेनो पतो गोते नरकंद जो ना सु करय भाई ता ता भाई नाश कर मा [संगीत] [संगीत] काजल भरला जना काल जा रे ने लागे नहीं बोध [संगीत] जो भीतर भीज नहीं पाण तो हे भीतर भीज नहीं पान तो बोले पा के ना सु कर भाना सु कर भाता भाई नाश भाई औरता रे बगी माई फ सुगंध ससंग हरी त गमे संत शब्द गमे ी ब गम फनी सुगंध ना तो गोते नरग जो ना त मारी री आप गटना कीड़ा बाप अवे तो सुगंध ल लो क्या दुर्गंध मार हो की ना माजी आ ठाकर लादने दुख तने कोई हम नहीं आ साध दुख था भा जो राम म मंडल द्वारा साक आंगने बधा भेगा म अने मंडप रोप बाप हो आ जो ला नहीं आ तो हमने दुखता है आ पछ नहीं हम तो हमने महा दुखता है आ ब ो कर विमान उतर मारा संतो साक्षी अना वैकु पगा हो तो आदान कोई आ नहीं लादने दुख थय पछ पाच कोने ल बाज पहला निर्वाण पद में पा मारो महादेव कौन बैठो प्रहलाद किना तेरा पा कोड़ सना पाए सनान पाए सेन पायो विश्वास पायो पहलो पायो विश्वास ने ले विश्वास की बात आगल कर बा आप पहला पाया कथा ण पाया जो राज पड़े तो पू थामा पाया लेवाना संतो पध संतो सन्मान कर ल थोड़ी ड़ी जाहिरात ल प कथा बो रामदेव जी महाराज अयोध्या नाथ की सोमनाथ महादेव सदगुरु भगवान बापा जय जय [संगीत] सीताराम मारू करवा मा आ खोट जाए नन ब द आवे तो खट जा ट तमारे तो का वा आ काड़ा क कर पू साधने प कर धन्यवाद बोलिए रामा पीरनी जय आज रोज कथा न बीजो दिवस बीजा दिवस की कथा मा साकड़ा सर गाम ने आंगणे माई अपनी कथा मा करवन जाथ परम पु श्री कमलेश्वर बापू याया जजरी से बापू ने एकवा ताथ आप बधा बालकदास बापू कथा रसपान करावी र होय अने संतो हाजरी अया होय त्यारे न स्वागत आप करव से क्यारे जानी कनिया बसु भाने विनंती करू साल ठाड़ी अने बापन सन्मान करे कनिया लाल बसु भाई तो रामदेव पीर मंडल का प्रमुख से एक बार कन्हैयालाल भाई नग बताओ शिवशक्ति आश्रम कर्म जाना महत श्री कमलेश्वर बापू ने हाजरी की जय र बाद बापू ने हार परा विन स्वागत कर पंया जयंती भाई प्रभा शंकर भाई जानी हरेश भाई भानु भाई अने पया प्रवीण भाई ईश्वर भाई तोत्र भाने विनंती करू के बापू ने हार परावी ने आप स्वागत करीश पंया दिलीप भाई याया भाने विनंती करो के बापने हार परावी स्वागत कर अपने बने ताल नागठी बवाना से बाप मन शन करी मन के बाप कथा सालवी ज मोटू सन्मान से बात हाश बापने वंदन करूंगा दिलीप भाई दिलीप भाई चार बाद एक नानी जाहिरात से आजनी अपने संजरती लेवानी से एमा ज मित्रो मेन आरती उतार वानी से न बोल आपन से अ एनी साथे कोई आरती उतार वानी होय बहनो भाइयो माथी तोप एक व्यक्ति की आरती से साहेब त 100 जना आरती उ नाना मा नानो माणस आरती उतारी सके ना माटे आरती व्यवस्था गोठवा आ तो बधा मित्रों ने विनंती के जने आरती उतार होय जने व्यासपीठ आरती उतार वानी होय ने मित्रो बोल आपवा आ अने आरती आपवा आ भायो बहनो मा जेने आरती उतार इच्छा हो बहनो मा एक साथे 20 बनने आरती उतार हो तो आरती उतारी शके एक बन नाम ल लखी ले अथवा पीसी पंडिया भाई नाम लखता होय तो एनी प लखा ले स्वयं सेवको कवा संपक साधी अने नाम लखा भायो माथ प जने आरती उतार हो एक व्यक्ति रुपिया से नी खास नों ले बीजी एक जाहिरात बपर पछ पा वाग सगुणा बनना विवाह सेमा बे दीक बनी सके प्रताप ने सगुना अने भायो माथी पर कोई ने सगुना बेनने प्रताप साथे जान जोड़ा है सगुना बनना विवाह था है साब न आपने जरे थ ष पड़े रेन बोल देवान से कोई मित्रों ने सगुणा बेन बनवा होय प्रताप बनवा होय तो न बोल आप करवान से अ बीजी एक जाहिरात करू के जार साकड़ा सर गाने आंगने अ गंगा न धध ही साब तमारा जीवन मा का प होय तो त कथा साभ सकिए बापू वारंवार के बलदेवदास बापू आ गंगा धोध उतर से आनी अंदर कोने आखा दिवस जमवार देवानी इच्छा हो तो नी रकम 000 िया आखा दिवस ज कथा वसाई भोजनशाला अंदर लो प्रसाद ले तमाम पुने मत हो एवा मारे साकड़ा शरमा ब नाम जोवे आखा दिवस पुण मत हो साहेब ं कायने माटे कह तो अखिल ब्रह्मांड ना मालिक सानिध से आ तो मरा तमारा हरिना गुण गाना मरा तमारा जीवन एक रतो साधवा मार्ग नी अंदर जो कोने आखा रसो एक दिवस आप होय तो नी रकम सेज तेमा कोई मित्रो ने आखा दिवस सा पानी मा भेट आप हो एक नहीं 20 जना आपी सके नी रकम खाली 00 से जाने सा पानी पच फड़ा लेवी अथवा स्वयं सेवको गमन संपर्क साधव कारण क्या रामदेव मित्र मंडल नहीं आखू गाम साकड़ा सर द्वारा आयोजन करवा में आय से एक समाज नहीं तमाम समाज भेड़ो थई अने आयोजन करवा में आ से रामदेव जी महाराज कथा बसाती होय 00 रुप सा पानी नहीं प कोई प फड़ा सके एक व्यक्ति नहीं साब कदा 20 जना फ ज लखा सके एक दिवस ना एम कवा भोजनना दाता 000 लखा सके कोई मित्रों इच्छा होई तो काउंटर उपर ज मित्रो स्वयं सेवको बैठा से या जाने पच फड़ा ले एक जाहिरात आवी से जरे पाच वाग बन सगुना लग्न से त्यारे नी अंदर कन्यादान देवाना 51 रप राम भरोसे से अ आजनी संजर उतारना साहेब 1051 नाम भरोसे से कारण के आ तो भागीरथी गंगा से आज त एना सानि मा बैठा ी एमा भगवान रामदेव जीी महाराज एमा मां शक्ति पार्वती अ भगवान शिवनी कथा हालती होय घमत शक्ति घमत भूत के जुड़ जुड़ भकत गाजत ब्रह्मांड नाचत भैरव अ कर धरती शल कमल राक्षस दल डन खेलत शभु अखंड हकत देरो देवन के प्रभु देव प्रकट सत्यमेव सरान करत सेव नंदी सवारी सुंदर मूर्ति सम्राट हरदम जोड़ी हाथ भज मन भीमनाथ शंकर पारी साहेब एव भगवान शिव देवनो देव महादेव अ नी कथा हालती होय भक्त प्रहलाद कथाया हालती होय मारो तमारो उद्धार करवानी कथा से ना आयोजन से त्यारे पाच वाजे बन सगुणा विवाह से अ नी अंदर कन्यादान देवाना 1551 राम भरोसे से अ आजनी भगवान रामदेव महाराज कथा साथ होय अ भगवान भास्कर उगी अनेम कवाय के रना देने र दूध कटोरो पीवा जावानी जरी भगवान ने मे ब जरे स रामदेवजी महाराज कवा आरती उतार वानी हो ना रप राम भरोसे से कोई मित्रों नी इच्छा होए तो बोल जो कर्मन जाथ शिव शक्ति आश्रम माथ बापू पधार से कमलेश्वर बापू तो बापू ने विनंती करूं के बापू पधारो अने अपने बने बापू आथ आर्व आप ता बापने बधा आवो बापू अने कमलेश्वर बापू ने विनंती करो पधार ओम नमः पार्वती पतय हर हर महादेव हर ओम विघ्न विनायकम गम गणपत नमः ओम सत्यम परम धीमहि तन्नो हचा प्रचोदयात ओ आत्म सत्यमे नमः ओम सत्य संस्कार वृद्धि नमः ओमकार विंदु संयुक्तम नित्यम ध्यायतो योगिन का मदम मोक्ष दम चवा ओमकारा नमो नमः ओम श्री राम जय राम जय जय राम श्री राम जय राम जय जय राम श्री राम जय राम शी राम जय जय राम श्री राम जय राम जय जय राम श्री राम जय राम जय जय राम श्री राम जय राम जय जय राम श्री राम जय राम जय जय राम श्री राम जय राम जय जय राम श्री रामचंद्र भगवान की जय श्री सर्व देवताओ नी जय श्री अखंड लीला नेजा की जय परम पूज्य परम वंदनीय प्रात स्मरणीय सदा सर्वदा साकड़ा सर गाम ना सर्व देवी देवताओ मंदिरो व्यासपीठ ऊ परर ग्रंथ स्थापित नकलंग नेजाधारी बाबा रामदेव जी महाराजन चरित्र व्यास आसन विराजमान पूज्य बापू एमा ज्ञान यज्ञ नी अंदर एक टेका रूपी मंडप उभो रखता होवा संगीतकार अने हमना हमारे कोई साहित्यकार एलांसर साहेब बोल्या उपस्थित भाइयों डिलों माता बहनों अने बालको समग्र ने भगवान शिव शरण साथ नमस्कार आज साकड़ा सरने आंगने बापू व्यासपीठ पर विराजमान से ने हजारों नी संख्या से पण साकड़ा अ पसी सर जो कोई वैदिक संस्कृति न अभ्यास होई तो संस्कृत मा यानी संधि जो अलग पाड़ी सके तो आप प्रश्न आव से क्या थी आ गाम ने मलयो से क्या थी विचार मागे से भगवान श्रीराम 14 वर्ष जार वन मा पधार त्यारे भरत जी ने ने पोतानी शरण पादु काओ साकड़ा आ था साखियो अने य जने एक कल्प कहवाय भरत जीय नंदी ग्राम सरियु ना किनारा ऊपर रही अ सब वर यानी साधना करी राज गादीन त्याग करी वैभव न त्याग करी अन वैराग जीवन धारण करी अने जने साखियो पूजा करी खड़ाने सर कर तो आ गाम नाम साकड़ा सर विशेष आजी रामापीर मित्र मंडल थोड़ी यादी आप के समग्र पालीवाल ब्रह्म समाजना 58 गाम से एमा एक पीपला गाम संपूर्ण स्वामी नारायण मा अने साकड़ा सर गाम संपूर्ण बाबा रामदेव जी मा अन्य समाज ब्राह्मण होय क्षत्रिय होय पंचोली आहिर भाईयो होय कोली पटेल भाईयो होई के रबारी भाईयो होय संपूर्ण आमा रंगाए आ मार अनुभव से ने आ गाम ने अत याद करता एक नान म शिव शक्ति सदगुरु आश्रम कर्मद मा लने पधारे से भाइयो एक वखत न विपत्ति समयन आश्रम उपर वादलो सड़ेल के महाशिवरात्रि न नानो सुनो तवार उजवा से अ यज्ञ समय नजी का आवी गयो अने धार न होवो प्रसंग बन्य के महा महीना में वरसाद वर्षो श उपाय थाय एक दीवाल बनावे एमा 300 ट्रैक्टर माटी पूण करवी नीप यज्ञ थाय केवी रीते था साकड़ा सरना भायो महा मेहनत करी अने कार्य पूर कर तो तो य मंडल ने आज बाबा रामदेव जी ग्रंथ ने हमें वारंवार ना उपकार साथे याद करू प प्रसंग मने एक याद आयो के सन्मान बहुत सारी बात से तो आना थ थोड़ो अलग रहना व्यक्ति स के हो रुपिया किमत ना हार ठीक करता हो बधू करता जो हो मा का अड़ता न होय प बे के पांच आरन सन्मान थाय तो 00 रुप जाए तो गरीब माणस ना बालको बनता होई ने पेन पार्टी बुक आवी व्यवस्था थाय तो एमा हमारे रणुजा धारी बाबा रामदेव जी महाराज वधारे राजी पण बापू व्यासपीठ ऊपर एक प्रसंग की मने याद हजी बापू ने त पाया बा मने ख्याल के त याद राखजो स्वीकार जो का आनी अंदर त लाखो रुपिया न खर्च करयो से अन पछ जो जो जो जिंदगी ले न जाए वर्षों वासी दे न वला उदय संग नामना एक कवि बोलेला से तो अप जे गणता हुई ते रावण ने कनिष्ठ गण शिशुपाल ने कनिष्ठ गनी रणा रणा पुने कनिष्ठ गण पछवा अन्य व्यक्ति दुर्योधन ने कनिष्ठ गण पर माताओं बहनों सर्व बठेला वीलो हमारा पूजनीय से के य रामा अवतार ने कृष्ण अवतार अंदर तत्वज्ञान तोव क से के कोई मनुष्य हता नहीं बधा स्वर्ग ना देवताओ लीला करवा पधारे ला दुर्योधन मित्रों साधारण के मां गांधारी श्री गांधर्व राजना पुत्री हता आखी जिंदगी पति वर्त धर्मन पालन करी पोता ना पति देव अंध हता तोमने दृष्टि सुख नत भोग आखे पाटा बांधी दी एवी महान पतिव्रता महिलाना संतान हता दुर्योधन तो लीला करवी पड़े रे आख्यान करो स तो रामदेवजी भगवान पात्र श्रेष्ठ से तो कनिष्ठ पात्र मा कोकने धनी थव पड़े भर बनव पड़े दुर्योधन राम ने अने कृष्ण ने अने अर्जुन ने उजड़ा करवा माटे पात्र हत रणा ने रणा प्रहलाद नी भक्ति कौन से भक्तिन प्रभाव चे ने जाहिर करवा माटे ना पात्र हता प एक नानी वात कही द कथा ने कथा ना समय भूमिका पर पचानी हो बाप ब वखत बोल्या से पण समाज माटे ज थर कार्य अने समाज एन कोई अनुकरण न करे बाप निराश थ जा हमने गमे नहीं हमने दुख थाय रावण आटली मोटी तपस्या करी महाराज श्री रावण देवता दक्षिण मा ना मंदिरो से ने भगवान शिव प्रसन्न थ अने कीदू हे महा तपस्वी मागी लो ज रावण की प्रभु मने थोड़ो समय आपो ने 2000 वर्ष विचार कर्य पछ ने बधू माग सब चोकड़ी न राज माग वा आवी वासी दू करे पवन पानी भरे सूर्यनी कला थी रसोई सड़े तो रावण मतलबी नता कोई स्वार्थी नता ने च चौकड़ी न राज श काम माग ू एक चौकड़ी ले कलयुग नी आयु चा लाख 64 हज नाथ डबल नाथ डबल करोड़ो वर्षनी संख्या थाय पने भगवान पा चार वस्तु मांगी थ के समुद्र ने मीठो करो सोनानी स्वर्ग सड़ी अने सोना मा सुगंध मुक ज माणस से ना मा शास्त्रो ज्ञान हो वेदोक्त ज्ञान हो काई न तो मानवता ज्ञान आप कोने नव नहीं तो मानसन देह से सोन से शुभ विचार से शुभ संस्कार से जीवन मा सात्विकता से य सन से तो स्वर्ग ऑटोमेटिक स पृथ्वी स्वर्ग से बाकी ऊपर तो जोयो नथी कोई पाम तो आपने खबर नथी विरोध ना करी सकाय बाकी ऊपर क्या स्वर्ग मा सोना बंगलो होय के न आप जोयो नथी कोई पाम हो तो भगवान जाने तो रावण ला माटे अटली दीर्घ आयुष्य मागी थी कारण के पोते अजुर वेदी चार चार वेदना अधिष्ठता हता ने खबर समुद्र ना किनारा ऊपर रिफाइंड उभी करू तो मदने मीठो करवा मा टलो टाइम लागे समाज ने ज्ञान उपदेश मा टलो टाइम लागे एव मानी लाखों वर्षनी आयुष मागी थी तो बस आजी साकड़ा सर गाम पहला मैं तमने की के साकड़ा परमात्मा ना सर थया होय तो आ गाम अंदर लो संप उभो थयो होय तो भागीरथ कार्य थ होय कारण के रघुकुल ने मोक्ष आपवा माटे भगीरथ घ पेयो ई गई थी आज साक सगा कदाच टूक समय मा आव एक कार्य भागीरथ उभ करी अ परमात्मा नी कृपा थी अया रणुजा धाम बनाव तो सदा ने माटे आ गाम ने आंगण आवा शुभ कार्य थता रहे अने कथा ब बापू कथा करे हम आप लो समय जोए कथा वर्णन करवा माटे पर टकी बात क द निमि शरने अंदर मैत्री ऋषि व्यासपीठ उपर होय प रेती नहीं रानी बनावी थ ढलो करीने ना ऊपर बैठा बैठा श्रीमद् भागवत कथा कहता होई 8 हजार ऋषि मुनियों य कथा सां भलता होय माताओं वीलो टल नहीं 3 करोड़ देवताओ अदृश्य रूप में कथा सालता होय आ कथा एक तीर्थ धाम बन रणुजा धाम बन होय य कथा मा ऋषि उपमन्यु स्म षि भाई ऋषि उपमन्यु जनी 33 महीना नी उमरे साक्षात भगवान न दर्शन ला कथा में ऋषि उपम बैठा था ने एक सीका आवी तो सदार आंसू थ रड़वा मांड्या कथा विराम समय कोई बाजू वाले पूछ के महाराज हे देवसी रवान कारण कारण एक से के मने सख आवी अ बे सेकंड कथा साभ मने विप ब सेकंड कथा साभ न सक्य जने भगवान न साक्षात्कार यो होय ने ब सेकंड कथा किमत होय तो केलो ब समय वाप नाता ख्याल नथ आतो अ जरे सुखदेव जी राजा परीक्षित ना मोक्ष माटे कथा करता था तो स्वर्ग माथी देवताओ सुवर्णन कुंभ भरी ने आया हे महामुनि हे देवर्ष तमारे पांडु वंश न राजा परीक्षित ना मोक्ष माटे कथा होय तो ने अमृत पाव ने अमृत तत्व प्राप्त करावो अने श्रीमद भागवत कथा रसपान हमने कराव पछ कथा कोई भी होय श्रीमद् भागवत ग्रंथ बंचा तो हो देवी भागवत हो शिव पुराण हो रामायण होय सत्यनारायण भगवान कथा होय के बाबा रामदेव जी महाराज 18 परचा अथवा अन्य प्रचा ग्रंथ वचा तो होय तो कथा मा जाव ब हठ कर नथी बोलतो हमारो धर्म नथी मर्यादा चकी ने बोलू व्यासपीठ नी मर्यादा समाज नी मर्यादा आपने हाथ जोड़ी पूछ के गमे ने घरे सत्यनारायण भगवान कथा होय तो केटला हमले मारा नाथ केटला साले क जी मने मो मावा भ हो भायो भाइयों रीते वातो करता होय बहनो बहनो रीते वातो करता होय ए कथा सालवा मा अपने दोष लागे से कथा से य समाज कल्याण माटे से कृतज्ञता माटे नथी कथा तो देवताओ दलील करी के अवे त श्रीमत भागवत कथा हमने संभला तो सुखदेव जी की के भाई मैं तो परीक्षित ना मोक्ष माटे कथा करी से तो मार यजमान ने पूछ पड़े बोलो तमारे श्रीमद भागवत कथा र पान कर अमृत पीव से तो पांडु वंश ना राजा परीक्षित की के श्रीमद् भागवत कथा रसपान करवा थ ह फायदो अने अमृत पीवा थ ह फायदो तो बस अमृत पीवात अमृत था बीज काई नहीं अमर ई जाओ तो श्रीमद् भागवत कथा न रसपान करवा थ श्रीमद् भागवत कथा न रसपान करवा थ ें अमर बनो निर्भय बनो मुक्ति मले अ तमारा हजारों पेढ़ ना पिने मोक्ष मले आ देवताओ सुखदेव जी की दू तो पांडु वंश ना राजा परीक्षित जी की महाराज मारी पर कृपा करो मने कथा रसपान कराओ अवे य थोड़ो समय ो ल मारी भूल से मने ख्याल से चोरी पर कथा पर बैठो छ जरा थोड़ी वात करी द तारे तो टेप टीवी रेडिया एक भरवाड़ रबारी माल सतो सतो डूंगरा टोपर डोंगरे महाराज कथा सातो होय अ मारे ब ब हिमालय मा गुल्फी वेसवा जव प सता आ थोड़ो समय वापरू तो शुकदेव जी कथा कहवा माटे पारंगत बन पांडु वंश ना राजा परीक्षित कथा साभ से चार चार दिवस विती गया त्यारे परीक्षित जी ने सुखदेव जी की दू हे राजन अ आप काई नहीं तो भले पर थोड़ू जलपान तो करो त्यारे पांडु वंश ना राजा परीक्षित ब हाथ जोड़ने की महाराज त कथा ज बंद करी अने बीजा शब्द उच्चारण करयो मारा हृदय मा तीर समान वागे से मारे जलपान नथी करव भागवत कथा न रसपान करव से मारी विनंती से के आप कथा थ विमुख मने न करो ले के कथा बंद न करो मैं आपने पहला की परमात्मा ने कृपा से गाम ने आज एक मोक्ष स्वर्ग धाम रजा धाम बन समय जाए तो एक मान समान भागवत कथा साभ अथवा बाबा रामदेव जी महाराज ग्रंथ कथा साभ मोटा मोटी कथा से विशेष भजन शरू अजमल तारो भरोसो मने बहु भारी मस्त शब्द हता के जने बरफ ग जाए एम शब्द पवन बफग शब्द कोई हदय ओग जाए बहु वधारे समय नहीं लेता अना जे कोई आयोजक मित्र होय हमारे माटे पूजनीय से दरे ने भगवान शिव शरण साथ नमस्कार अने साकड़ा सर गाम परमात्मा साखियो सिद्ध ने सर करी से सदाना माटे रे शुभ संस्कार रे अने शुभ कार्य थता रहे अने गुलाब फूल खिले अने सुगंध थ मेकी रल होय एम शुभ कार्य थ गाने सदा सुगंध जवाई रे हिमालय ना पत्थरो पत्थर माथ पानी ना बिंदुओ टपकता होए अने जरे केंद्रित थाय एक जग्या त्यारे ने महान सरोवर कहवा से आ गावनी स्थिति सदा ने माटे मान सरोवर जवी रहे केमा कोई स्नान करे तो जन्म जन्मांतर ना पाप धवा ने कल्याण थाय बहु वधारे समय नहीं लेता कदाच कोई वाक्य दोष होय शब्द दोष होय बोलवा मा कोई अविवेक थ तो चौरी नमस्कार साथ गाम समाज सर्व समाज व्यासपीठ माफी मांगी अने कथा ने विराम आप बाबा रामदेव जी भगवान की जय खूब खूब धन्यवाद बापी बात करी मने गमी के बे वस्तु याद राखजो हमना बपे जम्मा जा हो प्रसाद लेवा जा हो एक अन्न कण कारन बगाड़ एक संतो ने कार क्ण न बगाड़ विवाह जावान देवा श आवे खोट जा आप केटली खोट जा केटली जिंदगी ण कोन बगाड़ संतो न बगाड़ एक जमा जाओ तो चार वर मागी लो कन बगाड़ आ बापूजी ने वंदन करी बाकी जारा पर गोविंद [संगीत] गोविंद गोविंद गोविंद गोला भज गोविंद गोविंद गोपाला भज गोविंद गोविंद गोपाला भज गोविंद गोविंद गोपाला मुख मुरली मनोहर नंदलाला मुख मुरली मनोहर नंदलाला मुख मुरली मनोहर नंदलाला मुख मुरली मनोहर ला सीता राम राम राम राजा राम राम राम सीता राम राम राम राजा राम राम राम सीता राम राम राम राजा राम राम राम सीता राम राम राम राजा राम राम राम मुख मुरली मनोहर नंदलाला मुख मुरली मनोहर नंदलाल रामदेव जी महाराज सदगुरु भगवान की बापा जय जय सीताराम भगवान शिवजी मने ने रामदे कथा न मूल पायो बतावे अ जना धर्म लोने जानी मारा संतो जना धर्म लोने जानी मलने पकड़ी लेजो आ थने पकड़ी लेजो डाल तो कारे फ जाए नक्की नथ सनातन सत्य म बाकी ब दा तो कथा मन तमने बतावे के विश्वास आ विश्वास पायो विश्वास विषर मले पाच को रा बीजो पायो बतावे वचन पायो रूपा पायो अ पाय हरिश्चंद्र महाराज बैठा तो जगदंबा पार्वती के भोले बाबा मने खबर से हरिश्चंद्र खोटू बोलेला हा बोल्या मने प खबर तो त सतवादी केम कयो क्या एक खोटू बोल दकन तो त्यारे वर्ण देव गुन करो बी बात मने खबर से पण एकवार नक्की कर के एकवार खोटू बोलो तो आली बी पीड़ा मने थई जन रोग थयो खोटू नहीं बोल पछ नक्की कर के आज खोटो नहीं बोलू बाप खोटो तो बोलाई जाए बोल तो थ जा अ तो नक्की करो आप जिंदगी तो कावा दावा गई हो बाप तमारी भेगो सुधरी गलो नथी बा अवे तो नक्की करो नक्की करवा माटे कथा हम कहां से आए और क जाएगा बा क्या बैठा से करो तो हरिश्चंद्र महाराज सतवा केम बन आख आख ल तो म एक मुनि मीठो झगड़ो आप झगड़ नहीं मुनि मीठो झगड़ो आज जगत सतवादी को महाराज हरि सं विश्वामित्र बापजी के रा सेला खान करो खोट बो बोलो तोवे न बोले आ झगड़ा मा के जो य असत्य बोले तो कुत कोपड़ मा भोजन करू ला के ू करू आ झगड़ो अयोध्या पगे एक सत सुकावा माटे असत्य बोलावा माटे विश्वामित्र बापजी भ बने एक तरफ मार नथ ज प तो हरिश्चंद्र महाराज बनी पास पड़े अने कोई ब्राह्मण दरी ल क बाजू के अयोध्या आकाम कदान देव आप राज ले विश्वामित्र बापजी अयोध्या आवे अने व बाबा मागो तमारे श जो अयोध्या राज मा अयोध्या राज सु काम के सत ने गा धमने गा तो आख राज दध रे ध कदान देवान दक्षिणा हा बापजी मारा राजमा क्या तान से अब जो तो ल लो विश्वामित्र बापजी के तारा बापन राज नथ राज मारू बत पहला वो प्रश्न तो के भगव रंगने बधा आम करे तेम करे आवे माथा को राजकारण मारे नथी जाऊ आम जो अ ते अयोध्या में पहलो भगवत बाप हमारा विश्वामित्र बापजी तो भगवतो पहले थ से भगवा रंग आज सयो रंग बरोबर से बाकी भगवतो पहले थ हमारा रामला बिराजे सेने गौरव से रामानंद दरे एक साधु राजी से बा राज विश्वामित्र बा भग तारा बाप नहीं त तो तो नहीं एम कवा हरिचंद राज अंदर ब सोना ब रा ली रा करता आकाश आकाश गो जा हाथ कवा अयोध्या दरबार राण प सता जीी काई नथ ऋषि आप थोड़ देव तो लागे आने ब आप इतिहास गवा त आज मार पा का आप विश्वामित्र बापजी बोला एकवार क दे कोई रुष ने वचन नथ वात पूरी य हरिश्चंद्र बोल के बाबा सिह बाक भूख मरी जाए खड़ नखा प्राण छोड़ दे पासा पगला ना हो सुराना पर कर वक्ते तारा मते आवे ो नहीं र ले तारी पासे का त एक वक्त यो नार बो आज मारी पासे भले नाना हो बीज काई हो पर मारा बाप आपला संस्कार से दद राख लाखो रुप करवा आप दोप नहीं लागे संस्कार रूप करया जरूर का सगने संस्कार आला खबर पड़े संस्कार कोने क मरा बापे आपला संस्कार आज पा समय आ ला मा अज पासता तारा म आग यका ज पति सुख हतो त तारा मती पासता अने दुख आ त आग थ गया नारी धर्म से र बन तमारा पति मा पड़ आशीर्वाद ज दख पड़े तो आग थने मदद करने सहयोग कर महाराज सीताजी बटिया घरे रहो राम कौशल नहीं मार पता धर्म सुख साथम दुख मार साथ मार फर आग थ अयोध्या धर्मला मा आप वा घ कर सत्संग था स वातो ण छ बा तो संतो मनन तमने बतावे छ कि आज पविता धर्म निभाव माटे तारा दे के बाप मारा बाप आपला संस्कार संस्कार निभावा समय आ बो रे पासे शिव रे के बाप मार पासे तण रतन से ण र लावो देवी क्या से रतन अ वेना गुरुना रण माथ मुक्त थ बीजा कोई रतन त मार रोहित बाल त काशी म घट माचा जा बा आहा उपाय तो बहुत सारो विश्वामित्र बापजी के त ना पड़े एक बार क कोने वचन न बाप अ तो रलो हाथ लागयो अ पा प अयो राजोड़ विश्वामित्र बापजी वक्ते सूर्य ने ताप महाराज ह सो ह सो मारी पर तवानी मर्यादा हो पृथ्वी रसा जा एक कुमला बाक साड़ी बलवा लागी उ प ले बा आज मारी माथे रवि के ब बेटा आल तो कठिन पर आल पड़ मा तुर लाग अ श करू पानी विना मारो जीव जाए आग पर बा तारा दौड़े अने एक लोटो पानी ले बेटा प विश्वामित्र बापजी के ऋषि ण मा पानी पी रोहित कोम बाक बाप ज र न पानी नहीं प धीरे धीरे काशी आवे सवार पड़े मण घाट मा सफेद कपड़ा पहरी मा घास ना पला ल उ र गया बाप अ हरिश्चंद्र पकार करे बाप हा कोई हीरानी हाट खोले कोई कर खोले आज अयोध्या भोपा हाट खोली को खोली नथी हाथ पयो वेसा कोई नार चे कोई बा चे अने कोई आ चे हरिचंद्र मारी नार रा बा ने गाम भग य के बाप आप प हरिचंद ट मारी हरिचंद्र बजार मा पड़ी जा ता बा प तो हमारी माथे हमारा गुरु र [संगीत] बा कोई नार तो मन बा पतो न से हरि [संगीत] नामन अयो भोपाल क बाप माल ना दे हवे हालो हवे चा काशीपुरी ना जन काशीपुरी [संगीत] ह [संगीत] गुरी ना राज ऋषि न रुणा सुखवा वे सु सु रोहित बाल रे [संगीत] लो [संगीत] काशीपुरी नाज काशीपुरी ना माल नाना आ केवी हा खोली गण का आ तारा खरीदे रे रे आवे करवा परा हारा कपड़ा प रा रना पेर नगरी युवान ने ने मो पास ना की मारा नाना राने आ बन एक नारी छ स्त्री छ पति धर्म सपना में मारा देहने ड़ बाप का पाप मारा केम [संगीत] था गण का पालो साप को ली तारा वा प फटरा पड़ फटाक फटाक पड़ लक्ष्मी प्रभु मारी दरी मा अत्याचार प्रभु वक्ते रूप ले गण ना तारा गण वक्ते गण का तारा बा आवे चक में हरि रा राने अ बो तारा क्या वे सा मारा नाथ ज मने पाप करवान की सपना में था थ तो अ है य वक्ते अग्नि से ब्राह्मण आवे तारा खरीद अने तारा ल जाए क्या रोहिते मान से मा मा तारे अग से ब्राने के दो मारा जदा नो आरे रे शास्त्र मा लख बा मा दराने जुदा पाड़वा पाप लागे य तो [संगीत] महापाप मारा दरा थो वधारे काम कर पर मारी पासे नाना नथ रोहित के बाहु बेटा व मा हाल बेटा दिख स मा बना र सके पर कोई [संगीत] मारा अग्नि से ब्राह्मण बोलो मां एक बात मारी बाजू में मा मा जरूर से तो तो कोई मा री [संगीत] मा री कोई सा सम आवे कालो पुरुष सब करे हरिचंद्र हरिचंद्र काम हरिचंद्र मार रे काम कर ने हरिचंद हरि ह [संगीत] मार श करवान आरे लाक समनी चौकी कर समनी चौ कर खाप मने आजे कर मने आजे नो अने खिचड़ी आवे म हारे तु खा आहा [संगीत] का क्या अयोध्या राजा अ क्या समस्या स् कीर बना दे आ पर कोई हरिचंद्र ने पूछो तो खरा तने दुख छ हरे संत के ना आज रोज कोई मरी जात बा तो खिस का मले आज सात सात दिवस गा को मरण य नथ आज आठमा दिवसे मरण ने ड़ म म ड़ हरि लो तारी सत्ता गई नहीं मारी सत्ता तो युग युग सलामत से भा यग सलामत प मनने लो राज मार राज नथ ग बाप अयोध्या अयोध्या राजा त प्रजा मने करती सम राजा बाप ब बना को [संगीत] मंद हरि ब विपदा पड़ी स पूछो सुखी सुख ने दुख आवे सहन करता सखो ज तमने मने दुख पड़े रिंद नलराजा तने वाग हमारी जानकी मैया तने वागला दुख प प सताने पूछो दुख के नहीं तो भक्ति कौन करी सके हमारी गंगा सती पान भाई कैसे म हरख में शोक नी [प्रशंसा] [संगीत] जने आवे न ट पीने आख पहोर आनंद रे हरख शोक ने आवे नहीं कीने आठे पहोर आनंद रे आथ पहोर आनंद रे नित्य रे [संगीत] रे सत्संग माने कायम [संगीत] रवे सत्संग माने ड़ तो माया तेरा बंद मेरो तो लगे प देना मनरा नहीं ले भांगी पड़े बोले मान रे विप पड़े पना [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] हो वन से नहीं ने विप की पड़े [संगीत] पाना वर से [संगीत] हीने सोही पाड़ हरि जनना प्रमाण रे फिर तो लगे पन जना मनरा डगे नहीं ने भांगी पड़े बोले बमान रे भांगी पड़े बले ब्रहमान रे भागी पड़े बले बमान भक्ति कन कर अखन सुख नि जने आ े कीने आठ पहोर दुख पड़ पा रो बाप गा दुखने कवा बाता दुखने गाना गाम अ दरबार दरी मने शने आ य आनंद नहीं नंद निजानंद मा हरि के मार अयोध्या तो तो धारे ब काम ह थ आना बा को दे नहीं कर ख मले विश्वामित्र बाप विचार कर सुखी अमु मास आप पास पड़ जा दुख देता विश्वामित्र बापजी मा शब्द य तो कस आज सुया आज रोहित बगी सेवा कर मित्र सा कब रमने का बा ण पड़ी जाए मित्र जाओ मारी माता य ब्राह्मण रे केता राख रतन रण रो मित्र आ द मा केला दरा अरे बेटा बोलो श थय के मा तारा दरा रोहित ने का कर ग बाप प्राण प उड़ ग मा बोली नहीं बाप नहीं द्वा खड़की बार निकले ब्राह्मण बोले क्या जारा जा बाप मा मने मारा दरा मा घरना काम कौन कर राजना उजग कर रा द पूरा कर बा जावे जा बाप उती उती बाप आवे बगी पर मायाम जो रोहित ा आय आय रूपिया मारा दुष्ट दुवी गयो वरसी ते वा जीव नथी माम जीव हो तो पाटा मारी बदलो ले भाप ना खा बावरी बनेली मां अयोध्या महारानी दराने गोते जड़े नहीं पगनी आटी यो पाड़ा आ करी रुद लगन रोवा म बाप एक मारी आठने कारण बेटा मने माफ करी दे एक वक्ते घटना बनी कौन साना राखे बापाने पता दराने काधे ली दो बाप का ने बेटा अ मरी जाद से माने काद से माफ कर देने [संगीत] का अ कोई कान देनार म एकन आवे तारो बाप क्या से ख माफ कर दे बे सीता खड़की बेटा होती तू अग बाप कर दे बेटा बाप कर दे एक बर बोल तो बेटा एकर जवाब तो दे तारा पिताजी आ पूछ के मारो दक क्या जवाब बेटा अयोध्या पदा पूछ हमा भा सम्राट क्या तो बे एक बेटा फ फ बा सान ख अगनि देवान बा बा अगनि दे हरिश्चंद्र जागी जाए कौन नाम तो बोला नहीं बा सीता लाक ख म बार काता बोली मरारा सुख न बा ब आ खापन लाओ क्याला अयोध्या बालकने खा न म टली ी थ हम ी का अ उते लो कर खड़ी ड़ ला हरिच हम दुख पानी पी लेरा मालिक कर कर क्याला तारा बोले आज अयोध्या रघुकुल मा जन्म यो ना दरा कर थ ला हरि संत्र के तू रघुकुल बात करे का तू रघुकुल कौ था रघु अयोध्या कौ लो को हरिचंद्र कने ना हरि प्र तारा महाराज समस चौकी कर त आ महाराज फरवा बगी न आप एक प्राण [संगीत] तारा खूब रोवे त मने बा धार रोवे ार द गयो रो बाप रा मरी जा नहीं पारा रा [संगीत] र [संगीत] देवी राजा नथ न कर मरा मालिक ने म हिसाब दे पड़ कर म कर तो जो बावा रा [संगीत] कर भ बाप कोई कोई बावरी दौड़ी कासी को दया करो बाप को रहम करो मारा एकरा अग आन पा कोई बालकने ठ आवेली बालक मरी गलो माने एकदम अरे आ बाक एकदम के बटा य रुद लगा बाक मरी ग विश्वामित्र काशी [संगीत] न काश नरेश बालक विश्वामित्र बापजी हरण कर आगा डाकन आने बालकने सम ब बे श खा बाक उड़ जाए हम शकी खा तारा के बाप डाक नन बाक मने खबर तो मारा बाक शमशान गो बाप पर जार आप मा विप पड़त आप कोई बात [संगीत] न सुख हो तो बधा जार दुख पड़े ल के ल जा आलो शमशान समन में आवे जोतारो बालक विश्वामित्र के राजाने से खा डाक न सती कौन माने बाप हरिचंद्र हरिया आवी नौकरी करे आ तलवार कर मा मारी नारी मा क्त्र हाथ कापे तारा के प्रभु महाराज गा करो गा करो अ द जी करू एकवार गा करो तो मैं सा पति हाथे मृत्यु था तो स्वर्ग म स्वर्ग म दीक बैठो मा दरा मेलन था मार ना हरि के वा रावा तन मार सर्ग म मा भेगा क्या जा त के जा मराज आप स जन सु स री नौकरी से पूरी करो हरि प्रभु करवा जाए श चक्र कदा धर्म कर मार नारायण [संगीत] प्रकट प्रभु तम हरि चंद्रा आ विश्वामित्र द एकना म ना महाराज गुरु मले तो विश्वामित्र बाप जवा त मा तारा मा दरा ख पावा पापने कर दोष आज महाराज गुरु मले तो विश्वामित्र बापजी जवा पति म हरि सं ने मा आ म बैठ करे मारो नाथ रोहित मा आज विश्वामित्र बापजी तमने अने दात र करा ख आग मार ना कौन महाराज एक जन्म नहीं जन्म जन्म मले तो रघुकुल मले अ विश्वामित्र बापजी जवा सदगुरु म बे ब बरू कर न भलू केम उपकार केम भगवान माफ कर नाना मा तो बोल मने तो खबर से हा विश्वामित्र बापजी जो बरू ार बरू न कर तो बाप ार वैकु मा ार सम ध न बरू कर तो हमा भलू यने हरि म भगवान के वाह रो ताने मा प्रभु आ कस को करता एक बार सिहासन मा बस ब प्रभु व उप माम याद राख ज मा धर्म पाठ यो म बैठा रोहित बठ ला बिला बच्चा ब वस्तु नथी अने ते आरती उतारे वि बाप वशिष्ठ क ला कुतरा खोपड़ी में भोजन करू ना बाप ना न कर सको विश्वामित्र नहीं त हार नथी संतो नकी कर के कुतरा खोपड़ ड़ी बीव आ ड़ा रा साधु तुमड़ा राखे नियम मारो भगवान दन जा महा धर्म ज ज्ञान आप उपदेश आप भगवान वैकु पधार भगवान व ध आखा नगर मा ंड रटी पा महा धर्म माटे वक्ते सा कर उपला स करोड़ ने पर हरिचंद्र जरे निर्वाण प ज ध अने जार बाज बैठा बीजा पाए रे मा सात करोड़ सट गया अ सात करोड़ ले बाज बीजा पा बैठ न पायो रूपा पायो न पायो वसन पायो मेरी भाई बहन मार रा जीवन भले ब य जाए प्राण जाए र एक सत व र आखी कथा रथ ट प सत कथा सत नजी ल जावानी कथा आ जेवी ते नथी बा कथा बे पाया चार पाया अने बाबा हा वस्तु हमजा माटे आ बा आमा सत पुरुष कथा आमा जाड़ जानी कथा आमा रूपा कथा आमा कुंभराना कथा आमा देवा पंडित कथा बधा नी कथा बाला मा प्राण जा या चचन जाय वसन पायो आ वसने वग र अ पहलो पायो से विश्वास विश्वास ने वगी रजो का विश्वास ने ो का वसने ो बीजा पाए सात को मने तमने कथा बतावे सदगुरु भगवान त्रा पाया कथा बता पायो कोई कथाकार माफ कर निथ करतो कोई भजनानंद निदा करतो पायाने पायो राखे बलि राजाने बली राजाने पा लावे माफ कर मैं पायो फेर बलि राजाने त्रिजा पाला सु काम वेदन पुराव के भगवान कृष्ण पहला आ के वामन पहला आ वामन आ क कर पहला को गाई ख ध ब ध लाइव कथा बाप साधु संतो हा बोलता हमने न के बापू पा फेरफार केम करयो तैयारी मा स घ घ जग तो संतो बैठा आज बाप प बैठा अभ ब खबर हो पला वान आवे कृष्णला मा ीज पायो ान पायो शरणागति पायो शरणागति स्कार की कथा ल तो कलाक था मारो भागवत विषय भागवत कर आ पर तीजो पायो अ चौथ पायो समयन अभाव हा तो पायो ल आप 3 वाग आवश अ 53 था जान प आसे ले कोई मा न करता बनो जो तमारे वात समझ हो तो फरी वार निवेदन जेलू बनेल घर काम पता आ अन काम भल पड़ रे बा आप आखरा श काम आखिरा श काम कपड़ा भप ई नखा हा न तमारा माटे ब करू खजाने ख फ आज समय न म फ वात पर न मले कोई आलत फलत वात नथी वात शास्त्र नथ वात क्या से तो मारा गुरुना घर वात हमारा गुरुना घरनी वात आ वात नी ठे कैलाश माथ वस्तु आ बा आप अजान रही जाद नहीं मैं आज जोय का वा नहीं काल ब राता थ वा वाग तमने जो कथा प्रेम हो तो आ जाओ नवात जा जेटलो समय मले लो आप हाजरी आपो लेट गो करी नानी पा काम तो आप टे प था पड़े तो वाग आप भगा थोड़ी जाहिरा ले अने पछ कथा विराम ब मिनट आपना कीतन कर हरे रामा रामा राम सीता रामरा श्री रामा रामा राम सीता राम रा राम राम हरे रामा रामा राम सीता राम राम राम हरे रामा रामा राम सीता राम राम राम हरे रामा रामा राम सीता राम राम राम हरे रामा रामा राम सीता राम राम राम हरे रामा रामा राम सीता राम राम राम हरे रामा रा रामा राम सीता राम राम राम हरे रामा रामा राम सीता राम राम राम हरे बोल हरे रामा रामा राम सीता राम राम राम हरे रामा रामा राम सीता राम राम राम हरे रामा रामा राम सीता राम राम राम हरे रामा हरे रामा रामारा रामा हरे हरे हरे रामा हरे रामा रामा रामा हरे हरे हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे हरे देवा हरे देवा देवा देवा महादेवा हरे देवा हरे देवा देवा देवा महादेवा महादेवा महादेवा बोलिए रामदेव जी महाराज अजमल घर अवतार अयोध्या नाथ बाल कृष्ण लाल सदगुरु देव सत सनातन धर्म सोमनाथ महादेव की ओ नम पार्वती पते हर हर महादेव जय जय श्री राधे जय जय श्री राधे बिहारी लाल दाव जी महाराज यमुना महारानी गौ मैया की भारत माता की पृथ्वी माता की सब संतन की सब भक्त बापा जय जय सीताराम धन्यवाद बहनो कार्य का बोला उ कर आज पहलो दिवस कर तैयारी में आप आनंद करवान गुण गावा धनवाद अपने हवारे पूजा अने आरती सवारे बपरे तो रस आ तो र उतार नकर आप सा ओ हम आमंत्रण आपर मंडल गा आमंत्रण आपे के सगुना बना विवाह अ तमारा घरे हम हारा मारी जोड़ कपड़ा हो पह आवान मारा बत भायो भायो सूट बूट मा हा आज बैठा विवा आज बाबा विवा तो धाम करवाना आपवा के कोराना आ बठ अने पछ धाम कर भाड़ करवाना होड़ कोई फन आवे तो भले आ बबर धन्यवाद खूब खब तो कर प कोई प्रसाद ता सिवाय जावान नथी सरनी व्यवस्था करवा में आवी से सगुणा बन बनवाना 00 न बोल से कोई मित्रों नी इच्छा होई तो बोल आप अनी संजना राम भरोसे से त सुगना बनना लगन मा कन्या दान देवाना 2 रप राम भरोसे से कोई मित्रों नी इच्छा हो तो बोला 00 रुपया सगुना बन बनवा बोल से आज बनना लगन से रे कोई प ब पात्र लेव हो तो तेम 00 बोल से वधार इच्छा होय तो मित्र बोल बीजा कोने इच्छा हो तो बोल सानी संज उतारना राम भरोसे तेमा सगुना बन 5100 बोल से प्रताप बनवाना 00 बोल से कन्यादान देवाना 31 राम भरोसे से कोई मित्रों नी इच्छा हो तो बोला साजनी आरती उतार वाना 31 राम भरोसे से 21 कन्यादान देवाना राम भरो से कन्यादान देवाना 551 वल्लभ भाई दूदा भाई लाडू मोर कोई नहीं इच्छा होए तो मित्रों बोल जो प्रताप बनवाना 00 रुपया राम भरोसे से जाहु दे आथ कवाना आवे जा कोई ज छड़वा नथी प्रताप बनवाना र राम भरोसे सकड़ा बन बनवाना 00 रप राम भरोसे आजनी संजती उतारना राम भरोसे देवाना राम भरोसे ताओ कोई मित्रों नहीं इच्छा हो तो बोला जो रेसे धर्म तो रेसे धरा नकर माड़ी तारो खब जा है रतार आज मार ार आंगने अवसर से समय समय बलवान नहीं पुरुष बलवान काब अर्जुन लूट वही धनुष वही बाण बो
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