Storage Classes in C (HINDI/URDU)

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[संगीत] हेलो फ्रेंड दिस इज विकास पांडे एंड वेलकम टू ट for.com आज के इस ट्यूटोरियल में हम स्टोरेज क्लासेस के बारे में पढ़ेंगे स्टोरेज क्लासेस का यूज जब हम सी में कोई वेरिएबल बनाते हैं तो स्टोरेज क्लासेस के द्वारा हम उसके लाइफ टाइम उसकी विजिबिलिटी को करता है स्टोरेज क्लास और स्टोरेज क्लास के लिए कई कीवर्ड भी होते हैं जिनका यूज किया जाता है जब हम वेरिएबल बनाते समय इसको अप्लाई करते हैं यानी उसके साथ यूज करते हैं तो स्टोरेज क्लास से यह तय होता है कि उसकी इनिशियल वैल्यू क्या होगी वो स्टोर कहां पर होगा पूरे प्रोग्राम में उसकी विजिबिलिटी या फिर उसके उसमें जो लाइफ टाइम है वो क्या होगी इस तरीके से स्टोरेज क्लास का हम यूज वेरिएबल के साथ करते हैं तो आज हम सी के लिए स्टोरेज क्लास पढ़ने वाले हैं तोक सी में हम चार तरीके के स्टोरेज क्लासेस का यूज करते हैं तो स्टार्ट करेंगे स्टोरेज क्लास को यहां पर हम सी के लिए चार तरीके से स्टोरेज क्लास पढ़ेंगे पहला ऑटोमेटिक ऑटोमेटिक स्टोरेज क्लास दूसरा रजिस्टर स्टो क्लास तीसरा स्टैटिक स्टोरेज क्लास चौथा एक्सटर्नल तो इस तरीके से ऑटोमेटिक रजिस्टर स्टैटिक या एक्सटर्नल इस तरीके से हम स्टोरेज क्लास का यूज कर सकते हैं वेरिएबल या फिर फंक्शन के लिए तो यहां पर हम स्टार्ट करते हैं ऑटोमेटिक से फर्स्ट जब हम प्रोग्राम बनाते हैं तो प्रोग्राम के अंदर जैसे हमने मेन फंक्शन बनाया या फिर कोई भी फंक्शन बनाया तो विद इन फंक्शन विद इन ब्लॉक जब हम इस टाइप के वेरिएबल का यूज करते हैं तो ये लोकल वेरिएबल होता है जैसे अगर हमने मान लीजिए कि एक फंक्शन बनाया फंक्शन और उसके अंदर हमने अगर वेरिएबल बनाया इंट ए तो यह होगा ऑटोमेटिक वेरिएबल मींस ऑटोमेटिक वेरिएबल जब हम बनाते हैं तो उसके लिए आपको उसपे ऑटो की वर्ड अप्लाई करने कीवर्ड अप्लाई करने की जरूरत नहीं होती है हम बिना कीवर्ड के भी लिखते हैं अगर लोकल वेरिएबल बनाते हैं तो ऑटोमेटिक स्टोरेज क्लास के अंतर्गत ही आता है अदर वाइज हम इसे ऐसे भी लिख सकते हैं ऑटो कीवर्ड के साथ ऑटो इंट बी तो ये इस तरीके से हम यहां देख सकते हैं कि जब हम ऑटोमेटिक स्टोरेज क्लास की बात करते हैं तो जो लोकल वेरिएबल फंक्शन के अंदर बनाए जाते हैं वे ऑटो स्टो ऑटोमेटिक स्टोरेज क्लास के अंतर्गत आते हैं तो आप अगर उन्हें बिना किसी कीवर्ड के बनाते हैं डायरेक्ट वेरिएबल बनाते हैं तो भी वह ऑटोमेटिक स्टोरेज क्लास के अंतर्गत ही आते हैं अदर वाइज आप चाहे तो उस पर कीवर्ड ऑटो का यूज कर सकते हैं तो सबसे पहले देते हैं ऑटोमेटिक कीवर्ड के लिए आप ऑटो कीवर्ड का यूज कर सकते हैं इसकी जो इनिशियल वैल्यू होती है व होती है गार्बेज मतलब इनिशियल वैल्यू जब हम इसपे सेट नहीं करते कोई वैल्यू तो जो इसकी इनिशियल वैल्यू होती है वो गार्बेज होती है मींस कंपाइलर द्वारा कोई भी या प्रोग्राम जब हम एग्जीक्यूट कराते हैं इस टाइप के वेरिएबल को लेके और डायरेक्ट प्रिंट कराए तो कोई भी वैल्यू आती है गार्बेज वैल्यू होती है और इसकी लाइफ टाइम की बात करें तो ये फंक्शन एक्सक्यूट जब होता है तो ये ब्लॉक के अंदर जब कंट्रोल आता है तो ये वेरिएबल बनते हैं और जब ब्लॉक के बाहर य कंट्रोल जाता है तो ये वेरिएबल उसी समय डिस्ट्रॉय हो जाते हैं तो इनका जो लाइफ टाइम है वो फंक्शन के अंदर ही होता है मतलब इनका जो स्कोप है वो फंक्शन के अंदर ही यूज होता है एक लोकल वेरिएबल की तरह फंक्शन से बाहर जाते ही इनका स्कोप या ये वेरिएबल डिस्ट्रॉय हो जाते हैं तो इस तरीके से जो भी लोकल वेरिएबल हम बनाते हैं वो ऑटोमेटिक स्टोरेज क्लास के अंतर्गत आते हैं आगे दूसरा हम देखते हैं रजिस्टर रजिस्टर के बारे में मैं यह बता दूं कि जिस तरीके से हमने लोकल वेरिएबल को देखा कि फंक्शन के अंदर जो वेरिएबल होते हैं वह लोकल वेरिएबल होते हैं उसी तरीके से किसी फंक्शन के अंदर ही यानी लोकल वेरिएबल की तरह ही रजिस्टर वेरिएबल बनाए जा सकते हैं इनका स्कोप भी लोकल ही होता है यानी फंक्शन के अंदर लेकिन जब हम इस टाइप के वेबल बनाते हैं तो इसके साथ हम कीवर्ड लिखते हैं रजिस्टर जैसे हमने लिखा रजिस्टर इंट ए तो इस टाइप से अगर हमने बनाया मान लीजिए रजिस्टर इंट ए इसको कोई वैल्यू दी तो इस तरीके से जो वेरिएबल बनाए जा बनाए जाएंगे ये रजिस्टर वेरिएबल होंगे यहां पर मैं आपको ये बता दूं कि जहां पर हम ऑटोमेटिक वेरिएबल की बात कर रहे उसकी वैल्यू वो जो स्टोरेज स्टोरेज क्लास होता है वो अपनी मेमोरी रैम पर बनाता है यहां पर हम रजिस्टर वेरिएबल की बात करें तो यह स्टोर होता है रजिस्टर पे तो जब हम रजिस्टर वेरिएबल यूज करते हैं तो ऐसे वेरिएबल होने चाहिए वो जिन्हें हमें प्रोग्राम में क्विक एक्सेस करना होता है तो क्विक एक्सेस करने के लिए इन्हें हम रजिस्टर पे स्टोर करा हैं और रजिस्टर कीवर्ड के साथ बनाते हैं लेकिन यह गारंटी नहीं है कि यह रजिस्टर में ही स्टोर हो पहले कंपाइलर को जब यह रिक्वेस्ट किया जाता है तो कंपाइलर इसे रजिस्टर को स्टोर कराने के लिए देखता है अगर कंपाइलर देखता है रजिस्टर के लिए और रजिस्टर में अगर जगह हो या इसके लिए जगह हो रजिस्टर पर तो ये स्टोर हो सकता है लेकिन अगर रजिस्टर पर जगह नहीं मिलती तो फिर य नॉर्मल वेरिएबल की तरह ही होता है तो इस तरीके से रजिस्टर कीवर्ड लिखने के साथ ही कंपाइलर इसे कोशिश करता है कि अगर रजिस्टर अवेलेबल हो तो उस पर स्टोर कराता है आगे हम बढ़ते हैं अगला वेरिएबल अगला स्टोरेज क्लास एक्सटर्न यानी एक्सटर्नल एक्सटर्नल स्टोरेज क्लास को हम ग्लोबल वेरिएबल भी कहते हैं मींस इनका जो स्कोप होता है वह पूरे प्रोग्राम में ग्लोबल होता है यहां तक कि अगर हमने एक बड़ा प्रोग्राम बनाया जिसमें दो फाइलें सी की बनी हुई है तो हम एक्सटर्नल यानी ग्लोबल वेरिएबल जो कि एक फाइल पर है उसको दूसरे फाइल पर भी यूज कर सकते हैं इसका मतलब यह है कि जब हम ग्लोबल वेरिएबल बनाते हैं तो ये सभी फंक्शन से बाहर बनते हैं किसी फंक्शन के अंदर नहीं होते इनका जो स्कोप होता है वो पूरे प्रोग्राम पे होता है ग्लोबल होता है मींस अगर एग्जांपल अगर ले और हमने एक बनाया इंट ए = 100 इसकी वैल्यू दी अब हम प्रोग्राम लिखना स्टार्ट करते हैं ये मेन फंक्शन या सभी फंक्शन से बाहर होता है अब हमने बनाया मेन या इसके अलावा और भी फंक्शन मान लीजिए बना हुआ है फंक्शन वन फंक्शन टू कितने भी फंक्शन बने हैं तो जो यहां पर वैल्यू है a इसका यूज मेन भी कर सकता है इसका यूज फंक्शन वन भी कर सकता है और इसका यूज फंक्शन टू भी कर सकता है तो इस तरीके से जो ग्लोबल वेरिएबल होता है वो एक्सटर्नल वेरिएबल ही ग्लोबल वेरिएबल होते हैं मींस यहां पर आपको कोई कीवर्ड अप्लाई करने की जरूरत नहीं है जो भी ग्लोबल वेरिएबल होते हैं वो एक्सटर्नल वेरिएबल है ऑटोमेटिक वो एक्सटर्नल होते हैं तो इनका यूज आप पूरे प्रोग्राम में कर सकते हैं लेकिन एक्सटर्न कीवर्ड का भी यूज किया जाता है अगर मान लीजिए हम ग्लोबल वेरिएबल हमने एक बार बनाया है और उसका रिफरेंस देने के लिए एक्सटर्न कीवर्ड का यूज किया जाता है आप इस वेरिएबल को एक फाइल में आपने बनाया और दूसरी जगह पर यूज करना चाहते हैं तब हम एक्सटर्न कीवर्ड का यूज करते हैं इसके लिए मैं एक एग्जांपल देता हूं छोटा सा य यहां पर मैं ये बता दूं कि जो ग्लोबल वेरिएबल हम बनाते हैं अगर हम इसकी कोई वैल्यू यहां पर ना दे यानी इस तरीके से उसको इनिला कर इस तरीके से उसको बनाए तो उसकी जो इनिशियल वैल्यू होती है वो जीरो होती है ऑटोमेटिक वो जीरो से इनिला इज होता है अब यहां पर मैं आपको बता दूं कि मान लीजिए हमारे पास दो फाइल हैं फाइल वन फइल टू अब अगर यहां पर प्रोग्राम हमने बनाया हुआ है और एक प्रोग्राम में हमने ग्लोबल वेरिएबल बनाया इंट a = 100 और उसके अंदर कोई फंक्शन है मेन या कोई भी तो यहां पे हम ग्लोबल वेरिएबल को यूज कर सकते हैं मींस उसकी वैल्यू प्रिंट करा सकते हैं लेकिन अगर हम इसी ग्लोबल वेरिएबल को फाइल वन में फाइल वन में चकि ये ग्लोबल वेरिएबल है ये एक्सटर्न है पूरे प्रोग्राम में पूरे फंक्शन के द्वारा सभी फंक्शन द्वारा एक्सेस हो सकता है लेकिन मान लीजिए इस वेरिएबल को हम दूसरे फाइल पर यूज करना चाहते हैं तो उसको हम इस तरीके से बनाते हैं एक्सटर्न कीवर्ड के साथ एक्सटर्न इंट a यहां पर लिखते हैं तो यहां पर बता दूं कि जब हम इनिश इइ एक ही बार करते हैं उसको जहां प बनाते हैं अब जब हमने दूसरी बार इसको यहां प बनाया एक्सटर्न कीवर्ड के साथ तो इसका मतलब यह होगा कि यहां पर ये एक्सटर्न कीवर्ड के कारण ये ग्लोबल वेरिएबल का रिफरेंस दे रहा है है कि यह वेरिएबल पहले ही बनाया जा चुका है तो अगर आपके पास एक बड़ा प्रोग्राम है जिसमें ये दो मॉड्यूल है मतलब दो छोटे-छोटे प्रोग्राम्स हैं अलग-अलग फाइल पे फाइल वन और फाइल टू पे तो आप एक फाइल वन पर रखे हुए ग्लोबल वेरिएबल को दूसरे फाइल पर एक्सटर्न कीवर्ड द्वारा यूज कर सकते हैं हमने यहां पे एक्सटर्न लगाया इंट a अब हम इसके अंदर कोई भी फंक्शन बनाते हैं तो उस फंक्शन के अंदर इसकी वैल्यू यानी a की वैल्यू को हम यूज कर सकते हैं जैसे हम यहां पे लिख सकते हैं प्रिंट पसडी कॉमा a और ए की वैल्यू जो पहले से यूज की जा चुकी है पहले से दी गई है 100 वो यहां पर यूज की जा सकती है यहां पर 100 वैल्यू प्रिंट होगा तो इस तरीके से आप एक्सटर्न कीवर्ड के द्वारा एक एक्स ग्लोबल वेरिएबल को दूसरे पर दूसरे फाइल पर भी यूज कर सकते हैं तो इस तरीके से पूरी तरह ग्लोबल होता है मींस अपनी फाइल में भी होता है और साथ ही दूसरी फाइलो पर यूज किया जा सकता है एक्सटर्न कीवर्ड के साथ आगे की तरफ हम बढ़ते हैं इसका जो इनिशियल वैल्यू है वह मैंने बताया ज़ीरो और इसका जो लाइफ टाइम है वह ग्लोबल है यह पूरे प्रोग्राम में इवन यहां तक कि दूसरे फाइल्स पर भी यूज़ किया जा सकता है एक्सटेंड कीवर्ड के साथ अब आता है सबसे लास्ट में स्टैटिक स्टोरेज क्लास तो स्टैटिक स्टोरेज क्लास के बारे में मैं बता दूं कि इसको हम ग्लोबल वेरिएबल के साथ मतलब स्टैटिक एक्सटर्नल स्टोरेज क्लास के जैसा और लोकल वेरिएबल के साथ मतलब स्टैटिक ऑटोमेटिक स्टोरेज क्लास की तरह यूज कर सकते हैं मतलब स्टैटिक जो कीवर्ड है वह स्टैटिक स्टोरेज क्लास के लिए यूज होता है और आप इसे ग्लोबल वेरिएबल के साथ और लोकल दोनों वेरिएबल के साथ यूज कर सकते हैं तो अलग-अलग हम देखते हैं दोनों पे इसका क्या असर होगा सबसे पहले हम लोकल पर देखते हैं मान लीजिए हमने एक फंक्शन वन बनाया और एक ग्लोबल वेरिएबल हमने बनाया हुआ है इन ए इक्वल 100 सबसे पहले हम इसको समझते हैं लोकल के लिए य ग्लोबल हो जाएगा मान लीजिए इसके अंदर हमने फंक्शन बनाया है इंट ए अब यह जो फंक्शन है फंक्शन एक वेरिएबल बना है इंट अब यह जो वेरिएबल है यह फंक्शन के अंदर लोकल है मीस जब फंक्शन के बाहर एग्जीक्यूट होगा या फिर कंट्रोल बाहर जाएगा तो इसकी वैल्यू डिस्ट्रॉय हो जाती है तो अगर हम यहां पर प्रोग्राम बनाते हैं प्रिंट एफ पसडी वैल्यू प्रिंट कराते हैं कमा ए और नीचे लिखते हैं ए प्लस प्लस अब जब आप इस प्रोग्राम को एग्जीक्यूट कराएंगे छोटा सा फंक्शन है इसे मेन में कॉल करेंगे जब ये फंक्शन कॉल होगा मान लीजिए हमने इसको मेन में दो बार कॉल किया फंक्शन वन और फंक्शन टू फंक्शन वन को दो बार कॉल किया मान लीजिए ये वाइड है तो इस तरीके से जब ये फंक्शन दो बार कॉल होगा तो इसकी जो इनिशियल वैल्यू होती है क्योंकि ये लोकल है तो इनिशियल वैल्यू गार्बेज होती है तो इसमें जो आंसर आएगा वो कुछ भी अलग-अलग प्रकार का आ सकता है क्योंकि ये गार्बेज वैल्यू होगी और मान लीजिए इसको इनिला किया गया है वैल्यू वन के साथ तो यहां पर फर्स्ट पहली बार फंक्शन को कॉल करने के बाद भी इसकी वैल्यू प्रिंट होगी वन और इसी तरीके से दूसरी बार जब फंक्शन में मेन मेन में ये फंक्शन कॉल होगा तो भी इसकी वैल्यू प्रिंट होगी वन क्योंकि जब भी इसकी वैल्यू वन होगी ये प्रिंट करेगा और फिर इंक्रीज करेगा और जब कंट्रोल बाहर जाएगा तो ये जो वैल्यू है इसकी वो डिस्ट्रॉय हो जाएगी और अगली बार जब फंक्शन एग्जीक्यूट होगा तो फिर से इनिला होगा वन से और उसके बाद फिर वन प्रिंट होगा उसके बाद फिर इंक्रीज करेगा लेकिन वैल्यू कंट्रोल से बाहर जाए ने के बाद डिस्ट्रॉय हो जाएगी लेकिन अगर हम यहां पर एक कीवर्ड अप्लाई कर देते हैं स्टैटिक स्टैटिक तो इसका मतलब ये हो गया कि अब ये स्टेटिक स्टोरेज क्लास के साथ है तो स्टेटिक स्टोरेज क्लास के साथ बनाया गया वेरिएबल उसकी वैल्यू कंट्रोल उसकी वैल्यू प्रोग्राम में एंड तक बनी रहती है मींस आपका प्रोग्राम स्टार्ट हुआ और प्रोग्राम जब तक आपको खत्म नहीं हो जाता तब तक उस वेरिएबल की वैल्यू बनी रहती है मींस अगर व किसी लोकल फंक्शन पे लगाया गया है स्टेटिक तो तो उसके अंदर कंट्रोल आता है और कंट्रोल मान लीजिए कि आउट हो जाता है उसके बाद भी उसकी वैल्यू बनी रहती है अब जब दोबारा कंट्रोल आता है तो उसकी वैल्यू वहीं से इंक्रीज होती है फिर वहीं से यूज की जाती है मींस कहने का मतलब ये है कि उसकी वैल्यू एक बार इनिश इइ होती है और उसके बाद फिर वो बनी रहती है प्रोग्राम के एंड तक आप उसे प्रोग्राम में यूज कर सकते हैं अगर आपने लोकल बनाया है तो लोकल उस फंक्शन में यूज कर सकते हैं जैसे अब यहां पे स्टैटिक लगाने के बाद देखते हैं कि क्या अंतर होगा प्रोग्राम में हमने अगर लिखा स्टैटिक इंट ए इ 1 प्रिंट f a की वैल्यू a + प् अब पहली बार जब फंक्शन को कॉल करते हैं तो इसकी वैल्यू प्रिंट होगी वन लेकिन बाहर प्रोग्राम कंट्रोल बाहर जाते समय इंक्रीज कर दिया वैल्यू टू तो जब दोबारा ये प्रोग्राम एक्यूट होगा तो उसकी जो वैल्यू है वो डिस्ट्रॉय नहीं होगी उसकी वैल्यू टू बनी रहती है क्योंकि जब स्टेटिक वेरिएबल है उसकी वैल्यू प्रोग्राम के एंड तक बनी रहती है तो यहां पर जब दूसरी बार एग्जीक्यूट होगा तो ये दोबारा इनिश इज नहीं होगा स्टेटिक वेरिएबल एक बार इनिश इइ होता है उसके बाद यहां पर वैल्यू प्रिंट होगी टू उसके बाद वापस ये इंक्रीज होगा थ्री तो इस तरीके से अब जब इसका आउटपुट देखेंगे तो ये होगा वन अगली बार टू अगर आप इस फंक्शन को और भी कॉल करते जाएंगे तो अगली बार थ्री इस तरीके से इंक्रीज होगा तो इससे ये पता लगता है कि स्टेटिक वेरिएबल जब हमने स्टेटिक कीवर्ड लोकल वेरिएबल पे अप्लाई किया तो इसकी वैल्यू प्रोग्राम के एग्जीक्यूशन के दौरान प्रोग्राम के एंड तक बनी रहती है मींस अगर ये फंक्शन कॉल में लोकली यूज किया गया है तो फंक्शन कॉल अगर कई बार होता है तो फंक्शन के कॉल हर बार फंक्शन कॉल होने पर भी इसकी वैल्यू जो रती है व बनी रहती है फंक्शन कॉल होने पर जब कंट्रोल फंक्शन से बाहर जाता है तो इसकी वैल्यू डिस्ट्रॉय नहीं होती है तो इस तरीके से ये जब लोकल लोकली हम यूज करेंगे स्टेटिक स्टोरेज क्लास का तो क्या फर्क पड़ेगा यह हमने इस प्रोग्राम से देखा अब हम देखते हैं ग्लोबल वेरिएबल के लिए अगर हम ग्लोबल वेरिएबल के लिए स्टेटिक स्टोरेज क्लास का यूज करेंगे तो क्या फर्क पड़ेगा उस पर हम देखते हैं क्योंकि इसके पहले हमने प्रोग्राम देखा इसके पहले हमने जो इसके पहले हमने जो देखा था स्टोरेज क्लास वो था एक्सटर्नल तो एक्सटर्नल में मैंने बताया था कि ये ग्लोबल होता है इट मींस आप सभी फंक्शन के बाहर उसको बनाते हैं और वह पूरे प्रोग्राम में यूज हो सकता है साथ ही दूसरे फाइल पर भी यूज हो सकता है एक्सटर्न कीवर्ड के साथ लेकिन अगर हम ग्लोबल वेरिएबल पर स्टेटिक कीवर्ड लगाते हैं मतलब स्टेटिक स्टोरेज क्लास के साथ यूज करते हैं तो उसका क्या फर्क पड़ेगा अगर हम लिखते हैं इंट ए इक्वल 100 मान लीजिए ये किसी फाइल पर है और इसके अंदर कई फंक्शन है मेन फंक्शन वन फंक्शन टू कई फंक्शन है और हमने इस पर लगा दिया स्टेटिक कीवर्ड तो इस तरीके से ग्लोबल वेरिएबल पर अगर हम स्टेटिक कीवर्ड का यूज करते हैं मतलब ग्लोबल वेरिएबल को स्टेटिक स्टोरेज क्लास के साथ अगर हम बनाते हैं तो इसका मतलब ये होगा कि वो ग्लोबल तो रहेगा इस प्रोग्राम के लिए केवल एक प्रोग्राम के लिए एक फाइल के लिए लेकिन अब आप इस वेरिएबल का यूज जैसा कि एक्सटर्न में होता था आप दूसरे फाइल पर इस वेरिएबल का यूज एक्सटर्न कीवर्ड के साथ कर सकते थे लेकिन जब हमने स्टेटिक इस पर लिख दिया तो आप यह वेरिएबल ग्लोबल है केवल इस प्रोग्राम के लिए इस फाइल के लिए इस फाइल पे आप इस वेरिएबल का यूज तो कर सकते हैं लेकिन अब इस वेरिएबल का यूज आप दूसरी प्रोग्राम फाइल पर नहीं कर सकते इवन एक्सटर्न कीवर्ड के साथ भी नहीं कर सकते मतलब यह केवल अपने प्रोग्राम या फिर अपने फाइल के लिए ही ग्लोबल है अब इसका यूज दूसरे फाइल पर नहीं किया जा सकता तो इस तरीके से जब हम एक्सटर्न कीवर्ड यानी ग्लोबल वेरिएबल एक्सटर्न स्टोरेज क्लास के साथ बने ग्लोबल वेरिएबल पर स्टैटिक कीवर्ड का यूज करते हैं या स्टेटिक स्टोरेज क्लास का यूज ग्लोबल वेरिएबल प करते हैं तो उस वेरिएबल का यूज दूसरे फाइल पर नहीं किया जा सकता जबकि एक्सटर्न जब होता है स्टेटिक ना लगाया जाए तो इसका यूज दूसरे फाइल पर भी किया जा सकता है तो इस तरीके से इसकी जो विजिबिलिटी है इस फाइल के लिए या जो इसका लाइफ टाइम है इस प्रोग्राम पर तो बने रहता है इस फाइल पर लेकिन दूसरे फाइल के लिए यूज नहीं होता बाकी इसकी वैल्यू भी ज अगर हम स्टेटिक के साथ बनाए तो इसकी वैल्यू भी जो इनिशियल वैल्यू होती है व जीरो ही होती है तो आज के इस प्रोग्राम में हमने स्टोरेज क्लासेस के बारे में देखा किस तरीके से ऑटोमेटिक रजिस्टर एक्सटर्न और यहां पर स्टेटिक स्टोरेज क्लास का यूज किया जा सकता है आगे हम आपको और वीडियो ट्यूटोरियल देंगे जिसके बारे में आपको ग्लोबल एंड लोकल वेरिएबल के बारे में बता एंगे कि किस तरीके से ग्लोबल और लोकल जो कि हमने यहां पढ़ लिया है लेकिन इसके बाद डील के लिए प्रोग्राम देखेंगे जिसमें ग्लोबल और लोकल वेरिएबल की बारे में पढ़ेंगे और एक प्रोग्राम द्वारा समझेंगे उनके स्कोप को तब तक के लिए आप हमारी वेबसाइट e for.com प लॉगइन कर सकते हैं तब तक के लिए बाय

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