सभी को नमस्कार। स्वागत है आप सभी का आशु घई 11 12th पे जहां पर मैं आशु घई आपको दिल और दिमाग से पढ़ाता हूं। आई होप आप लोग फिट एंड फाइन और आज के बेहतरीन वन शॉट लॉज़ ऑफ मोशन के लिए मिले। बहुत टाइम से आप सब इसका इंतजार कर रहे थे। मैं आपके कमेंट सेक्शन पढ़ता रहता हूं। ऐसा मत समझिएगा। बस सबका रिप्लाई नहीं कर पाते। लेकिन कमेंट्स में मैं बहुत ज्यादा देख रहा था कि लॉज़ ऑफ़ मोशन के लिए बहुत विचलित हो रहे थे आप लोग। तो मैं उसका वन शॉट आपके लिए लेके आया हूं। इस वन शॉट में हम लोग ऑब्वियस सी बात है बीच-बीच में कुछ एक्सपेरिमेंट्स भी करेंगे। कुछ मस्ती भी करेंगे ताकि आप बोर ना हो। लेकिन सबसेेंट बात ये चैप्टर एक्चुअली में अभी तक आईवी सीरीज का वन ऑफ दी मोस्टेंट चैप्टर में से एक है। बिकॉज़ एक तो ये वेटेज बहुत रखता है। प्लस आपके एंट्रेंस एग्जाम में इससे सवाल बहुत ज्यादा क्रेजी लेवल पे आएंगे और आगे वाले चैप्टर्स को कहीं ना कहीं ये चैप्टर अफेक्ट करेगा क्योंकि यहां पे आप बहुत कुछ नया सीखोगे फोर्सर्सेस के बारे में। तो खैर शुरू का जो 15 20 मिनट है वो नाइंथ क्लास की फीलिंग होगी क्योंकि नाइंथ क्लास में भी आपने फोर्स एंड लॉज़ ऑफ मोशन पढ़ा हुआ है। बट आगे की सारी जर्नी बहुत डिफरेंट रहने वाली है। क्योंकि अब आपके एग्जाम में कंपटेंसी बेस्ड लेवल के क्वेश्चंस आने वाले हैं। तो मैं चैप्टर के एंड में अगर आपने ये चैप्टर देख रखा है पहले तो मुझे पता है बहुत सारे बच्चे चैप्टर को करने के साथ-साथ क्वेश्चन आंसर्स करने के लिए भी इन वन शॉट्स में आ रहे हैं। तो अगर आपने ये चैप्टर पहले से ही कर रखा है तो आप इस चैप्टर के एकदम लास्ट में जाओ। मैं आपसे वापस से मिलूंगा इन्हीं कपड़ों में और मैं आपको इस चैप्टर के इंपॉर्टेंट क्वेश्चन कराऊंगा। यानी पहले हम लोग पूरा चैप्टर पढ़ेंगे अच्छे से और फिर हम लोग उसके बाद सारे के सारे क्वेश्चन आंसर्स को इकट्ठा करेंगे इस चैप्टर के कुछ 20-2 क्वेश्चंस करने वाले हैं। फिर आप सबको पता है कि मैंने यूनिट्स एंड मेजरमेंट और मोशन इन अ स्ट्रेट लाइन के क्वेश्चन डाल दिए हैं। अब ऐसे में मोशन इन अ प्लेन और लॉज़ ऑफ मोशन। इसलिए पहले मैं बीच में वन शॉट डाल रहा हूं ताकि मैं मोशन इन अ प्लेन और लॉज़ ऑफ मोशन के इंपॉर्टेंट क्वेश्चंस भी डाल सकूं। तो उसमें हम और इंपॉर्टेंट क्वेश्चंस करने वाले हैं लेकिन ये भी उतने ही इंपॉर्टेंट होंगे जितने वो वाले क्वेश्चन होंगे। तो चैप्टर के एकदम लास्ट में हम लोग इसके क्वेश्चन आंसर करेंगे। चलिए मिलते हैं। लेकिन पहले आप पूरा वन शॉट दिल और दिमाग से देख लो। अभी-अभी अभी वन गो में देख लेना अच्छा वन शॉट है और फिर मिलते हैं क्वेश्चन आंसर्स के लिए। चलो। आज हम लोग लॉज़ ऑफ मोशन के वन शॉट को कंप्लीट करने वाले हैं। थोड़ा सा बड़ा चैप्टर है एज़ कंपेयर टू बाकी तीनों चैप्टर। बट फिर भी पहले वाला जो हिस्सा है इसका पार्ट वन। आप ऐसा कह सकते हो कि लॉज़ ऑफ मोशन को दो हिस्सों में बांटा जा सकता है। मतलब हम बांट रहे हैं इसको पार्ट वन और पार्ट टू। ये जो पार्ट वन है पूरा का पूरा ये कौन सी क्लास का है भैया? नाइंथ क्लास का। और पार्ट टू हमारा नया है। नाइंथ क्लास में जितना भी हमने फोर्स एंड लॉस ऑफ मोशन पढ़ा था वो एग्जैक्टली सेम है। तो उस वाले पार्ट को थोड़ा सा फास्ट पढ़ाएंगे विद सम छोटे-मोटे डेमोंस्ट्रेशन। फिर पार्ट टू पे मेनली हम लोगों को मेहनत करनी होगी। चलो आओ। तो सबसे पहले चैप्टर में क्योंकि चैप्टर का नाम है लॉस ऑफ मोशन। और यहां पे मेनली हम लोग किसके बारे में बात करने वाले हैं भाई? फोर्स के बारे में। अब ये फोर्स क्या है? तो हम सब जानते हैं कि पुश और पुल ऑन एनी ऑब्जेक्ट इज कॉल्ड फोर्स। फोर्स का मतलब है किसी भी ऑब्जेक्ट को धक्का मारना या किसी भी ऑब्जेक्ट को खींचना। इसे क्या कहा जाता है? फोर्स कहा जाता है। सबसे इंटरेस्टिंग बात ये है कि फोर्स को इफेक्ट से कोई लेना देना नहीं होता। जैसे अगला चैप्टर है हमारा वर्क। वर्क को इससे लेना देना है कि क्या हो रहा है। लेकिन फोर्स को इससे लेना देना नहीं होता। फोर्स सिर्फ है किसी भी ऑब्जेक्ट पे पुल या किसी भी ऑब्जेक्ट पे पुश। जैसे कि अगर आप सब पेन को खोलने के लिए भी उस पे क्या अप्लाई करते हो? फोर्स। एक प्रकार से आप उसे पुल कर रहे हो। और पेन को बंद करने के लिए आप उसका ढक्कन को पुश कर रहे हो। आप जब सीढ़ियां चढ़ते हो तो आप जमीन को सीढ़ियों को नीचे की तरफ क्या करते हो? पुश करते हो। आप गेट खोलने के लिए पुश या पुल करते हो। खड़े होने के लिए धरती को नीचे की तरफ पुश करते हो। तो हम रोजमर्रा के जीवन में बहुत बार-ब बहुत अलग-अलग जगह पे क्या अप्लाई करते हैं? फोर्स। क्या बोलने के लिए भी फोर्स लगती है? सर। बिल्कुल क्या पलक झपकाने के लिए भी फोर्स लगती है? तो फोर्स तो भैया पुश और पुल है। किसी और अगर मैं इस दीवार को धक्का मारूंगा तो कुछ भी नहीं होगा। लेकिन वहीं पे अगर मैं फुटबॉल को लात मारूंगा तो क्या फुटबॉल मोशन में आ जाएगी? यस। मे बी यस। द पॉइंट इज कि फोर्स को इससे कोई लेना देना नहीं है कि क्या हो रहा है। बस अगर आप किसी भी ऑब्जेक्ट को पुल या क्या कर रहे हो? पुश, तो हम क्या कह देंगे? फोर्स से। एग्जांपल दुनिया जहान के लिखे हुए हैं। अब फोर्स क्या-क्या कर सकती है? तो फोर्स बहुत सारी चीजें कर सकती है। कुल मिला के पांच चीजों में उसे डिवाइड किया गया है। पहला है कि फोर्स जो है वो एक रुके हुए ऑब्जेक्ट को चला सकती है। बहुत बेसिक बात है। साइकिल रुकी हुई है। आपने पैडल मार के फोर्स लगाई चल पड़ी। फुटबॉल रेस्ट पे थी। आपने लात मारा चल पड़ा। बहुत बेसिक बात है। क्या फोर्स एक रुके हुए ऑब्जेक्ट को अगर चला सकती है तो क्या ये किसी चलते हुए ऑब्जेक्ट को रोक भी सकती है? तो आंसर है यस। उसी साइकिल पे अगर मैं ब्रेक मार दूंगा तो क्या अ साइकिल रुक जाएगी? अच्छा अगर ब्रेक नहीं है तो पैरों से रोक सकते हैं? बोलो बेटा। यस सर। क्या वो किसी से टकरा जाएगी तो रुक जाएगी? सर। बोलो बेटा। बट ब्रेक मारने के लिए हमें फ्रिक्शन की जरूरत पड़ेगी। क्या पड़ेगी? फ्रिक्शन। चाहे वो मैं एक्चुअल ब्रेक मार दूं, चाहे वो मैं पैरों से मारूं। या वो किसी से टकरा जाए। हम तो किसी और ने किसी और प्रकार से फोर्स लगा दी। बट क्या मुझे क्या मैं फोर्स लगा के किसी रुके हुए ऑब्जेक्ट को चला सकता हूं और किसी चलते हुए ऑब्जेक्ट को रोक भी सकता हूं? सर। क्या हम लोग फोर्स लगा के वेलोसिटी की डायरेक्शन को चेंज कर सकते हैं? तो आंसर आया। मुझे ऐसा लगता है जितने भी बॉल वाले गेम हैं। जनरली सभी बॉल वाली गेम्स में हम डायरेक्शन तो क्या कर रहे हैं? चेंज। चाहे टेबल टेनिस हो गया। चाहे लॉन टेनिस हो गया। चाहे क्रिकेट हो गया। क्रिकेट में क्या है? डायरेक्शन क्या हो रही है? चेंज हो रही है। हॉकी, फुटबॉल, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल इन सब में बेसिकली हम फोर्स लगा के डायरेक्शन को क्या कर रहे हैं? चेंज कर रहे हैं। क्रिकेट इसका मुझे लगता है बहुत अच्छा एग्जांपल हो सकता है। या फिर साइकिल पे, हैंडल पे फोर्स लगा के उसकी डायरेक्शन को चेंज कर देना। बहुत सारे एग्जांपल्स हैं इसके। फोर्स जो है वो स्पीड को भी चेंज कर सकती है। अगेन ऑब्वियस सी बात है। एंड लास्ट बट नॉट द लीस्ट फोर्स जो है वो शेप और साइज को भी चेंज कर सकती है। अब जो आपने कररेक्टर्स पढ़े ध्यान से सुनना। ये जो पहला था कि फोर्स एक रुके हुए ऑब्जेक्ट को चला सकती है। फोर्स एक चलते हुए ऑब्जेक्ट को रोक सकती है। फोर्स डायरेक्शन को चेंज कर सकती है और फोर्स स्पीड को चेंज कर सकती है। इन चारों को मिला के हम फिजिक्स में कह देते हैं स्टेट ऑफ मोशन। क्या कह देते हैं? स्टेट ऑफ मोशन। या सिर्फ स्टेट भी कह देते हैं। सिर्फ स्टेट भी कह देते हैं। अब केमिस्ट्री में तो स्टेट का मतलब बहुत अलग है। अगर मैं पूछूं आपसे या आलू का स्टेट क्या है? आप कहोगे रेस्ट पे। क्योंकि अभी हम फिजिक्स पढ़ रहे हैं। लेकिन चैप्टर चल रहा है मान लो स्टेट्स ऑफ मैटर। या केमिस्ट्री में आपसे पूछूं कि ये कौन सी स्टेट में है? तो आप बोलोगे सॉलिड स्टेट में थोड़ा बहुत अंदर लिक्विड भी होगा। बट सॉलिड है मेनली। द पॉइंट इज़ कि स्टेट का मतलब यहां पे है कि भैया कोई ऑब्जेक्ट रुका हुआ है, चल रहा है, उसकी स्पीड क्या है? उसकी डायरेक्शन क्या है? लेकिन लास्ट वाला जो है उसको तो हम लोग क्या ही कहेंगे भैया? शेप और साइज। क्या ही कहेंगे? शेप और साइज। शेप साइज। ये सब कहेंगे। अब आप मुझे बताओ क्या मैं ऐसा कह सकता हूं कि फोर्स जो है वो किसी भी ऑब्जेक्ट की स्टेट को या फिर शेप साइज को चेंज कर सकती है। ये पांचों बोलने से बढ़िया है मैं ऐसा कह दूं कि फोर्स किसी भी ऑब्जेक्ट की स्टेट को या फिर शेप साइज को क्या कर सकती है? चेंज कर सकती है। और उसी हिसाब से हमारे पास फोर्स दो प्रकार की आती हैं। अगेन हमने पहले भी पढ़ रखा है बैलेंस्ड और अनबैलेंस्ड। आओ समझ लेते हैं एक-एक एग्जांपल से। अगर मेरे पास यहां पे एक ऑब्जेक्ट है और इस ऑब्जेक्ट का कुछ मास है और मैं यहां पे लगाता हूं 50 न्यूटन। ऑब्वियस सी बात है यहां पे फ्रिक्शन भी होगी बट अभी हम अस्यूम कर रहे हैं देयर इज नो फ्रिक्शन। इस चैप्टर से हमें फ्रिक्शन को पढ़ना स्टार्ट करना है बट तब तक हम मान के चलेंगे दुनिया में फ्रिक्शन नहीं है तो फ्रिक्शन नहीं है। तो क्या ये ऑब्जेक्ट राइट डायरेक्शन में चलने लग जाएगा? अरे बोलो अब कोई फ्रिक्शन नहीं है ना। तो मैं इस अगर पॉइंट 01 न्यूटन भी लगात पाता या इससे कम भी लगाता तो भी क्या चलने लग जाता? यस। हां भैया, चलने लगा। फ्रिक्शन तो है नहीं। 50 न्यूटन की फोर्स लगाई है। ये ऑब्जेक्ट इस डायरेक्शन में चलने लग जाएगा। तो इस पे जो नेट फोर्स है वो जीरो नहीं है। तो ये क्या होगी? अनबैलेंस्ड फोर्स। क्या होगी? अनबैलेंस्ड। लेकिन अगर मैं इस पे इधर से कितने न्यूटन की फोर्स लगा दूं? 50। तो क्या ये 50-50 को कैंसिल कर देगा? सर। फोर्स एक वेक्टर क्वांटिटी है। वेक्टर ऑोजिट डायरेक्शन में कैंसिल होते हैं। रिलेटिव वेलोसिटी को मत घुसेड़ना इसमें। तो, 50 और 50 क्या एक दूसरे को कैंसिल करके नेट फ़ोर्स कितनी हो जाएगी? 0 न्यूटन हो जाएगी। तो क्या ये ऑब्जेक्ट पे अभी जो फोर्स लग रही है वो बैलेंस्ड है? यस, बैलेंस्ड है। मैं क्या अभी जमीन पे कोई फोर्स लगा रहा हूं? बेटा, हां। इसको वेट बोलते हैं। तो मैं नीचे क्यों नहीं जा रहा? क्योंकि जमीन भी मुझ पे एक रिएक्शन फोर्स लगा रही है, नॉर्मल रिएक्शन फ़ोर्स लगा रही है। जो मर्ज़ी कह लो। द ओनली पॉइंट इज कि अगर मैं आपको बोलूं कि यार लेट से कोई भी एक चीज के इस बॉटल के बारे में बात कर लो मैं तो ये किसी और चीज के लिए लाया मतलब। लेकिन अगर मैं इस बोतल को दोनों तरफ से दबाऊंगा तो ये बोतल लेफ्ट जा रही है या राइट जा रही है? कहीं नहीं जा रही। क्यों नहीं जा रही? क्योंकि क्योंकि हो सकता है मैंने इस पे क्या लगाई हो? बैलेंस्ड फोर्स। इधर से भी लगाया हो 50। इधर से भी लगाया हो 50। बट क्या इससे इसकी शेप बदल सकती थी? अगर यही प्लास्टिक की बोतल के बजाय ये ग्लास होता और मैं यहां पे 20 न्यूटन की फोर्स लगाता तो क्या शेप बदल जाती? क्या स्टेट बदली स्टेट बदली? स्टेट बदली? क्या ये रुका हुआ था? रुका हुआ है? क्या इन पांचों में से इन चारों में से कुछ बदला क्या? नहीं बदला। बट क्या बदल गया इसका? शेप और साइज। तो चलो बताओ ट्रू या फॉल्स? आप ऑनलाइन वाले बच्चे भैया मतलब जो वन शॉट देख रहे हैं वो कमेंट में बताओ। ट्रू या फॉल्स? बैलेंस्ड फोर्स सिर्फ ये चेंज कर सकती है। बताइए। यस, यस, सर। ट्रू है? यस, सर। बैलेंस फ़ोर्स यह नहीं कर सकती, भाई, ध्यान रखना। बैलेंस फ़ोर्स चलते हुए ऑब्जेक्ट को रोक नहीं सकती, रुके हुए ऑब्जेक्ट को चला नहीं सकती, डायरेक्शन चेंज नहीं कर सकती, स्पीड चेंज नहीं कर सकती। बैलेंस फ़ोर्स सिर्फ और सिर्फ क्या कर सकती है? शेप और साइज़। बिल्कुल सही है। लेकिन फिर आती है हमारे पास कौन सी फ़ोर्स? अनबैलेंस। अब अनबैलेंस फोर्स को लेके बच्चों को बहुत कंफ्यूजन है। ऑलदो ये टॉपिक 11th क्लास के बच्चों को करवाना नहीं चाहिए। क्योंकि ये तो बहुत बेसिक टॉपिक है। पर फिर भी बच्चों को कंफ्यूजन है। चलो। सबसे पहली बात मैंने यहां पे लगाई 50 न्यूटन। तो ऑब्वियस सी बात है ये अनबैलेंस है। बट मान लो मैं यहां से लगा दूं 10 न्यूटन। तो क्या ये अभी भी अनबैलेंस्ड है? सर। अनबैलेंस्ड फोर्स का मतलब है नेट फोर्स जीरो नहीं है। चलो अब मुझे बताओ अनबैलेंस्ड फोर्स क्या कर सकती है इन पांचों में से? क्या वो ये पांचों कर सकती है? या वो सिर्फ चार कर सकती है या पांचवा नहीं? बताइए भाई। कौन बच्चा कह रहा है पांचवा नहीं कर सकते? आंसर है अनबैलेंस फोर्स चाहे तो सब कर सकती है। चाहे तो, चाहे तो। आओ समझते हैं इसको कैसे। क्योंकि बच्चों को लगता है यार अगर अनबैलेंस्ड फोर्स लगाई है तो ऑब्जेक्ट तो चल पड़ेगा एक तरफ। बड़ा-बड़ा बेसिक सा सवाल पूछता हूं चलो आपसे। सवाल क्या है देखो, अगर मैं इसी प्लास्टिक के ग्लास की बात करूं, इसी प्लास्टिक के ग्लास की बात करूं। मान लो मैं ये प्लास्टिक का ग्लास लेता हूं। अब इस प्लास्टिक के ग्लास को अगर मैं यहां से 1 न्यूटन की फोर्स लगाता हूं। 1 न्यूटन की तो क्या ये मूव कर रहा है? पर क्या इसकी शेप और साइज चेंज हो रही है? सर। अरे बोलो। नो सर। तो ये बैलेंस फोर्स है या अनबैलेंस्ड है? अनबैलेंस्ड है। अनबैलेंडस्ड है। अच्छा। लेकिन अगर मैं इधर से भी 1 न्यूटन लगाऊं, इधर से भी 1 न्यूटन लगाऊं तो इसकी क्या चेंज हो गई? शेप। तो ये फोर्स कौन सी है? वो भी हमने पढ़ा। लेकिन अगर मैं इधर से लगाऊं पांच और इधर से लगाऊं तीन। तो क्या? ध्यान से सुनना। इधर से कितनी है? पांच। इधर से कितनी है? तीन। पांच और तीन में से क्या तीन तीन कैंसिल हो गई? लेकिन क्या इधर से दो एक्स्ट्रा बच गई? तो क्या ये इसको दबाएगी भी और आगे भी लेके जाएगी? समझ रहे हो कहने का मतलब क्या है? द पॉइंट इज द पॉइंट इज कि अगर मेरे पास अगर मेरे पास यहां से 50 न्यूटन की फोर्स है। यहां से 10 न्यूटन की फोर्स है। तो इसमें से 50 में से जो 10 बचा 10 बचा। 10 बचा। 10 ने 10 को क्या कर दिया? बैलेंस। 10 ने 10 को क्या कर दिया? अब वो 10 और ये 10 हो सकता है इसकी शेप को चेंज कर दे। लेकिन बाकी कितना बचा? 40. तो, वह 40 तो इसको धकेलेगा ना? यस, सर। तो, मैंने आपको यहां पे इसका एक एग्ज़ांपल दिया था। यह वाला कट गया होगा। मैंने दूसरा कैमरा कर रखा था। अगर 50 में से 10 इधर लग रहा है और 10 इधर लग रहा है, तो 10 और 10 ने तो बैलेंस कर लिया। लेकिन कितना बच गया? 40। ये 40 वाला तो इसको मूव करेगा। अरे बोलो भाई। यस सर। मैंने क्या एग्जांपल दिया था आपको कि मैंने कहा था यहां पे एक रिक्शा है। पेड बैच में एग्जांपल दिया था। यहां पे क्या है? एक? रिक्शा। रिक्शा है। और यहां से एक आ रहा है ट्रक। यहां से एक आ रहा है ट्रक सेम वेलोसिटी से। क्या करेंगे? पिचका देंगे इसको। बैलेंस फोर्स लग गया लगभग। लेकिन यहां से आ रहा है एक ट्रक। यहां से आ रहा है एक छोटी सी गाड़ी। छोटी सी गाड़ी। छोटी सी गाड़ी। नाम नहीं ले रहा छोटी सी गाड़ी। कोई भी छोटी गाड़ी है। सबसे छोटी गाड़ी है। नाम नहीं ले रहा बेटा। सबसे छोटी गाड़ी है। अब बताओ ये आए ये आए। क्या अब रिक्शा पिचकेगा? यस। बट क्योंकि अब ट्रक ज्यादा फोर्स लगाएगा लेट से। तो क्या वो रिक्शे को और उस छोटी गाड़ी को साथ भी ले जाएगा और रिक्शा पिचक भी जाएगा। तो इस यानी गलतफहमी नहीं पालनी है। गलतफहमी नहीं पालनी है बेटा। बैलेंस फोर्स सिर्फ क्या चेंज कर सकती है? शेप और साइज को। लेकिन अनबैलेंस्ड फोर्स चाहे तो सब कर सकती है जो उनका मन करे। तो ये हमने 50 न्यूटन लगाया। ये हमने 10 न्यूटन लगाया। इस पे जो नेट फोर्स है वो जीरो नहीं है। अगर जीरो नहीं है तो ये कौन सी फोर्स है? अनबैलेंस फोर्स। अनबैलेंस्ड फोर्स सब कर सकती है। समझ गए? समझ गए क्या? ठीक है जी। आ जाओ भाई। न्यूटन जी का कौन सा लॉ हो गया? न्यूटन जी का फर्स्ट लॉ क्या कहता है? न्यूटन जी का फर्स्ट लॉ जिससे हम एक प्रॉपर्टी को भी समझते हैं और वो प्रॉपर्टी है इनर्शिया। बहुत गलत लगता है बच्चों को कभी कबभार। कभी कबभार बच्चों को लगता है कि इनर्शिया ही फर्स्ट लॉ है। दोनों में फर्क है। आओ बात मतलब फर्क मतलब दोनों कहना एक ही बात चाहते हैं। बट वैसे फर्क है। आओ समझिए। फर्स्ट लॉ ऑफ मोशन क्या कहता है? नाइंथ क्लास से पढ़ते आ रहे हैं। ये कहता है अगर एक ऑब्जेक्ट किसमें है? रेस्ट पे। और अगर एक ऑब्जेक्ट किसमें है? मोशन में। तो, अगर वह रेस्ट पे है, तो किस पे रहना चाहेगा? रेस्ट पे। अगर वह मोशन में है, तो किस पे ही रहना चाहेगा? मोशन में ही। वो भी कहां? स्ट्रेट लाइन। वो भी कहां? सेम वेलोसिटी से। कब तक? जब तक उसके ऊपर कोई एक्सटर्नल फोर्स नहीं लगाई जाती। कब तक? जब तक उसके ऊपर कोई एक्सटर्नल फोर्स नहीं लगाई जाती। यानी कि कहने का मतलब यह है कि अगर हमारे पास एक ऑब्जेक्ट है रेस्ट पे इफ एनी ऑब्जेक्ट इज एट रेस्ट विल रिमेन एट रेस्ट। इफ एनी ऑब्जेक्ट इज इन मोशन विल कंटिन्यू बी इन मोशन विद सेम स्पीड एंड सेम डायरेक्शन। अंटिल वी अप्लाई एनी एक्सटर्नल फोर्स टू इट। एनी एक्सटर्नल फोर्स। कब तक? जब तक हम उसके ऊपर कोई एक्सटर्नल फोर्स नहीं लगाते। नाइंथ क्लास का बच्चा एक्सटर्नल फोर्स को समझने में थोड़ा प्रॉब्लम करता है। आप सब तो समझते हो एक्सटर्नल का मतलब क्या होता है? चलो आप मुझे बताओ आप सबकी ना गाड़ी आप एक गाड़ी में जा रहे थे। आप और आपके पापा और गाड़ी खराब हो गई। पंचर हो गया जो मर्जी हो गया। पेट्रोल खत्म हो गया। अब आप बताओ क्या गाड़ी के अंदर बैठे-बैठे गाड़ी को धक्का मारा जा सकता है आगे? क्यों? बहुत सारी फिजिक्स है इसके अंदर। इसको डिटेल में लेके जाऊंगा। एक घंटा इसी में लग जाएगा। टू बी वेरी ऑनेस्ट। बट आंसर है नो। अगर आप गाड़ी के अंदर बैठे-बैठे गाड़ी को धके तो गाड़ी आगे। हां, एक तरीका है गाड़ी के अंदर बैठे हुए भी आप गाड़ी को आगे धकेल सकते हो छलांगे मार मार के। बट मैं फिर कह रहा हूं उसको डिटेल में नहीं लेके जाएंगे। इतना समझो आपको गाड़ी से उतरना पड़ेगा। गाड़ी के बाहर आ के कौन सी फोर्स लगानी पड़ेगी? एक्सटर्नल। कौन सी? एक्सटर्नल। आपको अगर मैं बहुत बड़े गत्ते के डब्बे में बंद कर दूं। उसका बेस हो नीचे और मैं बोलूं, गत्ते के डब्बे को धकेलो तो आप धकेल पाओगे? नहीं धकेल पाओगे। क्योंकि आप इंटरनल फोर्स लगा रहे हो। कौन सा फोर्स लगा रहे हो? इंटरनल। इंटरनल फोर्स लगा रहे हो। अगर आप गत्ते के डब्बे को धकेलना है तो बड़ा आसान है। बस बाहर आके धकेलना पड़ेगा। हल्के से हाथ से भी धकेल दोगे। तो कौन सी फोर्स है? एक्सटर्नल। एक सवाल पूछा गया था। एनसीईआरटी का ये सवाल है। मैंने पूछा था इंटरनेट पे भी ये सवाल कि अगर एक ट्रॉली चल रही है 2 मीटर पर सेकंड से और उसके अंदर एक बोरी है जिसमें आटा है। अब अगर बोरी में छेद हो गया और आटा गिरने लगा। लेकिन गिर ट्रॉली में ही रहा है। समझ गए सिचुएशन? तो बताओ ट्रॉली की स्पीड पे क्या फर्क पड़ेगा? कोई फर्क नहीं पड़ेगा। बिकॉज़ आटा ट्रॉली से ही गिर के बोरी से ही गिर के वही ट्रॉली में ही गिर रहा है बाहर। अबे बोलो बे। यस सर। अगर आटा कहां गिर रहा होता? तो फर्क पड़ सकता था। क्योंकि मास कम हो रहा है। एव्री एक्शन हैज़ वो भी लगेगा। द पॉइंट इज़ फिर फर्क पड़ता। बट आटा गिर कहां रहा है? उससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। क्योंकि आपको फोर्स कौन सी लगानी है? एक्सटर्नल। तो इफ अ बॉडी इज एट रेस्ट विल रिमेन एट रेस्ट। इफ अ बॉडी इज इन मोशन विल कंटिन्यू बी इन मोशन विद सेम स्पीड वेलोसिटी इन सेम डायरेक्शन अंटिल वी अप्लाई एक्सटर्नल फोर्स। आओ समझते हैं इसको कुछ चीजों से। सबसे पहले अगर एक पर्सन बस में होता है। देखो बेटा अगर मैं आपको ऐसे बोलूं कि मान लो ये जो ये जो रजिस्टर है ये हमारे लिए एक बस है। कौन है? बस है। और ये आप इसमें बस पे खड़े हुए हो। बहुत ज्यादा बड़े हो आप लेकिन कोई बात नहीं ठीक है अब आप मुझे बताओ क्या हम आपकी बॉडी के तीन हिस्से कर दें ये है लोअर बॉडी ये है अप्पर बॉडी ऐसा कर दें ये आपके पैर है और ये आपके मुंडी है ठीक है सर अब होता क्या है सुनो यहां दिख रहा है चलो ठीक है अब सुनो अगर बस धीरे धीरे धीरे धीरे धीरे धीरे चलेगी चलेगी चलेगी चलेगी तो क्या होगा बस पे फोर्स लग रही है ना अरे इंजन लगा रहा है ना सर और बस के साथ आपके पैर किस में है कांटेक्ट में तो देयर इज़ फ्रिक्शन देयर इज फ्रिक्शन। तो आपकी लोअर बॉडी भी बस के साथ आगे चलती है। एक प्रकार से आपकी लोअर बॉडी बस का हिस्सा है क्योंकि फ्रिक्शन है। लेकिन अपर बॉडी क्या कहती है कि नहीं भैया न्यूटन जी ने क्या बोला है? अगर आप पे फोर्स नहीं लगी तो आपको किस पे रहना है? तो ये चाहती है कि रेस्ट पे रहे। लेकिन अगर ये काम धीरे-धीरे होगा तो इनके बीच में इंटरेक्शन होगा। इसको समय मिलेगा। लेकिन अगर ये काम एकदम से हुआ। तो अब आप मुझे बताओ जब बस एकदम से आगे चलती है तो इंसान पीछे गिरता है या उसकी लोअर बॉडी आगे जाती है? गहरी बात है। आज के बाद बस में कोई गिरे तो ये मत बोलना वो पीछे गिर गया। नहीं गलत है। बोलना उसकी टांगे आगे चली गई। अगर इसमें कोई मजाक कर रहा हूं तो आओ चेक कर लो। ये देखो। ये बस है। ये आपकी लोअर बॉडी है। ये आपकी अप्पर बॉडी। ध्यान से अप्पर बॉडी को देखो। वो तो वही है। अबे देखो मरो ना पर ये मुंडी है ना तुम्हारी ये देखो मुंडी तो वहीं गिरी है। तो आप पीछे कहां गिरे हो? आपकी टांगे आगे गई है बे। देखो कौन आगे गया है? बात समझ गए क्या? क्योंकि लेकिन अब आपका गिरने से बचाना है तो। आप अपनी अप्पर बॉडी को भी बस के कांटेक्ट में ले आओ। ऊपर से हैंडल पकड़ लो। बात समझ में आ गई बेटा? अच्छा। अब बस देखो आप आप गिरे। आपका ओरा माइनस में चला गया। ठीक है? लेकिन आप अपने आप उठे। आपने मुश्किल से अपने आपको उठाया, उठाया, उठाया, उठाया, उठाया, उठाया, उठाया, उठाया, उठाया, उठाया, उठाया, उठाया और बस एकदम से रुक गई। कैमरा तो नहीं चेंज हो गया? नहीं। बस एकदम से रुक गई। दोबारा देखते हैं आओ। चल रही है, चल रही है, चल रही है, चल रही है, चल रही है, चल रही है, रुक गई। तो रुकने हम गिरा के रहेंगे आज इसको हम। चल रही है, चल रही है, चल रही है, चल रही है। और एकदम से रुक गई। अब क्या हुआ एक्चुअली में? क्या हमारी लोअर बॉडी और अप्पर बॉडी दोनों मोशन में थे? किस पे फोर्स लगी? बस पे लगी ना? तो बस रेस्ट पे आ गई। फ्रिक्शन की वजह से यह भी रेस्ट पे आ गई। पर आपकी अप्पर बॉडी ने क्या कहा? नहीं भैया, न्यूटन जी ने क्या बोला है? जब तक फ़ोर्स ना लगे, रुकना नहीं है। तो ये चलना चाह रही थी और आगे गिर गई। अरे बोलो बेटा। इमेजिन करते हैं आपकी बॉडी के दो हिस्से हैं एक्चुअली। आपका जो आपकी जो टांगे हैं वो आपके धड़ से कनेक्टेड ही नहीं है। तो क्या ये ऐसे अलग हो जाएंगे फिर? है ना? द पॉइंट इज़ कि बस में गिरना या ना गिरना जो भी है वो न्यूटन जी का कौन सा लॉ ही है? कौन सा लॉ है? ये सब किस्से कहानियां लिखा हुआ है। चाहे आप बैकवर्ड इसको बोलते फॉल्स बैकवर्ड है। बट मैंने आपको बता दिया गहरी बात यह है कि हम पीछे नहीं गिरते हैं। टांगे आगे जाती हैं। सही है क्या? ये उसी का उल्टा लिखा हुआ है यहां पे। ठीक है? इसके बाद बिफोर हैंगिंग वेट क्लोथ्स गीले कपड़े सुखाने से पहले ठहा करके उनको झड़ा जाता है? न्यूटन जी का कौन सा लॉ है? कपड़ा जा रहा है, पानी जा रहा है। कपड़ा जा रहा है, पानी जा रहा है। फोर्स किस पे लगा दिया आपने? कपड़े पे। तो कपड़े ने अपनी डायरेक्शन क्या कर ली? बदल ली। लेकिन पानी कहता है मैं तो वही मूव करता रहना चाहूंगा। दोनों अलग हो जाएंगे। ठीक है भैया? इसके बाद सिक्के। वो सब पता है आपको सिक्के वाला खेल। सिक्के वाला खेल पता है क्या? जैसे कि मान लो फॉर एन एग्जांपल हमारे पास यहां पे दो बॉटल्स हैं। ठीक है? ये दो बॉटल के साथ एक छोटी सा ये सब आपने देखा होगा बहुत बार। ठीक है? अब ये दो बॉटल को मैंने एक दूसरे के ऊपर क्या कर रखा है? बैलेंस। सुनो। यहां पे हमने ना एक नोट रख दिया। ये वीडियो देखी होगी आपने बहुत जगह। अब क्या है? अगर मैं अगर मैं यहां से इस नोट को हटाना चाहता हूं। तो अब पहली बात तो क्या इसके ऊपर भी काफी ज्यादा मास है? इसके ऊपर भी काफी ज्यादा मास है। बोलो। तो अगर मैं इस नोड को धीरे-धीरे खींचूंगा तो क्या वही सिचुएशन होगी जो अभी इसके साथ हुई थी? धीरे-धीरे खींचूंगा तो भैया न्यूटन जी के फर्स्ट लॉ के हिसाब से फोर्स को ऊपर जाने का क्या मिलेगा? मौका। अगर मैं धीरे-धीरे खींचता हूं, धीरे-धीरे खींचता हूं, तो ये बॉटल तो गिर जाएगी ना? क्योंकि फ्रिक्शन भी तो नाम की चीज है ना? लेकिन अगर हम इसे एकदम से खींचे, बोलो बेटा। एकदम से कैसे खींचना है? नोट को पकड़ना ऐसे नहीं खींचना है। लालची आदमी नोट से ऐसे उंगली से कटक करके ऐसे फोर्स लगानी है। ठीक है? चलो आओ दोबारा करते हैं। दोबारा करते हैं चलो मैं इधर से आऊंगा फिर तुम करोगे। जल्दी-जल्दी करेंगे लेकिन तो ये हमने ऊपर बोतल टंगा दी। एक तो ये अगर शराब में होता क्या है वो नशा तो नाचती बोतल वो तुमने मुहावरा सुना है? नहीं। शरीफ बच्चे हो। चलो यार तुम डेमो दिलाओ। सुनो। तो ऐसे करके बस तुम्हें नोट निकाल देने हैं। नोट नहीं फटेगा टेंशन लेनी है। ठीक है? सरकार अच्छे क्वालिटी के नोट बनाती है। ठीक है? नोट को एक तरह से पकड़ो। मैं बोर्ड पकड़ लेता हूं। थ्री टू वन बोल दो बस। अबे इतनी चाहिए। जल्दी करो यार। थ्री टू वन। देखो तो अब वो क्या पैसे वापस सुनो। अरे इधर तो आओ। अब आप बताओ यहां पे हुआ क्या? जल्दी बताओ। सर वो हमने फोर्स किस पे लगाई? नोड पे। नोड पे लगाई। लेकिन क्या इसके पास? अच्छा अगर एक एक लास्ट चीज अगर मैं यहां पे ये ग्लास के साथ करूं ऐसे। तो ये काम आसान हो जाएगा मुश्किल हो जाएगा? नोट से ज्यादा भारी तो तुम्हारा ये है। बोलो बेटा। मैं कर नहीं रहा पर बताओ मुश्किल हो जाएगा? क्यों हो जाएगा मुश्किल? अभी पढ़ेंगे न्यूटन जी का फर्स्ट लॉ बेहतर बिहेव करता है जब। थैंक यू बैठ जाओ। जब उसके पास क्या ज्यादा हो? मास ज्यादा हो। आपने देखा होगा न्यूटन जी के फर्स्ट लॉ के बहुत वीडियोस बना चुका हूं। एक बारी गाड़ी ले गए और पूरा वो हटा दिया कपड़े वपेड़े से यस सर। तो उसमें भी हमने क्या किया था? भारी सामान लिया था। उस हां पूरा कुकिंग सेट ले के ऐसे पार्क में चले गए और गाड़ी से कपड़ा हटा दिया। तो वहां पे भी हमने या फिर बहुत बार पानी से वो चुन्नी मुन्नी हटा रखी है। वो मैं नहीं दिखा रहा। बहुत बार कर दिया। द पॉइंट इज़ कि उनमें आपने अगर नोटिस किया तो हमने ग्लास में पानी भरा था। क्या भरा था? पानी। पानी भरा था। चलो अब जल्दी बताओ। मैं बॉडी शेमिंग नहीं कर रहा। अगर ट्रेन के अंदर बस के अंदर दो लोग हैं एक बहुत पतला और एक मोटा। खासकर ऊपर से मोटा। तो बताओ ज्यादा गिरने के चांसेस किसके होंगे? मोटे इंसान के। क्योंकि अभी हम पढ़ेंगे क्योंकि मैंने आपको यहां पे हिंट तो दे ही दिया है कि ये फर्स्ट लॉ को क्या भी कहते हैं? इनर्शिया और इनर्शिया डायरेक्टली प्रपोर्शनल होता है किसके? मास के। तो मास अगर ज्यादा होगा तो न्यूटन जी के फर्स्ट लॉ को ज्यादा बेहतर देख पाओगे। समझ गए क्या? यस सर। तो ये वही है। कैरम खेला है कभी आपने? एक तो होता है कैरम में तमीज से कॉइन लगाना। रानी वाइट ब्लैक वाइट ब्लैक वाइट एक होता है ऐसे ढेर लगा दिया ऐसे खड़ा कर दिया नीचे वाले से मारा ऊपर होता है ना ऐसा कितना रहता है तो वो ये वाला खेल है यहां पे भी आजकल बड़ी गेम भी चल रही है ये वाली है ना बोतल के नीचे सिक्का लगाओ ऐसे मारो ऐसे मारो ऐसे मारो न्यूटन जी का कौन सा लॉ है फर्स्ट लॉ है फर्स्ट लॉ है फर्स्ट लॉ है ठीक है सीट बेल्ट अगर सीट बेल्ट नहीं पहनोगे गाड़ी पे एकदम ब्रेक लगेगी तो आगे आ जाओगे चोट लग सकती है बच्चे बच्चों को पता है हेड ऑफ द हैमर कभी कबभार हैमर ढीला पड़ जाता है बोलो बेटा जैसे कि मान लेते हैं ये हमारे हमारे पास हैमर का हेड है। हैमर का। अब क्या ये एक प्रकार से हथोड़े का काम जूसी आलू है ये। सुनो क्या ये एक प्रकार से हथोड़े का काम कर रहा है। अरे यार ये हेड हो गया ना? और ये उसका हैंडल हो गया। ऐसे करके आप कील ठोक रहे हो। बोलो बेटा। तो कभी कबभार क्या होता है? कील ठोकते-ठोकते वो हैं वो जो हैमर का हेड होता है वो ढीला पड़ जाता है। क्या पड़ जाता है? तो क्या करते हैं भैया? देखा होगा आपने वो भैया ऐसे करके मारते हैं। देखा कहीं? का काम कर रहे हैं ठक ठक ठक ठक। फिर ऐसे बेटा हमारा आलू दे दो एक बारी। आपके पास आया क्या? हैं? या दूर है लक्ष्य बाबू आलू ढूंढो यार। चलो जब तक हम इस वाले आलू से करते हैं। सुनो। क्या अभी आपस में से आलू बाहर आ रहा है? नहीं। लेकिन ऐसे करके मारूंगा तो बाहर आ गया? ऐसे करके मारूंगा तो बाहर आ गया? अब ऐसे करूंगा तो कट जाएगा। फिर से आलू वहां जाएगा। लेकिन एस द ओनली द ओब द ओनली पहुंचा। आपको पता है इसका यह वाला प्रवचन भी है एक ऐसे वाला। थोड़ा देखने में गंदा लगता है ये बड़े। अरे यार बट क्या आलू ऊपर आ रहा है? गंदे बच्चे हो यार। बट क्या आलू ऊपर आ रहा है? आलू ऊपर आ रहा है? आलू ऊपर आ रहा है। क्यों आ रहा है आलू? आलू ऊपर क्यों आ रहा है? न्यूटन जी का फर्स्ट लॉ फॉलो कर रहे हैं। जिसको भी धरती पर रहना है क्या न्यूटन जी के लॉ फॉलो करने पड़ेंगे? अब इसको इससे हम ये वाला हैमर वाला क्या समझते हैं? बच्चे बड़े कंफ्यूज होते हैं ऐसे सुनो। ठोक रहे हैं ठोक रहे हैं। अब क्या हुआ सुनना जब मैंने यहां पे फोर्स लगाई तो किसको आगे धकेला? चाकू को। आलू क्या कहता है? नहीं भैया मैं तो न्यूटन जी का फर्स्ट लॉ फॉलो करूंगा। तो वो किस पे रहना चाहता है? रेस्ट पे। चाकू जाता है आगे। आलू वहीं। चाकू जाता है आगे। आलू वहीं। चाकू जाता है आगे। आलू वहीं। समझ रहे हो आप? तो हैमर में भी वो ये होता है कि भैया उसको बार-बार ठोकते हैं ताकि उनका जो हेड है वो अंदर की तरफ घुस जाए बात समझ में आ गई क्या? येस चलो अब आगे बढ़ते हैं। न्यूटन जीके फर्स्ट लॉ को एक बारी रिलेट कर लेते हैं किस से? मोमेंटम से भी आओ 5 मिनट मोमेंटम पे भी लगाओ सॉरी इनर्शिया पे भी लगा लें फिर आगे बढ़ेंगे। इनर्शिया क्या होता है? प्रॉपर्टी ऑफ सब्सटांस व्हिच रेजिस्ट दी चेंज इन स्टेट ऑफ ऑब्जेक्ट स्टेट ऑफ ऑब्जेक्ट यानी कि इनर्शिया क्या है? इनर्शिया एक ऐसी प्रॉपर्टी है जो किसको चेंज होने से रोकती है? स्टेट को। मतलब वो चाहती है कि अगर एक ऑब्जेक्ट रुका हुआ है तो रुका ही रहे। चल रहा है? स्ट्रेट लाइन में चल रहा है तो स्ट्रेट लाइन में। अरे यह तो कौन सा लॉ भी है? न्यूटन जी का। हां। तो न्यूटन जी का फर्स्ट लॉ लॉ है। और प्रॉपर्टी का नाम क्या दे दिया गया है? इनर्शिया। दोनों कहना सेम चाहते हैं। बट एक लॉ है और एक प्रॉपर्टी है। एक लॉ है और एक प्रॉपर्टी है। इनर्शिया कितने प्रकार का होता है? एक होता है इनर्शिया ऑफ रेस्ट। क्या होता है? इनर्शिया ऑफ रेस्ट। जो कि डायरेक्टली प्रोपोर्शनल होता है मास के। किसके मास के अब बताओ ऊपर जो बोतल ली थी वो भारी क्यों ली ताकि उसके पास इनर्शिया ज्यादा हो वो चाहे वो चाहे कि मैं रेस्ट पे रहूं हमने यहां पे आलू क्यों लिया भारी होता है अबे बोलो यस सर वो कर समझ गए वो यस सर उसमें गिलास में पानी को डाला भारी हो जाए प्लास्टिक का गिलास लेता हो जाता क्या नहीं होता बात को समझना तो इनर्शिया ऑफ रेस्ट तो अब मुझे पता होगा इनर्शिया ऑफ रेस्ट मास के डायरेक्टली प्रपोर्शनल है तो एक साइकिल और एक ट्रक किसको हिलाना आसान है? साइकिल को क्योंकि उसका मास कम है। उसका मास कम है। बेसिक सवाल है सर हम तो 11th में आ गए। हमसे ये बातें मत पूछो। ठीक है नहीं पूछेंगे। इनर्शिया ऑफ मोशन क्या बेटा? इनर्शिया ऑफ़ मोशन। बहुत कम बच्चे जानते हैं कि इनर्शिया ऑफ़ मोशन मास के साथ-साथ वेलोसिटी के भी डायरेक्टली प्रपोर्शनल होता है। मास के साथ-साथ वेलोसिटी के। इनर्शिया ऑफ मोशन चाहता है कि अगर एक ऑब्जेक्ट मोशन में है तो मोशन में ही रहे। आओ समझे इसको। दो साइकिल आ रही हैं। अच्छा कॉमन सेंस। एक साइकिल है एक ट्रक है। किसको रोकना आसान है? वो तो कॉमन सेंस है। इनर्शिया मास के तो है ही लेकिन दो साइकिल आ रही हैं। दोनों का मास सेम है। लेकिन एक है आने वाली 10 मीटर पर सेकंड से एक आ रही है 50 मीटर पर सेकंड से। किसको रोकना आसान है? यानी कि इनर्शिया ऑफ रेस्ट का वेलोसिटी से कोई लेना देना नहीं। लेकिन इनर्शिया ऑफ मोशन का वेलोसिटी से भी लेना देना है। बोलो मरो? सर और तीसरा हमारे पास आता है इनर्शिया ऑफ डायरेक्शन। क्या आता है? इनर्शिया ऑफ़ डायरेक्शन। एंड ऑब्वियस सी बात है डायरेक्शन का इनर्शिया भी मास के डायरेक्टली प्रपोर्शनल तो होगा ही होगा। मास के तो है ही है। ओके है क्या? ओके है क्या? फिर आता है हमारे पास कौन? मोमेंटम। क्या आता है? मोमेंटम। अब ये मोमेंटम क्या चीज है? कई बच्चे आप भी मैं भी अगर मैं आपसे पूछूं लेट से बेटा चलो जो बच्चे वन शॉट देख रहे हैं प्लीज कमेंट सेक्शन में मोमेंटम की परिभाषा लिख दो जो आपको आती है और आप में से कोई बच्चा मुझे मोमेंटम की परिभाषा सुनाएगा? हाथ खड़ा करके कहिए मुझे आती है? वेरी गुड। ये नाम मुराद बच्चे सातवीं बार कर रहे हैं लॉज़ ऑफ़ मोशन। इतना तो मैंने नहीं पढ़ा आज तक। जितना ये पढ़ चुके हैं। डर लग रहा है काट देंगे गलत हो गया तो। एडिटिंग तो हमारे हाथ में ही है। बताओ बच्चा। किसी को मोमेंटम की परिभाषा नहीं आती? हां बताओ शाबाश बेटा गलत है और शक्ल तो आई नहीं कोई बात नहीं। नहीं आता? नहीं आता। बेसिक भी नहीं आती। बेसिक परिभाषा देखो जो बेसिक परिभाषा हां हां बोलो ना क्या कह रहे हो? हां हां ये बेसिक तो सबको पता है। यही तो पूछना चाह रहा था मैं। बोल क्यों नहीं रहे? प्रॉडक्ट ऑफ़ मास एंड वेलोसिटी। प्रॉडक्ट ऑफ़ मास एंड वेलोसिटी। चलो, आप मुझे क्वेश्चन का आंसर दो। मान लो, आपकी शादी हुई। आपके बच्चे हुए। उन्होंने पूछा, पापा, मम्मी, मोमेंटम क्या होता है? और आपने कहा, "इट इज द प्रोडक्ट ऑफ़ मास एंड वेलोसिटी। यानी मास को और वेलोसिटी को मल्टीप्लाई कर दे। आपको क्या लगता है? आपने सही समझाया। आपने तो मैथ्स का फार्मूला दे के मारा उसके मुंह पे। क्या समझ में आया होगा उसको? कि मास और वेलोसिटी को मल्टीप्लाई करो, मोमेंटम आता। अरे, तो ये तो आपने मुझे बताया, मोमेंटम निकालते कैसे हैं? मोमेंटम होता क्या है? मोमेंटम क्या होता है? इट इज दी मेजर इट इज दी मेजर ऑफ इनर्शिया ऑफ मोशन। मोमेंटम क्या है? इनर्शिया ऑफ मोशन को नापने में मदद करता है हमारी। मोमेंटम एक ऐसी क्वांटिटी है जो इनर्शिया ऑफ मोशन को नापने में हमारी मदद करती है। अभी बताओ इनर्शिया ऑफ मोशन किस पे डिपेंड कर रहा था? और इन दोनों का ही प्रोडक्ट तो क्या होता है? मोमेंटम होता है। कह रहा है एक्सीलरेशन। एक्सीलरेशन। इसकी नाभि में घुसंड मारूंगा अभी रुक जाओ। एक्सीलरेशन कह रहा है। शाबाश। चलो आओ। इट इज द मेजर ऑफ इनर्शिया ऑफ मोशन। लेकिन इसकी एक परिभाषा जिसके नंबर मिलेंगे आपको लेकिन है वो बकवास और वो है प्रोडक्ट ऑफ मास एंड वेलोसिटी ऑफ़ बॉडी। वेलोसिटी ऑफ़ बॉडी। एक बॉडी का मास और उसकी वेलोसिटी को मल्टीप्लाई कर दो। तो क्या मिल जाता है? मोमेंटम। मोमेंटम को हम किससे रिप्रेजेंट करते हैं? p से। तो फार्मूला क्या आ गया? मास * वेलोसिटी। ज्यादा टाइम नहीं लगाएंगे। क्या ये एक स्केलर क्वांटिटी है या वेक्टर क्वांटिटी है? ये एक वेक्टर क्वांटिटी है। और इसकी डायरेक्शन क्या है भैया? डायरेक्शन इज़ इन डायरेक्शन ऑफ़ वेलोसिटी। यानी जहां वेलोसिटी है, जहां ऑब्जेक्ट दौड़ रहा है, उसी डायरेक्शन में मोमेंटम की डायरेक्शन भी मानते हैं। इसकी एसआई यूनिट समझ लेते हैं। आ जाओ। एसआई यूनिट। क्या मास के लिए केजी होता है और वेलोसिटी के लिए मीटर पर सेकंड होता है। अरे बोलो यार। बेसिक बात है। चलो मोमेंटम का फार्मूला आ चुका है। मास * वेलोसिटी। तो क्या ये कहना सही है? कि फॉर ऑब्जेक्ट्स एट रेस्ट। ऑब्जेक्ट्स एट रेस्ट। वेलोसिटी क्या हो जाएगी? ज़ीरो। वेलोसिटी ज़ीरो हो जाएगी, तो मोमेंटम भी ज़ीरो हो जाएगा। मोमेंटम सिर्फ और सिर्फ तभी ज़ीरो हो सकता है जब ऑब्जेक्ट किस पे हो? रेस्ट पे हो। बहुत बेसिक सी बात है। ओके है क्या? नाइन्थ क्लास का एक सवाल है। एक छोटी सी गोली जिसका मास बहुत कम है। इंसान की जान कैसे ले लेती है? क्योंकि उसके पास वेलोसिटी बहुत हाई होती है। जिसकी वजह से उसके पास इनर्शिया ऑफ़ मोशन बहुत ज्यादा होता है। उसको रोकना मुश्किल होता है और वो शरीर को पार कर देती है। यस और नो? ठीक है। ठीक है। ठीक है। आओ। न्यूटन जी के कौन से लॉ पे आ रहे हैं? सेकंड लॉ पे आ रहे हैं। अगर अभी नाइंथ क्लास का वन शॉट रिकॉर्ड कर रहा होता मैं ये जो कि कर चुका हूं। तो अभी एक घंटे में हम यहां तक भी ना पहुंचे होते। आप कौन सी क्लास में हो? थोड़ा सा फास्ट चल रहे हैं बस क्योंकि ये हमारी नाइंथ क्लास की पढ़ाई है। न्यूटन सेकंड लॉ ऑफ मोशन। न्यूटन सेकंड लॉ इज द रियल लॉ। न्यूटन सेकंड लॉ इज द लॉ। ये हम 10 15 मिनट में प्रूफ करेंगे कि सेकंड लॉ ही असली लॉ है। और बड़ी इंपॉर्टेंट डेरिवेशन भी है ये। बट ऐसा क्यों? सेकंड लॉ रियल लॉ क्यों है? सब बात करेंगे। पर यह है क्या? सेकंड लॉ क्या है? सेकंड लॉ पढ़ने से पहले। अगर मेरे पास यहां पे गाड़ी है गाड़ी और इसकी इनिशियल वेलोसिटी है 10 मीटर पर सेकंड। इसका मास है 100 किलो। अब बताओ अगर मुझे इसका मोमेंटम होगा कुछ। क्या होगा मोमेंटम? मास * वेलोसिटी। तो बताओ ना कितना होगा? 1000 हो गया। कितना हो गया? मुझे इसका मोमेंटम बढ़ाना है। कैसे बढ़ाऊंगा? क्या मास बढ़ाऊं या वेलोसिटी बढ़ाऊं? वेलोसिटी। मास कैसे बढ़ता है? मास कैसे बढ़ता है? सर गाड़ी के अंदर बैठ जाओ जा के। बेटा उससे गाड़ी का मास तो नहीं बढ़ा। चलो ठीक है। ओके। मास नहीं चेंज होता आसानी से। Okay। तो फिर क्या बढ़ाएं? वेलोसिटी। वो कैसे बढ़ाएं? कह रहे हैं स्पीड बढ़ा के। वो आप बढ़ाएं फोर्स लगा के। क्या लगा के बेटा? फोर्स। हां। जो अभी मैं तुम्हारी छाती पे लगाने वाला हूं। आ रहा हूं। रुक जाओ कृष्णा। तो बेटा यहां पे हमें क्या अप्लाई करनी होगी? फोर्स अप्लाई करनी होगी। और तो कोई ऑप्शन नहीं है। तो बताओ। बिना फोर्स लगाए क्या इसकी वेलोसिटी को 10 से 15 कर सकते हो क्या? नहीं कर सकते। बिना वेलोसिटी लगाए तो बिना फोर्स लगाए तो नहीं कर सकते। अच्छा। क्या 10 से पांच कर सकते हैं? नहीं कर सकते। उसके लिए भी क्या लगानी पड़ेगी फोर्स? चाहे वो फोर्स फ्रिक्शन ही क्यों ना हो उसका उससे क्या लेना देना? ठीक है? तो अब आप मुझे बताओ इस सिनेरियो से क्या समझे कि अगर मुझे किसी का भी क्या चेंज करना है? क्या चेंज करना है? मोमेंटम चेंज करना है तो मुझे क्या अप्लाई करनी पड़ेगी? फोर्स। अब बताओ अगर मैं ज्यादा फोर्स अप्लाई करूंगा तो ज्यादा मोमेंटम चेंज होगा। यस सर। और जल्दी भी होगा। होगा ना? यस सर। यही कौन सा लॉ है? आप बताओ मेरे पास एक गाड़ी है जिस जो ज्यादा पावरफुल है मान लो जो ज्यादा पावरफुल है वो फोर्स लगाती है 10x। आपकी गाड़ी कम पावरफुल है। वो लगाती है 5x। तो मेरी गाड़ी अगर 100 मीटर पर सेकंड 5 सेकंड में जाती है तो ये तो कॉमन सेंस की बात है कि आपकी गाड़ी को 100 मीटर पर सेकंड जाने में ज्यादा समय लगेगा। लेट्स से 10 सेकंड, 15 सेकंड जो भी लगेंगे? अरे बोलो बेटा। यस सर। तो ज्यादा फोर्स लगाने से मोमेंटम ज्यादा चेंज होता है या जल्दी भी होता है? जल्दी भी होता है। और यही कौन सा लॉ है? सेकंड लॉ। सेकंड लॉ कहता है सेकंड लॉ कहता है कि भैया जो रेट ऑफ चेंज ऑफ मोमेंटम है। जो रेट ऑफ चेंज ऑफ क्या है? मोमेंटम वो डायरेक्टली प्रपोर्शनल है किसके? फोर्स के। जितनी ज्यादा क्या अप्लाई करोगे? उतना ज्यादा जल्दी और ज्यादा मोमेंटम क्या होगा? चेंज होगा। तो फोर्स इज डायरेक्टली प्रोपोर्शनल टू रेट का मतलब फिजिक्स में होता है डिवाइड बाय टाइम। ग्रेडियंट का मतलब होता है डिवाइड बाय लेंथ। फिजिक्स में कहीं पे भी ग्रेडियंट ऑफ आ जाए तो मतलब उसको हमें डिवाइड करना है लेंथ से। लेकिन कहीं पे भी रेट आ जाए तो डिवाइड बाय टाइम। तो फोर्स इज डायरेक्टली प्रपोर्शनल टू रेट ऑफ चेंज ऑफ मोमेंटम। मतलब कि ऊपर क्या आ जाएगा? चेंज इन मोमेंटम। और नीचे क्या आ जाएगा? टाइम। तो फोर्स इज डायरेक्टली प्रपोर्शनल टू चेंज इन मोमेंटम को मैं क्या डेल्टा पी लिख दूं? और टाइम को क्या मैं डेल्टा t लिख दूं? ठीक है? अब यहां से प्रपोर्शनल का साइन हटा के मुझे क्या लगाना है? इक्वल। इक्वल लगाने के लिए मुझे क्या लगाना है? कांस्टेंट। और न्यूटन जी की कृपा से ये कांस्टेंट की वैल्यू लगभग लगभग वन ही आई। वन ही आई। वन ही आई। तो अगर मैं इसको हटा दूं तो क्या फोर्स का मुझे एक फार्मूला मिल गया? अगर आप 11th क्लास की जर्नी देखो तो फोर्स का फार्मूला पहला आया है आपके पास। फोर्स की बातें बहुत जगह हुई है लेकिन फार्मूला पहला आया है। 11th की जर्नी में वो है चेंज इन मोमेंटम अपॉन टाइम। क्या आया है? चेंज इन मोमेंटम अप टाइम। क्या आया है? चेंज इन मोमेंटम अप टाइम। क्या आया है? चेंज इन मोमेंटम अप टाइम। अब चेंज इन मोमेंटम अप टाइम को यानी कि इसको अभी हम एक और फॉर्म में कन्वर्ट करेंगे। हमारे पूरे फिजिक्स के सबसे इंपॉर्टेंट फॉर्मूले में से एक आएगा। बट उससे पहले ये लॉ क्या कहना चाह रहा इसको दोबारा समझते हैं। ये लॉ उल्टा भी कहता है। अभी आपने कहा ज्यादा फोर्स लगाओगे तो मोमेंटम ज्यादा और जल्दी चेंज होगा। यही है ना? बट इसका रिवर्स भी पॉसिबल है कि अगर आपने मोमेंटम को जल्दी चेंज किया तो फोर्स ज्यादा लगेगी। उल्टा भी है। अगर आपने मोमेंटम को जल्दी चेंज किया तो फोर्स ज्यादा लगेगी। जैसे अगर मैं आपको बोलूं कि मेरे पास यहां पे दो अंडे हैं। मुर्गी के। मुर्गी का ही राय? ये हमारे पास एक तकिया है। क्या है बेटा? तकिया। आप मुझे बताओ ये एक नॉर्मल अंडा है। अगर मैं इस नार्मल अंडे को यहां से घेरूंगा तो क्या होगा? टूट जाएगा। ये तो कॉमन सेंस की बात है। ऑब्वियस सी बात है यार। लेकिन अगर मैं इस अंडे को इस पे घेर तो ये क्यों नहीं टूट रहा बताओ मेरे को? ये मत बोलो तकिया लगा हुआ है इसके नीचे। वो तो भाई फिजिक्स समझाओ ना मुझे क्या कारण हो गया कि अंडा यहां पे अब रखा हुआ है तो नहीं टूट रहा भैया क्या अभी अब ओलंपिक्स हुए लॉन्ग जंप हाई जंप वगैरह देखी आपनेस तो एक मान लो ये एथलीट है कोई ठीक है एथलीट भी तो कभी एक अंडा ही था गहरी बात है बेटा जायगोट एक एग होता है बेटा जायगोट एग है ना सर ये तो गहरी बात है तो ये एक देखो एक एथलीट आ रहा है ठीक है कौन से देश का है देख लेना आप ठीक है आ रहा है आ रहा आ रहा है नाम मत लेना आ रहा है आ रहा है आ रहा है आ रहा है भागा भागा भागा भागा और ऐसे वो वो डंडे वाले को हाई जंप कहते हैं ना। हैं? अबे जैवलिन नहीं बे। वो जो डंडे के ऊपर से कूदना होता है। हाई जंप। कृष्णा तुम पूरे वन शॉट में चुप रहोगे। तुम कोई बात ढंग नहीं कर रहे आज। क्या बोलते हैं हाई जंप? तो हाई जंप कर रहा है। कर रहा है। कर रहा है। कर रहा है। और मान लो अगर गद्दा नीचे नहीं होगा तो क्या अंडा टूट? क्या वो इंसान क्या वो इंसान को चोट लगेगी बहुत ज्यादा? यस सर। क्योंकि वो सीधा कहां गिरेगा? हार्ड सरफेस पे। कहां गिरेगा? हार्ड। लेकिन, मान लो वो ऐसे आया और इस पे गिरा आके, तो क्या उसको चोट कम लगेगी या लगेगी नहीं? नहीं लगेगी। नहीं लगेगी या ना के बराबर नहीं लगेगी वैसे तो क्यों नहीं लगेगी? क्योंकि जब ये अंडा इस पे गिरा लेट अस से ये भाग तब आ रहा था और यहां से पहुंचा मोशन इन अ स्ट्रेट लाइन के हिसाब से इसकी फाइनल वेलोसिटी होगी लेट से 10 मीटर पर सेकंड। कितनी? 10 और फिर ये रुक गया। तो अब कितना पहले इसका मोमेंटम था मान लो x अब कितना हो गया? ज़ीरो। तो मोमेंटम चेंज तो x से जीरो ही होना है। चाहे ये तकिए पे गिरे, चाहे ये फ्लोर पे गिरे। मोमेंटम चेंज कितना होना है? x से ज़ीरो। बस फर्क है टाइम का। किसका? टाइम। ये जैसे ही इस पे गिरा इसका मोमेंटम एकदम से क्या हो गया? मोमेंटम चेंज में टाइम बहुत कम मिला। इसको। टाइम कम हो गया तो फोर्स बहुत ज्यादा हो गई। और अगर फोर्स ज्यादा हो गई तो अंडा टूट गया। लेकिन जब ये इस पे गिरा अगर हम इसको स्लो मोशन में देखें तो कैसा नजर आएगा ये? यहां तक फास्ट है। फिर धीरे धीरे धीरे धीरे दबा दबा दबा दबा दबा दबा दबा फिर धीरे-धीरे ऊपर आया। तो जो मोमेंटम इसका पहले 0.01 सेकंड में जीरो हो गया होगा। अब वही 0.1 सेकंड में हो गया होगा। मान लो 10 गुना टाइम बढ़ गया। तो अगर टाइम 10 गुना बढ़ गया तो फोर्स फोर्स 10 गुना क्या हो गई बच्चों? कम हो गई। द ओनली पॉइंट इज द ओनली पॉइंट इज़ कि अगर आप समय बढ़ा दोगे मोमेंटम को चेंज करने में तो फोर्स कम हो जाएगी। और यही रीज़न है कि जो क्रिकेटर्स हैं वो अपना हाथ पीछे लेके जाते हैं। समय बढ़ा देते हैं। फोर्स कम हो जाती है। लॉन्ग जंप हाई जंप मिट्टी दी जाती है। गंदे दिए जाते हैं। म्की माउस वाला झूला देखा है आपने? मैक्की माउस वाला झूला। मैं बड़ा फैसनेट होता था उसको बचपन में देख के। कैसे मुंडी के ऊपर मुंडी कोहनी, झांंगे लोगों के ऊपर। लेकिन चोट नहीं लग रही किसी को। बच्चे हंसते हुए बाहर आ रहे हो उसमें से। क्यों? क्योंकि वो अगर वही मान लो मार्बल पे खेल रहे हों तो। वही मोटी मोटी झांगे किसी की मुंडी पे गिर रही हो। आगे बढ़ते हैं। एप्लीकेशन लगभग सारी पढ़ी ली है हमने। अ फील्डर पुल्स हिज हैंड बैकवर्ड। एक फील्डर अपना हाथ पीछे ले के जाता है। एक एथलीट लॉन्ग जंप हाई जंप करता है। सीट बेल्ट आपको एकदम से नहीं रोकती है। धीरे-धीरे आगे ले के आती है। इन सब में आप क्या कर रहे हो? टाइम बढ़ा रहे हो ताकि फोर्स कम हो जाए। ताकि फाॅर्स कम हो जाए। अब इसी को आओ और मॉडिफाई करते हैं। थोड़ा सा और अच्छा करते हैं इसको। क्या चेंज इन मोमेंटम को मैं लिख सकता हूं फाइनल मोमेंटम माइनस इनिशियल मोमेंटम। मोमेंटम का फार्मूला है मास * वेलोसिटी। तो ये क्या आ गया? m * m * v क्या आ गया? फाइनल मोमेंटम। m * u क्या आ गया? इनिशियल मोमेंटम। अपॉन में क्या आ गया? टाइम। क्या कॉमन आ गया इसमें से? m कॉमन आ गया। m कॉमन आ गया तो क्या बच गया? v - u / t इसे पहचानते हो क्या? यस सर। तो बेटा, हमारी फिजिक्स के वन ऑफ़ द मोस्ट इंपोर्टेंट फॉर्मूले में से एक आ गया f = ma. F = maa. अभी तक मैंने आपको कुछ भी नया नहीं पढ़ाया। सब नाइंथ की पढ़ाई चल रही है। समझे क्या? चलो आओ आगे बात करते हैं। और न्यूटन जी के कौन से लॉ पे आते हैं? थर्ड लॉ। अब न्यूटन जी का थर्ड लॉ। मैंने इसे आपको बहुत बार बताया कि मैं जब भी किसी सेमिनार वगैरह में जाता हूं, किसी टैक्स पे जाता हूं, तो मैं जनरली उनसे ये पूछता हूं कि आपको अपनी 11 12th की फिजिक्स के बारे में क्या पता है? तो उसके बाद मेरा सवाल होता है कि आप न्यूटन जी के लॉ जानते हैं? तो मोस्टली बच्चे जब न्यूटन जी के लॉ हाथ खड़ा करके बोलते हैं तो वो एक ही बोलते हैं। एव्री एक्शन हैज़ उसके बहुत सारे रीज़न है शायद क्योंकि एक तो ये बड़ा इंटरेस्टिंग है। एंड सेकंडली ये बड़ा बड़ा इजी टू रिमेंबर वाली स्टेटमेंट है। बड़ी आसान स्टेटमेंट है। एव्री एक्शन हैज़ कोई ऐसा लगता है कोई शेर याद किया, कोई मुहावरा याद किया हमने। तो और ये लॉ भी एक्चुअल में बहुत अच्छा है। और न्यूटन जी का थर्ड लॉ कहता है कि हर एक एक्शन का इक्वल एंड अपोजिट रिएक्शन होता है। हर एक्शन का इक्वल एंड अपोजिट रिएक्शन का मतलब क्या होता है? अगर हम इसका कवर ही देख लें आ जाओ। तो कवर ही क्या है भैया? हमारा रॉकेट है। अब जब ये रॉकेट ऊपर जा रहे होते हैं तो क्या नीचे की तरफ धुएं को धकेलते हैं। ये धुआं ये जो रॉकेट है ये धुएं को धकेल रहा है। मतलब आसपास के एटमॉस्फेयर को धकेल रहा है। तो इसने नीचे की तरफ क्या लगाया भैया? एक्शन। क्या लगा दिया? एक्शन। एंड अगर एटमॉस्फेयर पे आपने लगाया एक्शन, तो एव्री एक्शन हैज़ इक्वल रिएक्शन। तो, यह एटमॉस्फेयर इस रॉकेट पे क्या लगाता है? रिएक्शन। हर एक एक्शन का इक्वल एंड ऑपोजिट रिएक्शन होता है। अगर आप छलांग मारने के लिए जमीन को धके नीचे, तो क्या जमीन आपको ऊपर धकेलेगी? बिकॉज़ एव्री एक्शन हैज़ इक्वल एंड अपोजिट रिएक्शन। आप चलने के लिए क्या करते हो? जमीन को धकेलते हो पीछे की तरफ। जमीन तो पीछे जाने वाली नहीं है। क्यों नहीं जाने वाली? अबे जमीन का मास ज्यादा है बे। जमीन मतलब धरती ही उसका मास ज्यादा है। आपका मास कम है। जिसका मास जिसका मास जिसका मास कहां मर गया? जिसका मास [संगीत] कहां मर गया? अच्छा। सॉरी। जिसका मास ज्यादा होगा, क्या उसका एक्सीलरेशन कम होगा? जिसका मास ज्यादा होगा, क्या उसका एक्सीलरेशन कम होगा? तो धरती का मास क्या है? कह रहे हैं कम। ऐसे नशीले बच्चे आ गए हैं क्या? रोक दें वन शॉट। रोक दें? पानी-वानी पीना है? धरती का मान ज्यादा है, कम है? ज्यादा है, बहुत ज्यादा है? बहुत ज्यादा। बहुत ज्यादा बहुत ज्यादा है। बहुत ज्यादा। तो उसका एक्सीलरेशन भी बहुत कम होगा। बट फोर्स बराबर है। अगर मैंने धरती पे लगाई 50 न्यूटन तो धरती नहीं मुझ पे लगाई। 50 बिकॉज़ एव्री एक्शन हैज़ मैं क्यों आगे जा रहा हूं? क्योंकि मेरा मास कम है और धरती का मास ज्यादा है। बुलेट। गन फायर करते हैं। क्या बुलेट गन पे फोर्स लगाती है पीछे और गन बुलेट पे फोर्स लगाती है आगे। तो भैया किसका मास कम होता है? वो बहुत हाई वेलोसिटी से जाती है। हाई एक्सीलरेशन से जाती है इनिशियल। बट क्या गन भी पीछे जाती है? यस। बट बहुत कम जाती है क्योंकि उसका मास ज्यादा होता है। एव्री रिएक्शन हैज़ इक्वल एंड अपोजिट रिएक्शन। अब सुनो। मैंने स्केट्स पहन रखे हैं। आपने स्केट्स पहन रखे हैं। मेरा वजन 80 किलो। मान लेते हैं आपका भी 80 किलो। मैंने आपको धकेला। अगर आप गए पीछे तो क्या मैं भी सेम ताकत से पीछे जाऊंगा? यस। बिकॉज़ अब सिचुएशन सेम हो गया। आप तुम दोनों का मास बराबर है। हम दोनों ने स्केट्स पहन रखे हैं। यस और नो? यस सर। अगर आपका मास है 80 किलो। मेरा है 800 किलो। मान लो मैंने ऐसे बोरियां बोरियां पहन रखी हैं और 800 किलो हो गया टोटल मेरा वजन। अब मैं आपको धकेलूंगा तो क्या होगा? मैं कम पीछे जाऊंगा ना। लेकिन आप मेरे मुकाबले ज्यादा एक्सीलरेशन से जाओगे। बिकॉज़ एव्री एक्शन हैज़ क्या फोर्स बराबर लगाई हमने? क्या हमने फोर्स बराबर लगाई? बोलो बेटा। गुब्बारे में हवा भर दो। हवा भर दो। छोड़ दो। एव्री एक्शन हैज़। मुझे लगता है करने की जरूरत तो नहीं है। गुब्बारे में हवा भरने से जब हवा छोड़ते हैं तो पीछे से क्या हवा बाहर आती है। रॉकेट की तरह ही काम करता है। एव्री एक्शन हैज़ इक्वल एंड आपको पता है फायर एक्सटिंगशर बहुत अलग-अलग टाइप के होते हैं। ये जो फायर एक्सटिंगशर है हमारे पास ये एक्चुअली में फायर एक्सटिंगशर बहुत अलग-अलग टाइप के होते हैं। ये हमारे पास जो फायर एक्सटिंगशर है ये एक्चुअली में कार्बन डाइऑक्साइड वाला है। आपको पता है इनडोर में कार्बन डाइऑक्साइड वाला फायर एक्सटिंगशर क्यों नहीं लगाते? क्योंकि अगर मान लो इस कमरे में आग लग गई और मैं यहां पे कार्बन डाइऑक्साइड भर दूं तो वैसे इस कमरे में कार्बन डाइऑक्साइड बहुत ज्यादा होगी। दम घुट जाएगा हमारा। समझ रहे हो बेटा? इसीलिए हमारे घरों में कमरों के अंदर जो एक्सटिंगशर होते हैं पाउडर्ड एक्सटिंगशर होते हैं। कौन से? पाउडर्ड। उनमें पाउडर डला होता है। अमोनियम क्लोराइड, अमोनियम सल्फेट इन सब के। लेकिन इसमें कार्बन डाइऑक्साइड है। ये आउटडोर में इस्तेमाल होता है। अब क्योंकि आउटडोर में इस्तेमाल होता है। तो एक्चुअली में इसमें से क्या निकलती है? हां। ऐसे। मुझे मुझे भी नहीं पता इतनी तेज़ निकलेगा यह। बस हां। इसमें क्या भरी हुई है? कार्बन डाईऑक्साइड। वैसे तो मैं इसमें बतल लगाऊंगा बट आपको एक चीज़ दिखाऊं। ये पाइप दिख रहा है थुंथ थ्रू? सर। सबको दिख रहा है? सर। ऊपर लाऊं क्या? जैसे अगर आपको ये पाइप दिख रहा है क्या? पाइप? भाई साहब। हां भाई। इसको ऐसे वाले पे कर देता हूं। ये बात सुनो। अगर मैं इसको ऑन करूंगा तो एव्री एक्शन हैज़। अबे वहां कैसे आएगा भाई? वहां कैसे आ जाएगा? मेरे को डर लगना चाहिए। ध्यान से देखना। ओ भाई साहब। मैंने कहा था मेरे पास आ सकता है। बहुत जबरदस्त मारा है इसने। वंस मोर तुम्हारा लगा के लगाएं इसमें कुछ। सीधा मधुमन चौक छोड़ेगा तुम्हें ये? शायद उससे भी आगे। सुनो बेटा। लेकिन हम यहां पे ये तो हमने अच्छा एव्री एक्शन हैज़ इस वाले से बहुत तेजी से क्या निकला? इसमें रिकॉर्ड हुआ होगा यह हुआ होगा। इसमें से बहुत तेजी से क्या निकला? तो उसने रॉकेट की तरह इधर लगाया एक्शन एंड एव्री रिएक्शन हैज़ इक्वल एंड अपोजिट रिएक्शन। बट अगर मैं इसको ऐसे समझूं कि बहुत भारी है भाई। बोतल कहां है? हां। अब देखो बेटा हम यहां पे एक्चुअली में एक रॉकेट ल्च करेंगे। कैसे? देखो। हम लोग हां इसको दबा दो शाबाश। हम लोग इसके ऊपर नोजल पे एक बोतल को लगा देंगे। ठीक है? अब क्या होगा? अब ये होगा बेटा कि अब खतरा तुम्हें है। अब मुझे खतरा नहीं है। नहीं यार ठीक है। तुम बस उधर रिकॉर्ड के बोतल को उड़ते हुए ले लेना बस तुम। किसी के चेहरे पे लगे तो वो भी। अब बताओ क्या इस बोतल में कार्बन डाइऑक्साइड भर जाएगी? यस सर। बोलो। यस सर। एव्री एक्शन हैज़ इवन एंड अपोजिट रिएक्शन। ये कहीं भी जा सकते हैं। किसी के लगे तो सॉरी। बोलो। यस सर। थ्री टू वन बोल दो बस तुम। थ्री टू वन भाई। ये तो बढ़िया है। अच्छा है। अच्छा ये बहुत ज्यादा ठंडा भी हो जाता है। क्योंकि हमने गैसेस को बहुत जल्दी क्या किया है? एक्सपैंड। ये केमिस्ट्री है। YouTube पर मैं केमिस्ट्री पढ़ाता नहीं हूं बट ये केमिस्ट्री। द ओनली पॉइंट इज एव्री रिएक्शन हैज़ क्या हो गया? इक्वल एंड अपोजिट रिएक्शन हुआ। पीछे से जो कार्बन डाइऑक्साइड उस बॉटल के अंदर भर गई थी उसके पास एक ही जगह थी आने के लिए और वो कहां थी? छेद से बाहर। और उसने लगाया एक्शन। और हमें क्या मिला? रिएक्शन। अगर मैं इसी फायर एक्सटिंगशर को पकड़ के स्केट्स पहन लूं। वो हम नहीं कर रहे हैं क्योंकि आपने देखा होगा बहुत लोगों ने किया भी भाई। आपने वीडियोज़ भी देखी होंगी। पर अगर मैं स्केट्स पहन के इस फायर एक्सटिंगुशर को ऑन कर दूं तो क्या मैं पीछे की तरफ जाऊंगा? बिकॉज़ ये कहा जा रहा है आगे। मैंने बताया था आपको आईआईटी में एक सवाल आया था। आईआईटी में मुझे ईयर याद नहीं आ रहा। आप सर्च करना Google पे मिल जाएगा आपको जो घर बैठे और आप घर जाके। सवाल क्या था कि अगर एक बंदा फ्रिक्शनलेस बर्फ पे लेक में फंस गया है। सवाल सुनना। गहरा सवाल है। एक बंदा लेक में फंस गया है और बर्फ है वहां। अस्यूमिंग दैट देयर इज नो फ्रिक्शन। तो बताओ वहां से बाहर कैसे आए? पहला ऑप्शन था कि जैकेट को ऊपर की तरफ फेंक दे अपनी। दूसरा ऑप्शन ऐसे दो चार ऑप्शन थे लेकिन एक ऑप्शन था कि आगे की तरफ थूक फेंके। ऑप्शन था ये थूक फेंके। ऑब्वियस सी बात है जैकेट भी फेंक सकता था। अगर मैं आगे की तरफ थूक और उसका सही करेक्ट आंसर क्या था? कि थूक फेंकना है। बिकॉज़ अगर आप थूक फेंकोगे तो वो बुलेट और गन का ही तो काम करेगा। सर एक थूक फेंकने से इंसान पीछे कैसे जा सकता है। अरे अभी नहीं जा रहा ना क्योंकि अभी फ्रिक्शन है। नहीं होती तो जाता। इस वाले केस में अगर मेरे पैर और जमीन से फ्रिक्शन हटा दो तो क्या मैं ही पीछे जाता? यस सर। बोलो बेटा। यस सर। बिल्कुल जाता। चलो अब बहुत देर लगा दी। इस पे आगे बढ़ते हैं। आ जाओ। न्यूटन जी का थर्ड लॉ कहता है इट स्टेट्स दैट देयर इज़ ऑलवेज रिएक्शन फॉर एव्री एक्शन इन ऑपोजिट डायरेक्शन एंड ऑफ इक्वल मैग्नीट्यूड। व्हिच मींस कि अगर हमारे पास यहां पे एक ऑब्जेक्ट है m1 इरिस्पेक्टिव ऑफ़ देयर मास। और इसका मास क्या है? m2 तो अगर इसने इसपे फोर्स लगाई कितनी? F1 और इसने इस पे कितनी लगाई? F2 तो क्या F1 और F2 आपस में बराबर होंगे क्या? और क्या ये एक दूसरे से ऑपोजिट भी होंगे क्या? सर। तो एव्री एक्शन हैज़ इक्वल एंड अपोजिट रिएक्शन। इसमें से किसी को भी एक्शन मान लो और किसी को भी रिएक्शन मान लो। तो एव्री एक्शन हैज़ इक्वल एंड अपोजिट रिएक्शन हो जाता है। अब एक बड़ा इंपॉर्टेंट सवाल आता है कि अगर एक्शन रिएक्शन फोर्सेस दोनों इक्वल और अपोजिट है तो ये कैंसिल क्यों नहीं होती? क्योंकि ये दोनों अलग-अलग ऑब्जेक्ट्स पे लगती है। अब मुझे बताओ अगर बुलेट और गन वाला एग्जांपल लें तो बुलेट ने फोर्स किस पे लगाई? गन पे। और गन ने किस पे लगाई? बुलेट पे। कैंसिल कब होती है? मैं इसको धकेल रहा हूं। मैं इसको धकेल रहा हूं। तो दोनों फोर्स क्या है? एक ही ऑब्जेक्ट पे लग रही है। लेकिन यह मुझे धकेल रहा है। मैं इसको धकेल रहा हूं। तो क्या दो अलग-अलग ऑब्जेक्ट्स पे लग रही है? यस सर। तो इसलिए ये कैंसिल आउट नहीं होती हैं। समझ गए क्या यार? इसकी बहुत एप्लीकेशन है। चलना, दौड़ना, भागना, गन का पीछे की तरफ झटका मारना, बोट आगे जाना, बोट आगे कैसे जाती है? बोट अलग-अलग प्रकार की होती है। चप्पू वाली बोट है तो। चप्पू से आप पानी को धकेलते हो पीछे, बोट जाती है आगे। मोटर बोट है तो? मोटर लगी होती है। पानी को धकेलती है पीछे और बोट जाती है आगे। सेल बोर्ड भी ऐसे अलग होती है थोड़ी सी। ठीक है ना? ऐसी बहुत सारी इसकी और एप्लीकेशनेशंस हैं। मतलब रॉकेट का ऊपर लॉन्च होना, सिर्फ अपने पैरों पे खड़े हो के दिखाना। ये सब भी न्यूटन जी का कौन सा लॉ है? थर्ड लॉ है। कौन सा लॉ है? थर्ड लॉ। डन है क्या? यस सर। बढ़े आगे। यस सर। अगला टॉपिक आता है हमारे पास लॉ ऑफ कंजर्वेशन ऑफ मोमेंटम। मोमेंट। ये नाइंथ क्लास से ना अब दो साल से डिलीट हो रहा है। तो इसीलिए अब ये आपके एग्जाम में आने के चांसेस थोड़े से बढ़ सकते हैं। वैसे ये हमारे में बहुत कम आता था पहले। बट अब क्योंकि ये नाइंथ से डिलीट हो गया तो अब ये चांसेस थोड़े से बढ़ जाते हैं। क्या कहता है लॉ ऑफ कंजर्वेशन ऑफ़ मोमेंटम? ये कहता है कि लेट अस से कि हमारे पास एक ऑब्जेक्ट है m1 और एक और ऑब्जेक्ट है m2। इनका ना कोलीजन हो गया। क्या हो गया? कोलीजन। कोलीजन होने के बाद इनका मास तो लगभग सेम ही रहा। मास में तो क्या ही चेंज आएगा। लेकिन इसकी जो वेलोसिटी थी वो थी u1 और इसकी वेलोसिटी थी u2। टक्कर होने के बाद इसकी वेलोसिटी कितनी हो गई? v1 और इसकी वेलोसिटी कितनी हो गई? v2। यानी इनकी वेलोसिटी बदल गई। इनकी वेलोसिटी बदल गई। किसी की ज्यादा हो गई, किसी की कम हो गई। वो अभी सिनेरियो नहीं है। लेकिन लॉ ऑफ कंजर्वेशन ऑफ मोमेंटम कहता है कि टोटल मोमेंटम बिफोर कोलीजन हमेशा बराबर होता है टोटल मोमेंटम आफ्टर कोलीजन के। टोटल मोमेंटम बिफोर कोलीजन बराबर होता है टोटल मोमेंटम आफ्टर द कोलीजन के। टोटल मोमेंटम का मतलब यहां पे दो बॉडीज हैं तो दोनों का मोमेंटम मिला के बोल रहे हैं। जैसे उसका मोमेंटम कितना होगा? फर्स्ट वाले का। मोमेंटम का फार्मूला होता है मास * वेलोसिटी। तो इसका हो गया m1 u1 और उसका कितना हो गया? m2 u2 ये हो गया टोटल मोमेंटम कोलीजन से पहले। और कोलीजन के बाद कितना हो गया? इसका हो गया m1v1 और इसका हो गया m2v2 v2 ये कहता है लॉ ऑफ कंजर्वेशन ऑफ मोमेंटम। लॉ ऑफ कंजर्वेशन ऑफ मोमेंटम कहता है कि मोमेंटम से पहले और मोमेंटम के बाद ओ सॉरी कोलीजन से पहले और कोलीजन के बाद जो टोटल मोमेंटम होता है वो कंजर्वड रहता है। कांस्टेंट रहता है। अब हमें इसको प्रूफ भी करना है साबित भी करना है। इसको प्रूफ करने के लिए हम दो लॉस का इस्तेमाल करेंगे। पहला है न्यूटन जी का सेकंड लॉ और है न्यूटन जी का थर्ड लॉ। आओ स्टार्ट करते हैं। इसको प्रूफ करते हैं। आ जाओ। ठीक है? ठीक है? सबसे पहले बताओ कि जो फर्स्ट वाला मास है उस पे कितनी फोर्स लग रही होगी? तो भैया अकॉर्डिंग टू न्यूटंस अ सेकंड लॉ फोर्स का फार्मूला होता है चेंज इन मोमेंटम अपॉन में टाइम। होता है क्या? अब फर्स्ट वाले का मोमेंटम चेंज कितना होगा? तो मास * फाइनल वेलोसिटी माइनस मास * इनिशियल वेलोसिटी अपॉन में टाइम। इसको मान लो कौन सी इक्वेशन? फर्स्ट। आल्सो जो सेकंड वाले पे फोर्स लगी होगी वो होगा चेंज इन मोमेंटम अपॉन में टाइम। चेंज इन मोमेंटम मास * फाइनल वेलोसिटी माइनस मास * इनिशियल वेलोसिटी। अपॉन में टाइम। इसको मान लो सेकंड इक्वेशन। अच्छा क्या ये बात भी हम जानते हैं कि एव्री एक्शन हैज़ इक्वल एंड तो F1 की जगह ये वाली वैल्यू पुट कर देते हैं। F2 की जगह ये वाली वैल्यू पुट कर देते हैं। F1 की जगह पुट कर देते हैं। m1 V1 - M1 U1 / डेल्टा T माइनस F2 की जगह पुट कर देते हैं। m2V2 - M2 U2 डेल्टा T से डेल्टा T क्या हो गया? M1V1 इसको ये माइनस का इधर आ गया। क्या आ गया? M2V2 ये माइनस माइनस क्या हो गया? प्लस M2 U2 और ये हो जाएगा क्या हो गया? M1 U1 क्या हमें यही प्रूफ करना था? सर कि भैया टोटल मोमेंटम बिफोर कोलीजन इज ऑलवेज इक्वल्स टू टोटल मोमेंटम। तो क्या हमने लॉ ऑफ कंजर्वेशन ऑफ मोमेंटम को प्रूफ करने के लिए दो लॉज़ का इस्तेमाल किया है। एक है न्यूटन जी का सेकंड लॉ और एक है न्यूटन जी का थर्ड लॉ। और थर्ड लॉ और सेकंड लॉ कि मदद से हमने प्रूफ कर दिया कि जब भी कोलीजन होगा तो कोलीजन से पहले और कोलीजन के बाद टोटल मोमेंटम क्या रहेगा? कांस्टेंट रहेगा। कंजर्व्ड रहेगा। चेंज नहीं होगा। बात समझ में आती है? यस सर। पक्की बात है? अच्छा हम अ वन शॉट में सवाल नहीं कराते हैं तो लॉस ऑफ मोशन वर्क एनर्जी और ग्रेविटेशन आई गेस हमने अभी किए थे लाइव में जा के मोशन इन अ स्ट्रेट लाइन मोशन इन अ प्लेन हां तो अगला होगा लॉस ऑफ मोशन वर्क एनर्जी और उसके बाद कौन सा है रोटेशनल मोशन पर शायद लॉज़ ऑफ मोशन और वर्क एनर्जी चैप्टर इतने बड़े हैं कि हम उनका लाइव लेंगे कब लगाई हमने अगली लाइव अब हम बात करेंगे कि सेकंड लॉ इज द रियल लॉ ऑफ मोशन ऐसा क्यों बोला जाता है और ये एग्जाम में बहुत इंपॉर्टेंट एक डेरिवेशन भी है। सेकंड लॉ इज दी रियल लॉ ऑफ़ मोशन का मतलब क्या है? सेकंड लॉ इज रियल लॉ। इसका मतलब है कि हमें ये प्रूफ करना है कि भाई सेकंड लॉ कंटेन्स। कौन सा लॉ? फर्स्ट लॉ। सेकंड लॉ के अंदर कौन सा लॉ है भैया? फर्स्ट लॉ। अब सेकंड लॉ के अंदर फर्स्ट लॉ कैसे छुपा हुआ है? बहुत सिंपल है। देखो अकॉर्डिंग टू सेकंड लॉ क्या f = ma है भाई? सेकंड लॉ के हिसाब से f = टू क्या है? ma है। अगर एक्सटर्नल फोर्स टोटल ज़ीरो है। अगर एक्सटर्नल फोर्स जीरो है, तो क्या मास * एक्सेलरेशन भी जीरो है। अरे अगर फोर्स जीरो है तो मास * एक्सेलरेशन जीरो है। अब मास कभी जीरो हो नहीं सकता। इसका मतलब क्या है भैया? कि एक्सेलरेशन ज़ीरो है। अगर मास ज़ीरो है तो इसका मतलब क्या हुआ? कि एक्सेलरेशन जीरो है। और अगर एक्सेलरेशन जीरो है, हेंस अ बॉडी इज ऐट रेस्ट विल रिमेन एट अ रेस्ट। अगर एक बॉडी किस पे है? रेस्ट पे है, तो किस पे ही रहेगी? क्योंकि उसका एक्सेलरेशन क्या है? ज़ीरो। एक्सीलरेशन ज़ीरो का मतलब है? वेलोसिटी कॉन्स्टेंट। वेलोसिटी कॉन्स्टेंट है। मतलब अगर वह रुका हुआ है, तो रुका हुआ ही रहेगा। एंड अ बॉडी इज़ मूविंग देन इट विल मूव। विद सेम वेलोसिटी। वेलोसिटी में मैग्नीट्यूड भी आ गया और डायरेक्शन भी आ गई विद सेम वेलोसिटी। अब आप मुझे बताओ ये कौन सा लॉ है? ये फर्स्ट लॉ ही तो है। यानी सेकंड लॉ से शुरुआत किया और प्रूफ कर दिया कि अगर f जीरो होगा तो एक्सीलरेशन क्या होगा? जीरो। और अगर एक्सीलरेशन जीरो है तो अगर एक ऑब्जेक्ट रुका हुआ है तो रुका हुआ रहेगा। चल रहा है तो चलता रहेगा। सेम वेलोसिटी के साथ ये कौन सा लॉ है? फर्स्ट लॉ है। तो भैया इसका मतलब फर्स्ट लॉ इज प्रेजेंट इन सेकंड लॉ ही। सेकंड लॉ में ही फर्स्ट लॉ छुपा हुआ है भैया और कुछ नहीं। अब हम लोगों को क्या प्रूफ करना है? अब हम लोगों को प्रूफ करना है कि थर्ड लॉ इज इन सेकंड लॉ। थर्ड लॉ सेकंड लॉ में छुपा हुआ है। यहां पे एक्चुअली हम सिर्फ थर्ड लॉ प्रूफ करने वाले हैं सेकंड लॉ में। लेकिन सेकंड लॉ के साथ-साथ हमें यहां पे एक और चीज़ की मदद लेनी होगी और वो है लॉ ऑफ कंजर्वेशन ऑफ़ मोमेंटम। आओ समझे। थर्ड लॉ में सेकंड लॉ कैसे छुपा हुआ है? चलो आप बताओ आप कब मान जाओगे कि सेकंड लॉ छुपा हुआ है? जब हम क्या बोलते हैं एव्री एक्शन हैज़ बिकॉज़ यही थर्ड लॉ है। चलो आओ। हम लेट कर रहे थे हमारे पास दो बॉडीज हैं। एक वन और एक टू आपस में टकरा रही हैं। वेलोसिटी में चेंज हो रहा है। तो भाई अकॉर्डिंग टू सेकंड लॉ। सेकंड लॉ के हिसाब से जो फोर्स फर्स्ट वाले पे लगेगा क्या वो डेल्टा P1 / डेल्टा T होगा? सर यहां से निकाल लो डेल्टा P1 डेल्टा P1 किसके बराबर आ गया बोलो F1 डेल्टा T किसके बराबर आ गया F1 डेल्टा T सिमिलरली सिमिलरली क्या ऐसा कहना ठीक होगा कि डेल्टा P2 क्या आ जाएगा डेल्टा P2 आ जाएगा F2 डेल्टा T आ जाएगा क्या इसको मान लो सेकंड इसको मान लो सेकंड अब बताओ अकॉर्डिंग टू लॉ ऑफ ऑफ कंजर्वेशन ऑफ मोमेंटम लॉ ऑफ कंजर्वेशन ऑफ मोमेंटम के हिसाब से एक तो लॉ ऑफ़ कंजर्वेशन ऑफ़ मोमेंटम कहता है कि टोटल मोमेंटम बिफोर कोलीजन इज़ ऑलवेज इक्वल टोटल मोमेंटम आफ्टर द कोलीजन। लेकिन भाई साहब ये लॉ ये भी तो कहता है ना कि जो मोमेंटम है वो कभी चेंज नहीं होता। जो मोमेंटम है वो कभी चेंज नहीं होता। यानी कि वो ये कहता है कि जो चेंज इन मोमेंटम फर्स्ट का है और चेंज इन मोमेंटम सेकंड का है वो हमेशा ज़ीरो रहेगा। यही तो कहता है जो चेंज इन मोमेंटम फर्स्ट का है। जो चेंज इन मोमेंटम सेकंड का है उसका सम हमेशा ज़ीरो आएगा। लॉ ऑफ कंजर्वेशन ऑफ मोमेंटम को दो तरीके से परिभाषा दी जा सकती है उसकी। पहला क्या है? टोटल मोमेंटम बिफोर कोलीजन इज़ ऑलवेज इक्वल्स टू टोटल मोमेंटम। लेकिन ऐसे भी तो बोल सकते हैं कि टोटल चेंज इन मोमेंटम इज ऑलवेज ज़ीरो। तो अब यहां से अगर आप वैल्यू पुट करोगे तो डेल्टा P1 की वैल्यू क्या आ गई? f1 डेल्टा t और डेल्टा P2 की क्या आ गई? F2 डेल्टा T इसको इधर ले जाएंगे तो F1 डेल्टा T इज़ - F2 डेल्टा T से डेल्टा T कैंसिल हो गया। F1 इज़ माइनस ऑफ़ क्या हो गया? F2 तो हेंस थर्ड लॉ इज इन सेकंड लॉ। तो क्या आप बोल दें कि भैया सेकंड लॉ इज़ रियल लॉ ऑफ मोशन। सेकंड लॉ इज़ रियल लॉ ऑफ़ मोशन। सेकंड लॉ ही रियल लॉ है क्योंकि उसी में छुपा हुआ है कहीं ना कहीं फर्स्ट लॉ और कहीं ना कहीं लॉ। तो यहां पे हम बेसिकली ये कहना चाह रहे हैं कि अगर आपने ढंग से सेकंड लॉ पढ़ लिया तो बेसिकली आपने तीनों लॉ पढ़ लिए। ओके है क्या? ओके है क्या? बढ़े आगे डन? तो अभी तक जो मैंने आपको पढ़ाया, बस सेकंड लॉ इज़ द रियल लॉ ऑफ़ मोशन। ये एक वो चीज़ है जो हमने नाइंथ में नहीं सीखी थी। और अगर आपके लेवल पे आपके साल में सेशन में ये डिलीट हो गया तो हमने ये एक्स्ट्रा पढ़ा है। बाकी सब कुछ हमने अभी तक पुराना ही पढ़ा है। लेकिन यहां से हमारी पढ़ाई एकदम डिफरेंट और नई स्टार्ट होने वाली है जो कि हमारे एग्जाम में भी काफी आती है। आप सब बच्चों ने पेड बैच वाले बच्चों ने या ऑफलाइन वाले बच्चों ने लॉज़ ऑफ़ मोशन का हमने पीवाईक्यू सेशन किया। उसमें कितने सारे सवाल सिर्फ कहां से थे? लिफ्ट केस। यह बहुत इंपॉर्टेंट टॉपिक है। पहला नया टॉपिक भी है। ध्यान से पढ़ेंगे। सबसे पहले आपको यह समझना होगा लिफ्ट के केसेस में कि लिफ्ट केसेस का मतलब यहां पे क्या है? अभी जब मैं यहां पे जमीन पे खड़ा हुआ हूं। तो धरती मुझे नीचे की तरफ खींच रही है। जिस फोर्स को हम बोलते हैं वेट। क्या बोलते हैं? वेट। इसको ग्रेविटेशनल फोर्स भी कहा जाता है। बट इसको क्या कहते हैं? वेट। लेकिन धरती भी मुझ पर एक ऊपर की तरफ क्या लगा रही है? फोर्स जिसको बोलते हैं नॉर्मल रिएक्शन। क्या बोलते हैं? नॉर्मल रिएक्शन। हमें महसूस क्या होता है? हमारा वेट या नॉर्मल रिएक्शन। नॉर्मल रिएक्शन। हमें mg महसूस नहीं होता। हमें वो कैसे महसूस होगा? वो तो हम लगा रहे हैं इस पे। हमें क्या महसूस होता है? जो धरती जो फ्लोर जो सरफेस लगाता है हम पे जिसको बोलते हैं आर यानी कि नॉर्मल रिएक्शन जब हम लिफ्ट में चढ़ते हैं तो ये नॉर्मल रिएक्शन बदलता है। कैसे बदलता है बात करेंगे जिसकी वजह से हमें अपने आप को हल्का या भारी महसूस होता है। महसूस होता है या हम हल्के भारी हो जाते हैं? महसूस महसूस होता है। हमारा मास तो नहीं बदलेगा ना? मास तो नहीं बदला। अगर मैं 80 किलो का हूं तो लिफ्ट में भी मैं कितने किलो का ही रहूंगा? 80 लेकिन वो महसूस होता है। उसी के ऊपर यहां पे छह लिफ्ट के केसेस आने वाले हैं। इन छह में से सबसे इंपॉर्टेंट केस है थर्ड और फोर्थ जिसके ऊपर सबसे ज्यादा सवाल आते हैं। चलो अब लिफ्ट केसेस। शुरू करते हैं। पहला केस है जो कि बकवास केस है। लेकिन शुरुआत करनी पड़ेगी इससे। लिफ्ट इज एट रेस्ट। लिफ्ट रुकी हुई है। अरे क्या मजाक हो गया? अगर लिफ्ट रुकी हुई है तो फिर आप तो जमीन पे ही खड़े हो। बोलो मरो। ठीक है बेटा। ये आप हो। मतलब ये लिफ्ट है। और लिफ्ट में ये आप हो। क्या नीचे की तरफ लगता है आपका वेट जिसे क्या बोलते हैं? mg। क्या बोलते हैं? mg। और अभी मैंने बताया आप पे ऊपर की तरफ लगेगा r जिसको बोलते हैं नॉर्मल रिएक्शन। हम mg महसूस करते हैं या r महसूस करते हैं? mg तो लगता है या हम लगा रहे हैं। हम जो महसूस कर रहे हैं वो होता है r। जो वेइंग मशीन पे आता है वो होता है r। क्या होता है? r अब अगर ये लिफ्ट रेस्ट पे है तो क्या इसका एक्सीलरेशन ज़ीरो होगा? सर। अब नेट फोर्स, नेट फोर्स दो लग रही है। एक है mg और एक है दोनों ऑपोजिट डायरेक्शन में है। तो क्या mg - r कर दूं? सर आपने r - mg क्यों नहीं किया? कर लो। कोई दिक्कत नहीं। फोर्स का फार्मूला क्या होता है? मास * एक्सीलरेशन। इस केस में एक्सीलरेशन कितना है? जीरो। तो क्या आ गया? mg - r क्या ये ज़ीरो हो गया? तो हमारा क्या? r mg के बराबर आ गया क्या? यस सर। mg क्या है? हमारा असली वेट। हमारा असली वेट। और r क्या है जो हमें महसूस होता है। तो क्या इस केस में आपका अपेरेंट वेट यानी नकली वेट यानी कि r क्या बराबर है? किसके? एक्चुअल वेट के। तो आपको हल्का महसूस होगा या भारी? कुछ भी नहीं। बेटा अगर लिफ्ट खड़ी हुई है तब भी आपको हल्का या भारी महसूस हो रहा है तो कुछ गड़बड़ है बेटा। अरे मतलब ऐसे नहीं बेटा। लेकिन कुछ तो गड़बड़ चल रही है। बोलो तबीयत खराब है या कुछ और खराब है। लेकिन ऐसा नहीं हो सकता क्योंकि इस केस में mg और आर आपस में क्या होने चाहिए? बराबर। ठीक है। अच्छा। अगला केस आता है भैया। सेकंड केस आता है लिफ्ट इज़ मूविंग अप या फिर क्या डाउन लेकिन विद वेलोसिटी कांस्टेंट यानी कॉन्स्टेंट वेलोसिटी से आप ऊपर नीचे जा रहे हो। लिफ्ट जा तो रही है लेकिन आपकी वेलोसिटी क्या है? अरे लिफ्ट जा तो रही है लेकिन आपकी वेलोसिटी क्या है भाई? कांस्टेंट है। इस केस में क्या होगा देखेंगे भाई। यह हमारे पास लिफ्ट है, सेम लिफ्ट है। और ये आप कहां जाएं? ऊपर जाएं, नीचे जाएं बताओ। ऊपर चलते हैं चलो। क्या उससे कोई फर्क पड़ने वाला है? आओ चेक करें। ऊपर जा रहे हैं लेकिन वेलोसिटी कांस्टेंट है। अगर वेलोसिटी कांस्टेंट है तो अगेन एक्सीलरेशन जीरो होगा। चाहे नीचे आ जाओ चाहे। अच्छा अगर ऐसा है तो भैया नेट फोर्स का फार्मूला बोलो। ऊपर जा रहे हैं तो r - mg लेंगे। बिकॉज़ ऊपर की तरफ फोर्स आ नीचे जा रहे हैं तो mg - r अभी फिलहाल कहीं भी चले जाओ। तो नेट फोर्स का फार्मूला मास * एक्सीलरेशन एक्सीलरेशन ज़ीरो है। mg - r क्या अगेन r mg के बराबर आ गया क्या? अगर r mg के बराबर आ गया तो क्या फिर से हमें ना तो हल्का महसूस होने वाला है ना ही भारी महसूस होने वाला है। लेकिन तीसरा केस जहां से पढ़ाई शुरू होती है मेन आता है एग्जाम में और वो है लिफ्ट। इज मूविंग। चलो अप ले लेते हैं। अप और अप जा रहे हैं और इस बार एक्सीलरेशन ज़ीरो नहीं है। यानी लिफ्ट एक्सीलरेटेड मोशन में ऊपर जा रही है। किस में जा रही है? एक्सलरेटेड। चलो बताओ हल्का महसूस होगा या आप सब लिफ्ट में तो चढ़े ही होगे बेटा। ऊपर जाते हैं। लिफ्ट हल्का महसूस होता है या भारी? भारी होता है बेटा। बिल्कुल भारी होता है। अगर सब कुछ ठीक है तो आपको भारी महसूस होगा। ठीक है? चलो ठीक। [संगीत] अगर हमें कुछ महसूस नहीं हो रहा तो इसके पूरे-पूरे चांसेस हैं कि आपके लिफ्ट में एक्सीलरेशन या तो बहुत ही कम है ना के बराबर है तो ज्यादा कुछ डिफरेंस नहीं आ रहा। [संगीत] ये आप हैं। और नीचे की तरफ क्या लग रहा है? mg ऊपर की तरफ क्या लग रहा है? r इस बार आप ऊपर जा रहे हैं और आपके पास सर्टेन एक्सीलरेशन ठीक है? क्या नेट फोर्स का फार्मूला होगा? अब ऊपर जा रहे हो तो r - mg नेट फोर्स का फार्मूला मास * एक्सीलरेशन r - mg इतनी मैथ्स आती होगी आपको कि यहां से r की वैल्यू आप क्या ले लो? mg + ma क्या ले लो? mg + ma अब इस हिसाब से बताओ r बड़ा है या mg बड़ा है? अरे r बड़ा है या mg बड़ा है? r r कैसे आ रहा है? mg में maa ऐड हो रहा है। तो r तो बड़ा हो गया। यस सर। और अगर R बड़ा हो गया किससे? mg से, तो R वो है जो आपको महसूस हो रहा है। तो, आप भारी महसूस करोगे या हल्का? भारी। क्या आपको ऐसा लगेगा कि आप भारी हो गए हो तो आपको हैवी महसूस होगा या लाइट महसूस होगा? आपको हैवियर महसूस होगा पहले से ज्यादा। अगर लिफ्ट ऊपर जाएगी। लेकिन हो सकता है ये पूरे मोशन के दौरान आपको ना लगे। बिकॉज़ जनरली लिफ्ट में क्या होता है? हम जब ऊपर जाते हैं तो मोशन शुरुआत में क्या होता है? एक्सलरेटेड। लेकिन उसके बाद क्या हो जाता है? कांस्टेंट हो जाता है। चलो ठीक है। लेकिन इसके बाद आता है हमारे पास चौथा केस। चौथे केस में लिफ्ट इज़ मूविंग डाउनवर्ड विद वेलोसिटी जो कि वेरिएबल है या फिर विद सम एक्सीलरेशन। ठीक है? अगर हम एक सर्टेन एक्सलरेशन नीचे जा रहे हैं तो बताओ हल्का महसूस होता है या भारी महसूस होता है? आपने ये नोटिस किया होगा झूलों में अक्सर। जब झूले ऐसे झूले जो एकदम से नीचे आ रहे हों एकदम बहुत अजीब सा हल्का सा महसूस होता है। बोलो बेटा। वो क्यों होता है वो अभी आप समझ जाओगे। नीचे की तरफ आ रहे हैं। एक्सीलरेशन जीरो नहीं है। अब अगर नीचे आ रहे हैं इस बार तो नेट फोर्स का फार्मूला क्या लगाएंगे? mg - r नेट फोर्स होता है मास * एक्सीलरेशन mg - r यहां से r की वैल्यू अगर मुझे निकालनी हो तो क्या आ जाएगी? mg - ma क्या आ जाएगी? mg तो r बड़ा आएगा या mg बड़ा आएगा? r कैसे आ रहा है? mg में से ma माइनस करके। तो इसका मतलब r छोटा हो गया और mg बड़ा हो गया। और अगर mg बड़ा हो गया, r छोटा हो गया इसका मतलब आप हल्का महसूस करोगे। आप हल्का महसूस करोगे। आपको लाइटर महसूस होगा। यस ऑर नो। ठीक है। ठीक है। ठीक है। अच्छा। अब अगर हम बात करें बेटा यहां पे क्या महसूस होगा? हल्का या भारी। यार देखो हम रुके हुए थे। हम कांस्टेंट पे आ गए। हम ऊपर चले गए। हम नीचे आ गए। और क्या बचा? और बचता है फ्री फॉल। क्या बचता है? फ्री फॉल। भाई लिफ्ट की जो रस्सी है वो भी तो टूट सकती है बेटा। भगवान ना करे ऐसा हो। और अगर ऐसा होता भी है आपके घरों में तो आप सबको पता है लिफ्ट के अंदर बहुत सारी सेफ्टी मेजर्स लगे होते हैं। बेटा एक तो वो लिफ्ट होती है जो कंस्ट्रक्शन साइट पे लगी होती है। है ना? ऐसे कच्ची कच्ची सी लिफ्ट वो जैसे ये वाली मूवी देखी आपने भ्रमस्त्र कितने वैल्यू है। चलो देखी आपने उस मूवी में एक सीन देखा था मैंने जिसमें वो ऐसे लिफ्ट में जाते हैं लड़का लड़की। देखिए वो लिफ्ट कंस्ट्रक्शन साइट वाली लिफ्ट होती है। कभी देखी हो कंस्ट्रक्शन साइड वाली लिफ्ट? वैसे खुली खुली सी हैं हर तरफ से और वो वो बड़ी कच्ची है। उनमें एक ही रस्सी होती है टूट गई तो सीधा फ्री फॉल होगा। बट हमारे घरों में जो लिफ्ट लगी होती हैं या मॉल में या किसी जगह पे वो बहुत अलग तरीके की होती है। उनमें अगर रस्सी वस्सी टूट जाए तो बाकी सेफ्टी मेजर्स होते हैं वो ब्लॉक हो जाते हैं। बट अगर मान लो रस्सी टूट गई तो क्या लिफ्ट नीचे आएगी और उसका एक्सीलरेशन g के बराबर हो जाएगा। सर g के बराबर हो गया तो क्या होगा? तो नेट फोर्स का फार्मूला क्या लगेगा? mg - r नेट फ़ोर्स है ma a की जगह मुझे क्या ही रखना है? क्या mg से mg कैंसिल हो गया? क्या r ज़ीरो आ गया? r ज़ीरो आ गया। r ज़ीरो आ गया तो कुछ फील नहीं होगा। इसे बोलते हैं वेट लेसनेस। [संगीत] वेट हां ये इसके ऊपर एक वीडियो बनाई थी मैंने। यहां पे एक वीडियो लगा रहे हैं बेटा। जहां से हम वेटलेसनेस को समझेंगे। उसमें क्या है कि हमने एक डंबेल लिया और उसको कहां लगा दिया? वेइंग मशीन पे और एक फोन चिपका दिया उस पे और ऊपर से छोड़ दिया। अब यहां तो कर नहीं सकते इतने बड़े पे। तो एक वीडियो देखते हैं आओ। [संगीत] [प्रशंसा] इस वीडियो से हमने बेसिकली समझा कि जब फ्री फॉल हो रहा होता है तो रास्ते में कोई वेट नहीं आता। कोई वजन नहीं आता। अब मान लो यही डंबेल की बजाय आप अपने पैरों के नीचे क्या लगाओ? वेइंग मशीन और चार मंजिल से कूदो तो रास्ते में देखोगे तो आपको भी रीडिंग क्या नजर आएगी? जीरो आएगी। बट ऑब्वियस सी बात है वो थोड़ा सा पॉसिबल नहीं है। है ना? हां, ऑब्वियस सी बात है। नहीं है, बेटा। ठीक है। मतलब पॉसिबल है, लेकिन हम जैसों के लिए नहीं है थोड़ा। बाकी सिक्स्थ केस अब कौन सा केस बचा, सर, रस्सी टूट गई, लिफ्ट नीचे गिर गई, फ्री फॉल हो गया। अब कौन सा केस बचता है? व्हेन एक्सीलरेशन इज़ ग्रेटर देन क्या? जी। डाउनवर्ड्स। अगर आपका एक्स देखो, अभी तो फ्री फॉल हो रहा था। और फ्री फॉल में a किसके बराबर होता है? g। लेकिन, अगर लिफ्ट को कोई पकड़ के ऐसे धकेले नीचे की तरफ, तो क्या उसका एक्सीलरेशन g से भी ज्यादा हो जाएगा? सर। और उस केस में बड़ी विचित्र चीज होने वाली है, आओ देखें क्या। ये अगेन प्रैक्टिकली थोड़ा सा मुश्किल है। बट, अगर ये मेरे पास एक लिफ्ट है। नीचे की तरफ लग रहा है क्या? mg। ऊपर की तरफ लग रहा है क्या? r। इस बार नीचे आ रहा है और एक्सीलरेशन किससे भी ज्यादा है? c आप समझ नहीं रहे हो ये बहुत मुश्किल है होना बट अगर कर दिया हमने धकेल दिया लिफ्ट को रस्सी तो तोड़ ही दी है लेकिन कोई लिफ्ट को धकेल रहा है नीचे बहुत ताकत से तो नेट फोर्स का फार्मूला होगा mg - r नेट फोर्स में मास * में एक्सीलरेशन अभी सब कुछ नॉर्मल लग रहा है mg - r सब कुछ नॉर्मल लग रहा है लेकिन r की वैल्यू क्या आ गई देखो mg - ma अभी भी नॉर्मल लग रहा होगा लेकिन जरा ध्यान दो क्या से बड़ा है अबे क्या a g से बड़ा हैस अगर a से बड़ा है तो ma से बड़ा हो गया। और अगर ma से बड़ा हो गया तो r नेगेटिव आ गया। क्या आ गया? नेगेटिव। ये कैसे हो सकता है? हो सकता है देखो हो गया। और आर नेगेटिव का मतलब है आपको जो वजन आज तक कहां महसूस होता आया था? नीचे की तरफ। अब वो आपको ऊपर की तरफ। एक झूले देखे होंगे आपने वो वाले। टेंपरेचर बोलते हैं। क्या बोलते हैं उनको? जो नीचे आते हैं एकदम से। एक तो वो फ्री फॉल करते हैं। उनमें एक झूला होता है जिनमें वो उसको पहले से ज्यादा ताकत से नीचे लेके आते हैं। आपने देखा होगा उसमें कभी कबभार लोगों के गाल ऐसे ऊपर की तरफ हो जाते हैं। ऐसे बाल ऊपर की तरफ हो जाते हैं। होते हैं कि नहीं होते हैं? द ओनली पॉइंट इज क्योंकि वहां पे अब उन्होंने तो उन्होंने तो किससे बांध रखा है उसको? बेल्ट से। अगर बेल्ट नहीं बांध रखी होगी तो क्या इंसान भी ऊपर चला जाएगा? यस यस यस। मान लो एक इंसान ने जैसे मान लो आप उसमें जा रहे हो और आपने यहां पे एक गुलाब का फूल रखा हुआ है पॉकेट में या कोई बोतल रखी हुई है पॉकेट में बोलो तो क्या वो ऊपर की तरफ निकल जाएगी यस सर कोई ओपन कंटेनर है क्या अपने पास यहां एक ग्लास दे दो मुझे एक ग्लास दे दो इसे देखो जैसे मान लो मान लो एक एग्जांपल के तौर पे बच्चों मान लो कि हमारे पास ये आलू ले लेते हैं एक जैसे मान लेते हैं कि ये आप है ठीक है ये आप है और ये लिफ्ट बहुत बड़े हो गए आप। हां। जैसे कि मान लेते हैं ये आप है और ये लिफ्ट है। डन क्या? आई होप इनको भी दिख रहा हो। ये आलू आप है और ये क्या है? लिफ्ट है। ज़ूम कर देंगे। चलो कोई नहीं। अब अगर मैं इसको ऐसे करके फ्री फॉल करवाता हूं। क्या करवाता हूं? फ्री फॉल। तो क्या आलू और लिफ्ट दोनों साथ गिर रहे हैं? सर। ऑब्वियस सी बात है। क्यों? सर। दोनों फ्री फॉल में, दोनों का एक्सीलरेशन सेम है। लेकिन अगर लिफ्ट को धकेला जाए ऐसे करके ऐसे करके। तो क्या आलू पे तो आप फोर्स नहीं लगा रहे। आप तो फोर्स लिफ्ट पे लगा रहे हो। आलू आप हैं। आप तो फोर्स लगा रहे हो लिफ्ट पे। आलू पे तो कोई फोर्स नहीं लग रही। तो ग्लास यानी कि लिफ्ट तो आ रही है किस से ज्यादा से? जी से भी ज्यादा से। लेकिन आलू तो जी से ही आएगा ना? तो क्या आलू ऊपर की तरफ रह जाएगा? अब सोचो इस लिफ्ट में ढक्कन लगा हुआ है। हर लिफ्ट में ढक्कन होता है। ऐसी कौन सी लिफ्ट है ऊपर से खोली हुई? हां वो कंस्ट्रक्शन साइड वाली होती है। अगर ढक्कन लगा हुआ है। तो क्या होगा? क्या आलू सरफेस पे चिपका? तो जब लिफ्ट नीचे आ रही होगी किससे भी ज्यादा से? जी से भी ज्यादा से। तो इंसान लिफ्ट की छत पे जाके चिपक जाएगा। बात समझ रहे हो क्या? इसको बोलते हैं नेगेटिव वेट। इंसान नीचे जाने के बजाय ऊपर जा रहा है। समझ रहे हो क्या? लिफ्ट के रिस्पेक्ट से। लिफ्ट के जाओ नीचे। क्या आलू नीचे ही आ रहा है? लेकिन लिफ्ट में बैठे इंसान को लगेगा मान लो वहां पे चार पांच इंसान है। उनमें चार इंसान बंधे हुए हैं बंधे हुए हैं। पैर पैर बंधे हुए हैं उनके। लेकिन एक बीच वाला इंसान के पैर नहीं तो तुमको लगेगा अरे ये ऊपर कैसे चला गया? है ना? लेकिन बाकी सब तो नीचे वो भी नीचे ही आ रहा है। बस बाकियों से धीरे आ रहा है। बात समझ रहे हो क्या? यह बात समझनी है। बेटा देखो गहरी गहरी बातें इससे कोई इससे कोई ये आपको ये आपको हेल्प करेगी बस थोड़ा और भी और तो नेगेटिव इसके ऊपर कोई न्यूमेरिकल नहीं है। आपने कई सारे क्वेश्चन किए हमने कई सारे क्वेश्चन किए। मेजरली सवाल कहां पे है? तीसरे पे और चौथे पे। डन क्या? हमने लिफ्ट के ऊपर भी एक वीडियो बनाई थी। अगेन वो यहां पे नहीं कर सकते। आप लोगों को दिखा चुका हूं। इनको दिखाता हूं। और लिफ्ट में कैसे वजन चेंज होता है। तो जब भी हम लोग एक लिफ्ट में खड़े होते हैं या चलते हैं लिफ्ट ऊपर नीचे जाती है तो हमें हल्का या भारी महसूस होता है। तो क्या हम अगर एक वेइंग मशीन के ऊपर खड़े हो के एक लिफ्ट के अंदर चलें तो क्या इस मशीन में भी रीडिंग्स अलग-अलग आएंगी हमारे वेट क्योंकि हम सब जानते हैं ऐसी वेइंग मशीन्स हमारे वेट को कैलकुलेट करके हमारे मास को हमें देती हैं। पहले तो ये देखते हैं कि मेरा एक्चुअल जो मास है या सो कॉल्ड वेट है वो कितना। पहले हम लोग जाएंगे लिफ्ट में ऊपर की तरफ और देखते हैं कि वेट हमारा बढ़ता है कि नहीं। और फिर हम जाएंगे नीचे की तरफ और देखते हैं वेट हमारा कम होता है। तो यहां पे मैं फोर्थ फ्लोर दबा रहा हूं और मैं अगर इसके ऊपर चढूं तो आप देख सकते हैं कि ये 72 इसने मेरी रीडिंग को 72 दिया है। ये फर्स्ट फ्लोर का बटन दबा रहा हूं और मैं इस पे अगर चढूं तो आप देखिएगा ये देखिए रीडिंग मुझे कितनी दे रहा है? हां और वापस से तो आपने अगर देखा तो इनिशियली रीडिंग जो है वो 1 किलो की कम दिखाई इसने क्योंकि लिफ्ट नीचे जा रही थी। फिर वो कांस्टेंट वेलोसिटी पे आ गई तो वापस से मेरा वेट उसने 70 दिखाया। इसका मतलब है कि जो हमारे फिजिक्स में पढ़ाया जाता है, वो बिल्कुल सही है। उसको हमने आज रीडिंग्स के माध्यम से भी अह ऑब्ज़र्व कर लिया। ठीक है भाई? अगले कांसेप्ट पे आते हैं। तो लिफ्ट के केसेस के ऊपर न्यूमेरिकल हम लोग करेंगे। अह लाइव भी हमारी फ्राइडे को उसमें करेंगे। लेकिन अभी के लिए बात करते हैं हम लोग किसके बारे में? कॉन्सेप्ट ऑफ इंपल्स। अब इंपल्स पढ़ते ही शायद आपको बायोलॉजी का इंपल्स याद आ रहा हो या बायो में भी ये वर्ड बहुत इस्तेमाल होता है। देखो पल्स पल्स क्या होता है कि भैया इंसान की पल्स नहीं मिल रही। सुना होगा आपने? इंपल्स का मतलब एक्चुअली में कोई भी चीज जो बहुत शॉर्ट बहुत शॉर्ट समय के लिए हुई हो। जैसे बायो में एक वर्ड है इंपल्सिव एक्शंस। क्या है? इंपल्सिव एक्शन। गुस्से में लिए गए डिसीजंस। एकदम से ले लेता है इंसान। तो कांसेप्ट ऑफ इंपल्स यहां पे क्या है? आओ समझे। तो इंपल्स क्या है? अ केस व्हेयर फोर्स इज़ अप्लाइड फॉर वेरी शॉर्ट पीरियड ऑफ टाइम। वेरी शॉर्ट पीरियड। ऑफ टाइम इंपल्स इज प्रोडक्ट ऑफ फोर्स विद वेरी शॉर्ट पीरियड ऑफ टाइम एग्जांपल के तौर पे कोलीजन [संगीत] ऑफ बॉल विद बॉल एग्जांपल के तौर पे एक्सप्लोजन एग्जांपल के तौर पे हैमरिंग अ नेल। क्या इन सब केसेस में आप जो फोर्स अप्लाई करते हो वो बहुत लंबे समय के लिए होती है या बहुत शॉर्ट इंटरवल के लिए? शॉर्ट इंटरवल। आप जब हथौड़े से कील ठोकते हो तो आप फोर्स बहुत कम समय के लिए अप्लाई करते हो। आप जब कोई एक्सप्लोजन होता है तो बहुत कम समय के लिए अंदर से केमिकल एनर्जी पार्ट्स पे फोर्स लगाती है। बॉल दीवार पर टकराई बहुत कम समय के लिए कांटेक्ट में रही जिसकी वजह से फोर्स भी बहुत कम समय के लिए लगी। या फिर आपने देखा होगा कराटे वराटे करने वाले लोग वो टाइल तोड़ते हैं ये तोड़ते हैं। बहुत कम समय के लिए क्या लगाते हैं? फोर्स। वो सब क्या होता है? इंपल्सिव फोर्स होती है या इंपल्स कहते हैं उसको। मैथमेटिकली अगर मुझसे कोई पूछे कि इंपल्स क्या है? पहली बात तो इंपल्स को हम लोग रिप्रेजेंट करते हैं किससे? आई से। इंपल्स होता है फोर्स इंटू में वो छोटा सा क्या? टाइम। यानी इंपल्स एक फोर्स नहीं है। अगर कोई आपसे बोले इंपल्सिव फोर्स क्या है? तो ऐसी फोर्स जो कम समय के लिए लगाई जा रही है। लेकिन इंपल्स फोर्स नहीं होता है। इंपल्स क्या होता है? फोर्स * में टाइम। क्या होता है? फोर्स * टाइम। और वह टाइम भी कोई बड़ा टाइम होता है या बहुत छोटा टाइम होता है? अब आप मुझे बताओ अगर आप एक दीवार को धक्का मार रहे हो तो क्या आप उस पे इंपल्सिव फोर्स लगा रहे हो? नहीं। क्योंकि आप जब दीवार को धक्का मारोगे तो आप एक लंबे समय के लिए क्या अप्लाई करोगे? फोर्स। लेकिन अगर आप एक बॉक्सिंग बैग को पंच करोगे तो क्या वो इंपल्सिव फोर्स होगी? बोलो। बोलो। आप एक सब्जी काट रहे हो ऐसे करके तो क्या वो इंपल्सिव फोर्स है? नहीं। बट अगर आपने ऐसे करके काटा तो द पॉइंट इज कि अगर आप बहुत कम समय के लिए फोर्स अप्लाई करते हो उसे क्या बोलते हैं? इंपल्सिव फोर्स। और इंपल्स क्या होता है? फोर्स इंटू में दैट छोटा सा टाइम। तो उस हिसाब से इसकी एसआई यूनिट क्या बनेगी? फोर्स की होती है न्यूटन और टाइम की होती है सेकंड। तो क्या हो गई? न्यूटन सेकंड। न्यूटन को खोल दो तो केजी मीटर पर सेकंड स्क्वायर इंटू में क्या आ गया? सेकंड। तो क्या खोलने में मिला मुझे? केजी मीटर पर सेकंड। अरे अरे ये तो मोमेंटम की यूनिट भी होती है। बिल्कुल होती है। इसीलिए अगला टॉपिक भी आता है क्या? इंपल्स मोमेंटम थ्योरम। इंपल्स का मोमेंटम से क्या लेना देना है? आओ जरा समझे। बहुत सिंपल है। इंपल्स मोमेंटम थ्योरम कहती है, अकॉर्डिंग टु दिस थ्योरम इंपल्स इज़ इक्वल्स टू चेंज इन मोमेंटम ऑफ अ बॉडी। चेंज इन मोमेंटम ऑफ अ बॉडी। इसको प्रूफ भी करेंगे। यानी इस थ्योरम के हिसाब से अभी पीछे के हिसाब से इंपल्स क्या था? फोर्स इंटू में टाइम। लेकिन इसके हिसाब से इंपल्स किसके बराबर भी है? चेंज इन मोमेंटम के बराबर भी है। कैसे आया? देखो। इसका मतलब ये हुआ कि जो इंपल्स है ये चेंज इन मोमेंटम भी है। यानी फाइनल मोमेंटम माइनस इनिशियल मोमेंटम भी है। बहुत सिंपल सी डेरिवेशन है इसकी दो लाइनों की। आप उसको साबित भी कर दें। बहुत सिंपल। और एक आध नंबर में काफी पूछते भी हैं। ये क्या ये कहना ठीक है कि फोर्स हमारे पास चेंज इन मोमेंटम अपॉन में टाइम होता है। कौन सा लॉ है ये भैया? सेकंड लॉ है न्यूटन जी का। तो यहां से आप चेंज इन मोमेंटम निकाल लो व्हिच इज फोर्स इनटू में टाइम। फर्स्ट मान लो इसको। और आज ये पढ़ा कि इंपल्स क्या होता है? फोर्स इनटू में टाइम। समझ गए क्या आप? कुछ नहीं है देखो। इक्वेट कर दो। तो हमारे पास इंपल्स किसके बराबर आ गया? चेंज इन मोमेंटम के। और चेंज इन मोमेंटम का मतलब क्या होता है? फाइनल मोमेंटम माइनस इनिशियल मोमेंटम। तो इंपल्स के दो मतलब हो जाते हैं। एक हो जाता है फोर्स इनटू में टाइम और एक हो जाता है चेंज इन मोमेंटम। दोनों तरीके से हम इसके एनसीईआरटी में काफी सवाल हैं। हमने जब पीवाईक्यूस किए तो काफी सवाल आए। पीवाई क्यूस में बहुत सवाल लिफ्ट के केसेस और इससे ही आते हैं। जिन्होंने इसके सवाल बना रखे हैं उनको याद आएगा। बॉल को दीवार पे मारा, दीवार से बॉल सेम वेलोसिटी से वापस आ गई। वो वाले सवाल एक बैट्समैन ने बॉल को हिट किया सेम वेलोसिटी से मार दिया। एक सर्टेन एंगल पे गिरी वापस आ गई। तो वो सारे सवाल बहुत आते हैं एग्जाम में इसके ऊपर। डन है क्या? ठीक है? आ जाए एक नए टॉपिक पेस। टॉपिक का नाम? टॉपिक का नाम? अच्छा, एक बात बताओ, हमने कितने सारे चैप्टर पढ़ लिए? नाइन्थ से, 10थ से, अब 11th में भी मोशन इन अ स्ट्रेट लाइन प्लेन। हमने कितनी बार ऑब्जेक्ट को वेलोसिटी में कंसीडर किया, उसकी एक्सीलरेशन माना। लेकिन हमने हमेशा से एक फोर्स को इग्नोर किया और वो कौन सी फोर्स है? फ्रिक्शनल फोर्स। क्योंकि अभी तक हम फ्रिक्शनल फाॅर्स को कैलकुलेट करना नहीं जाने थे। हमें ये नहीं आया था कि फ्रिक्शन को नापा कैसे जाता है। लेकिन इस टॉपिक के बाद हम फ्रिक्शन को नापना सीख जाएंगे और फिर हम उसको अपने फॉर्मूलों में इंक्लूड कर लेंगे। अगेन जिन्होंने वर्क एनर्जी कर लिया। एनसीईआरटी कर्ली उनको याद आएगा एक सवाल भी है वर्क एनर्जी में जिसमें पहले एग्जांपल में फ्रिक्शन को इग्नोर करना है और अगले एग्जांपल में फ्रिक्शन को कंसीडर कर लेना है। अभी तक ऐसा क्यों नहीं करते आए हम? क्योंकि हमें फ्रिक्शन निकालना ही नहीं आता है लेकिन अब हम सीख जाएंगे। क्या होता है फ्रिक्शन भाई? फ्रिक्शन की परिभाषा क्या हो सकती है? फ्रिक्शन की परिभाषा होती है। क्या है ये भैया? ऑपोजिंग फोर्स है। कौन सी फोर्स है? अपोजिंग। क्या इसको अपोजिंग फोर्स कह दूं? बोलो भाई। यस। सर। क्या इसको ऑपोजिंग फोर्स कह दूं? ऑपोजिंग फोर्स व्हिच कम्स इन रोल व्हेन टू ऑब्जेक्ट्स इन कांटेक्ट। इन अ कॉन्ट कांटेक्ट मूव और टेंड्स टू मूव रिलेटिवली रिलेटिवली। हम सब जानते हैं कि फ्रिक्शनल फोर्स मोशन को अपोज करती है। ये तो हम जानते हैं। बट कई बच्चों को लगता है कि फ्रिक्शनल फोर्स सिर्फ तभी आती है जब ऑब्जेक्ट मूव कर रहे होते हैं। बट ऐसा नहीं है। ये फोर्स कब आती है? जब ऑब्जेक्ट मूव कर रहे होते हैं या करना चाहते हैं। अगर मैं बोलूं कि मैं इस टेबल को धकेल तो रहा हूं लेकिन ये टेबल आगे नहीं जा रही। क्यों नहीं जा रही? नहीं। क्या? क्योंकि क्या यह टेबल भारी है? नहीं। बाहर से क्या लेना देना? भारी का तो लेना देना तब होता जब मुझे इसको ऊपर उठाना होता। मेरे को तो इसे आगे धकेलना है। मुझे तो इसका वेट ओवरकम करना ही नहीं है। मेरे को तो इसको आगे धकेलना है। तो क्यों नहीं जा रही है? क्योंकि इसके पैर और इस पोडियम के बीच में क्या है? फ्रिक्शन है। अच्छा। अभी क्या स्टेबल और इसके पोडियम पे फ्रिक्शन लग रही है? नो। क्यों? यस क्यों? क्या ये टेबल अभी मूव करना चाह रही है इधर या इधर? नहीं। तो ना तो ये मूव कर रही है और ना ही करना चाह रही है। तो कोई फ्रिक्शन नहीं है। अगर ये मूव कर रही होगी तो क्या फ्रिक्शन होगी? सर और अगर ये मूव करना जैसे अब मैं इसमें फोर्स लगा रहा हूं। ये मूव करना चाह रही है ना? कर नहीं पा रही ये अलग बात है। तो फ्रिक्शन कब आती है? जब कोई दो ऑब्जेक्ट एक दूसरे के साथ पहली बात तो किस में हो? कांटेक्ट में हो। और वो मूव कर रहे हो या करना चाह रहे हो? या तो कर रहे हो या तो करना चाह रहे हो। तो कौन सी फोर्स आ जाती है? अपोज करने के लिए फ्रिक्शन आ जाती है। कौन सी फोर्स आ जाती है? फ्रिक्शन। ठीक है? अब फ्रिक्शन का कारण क्या है? फ्रिक्शन का कारण क्या है? रीज़न बिहाइंड फ्रिक्शन। क्यों आती है फ्रिक्शन? रीज़न बिहाइंड फ्रिक्शन। इसके दो व्यूज हैं। पता है ना आपको? एक है व्यू वन जिसे कहते हैं ओल्ड व्यू। क्या कहते हैं? ओल्ड व्यू। कौन सा गलत है? कौन सा सही है? देखते हैं। ओल्ड व्यू। ओल्ड व्यू कहता है कि फ्रिक्शन का कारण है इंटरलॉकिंग। [संगीत] इंटरलॉकिंग बिटवीन इर्रेगुलर सरफेससेस इंटरलॉकिंग बिटवीन ओल्ड व्यू कहता है ये हटा दूंगा मैं डायग्राम कि अगर एक टेबल पे एक किताब पड़ी हुई है तो आपको भले ही देखने में लग रहा है कि टेबल और किताब स्मूथ है। यह किताब पड़ी हुई है टेबल पे। आपको देखने में लग रहा है कि टेबल भी स्मूथ है और यह किताब भी स्मूथ है। लेकिन, अगर आप इसको माइक्रोस्कोपिक लेवल पे देखोगे घुस के इसके अंदर तो आपको क्या देखने को मिलेगा कि जो टेबल है उसमें कुछ उबड़ खाबड़ सरफेसेस हैं। और किताब में भी उबड़ खाबड़ सरफेसेस हैं। जो एक दूसरे के साथ इंटरलॉक हो गए। जैसे कि घुंघराले बालों में कंघी फंस जाती है। इंटरलॉक हो जाते हैं। बिल्कुल इसी प्रकार किताब और इस टेबल में इर्रेगुलर सरफेसेस हैं जो एक दूसरे में इंटरलॉक हो गए हैं। तो अगर आपको अब इस किताब को मूव करवाना है। तो क्या आपने एक ऐड देखी मैंने एक ऐड देखी थी। मुझे शैंपू का नाम याद नहीं आ रहा। उसमें एक आंटी होती हैं। उनके ना बालों में कंघी फंस जाती है। वो आंटी बहुत ताकत लगाती हैं जिसकी वजह से उनके बाल टूट जाते हैं। फिर आंटी शैंपू लगा के आती हैं। फिर वो कंघी रखती है ऐसे कंघी अपने आप गिरती है। देखिए ऐड वो मुझे याद नहीं आ रहा नाम। डब है? होगा। सारे शैम्पू में ऐसा होता है। ऐड में ऐसा होता है। नहीं ऐड में ऐसा दिखाता है। असली में होता है क्या? अच्छा ठीक है। क्योंकि कंघी ऐसे रखती है आंटी और वो कंघी अपने आप उसमें गिरते हुए आती है। तो क्या पहले कंघी नीचे क्यों नहीं आ रही थी? क्योंकि बाल इंटरलॉक थे। ऑब्वियस सी बात है बेटा बालों को इससे कम ऐसे मत समझना कि यहां पे भी कुछ गांठे बन गई हैं। अगर मैं यहां पे डब लगाऊंगा। वो मैं एक एग्जांपल दे रहा हूं बस कि जैसे बाल इंटरलॉक हो जाते हैं कंघे में फंस जाते हैं ऐसे-ऐसे करके। ऐसे ही बिल्कुल यहां पे एक इर्रेगुलर सरफेसेस हैं जिनमें इंटरलॉकिंग हो जाती है और उसको ओवरकम करने के लिए हमें फोर्स लगानी पड़ती है और हमारी फोर्स वेस्ट होती है फ्रिक्शन में ओवरकम करना है उसको लेकिन इस इससे प्रॉब्लम क्या है ये ओल्ड व्यू क्यों है इससे पुराना व्यू क्यों कह रहा है इसमें कुछ गड़बड़ी है क्या बिल्कुल बिल्कुल इसके हिसाब से अगर स्मूथ सरफेस होंगे तो फ्रिक्शन कम होनी चाहिए बिल्कुल सही है पाउडर लगा दो पाउडर लगा दो इर्रेगुलर ऑयल लगा दो इर्रेगुलर सर सरफेस कम हो जाएगा। सब कुछ ठीक है आपको पता है। फिर लेकिन एक एक्सेप्शनल केस है। एक तो इसको नीचे रखूं। एक एक्सेप्शनल केस है वो क्या है? कांच हमारे साइंस में सबसे स्मूथ सरफेसेस में से एक है। कांच ग्लास। कांच के ऊपर अगर आप लट्टू चलाओगे बहुत देर तक चलेगा। यस और नो? यस सर। बिकॉज़ कांच में फ्रिक्शन कम है। लेकिन अगर आप कांच के ऊपर कांच को रख दो। ग्लास के ऊपर ग्लास। मान लो स्टेबल जितना बड़ा एक ग्लास है। उसी के ऊपर क्या रख दिया? ग्लास। बहुत मुश्किल होगा उसे खिसकाना। अब अगर दो इतने सुपर स्मूद आए हैं सरफेस। तो चीची उंगली से खिसक जाने चाहिए। बट उन्हें खिसकाना बड़ा डिफिकल्ट होता है। क्यों? ये क्या हो गया भैया? इसके हिसाब से तो अगर सरफेसेस स्मूद हैं तो फ्रिक्शन क्या हो जानी चाहिए थी कम। अरे बोलो। तो आंसर है ये व्यू लगता है बट इसके कुछ लिमिटेशंस हैं जो सुपर स्मूथ सरफेससेस में नहीं होते हैं। फिर आता है हमारे पास व्यू टू जिसको हम लोग कहते हैं मॉडर्न व्यू। हम सारी पढ़ाई कौन से व्यू से करेंगे? नहीं जी इससे ही करेंगे। ज्यादा मॉडर्न मत बनो। बस पढ़ना है हमें। वैसे एज सच कोई पढ़ाई है नहीं जो इन दोनों से बदलेगी। बट हां व्यू। मॉडर्न व्यू कहता है देयर इज़ वीक फोर्स ऑफ अट्रैक्शन बिटवीन पार्टिकल्स। ऑफ बॉडीज इन कांटेक्ट इन अ कांटेक्ट फोर्स इज कॉल्ड फोर्स इज कॉल्ड वेंडर वाल फोर्स ऑफ़ अट्रैक्शन। केमिस्ट्री में पढ़ाया है। जिसका कोई नहीं होता जिसका कोई नहीं होता जिस केमिस्ट्री वाले बच्चों जानते होंगे दुनिया में दो- बहुत सारे प्रकार के अट्रैक्शन्स हैं। आयनिक कोवेलेंट कोऑर्डिनेट मैटेलिक बहुत सारे। लेकिन जिसका कोई अट्रैक्शन नहीं, जिसका कोई नहीं है उसका कौन है? हमने रीज़न के साथ पढ़ा है केमिस्ट्री में। अभी डिटेल में ना जा के इतना समझो कि जैसे दुनिया की हर दो ऑब्जेक्ट्स के बीच में ग्रेविटेशनल फोर्स है, ऐसे ही हर दो ऑब्जेक्ट्स के बीच में वेंडर वाल फोर्स भी है। छोटे पार्टिकल्स में। तो जब दो चीजें कांटेक्ट में आते हैं यानि इसके छोटे-छोटे छोटे-छोटे पार्टिकल होंगे। टेबल के छोटे-छोटे पार्टिकल होंगे। तो जब वो दोनों एक दूसरे के साथ किस में आए? कांटेक्ट में आए। उनके बीच में एक अट्रैक्शन बन गया। और उस अट्रैक्शन को ओवरकम करने में फ्रिक्शन जाती है। अब अगर पार्टिकल्स सुपर स्मूथ होंगे क्या होंगे? सुपर स्मूथ। तो और पार्टिकल्स कांटेक्ट में आएंगे। और पार्ट यार अभी मेरा हाथ मेरा हाथ कांटेक्ट में है क्या? सारा तो नहीं है ना? अगर मैं अपने हाथ पे पेंट लगा के दीवार पे थप्पा मारूं। पूरा हाथ आ जाएगा क्या वहां? क्योंकि मेरा हाथ इर्रेगुलर है। क्या है? इर्रेगुलर। गैप है ना बीच में? पानी डालोगे यहां से निकल जाएगा ना? गैप है। गैप है। लेकिन अगर मेरा हाथ सुपर स्मूथ होगा, सुपर स्मूथ, तो क्या मोस्ट ऑफ द पार्टिकल्स कांटेक्ट में आ जाएंगे? और वंडर वाल फोर्स बढ़ जाएगी, फ्रिक्शन बढ़ जाएगी। बट ठीक है, हम सारी पढ़ाई इससे करने वाले हैं। डन है क्या? बढ़े आगे यार बढ़े आगे बढ़े आगे बढ़े। बात करते हैं टाइप्स ऑफ फ्रिक्शन की। टाइप्स टाइप्स ऑफ फ्रिक्शन। कुछ के नाम पढ़ेंगे बस। नाम से समझ में आ जाएगा आपको। टाइप्स ऑफ फ्रिक्शन पहला है इंटरनल इंटरनल और दूसरा है एक्सटर्नल पहला है इंटरनल और दूसरा है एक्सटर्नल फ्रिक्शन कितने प्रकार के है इंटरनल और एक्सटर्नल नाम से पता लग रहा है इंटरनल फ्रिक्शन मतलब अंदर की फ्रिक्शन अंदर की फ्रिक्शन का मतलब क्या होता है मेरे पास एक बाल्टी पानी है मैंने पानी में हाथ डाला हाथ हिला रहा हूं फ्रिक्शन कौन सी है इंटरनल अब ये बोतल हवा में उड़ते हुए गई। क्या बोतल रास्ते में अपनी डायरेक्शन को बदल रही थी? अगर आपने ध्यान से देखा हां। बिकॉज़ हवा फ्रिक्शन लगा फ्रिक्शन। अबे बोलो बे। यस सर। रॉकेट आगे से नुकीले क्यों होते हैं? ताकि वो हवा को चीरते हुए जा सके। हवा को चीर। अगर इसी रॉकेट को हम आगे से नुकीला बनाते तो वो और आगे जाता। द पॉइंट इज़ वो हवा को चीरता है। सारी सुपर कार आगे से क्या होती है? स्ट्रीमलाइन नुकीली ताकि वो हवा को चीरे। कौन से फ्रिक्शन को ओवरकम करना है उन्हें? इंटरनल जो हवा के अंदर लग रही है। लेकिन मेरे इन दो हाथों में जो फ्रिक्शन है वो मेरे हाथों के अंदर है। हाथों के बाहर है। हाथों के बाहर है। हाथ के बाहर। हाथ। हाथों के बीच अलग होता है। हाथों के बाहर अलग होता है। हाथ के अंदर मतलब अंदर अंदर मसल्स एडीपोज टिश्यू, एरियोल टिश्यू। वहां तो नहीं लग रही ना फ्रिक्शन? फ्रिक्शन तो कहां है? बाहर है। बाहर है। बाहर है। स्किन पे लग रही है स्किन पे। तो ये कौन सी फ्रिक्शन है? एक्सटर्नल। रोड पे गाड़ी चल रही है। गाड़ी चल रही है। टायर और रोड के बीच की फ्रिक्शन कौन सी है? एक्सटर्नल है। कौन सी है? एक्सटर्नल। तो ऑब्वियस सी बात है हमें कौन सी पढ़नी है? एक्सटर्नल पढ़नी है। कौन सी पढ़नी है? एक्सटर्नल। एक्सटर्नल फ्रिक्शन तीन टाइप की होती है। सर हमें इंटरनल नहीं पढ़नी? सेकंड चैप्टर सेकंड किताब चैप्टर का नाम है मैकेनिकल प्रॉपर्टीज़ ऑफ फ्लूइड्स। पूरी 11th का मेरा पर्सनल फेवरेट चैप्टर है। शायद आपका भी होगा। अगर आप दिल और दिमाग से पढ़ोगे तो। बहुत बेहतरीन चैप्टर है। बहुत बेहतरीन। उसमें हम लोग इंटरनल फ्रिक्शन के बारे में बात करेंगे। बट अभी के लिए एक्सटर्नल फ्रिक्शन के तीन टाइप हैं। [संगीत] पहला है स्टैटिक फ्रिक्शन। क्या है? स्टैटिक फ्रिक्शन। स्टैटिक फ्रिक्शन क्या चीज है? व्हेन शॉर्ट में लिख रहा हूं यार। व्हेन ऑब्जेक्ट्स टेंड्स टू मूव। टेंड्स टू मूव बट नॉट मूविंग एक्चुअली। बहुत शॉर्ट मैं लिख रहा हूं। नॉट मूविंग एक्चुअली। यानी कि पार्टिकल्स दो बॉडीज मूव कर नहीं रही हैं लेकिन करना चाहती हैं। नाम से पता लग रहा है ना ऑब्जेक्ट क्या है? रुका हुआ है। मैं ऐसे फोर्स लगा रहा हूं। ये चल रहा है या नहीं चल रहा? चलना चाह रहा है। तो इसके इसके पैर और पोडियम के बीच में जो फ्रिक्शन है उसका नाम है? स्टैटिक फ्रिक्शन। क्या नाम है? स्टैटिक फ्रिक्शन। क्या नाम है? स्टैटिक फ्रिक्शन। क्या नाम है? स्टैटिक। स्टैटिक फ्रिक्शन है। यह रिमोट लगा हुआ है। यह रिमोट है। रिमोट दिख रहा है, रिमोट दिख रहा है। रिमोट दिख रहा है। यह रिमोट है। यह रिमोट है। यह मेरे पास किताब है। ठीक है? क्या ये रिमोट नीचे जाना? क्या ये रिमोट नीचे जाना चाह रहा है? यस सर। जाना चाह रहा है ना? सर। क्यों नहीं जा रहा? कौन सा फ्रिक्शन है? स्टैटिक फ्रिक्शन। स्टैटिक फ्रिक्शन है। अच्छा। अब कोई फ्रिक्शन है इस रिमोट पे? मान के चलते हैं फ्लैट है सब। नहीं है। बिकॉज़ ना तो ये मूव कर रहा है और ना ही करना चाह रहा है। मैंने इसको 1° ऊपर घुमा दिया। क्या ये मूव करना चाह रहा है? कौन सी फ्रिक्शन? स्टैटिक। स्टैटिक। और अब कौन सी? भाग गया। तो इसको बोलते हैं काइनेटिक फ्रिक्शन। क्या बोलते हैं? काइनेटिक। लेकिन लेकिन स्टैटिक फ्रिक्शन और काइनेटिक फ्रिक्शन के बीच में एक और फ्रिक्शन आती है। इसे बोलते हैं लिमिटिंग फ्रिक्शन। क्या बोलते हैं? लिमिटिंग फ्रिक्शन। सबसे काम की चीज है ये। सबसे ज्यादा इसी के बारे में बात करनी है। आओ समझे क्या है ये? मेरे पास एक ऑब्जेक्ट है। घर में पड़ा हुआ वो कोई ऑब्जेक्ट है। बहुत भारी ऑब्जेक्ट है। बहुत भारी। मैंने इस पे लगाया 10 न्यूटन। ये नहीं हिला। क्यों नहीं हिला? क्योंकि ये भारी है। नहीं नहीं ये अगर 5 लाख किलो का भी होता और अगर क्या ना होती? फ्रिक्शन तो फूंक मार के ला देता मैं इसको। यस और नो। सर। और ध्यान रहे अगर फ्रिक्शन नहीं होगी फूंक मारूंगा। तो मैं भी पीछे जाऊंगा। क्या दुनिया होती सोचो। आप छींक मारते हो और ऐसे उड़ के जाते पीछे और आगे भी जाते अगर कुछ और मारते तो। बोलो बेटा। कितनी फोर्स लगाई मैंने इस पे? 10 न्यूटन। क्यों नहीं हिलाई ये? क्या? फ्रिक्शन। क्योंकि पैर और जमीन के बीच में क्या है? फ्रिक्शन। क्या है? फ्रिक्शन। कितनी होगी? 10 न्यूटन। अरे नेट फोर्स जीरो है। तभी तो नहीं हिला। मैंने इस पे लगाई। 20 न्यूटन की फोर्स। ये तब भी नहीं हिला। इसका मतलब इसने भी कितनी लगाई? मैंने लगाई 120 न्यूटन। ये तब भी नहीं हिला। इसका मतलब यानी कि ये जो फ्रिक्शन अभी लग रही है, इस पे हिल नहीं रहा है। तो ये कौन सी फ्रिक्शन हुई? स्टैटिक। यानी कि स्टैटिक फ्रिक्शन की कोई फिक्स वैल्यू नहीं होती। स्टैटिक फ्रिक्शन अपने आपको हमारे अनुसार एडजस्ट करती है। इसीलिए स्टैटिक फ्रिक्शन को सेल्फ एडजस्टिंग फ्रिक्शन भी कहते हैं। बहुत आता है सवाल। स्टैटिक फ्रिक्शन को सेल्फ एडजस्टिंग फ्रिक्शन भी कहते हैं। क्योंकि हमारे द्वारा लगाई गई फोर्स के अनुसार अपने आप को एडजस्ट करती है। बट इसकी भी तो एक लिमिट होगी। मान लो इसकी लिमिट है 200 न्यूटन। ये मैक्सिमम 200 की फोर्स लगा सकती है। अभी नहीं लगा रही। मैक्सिमम लगा सकती है। तो अगर आपने 199 लगा दिया तो ये कितना लगाएगी? 199 आपने लगा दिया 199.99 तो ये भी कितने लगाएगी? 199.9 आपने लगा दी 200 न्यूटन। ये भी कितनी लगा सकती है? बट अगर आपने 200.001 न्यूटन लगा दिया तो क्या अब ये जो भी ऑब्जेक्ट है आगे जाने लग जाएगा? यस सर। क्योंकि ये कितनी फोर्स लगा सकता था मैक्सिमम फ्रिक्शन? 200 तो ये मैक्सिमम कितने फ्रिक्शन लगा सकता है? कोई भी ऑब्जेक्ट मैक्सिमम कितने स्टैटिक फ्रिक्शन लगा सकता है? इसे बोलते हैं लिमिटिंग फ्रिक्शन। क्या बोलते हैं? लिमिटिंग फ्रिक्शन। तो मैक्सिमम स्टैटिक फ्रिक्शन, मैक्सिमम स्टैटिक फ्रिक्शन इज कॉल्ड लिमिटिंग फ्रिक्शन। इज कॉल्ड। इसकी एक और परिभाषा भी दे सकते हैं हम। ये तो है ही कि स्टैटिक फ्रिक्शन की मैक्सिमम वैल्यू को हम लिमिटिंग फ्रिक्शन कहते हैं। बट हम ऐसे भी इसको परिभाषा दे सकते हैं कि फ्रिक्शन या फोर्स अबव विच फोर्स अबव वि ऑब्जेक्ट विल स्टार्ट टू स्टार्ट टू क्या? मूव। यानी ऐसी फोर्स जिसको जो मैं लगाऊं उसके ऊपर ये मूव करने लग जाए। तो वही एक्चुअली उसकी लिमिट है। और उसे क्या बोलेंगे? लिमिटिंग फ्रिक्शन। क्या कहेंगे? लिमिटिंग फ्रिक्शन। क्या किसी भी बॉडी के लिए लिमिटिंग फ्रिक्शन की वैल्यू फिक्स्ड होगी? यस। पर किसकी फ्रिक्शन फिक्स नहीं होगी? स्टैटिक। क्योंकि वो तो आपके द्वारा लगाई। आपने लगाई 10, उसने लगाई 10, 20, 20, 25, 25। लेकिन मान लो उसकी मैक्सिमम लिमिट है 50। तो आपने लगाया 50। उसने भी कितना लगाया? स्टैटिक फ्रिक्शन कौन ओ सॉरी काइनेटिक फ्रिक्शन? काइनेटिक फ्रिक्शन नाम से पता लग रहा है भैया। काइनेटिक फ्रिक्शन नाम से पता लग रहा है कि क्या होगा बोलो? व्हेन फ्रिक्शन व्हेन ऑब्जेक्ट्स आर मूविंग इन कांटेक्ट विद रिस्पेक्ट टू ईच अदर। विद रिस्पेक्ट टू ईच अदर। एक दूसरे के रिस्पेक्ट में ऑब्जेक्ट जो है वो क्या कर रहे हैं? मूव। परिभाषा में क्या लिखा हुआ था फ्रिक्शन की? कि भैया या तो मूव करना चाह रहे हों या कर रहे हो। तो यहां पे करना चाह रहे होंगे। लेकिन वहां पे कर रहे होंगे। अब आप मुझे बताओ रोड पे गाड़ी चल रही है। उसके टायर और जमीन के बीच में कौन सी फ्रिक्शन है? काइनेटिक है। कौन सी है? काइनेटिक फ्रिक्शन। मेरे पैर और जमीन के बीच में कौन सी फ्रिक्शन है? काइनेटिक फ्रिक्शन है। मैं चलना चाह रहा हूं। चल नहीं पा रहा। बताओ कौन सी फ्रिक्शन है? काइनेटिक फ्रिक्शन। स्टैटिक भी हो सकती है, लिमिटिंग भी हो सकती है। आपको कैसे पता? बोलो बेटा। यस सर। लिमिटिंग फ्रिक्शन स्टैटिक फ्रिक्शन ही है। बस वो स्टैटिक की मैक्सिमम वैल्यू है। अरे वो स्टैटिक की मैक्सिमम वैल्यू है। कॉमन सेंस। काइनेटिक फ्रिक्शन दो प्रकार की हो सकती है। स्लाइडिंग एंड रोलिंग। नाम से पता लग रहा है। अगर कोई ऑब्जेक्ट रगड़ता हुआ जा रहा है अगर कोई ऑब्जेक्ट रगड़ता हुआ जा रहा है तो और अगर कोई ऑब्जेक्ट रोल करता हुआ जा रहा है तो रोलिंग फ्रिक्शन। कौन सी फ्रिक्शन कम होती है? रोलिंग। क्योंकि इसमें एरिया ऑफ कांटेक्ट कम होता है। एलकेजी के सवाल हैं सारे। बोलो। क्योंकि एरिया ऑफ़ कांटेक्ट क्या होता है? कम। बचपन में एक एक्टिविटी की थी नाइंथ क्लास में। नीचे रजिस्टर रखा था ऐसे करके और दोस्त ने बोला मारो। आपने मारा आगे चला गया। फिर आपने उसके नीचे तीन-चार पेन लगा दिए। फिर बोला मारो तो वो ज्यादा दूर तक गया। क्यों गया? क्योंकि आपने पहले जो फ्रिक्शन लगाई थी वो स्टैटिक थी। ओ स्लाइडिंग थी। वो रगड़ रहा था। अब आपने नीचे गोले लगा दिए तो रोलिंग। बॉल बेरिंग इसी पे तो काम करता है। यू नो बॉल बेयरिंग? बॉल बेरिंग। पहले दो चीजें एक दूसरे के ऊपर रगड़ती थीं। हमने बीच में बॉल्स डाल दी। तो वो स्लाइडिंग फ्रिक्शन किसमें कन्वर्ट हो गई? रोलिंग में। जितनी भी चीजें आपके घर में घूम रही हैं, मोस्टली सब में क्या है? बॉल बेरिंग। क्योंकि वो रोलिंग फ्रिक्शन दे रहा है उनको। टायर आप ट्रॉली लेकर जा रहे हो। रगड़ते हुए लेकर जाओगे तो बहुत ज्यादा फ्रिक्शन होगी। टायर लगा दो। किस में कन्वर्ट हो जाएगी? रोलिंग फ्रिक्शन में। ठीक है? ये सब हम जानते हैं। ये मेन ये मेन पढ़ाई नहीं है बेटा। मेन पढ़ाई आगे से शुरू होगी जो पेपर में आती है। लेकिन उससे पहले चलो आ जाओ। आखिरी चीज़ करते हैं। फिर आएंगे लॉज़ ऑफ लिमिटिंग फ्रिक्शन पे। यहां पे मेरे पास आ रही है फ्रिक्शन या फोर्स कह लो। फोर्स फ्रिक्शनल फोर्स कह लो। और यहां पे है अप्लाइड फोर्स। कौन सी फोर्स? अप्लाइड फोर्स जो मैं लगा रहा हूं। अगर मैं कोई फोर्स नहीं लगाऊंगा या कोई भी कोई फोर्स नहीं लगाएगा तो फ्रिक्शन भी क्या होगी? जीरो। अरे यार इस पे कोई फोर्स लगाई है क्या? अब आप कहोगे सर इस पे भी तो आपने कोई फोर्स नहीं लगाई। अरे लग रहा है ना नीचे जब हम पढ़ेंगे MG cos थीटा MG sin थीटा लगेगा अ लगेगा। तो इस पे फ्रिक्शन है क्योंकि मैंने लगाया है। लेकिन इस पे तो कोई फोर्स नहीं लगाई है। इस टेबल पे कोई फोर्स नहीं लगाई है। कोई फोर्स नहीं लगाई तो फ्रिक्शन भी क्या होगी? जीरो मैं फोर्स लगा रहा हूं फ्रिक्शन बढ़ रही है। फोर्स लगा रहा हूं फ्रिक्शन बढ़ रही है। फोर्स लगा रहा हूं फ्रिक्शन बढ़ रही है। फोर्स लगा रहा हूं फ्रिक्शन बढ़ रही है। तो ये स्टैटिक फ्रिक्शन हुई क्योंकि मेरे द्वारा लगाई गई फ़ोर्स पे ये बढ़ रही है। 10 लगाई 10 लगाई। 20 लगाई 25 लिमिट 90 किया मान लो। तो 70 70 80 80 85 85 90 90 ये लिमिट पे पहुंच गया। इसके ऊपर नहीं जा सकते। तो क्या ये ये रिप्रेजेंट कर रहा है किसको? लिमिटिंग फ्रिक्शन को। किसको? लिमिटिंग फ्रिक्शन लेकिन अगर आप इसके आगे फोर्स लगा दोगे तो क्या ऑब्जेक्ट मूव करने लग जाएगा? और मूव करने लग जाएगा तो कौन सी फ्रिक्शन आएगी? और खतरनाक बात यह है कि काइनेटिक फ्रिक्शन इज़ स्लाइटली लेस देन लिमिटिंग। अगर लिमिटिंग फ्रिक्शन 90 है तो जब ऑब्जेक्ट मूव कर रहे होंगे तो फ्रिक्शन 90 से कम होगी। फ्रिक्शन 90 से कम होगी। ये कैसे हो गया? क्योंकि जब ऑब्जेक्ट एक बारी मूव करने लग जाता है। यहां से लग गई कौन सी फ्रिक्शन? काइनेटिक फ्रिक्शन। तो काइनेटिक फ्रिक्शन लिमिटिंग से कम क्यों है? क्योंकि लिमिटिंग तो भैया मैक्सिमम वैल्यू थी। तो काइनेटिक लिमिट से कम क्यों होती है? बिकॉज़ जब एक बार ऑब्जेक्ट मूव करना स्टार्ट कर देता है उसके बाद जो उनके बीच में इंटरलॉकिंग होती है। क्या होती है? इंटरलॉकिंग वो कम बनती है। या ऐसे कह लो उनके बीच में जो वंडर वाल फोर्स है वो कम बन पाती है। कभी ऐसा नोटिस किया है? कि एक ऑब्जेक्ट को मूव करवाना बड़ा मुश्किल होता है। लेकिन अगर वो एक बार क्या कर गया? उसके बाद फर्दर उसको मूव करवाना रिलेटिवली आसान लगता है। क्योंकि अगर एक ऑब्जेक्ट एक बारी मोशन में आ गया तो रिलेटिव इंटरलॉकिंग कम होगी और फ्रिक्शन कम हो जाएगी। जितनी ज्यादा तेजी से भगाओगे फ्रिक्शन उतनी कम होती चली जाएगी। वो अलग बात है। तो इस ग्राफ में क्या लिखा हुआ है? शुरुआत क्या हो रही है? कोई फोर्स नहीं लगाई तो फ्रिक्शन क्या है? फिर आपने क्या बढ़ाना शुरू किया? अप्लाइड फोर्स। क्या बढ़ना शुरू हुआ? फ्रिक्शन। अप्लाइड फोर्स बढ़ाई। क्या बढ़ी? फ्रिक्शन। अप्लाइड फोर्स बढ़ाई क्या बढ़ी? लेकिन एक लिमिट तक बढ़ी। उस लिमिट का नाम क्या है? लिमिटिंग फ्रिक्शन। उसके आगे गए तो क्या लिमिटिंग फ्रिक्शन कम हो गई? सर लिमिटिंग फ्रिक्शन कम हुई या कोई नई फ्रिक्शन है ये? नई फ्रिक्शन है ये। उसका नाम है काइनेटिक फ्रिक्शन। और काइनेटिक फ्रिक्शन इज़ स्लाइटली लेस दैन ये सवाल बहुत आता है। लिख लेते हैं। मैं यहां नहीं लिख रहा। आप सब भी लिख लो बेटा और आप भी लिख लो। हां। क्या लिखोगे? क्वेश्चन है वाई वाई लिमिटिंग फ्रिक्शन वाई लिमिटिंग फ्रिक्शन इज़ स्लाइटली ग्रेटर देन काइनेटिक फ्रिक्शन व्हाई लिमिटिंग फ्रिक्शन इज़ स्लाइटली ग्रेटर दैन काइनेटिक फ्रिक्शन? ये उल्टा भी आता है और करके भी लिख सकते हो। व्हाई काइनेटिक फ्रिक्शन इज़ स्लाइटली लेस देन लिमिटिंग? बात देखिए। आंसर है। आंसर है। व्हेन ऑब्जेक्ट इज इन व्हेन ऑब्जेक्ट्स इज इन व्हेन ऑब्जेक्ट्स आर इन व्हेन ऑब्जेक्ट्स आर इन रिलेटिव मोशन व्हेन ऑब्जेक्ट्स आर इन रिलेटिव मोशन देन ये छीके मार रहे हो। हंसी आ रही है तुम्हें? व्हेन ऑब्जेक्ट्स आर इन रिलेटिव मोशन देन देयर विल बी लेस इंटरलॉकिंग बिटवीन दी सरफेसेस देयर विल बी लेस इंटर लॉकिंग बिटवीन दी सरफेसेस एंड हेंस फ्रिक्शन एंड हेंस फ्रिक्शन विल स्लाइटली डिक्रीज एंड हेंस फ्रिक्शन विल स्लाइटली डिक्रीज। [संगीत] है ना? इसलिए थोड़ी सी ये वैल्यू कम रहती है जनरली। अब अगेन जितनी ज्यादा वेलोसिटी पे भाग रहे होगे उतनी फ्रिक्शन ये कम हो जाएगी। डन है क्या? अरे बोलो। यस। अभी तक हम ये तो नहीं सीखे निकालना कि फ्रिक्शन बढ़ती कैसे है? या फ्रिक्शन को कैलकुलेट कैसे करते हैं? तो उसके लिए हमें पढ़ने होंगे लॉज़ ऑफ फ्रिक्शन। अब एक्चुअली हम लॉज़ ऑफ फ्रिक्शन तो पढ़ रहे हैं बट लॉज़ ऑफ लिमिटिंग फ्रिक्शन क्यों लिख रहे हैं? बिकॉज़ सारी फ्रिक्शंस में एक ही फ्रिक्शन है जो अपनी वैल्यू को कांस्टेंट रखती है विद रिस्पेक्ट टू बॉडीज़। और वो कौन सी फ्रिक्शन है? लिमिटिंग। बिकॉज़ स्टैटिक भी अपने आप को चेंज करती है और अगर आपने वेलोसिटी चेंज करी तो कौन भी अपने आप को चेंज करेगा? काइनेटिक भी। तो इसलिए जब भी हम लॉ पढ़ रहे हैं तो किसके रिस्पेक्ट से पढ़ रहे हैं? लिमिटिंग फ्रिक्शन के रिस्पेक्ट से पढ़ रहे हैं। मैक्सिमम फ्रिक्शन कितनी लग सकती है? आओ। तो यहां पे हम अलग-अलग भाषा तीन हिस्सों में इसको बांटते हैं। एक्चुअली ये जो लॉस ऑफ लिमिटिंग फ्रिक्शन आ रहे हैं ये ऐसा कि वन टू थ्री नहीं हैं। कोई भी किसी भी नंबर पे बोल सकते हो। कई किताबें तो दो ही लॉ में इसको निपटा देती हैं। कई किताबें तीन भी लिखती हैं। चलो आओ। तो लॉस ऑफ लिमिटिंग फ्रिक्शन में सबसे पहला लॉ क्या कहता है? कि लिमिटिंग फ्रिक्शन अगेन इसमें पहला दूसरा कुछ नहीं है। लिमिटिंग फ्रिक्शन इज डायरेक्टेड ऑपोजिट टू डायरेक्शन ऑफ मोशन। सही है क्या ये? जहां भी मोशन हो रहा होगा डायरेक्शन ऑफ मोशन इन व्हिच ऑब्जेक्ट टेंड्स टू मूव। ऑब्जेक्ट जिस डायरेक्शन में मूव करना चाहता है, फ्रिक्शन हमेशा उसके ऑपोजिट। जैसे अगर मैं इसको धकेलना चाह रहा हूं, तो ये किधर मूव करना चाह रहा है? आगे तो फ्रिक्शन कहां लगेगी? ये तो हमें पहले से ही पता है। सेकंड फ्रिक्शनल फोर्स डिपेंड्स ऑन एक्चुअल एरिया ऑफ कांटेक्ट बट नॉट ऑन एरिया ऑफ कांटेक्ट। ये क्या बात हुई? ये तो बड़ा अजीब साउंड कर रहा है भाई। ये कह रहा है देखो क्या? जैसे कि अगर मैं मान लूं इस रजिस्टर इस रजिस्टर के डायमेंशंस क्या होंगे तो लगभग लगभग ये मान लेते हैं 20 सें.मी. का होगा। 15 सें.मी. का स्केल इतना होता है मान लो 20 सें.मी. मान लेते हैं और इसको 30 सें.मी. मान लेते हैं। तो 30 * में 20 कितना हो गया? 600 सें.मी. स्क्वायर का ये रजिस्टर हो गया। अब अगर मैं 600 सेंटीमीटर स्क्वायर के रजिस्टर को इस टेबल पर रखता हूं तो कितना एरिया कांटेक्ट में आया? कई लोग बच्चे कहेंगे 600 आया। बट एक्चुअली 600 से तो काफी कम आया होगा। बिकॉज़ ये सरफेस इर्रेगुलर है। 600 से तो बहुत ही कम आया होगा। 500 आया होगा, 450 आया होगा। जितना भी आया होगा। लेकिन 600 से कम आया होगा। तो एरिया ऑफ़ कांटेक्ट जो मैथ्स के हिसाब से है वो कितना है? 600। बट एक्चुअली में अंदर बहुत इर्रेगुलर सरफेसेस होंगे। जैसे कि मैं आपको बोलूं मेरे हाथ का एरिया मान लो 20 सें.मी. स्क्वायर है और मैंने इन दोनों हाथों को जोड़ दिया। तो क्या 20 सेंटीमीटर² कांटेक्ट में आया? नहीं। 20 से तो बहुत कम आया होगा। तो जो फ्रिक्शन है वो किस पे डिपेंड नहीं करती? एरिया ऑफ कांटेक्ट पे डिपेंड नहीं करती। वो डिपेंड करती है एक्चुअल एरिया ऑफ कांटेक्ट पे। जो माइक्रोस्कोपिक लेवल पे वो कांटेक्ट में है। एंड लास्ट बट सबसे जरूरी इसी के पीछे हम हैं। और वो है कि फ्रिक्शनल फोर्स। फ्रिक्शनल फोर्स यानी लिमिटिंग फ्रिक्शन इज डायरेक्टली प्रपोशनल इज डायरेक्टली प्रोपोर्शनल टू नॉर्मल रिएक्शन टू नॉर्मल रिएक्शन। ये सबसे इंपॉर्टेंट है। यानी कि अगर एक ऑब्जेक्ट कहीं मूव करना चाह रहा है। मान लो इस पे आपने फोर्स लगा। इसका मोशन यहां हो रहा है या मोशन होना चाहता है। तो फ्रिक्शन क्या पीछे की तरफ होगी? इस पे नीचे की तरफ क्या लग रहा होगा? mg ऊपर की तरफ क्या लग रहा होगा? r ऑब्वियस सी बात है इस केस में तो खैर mg - mg और r आपस में क्या होंगे? बराबर। बट हर वक्त बराबर नहीं होते। हमने लिफ्ट के केसेस में अभी-अभी सीखा। बट अगर मान लेते हैं। अभी ऐसा है। तो फ्रिक्शनल फोर्स ये लॉ कहता है कि जो फ्रिक्शनल फोर्स होती है, फ्रिक्शनल फोर्स को हम किससे दिखाने वाले हैं? Fr से। पूरे चैप्टर में FR से। तो फ्रिक्शनल फोर्स जो होती है, ये डायरेक्टली प्रपोर्शनल होती है किससे? नॉर्मल रिएक्शन से। आओ जरा थोड़ा समझते हैं इसको। थोड़ा समझते हैं इसको। अगर आपके सामने एक चेंज जैसे कि अगर मैं आपको बोलूं कि यहां पे एक ये बॉटल पड़ी हुई है। ये बोतल है। तो ये बोतल [प्रशंसा] को मैं अगर धकेलूंगा तो क्या मुझे एक फ्रिक्शन मिलेगी फ्रिक्शन? बोलो। यस सर। अगर मैं इस बोतल में पानी भर दूं तो मेरे लिए इसको धकेलना आसान हो जाएगा या मुश्किल? मुश्किल क्यों? प्लीज ये तो नहीं बोलना चाह रहे कि यार ये भारी हो गई क्योंकि क्योंकि अगर यह भारी होती तो मेरे को उठाने की बात हो रही है तब मुझे इसको उठाना नहीं है। मुझे इसको धकेलना है। मुझे इसका वेट तो ओवरकम करना ही नहीं है। तो बताओ क्या क्या प्रॉब्लम हो गई है? ये ये अब मुश्किल से क्यों खिसक रही है? क्योंकि पहले इसका mg था मान लो 10 न्यूटन। क्योंकि इसका m 1 किलो था। और g की वैल्यू 10 होती है। तो 1 किलो इंटू में 10 कितना हो गया? 10 हो गया। अब मैंने इसमें 1 किलो पानी और भर दिया। तो क्या अब इसका mg 20 न्यूटन हो गया? और इस केस में क्या mgr के बराबर है? तो अगर क्या बढ़ेगा तो क्या बढ़ेगा? और अगर r बढ़ेगा तो ये लॉ कहता है क्या बढ़ेगा? तो बेसिकली क्या ये कह दे कि वजन के बढ़ने से फ्रिक्शन बढ़ती है? नहीं। वजन के बढ़ने से इस केस में क्या बढ़ा? R और r के बढ़ने से क्या बढ़ा? आप आगे जाकर सीखोगे आप में से कुछ बच्चे जानते भी होंगे कि हम वजन बढ़ाएंगे बट r नहीं बढ़ेगा। या फिर r चेंज होगा बिना वजन चेंज किए? अरे बोलो। सर। फ्रिक्शन को mg से लेना-देना नहीं। फ्रिक्शन को लेना देना है r से। फ्रिक्शन को mg से लेने देना नहीं। तो अगर मैं बोलूं कि बेटा एक चेयर को आसानी से धकेल सकते हो या एक चेयर को आसानी से धकेल सकते हो विद उसके ऊपर कोई बैठा हो तो। तो आप कहोगे एक चेयर को। मैं पूछूं क्यों? तो क्या आप ये बोलोगे? क्योंकि जब चेयर पे कोई इंसान बैठा हो तो चेयर भारी हो जाती है। नहीं ये गलत स्टेटमेंट है। ये तो अनपढ़ भी बोल देगा कोई। हम तो पढ़े-लिखे हैं। हमें क्या बोलना है? कि जब उस पे कोई बैठा तो mg बढ़ गया। और इस केस में mg के बढ़ने से और फ्रिक्शनल फोर्स r के मान लो कोई इंसान फ्री फॉल कर रहा है और फ्री फॉल करते तो इंसान के ऊपर एक इंसान आ गया तो mg तो बढ़ गया ना r पागल हो क्या r कैसे बढ़ गया r तो ज़ीरो है फ्री फॉल में r जीरो रहता है बेटा एक के ऊपर दो इंसान आए तीन आए 10 आए बात समझ रहे हो क्या तो mg से कोई लेना देना है आगे इसी चैप्टर में आज हम ये भी तो देखने वाले हैं। जिन्होंने देखा है उनको मैं बस पढ़ा रहा हूं कि भैया देखो ऐसे ऑब्जेक्ट तो नीचे की तरफ क्या है? इधर लगने वाला है क्या? R तो क्या r mg के बराबर होता है? नहीं होता। हमेशा नहीं होता। और हमने लिफ्ट के केस में भी देखा है। तो प्लीज आप ये मत याद करना कि भारी चीज है तो फ्रिक्शन ज्यादा होगी। ये गलत शिक्षा लेके चले जाओगे। फ्रिक्शन का mg से कोई लेना देना नहीं है। उसका लेना देना किससे? r से। हां। बहुत सारे केसेस में mg के बढ़ने से क्या भी बढ़ता है? r चलो आओ। अब अगर मैं यहां पे प्रपोर्शनल का साइन हटा के इक्वल लगाना चाहूंगा तो मुझे यहां पे एक कांस्टेंट लगाना पड़ेगा। और इस कांस्टेंट है म्यू क्या है भाई? और इस म्यू को बोलते हैं कोफिशिएंट ऑफ अगर मैं लिमिटिंग फ्रिक्शन की बात कर रहा हूं तो लिमिटिंग फ्रिक्शन या नॉर्मल बोलना है तो कोफिशिएंट ऑफ फ्रिक्शन। अब बताओ क्या फ्रिक्शन सिर्फ r पे डिपेंड करेगी? क्या इसका मटेरियल से कोई लेना देना नहीं है? आप बताओ मेरे को इसी बोतल के नीचे अगर साबुन लगा दूं क्या लगा दूं? तो क्या इसे खिसकाना आसान हो जाएगा? और इसी बोतल के नीचे रेगमार लगा दूं, सैंड पेपर लगा दूं, सैंड पेपर आसान होगा मुश्किल होगा? पाउडर दो प्रकार के आते हैं। एक जो शरीर पे लगाया जाता है। बता रहा हूं उसको दूसरे वाले की। एक जो शरीर पे लगाया जाता है वो स्मूथ पाउडर होता है। उसको कैरम में लगाओ मजा आ जाएगा। ऐसे स्ट्राइककर भागेगा इधर-उधर। बोलो बेटा। एक पाउडर होता है जो जिम में यूज़ करते हैं ग्रिप के लिए। वो चौक पाउडर होता है। उससे फ्रिक्शन बढ़ती है बल्कि। आपने देखा होगा जिम में लोग ऐसे आ रहे हैं बॉडी बिल्डर लोग। वीडियो शूट चल रहा है स्लो मोशन में। ऐसे कर रहे हैं, धुंआ उड़ रहा है। है ना? फिर आते हैं ऐसे वजन उठाते हैं। वो हाथ में क्या लगाते हैं? चॉक पाउडर। उसको कभी हाथ में उठाना, ऐसे रगड़ना, फ्रिक्शन बढ़ जाएगी। किसी भी चीज़ को पकड़ो, ग्रिप बढ़ जाएगी आपकी। की ग्रिप बढ़ जाएगी। वो शरीर पे मत लगा के घूमना। मान लो आपने यहां लगा लिया पाउडर। लाल हो जाएगा सब। क्योंकि फ्रिक्शन बढ़ गई है। बगलों की फ्रिक्शन बढ़ जाएगी। तो वो शरीर बेटा वो ये दूसरा वाला पाउडर ये था। तो दो प्रकार के पाउडर हैं। अब पाउडर पाउडर है। लेकिन एक रफ है और एक मटेरियल का डिफरेंस तो फ्रिक्शन एक बढ़ा रहा है। एक कम कर रहा है। एक फ्रिक्शन बढ़ा रहा है और एक कम कर रहा है। एक फ्रिक्शन बढ़ा रहा है और एक कम कर रहा है। ऑयल लगा दूंगा, साबुन लगा दूंगा तो फ्रिक्शन कम हो जाएगी। रेग मार लगा दूंगा, मिट्टी घेर दूंगा तो फ्रिक्शन बढ़ जाएगी। द पॉइंट इज़ फ्रिक्शन सिर्फ R पे नहीं एक और चीज पे भी डिपेंड करती है वो है नेचर ऑफ़ मटेरियल इन कांटेक्ट। क्या? नेचर ऑफ़ मटेरियल इन्ट। इसकी वैल्यू वैल्यू डिपेंड्स ऑन नेचर ऑफ मटेरियल। इसकी वैल्यू किस पे डिपेंड करती है? नेचर ऑफ मटेरियल पे। किस पे डिपेंड करती है? नेचर ऑफ़ मटेरियल। अगर एक सरफेस रफ है। अगर एक सरफेस रफ है। रफ सरफेस है। तो μ की वैल्यू बड़ी होगी। और अगर स्मूथ सरफेस है तो μ की वैल्यू छोटी होगी। अब सोचो अगर रफ सरफेस है और μ की वैल्यू फाइव है तो फ्रिक्शन बढ़ेगी और अगर स्मूथ सरफेस है फ्रिक्शन की वैल्यू वन या टू है तो फ्रिक्शन कम हो जाएगी। बोलो जल्दी से। μ की एसआई यूनिट क्या होगी? यूनिटलेस होगा। क्यों भाई यूनिटलेस क्यों होगा ये? क्योंकि f क्या है? न्यूटन। RB क्या है? फोर्स से न्यूटन। न्यूटन से न्यूटन। यूनिटलेस हो गया ये। यूनिटलेस कांस्टेंट है मतलब कि एक। बोलो बेटा। सर। तो फ्रिक्शन दो चीजों पे डिपेंड कर गया। एक है नॉर्मल रिएक्शन और एक है कोफिशिएंट ऑफ़ फ्रिक्शन। ओ हां। एक है नॉर्मल रिएक्शन। कोफिशिएंट ऑफ़ फ्रिक्शन बोल रहे हैं। बट सही बोलना होगा कि नेचर ऑफ़ मटेरियल। जो कि एक ही बात है। कोफिशिएंट ऑफ़ फ्रिक्शन। सबके लिए अलग-अलग वैल्यू है। आपको वैल्यू याद नहीं करनी है। सबके लिए अलग-अलग है। या तो निकालनी होगी क्वेश्चन में या गिवन आएगी। डन हो गया क्या? आगे बढ़े। ठीक है भाई? तो अब हम लोग बात करेंगे इस चैप्टर के एक्चुअली उन टॉपिक्स के बारे में जहां से एग्जाम में चीजें आती हैं। ऐसा नहीं है कि चीजें जो अभी तक हमने पढ़ी वो एग्जाम में नहीं आती हैं। बट हां अब कुछ चीजें जो अब हम पढ़ने वाले हैं वो एग्जाम में आती हैं। फ्रिक्शन को हम लोगों ने कैलकुलेट करना सीख लिया है। फ्रिक्शन का फार्मूला हमारे पास क्या आया है? μR यहां पे μ क्या है? कोफिशिएंट ऑफ़ फ्रिक्शन। R क्या है? नॉर्मल रिएक्शन। μ की वैल्यू अलग-अलग मटेरियल के लिए बात हो गई है। अलग-अलग होती है। लेकिन फ्रिक्शन से रिलेटेड कुछ चीजें हैं। जैसे कि एंगल ऑफ फ्रिक्शन, एंगल ऑफ रिपोज, एक्सीलरेशन, मैक्सिमम वेलोसिटी ऑन अ कर्व्ड रोड जो कि प्लेन होगी और फिर बैंकिंग ऑफ रोड जो कि इस चैप्टर का हीरो टॉपिक है। लेकिन मैं आगे का टॉपिक शुरू करने से पहले एक बात बता दूं। इस चैप्टर में एक और टॉपिक है कनेक्टेड मोशन करके। कनेक्टेड मोशन में क्या होता है कि दो मासेस को हम लोग एक स्ट्रिंग से क्या कर देते हैं? कनेक्ट। उसके ऊपर न्यूमेरिकल्स आते हैं। अब उसके न्यूमेरिकल हर एक केस के लिए अलग-अलग हैं। ऑलदो हमारे पास एक स्पेशल केस होता है जिसमें हम दो मासेस को एक पुली के थ्रू कनेक्ट करते हैं। कई स्कूलों में उसके डेरिवेशन कराई जाती है। कहीं नहीं एनसीईआरटी में नहीं है। पेड बैचेस में हम लोगों ने करी है। बट अभी के लिए मैं ये कहूंगा कनेक्टेड मोशन के लिए हमें जिस पे मेनली ध्यान देना होता है वो है न्यूमेरिकल्स। तो न्यूमेरिकल से कनेक्टेड मोशन कवर होता है वह कोई एक टॉपिक नहीं है। बस इतना पता होना चाहिए कि एक रस्सी होती है। उससे कुछ मास टंगे होते हैं। रस्सी में खिंचाव पैदा होता है। एटसेट्रा एटसेट्रा। बट अभी के लिए अगर हम लोग बात करें एंगल ऑफ फ्रिक्शन के बारे में। तो एंगल ऑफ फ्रिक्शन क्या है? नाम से तो पता लग रहा है कि ये कोई ऐसा एंगल होगा जो फ्रिक्शन को डिसाइड करेगा। तो कुछ ऐसा ही समझ सकते हैं हम अब। जैसे कि मान लेते हैं कि हमारे पास यहां पर कोई एक रफ सरफेस है। ये कोई रफ सरफेस है। और इस रफ सरफेस के ऊपर यहां पर कोई मास जो है वो पड़ा हुआ है। ठीक है ना? ये कोई मास पड़ा हुआ है। ठीक है? अब ये मास अ इधर की तरफ जा रहा है या जाना चाहता है। अभी के लिए मान लेते हैं जा रहा है तो इधर की तरफ इसका मोशन हो रहा है। अगर इसका अगर इसका मोशन हो रहा है इस डायरेक्शन में तो आप मुझे बताओ कि इस पे फ्रिक्शन अगर इसका मोशन हो रहा है राइट डायरेक्शन में तो फ्रिक्शन कहां होगी? लेफ्ट डायरेक्शन में। किधर होगी? लेफ्ट में इसकी हमारे पास क्या आ जाएगी भैया? फ्रिक्शन। तो इधर के डायरेक्शन में इधर एक फ्रिक्शन आ गई। मैं इसको लेट से ग्रीन कलर से दिखा देता हूं। और फ्रिक्शन को हम FR से दिखा देते हैं। क्या इस मास के ऊपर एक नीचे की तरफ फोर्स लग रही होगी जो कि कौन सी होगी भाई? mg। क्या होगी? mg और साथ ही साथ इस पे एक और फोर्स भी लग रही होगी जो कि कौन सी होगी? r जिसको हम क्या भी कहते हैं? नॉर्मल रिएक्शन। तो ये नॉर्मल रिएक्शन हमारे लिए r हो जाता है। एंगल ऑफ फ्रिक्शन क्या है? इसकी क्या परिभाषा है? आओ परिभाषा समझते हैं। फिर वापस आएंगे। तो एंगल ऑफ फ्रिक्शन क्या है? इट इज दी एंगल बिटवीन ये किसके बीच का एंगल है? तो आंसर है इट इज द एंगल बिटवीन रिजल्टेंट ऑफ नॉर्मल रिएक्शन एंड फ्रिक्शन। इट इज द एंगल बिटवीन रिजल्टेंट ऑफ नॉर्मल रिएक्शन एंड फ्रिक्शन। एक्चुअली ये गलत साउंड करता है। हम ये कहना चाह रहे हैं कि जो रिजल्टेंट ऑफ नॉर्मल रिएक्शन फ्रिक्शन तो मैं यहां से एंड हटाता हूं। इट इज़ द रिजल्टेंट ऑफ नॉर्मल रिएक्शन फ्रिक्शन एंड नॉर्मल रिएक्शन एंड नॉर्मल रिएक्शन। यानी कि जो नॉर्मल रिएक्शन है उसके बीच में और जो नॉर्मल रिएक्शन और फ्रिक्शन का रिजल्टेंट है इनके बीच में कितना एंगल बन रहा है? डायग्राम समझते हैं। क्या हम लोगों ने पैरेललोग्राम लॉ पढ़ा हुआ है? तो भैया पैरेललोग्राम लॉ कहता है कि ये वाला वेक्टर और ये वाला वेक्टर हमने कैसे जोड़ा हुआ है? टेल से टेल। तो अगर मुझे इन दोनों को ऐड करना है तो मुझे यहां पे एक क्या कंप्लीट करना होगा? पैरेललोग्राम। तो मैंने यहां पे एक पैरेलल लाइन बनाई। और मैंने यहां पे एक पैरेलल लाइन बनाई। अब अगर मुझे पैरेललोग्राम कंप्लीट करना है तो मैंने यहां पे पैरेलल लाइन बना दी तो जो डायगोनल होगा मेरा क्या वो रिजल्टेंट होगा? तो ये मेरे लिए हो गया रिजल्टेंट। क्या हो गया भाई? रिजल्टेंट। अब समझते हैं परिभाषा। क्या ये जो पर्पल वाला है ये हमारे नॉर्मल रिएक्शन और फ्रिक्शन का रिजल्टेंट है। तो इसके बीच में और नॉर्मल रिएक्शन के बीच में जो एंगल है ये जो एंगल है ये जो एंगल है ये इसको हम लोग बोलते हैं एंगल ऑफ फ्रिक्शन। क्या बोलते हैं भाई? एंगल ऑफ फ्रिक्शन। मैं अभी आपको समझा रहा हूं। इसको एंगल ऑफ फ्रिक्शन क्यों कहा जाता है? इसको एंगल ऑफ फ्रिक्शन को कह इसको एंगल ऑफ फ्रिक्शन कहने के दो रीज़न दूंगा मैं आपको। बट हां, इस एंगल को एंगल ऑफ फ्रिक्शन कहते हैं। दोबारा एंगल ऑफ फ्रिक्शन इज़ द एंगल बिटवीन नॉर्मल रिएक्शन। एंड दी रिजल्टेंट ऑफ नॉर्मल रिएक्शन एंड फ्रिक्शन। एंगल का नाम एंगल ऑफ फ्रिक्शन। व्हाई दिस इज़ अ कॉल्ड एंगल ऑफ फ्रिक्शन? आओ समझे। मैं अब पहले समझते हैं फिजिक्स के हिसाब से। फिर डेरिवेशन भी कर लेंगे छोटी सी। अगर फ्रिक्शन बढ़ेगी देखो अगर मान लो फ्रिक्शन बढ़ जाए तो क्या ये जो हमारा रिजल्टेंट है वो यहां कहीं आ जाएगा? सर तो क्या देखो ये एंगल बढ़ जाएगा? सर। अगर ये फ्रिक्शन कम हो गई। मान लो बहुत कम हो गई। तो क्या ये जो हमारा रिजल्टेंट है वो यहां कहीं आ जाएगा? और यहां कहीं आया तो ये एंगल कम हो जाएगा। इसका मतलब है, यह जो एंगल है थीटा, यह फ्रिक्शन के बढ़ने पे बढ़ रहा है। फ्रिक्शन के कम होने पे कम हो रहा है। इसका मतलब यह बेसिकली फ्रिक्शन फ्रिक्शन को रिप्रेजेंट कर रहा है। इसलिए इसका नाम क्या पड़ गया? एंगल ऑफ़ फ्रिक्शन। अभी हम इसका फार्मूला भी डिराइव करेंगे। और वह भी आपको समझाएगा कि एंगल ऑफ़ फ्रिक्शन रफ़ सरफेस के लिए ज़्यादा होगा और स्मूथ सरफेसेस के लिए कम होगा। तो, भी हम समझ जाएंगे एंगल ऑफ़ फ्रिक्शन क्यों कहलाया जाता है। आओ, उसकी डेरिवेशन करें छोटी सी। कुछ नामकरण करते हैं। इसको बोलते हैं O, इसको बोलते हैं A, B और इसको बोल देते हैं C। तो अगर मैं यहां पे इन ट्रायंगल OAB इन ट्रायंगल OAB में काम करता हूं। तो OAB ट्रायंगल के अंदर मैं tan थीटा निकालूंगा। tan थीटा तो tan होता है परपेंडिकुलर अपॉन में बेस। परपेंडिकुलर है AB और बेस हमारे लिए है OA या AO. तो tan थीटा की वैल्यू यहां से क्या आ जाती है? क्या? AB हमारे लिए बेसिकली देखा जाए तो फ्रिक्शन ही है। क्योंकि AB बराबर है OC के और OC हमारे लिए क्या है? फ्रिक्शन। तो मैं इसकी जगह लिख रहा हूं फ्रिक्शनल फोर्स। और OA हमारे लिए कौन है? नॉर्मल रिएक्शन। तो इस हिसाब से हमारे पास tan थीटा आ जाता है। फ्रिक्शनल फोर्स का फार्मूला हमने आज ही पढ़ा है। क्या होता है? ्यू होता है। तो यहां पे मैंने डाल दिया μR डिवाइडेड बाय क्या आ गया? r r से r क्या हो गया? तो tan थीटा की वैल्यू मेरे को अह थीटा की वैल्यू tan tan थीटा की अगर पहले एक स्टेप और बढ़ा दूं तो μ आ गई है। अब जिसको इनवर्स ट्रिगो आती है उसको पता होगा कि tan उधर जा के इनवर्स हो जाता है। तो हमारे पास बेसिकली थीटा की वैल्यू आ गई है tan इनवर्स μ tan इनवर्स μ अब ये क्या कहना चाह रहा है? ये कहना चाह रहा है कि जो थीटा है ये सिर्फ और सिर्फ एक ही चीज पे डिपेंड करता है और वो है μ पे यानी कोफिशिएंट ऑफ फ्रिक्शन पे। हमने अभी बोला आपको कि थीटा बेसिकली फ्रिक्शन को रिप्रेजेंट करता है लेकिन फ्रिक्शन दो चीजों पे डिपेंड करती है μ पे और r पे। ये r पे डिपेंड नहीं करने वाला एंगल है। ये सिर्फ और सिर्फ मटेरियल पे डिपेंड करता है। अगर रफ मटेरियल हुआ तो μ की वैल्यू ज्यादा होगी। μ की वैल्यू ज्यादा होगी तो थीटा की वैल्यू भी ज्यादा हो जाएगी। बात समझ में आती है? तो इसीलिए इसका नाम क्या पड़ा? एंगल ऑफ फ्रिक्शन। लेकिन एंगल ऑफ फ्रिक्शन से भी ज्यादा इंटरेस्टिंग जो है वो क्या है? एंगल ऑफ रिपोज। देखो झूठ नहीं बोलूंगा अपने एक्सपीरियंस से बता रहा हूं 15 16 साल के। मैंने एग्जाम्स में एंगल ऑफ फ्रिक्शन और एंगल ऑफ रिपोज़। इन दोनों के ऊपर ये सवाल बहुत कम देखे हैं। पता नहीं क्यों। ये टॉपिक इतने प्यारे हैं। इनके ऊपर बड़े प्यारे सवाल बनाए जा सकते हैं। लेकिन एग्जाम में थोड़े कम आता है ये टॉपिक। सबसे ज्यादा इस चैप्टर से मैं आपको बता चुका हूं कि बैंकिंग ऑफ रोड की डेरिवेशन आती है और न्यूमेरिकल्स, लिफ्ट केसेस या बहुत सारे जो पीछे टॉपिक गए इंपल्स वगैरह के ऊपर। लेकिन पता नहीं क्यों ये टॉपिक को इतना ज्यादा नहीं दिया गया एग्जाम में। बट ये बहुत अच्छा टॉपिक है। इसके बड़े अच्छे सवाल बन सकते हैं। जैसे कि टॉपिक आ रहा है एंगल ऑफ़ रिपोज़। हम एंगल ऑफ रिपोज़ को दिखाने वाले हैं अल्फा से। किससे? अल्फा। बड़ा इंटरेस्टिंग एंगल है ये। एंगल ऑफ रिपोज़ क्या होता है? देखो। अगर मैं इसको फिर से समझाऊं एक बड़े ही बेसिक तरीके से कि मान लेते हैं मेरे पास यहां पे एक ये जैसे रजिस्टर है ना ये रजिस्टर ये रजिस्टर दिख ही रहा है सबको इधर ठीक है अब इस रजिस्टर पे अगर मान लेते हैं मैं यहां पे एक रिमोट रखता हूं आपको सबको पता है रिमोट में यहां पे रबर होता है रबर है ना तो अगर मैं रिमोट के ऐसे करके इसके एंगल को बढ़ाता हूं तो बढ़ा रहा हूं बढ़ा रहा हूं बढ़ा रहा हूं बढ़ा रहा हूं बढ़ा रहा हूं बढ़ा रहा हूं मान लो 10 20 30 40 50 60 70 80 90 90 तो खैर नहीं हुआ मान लो 60° तो 60° डिग्री पे स्लाइड होना शुरू हो गया। ये रिमोट 60° पे स्लाइड होना शुरू हो गया। इनको रिमोट दिखा नहीं होगा। बहुत ज्यादा ब्राइट स्क्रीन है। तो मैं यहां पे ब्लू कलर का रख देता हूं ये कुछ। अच्छा अब ये यहां से कौन है? रबर है। तो मैं यहां ऐसे रखता हूं। तो भैया मैंने सर्टन एंगल बढ़ाया, बढ़ाया, बढ़ाया। अभी तक नीचे नहीं आया। नहीं आया, नहीं आया, नहीं आया, नहीं आया। बहुत ज्यादा, बहुत ज्यादा, बहुत ज्यादा बहुत ज्यादा। लेकिन क्या अब आना शुरू हो गया? मान लेते हैं ये एंगल है 80°। तो 80° पे ये क्या होना शुरू हुआ? स्लाइड होना शुरू हुआ। लेकिन यही चीज अगर मैं बिना कवर के रखूंगा तो जल्दी स्लाइड होगी या लेट? क्योंकि आपको पता है ये जो रबर है इसके लिए फ्रिक्शन ज्यादा है थोड़ी। तो अगर मैं इसको बिना रबर के रखता हूं तो जो 80° पे ये लो 20° पे ही हो गया 10° पे ही हो गया ये तो। है ना? ये हमने क्या सीखा? हमें इतना तो पता है कि चीजें जो है वो स्लाइड हो रही है। कोई लेट स्लाइड हो रही है तो कॉमन सेंस है। उसमें क्या ज्यादा है? फ्रिक्शन ज्यादा है। और जो जल्दी स्लाइड हो रही है मतलब उसमें फ्रिक्शन कम है। इतनी तो कॉमन सेंस है। बट कितने एंगल पे कोई स्लाइड होना स्टार्ट करता है या कितने एंगल के ऊपर ऑब्जेक्ट क्या कर जाएगा? इस एंगल को बोलते हैं एंगल ऑफ रिपोज। क्या कहते हैं? एंगल ऑफ रिपोज। तो एंगल ऑफ रिपोज क्या होता है? मिनिमम या आप ऐसा कह सकते हो एंगल अबव वि एंगल ऑफ इंक्लिनेशन एंगल ऑफ इंक्लिनेशन अबव विच अबव वि ऑब्जेक्ट स्टार्ट्स स्लाइडिंग ऑन अ रफ सरफेस ऑन अ रफ सरफेस यानी कि अगर हर एक रफ सरफेस पे मैं एंगल बढ़ा रहा हूं। तो मिनिमम एंगल जिस पे कोई भी ऑब्जेक्ट क्या करना स्टार्ट कर देगा? स्लाइड करना। अब बड़ी इंटरेस्टिंग बात सुनना। अगर मैं ये कॉमन सेंस किस पे तो डिपेंड करता है? मटेरियल पे। अभी देखा आपनेस। लेकिन क्या ये मास पे डिपेंड करता होगा? जैसे कि एग्जांपल के तौर पे अगर मेरे पास एक इंक्लाइंड सरफेस ये वाली वीडियो मैं कभी भी क्लास में नहीं करता क्योंकि ये बहुत अनसर्टेन वीडियो होती है। क्लास में बेइज़्ज़ती हो जाती है। अनसर्टेन वीडियो का मतलब क्या होता है? यहां पे ना बहुत सारे फैक्टर्स होते हैं। मैं सारे फैक्टर्स की बात करूंगा। लेकिन पहले एक वीडियो देखो। आप लोग भी देखो। ये भी देखें। इसमें हम लोग क्या करने वाले हैं? अगर मैं आपसे पूछूं, ये दोनों ग्लास सेम है। अरे सेम है ना? सर। मतलब सेम ही तो है। नीचे से तो सेम है। अब अगर मैं एक में मान लो चावल भर दूं और एक में ना भरूं और दोनों को इंक्लाइंड सरफेस पर रख के क्या करना शुरू करूं? स्लाइड। तो कहीं ना कहीं हमें ऐसा लगता है कि दोनों अलग-अलग एंगल पे आएंगे। बिकॉज़ एक में चावल भरे हुए हैं और एक में नहीं। बट बड़ी कमाल की बात है कि जो एंगल ऑफ़ रिपोज़ है, ये मास पे डिपेंड ही नहीं करता। ये सिर्फ और सिर्फ डिपेंड करता है नेचर ऑफ मटेरियल इन कांटेक्ट। अगर ये प्लास्टिक है और ये लकड़ी है। ये प्लास्टिक है और ये लकड़ी है तो भैया के कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई कितना भारी है वो कितना हल्का है। ये सेम एंगल पे स्लाइड करेंगे। एक बार ये वीडियो देखते हैं। उसके बाद आगे मैं बात करता हूं कि यहां पे हमने क्या देखा। तो ये हमारे पास एक मटेरियल है और ये हमारे पास दूसरा मटेरियल है। दोनों का सरफेस एरिया अलग है। मटेरियल भी अलग है। अगर मैं इसको यहां रखूं और इसको यहां रखूं। और अगर मैं इसको यहां से धीरे-धीरे इसका एंगल बढ़ाता हूं तो आप देख सकते हैं कि जो ग्लास है वो अपने एंगल ऑफ रिपोज पे आ गया। अभी तक ये हार्ड ड्राइव जो है वो नहीं आई है और एक ऐसा लेवल आएगा ऑब्वियस सी बात है जब ये हार्ड अब आप देख सकते हो इसका एंगल ऑफ रिपोज कितना ज्यादा है और अब ये धीरे-धीरे नीचे आना शुरू हो गई है क्योंकि इसका जो मटेरियल है वो अलग है शायद आपको दिख रहा हो धीरे-धीरे नीचे आ रही है और ये आ गई यानी कि इसके नीचे कुछ ऐसे रबर लगे हुए हैं जिसकी वजह से इसकी फ्रिक्शन बहुत ज्यादा बढ़ गई इसका म्यू बहुत ज्यादा बढ़ गया और एंगल ऑफ रिपोज जो है वो बढ़ गया अब अगर मैं इसी को उल्टा करके रख दूं ऐसे करके रख दूं और यहां यहां पे ये ग्लास रख दूं तो चीजों में क्या बदलाव आएगा वो देखते हैं। तो आप देख सकते हैं कि ये अब थोड़ा सा पहले गिर गया लगभग साथ ही गिरे क्योंकि मटेरियल का फर्क है। इसके नीचे चार रबर लगे हुए हैं जिसकी वजह से ये बदलाव आया। अगर हम यहां पे दो सिमिलर ग्लासेस लेते हैं और दो सिमिलर ग्लासेस को हम एक दूसरे के जस्ट साथ रखते हैं। और अब हम इनको अगर इंक्लाइन करवाने की कोशिश करते हैं तो क्या होता है देखते हैं अब। तो आप देख सकते हैं कि दोनों लगभग लगभग एक दूसरे के साथ ही गिरे हैं। क्योंकि दोनों का मटेरियल वगैरह सेम है। लेकिन अगर मैं एक के अंदर कोई सामान भर दूं। लेट से मेरे पास दाल है। मैं दाल ही भर दूं अगर तो मैंने इसके अंदर काफी सारी जो ये दाल है भर दी। इसका मास जो है मैंने वो इंक्रीस कर दिया है। अब हमें ये देखना है कि मास इनक्रीस होने से क्या एंगल ऑफ रिपोज में कोई बदलाव आता है कि नहीं। एक दूसरे के साथ इंक्लाइन करवाता हूं तो आप देख सकते हैं अभी भी लगभग ये एक दूसरे के पहले जैसे ही गिरे हैं। अगर मैं इनकी पोजीशन भी थोड़ी बहुत चेंज कर दूं तो पहले जैसा ही बिहेवियर मिलेगा आपको। अगर मैं इनको इंक्लाइन कराता हूं तो आप देख सकते हैं कि दोनों एक दूसरे के साथ ही गिर रहे हैं अभी भी। व्हिच बेसिकली मींस कि जो एंगल ऑफ रिपोज होता है वो मास पे डिपेंड नहीं करता। वो नेचर ऑफ मटेरियल पे करता है। जैसे कि अगर मैं इन तीनों को अगर अब एक साथ रखता हूं इस इसके लिए फ्रिक्शन बहुत ज्यादा है। आप याद रखिएगा। अगर मैं इन तीनों को एक साथ रखता हूं तो आप देख सकते हैं कि ये दोनों लगभग लगभग एक दूसरे के साथ गिर रहे हैं। लेकिन वो अभी भी वहीं पे ही है। क्योंकि एंगल ऑफ रिपोल ये तो कॉमन सेंस है कि इसमें और इसमें इसका मास काफी ज्यादा है। इसका मास काफी कम है। तो मास से इसका कोई लेना देना नहीं है। तो वीडियो में बेटा हमने क्या देखा? हमने देखा कि मा जब हमने ड्राइव को पहले क्या रखा? सीधा। तो वो सर एंगल पे आया। फिर जब उल्टा रखा तो उसके रबर थे वहां। रबर से फ्रिक्शन बढ़ गई। तो उसके बाद वो ज्यादा एंगल पे आया। वो जो दोनों ग्लास थे क्या उनका मटेरियल सेम था? बेटा मटेरियल सेम है ना? यस सर। लेकिन हमने एक में क्या डाल दिया? चावल। क्या कर दिया? मास बढ़ा दिया। फिर भी लगभग वो सेम एंगल पे ही आए। अभी तो हम सिर्फ बात कर रहे हैं कि ये मास पे डिपेंड नहीं करता। आओ इसको शो भी करते हैं। बहुत इंपॉर्टेंट डेरिवेशन है। एग्जाम में बहुत आपको ये मिलेगी। ठीक है? तो ये हमारे पास एक फ्लैट सरफेस और यहां पे हमने एक इंक्लाइंड सरफेस रखा हुआ है। ठीक है ना? अब ये इंक्लाइंड सरफेस है। लेट्स से ये जो एंगल है वो क्या है भैया? अल्फा एंगल है। क्या एंगल है? अल्फा। अब यहां पे हमारे पास एक ऑब्जेक्ट पड़ा हुआ है। ये जो ऑब्जेक्ट है हमारे पास इस सरफेस पे पड़ा हुआ है। और इसका मास है m। ठीक है? तो इस पे नीचे की तरफ एक फोर्स लग रही होगी जो कि ऑब्वियस सी बात है क्या होगी? mg. Mg हमेशा टुवर्ड दी सेंटर लगती है। लेकिन जो r होता है वो हमेशा सरफेस से परपेंडिकुलर लगता है। तो पहली बार आज के पूरे वन शॉट में हम R को ऐसे बना रहे हैं। बिकॉज़ अभी तक सारे सरफेस ही फ्लैट थे। पर ये इंक्लाइंड है। तो हमेशा जो R होता है उसको इसको नॉर्मल रिएक्शन क्यों बोलते हैं? बिकॉज़ ये सरफेस से क्या होता है? नॉर्मल होता है। क्या होता है? नॉर्मल होता है। क्या होता है? नॉर्मल होता है। अब भैया, थोड़ी सी मैथ्स आएगी। सुनो। मैं यहां पे क्या करने वाला हूं? mg के टुकड़े करने वाला हूं। mg के टुकड़े। हम सब एक हम सब जानते हैं लॉ ऑफ वेक्टर एडिशन से किसी भी वेक्टर के दो टुकड़े किए जा सकते हैं। ये हमने मोशन इन अ प्लेन में सीखा था। तो अगर ये mg है तो इसका एक टुकड़ा यहां आ जाएगा। और एक टुकड़ा यहां आ जाएगा। अब इनमें से कौन वाला cos होगा और कौन सा होगा वो ज़रा मैथ्स समझे। अगर ये एंगल अल्फा है तो ये वाला एंगल भी क्या हो जाएगा? अल्फा। कैसे? मैथ्स है। यह अल्फा है। यह 90 है। तो यह 90 - अल्फा, यह पूरा 90 है। तो ऑब्वियस सी बात है यह क्या हो गया? अल्फा। अब क्या सिखाया था? एंगल के साथ वाला cos होता है। तो अगर यह अल्फा है, तो ये क्या आ गया? mg cos अल्फा आ गया। और अगर यह अल्फा है तो इसके सामने वाला यानी ये वाला sin हो जाएगा। तो mg sin अल्फा। ये ऑब्जेक्ट नीचे आना चाह रहा है। आना चाह रहा है तो क्या फ्रिक्शन ऊपर होगी? सर। क्या फ्रिक्शन ऊपर होगी? तो भैया फ्रिक्शन ऊपर होगी। FR हमें ये अल्फा एंगल निकालना है। अच्छा सुनो अब डेरिवेशन स्टार्ट हो रही है भाई। क्या ये कहना सही है कि ऑब्जेक्ट मूव कर रहा है या करने वाला है? अभी ऑब्जेक्ट इसके एंगल के ऊपर जाओगे। इस एंगल के अगर ऊपर जाओगे तो मूव करेगा। यानी बस ये मूव करने वाला है। मतलब इसके ऊपर अभी नेट फोर्स ज़ीरो है। अगर इसके ऊपर नेट फोर्स ज़ीरो है तो ये वाली फोर्स इसके बराबर होगी। और ये वाली फोर्स इसके बराबर होगी। mg तो अब है नहीं ना। उसके तो आप टुकड़े कर चुके हो। तो ये वाली फोर्स इसके और ये वाली फोर्स इसके बराबर हो जाएगी। आ जाओ भाई। तो यहां से r बराबर आ गया किसके? mg cos अल्फा के। इसको फर्स्ट इक्वेशन मान लो। ऑल नीचे की तरफ जो हमारी फोर्स है वो है mg sin अल्फा। और उसको कैंसिल कौन कर रहा है अभी? फिलहाल फ्रिक्शन। सही है? सही है? हमने पढ़ा है आज ही भाई कि जो फ्रिक्शन होती है उसका फार्मूला μR होता है। क्या मैं R की जगह MG cos अल्फा लिख दूं ऊपर से? सही है क्या? एक स्टेप बढ़ा दूं अगर कंफ्यूजन होगी तो भाई बाद में। यहां पे R लिख देते हैं। कोई जल्दबाज़ी नहीं है। एक स्टेप और बढ़ा देते हैं। तो यहां से आ गया हमारे पास mg sin अल्फा और यहां पे μ की जगह μ है लेकिन R की जगह मैं क्या लिख रहा हूं? mg cos अल्फा। यहां पे m से m g से g कैंसिल हो गया। sin / cos क्या आ गया? tan tan अल्फा और यहां क्या बच गया? μ. यहां से अल्फा की वैल्यू क्या आ गई? tan ^ (-1) म्यू। सबसे पहली चीज़ मुझे ये बताओ कि अल्फा के फॉर्मूले में कहीं पे मास आ रहा है? सर। इसका मतलब एंगल ऑफ रिपोज़ मास पे डिपेंड ही नहीं करता। दूसरी बात। क्या ये थीटा यानी कि एंगल ऑफ फ्रिक्शन के बराबर ही आया है। यस सर। यानी कि एंगल ऑफ फ्रिक्शन और एंगल ऑफ रिपोज ये आपस में बराबर होते हैं। ये वैसे बराबर नहीं है। ये दोनों बहुत अलग हैं। लेकिन मैथमेटिकली दे आर इक्वल। मैथमेटिकली दे आर इक्वल। डन है क्या? और दोनों के दोनों सिर्फ और सिर्फ डिपेंड करते हैं। μ यानी नेचर ऑफ मटेरियल जो कांटेक्ट में मास से कोई लेना देना नहीं है। डन है क्या? यस सर। चलिए। अब आता है कि एक इंक्लाइंड प्लेन पे अगर कोई ऑब्जेक्ट नीचे आ रहा है। अभी तो क्या था? तो कितने एंगल पे नीचे किसके किस एंगल के ऊपर ये आ जाएगा? सबके लिए एंगल अलग-अलग है। लेकिन अब आता है कि अगर कोई ऑब्जेक्ट नीचे आ रहा है रफ सरफेस पे तो उसका एक्सीलरेशन क्या होगा? कॉमन सेंस से बताओ अगर कोई ऑब्जेक्ट रफ सरफेस से नीचे आ रहा है तो उसका एक्सीलरेशन g से कम होगा या ज्यादा? ऑब्वियस सी बात है g से कम। क्योंकि भैया फ्रिक्शन उसको अपोज करेगी। तो फ्रिक्शन अगर उसको अपोज करेगी तो उसका डाउनवर्ड एक्सीलरेशन किससे कम होगा? जी से। आओ करें। अब ज्यादा देर नहीं लगने वाली। क्यों? क्योंकि अब ये डायग्राम आप जानते हो। तो यहां पे लेट अस से ये थीटा एंगल है। ये हमारे पास एक ऑब्जेक्ट है। अब हम एंगल ऑफ रिपोज पे नहीं है। हम एंगल ऑफ रिपोज से ऊपर हैं। अब अगर हम एंगल ऑफ रिपोज से ऊपर हैं तो ये नीचे मूव करेगा। तो यहां पे क्या है? बोलो। mg और यहां पे कौन है? बोलो। r ये इधर की तरफ मोशन में आ रहा है। एक्सीलरेशन इसका a है। mg के टुकड़े कर देंगे दो। तो एक टुकड़ा ये हो जाएगा। एक टुकड़ा ये हो जाएगा। अगर यह एंगल थीटा है तो यह भी थीटा यह हो गया mg cos थीटा और यह हो गया mg sin थीटा sin थीटा हो गया भाई sin थीटा हो गया क्या पीछे की तरफ फ्रिक्शन लग रही होगी भाई यस सर तो पीछे की तरफ फ्रिक्शन होगी जल्दी से बताओ फ्रिक्शन ज्यादा होगी या mg sin थीटा ज्यादा होगा mg sin थीटा क्योंकि इस बार ये नीचे गिर रहा है नीचे आ रहा है पिछली बार तो भैया रेस्ट पे था चलो हमें अब क्या निकालना है इसका एक्सीलरेशन निकालना है क्या ये कहना ठीक होगा कि जो भैया इस पे नेट नेट फोर्स लग रही है वो होगी mg sin थीटा माइनस फ्रिक्शन। यस सर। ये 50 ये 40 तो टोटल हो गई 10। कैसे निकाला? 50 - 40 तो mg sin थीटा में से फ्रिक्शन माइनस हो जाएगा। नेट फोर्स का फार्मूला होता है मास * एक्सीलरेशन। हमें एक्सीलरेशन ही तो निकालना है। और फ्रिक्शन का फार्मूला सीखा है आज हमने। ्यू ma हो गया हमारे पास mg sin थीटा - μ क्या इस केस में r mg cos थीटा के बराबर है क्या सर क्योंकि ये चीजें ऐसे ऊपर नीचे तो हिल नहीं रही है तो किसके बराबर है mg cos cos थीटा के बराबर है ठीक है यहां पे क्या m से m से m कैंसिल हो गया कॉमन लेके तो एक्सीलरेशन की वैल्यू क्या आ गई g sin थीटा - म्यू g cos थीटा gb कॉमन ले लो तो भैया मुबारक हो फार्मूला आ चुका है। sin थीटा sin थीटा - ्यू cos थीटा तो ये हमारे पास एक्सीलरेशन का फार्मूला आता है। अब अगर आपको मैथ्स आती है तो आप सबको पता है कि cos थीटा की वैल्यू sin थीटा से कम होती है 0 से 90 पे और μ की वैल्यू वैसे भी वन से छोटी होती है। तो ओवरऑल ये जो पूरा ब्रैकेट में लिखा हुआ है ये वन से छोटा है। 1234 जो भी हो लेकिन ये वन से छोटा है। तो अगर आप g को वन से छोटे नंबर से मल्टीप्लाई करोगे तो क्या एक्सीलरेशन छोटा हो जाएगा? यस सर। अगर नहीं समझ में आया देखो। मैं कह रहा हूं इसकी वैल्यू 0.9 है। 8 है और इसकी वैल्यू 10 होती है। तो 10 * में 8 कितना होगा? एट हुआ। अबे एट हुआ ना? यस सर। तो हमेशा a की वैल्यू g से कम ही आएगी और आनी भी चाहिए भाई। आनी भी चाहिए। समझ गए क्या? यस सर। पक्की बात है? यस सर। तो डाउनवर्ड एक्सीलरेशन है। सीधा न्यूमेरिकल भी लगा सकते हैं। इसके ऊपर फार्मूला आ गया। न्यूमेरिकल आ गया। डेरिवेशन भी आ सकती है। न्यूमेरिकल भी आ सकता है। पर मैंने एग्जाम में इसके ऊपर ना तो ज्यादा डेरिवेशन देखी है ना ही ज्यादा न्यूमेरिकल देखा है। मेन चीज तो भाई साहब ये है। यहां अब अब देखो ऐसा है डेरिवेशन। मान लो आपने पूरा चैप्टर कर लिया लेकिन यहां तक आता है थक गए। तो पूरा चैप्टर बेकार हो गया। बिकॉज़ एग्जाम में डेरिवेशन तो यही आएगी या फिर भाई साहब ये आएगी। चलो। मेरे स्कूल के टीचर कहा करते थे कि अगर आपके पेपर में क्या आ रहा है? लॉज़ ऑफ मोशन तो आंसर शीट मिलती है ना पहले। क्वेश्चन नंबर से पहले आंसर शीट मिल जाती है। डेरिवेशन करना शुरू कर देना। बाद में क्वेश्चन नंबर लिख देना क्योंकि आनी ही आनी है। मैंने बताया था वो अलग बात है। मेरे पेपर में नहीं आई थी। बट इसका मतलब ये नहीं है कि मेरा टीचर ट्रस्ट चला गया। क्योंकि मैंने जब उसके अपने जीवन में बाद में पेपर्स देखे तो देखा लगभग हर साल में आ रही है। अब यार जब कोई टीचर बोलता है कि यह पेपर में आएगी ही आएगी तो इसका मतलब है मोस्टली आती है। हां ऐसा है। अब आपकी किस्मत खराब थी, मेरी किस्मत खराब थी वो अलग बात है। चलो आओ। मैक्सिमम वेलोसिटी विदाउट स्किडिंग ऑन अ प्लेन रोड। सबसे पहली बात जब भी हम लोग टर्न मारते हैं। क्या मारते हैं? तो क्या हम लोग फिसल जाते हैं? अगर हम लोगों ने बहुत हाई वेलोसिटी से टर्न मारा तो टर्न मारते हुए हम अक्सर फिसल जाते हैं। यस और नो? तो कितनी वेलोसिटी से टर्न मारे कि फिसले ना हो। इसको बोलते हैं मैक्सिमम वेलोसिटी विदाउट स्किटिंग। मान लो आप साइकिल चला रहे हो और आपने बिना ब्रेक मारे टर्न मार दिया। तो हो सकता है फिसल जाओ। अगर आप बहुत हाई वेलोसिटी पे तो कितनी वेलोसिटी पे टर्न मारा जाए कि हम फिसले ना इसको बोलते हैं मैक्सिमम वेलोसिटी विदाउट स्कडिंग। अब इस टॉपिक को समझने के लिए पहले आपको मोशन इन अ प्लेन पर थोड़ा सा वापस जाना होगा और याद करना होगा कि भैया किसी भी ऑब्जेक्ट को सर्कुलर मोशन में घूमने के लिए एक फोर्स चाहिए होती है। उस फोर्स का नाम है सेंट्रिपेटल फोर्स। और मैंने आपको बताया था उस चैप्टर में कि सेंट्रिपेटल फोर्स अलग-अलग बॉडीज प्रोवाइड करती हैं। जैसे ग्रेविटेशनल फोर्स से आती है सेंट्रिपेटल फोर्स प्लनेट को। इलेक्ट्रॉन्स न्यूक्लियस के आसपास घूम रहे हैं। क्यों घूम रहे हैं? इलेक्ट्रोस्टेटिक फ़ोर्स है। आप बॉल को धागे से बांध के घुमा पाते हो। क्यों? टेंशन है रस्सी में। क्या है? टेंशन। और यहां पे रोड पे टर्न मारने के लिए कौन सी फोर्स चाहिए? फ्रिक्शन। यानी सेंट्रिपेटल फोर्स चाहिए। और इस केस में सेंट्रिपेटल फ़ोर्स कौन प्रोवाइड करेगा? फ्रिक्शन प्रोवाइड करेगा। कौन प्रोवाइड करेगा? फ्रिक्शन। तो भैया यहां पे एक रोड पे गाड़ी चल रही है। ऑब्वियस सी बात है ये आगे की तरफ जा रही है। हम ऐसे दिखा रहे हैं इसको। और ये ऐसे टर्न मार रही है। जिस रोड पे इसको टर्न मारना है। इस रोड का जो रेडियस है वो कितना है भैया? r है। कितना है? इसको टर्न मारना है। और ये कितनी वेलोसिटी से टर्न मारना चाह रही है? v वेलोसिटी से। बोलो। तो क्या ये मैक्सिमम वेलोसिटी क्या होगी कि ये सेफ टर्न मारे? आ जाओ भाई। सबसे पहले इस पे नीचे की तरफ क्या लग रहा होगा? mg और ऊपर की तरफ क्या लग रहा होगा? r ऑब्वियस सी बात है प्लेन रोड पे है तो mg r के बराबर भी होगा। चलो, आओ, भाई, देखो। क्या ऐसा कहना ठीक है कि अगर इसे टर्न मारना है, तो टर्न मारने के लिए इसे कौन सी फोर्स चाहिए होगी? सेंट्रिपेटल फोर्स। कौन सी फोर्स चाहिए होगी? और वो सेंट्रिपेटल फोर्स इसे कौन देगा? फ्रिक्शनल फोर्स से मिलेगी। किससे मिलेगी? फ्रिक्शन। कौन ज्यादा होनी चाहिए? सेंट्रिपेटल या फ्रिक्शन? ऑब्वियस सी बात है। कौन ज्यादा होनी चाहिए? फ्रिक्शन। अगर फ्रिक्शन कम हो गई तो फिसल जाओगे ना? तो फ्रिक्शनल फोर्स सेंट्रिपेटल फोर्स से ज्यादा या हद से ज्यादा बराबर होनी चाहिए। अगर घूमने के लिए सेंट्रिपेटल फोर्स चाहिए 50 न्यूटन लेकिन फ्रिक्शन है 40 तो फिसल जाओगे। लेकिन अगर फ्रिक्शनल फोर्स कितनी है? 50 और आपको भी सेंट्रिपेटल 50 चाहिए तो फिर नहीं फिस। और ऑब्वियस बात है 60 70 80 90 पे तो बिल्कुल नहीं पिसलोगे। तो यानी कि सेंट्रिपेटल फोर्स फ्रिक्शनल फोर्स से कम या बराबर। यानी फ्रिक्शन हमेशा उससे ज्यादा या बराबर होनी चाहिए। अब हम इसका इस्तेमाल करेंगे। सेंट्रिपेटल फोर्स का फार्मूला होता है mv² / r और फ्रिक्शन का फार्मूला हमने आज ही सीखा है μr तो भैया mv² / r ्यू मैं r की जगह mg लिख दूं तो m से m क्या हो गया तो यहां से v² की वैल्यू मेरे पास क्या आ गई? v² की वैल्यू μ gr क्या आ गई? और यहां से अगर मैं इधर अंडर रूट ले जाऊं तो मेरे पास वेलोसिटी की वैल्यू आ जाएगी अंडर रूट μgr क्या आ गई? अंडर रूट म्यूज अब वेलोसिटी इससे कम या इतनी होनी चाहिए। तो क्या मैथ्स के हिसाब से अगर मुझे मैक्सिमम वेलोसिटी चाहिए। क्या चाहिए? यार कोई वैल्यू इसके बराबर या इससे कम है तो मैक्सिमम वैल्यू तो इतनी हो गई ना? जो कि क्या हो गई? μgr हो गई। यहां पे μ क्या है? कोफिशिएंट ऑफ फ्रिक्शन। g क्या है? एक्सीलरेशन ड्यू टू ग्रेविटेशन यानी 9.8 और 10 और r क्या है? रेडियस। यानी आप कितनी वेलोसिटी से टर्न मार सकते हो। ये तीन चीजों पे डिपेंड करता है। सेफ टर्न मार सकते हो। एक तो μ क्या है? एक g क्या है? और एक r क्या है? जितना ज्यादा म्यू होगा उतनी ज्यादा वेलोसिटी पे टर्न मार पाओगे। g आपके हाथ में है नहीं। और जितना बड़ा रेडियस होगा उतनी आसानी से क्या मार पाओगे? टर्न मार पाओगे। डन है क्या? यस सर। डन है क्या? चलो ठीक है। ठीक है। ठीक है। अब प्रैक्टिकल लाइफ में अगर मुझे एक ऐसी रोड बनानी है जो ज्यादा से ज्यादा वेलोसिटी पे क्या मार सके? टर्न। मान लो मैं एक हाईवे बनाना चाहता हूं। एक्सप्रेस हाईवे और मुझे उसको मोड़ना है। मैं चाहता हूं लोग 100 कि.मी. पर आर पे टर्न मार दे। वहां तो इनमें से क्या बढ़ाऊं? G मैं बढ़ा नहीं सकता। या तो मैं क्या बढ़ाऊंगा? R बट R को बढ़ाने से मुझे रोड को और बड़ा बनाना पड़ेगा। इंफ्रास्ट्रक्चर लॉस होगा, स्पेस का लॉस होगा और ऑब्वियस सी बात है बेटा जगह ज्यादा सफर का किलोमीटर्स बढ़ जाएंगे। पेट्रोल ज्यादा खर्च होगा। लॉन्ग टर्म पे बहुत नुकसान है। और अगर मैंने म्यू को बहुत ज्यादा बढ़ा दिया तो फ्रिक्शन बहुत ज्यादा बढ़ सकती है। फ्रिक्शन अगर बहुत ज्यादा बढ़ गई तो अगेन टायरों में आग लग सकती है या अगेन पेट्रोल लॉस होगा या अगेन बाकी लॉस भी है। अगर हमारे पास कोई और ऑप्शन ना होता तो शायद हम आर और म्यू को चेंज कर रहे होते। बट हमारे पास एक और ऑप्शन है जहां पे हम बिना μ और R को चेंज किए इस मैक्सिमम वेलोसिटी विदाउट स्क्रीडिंग को बढ़ा सकते हैं और वो है बैंकिंग ऑफ रोड। क्या है? बैंकिंग ऑफ रोड। मुझे लगता है आप सभी ने पहाड़ों में एक्सप्रेस हाईवे में देखा होगा जब रोड टर्न ले रही होती है तो एक तरफ से उठी होती है। उसे क्या बोलते हैं? बैंकिंग ऑफ रोड। ये सभी ने देखा होगा। ये क्यों उठी होती है? ताकि हम ज्यादा से ज्यादा वेलोसिटी पे क्या मार सके? टर्न। अब पहाड़ों में कितने तीखे टर्न होते हैं। कितना आर कम होता है? इतना आर कम होता है कि वहां तो फिसल होगी। तो वहां पे तो हमारे पास एक ही ऑप्शन बचता है क्या? बैंकिंग ऑफ रोड। वहां तो बहुत ज्यादा रोड बैंक कर रखी होती है। आओ भाई बैंकिंग ऑफ रोड का मतलब क्या होता है? मैं लिखवा देता हूं। लिखना है तो लिख लो। बैंकिंग ऑफ रोड का मतलब होता है। आप लोग भी अगर मैं जल्दी-जल्दी लिखवाऊंगा। आप लोगों को तो लिखा हुआ है। आप लोग पॉज कर करके लिख लेना चाहे। बैंकिंग ऑफ रोड इज अ टेक्निक इन व्हिच वी इंक्रीस दी मैक्सिमम वेलोसिटी विदाउट स्किडिंग। वी इंक्रीज दी मैक्सिमम वेलोसिटी विदाउट स्किडिंग बाय बाय इंक्लाइनिंग दी रोड एट सर्टेन एंगल बाय इंक्लाइनिंग दी रोड एट सर्टेन एंगल इसे हम बैंकिंग ऑफ रोड कहते हैं। ये इस चैप्टर का हीरो टॉपिक है भाई डेरिवेशन वाइज़। ठीक है? आ जाओ। अब अगर हमारे पास ये एक रोड है जो फ्लैट थी। हमने क्या कर दिया? इसको सर्टेन एंगल पे बैंक कर दिया। बेटा बहुत सारी यहां पर पढ़ाईयां लगती हैं कि ये एंगल एंगल ऑफ रिपोज से ज्यादा नहीं होना चाहिए। वरना गाड़ी अगर वहां मान लो जाम लग गया तो गाड़ियां तो फिसल बहुत सारी डिटेल पढ़ाई अंदर घुस के होती है। बट ये वन शॉट है। है ना बेटा? अब सुनो यहां पे हमारे पास ये गाड़ी है जो बैंड रोड पे चल रही है। और ऑब्वियस सी बात है। इसके पास मास है। इसके पास एक वेलोसिटी है। नीचे की तरफ लग रहा होगा क्या? mg ऊपर की तरफ लग रहा होगा क्या? r आप सब जानते हैं कि सेंटर की तरफ एक क्या लग रही होगी? फ्रिक्शन। क्या लग रही होगी? वो तो पता ही है आपको। इस बार हम लोग mg के टुकड़े नहीं करेंगे। r के करेंगे। ये बात ध्यान रखनी है। तो ये टुकड़ा हो गया एक। और ये एक टुकड़ा हो गया। मैथ्स कहती है अगर ये एंगल थीटा है तो ये भी क्या होगा? थीटा तो थीटा के साथ वाला cos तो यह हो गया r cos थीटा और यह rsin थीटा तो क्या इस बार हमें सेंटर की तरफ एक एक्स्ट्रा कॉम्पोनेंट मिल गया कौन सा sin थीटा हम फ्रिक्शन के भी टुकड़े करेंगे इसमें फ्रिक्शन के टुकड़े कर देते हैं भैया वाइट से ही कर देते हैं अब फ्रिक्शन के टुकड़े एक ये आ गया फ्रिक्शन का टुकड़ा और एक ये आ गया फ्रिक्शन का टुकड़ा अब अगर ये एंगल थीटा तो ये भी क्या होगा थीटा के साथ वाला fr cos थीटा और यह वाला fsin थीटा तो यानी सेंटर की तरफ इस बार दो फोर्स लग रही है। एक है FR cos थीटा और एक है rsin थीटा जो कि हमें क्या प्रोवाइड करेंगी? सेंट्रिपेटल फोर्स। क्या प्रोवाइड करेंगी? सेंट्रिपेटल। थोड़ी सी बड़ी डेरिवेशन है। आ जाओ समझते हैं। सबसे पहले हम लोग क्या करेंगे? ध्यान रखना इस क्वेश्चन में आपको ऊपर वाली फोर्स को नीचे वाली फोर्सर्सेस के बराबर रख के r निकाल लेना है। R क्योंकि ये ऑब्जेक्ट ऐसे ऊपर नीचे नहीं हिल रहा है। तो ऊपर वाली जो फोर्स है वो क्या है? r cos थीटा है। क्या है? r अरे r तो है नहीं ना। अब तो r के टुकड़े कर चुके हैं हम। तो ऊपर वाली फोर्स कौन सी बची? और नीचे वाली फोर्स कौन सी है? देखो एक तो mg है और एक FR sin थीटा है। चलो आओ यहां से r निकाल लेते हैं। तो ये हो गया r cos थीटा = mg और fr की जगह मैं क्या लिख सकता हूं? μr sin थीटा। इसको इधर ले जाता हूं। तो r cos थीटा - μR sin थीटा इज इक्वल्स टू क्या हो गया? mg यहां से क्या कॉमन ले लो? r क्या आ गया भाई? cos थीटा - म्यू इज़ इक्वल्स टू क्या आ गया? mg r यहां रहने दो। बाकी सब उधर ले जाओ। तो mg / में क्या आ गया हमारे पास? cos थीटा - म्यूइन थीटा। इसको मान लो आप कौन सी इक्वेशन? फर्स्ट r को निकाल के छोड़ दो। ध्यान रखना बैंकिंग ऑफ रोड में सबसे पहले क्या निकालना है? R निकालना है। अब हमें क्या करना है? देखो। अब हमें मेन इक्वेशन पे आना है। क्या इस केस में भी हमें सेंट्रिपेटल फोर्स चाहिए होगी? और सेंट्रिपेटल फोर्स के मुकाबले सेंटर की तरफ की फोर्सेस या तो बराबर या तो ज्यादा होनी चाहिए। पिछली बार सेंटर की तरफ एक ही फोर्स थी और वो थी फ्रिक्शन। लेकिन इस बार दो फोर्सर्सेस हैं। एक है FR cos थीटा और एक है FR cos थीटा और एक है rsin थीटा। अब हमने R क्यों निकाला था? पिछले वाले केस में आपको समझ में आएगा। सेंट्रिपेटल फोर्स की जगह रख दो MV² / R फ्रिक्शन की जगह लिख दो μR cos थीटा + rsin थीटा। सही है? mv² / r यहां से क्या कॉमन ले लो? r क्या बच गया? μ cos थीटा + sin थीटा। अब यहां से r की वैल्यू को पुट कर दो जो हमने फर्स्ट इक्वेशन में लगाई थी। जो कि थी mg/ cos थीटा - μsin थीटा। तो mg अपॉन में क्या? cos थीटा - म्यूin थीटा और यहां पे आ गया हमारे पास μ cos थीटा + sin थीटा अब क्योंकि यहां पे ये cos थीटा sin थीटा पहली बात तो m से m कैंसिल हो गया बहुत अजीब है तो ध्यान से सुनना हम ऊपर वालों को भी cos से क्या कर रहे हैं डिवाइड और नीचे वालों को भी cos से क्या कर रहे हैं डिवाइड मैथ्स कहती है ऊपर नीचे जो मर्जी करो लेकिन सेम करो बोलो बेटा यस सर तो अगर मैं ऐसा करता हूं तो पहली चीज तो क्या m से m कैंसिल हो गया है तो हमारे हमारे पास v² / r बचता है लेस < इक्व टू क्या g अब मैंने इसको cos से डिवाइड कर दिया है तो cos / cos वन हो गया तो क्या बच गया μ sin / cos tan बच गया तो यहां क्या बच गया tan थीटा आप यहां पे एग्जाम में स्टेटमेंट लिख के आना कि मल्टीपाइंग एंड डिवाइडिंग एलएचएस आरएचएस बाय cos थीटा अगेन इसको भी cos से करेंगे तो वन बच जाएगा और sin को cos से करेंगे तो tan बच जाएगा अरे बोलो सर अब यहां से v की वैल्यू अगर मुझे निकालनी हो तो क्या आ गई? rg क्या आ गई? rg म्यू + tanθ / 1 - ्यून थीटा। और यहां पे क्योंकि स्क्वायर था तो क्या हो गया? अंडर रूट। अब मुझे क्योंकि मैक्सिमम वेलोसिटी निकालनी है, तो मैक्सिमम वेलोसिटी के लिए इक्वल आ जाएगा। और फार्मूला आ जाएगा क्या? RG. क्या पहले भी फॉर्मूले में rg तो था ही? यस सर rg बस साथ में क्या था? μ इस बार μ के साथ यह नंबर आ गया जिसका डिनोमिनेटर कम है और न्यूमैरेटर ज्यादा है। तो क्या हमारी मैक्सिमम वेलोसिटी विदाउट स्केडिंग बढ़ गई है? तो हमने रोड को एक सर्टेन एंगल पे बैंक करके मैक्सिमम वेलोसिटी विदाउट स्केडिंग को इंक्रीस कर दिया है। अब बड़ी इंटरेस्टिंग बात सुनो। अगर फ्रिक्शन ही नहीं है। क्या ही नहीं है? फ्रिक्शन तो μ0 जीरो हो जाएगा। तो मैक्सिमम वेलोसिटी विदाउट स्केडिंग यहां पे क्या हो जाएगी? ज़ीरो। ध्यान से सुनना। ऐसी स्पीड को पहली बात तो ऑप्टिमम स्पीड कहते हैं। क्या कहते हैं? ऑप्टिमम स्पीड का मतलब होता है कि भैया फ्रिक्शन है ही नहीं तब भी आप टर्न मार रहे हो। फ्रिक्शन है ही नहीं तब भी आप तो अगर μ ज़ीरो हो जाएगा तो क्या यहां पे जो वेलोसिटी है वो भी ज़ीरो हो जाएगी। यानी ऐसी रोड पे अगर फ्रिक्शन नहीं है तो आप टर्न मार ही नहीं पाओगे। लेकिन बैंकिंग ऑफ रोड से एक तो आपकी मैक्सिमम वेलोसिटी विदाउट स्किटिंग बढ़ गई। लेकिन एक और फायदा हो गया। क्या? अगर मुझे कौन सी स्पीड निकालनी है? ऑप्टिमम स्पीड निकालनी है। तो ऑप्टिमम स्पीड का मतलब होता है कितनी स्पीड से टर्न मारूं? फ्रिक्शन लेस रोड पे। तो क्या ऑप्टिमम स्पीड के लिए μ0 होता है? अगर मैं यहां पे ज़ीरो पुट कर दूं, तो क्या आंसर ज़ीरो आएगा? नहीं आएगा। आंसर क्या आएगा? देखो भैया। rg ब्रैकेट में क्या आ गया? μ0 हो गया। ऊपर क्या बच गया? tan थीटा। नीचे वन बच गया। यानी कि हमारे पास फार्मूला क्या आ गया? rg tanθ जो कि ज़ीरो नहीं है। इसका मतलब ये है भाई कि बैंकिंग ऑफ रोड से एक फायदा तो ये हुआ कि हम ज्यादा वेलोसिटी पे टर्न मार पाए। लेकिन उससे बड़ा फायदा यह होगा कि अगर ना के बराबर फ्रिक्शन है भैया। कुछ पानी वानी गिरा हुआ है। बहुत ज्यादा कुछ लेस फ्रिक्शन हो गई तो भी आप टर्न मार सकते हो। और इमेजिन करता है एक ऐसी रोड जो फ्रिक्शन लेस है वहां पे भी क्या मार पाओगे? टर्न मार पाओगे। समझ गए बेटा? तो आई होप आपने पूरा का पूरा वन शॉट देख लिया है पूरे दिल और दिमाग से। अब वन शॉट को देखने के बाद क्वेश्चन आंसर्स पे आ रहे हैं। लेकिन मैं हर बार की तरह कहूंगा कि पहले सारे के सारे फॉर्मूले की एक लिस्ट बना लो एक जगह पे क्योंकि इस चैप्टर में आपने देखा काफी सारे फॉर्मूले आए और देख लो कि हर एक फॉर्मूले में हर एक चीज का क्या मतलब है। तभी आप इन क्वेश्चन आंसर्स पे आइएगा। अदरवाइज मजा नहीं आएगा। सेकंडली आप हर एक क्वेश्चन पे रुक सकते हो और रुकने के बाद उसको खुद से बनाने का ट्राई कर सकते हो। तभी आप आगे बढ़िएगा। अगर आप ये पूरा का पूरा चैप्टर ये पहली बार आपने किया मतलब जीरो से तो फिर आप अभी रुक भी सकते हो। इन क्वेश्चन आंसर्स के लिए आप बाद में भी आ सकते हो इसी वीडियो को देखने। लेकिन अगर आपने ये चैप्टर पहले किया हुआ है। आप सिर्फ रिवीज़न के लिए वन शॉट देख रहे थे। तो फिर आप ये क्वेश्चन आंसर सीधा बना सकते हो। तो चलिए स्टार्ट करते हैं। अ एमसीक्यूस थोड़े से ज्यादा है, सब्जेक्टिव भी है बट एमसीक्यू थोड़े ज्यादा है। और फिर जो मैं कल सेशन डालने वाला हूं जो कि मैंने बताया कल परसों में डालने वाला हूं जिसमें हम चैप्टर थ्री और फोर्थ के क्वेश्चन आंसर्स मिक्स करेंगे मोशन इन प्लेन लॉ ऑफ़ मोशन के। उसमें सब्जेक्टिव थोड़े ज्यादा आपको मिलने वाले हैं। ठीक है? चलिए, ये लाइट थोड़ी सी हम इधर कर देते हैं क्योंकि काफी ज्यादा पास है। चलो आओ। अ शेल ऑफ़ मास 10 kg इज़ मूविंग विद वेलोसिटी ऑफ़ 10 मीटर पर सेकंड। एक शेल जिसका मास 10 किलो है वो 10 मीटर पर सेकंड से चल रहा था। व्हेन इट ब्लास्ट्स एंड फॉर्म टू पार्ट्स ऑफ मास 9 kg एंड 1 kg रेस्पेक्टिवली। इफ दी फर्स्ट मास इज़ स्टेशनरी देन वेलोसिटी ऑफ़ सेकंड इज़ हमेशा क्वेश्चन को पढ़ने के बाद ये तो आपको पता ही होना चाहिए गिवन क्या-क्या है। लेकिन दिमाग में ये भी चलना चाहिए कंसेप्ट कौन सा है। और कौन-कौन से फॉर्मूले लगेंगे। तो देखते ही समझ में आ जाना चाहिए कि लॉ ऑफ़ कंजर्वेशन ऑफ़ मोमेंटम का क्वेश्चन है। यहां पे हमारे पास एक मास था और इसका मास कैपिटल m था और इसकी जो वेलोसिटी आपको दे रखी थी वो 10 मीटर पर सेकंड थी। अब ब्लास्ट हुआ। ब्लास्ट होने के बाद दो टुकड़े हुए। ये तो आप सब समझ रहे हैं कि दो टुकड़े जो होंगे अ उनमें पहले का जो मास आपको दे रखा है वो 9 kg दे रखा है। और दूसरे वाले का जो मास है 1 kg दे रखा है। ऑब्वियस सी बात है। बिकॉज़ इसका जो मास था वो 10 किलो था। ठीक है? अब यह वाला जो मास है, फर्स्ट वाला जो मास है, यह ब्लास्ट होने के बाद रुक गया। ठीक है ना? यह ब्लास्ट होने के बाद रुक गया, तो इसकी फाइनल वेलोसिटी जीरो हो गई। आपको इसकी फाइनल वेलोसिटी जो है वो कैलकुलेट करनी है। तो, बहुत सिंपल है। तो, लॉ ऑफ़ कंजर्वेशन ऑफ़ मोमेंटम के हिसाब से टोटल मोमेंटम बिफोर कोलीजन जो कि एक ही मास है। बराबर होगा टोटल मोमेंटम आफ्टर द कोलीजन के। टोटल मोमेंटम आफ्टर द कोलीजन के। अब टोटल मोमेंटम बिफोर कोलीजन में इसका वजन हमारे पास 10 किलो है और इसका हमारे पास वेलोसिटी 10 है। अब इसका जो मास है हमारे पास नौ है और इसकी जो वेलोसिटी हमारे पास वो ज़ीरो है। प्लस में इसका जो मास है वो हमारे पास वन है और इसकी जो वेलोसिटी है वो हमें कैलकुलेट करनी है। इतना ठीक है। अच्छा अब यहां पे 10 * में 10 हमारे पास कितना आ जाता है भैया? 100 आ जाता है। और यहां पे हमारे पास आ जाता है ज़ीरो। और सॉरी ये क्या आ गया? ये क्या आ गया? वन था यहां पे। यहां पे इसका वजन वन था। तो कुल मिला के यहां पर हमारे पास 1 * में v2 आ जाता है। तो यहां से v2 की वैल्यू हमारे पास 100 मीटर पर सेकंड आ जाती है। यहां से v2 हमारे पास 100 मीटर पर सेकंड आता है। दोबारा समझो क्योंकि है तो बहुत आसान क्वेश्चन बट ठीक है। अभी आप एकदम से वन शॉट करके आए हो। फ्लो में थोड़ा गड़बड़ हो सकती है। ये मास था 10 किलो का ये और ये 10 मीटर पर सेकंड से ही चल रहा था। फटा दो टुकड़े हुए। ये वाला रेस्ट पे आ गया। आपको 1 किलो वाले की वेलोसिटी निकालनी है। तो लॉ ऑफ कंजर्वेशन ऑफ़ मोमेंटम कहता है टोटल मोमेंटम बिफोर आफ्टर के बराबर होगा। बिफोर क्या होगा? इसका मोमेंटम जो कि 100 है और आफ्टर क्या होगा? इसका जो कि ज़ीरो है क्योंकि ये रेस्ट पे आ गया और मास इंटू में वेलोसिटी इसका मास ही वन है। तो वेलोसिटी यहां से बहुत सिंपल कैलकुलेशन के बाद 100 मीटर पर सेकंड आ जाती है। डन। अ बुलेट ऑफ़ मास 10 ग्र. मूविंग विद 300 मीटर पर सेकंड। इट्स अ ब्लॉक ऑफ आइस ऑफ मास 5 kg एंड ड्रॉप्स डेड। द वेलोसिटी ऑफ आइस इज क्वेश्चन समझे आप क्या है? नहीं समझे सुनो। हमारे पास ये आइस का ब्लॉक था। ऑब्वियस सी बात है मेंशन नहीं है तो रेस्ट पे ही होगा। और इसका मास 5 किलो था। ठीक है जी। यहां से एक बुलेट जो कि 10 ग्राम की बुलेट 10 ग्राम की बुलेट इस पे आई और टकरा गई। टकराने के बाद बुलेट तो रुक गई। बुलेट तो रुक गई। लेकिन आइस का जो टुकड़ा है वह आगे चलने लग गया। तो आपको इसकी वेलोसिटी निकालनी है। तो आइस की इनिशियल वेलोसिटी जो थी आइस की इनिशियल वेलोसिटी जो थी वो ज़ीरो थी। आइस की आपको फाइनल वेलोसिटी कैलकुलेट करनी है। बुलेट की जो इनिशियल वेलोसिटी थी इनिशियल वेलोसिटी थी वो 300 मीटर पर सेकंड थी और फाइनल वेलोसिटी जो है फाइनल वेलोसिटी जो है वो ज़ीरो है। बिकॉज़ यहां पे लिखा हुआ है कि बुलेट जो है वो ड्रॉप्स डेड। मतलब कि भैया रुक गई और गिर गई नीचे। ठीक है? टक्कर होते ही। तो इसका भी मास आपको दे रखा है 10 ग्राम। अब ये 10 ग्राम है। इसको कन्वर्ट कर लेंगे 0.01 kg आ जाएगा। अगेन ये भी क्वेश्चन आपने पढ़ ही लिया होगा लॉ ऑफ कंजर्वेशन ऑफ मोमेंटम का। तो टोटल मोमेंटम बिफोर कोलीजन m1u1 + m2u2 बराबर होगा टोटल मोमेंटम आफ्टर द कोलीजन के m1v1 + m2v2 बुलेट का मास 0.01 है। बुलेट की वेलोसिटी 300 थी। आइस का मास 5 किलो है लेकिन आइस की वेलोसिटी भी जीरो थी। बुलेट का मास 0.01 है और उसकी फाइनल वेलोसिटी ज़ीरो है। और आइस का मास 5 किलो है। उसकी फाइनल वेलोसिटी आपको कैलकुलेट करनी है। ये ज़ीरो हो गया। ये ज़ीरो हो गया। इसको अगर मैं थ्री से मल्टीप्लाई करता हूं तो मेरे पास थ्री ही आ जाता है और यह मेरे पास 5V2 आ जाता है। तो यहां से v2 की वैल्यू मेरे पास 3/5 आ जाती है। अब ये v2 की वैल्यू अगर मैं 3/5 की बात करता हूं तो ये आ जाती है बेसिकली 0.6 मीटर पर सेकंड। बट ऑप्शन में मीटर पर सेकंड नहीं है। सेंटीमीटर पर सेकंड है। तो 60 से अगर आपने मल्टीप्लाई किया तो 60 सें.मी. पर सेकंड ये बी हमारे पास आंसर आ जाएगा। 60 सें.मी. पर सेकंड भी हमारे पास जो है ये आंसर आ जाएगा। तो इस प्रकार से हम इस पूरे सवाल को बना सकते हैं। अगेन लॉ ऑफ कंजर्वेशन ऑफ़ मोमेंटम के ऊपर सवाल है। आ जाओ भाई अगला सवाल। इफ अ फोर्स ऑफ़ 50 डाइंस सबसे पहली बात तो फोर्स आपको डाइंस में दे रखी है। और बाकी सारा डाटा एसआई यूनिट में है और आंसर भी एसआई में ही दे रखे हैं। तो इसका मतलब है हमें कन्वर्ट करना पड़ेगा। अब एक डाइन में अगर आपको याद हो तो 10 की पावर -5 न्यूटन होते थे। तो कुल मिला के हमारे पास फोर्स आ जाएगी 5 * में 10 की पावर -4 न्यूटन। ये हमारे पास फोर्स आ जाएगी। ये हमारे पास फोर्स आ जाएगी। ठीक है? इज़ एक्टेड ऑन अ बॉडी ऑफ़ मास। एक बॉडी पे लगी जिसका मास 5 ग्राम है। तो 1000 से हमने इसको डिवाइड कर दिया। तो 5 * में 10 की पावर -3 kg मान लो। व्हिच इज़ एट रेस्ट फॉर एन इंटरवल ऑफ़ 3 सेकंड। यानी कि ये इनिशियली रेस्ट पे था। लेकिन इस पे जो ये फोर्स लगी है वो 3 सेकंड के लिए लगी है। 3 सेकंड के लिए लगी है। ध्यान रखना आपको इंपल्स निकालना है। इंपल्स के क्या फॉर्मूले हैं? अरे ये क्वेश्चन दिखने में जितना अजीब लग रहा है उतना है नहीं। बहुत ही सिंपल है। इंपल्स के दो फॉर्मूले होते हैं। चेंज इन मोमेंटम या फिर फोर्स * में टाइम। तो क्यों ना मैं सीधा इंपल्स का फार्मूला फोर्स * में टाइम लगाऊं। मास का इस क्वेश्चन में कोई काम ही नहीं है। सॉरी मदर। मास आपको सिर्फ ऐसे दे रखा है। खामखा आप अगर उस ट्रैक पर गए तो बहुत बड़ा होगा। जैसे कि आप पहले सोच रहे हो अगर कि फोर्स इक्व टू मास * एक्सीलरेशन होता तो पहले मैं एक्सीलरेशन निकाल लेता हूं। फिर एक्सीलरेशन निकाल के मैं फाइनल वेलोसिटी निकाल लूंगा। बिकॉज़ इनिशियल वेलोसिटी ज़ीरो है। फिर मैं चेंज इन मोमेंटम निकाल लूंगा। फाइनल मोमेंटम माइनस इन मोमेंटम। कोई जरूरत नहीं है इतने बड़े काम करने की। मास का कोई काम ही नहीं है क्योंकि हमारे पास सीधा फोर्स है 5 * में 10 की पावर -4 और सीधा हमारे पास टाइम भी है जो कि थ्री है तो 5 * में 3 हमारे पास 15 आ जाएगा तो कुल मिला के हमारे पास 1.5 * में 10 की पावर -3 न्यूटन सेकंड 1.5 * में 10 की पावर -3 न्यूटन सेकंड या फिर kg मीटर पर सेकंड हमारे पास इंपल्स आ जाएगा। तो अभी तक हमने जो तीन क्वेश्चन किए बहुत बेसिक से सिंपल से क्वेश्चन हैं। थोड़ा सा प्यारा क्वेश्चन आया है क्योंकि वेक्टर यहां पे इन्वॉल्व हो गया है। अ क्रिकेट बॉल ऑफ मास ए क्रिकेट बॉल जिसका मास 150 ग्राम है। दैट इज़ 0.15 kg है। ठीक है? हैज़ एन इनिशियल वेलोसिटी ऑफ़ आपको इनिशियल वेलोसिटी दे रखी है 3i कैप + 4j कैप। ऑब्वियस सी बात है आपने मोशन इन अ प्लेन किया हुआ होना चाहिए। एंड अ फाइनल वेलोसिटी ऑफ और फाइनल वेलोसिटी आपको दे रखी है भाई साहब माइनस मैं अंदर इंक्लूड कर रहा हूं। -3i कैप - 4j कैप सही है? आफ्टर बीइंग हिट द चेंज इन मोमेंटम यानी फाइनल मोमेंटम माइनस इनिशियल मोमेंटम आपको निकालना है। तो चेंज इन मोमेंटम आपको निकालना है। चेंज इन मोमेंटम का फार्मूला क्या होता है? चेंज इन मोमेंटम का फार्मूला होता है फाइनल मोमेंटम माइनस इनिशियल मोमेंटम। फाइनल मोमेंटम होता है मास * फाइनल वेलोसिटी माइनस मास * इनिशियल वेलोसिटी। सही है। सही है। सही है। अब मास दोनों से कॉमन आ गया। तो फाइनल वेलोसिटी माइनस इनिशियल वेलोसिटी। आप चाहते तो ये पूरी माइनस की वैल्यू भी यहां पुट कर सकते थे। एक ही बात है। हमने इसे पहले ओपन कर दिया जो कि हमारी मिस्टेक है क्योंकि हमें पता नहीं था क्या निकालना है। अगर क्वेश्चन पहले पूरा पढ़ लिया होता तो मैं कन्वर्ट ही ना करता इसको क्योंकि मुझे वहां पे समझ गए ना आप? नहीं समझे तो कोई बात नहीं। कैसे मर्जी कर लो। कंफ्यूज मत हुआ करो। मैं आपको बस इतना कहना चाह रहा था। अगर आप माइनस नहीं लगाते माइनस नहीं खोलते तो ये पूरा सेम रहता। थोड़ा सा कैलकुलेशन आसान हो जाती। कोई मेजर फर्क नहीं है। अब मास हमारे पास 0.15 है। अब फाइनल वेलोसिटी हमारे पास है -3i कैप - 4j कैप। और माइनस में इनिशियल वेलोसिटी हमारे पास है 3i कैप और प्लस में माइनस फिर से हो गया 4j कैप। तो यहां से हमारे पास आ गया 0.15 - 6i कैप और -8j कैप हो गया। अब अगर हम यहां से माइनस कॉमन ले लें बिकॉज़ हम देख पा रहे हैं आंसर माइनस कॉमन लेके हैं। माइनस कॉमन ले लें तो हमारे पास 15 * में 6 15 * में 6 कितना हो गया? 15 * में 2 हो गया हमारे पास 3 फिर हो गया सिक्स। फिर हो गया 9 है ना? है ना? न ही तो हो गया। न ही तो हो गया। 9i कैप हो गया। 9i कैप हो गया। हां। मतलब पॉइंट है ना? पॉइंट है ना? तो ऑब्वियस सी बात है ये आ जाएगा 0.9 कैप और एट करूंगा तो हमारे पास आ जाएगा 120 तो 1.2 आ जाएगा 1.2j कैप हो जाएगा। तो - 0.9 कैप + 1.2j कैप और यूनिट में आ गया क्योंकि चेंज इन मोमेंटम यानी मोमेंटम का ही यूनिट आएगा kg मीटर पर सेकंड। तो 0.9 कैप + 1.2j कैप दैट इज ये हमारे पास आंसर हो जाता है। सी पार्ट बेसिक सवाल है। चलिए आगे बढ़ते हैं। अ बॉडी विद मास 5 kg इज़ एक्टेड अपॉन अ फोर्स ऑफ़ एक ऑब्जेक्ट जिसका वजन 5 किलो है। और उस पे जो फोर्स आपने अप्लाई करी है वो करी है -3i कैप + में 4j कैप। ये फोर्स आपने अप्लाई करी है न्यूटन में। ठीक है? इफ इट्स इनिशियल वेलोसिटी एट t = 0 इज ये इनिशियल वेलोसिटी दे रखी है। भले v लिखा हो लेकिन हमारे लिए तो ये u है। इनिशियल वेलोसिटी हमारे पास है 6i कैप + 12j कैप। ये हमारे पास इनिशियल वेलोसिटी है मीटर पर सेकंड में। द टाइम एट व्हिच इट विल जस्ट हैव वेलोसिटी अलोंग द y एक्सिस। आसान भाषा में कहें कि किस टाइम पे ऐसा होगा कि इसकी वेलोसिटी सिर्फ y एक्सिस में होगी। यानी कि जो फाइनल वेलोसिटी x एक्सिस में है वो ज़ीरो हो जाए। अब अगर आपने मेरा मोशन इन अ प्लेन का वन शॉट देखा है तो मैंने वहां पे आपको मोशन इन अ प्लेन में बहुत सारे ऐसे क्वेश्चंस कराए हैं जहां पे मैंने आपको बहुत बार बोला है कि x- एक्सिस का डेटा अलग रख लिया करो और y एक्सिस का डेटा अलग रख लिया करो। ऐसे क्वेश्चंस पे बहुत हेल्प होगी। अगर आप x एक्सिस और y-एक्सिस के डेटा को डिफरेंशिएट कर दोगे। मतलब डिफरेंशिएट मतलब अलग-अलग कर दोगे। नॉट मैथ्स वाला डिफरेंशिएट कर दोगे। देखो अब यहां पे क्या है? मुझे बेसिकली मतलब तो vx कॉम्पोनेंट से है। vx जीरो कितने टाइम में हो जाएगा? तो मुझे y कॉम्पोनेंट से मतलब ही नहीं। ठीक है? अब आप बताओ जो फोर्स x कॉम्पोनेंट में लग रही है वो कितनी है? -3i कैप है न्यूटन में। तो एक्सीलरेशन x में कितना आ जाएगा? एक्सीलरेशन का फार्मूला होता है फोर्स / में मास। तो फोर्स हमारे पास -3i कैप है और मास हमारे पास 5 है। तो ये हमारे पास एक्सीलरेशन आ गया पहली बात तो। ठीक है? अब हमारे पास इनिशियल वेलोसिटी x डायरेक्शन में कितनी है? तो आंसर है 6i कैप है। यानी कि अभी तो मैं फिलहाल ये वेक्टर फॉर्म में लिख रहा हूं। लेकिन अगर मैं मैग्नीट्यूड्स की बात करूं तो फोर्स मेरे पास कितनी आ जाएगी? 3 न्यूटन आ जाएगी। -3 न्यूटन आ जाएगी। x डायरेक्शन में x डायरेक्शन में और एक्सीलरेशन का मैग्नीट्यूड मेरे पास आ जाएगा -3/5 मीटर पर सेकंड² और इनिशियल वेलोसिटी x डायरेक्शन में मेरे पास आ जाएगी 6 मीटर पर सेकंड 6 मीटर पर सेकंड आ जाएगी मेरे पास इनिशियल वेलोसिटी अब मुझे बताना है कि फाइनल वेलोसिटी ज़ीरो कब होगी? बहुत सिंपल है। फर्स्ट इक्वेशन आ जाएगी vx = ux + axt आ जाएगा। अब vx हमारे पास कितना है? vx हमारे पास 0 है। ux हमारे पास कितना है? ux हमारे पास 6 है। ax हमारे पास कितना है? -3/5 है। यहां से हमें टाइम निकालना है। ये आ जाएगा हमारे पास -6 = -3/5t इससे इसको काट देंगे। टू आ जाएगा। 5 टू 10 आ जाएगा। टाइम की वैल्यू आ जाएगी 10 सेकंड्स। यानी कि 10 सेकंड के बाद जो फाइनल वेलोसिटी है वो x डायरेक्शन की जीरो हो जाएगी। बिकॉज़ क्वेश्चन ने बोला हुआ है कि वो सिर्फ y में चले। तो इनडायरेक्टली अगर बोला हुआ है वो सिर्फ y में चले तो बेसिकली ये बोला हुआ है कि उसकी x की वेलोसिटी ज़ीरो हो जाए। तो ऐसे सारे क्वेश्चन x और y के डेटा को अगर आप अलग रख के कर दोगे तो जीवन बहुत आसान हो जाएगा। डन। चलिए आगे बढ़ते हैं। हां। आओ। अ पर्सन ऑफ मास 50 kg स्टैंड्स ऑन अ विंग स्केल ऑन अ लिफ्ट। इफ द लिफ्ट इज डिसेंडिंग विद अ डाउनवर्ड एक्सीलरेशन ऑफ 9 मीटर पर सेकंड स्क्वायर। व्हाट वुड बी द रीडिंग ऑफ द विंग स्केल? सुनो ध्यान से। आप सब जानते हैं कि भैया डाउनवर्ड मोशन में डाउनवर्ड मोशन में डाउनवर्ड विद सम एक्सीलरेशन विद सम एक्सीलरेशन में हमने एक फार्मूला डिराइव किया था। आप वो फार्मूला अगर आपको याद है तो अच्छा अच्छा बात है। अगर आपको याद है तो अच्छी बात है। नहीं तो आप दोबारा से वो डिराइव कर सकते हो डाउनवर्ड का जो कि छह केस कराए लिफ्ट के वन शॉट देख लिया होगा। लेकिन डाउनवर्ड केस में r का फार्मूला हो जाता है हमारे पास m g - a ठीक है यहां से हमें r मिलेगा अभी r मतलब कि जो अपेरेंट वेट होगा फिर अपेरेंट वेट को हम g से डिवाइड करेंगे तो अपेरेंट मास यानी रीडिंग आ जाएगी अभी के लिए जो इसका एक्चुअल मास है वो 50 है। g की वैल्यू आपको बोला गया है 10 ले लीजिए और a हमारे पास नाइन है। तो r हमारे पास आ जाएगा 50 * 1 दैट इज 50 न्यूटन। लेकिन ये तो वेट है। अब अगर मैं बोलूं कि रीडिंग ऑफ रीडिंग ऑफ मशीन आपको मैंने बताया था मशीन g की वैल्यू से अपने आप डिवाइड करके ही रीडिंग देती है। बिकॉज़ वो आपको मास देती है। बट वो कैलकुलेट तो वेट ही करती है। तो उसने कैलकुलेट किया होगा 50 और उसको हम g से डिवाइड करेंगे तो उसकी रीडिंग जो हमारे पास आ जाएगी वो 5 किलो आ जाएगी। देखो पहली बात तो ऐसी कोई भी लिफ्ट मैं नहीं जानता हूं। मतलब मुझे अभी नहीं दिमाग में आ रही है जो 9 मीटर पर सेकंड स्क्वायर से नीचे या ऊपर जाए। मैं नहीं ऐसी कोई लिफ्ट जानता। अगर कोई ऐसी लिफ्ट है भी तो वो बहुत ज्यादा क्रेजी लिफ्ट होगी क्योंकि बेटा इतने ज्यादा नीचे एक्सीलरेशन से आने से तो बहुत ज्यादा वो हल्का महसूस करने वाली है। तो मैं ऐसी कोई लिफ्ट नहीं जानता हूं। हां अगर कोई देखा जाए तो जब फ्री फॉल हो रहा होता तो लगभग लगभग इतना ही ऑब्वियस सी बात है 9.8 हवा है तो 9.8 से 9.4 मान लो ना ले पॉइंट समझ रहे हो आप? ये लगभग फ्री फॉल ही कर रहे हो आप। तो इसीलिए ऐसी कोई लिफ्ट नहीं है। बट अगर होगी तो आप देखो कितना हल्का महसूस करोगे। 50 किलो के इंसान को लगेगा कि वो 5 किलो का है। 5 किलो का है। ठीक है। ठीक है। ठीक है। चलो अब आगे बढ़ते हैं। एनसीईआरटी का सवाल है ये। एन सी ई आर टी का यह सवाल है। अगर आपने वन शॉट देखा है तो मैंने इसमें आपको एक कनेक्टेड मोशन कराया है। कनेक्टेड मोशन में आपने क्या देखा कि भैया एक पुल्ली है। पुल्ली के साथ दो मास टंगे हुए हैं। अब जब पुल्ली के साथ दो मास टंगे होते हैं तो हम उसको कैसे सॉल्व करते हैं? पहले वाले पे एक इक्वेशन लगाते हैं। दूसरे वाले पे एक इक्वेशन बनाते हैं और फिर दोनों को सॉल्व करते हैं। तो यहां पे भी ऐसे क्वेश्चंस में भी यही करना है। ध्यान से सुनो। तो अगेन यहां पे भी आपको क्वेश्चन में टेंशन निकालनी है और सिस्टम का एक्सीलरेशन निकालना है। क्वेश्चन को पढ़ते हैं एक बार। व्हाट इज द एक्सीलरेशन ऑफ द ब्लॉक एंड द ट्रॉली सिस्टम जो कि फिगर एनसीआरटी का डायग्राम है। तो 4.12A इफ द कोफिशिएंट ऑफ़ काइनेटिक फ्रिक्शन बिटवीन द ट्रॉली वो आपको दे रखी है। व्हाट इज़ द टेंशन? आपको टेंशन भी निकालनी है। g की वैल्यू आपको 10 दे रखी है और मास स्ट्रिंग का इग्नोर करना है। यानी आपको इस पूरे सिस्टम का एक्सीलरेशन भी निकालना है और टेंशन भी निकालनी है। तो इतना तो आप समझ ही गए कि दो इक्वेशन बनेंगे और दो वेरिएबल के लिए सॉल्व होगा। अब ये पूरा सिस्टम ऐसे नीचे की तरफ आ रहा होगा। ठीक है? अब इस पे नीचे की तरफ क्या-क्या दे रखा है? आपको बोल रखा है 3 किलो का है तो इस पे नीचे mg लग रहा है 30 और ऊपर की तरफ दिखा ही रखा है टेंशन लग रहा है। इसमें इधर की तरफ दिखा रखा है टेंशन लग रहा है। जब तक रस्सी एक है टेंशन एक है और इस पे पीछे की तरफ फ्रिक्शन लग रही है। इस पे पीछे की तरफ फ्रिक्शन लग रही है। इस पे इधर लग रहा है 20 kg का r। पहली बात तो ऑब्वियस सी बात है नीचे लग रहा होगा इस पे mg और इस पे ऊपर लग रहा होगा r। ठीक है ना? अब क्योंकि इसका वजन 20 kg है तो वजन मतलब मास। तो m इसका 20 है और g अगर 10 है तो इसका mg कितना हो जाएगा? 200 हो जाएगा। अब आपको पता है दो इक्वेशन बनानी है। दो इक्वेशन कैसे बनेंगी? आओ भाई। दो इक्वेशन बनानी है। उनको सॉल्व करना है। इसको मैं मान लेता हूं फर्स्ट। इसको मैं मान लेता हूं सेकंड। ठीक है ना? इसको मैं मान लेता हूं फर्स्ट। इसको मैं मान लेता हूं सेकंड। तो पहले बात कर रहे हैं फॉर फर्स्ट मास। फॉर फर्स्ट मास। अगर मैं फर्स्ट वाले मास की बात करूं तो नीचे की तरफ जा रहा है ये। तो इस पे जो नेट फोर्स होगी वो होगी नीचे वाली फोर्स यानी कि mg माइनस ऊपर वाली फोर्स यानी कि टेंशन। अब नेट फोर्स का फार्मूला मास * में एक्सीलरेशन होता है। mg इसका 30 है। टेंशन मुझे निकालनी है। मास इसका 3 है। a मुझे निकालना है। तो ये मेरे पास आ जाएगा 3a = 30 - t ये मेरे पास फर्स्ट इक्वेशन आ जाएगी। ठीक है? अब यही काम मुझे करना है फॉर सेकंड मास। सेकंड मास इधर की तरफ जा रहा है। तो इसका जो नेट फोर्स होगा वो होगा t - फ्रिक्शन। t - फ्रिक्शनल फोर्स। नेट फोर्स का फार्मूला होता है मास * में एक्सीलरेशन। t मुझे पता नहीं है। फ्रिक्शन होता है μr। ठीक है? मास इसका हमें क्वेश्चन में 20 दे रखा है। तो 20a = t - ्यू की वैल्यू 0.04 है। 0.04 है। और r मैंने आपको पहले बता दिया mg के बराबर है इस केस में। तो 200 है। तो ये आ गया मेरे पास 20a = t - 4 * 28 आ गया। ये हमारे पास दूसरी इक्वेशन आ गई। यह हमारे पास सेकंड इक्वेशन आ गई। अब आपको t निकालना है और आपको a निकालना है। कैसे निकालोगे? इन दोनों को आप ऐड कर दोगे। इन दोनों को आप ऐड कर दोगे। अगर ऐड कर दोगे तो t से t कैंसिल हो जाएगा और a आ जाएगा। और इन दोनों को डिवाइड कर दोगे तो a से a पहले आप ऐसा करो ऐड कर दो। ठीक है? उससे अब t आ गया तो a तो आ ही जाएगा। तो ऐडिंग फर्स्ट एंड सेकंड अगर आप फर्स्ट और सेकंड को ऐड करते हो तो 3a और 20a कुल मिला के 23a आ जाएगा। t से t कैंसिल हो जाएगा। 8 30 में से 8 जाएगा तो 28 आ जाएगा। कुल मिला के एक्सीलरेशन आपके पास आ जाएगा 28 / 23। एनसीआरटी का सवाल है। चेक भी कर सकते हैं। आंसर यही होगा। होना यही चाहिए। और ऑब्वियस सी बात है आप फ्रैक्शन में नहीं डेसिमल में छोड़ के आएंगे। और अगर एक्सीलरेशन आ गया तो ऑब्वियस सी बात है आप टेंशन भी निकाल सकते हैं। या तो इस वाली इक्वेशन में पुट कर दें एक्सलरेशन या तो इसमें किसी में पुट कर दें। लेकिन आप एक बार सिनेरियो समझे मैंने कैसे सॉल्व किया है। मेरे पास दो मास थे। मैंने दोनों मास के लिए इक्वेशन को बनाया और हमेशा कोई भी प्रकार का सवाल ऐसा आ जाए इरिस्पेक्टिव इरिस्पेक्टिव ऑफ दी मास इरिस्पेक्टिव ऑफ द स्ट्रिंग इरिस्पेक्टिव ऑफ देयर अरेंजमेंट दोनों के दोनों इंक्लाइंड सरफेस पे भी हो सकते हैं। एक इंक्लाइन दोनों लटके हुए भी हो सकते हैं। कुछ भी सिस्टम आ जाए सवाल का प्रोसेस ये रहेगा। दोनों पे इक्वेशन आपको बनानी है और सॉल्व करना है। ठीक है? चलिए आइए आगे बढ़ते हैं। द फोर्स f एक्टिंग ऑन अ पार्टिकल ऑफ मास m इज इंडिकेटेड बाय द फोर्स टाइम ग्राफ एज शोन द चेंज इन मोमेंटम ऑफ द पार्टिकल ओवर द टाइम इंटरवल फ्रॉम 0 टू 8 सेकंड इज़ 0 टू 8 सेकंड तक आपको चेंज इन मोमेंटम निकालना है। आई गेस हम ये फोर्स है ये टाइम है। एंड आई होप आपको पता हो एरिया अंडर एरिया अंडर फोर्स टाइम ग्राफ। फोर्स और टाइम ग्राफ के नीचे का जो एरिया है ये बराबर होता है चेंज इन मोमेंटम के। कैसे? चेंज इन मोमेंटम क्या होता है? फोर्स इंटू में टाइम। और फोर्स इंटू में टाइम से हमेशा क्या मिलता है? एरिया अंडर द ग्राफ। तो एरिया अंडर द ग्राफ अगर आप निकालेंगे कौन सा ग्राफ? जैसे एरिया अंडर वेलोसिटी टाइम ग्राफ से डिस्प्लेसमेंट मिलता है। एरिया अंडर स्पीड टाइम ग्राफ से आपको डिस्टेंस मिलता है। एरिया अंडर फोर्स डिस्प्लेसमेंट ग्राफ से वर्क डन मिलता है। ऐसे एरिया अंडर फोर्स टाइम ग्राफ से आपको चेंज इन मोमेंटम मिलता है। अगर ये बात नहीं पता चली है न्यू तो आप अपने पिछले फ़ूले के लिस्ट में इसे ऐड कर देना। तो बेसिकली हमें चेंज इन मोमेंटम के लिए एरिया अंडर द ग्राफ निकालना है। एरिया अंडर फोर्स टाइम ग्राफ निकालना है। अब मुझे लगता है मैंने आधा काम आपके लिए कर ही दिया है। एरिया अंडर निकालना बड़ा आसान है। ये हमारे पास एक ट्रायंगल है। तो इसके लिए आ जाएगा हाफ बेस इसका हमारे पास टू है और हाइट हमारे पास की सिक्स है। ठीक है? प्लस ये हमारे पास एक रेक्टेंगल है जिसका जो बेस है हमारे पास या l है जो हमारे पास वो टू है। लेकिन इसकी जो B है हमारे पास वो -3 है। -3 है और अगेन फोर्स ऑपोजिट डायरेक्शन में है तो मोमेंटम भी ऑपोजिट डायरेक्शन में ही चेंज होगा। ठीक है? प्लस में ये जो भाई साहब है हमारे ये भी एक रेक्टेंगल है। अ तो ये आ गया हमारा फोर से 8 यानी कि फोर और हाइट इसकी टोटल थ्री आ गई। ठीक है? यानी कि लंबाई जो भी आप कहते हैं। इससे ये कैंसिल हुआ। सिक्स आया। ये आया -6 आया और 4 3 हमारे पास 12 आया। तो कुल मिला के हमारे पास 12 न्यूटन सेकंड कह लो या kg मीटर पर सेकंड कह लो। जो मर्जी कह लो लेकिन 12 हमारे पास आंसर आ जाता है। अब अगर आपने इन दोनों को ऐड करके इसमें भी ऐड किया होगा तो 24 आंसर आया होगा और वो भी आंसर ऑप्शन में तो गलत हो जाएगा। बट ये माइनस है। ये ऑपोजिट डायरेक्शन में है तो दैट विल बी सब्ट्रैक्टेड फ्रॉम दी फाइनल आंसर। ठीक है ना? मतलब कि यहां माइनस लगाएंगे। डन। आगे बढ़ते हैं। एन ऑब्जेक्ट ऑफ़ मास 3 kg एक ऑब्जेक्ट जिसका वजन हमारे पास 3 किलो है और इनिशियली वो रेस्ट पे है। इनिशियली वो रेस्ट पे है। ठीक है ना? इनिशियली वो रेस्ट पे है। नाउ अ फोर्स ऑफ़ अच्छा ये भी वेक्टर फॉर्म में है। फोर्स आपको दे रखी है 6t² i कैप + 4t अरे मेरे को याद आ गया। तो बड़ा प्यारा सवाल है। बहुत प्यारा सवाल है। अभी मैंने कल परसों पेड बैच में भी करवाया हुआ है। आपको बताना है क्या वेलोसिटी होगी अगर इस टाइम 3 सेकंड पे। मुझे अभी याद है हाल ही में क्योंकि हमारे पेड बैच में तो जो फर्स्ट टर्म का सिलेबस है वो काफी पहले ही खत्म हो गया था। हो गए लगभग 20- 22 दिन से ज्यादा ही हो गए। तो हमने लगभग आधा अ सेप्टेंबर से पहले क्या आधा अगस्त। आधा अगस्त लास्ट के 10 दिन लगभग और अभी जो बचा हुआ सितेंंबर हमारा गया है ये 12 15 दिन। इसमें हमने रिवीजन ही करी है ताकि मिड टर्म में हम अच्छा परफॉर्म कर सकें और अब हम बस एक दो हफ्ते के अंदर नया सिलेबस भी शुरू करने वाले हैं। तो अगर आप में से कोई भी बच्चा अभी तक पेड बैच में नहीं जुड़ा था और मिड टर्म में उनको थोड़ा सा प्रॉब्लम्स हुई है तो आप पेड बैच ज्वाइन कर सकते हैं बेटा। पेड बैच में हम लोग मिड टर्म के बाद अपना सिलेबस जो है वो स्टार्ट कर रहे हैं। ठीक है? चलो आओ। बट अभी के लिए हमारे पास ये मास है। ये इनिशियल वेलोसिटी है। ये फोर्स है। ये टाइम है। दोबारा आते हैं। अब इस क्वेश्चन में अच्छी बात क्या है? अच्छी बात ये है कि जो ये फोर्स हमें दे रखी है ये एक्चुअली में अ इससे पहले हम एक्सीलरेशन निकालेंगे और फिर उसके बाद फाइनल वेलोसिटी। लेकिन फाइनल वेलोसिटी निकालने के लिए क्या मैं इक्वेशन ऑफ मोशन का इस्तेमाल करूंगा या नहीं वो मैं आपको बताऊंगा। लेकिन पहले यहां से निकाल लेते हैं एक्सीलरेशन। ठीक है? पहले एक्सीलरेशन निकाल लेते हैं। एक्सीलरेशन होता है फोर्स / मास। ठीक है? फोर्स मेरे पास है 6t² i कैप + 4tj कैप अपॉन में मास मेरे पास। अरे अरे अरे अपॉन में मास मेरे पास थ्री है। इसको मैंने इससे डिवाइड कर दिया तो मेरे पास आ गया 2t² i कैप + 4 / 3tj कैप। अब क्या ये जो एक्सीलरेशन मेरा आया है ये कांस्टेंट है या वेरिएबल है? साफ-साफ चिल्ला चिल्ला के बोल रहा है कि एक्सीलरेशन वेरिएबल है, वेरिएबल है, वेरिएबल है। और हमने सबने पढ़ा हुआ है कि जो हमारी इक्वेशन ऑफ मोशन जितनी भी हमने पढ़ी है वो वेरिएबल एक्सीलरेशन के लिए नहीं कास्टेंट एक्सीलरेशन के लिए। इसका मतलब है कि मैं इक्वेशन ऑफ मोशन लगा के इससे फाइनल वेलोसिटी नहीं निकाल सकता। तो मुझे इंटीग्रेशन डिफरेंशिएशन की मदद लेनी होगी। ये मेरे पास एक्सीलरेशन आ चुका है। अगेन i कैप, j कैप पे अभी उतना ध्यान मत दो। वो तो साथ-साथ चलते रहेंगे। अब हम सब जानते हैं कि एक्सीलरेशन होता है dv / dt तो अगर मुझे उससे फाइनल वेलोसिटी निकालनी है। यानी कि अगर मुझे dv की मैं यहां से वैल्यू निकालूं तो मुझे मिल जाएगा a dt अब इंटीग्रेटिंग बोथ साइड करूंगा तो dv dv dv dv का इंटीग्रेशन तो मेरे पास v आ जाएगा। है ना? है ना? है ना? और यहां पे a का इंटीग्रेशन में मेरे पास कौन है? 2t² i कैप dt इसको इंटीग्रेट किया जाएगा। प्लस यहां पे कौन है? 4 / 3 tdt अगेन यह j कैप है साथ में j कैप है dt इसको इंटीग्रेट किया जाएगा 0 से लेके t तक किया जाएगा ज़ीरो से लेके थ्री तक किया जाएगा तो मैं लिमिट डाल ले रहा हूं बिकॉज़ ज़ीरो से थ्री है t की जगह बाद में थ्री डाल देंगे सीधा एक ही बात है ठीक है अब यहां पे टू आगे आ जाता है पावर में एक ऐड हो जाता है और वही पावर नीचे आ जाती है ठीक है साथ में i कैप है। ठीक है? यहां पे भी 4 / 3 बाहर आ जाएगा। अब p की पावर 1 है तो पावर में एक ऐड हो जाएगा और वही पावर नीचे आ जाएगी। ठीक है? और साथ में j कैप तो चल ही रहा है। ठीक है? अब यहां से मेरे पास v आ गया है। t की जगह मुझे डालना है 3 सेकंड। ज़ीरो से थ्री तो मैंने लिमिट नहीं डाली। तो अगर मैं t की जगह थ्री डालता हूं तो एक थ्री से एक थ्री कैंसिल हो जाएगा और 3 * 3 9 हो जाएगा। i कैप। यहां पर भी t की जगह मैं थ्री डालता हूं तो एक से एक कैंसिल हो जाएगा और 4 * 3 12 / 2 j कैप हो जाएगा। यहां से वेलोसिटी मेरे पास आ जाएगी 18 कैप प्लस में 6j कैप। यह हमारे पास वेलोसिटी आ गई इतना मीटर पर सेकंड इतना मीटर पर सेकंड 18i कैप + 6j कैप। अच्छा सवाल है क्योंकि यहां पे आपको ये थोड़ा सा ध्यान रखना है कि आप इक्वेशन ऑफ मोशन सिर्फ तभी लगा सकते हो जब एक्सीलरेशन कांस्टेंट होता है। अगर एक्सीलरेशन कांस्टेंट नहीं है तो आप इक्वेशन ऑफ मोशन नहीं लगा सकते हो। सिंपल है। चलो आओ आगे बढ़ते हैं। हम अगेन अगर आपने एनसीईआरटी के एग्जांपल्स किए हैं। अभी तो शायद नहीं किए होंगे अगर आप ये चैप्टर पहली बार कर रहे हो। एक बार प्लीज एग्जांपल भी गो थ्रू कीजिएगा। अ एग्जांपल में ये वाला क्वेश्चन थोड़ा सा अलग तरीके से दे रखा है। तो उसी से इंस्पायर्ड ये क्वेश्चन नीट के पेपर में भी आ रखा है। अ बॉडी ऑफ़ मास 3 kg हिट्स अ वॉल तो नीट में आया हुआ तो मतलब आप में भी आ सकता है। बहुत आराम से क्योंकि नीट के सवाल तो बहुत ही अ आते हैं हमारे सीबीएसई में या उल्टा भी होता है। अ बॉडी ऑफ़ मास 3 kg हिट्स अ वॉल एट एन एंगल ऑफ़ 60° है। ये है ना? 60° एंड रिटर्न्स एट दी सेम एंगल। द इंपैक्ट टाइम वाज़ इतना। आपको फोर्स निकालना है। तो बेसिकली हम यहां पे क्या प्लान करेंगे? हम यहां पे क्या प्लान करेंगे? हम पहले चेंज इन मोमेंटम निकालेंगे। और फोर्स का फार्मूला हम सबको पता है। चेंज इन मोमेंटम / टाइम भी होता है। मतलब मास * एक्सीलरेशन तो होता है लेकिन चेंज इन मोमेंटम अपॉन में टाइम भी होता है। तो वो वाला फार्मूला वहां पे लगा के हम लोग फोर्स को कैलकुलेट यहां पे करेंगे। लेकिन पहले चेंज इन मोमेंटम निकालने के लिए हम क्या करने वाले हैं? ये जो हमारे भाई साहब हैं ये जो हमारी वेलोसिटी है इसके दो टुकड़े करने वाले हैं। ठीक है? एक तो अब ये वेलोसिटी ऐसे जा रही है तो इसके और अगर ये ऐसे जा रही है ऐसे जा रही है ऐसे जा रही है तो यहां पे हमारे पास ये एक नॉर्मल लाइन हो गई। अब अगर ये 30 है तो ये वाला एंगल सॉरी अगर ये 60 है तो ये वाला एंगल 30° हो जाएगा। जैसे मर्जी आपको पसंद हो कर लो। मैंने ऐसे कर दिया है। और ये वाला भी ऑब्वियस सी बात है 30° हो जाएगा। अब जो वेलोसिटी है ये हमारे पास ये वाली इसके मैं दो टुकड़े कर रहा हूं। एक ये और एक ये। ठीक है? अब अगर ये हमारे पास 30° है और ये मेरे पास वेलोसिटी थी जिसके मैंने टुकड़े किए हैं तो ये भी मेरे पास एंगल कितना डिग्री हो जाएगा? 30° अरे 30° हो जाएगा। तो ये मेरे पास हो जाएगा v cos 30 और ये हो जाएगा मेरे पास v sin 30 और ऑब्वियस सी बात है ये जो sin 30 वाला कॉम्पोनेंट है ये दीवार पे कोई इंपैक्ट कोई फोर्स पैदा नहीं कर रहा होगा। ये v cos 30 वाला कर रहा होगा। सिमिलरली जो नीचे से वेलोसिटी ऐसे आ रही है इसके भी दो टुकड़े कर दूंगा एक ये और एक ये और अगेन अगर ये एंगल 30 है। ये वाला एंगल 30 है तो ये हो जाएगा v cos 30 और ये हो जाएगा v sin 30 बस फर्क ये है अगेन sin 30 वाले का कोई काम नहीं है। अगेन, यह जा रहा है इधर v cos 30, और यह आ रहा है इधर vsin 30. तो कोई एक प्लस, तो कोई एक माइनस। किसी को भी प्लस, अभी फिलहाल किसी को भी माइनस। बिकॉज़ हम मैग्नीट्यूड की बात कर रहे हैं। कहीं पे भी डायरेक्शन इंक्लूडेड नहीं। तो, आप एक लेकिन ध्यान रखना एक प्लस होगा, एक माइनस होगा। तो, यह मेरी इनिशियल वेलोसिटी हो गई एक प्रकार से। और ये एक प्रकार से मेरी फाइनल वेलोसिटी हो गई। ठीक है? sin थीटा वाले कॉम्पोनेंट्स को मैंने इग्नोर क्यों किया? बिकॉज़ sin थीटा वाले कॉम्पोनेंट्स आर पैरेलल टू दी सरफेस। तो वो कोई इंपैक्ट नहीं पैदा करेंगे। परपेंडिकुलर वाले करेंगे। अब मैं यहां से निकालूंगा चेंज इन मोमेंटम जो कि होगा मास * फाइनल वेलोसिटी - मास * इनिशियल वेलोसिटी। मास कॉमन आ गया तो v - u आ गया। अब यहां से मास कॉमन है। फाइनल वेलोसिटी मेरे पास -v cos 30 है। और ये मेरे पास -v cos 30 है। दोनों ही मेरे पास cos 30 के v कॉम्पोनेंट है। बस एक प्लस है, एक माइनस है तो माइनस माइनस प्लस हो जाएगा। है ना? तो आ जाएगा - 2mv cos 30 - 2mv cos 30 अब यहां से चेंज इन मोमेंटम में वैल्यू्यूज पुट कर देते हैं टू मास की जगह हम लोग पुट कर देते हैं 3 kg वेलोसिटी की जगह हम लोग पुट कर देते हैं कितना है कितना है अरे अरे अरे अरे अ बॉडी ऑफ़ मास 3 kg हिट्स अ बॉल एट एन एंगल ऑफ़ अरे दे रखी है ये रही ये रही क्वेश्चन में कहीं नहीं दे रखी है। यहां दे रखी है। मैं कहूं बिना वेलोसिटी के कैसे सॉल्व होगा? 10 मीटर पर सेकंड यहां दे रखी है। ठीक है? और cos 30 की वैल्यू हमारे पास हो जाती है 3 / 2 अब टू से टू कैंसिल हो गया। तो चेंज इन मोमेंटम हमारे पास -30 3 आ गया। ये हमारे पास चेंज इन मोमेंटम आया। अभी ध्यान रखो। अभी तो हमें फ़ निकालनी है। अब फोर्स का फ़ूला हमारे पास हो जाता है। फ़ का फ़ूला हमारा यहां सॉल्व कर रहा हूं। फोर्स का फार्मूला हमारे पास चेंज इन मोमेंटम अपॉन में टाइम होता है। तो -30 3 / में टाइम हमारे पास कितना है? 0.2 है। 0.2 है। तो ये आ जाएगा 300 / 2 यानी कि 150 तो आंसर आ जाएगा - 150 3 न्यूटन। बट क्योंकि आंसर माइनस में आया है वो मैंने आपको पहले ही बता दिया है कि वो क्यों आया है। बिकॉज़ मैग्नीट्यूड लिया हुआ है। हां अगर आप इसको माइनस लेते हैं इसको प्लस लेते तो आपका आंसर भी प्लस में आता है और ऑप्शन में कोई प्लस माइनस का खेल ही नहीं है। डायरेक्शन के ऊपर बात ही नहीं कर रखी है। तो -10 3 न्यूटन हमारे पास आंसर आ जाएगा। बहुत ही प्यारा क्वेश्चन है। बहुत ही लाजवाब क्वेश्चन है। आओ आगे बढ़ते हैं। हम मैंने आपको यह वाला सवाल करवाया है। यह वाला ये वाला सवाल इस वाले सवाल से कई गुना ज्यादा आसान है। क्योंकि इसमें ऑब्जेक्ट मूव ही नहीं कर रहे हैं। एक्सीलरेशन ही ज़ीरो है। तो बिल्कुल ये क्वेश्चन तो आपके लिए होमवर्क बनता है। इस सवाल है क्वेश्चन अगर मैंने यार देखो ये जो सवाल है ये अगर मैं क्लास ऐसे कंपेयर करूं आउट ऑफ 10 कंपेयर करूं तो ये वाला जो सवाल है भाई साहब ये आउट ऑफ 10 अगर सेवन है तो ये वाला सवाल आउट ऑफ 10 टू है। आप एक बार पढ़ के देखना आपको हंसी आ जाएगी। इसीलिए ये क्वेश्चन आपके लिए होमवर्क है। बस आपके लिए मैं क्यों लेके आया हूं? पहली बात तो ये पी वाई क्यू है नीट का। और दूसरी बात बहुत बार ऐसा होता है कि बच्चा डायग्राम देखता है और पागल हो के वो वाली इक्वेशन बनाता है। पहली बात तो पूरे क्वेश्चन में कहीं फ्रिक्शन ही नहीं है और ऑब्जेक्ट मूव भी नहीं कर रहा है। एक्सीलरेशन ज़ीरो है। तो ये वाला सवाल आपके लिए होमवर्क हो जाता है। चलिए आगे बात करते हैं। अगले सवाल पे आते हैं। अभी एक सेम सा क्वेश्चन हमने किया जहां पे एक इंसान का वजन आपको दे रखा था अ आई गेस 50 kg तो काइंड ऑफ़ ये वाला सवाल है। आओ फिर भी देखते हैं। बट ये इस बार ऊपर जा रहा है। तो ये वाला सवाल भी कर लेते हैं। एक इंसान जिसका वजन 80 किलो है। एक इंसान जिसका वजन 80 किलो है और वह एक वेइंग स्केल पे खड़ा होता है जो कि ऊपर जा रही है लिफ्ट 5 m/s सेकंड स्क्वायर से। आपको बताना है रीडिंग क्या होगी? देखो एक और सिंपल सी बात बताऊं क्योंकि ये नीट का p / q है। अब एक सिंपल सी बात बताऊं। इस सवाल में देखो कितना फनी ऑप्शन दिए हुए हैं। हम सबको पता है कि जब वो ऊपर जाते हैं विद सम एक्सीलरेशन तो हमारा वजन बढ़ जाता है। तो 80 किलो वाले इंसान का वजन कितना होगा? 800 न्यूटन। तो आंसर तो 800 न्यूटन से ज्यादा ही आना चाहिए जो कि एक ही ऑप्शन है 1200। तो ये बात इन्होंने थोड़ा गड़बड़ कर दिया। इनको एक आध ऑप्शन और देना चाहिए था। बाकी अब हम तो ईमानदारी से सॉल्व करेंगे। बट हमें आंसर पहले ही मिल चुका है। जब ऊपर जाते हैं तो r का फार्मूला m g + a हो जाता है। अब मास कितना है इन भाई साहब का? 80 है। g की वैल्यू 10 लेने को बोला है और ऊपर जाते वक्त एक्सीलरेशन पांच हो जाता है। तो यहां से हमारे पास 80 * में 15 हो जाता है जो कि 1200 न्यूटन है। यानी कि हमने पहले ही अंदाजा लगा लिया था। बट ठीक है अगर ऑप्शन में 1200 के बजाय 1500 1400 या कोई भी और ऑप्शन होता तो सॉल्व तो आपको करना ही पड़ता और ज्यादा कोई कैलकुलेशन भी नहीं है इस क्वेश्चन में। चलो आओ। हां। क्या है भाई? अ कार ऑफ मास 1000 kg नेगोशिएट्स अ बैंग्ड कर्व्ड ऑफ रेडियस। एक गाड़ी ने एक बैंक्ड रोड पे टर्न मारा। फ्रिक्शन लेस रोड है भाई साहब। फ्रिक्शन लेस रोड है। अगर रोड फ्रिक्शन लेस है तो आप सबको पता होगा यहां पे ऑप्टिमम स्पीड निकलेगी। और ऑप्टिमम स्पीड निकलेगी। ऑप्टिमम स्पीड प्लेन कर्व्ड रोड के लिए आपको याद होगा ज़ीरो होती है। बिकॉज़ बिना फ्रिक्शन के टर्निंग। अबे आखिरी टॉपिक किया है वन शॉट का यार आज। और अगर हम बात करें बैंक्ड रोड पे तो आंसर rg tan थीटा हो जाता है। ये ऑप्टिमम स्पीड है। फ्रिक्शन लेस रोड है। ठीक है? R की वैल्यू हमारे पास 90 है। G की वैल्यू बोला नहीं गया है। तो अभी के लिए 10 ले लेते हैं। और tan 45° tan 45° पे वन हो जाता है। tan 45° पे वन हो जाता है। तो आंसर आ गया है 900 जो कि आ जाएगा 30 मीटर पर सेकंड। यानी कि 30 ये काफी ज्यादा हाई वेलोसिटी है। 30 30 मीटर पर सेकंड से आप अभी भी टर्न मार सकते हो। मास का कोई काम नहीं है। बट एंगल भी बहुत ज्यादा है। 45° भी काफी ज्यादा एंगल होता है। ऐसे पे रोड ज्यादा बैंड होती नहीं है। तो एक हाइपोथेटिकल क्वेश्चन है। बट ठीक है आता है एग्जाम में। आ जाओ आगे बढ़ते हैं। हां। अ बॉल ऑफ़ मास 0.25 kg अटैच्ड टू एंड ऑफ़ अ स्ट्रिंग ऑफ लेंथ 1.96 मीटर इज़ मूविंग इन हॉरिजॉन्टल सर्कल। द स्ट्रिंग विल ब्रेक इफ द टेंशन इज़ मोर देन 25 न्यूटन। व्हाट इज़ द मैक्सिमम स्पीड विद व्हिच द बॉल कैन बी मूव्ड? सबसे पहली बात तो अगर एक ऑब्जेक्ट घूम रहा है, घूम रहा है, घूम रहा है तो उसे घूमने के लिए सेंटर की तरफ एक फोर्स चाहिए होती है। और वो फ़ उसे कौन देगा? सेंट्रिपेटल फ़। और यहां पे सेंट्रिपेटल फ़ कहां से मिलेगी? टेंशन से। तो यहां पे टेंशन कौन प्रोवाइड सेंट्रिपेटल फ़ कौन प्रोवाइड कर रहा है? टेंशन। ये सवाल एक्चुअली में इस चैप्टर से नहीं होना चाहिए था वैसे तो। बट यहां पे आपको फोर्स वर्ड यूज़ हो गया तो शायद इस चैप्टर में डाल दिया है। बट हां ये अगर एक सर्कुलर पाथ में घुमा रहे हैं तो सर्कुलर पाथ में घूमने के लिए आपको चाहिए होती है सेंट्रिपेटल फोर्स और सेंट्रिपेटल फ़ किससे मिलती है? टेंशन से। टेंशन की फोर्स सेंट्रिपेटल फ़ से ज्यादा होनी चाहिए। तभी घूमेगा। अगर टेंशन कम पड़ गई तो ऑब्वियस सी बात है वो नहीं घूम पाएगा सेंट्रिपेटल फ़ से। या फिर वाइस वर्षा भी समझ लो। हम मैक्सिमम कितने स्पीड से घुमा सकते हैं? अगर सेंट्रिपेटल फोर्स टेंशन से मिल रही है तो मैक्सिमम स्पीड निकालने के लिए मैं सेंट्रिपेटल फोर्स को टेंशन के बराबर रख रहा हूं। फार्मूला होता है mv² / r = टेंशन। मास हमें दे रखा है कितना? 0.25 kg. मैक्सिमम कितनी वेलोसिटी से घुमा सकते हैं निकालना है। और उसका रेडियस हमारे पास 1.96 है। और जो टेंशन मैक्सिमम अलाउड है वो भी कितनी है? 25। तो यहां से मेरे पास v² की वैल्यू आ जाएगी। v² की वैल्यू आ जाएगी। यार यहां पे कुछ बोर्ड में प्रॉब्लम हो रही है। मुझे लग रहा है। v² की वैल्यू आ जाएगी अ 25 इंटू में 196 / में 0.25 हां हां हां हां हां तो यहां से आ जाएगा इसको कैंसिल करके 100 इंटू में 196 इसका स्क्वायर तो वेलोसिटी आ गई। अंडर रूट करूंगा तो ये 10 हो जाएगा और ये 14 हो जाएगा। तो आंसर आ जाएगा 140 मीटर पर सेकंड। मैंने कुछ गड़बड़ करी क्या? मैंने कुछ कैलकुलेशन में गड़बड़ करी क्या? हां हां बिल्कुल करी। बिल्कुल करी। ये कितना था? ये 1.96 था। यस यस यस यस यस। हम तो इसको मल्टीप्लाई करके ये आ जाएगा 196 का अंडर रूट जो कि 14 मीटर पर सेकंड होता है। ठीक है? तो 14 मीटर पर सेकंड। 14 मीटर पर सेकंड मैक्सिमम स्पीड पे घुमा घुमाओगे तो ये है। ठीक है? आगे बढ़ते हैं। अगेन बहुत अच्छा क्वेश्चन लगता है मुझे यह। ऐसे क्वेश्चन मुझे बहुत पसंद है। क्वेश्चन को पढ़वाओ। कह रहे हैं थ्री फोर्सर्सेस एक्टिंग ऑन अ बॉडी आर शोन ये वाली, ये वाली, ये वाली। टू हैव दी रिजल्टेंट फोर्स ओनली अलोंग द y डायरेक्शन। देखो, फिर से ऐसी भाषा में बात करिए। कह रहे हैं, हमको फोर्स सिर्फ y डायरेक्शन में चाहिए। हमको फोर्स सिर्फ y डायरेक्शन में चाहिए। इसका मतलब है हमें x डायरेक्शन में कोई फ़ नहीं चाहिए। हमको फ़ोर्स सिर्फ y डायरेक्शन में चाहिए। इसका मतलब है हमें x डायरेक्शन में कोई फोर्स नहीं चाहिए। तो बताओ कितनी मिनिमम फोर्स हमें एडिशनल लगानी होगी ताकि y डायरेक्शन में कोई फोर्स ना आए। तो बेसिकली हमारा फोकस y डायरेक्शन होगा। देखो ये जो हमारी पिंक वाली फोर्स है इसके मैं दो टुकड़े कर रहा हूं। एक ये टुकड़ा हो जाएगा और एक ये टुकड़ा हो जाएगा। मैं फिर बोल रहा हूं हमारा फोकस x डायरेक्शन में होगा। तो अगर ये 30 है। अगर ये 30 है तो ये हो जाएगा 4 cos 30 और ये हो जाएगा 4 sin 30। ठीक है? ये हमारे पास 1 न्यूटन है। इसके भी मैं टुकड़े इसको हरे रंग से ले लेते हैं। हरे रंग से। इसके भी मैं दो टुकड़े कर दूंगा। एक ये टुकड़ा हो जाएगा। एक ये टुकड़ा हो जाएगा। ठीक है? अब अगर ये 60 है तो ये आ जाएगा 1 cos 60। हमें बस इसी से मतलब है क्योंकि ये 1 sin 60 से मतलब नहीं है बिकॉज़ y डायरेक्शन से मतलब नहीं। ठीक है? अच्छा अब मैथ्स कहती है मैथ्स कहती है कि भैया ये जो एंगल है ये जो एंगल है मैथ्स की ये स्ट्रेट लाइन है। तो मैथ्स कहती है भैया अगर ये एंगल 30 है तो ये वाला जो एंगल है वो 60 होगा। बोलो। और अगर ये वाला एंगल 60 होगा। अगर ये 30 है तो ये भी 30 हो गया या फिर या फिर ये वाला एंगल ले लो या फिर ये ले लो जो मर्जी ले लो। मैं ये 30 ले रहा हूं। क्यों? ये हो गया हमारे पास वर्टिकली ऑपोजिट एंगल। 30° हो गया। अब अगेन मैं इसके दो टुकड़े कर देता हूं। लाल रंग से कर देता हूं। लाल रंग से। ठीक है? तो यह अगर हमारे पास 2 न्यूटन है। एक यह टुकड़ा होगा। इसका एक ये होगा। अगेन हमें ये वाले से मतलब है जो कि ये cos हो गया तो ये हो जाएगा 2sin 30। ठीक है? ठीक है। ठीक है। अब क्योंकि हमें नेट फोर्स को ज़ीरो करना है। x डायरेक्शन की x डायरेक्शन के नेट फोर्स को ज़ीरो करना है। तो इसका मतलब यह है कि जो 4 sin 30 है। प्लस जो सॉरी माय बैड माय बैड देखो देखो देखो देखो सॉरी इसको और आसान करते हैं अब क्या 4sin 30 में sin 30 की वैल्यू 1/2 होती है तो 2 * में 1/2 पे आ जाएगा मेरे पास 2 न्यूटन। ठीक है? यानी इधर की फोर्स हमारे पास 2 न्यूटन हो गई। अब इधर की फोर्स अगर आप देखोगे तो ये 2 न्यूटन है और sin 30 फिर से कितना हो जाएगा? 1/2 तो ये मेरे पास आ जाएगा 1 न्यूटन और sin 60 कितना हो जाता है हमारे पास? अगेन sin 60 भी हो जाता है हमारे पास सेम 1/2 तो sin 60 हमारे पास 1/2 आ जाता है। इसका मतलब ये हुआ ध्यान से सुनो कि इधर की फोर्स मेरे पास 2 न्यूटन है। इधर की फोर्स मेरे पास टू है और उधर की फोर्स मेरे पास 1 + 1 / 2 है। यानी कि यह फोर्स मेरे पास टू है और यह फोर्स मेरे पास 3/2 है। अब ये तो बराबर नहीं आए। यानी इधर की तरफ अगर बात करें, इधर की तरफ अगर बात करें तो मेरे पास एक फोर्स कम पड़ रही है जिसको मैं x मान ले रहा हूं। जिसको मैं x मान ले रहा हूं। समझे? नहीं तो दोबारा समझा दूंगा। और ये मेरे पास अगर टू है जिसमें से 1.5 माइनस होगा तो x की वैल्यू मेरे पास 5 न्यूटन आ जाएगी। कभी कबभार ये भी पूछते हैं कि कौन सी डायरेक्शन में लगानी है? तो आंसर है उस वाली डायरेक्शन में। आओ दोबारा समझे। ये तो समझना होगा कि ये 4sin 30 आया था। ये 1 cos 60 आया था। ये 2sin 30 आया था। अब 4sin 30 की वैल्यू 2 न्यूटन हो गई। 2sin 30 की वैल्यू 1 न्यूटन हो गई। और 1 cos 60 की वैल्यू 1/2 हो गई। यानी इधर की तरफ फ़ लग रही है टू और उधर की तरफ लग रही है 1 + 1/2 जिनको बराबर होना है क्योंकि हमें नेट फोर्स x डायरेक्शन में ज़ीरो करनी। लेकिन ये बराबर नहीं आए। ये आया टू और ये आया 1.5। तो इसका मतलब मुझे इधर एक और फोर्स लगानी होगी जिसको मैंने x मान लिया और मैंने इधर ऐड कर दिया। तो x की वैल्यू 0.5 आ गई। किधर लगानी है अगर पूछते? तो आंसर है पॉजिटिव x डायरेक्शन में यह फ़ोर्स हमें अप्लाई करनी होगी। डन है आ जाओ। अरे अरे बाबा रे बाबा। अब अगर आपने फिर से वन शॉट देखा है तो ये फार्मूला हमने सीधा कराया हुआ है। सीधा कराया हुआ है। कनेक्टेड मोशन का सीधा फार्मूला कराया हुआ है कि अगर आपके पास दो मास हैं। एक 5 kg का, एक 10 kg का। उन्हें कनेक्ट किया गया एक फ्रिक्शन लेस मासलेस पुली से। तो छोड़ने पे उनका एक्सीलरेशन क्या आएगा? अगर आपको याद हो तो एक्सीलरेशन का फार्मूला हमने डिराइव किया है। आज ही g m2 - m1 / m2 + m1 और ध्यान देने वाली बात ये होती है कि m2 हमेशा m1 से बड़ा वाला मास होता है। तो अगर आपको ये फार्मूला आता है तो ये क्वेश्चन कुछ भी नहीं है। लेकिन अगर आपको फार्मूला नहीं आता है तो खामखा आपको पहले इक्वेशंस बनानी होंगी। फिर उन्हें सॉल्व करना होगा। लॉन्ग ट्रैक पे जाएंगे खामखा। खैर m2 हमारे पास है 10 - 5 / 10 + 5 तो ये आ गया मैं ऊपर मेरे पास टू नीचे आ गया मेरे पास थ्री तो आ गया 2g / 3 2g हम अरे अरे अरे अरे अरे अरे अरे अरे ये कौन सी मैथ्स लगाई है मैंने सॉरी सॉरी सॉरी ये मेरे पास ऊपर तो फाइव आया ना नीचे तो मेरे पास 15 आया सॉरी सॉरी हां मैं ऊपर 10 समझ गया था फिर मैंने मैंने फाइव से डिवाइड किया था। तो ये तो काटेंगे तो g / 3 आ जाएगा। g / 3 सॉरी बिल्कुल ऊपर मैंने गलती से 10/15 कर दिया जो कि 2 / 3 हो गया। बट हां ऑब्वियस सी बात है 5/15 आएगा। दैट इज g / 3 डन हो गया। चलो आगे बढ़ते हैं। ये सवाल बहुत ही प्यारा है। आप कहोगे सर हर सवाल पे ऐसा बोल रहा है। बट जेनुइनली ये सवाल काफी अच्छा है। देखो इसके बाद हमारे पास दो सवाल हैं। और ये दोनों के दोनों सवाल में मुझे लग रहा है और ये तो मैं ही हूं। ये वाला सवाल अच्छा सवाल है। ये भी मैं करवा रहा हूं। ये वाला सवाल तो हो ही गया। पर्सन स्टैंडिंग इन अ एलिवेटर। किस सिचुएशन में वो अपने आप को हल्का महसूस करेगा? तो आंसर है जब लिफ्ट नीचे जा रही होगी वो भी एक्सीलरेशन से। हल्का महसूस करना है। तो जब लिफ्ट नीचे जा रही होगी विद यूनिफॉर्म वेलोसिटी। ऊपर जा रही होगी नहीं? ऊपर जा रही होगी नहीं? नीचे जा रही होगी विद कांस्टेंट एक्सीलरेशन। तो ए आंसर है। ये तो हो गया। लेकिन अब ये दोनों के दोनों सवाल हीरा है। एक ये और एक ये तो ध्यान से सुनना। ठीक है? बहुत ध्यान से सुनना। चाहे वीडियो को पॉज करके दोनों को ढंग से पढ़ लो और फिर आगे बढ़ो। अ मंकी ऑफ़ मास 20 kg इज़ होल्डिंग अ वर्टिकल रोप। ठीक है? एक रोप को पकड़ा हुआ है। द रोप विल नॉट ब्रेक व्हेन मास ऑफ़ 25 kg इज़ सस्पेंडेड फ्रॉम इट। बट विल ब्रेक। अगर वो मास 25 किलो से ऊपर गया तो। मैक्सिमम एक्सीलरेशन बताओ मंकी कितने से ऊपर चढ़ सकता है। सबसे पहले आपको ये समझना होगा कि अगर एक रस्सी बंधी हुई है और एक मंकी को ऊपर चढ़ना है। ठीक है? तो रस्सी अगर किसी मंकी को ऊपर चढ़ना है तो ऊपर चढ़ने के लिए उसे रस्सी नीचे खींचनी पड़ेगी और अगर रस्सी नीचे खींचनी पड़ेगी तो जो एक तो मंकी का खुद का mg लग रहा होगा और एक जिस फोर्स से वो ऊपर जाना चाहता है जिस एक्सीलरेशन से वो ऊपर जाना चाहता है वो फोर्स भी वो नीचे ही लगाएगा। तो अगर मैं आपसे पूछूं कि नेट फोर्स ऑन रोप जो लगनी है नेट फोर्स ऑन रोप जो लगनी है एक तो मंकी का mg लगना है और एक ma भी लगना है क्योंकि मंकी को ऊपर जाना है a एक्सीलरेशन से तो उसको रस्सी नीचे खींचनी पड़ेगी। अगर वो रस्सी नीचे खींचेगा तो खिंचाव रस्सी पे और बढ़ जाएगा। यानी mg के डायरेक्शन में ही फोर्स लगा रहा है वो एक्चुअली में। अब मैक्सिमम फोर्स जो रस्सी पर आप लगा सकते हो 25 किलो की है। 25 किलो का मतलब होता है 250 न्यूटन mg और इस हिसाब से बात करें तो मंकी का जो वजन है वो हमारे पास 20 किलो है। g की वैल्यू 10 बोला गया है। अब आपको बताना है मंकी मैक्सिमम कितने एक्सीलरेशन से ऊपर जा सकता है। मंकी का मास 20 है और a हमें निकालना है यहां से। तो ये मेरे पास 250 - 200 आ गया है = 20a तो यहां से मेरे पास 50 / 20 तो इस क्वेश्चन की खास बात सिर्फ और सिर्फ ये थी कि जब मंकी ऊपर जा रहा होता है तो वो फोर्स कहां लगा रहा होगा? ये आपको नोटिस करना है। कई बच्चे ऐसे करता है अगर ऊपर जा रहा है तो फ़ ऊपर रहता है तो वो mg में से माइनस कर देते हैं। बट यहां पे नेट फ़ ऑन रोप में MG में MA प्लस होगा। ये बात अगर आपने ध्यान रखी बिकॉज़ ऊपर जाने के लिए रस्सी तो नीचे खींची जाएगी ना तो रस्सी पे फोर्स की बात हो रही है। डन है। चलिए और आज का आखिरी सवाल भी भाई आखिरी सवाल बहुत प्यारा है। करने से पहले आपको मैं बोलूंगा अगर आपने अभी तक वीडियो को पसंद नहीं किया है तो जल्दी से पसंद करेंगे। और अगर पसंद कर लिया है और अगर पसंद कर लिया है अगर पसंद कर लिया है अगर पसंद कर लिया है तो एक प्यारा सा कमेंट छोड़ देंगे और क्या करते हैं और क्या करते हैं और क्या करते हैं अगला वीडियो में आपको क्या चाहिए वो बता दीजिएगा मुझे ठीक है चलो अ मशीन गन फायर्स अ बुलेट ऑफ मास 40 ग्राम विद वेलोसिटी 1200 मीटर पर सेकंड द मैन होल्डिंग इट कैन एग्जर्ट मैक्सिमम फोर्स ऑफ़ 144 न्यूटन ऑन द गन हाउ मेनी मेनी बुलेट्स कैन बी फायर्ड पर सेकंड एट द मोस्ट। ध्यान से सुनो। एक इंसान ने गन को पकड़ रखा है और गन से वो बुलेट फायर कर रहा है। अब आपको बताना है कि अगर बंदा मैक्सिमम फोर्स अगर बंदा मैक्सिमम फोर्स लगा सकता है 144 न्यूटन की तो वो कितनी बुलेट 1 सेकंड में फायर कर सकता है? कितनी बुलेट 1 सेकंड में फायर कर सकता है? सुनो। फोर्स का फार्मूला क्या होता है? चेंज इन मोमेंटम अपॉन में टाइम। यह फ़ूला लगाने वाले हैं हम। अब मैक्सिमम फ़ जो बंदा लगा सकता है, वह 144 है। और टाइम पर सेकंड में वो कितने बुलेट फायर कर सकता है? तो, टाइम हमारे पास 1 सेकंड है। चेंज इन मोमेंटम क्या होता है? फाइनल मोमेंटम माइनस इनिशियल मोमेंटम। लेकिन यहां पे एक छोटी सी प्रॉब्लम होगी। क्या प्रॉब्लम होगी? बता रहा हूं। देखो, ये जो चेंज इन मोमेंटम अप टाइम है, ये किसका है? एक बुलेट का है या टोटल बुलेट्स का है? तो आंसर है टोटल बुलेट्स का। तो चेंज इन मोमेंटम अपॉन में टाइम फॉर ईच बुलेट इंटू में n वेयर n इज़ नंबर ऑफ़ बुलेट्स जो फायर हो रही हैं। क्योंकि यहां पे हम एक बुलेट का मास दे रखा है और उसी की वेलोसिटी दे रखी है। तो हम एक ही बुलेट का मोमेंटम में चेंज निकाल पाएंगे। बट बुलेट्स कितने हैं? n है। तो n से मल्टीप्लाई भी होगा। ये बात ध्यान रखना। और हमें यही निकालना है कि 144 की न्यूटन की जो फोर्स है वो कितनी बुलेट फायर करने में क्षमता रखती है। तो n हमें निकालना है। अब टाइम हमारे पास 1 सेकंड है। चेंज इन मोमेंटम होता है फाइनल मोमेंटम माइनस इनिशियल मोमेंटम। इनिशियल वेलोसिटी ज़ीरो है। हो गया सवाल। 144 = n हमें निकालना है। मास हमारे पास 0.04 है और वेलोसिटी हमारे पास 1200 है। वेलोसिटी हमारे पास 1200 है। तो 144 = n * में 4 * 28 4 * 12 48 हो गया। सॉरी। तो n की वैल्यू हमारे पास 144 / 48 हो गया। 83 24 43 हां तो थ्री बुलेट्स आ गई यानी कि अरे वाह भाई वाह यानी कि तीन बुलेट्स वो फायर कर सकता है। तीन बुलेट वो फायर कर सकता है 144 न्यूटन की ताकत को लगा के। डन है? तो मुबारक हो बेटा। आपका यहां पे लॉज़ ऑफ मोशन का वन शॉट खत्म होता है। अगले वन शॉट में नॉट वन शॉट अगले में हम लोग थर्ड और फोर्थ चैप्टर के मोस्ट इंपोर्टेंट क्वेश्चंस को आपके साथ करेंगे। आई होप आपको ये वन शॉट अच्छा लगा हो। एक लाइक बनता है। प्यारा सा कमेंट भी बनता है। अब मुझे पता है आप सब केमिकल बॉन्डिंग के वन शॉट का वेट कर रहे हैं। बट केमिकल बॉन्डिंग का वन शॉट मैंने बहुत प्यारा पहले से ही इससे पहले जो हमारा चैनल है साइंस एंड फन एजुकेशन वहां पर डाल रखा है। आप वहां पे भी जाके देख सकते हैं। मोस्ट प्रोबेब्ली मैं अगला वन शॉट थर्मोडायनेमिक्स का ही लेके आऊंगा। तो वो भी हम बात कर लेंगे। बाकी मिलते हैं ऐसे ही और वीडियो में। तब तक के लिए लव यू। टेक केयर। थैंक यू सो मच। बाय बाय।
Get free YouTube transcripts with timestamps, translation, and download options.
Transcript content is sourced from YouTube's auto-generated captions or AI transcription. All video content belongs to the original creators. Terms of Service · DMCA Contact