11 "DARK Psychology" Tricks That Always Works | Rewirs

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डार्क साइकोलॉजी एक इतना ज्यादा कंट्रोवर्शियल टॉपिक है कि अधिकतर यूटर्स और क्रिएटर्स इसके बारे में बात करने से भी कतराते हैं क्योंकि अगर आप डार्क साइकोलॉजी सीख गए तो उन यूट्यूब और कंटेंट क्रिएटर्स का धंधा बंद जो हो जाएगा क्योंकि फिर वो आपको मैनिपुलेट नहीं कर पाएंगे और इवन आपके आसपास के लोगों की भी असलियत आपके सामने आ जाएगी क्योंकि लोग रोज आपको मैनिपुलेट कर रहे हैं और आप इस चीज को कभी समझ ही नहीं पाए आप अच्छे हैं तो उसका यह मतलब नहीं है कि दुनिया भी आपके साथ सही ही होगी क्योंकि हिटलर जैसे साइकोपैथ्स बड़ी-बड़ी कंपनीज पॉलिटिशियन सेल्समैन और आपके आसपास के कुछ लोग डार्क साइकोलॉजी सालों से यूज कर रहे हैं अपने फायदे के लिए लेकिन आपको डार्क साइकोलॉजी इसलिए नहीं सीखनी ताकि आप भी दूसरों को मैनिपुलेट कर पाओ बल्कि आपको डार्क साइकोलॉजी इसलिए सीखनी है ताकि इसका यूज करके कोई आपको मैनिपुलेट ना कर पाए इसलिए इस वीडियो में हम आपको ऐसे 11 डार्क साइकोलॉजिकल ट्रिक्स बताने वाले हैं जो आपको पता होनी ही चाहिए गैस लाइटिंग गैस लाइटिंग एक ऐसी मैनिपुलेशन ट्रिक है जहां पे सामने वाला आपके दिमाग में आपकी ही मेमोरीज के साथ छेड़-छाड़ करके आपके अंदर सेल्फ डाउट पैदा करता है वो जैसा चा चाहता है कि आप इस सिचुएशन को कैसे देखो कैसे फील करो आप एगजैक्टली वैसा ही करने लगते हो इसको एक एग्जांपल से समझो मान लो सामने वाले ने आपके साथ कुछ गलत करा और जब आप उसे ये बोलने गए तो बातों ही बातों में उसने उस पूरी सिचुएशन को ऐसे घुमा दिया जैसे गलती उसकी नहीं बल्कि आपकी ही हो वो पर्सन आपकी अंडरस्टैंडिंग को चैलेंज करेगा कि कैसे आप बात को गलत समझ रहे हो आपने ही सुनने में कोई गलती कर दी है कैसे आप ओवर रिएक्ट कर रहे हो कैसे आपने अपनी एक्सपेक्टशंस बहुत बढ़ा रखी हैं जिस वजह से आप खुद को ही हर्ट कर रहे हो अगर पास्ट में उन्होंने आपके साथ कुछ गलत करा तो गलती उनकी नहीं बल्कि आपकी ही थी क्योंकि आपने चीजों को गलत समझ लिया ऐसे लोगों से आपको बच के रहना चाहिए क्योंकि ऐसी बातें करने वाले लोग आपको अपने आसपास सबसे ज्यादा दिखेंगे फियर मोंगरिंग लोगों में डर फैलाकर अपना काम निकलवाना एक बहुत ही कॉमन डार्क साइकोलॉजिकल ट्रिक है ये हिटलर के टाइम से चली आ रही है जैसे उसने मीडिया और प्रोपेगेंडा का यूज करके जूस को जर्मनी का सबसे बड़ा खतरा बना दिया था लोगों के बीच जूस का डर फैला दिया और लोगों को अपने वश में कर लिया और वो जैसा बोलता गया लोग मानते गए ये चीज आज भी बहुत कॉम कमन है पॉलिटिशियन इसका यूज करते हैं बड़ी-बड़ी कंपनीज किसी एक चीज का डर फैलाकर आपको अपना प्रोडक्ट बेचने की कोशिश करती हैं एक बॉस अपने एंप्लॉयज पे डर बना के रखता है कि उसकी जॉब कभी भी जा सकती है एक रिलेशनशिप में लोग सामने वाले पर डर बना के रखते हैं कि वो उन्हें छोड़ देंगे जहां लोग आपको डरा के कोई काम करवाना चाह रहे हो तो समझ जाओ कि वो डर झूठ है और वो बस आपका फायदा उठा रहे हैं लव बमिंग इस ट्रिक को सबसे ज्यादा रोमांटिक रिलेशनशिप्स में यूज करा जाता है यहां एक पर्सन स्टार्टिंग में इतना ज्यादा प्यार दिखाता है कि वो अपनी बातों से अशन से गिफ्ट्स और सरप्राइजेज से सामने वाले पे लव बमिंग करता है इतना ज्यादा अफेक्शन शो करता है कि सामने वाला भी उससे प्यार करने लगता है और जब उसे समझ आता है कि विक्टिम अब उसके कंट्रोल में आ गया है उसे इसकी आदत हो चुकी है तो वो लव बमिंग को कम कर देता है जिससे कि सामने वाला उसी चीज के लिए तरसने लगता है कि ये मुझसे पहले जैसा अफेक्शन क्यों नहीं शो कर रहा उसके अंदर एक सेंस ऑफ रिजेक्शन आने लगती है और वो उस मैनिपुलेटर की काफी सारी अनथकल बातें मानने लगते हैं और वो मैनिपुलेशन का शिकार बन जाते हैं इसलिए जब भी कोई स्टार्टिंग में आपके साथ बहुत ही ओवरली स्वीट हो तो समझ जाओ दाल में कुछ काला है सोशल प्रूफिंग इन्फ्लुएंस द साइकोलॉजी ऑफ पसु बुक में रॉबर्ट बताते हैं कि जब हम कंफ्यूज होते हैं तो हम ऑटोमेटिक अपने आसपास लोगों को फ्रेंड्स सेलिब्रिटीज या इन्फ्लुएंस को देख के डिसाइड करने लगते हैं कि क्या करना सही है सोशल प्रूफ एक बहुत ही कॉमन साइकोलॉजिकल ट्रिक है जहां जब आप अपने आसपास लोगों को सेम चीज करते हुए देखते हो तो आप भी ऑटोमेटिक उन चीजों की तरफ जाने लगते हो बस इस ट्रिक को जो चीज डार्क बनाती है वो यह है कि लोग कई बार एक फेक सोशल प्रूफ बनाने की कोशिश करते हैं जैसे किसी मूवी के पॉजिटिव रिव्यूज देख के हम मूवी देखने चले जाते हैं जबकि वो इतनी अच्छी भी नहीं होती एक इंसान जो आपको इतना अच्छा नहीं लग रहा बट आपकी आसपास आपकी फैमिली एंड फ्रेंड्स सब यह बोल रहे होते हैं कि यह बहुत अच्छा है तो आप भी अपना परसेप्शन चेंज करने की कोशिश करने लगते हो और कई बार आपका परसेप्शन चेंज कराया जा रहा होता है और आपको पता भी नहीं होता साइलेंट ट्रीटमेंट यह भी एक बहुत ही डार्क साइकोलॉजिकल हैक है जो पूरा एक लाइन पे डिपेंडेंट है साइलेंस स्पीक्स लाउडर देन वर्ड्स कभी सामने वाले को तोड़ने के लिए कोई बात निकल वाने के लिए या कुछ रियलाइफ करने के लिए कुछ बोल के या ड्रामा करके उतना सही रिजल्ट नहीं मिलता जितना साइलेंट रहके मिलता है क्योंकि साइलेंस सामने वाले के अंदर मल्टीपल इमोशंस ट्रिगर करता है वो कंफ्यूज हो जाते हैं सेल्फ डाउट करने लगते हैं उन्हें गुस्सा आने लगता है इसके साथ ही उन्हें आपसे अटैचमेंट भी बढ़ती जाती है इससे रिलेशनशिप में यूज करना बहुत ही इविल होता है फॉर एग्जांपल मान लो आपके किसी बहुत ही करीबी फ्रेंड फैमिली मेंबर या पार्टनर ने कोई गलती कर दी जो आपको पसंद नहीं और आपके बार-बार मना करने के बाद भी वो आपकी एक नहीं सुन रहे ऐसे टाइम पर और बोलना बंद कर दो इनफैक्ट कुछ भी बोलना बंद कर दो एकदम साइलेंट रहो उन्हें कंफ्यूज रहने दो कि आप ऐसे रिएक्ट क्यों कर रहे हो आपके इस साइलेंट ट्रीटमेंट से उन्हें बहुत गुस्सा आएगा समझ नहीं आएगा कि क्या करें हर एक टाइम पर वो टूट जाएंगे और जैसा आप चाह रहे हो वैसा करने लगेंगे ये ट्रिक बहुत ही डेंजरस है और सामने वाले को साइकोलॉजिकल टॉर्चर से गुजारती है इसलिए इससे सिर्फ बचो ना कि किसी पे यूज करो गिल्ट ट्रिप यहां पे सामने वाला आपकी किसी पिछली गलती या मिस्टेक को बार-बार याद दिला के आपको गिल्ट में डालता है जिससे कि आप एक वल्नरेबल स्टेट में आ जाते हो और सामने वाला जैसा चाहता है आप मज मजबूरन वही करने लगते हो फॉर एग्जांपल आपका पार्टनर आपको कहीं घूमने जाने के लिए कन्वेंस कर रहा है पर आप वहां जाना नहीं चाहते तो वो आपको समझाने के बजाय ऐसे वर्ड्स यूज करें तुम तो कभी मेरे साथ कहीं नहीं जाते लास्ट टाइम भी हम कहीं नहीं जा पाए थे मैं तुम्हें पसंद नहीं हूं इसलिए मेरे साथ तुम्हें कहीं जाना अच्छा नहीं लगता ऐसी बातें बोल के वह आपको गिल्ट में ट्रैप कर रहे होते हैं जिससे कि आप अपनी मर्जी से अपनी खुशी से उनकी बात ना मानो तो कम से कम गिल्ट में आके उनका कहां मान जाओ फोर्स टीमिंग यह मैनिपुलेशन का एक ऐसा तरीका है जिससे सामने वाला पर्सन आपको अपने हाथ जोड़ लेता है और आप कुछ कर भी नहीं पाते इसे प्रोफेशनल लाइफ में आप बहुत इजली नोटिस कर सकते हो आपका बॉस आपको आके एक लंबी चौड़ी स्पीच दे कि कैसे हमारी कंपनी एक बहुत बड़ी मुसीबत में फंस गई है जो अपने साथ एक अपॉर्चुनिटी भी लेके आई है जिसमें हम सब साथ हैं है ना आप कहोगे हां बस यही आपका बॉस कहेगा कि इसीलिए इस संडे को भी हम सब मिलके काम करेंगे ऑफ नहीं लेंगे इस तरीके से आप फोर्स टीमिंग का शिकार बन जाते हो ये ट्रिक आपका दोस्त पार्टनर कलीग कोई भी यूज कर सकता है जहां वो अपनी प्रॉब्लम को ऐसे प्रेजेंट करते हैं जैसे वो आपकी की भी प्रॉब्लम है ऐसे लोगों से जरा बच के रं चॉइस रिस्ट्रिक्शन ये एक तरीका है लोगों के डिसीजंस को अपनी डायरेक्शन में लेके आने का लोगों से सीधे तरीके से काम करवाना आसान नहीं है लेकिन जब आप उनकी चॉइसेज पर ही लिमिट लगा दो तो उनकी डिसीजन मेकिंग पावर भी लिमिटेड हो जाती है फॉर एग्जांपल मान लो कि आप चाहते हो कि आपका छोटा भाई या बहन जाके पढ़ाई करने लगे तो अगर आप उसे डायरेक्टली ये बोलोगे कि पढ़ाई करने बैठ जाओ तो वो रजिस्ट करेंगे बट यहीं अगर आप उन्हें ये कहोगे कि जरा बाहर से जाके कुछ सामान लेके आ जाओ या फिर घर में कुछ काम करने लगो क्योंकि पढ़ाई तो हो नहीं रही है तो यहां वो ये सारे काम करने के बजाय पढ़ाई करने बैठ जाएगा ऐसे ही लोग आपकी चॉइसेज रिस्ट्रिक्टर के आपसे वो काम करवा लेते हैं जो वो करवाना चाहते हैं एमप्लीफाइंग प्रॉब्लम्स सिंपली कहा जाए तो बात का बतंगड़ बनाना इसे थर्ड पर्सन पर्सपेक्टिव से देखने में बहुत ही सिंपल लगता है दो लोगों को रोड पे एक स्क्रैच के पीछे झगड़ते हुए देखो तो आपको लगेगा कि क्या फालतू में लड़ रहे हैं एक छोटा सा स्क्रैच ही तो लगा है बट जब ये आपके साथ होता है तब आपको इस बात का फियर अर्जेंसी और प्रेशर फील होता है जो आपको एक वल्नरेबल स्टेट में डाल देता है फॉर एग्जांपल आपको अपने पार्टनर से मिलने जाना था 5:00 बजे बट आप पहुंचे 5:30 बजे अब आपको लगेगा कि क्या हुआ आधा घंटा ही तो लेट हुआ है बट वहीं आपका पार्टनर इस बात को लेके इतना बड़ा बवाल मचा देंगे कि आधे घंटे से रोड पे खड़ी हूं इतनी धूप है भूख से चक्कर आ रहे हैं तुम्हें टाइम की कोई फिक्र नहीं है मुझे नहीं जाना अब नाउ अब आप वल्नरेबल हो चुके हो और इस बात के पूरे हाई चांसेस है कि अब आप पूरे दिन अपने पार्टनर की बातों को चुपचाप मानने लगोगे गो स्लाइटली रॉन्ग लोग आपसे बातें छुपाते हैं कुछ ना बोल के या बातों को इधर-उधर घुमाकर पर जब उन्हें उस बात से अलग कुछ कहा जाए तो उनके अंदर आपको करेक्ट करने की एक नेचुरल इच्छा होने लगती है जैसे फॉर एग्जांपल मान लो आपके एक कलीग ने अभी-अभी जॉब से रिजाइन करा है अब आप ये जानना चाह रहे हो कि उसने किस कंपनी में अप्लाई करा है तो डायरेक्टली पूछने से वो शायद जवाब ना दे तो आप कुछ इस तरह पूछते हो मैंने सुना तुम इंडिया से बाहर जा रहे हो नहीं इंडिया से बाहर नहीं यहीं काम करूंगा कहां दिल्ली नहीं बेंगलोर बेंगलोर में क्या स्टार्टअप जॉइन करा है नहीं ऐसे ही कंपनी है कौन सी मैनिपुलेटर को जो चाहिए उसे पाने के लिए वह कई बार सेल्फ अबेसमेंट का यूज करता है यानी खुद को नीचा दिखाने लगता है ज्यादातर टाइम इसका यूज करा जाता है लोगों का ट्रस्ट जीतने के लिए माफी मांगने के लिए या फिर रिलेशनशिप्स को स्ट्रांग करने के लिए जब हम खुद की इंसल्ट करते हैं किसी और के सामने खुद को नीचे दिखाते हैं तो वो अपने आप सुपीरियर फील करने लगते हैं जो उन्हें अच्छा फील कराता है जैसे फॉर एग्जांपल आपका पार्टनर आपसे नाराज है आपकी किसी भी बात को वो मान नहीं रहे यहां सेल्फ अबेसमेंट काम आएगा मैं बहुत बुरा हूं पता नहीं कैसे मैंने ये गलती कर दी मैं कितना भी कोशिश कर लू हमेशा चीजें बिगाड़ देता हूं बस दो चार ऐसी लाइन मैनिपुलेशन के लिए काफी होती हैं फीमेल्स भी इस ट्रिक का यूज करके खुद को हल्का सा डाउनग्रेड करती हैं जिससे कि बदले में उन्हें बहुत सारे कॉम्प्लीयंट

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