Memory Management in C and C++ in Hindi | Interview Questions

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हेलो फ्रेंड्स बहुत-बहुत स्वागत है आपका मी sarji.com किस चैनल पे और मैं हूं आपका दोस्त इंस्ट्रक्टर सौरभ शुक्ला और हम लोग देख रहे हैं इंटरव्यू सीरीज के क्वेश्चंस तो इंटरव्यू में एक अक्सर पूछा जान वाला सवाल ये है की मेमोरी मैनेजमेंट क्या होता है तो आज हम इसी के बड़े में बात करेंगे खासतौर पे सी और सी प्लस प्लस लैंग्वेज में मेमोरी मैनेजमेंट क्या होता है देखिए जावा पाइथन जावास्क्रिप्ट जैसी लैंग्वेज में ऑटोमेटिक मेमोरी मैनेजमेंट का कॉन्सेप्ट है जिसका मतलब यह है की सीएससी प्लस प्लस में मेमोरी मैनेजमेंट प्रोगामर को करने पड़ती है जबकि जावा पाइथन जावास्क्रिप्ट और भी कई साड़ी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज इसमें मेमोरी मैनेजमेंट ऑटोमेटिक होता है अब इसके मेन क्या है तो हम देखते हैं की सी और सी प्लस प्लस में यह कॉन्सेप्ट ज्यादा इंपॉर्टेंट हो जाता है क्योंकि प्रोगामर को मेमोरी का मैनेजमेंट करना होता है पर इसको समझना के लिए हमें कुछ फंडामेंटल क्लियर करना पड़ेगा ताकि आप इंटरव्यू में सेटिंग आंसर कर सके अच्छे से समझा सकें तो ये इंडिप्थ वीडियो होने वाला है आपको वो साड़ी चीज इसमें पता चलेगी जिसके बाद आप इंटरव्यू में इस सवाल का आंसर कर सकते हैं तो वीडियो को अंत तक देखते रहिएगा तो चलिए शुरू करते हैं सबसे पहले मेमोरी मैनेजमेंट से पहले आपको यह समझना होगा की हम कोई भी प्रोग्राम बनाते हैं तो प्रोग्रामिंग के दौरान मतलब प्रोसेसिंग के दौरान जब तक प्रोग्राम चल रहा है उसकी लाइफ के दौरान हम जो डाटा प्रोसेसिंग के टास्क करते हैं जो भी कैलकुलेशन करते हैं उसके लिए डाटा को हम प्रिजर्व करते हैं वैरियेबल्स में और वेरिएबल हम जानते हैं ज्यादा से ज्यादा प्रोग्राम की लाइफ तक ही सीमित है यानी प्रोग्राम और होने के बाद वैरियेबल्स नहीं है तो जो प्रोग्राम रन होता है वह रैम में उसको मेमोरी मिलती है रन होने के लिए इस के अंदर वैरियेबल्स बनते हैं अब यह जो वैरियेबल्स है यह दो तरीके से बनाया जा सकते हैं एक को हम बोलते हैं ऐसे में विच इस नथिंग बट स्टेटिक मेमोरी एलोकेशन और दूसरा होता है तरीका कॉन्सेप्ट है ऐसे में का मतलब यह हुआ की हम कोई भी वेरिएबल जो बना रहे हैं वह डिक्लेरेशन करके बना रहे जैसे आपने कोई वेरिएबल बनाया या आपने कोई नॉन प्रिमिटिव टाइप का वेरिएबल बनाया लेट से स्टूडेंट नाम का कोई स्ट्रक्चर है उसका वेरिएबल बना दिया s1 तो यह सब वैरियेबल्स डिक्लेरेशन के द्वारा बन रहे हैं इसीलिए यह कहलाने हैं स्टेटिक मेमोरी लोकेशन की क्योंकि कंपल टाइम पे इनके करैक्टेरिस्टिक्स फ्रिज हो जाते हैं फिक्स हो जाते हैं वेरिएबल का क्या नाम है कब वह बनेगा कब वह डिस्ट्रॉय होगा कहां कहां से वो एक्सेसिबल होगा किस तरह की वैल्यू उसमें स्टोर हो शक्ति है क्या मेमोरी साइज होगा उसका यह सारे वेरिएबल के करैक्टेरिस्टिक्स कब ते हो जाते हैं कंपिल टाइम पे यानी रन होने के पहले ही तो यह होते हैं ऐसे में वाले वैरियेबल्स लेकिन ये ऐसे में वाले वैरियेबल्स प्रोगामर तभी बनाता है जब वो सर होता है की मुझे इनकी जरूर है अगर कई बार हम देखें की ऐसे भी प्रोग्राम्स बनाने पढ़ते हैं जहां पर हमें पहले से ही नहीं पता होता है की हमें कितने वैरियेबल्स बनाने की जरूर है पर एग्जांपल अगर हम एक सिंपल सा प्रोग्राम बनाने की बात करें क्या मैं यूजर से कुछ नंबर सेंटर करवाने और उसका एवरेज कैलकुलेट करवाना है पर यूजर कितने नंबर इंटर करेगा हमें नहीं मालूम ऐसी सूरत में आप पहले से कितने वेरिएबल बना लेंगे आप एरिक कितना बड़ा बना लेंगे आपको तो पता ही नहीं है की कितनी वालुज यूजर इंटर करने वाला एक तरीका ये होता है की हम यूजर से पहले पूछ लेने की वो कितने नंबर सेंटर करना चाहते हैं उसे तरीके से भी कम किया जा सकता है लेकिन अभी थोड़ी डर के लिए ऐसा मां लेने की यूजर से ऐसा पूछना भी नहीं है यूजर एक-एक करके वालुज इंटर करता जा रहा है और हो सकता है पांच वैल्यू इंटर करने के बाद वो ते करें की मुझे दो और वालुज इंटर करनी हैं तो हम पहले से ते नहीं कर का रहे हैं इसीलिए हम पहले से मेमोरी एलोकेट करने के लिए डिक्लेरेशन स्टेटमेंट नहीं लिखेंगे हमें डायनॉमिकली मेमोरी का एलोकेशन करवाना है की डायनॉमिकली यानी रन टाइम पे हम ते करें की मैं कितनी मेमोरी की जरूर है और ऐसा अगर आप करना चाहते हैं तो इसके लिए जरूर होती है की आप दमा का इस्तेमाल करें अब दी एम ए वाले वेरिएबल कैसे बनते हैं सी लैंग्वेज में हम दोनों की बात कर रहे हैं सी की बात कर रहे हैं सी प्लस प्लस की भी बात कर रहे हैं तो सी लैंग्वेज में अलग कहानी है सी प्लस प्लस में अलग कहानी तो सी लैंग्वेज के अंदर आपके पास होता है मैं लॉक फंक्शन और केलॉग फंक्शन और कभी-कभी हम ऋायलॉग का भी इस्तेमाल उसे मेमोरी को बनाई जा चुकी है और फिर मेमोरी को रिलीज करने के लिए फ्री फंक्शन इन फंक्शंस का बेसिकली इस्तेमाल देखिए मेमोरी मैनेजमेंट में जब हम बात कर रहे हैं तो इसका मतलब यह की हमें जरूर पड़े तो हम मेमोरी क्रिएट कर वाले और अगर अब उसकी जरूर नहीं है तो उसकी मेमोरी को रिलीज कर लेने तो सिंटेक्स वाइस की यह कैसे उसे होते हैं तो फंक्शन में हम पास करते हैं साइज जैसे की मैंने बोला 4 बिट्स तो यह 4 बिट्स का एक मेमोरी ब्लॉक क्रिएट कर देगा और इसका एड्रेस रिटर्न करेगा जिसको मैं टाइप कास्ट करना चाहिए क्योंकि मैं लोग जो एड्रेस रिटर्न कर रहा है वो व्हाइट टाइप का है मतलब हम फंक्शन का रिटर्न टाइप अगर व्हाइट बोलते हैं तो हम कहते हैं की वह कुछ भी रिटर्न नहीं कर रहा पर यहां पर वाइड स्टार लगा होगा तो व्हाइट स्टार का मतलब यह है की वो अननोन टाइप के ब्लॉक का एड्रेस रिटर्न कर रहा है ऑब्वियस सी बात है की मैं लॉक को हमने यह नहीं बताया की इंटर टाइप का ब्लॉग बना या फ्लॉप टाइप का ब्लॉक बना हमने सिर्फ उसे ये बताया इसका ब्लॉक बना अब फोर बीते का ब्लॉक किस टाइप का है नहीं पता तो मैं लोग सिर्फ एड्रेस रिटर्न कर रहा है यह बोलते हुए की अननोन टाइप का ब्लॉक का होता है वाइड जी वजह से हमें टाइप कास्टिंग करनी होती क्योंकि हम इसको स्टोर कराएंगे जी पेंटर में वो तो किसी टाइप का मेंशन करेंगे देखिए मेल ऑफ फंक्शन को हम कल कर रहे हैं अपने प्रोग्राम में तो हमें पता है जो वेरिएबल बनाना है वो किस टाइप का बनाना है लेकिन मलिक फंक्शन को यह बात बताने का कोई तरीका नहीं है की तुम इन टाइप का ब्लॉग बना दो या फ्लॉप टाइप का इसीलिए हम वो पेंटर जिसमें एड्रेस स्टोर करेंगे उसका टाइप मेन रखना है जैसे मैंने एक पेंटर वेरिएबल बना लिया सपोज करिए फ्लोट स्टार पी तो ये जो पी पॉइंट पर बना है ये फ्लोट टाइप का है तो मैं अगर पी के अंदर एड्रेस रख रहा हूं डेट मेंस यह फ्लैट ब्लॉक को पॉइंट कर रहा है क्योंकि पेंटर जी टाइप का होता है इस टाइप के ब्लॉक को पॉइंट करता है वैसे तो यह टाइप कास्टिंग करना जरूरी नहीं है सी लैंग्वेज में वो वार्निंग देकर छोड़ देगा लेकिन आईटी इस एन गुड प्रोग्रामिंग प्रैक्टिस की आप टाइप कास्टिंग करें तो यहां पर आप लिखेंगे फ्लैट स्टार तो टाइप कास्टिंग करने से क्या हुआ आपने मेल और फंक्शन जो रिटर्न कर रहा है उसे एड्रेस को फ्लैट ब्लॉक के एड्रेस में कास्ट कर लिया तो अभी के लिए जब वो पी में असाइन हो रहा है तब उसे फ्लैट ब्लॉक का एड्रेस माना जा रहा है और इसीलिए कोई वार्निंग मैसेज नहीं आएगा क्योंकि असाइनमेंट के दोनों तरफ टाइप से है लेफ्ट साइड में फ्लोर टाइप का पॉइंट है और राइट साइड से फ्लैट ब्लॉक का एड्रेस ए रहा है तो ये परफेक्ट है कल आप फंक्शन की मदद से जब आप मेमोरी का एलोकेशन करते हैं तो पहले आप पास करते हैं नंबर ऑफ ब्लॉक फिर आप पास करते हैं साइज ऑफ एच ब्लॉक तो एक तरह से इसमें बंता है अरे और ये जो बनेगा अब आपको जब भी जरूरी लगे आप इसकी मेमोरी को रिलीज भी करवा सकते हो फ्री फंक्शन की मदद से अब यही कम अगर हमें सी प्लस प्लस में करना होता तो कैसे करते सी प्लस प्लस में हम लिखने फ्लैट पेंटर न्यू और न्यू के बाद साइज बताने की बताएं हम लोग क्या करेंगे हम सीधे डाटा टाइप बता देंगे तो हमने कहा फ्लोर टाइप का वेरिएबल बनाना है तो यह कितना सिंपल हो गया टाइप से साइज का पता चल जाता है पर साइज से टाइप का पता नहीं चला बटर साउंड कर रहा है आपको लगता है की आपको एक अरे बनाना है और आप बनाते हो जिसमें अरे का एड्रेस रखेंगे तो आपने लिखा न्यू ईट और ईट के बाद आपने कर सकते हो और डिलीट जब लिखोगे तो जैसे डिलीट आपने लिखा उसके बाद आप पी लिख दीजिए तो प्लीज मेमोरी ब्लॉक को पॉइंट कर रहा है वो रिलीज होगा पी डिलीट नहीं होगा क्योंकि यह जो फ्री है डिलीट है इनकी मदद से ऐसे में वाले वैरियेबल्स डिलीट नहीं होते हैं बल्कि डिलीट होते हैं और इसी तरीके से अगर आपको एरर की मेमोरी को रिलीज करना तो आप लिखेंगे डिलीट और स्क्वायर ब्रैकेट भी लगाएंगे mt² और फिर लिखेंगे पत्र तब जाके वो हो पाएगा डिलीट तो आई थिंक ये बेसिक आपको समझ में ए गया की ये फंक्शंस कैसे कम करते हैं क्या उसका सिंटेक्स है और न्यू और डिलीट कैसे कम करते हैं लेकिन अब मेमोरी मैनेजमेंट क्या है तो ये जो अभी मैंने बताया ये तो हमने वो टूल समझ लिया जिससे की हम मेमोरी मैनेजमेंट करेंगे पर मेमोरी मैनेजमेंट एक्चुअल में क्या है इस बात को समझते हैं और ये टेक्निकल बहुत इंपॉर्टेंट है इंटरव्यू के लिए ध्यान से समझिए जब भी कोई प्रोग्राम रन होता है तो उसको कुछ मेमोरी एलोकेट हो जाति है अब जब आप कोई वेरिएबल क्रिएट करते हैं तो उसको कुछ मेमोरी मिलती होगी यस तो हम हम यह कहते हैं की जो टोटल मेमोरी हमारे प्रोग्राम को रन होने के लिए मिली है लॉजिकल उसके कर सेक्शंस होते हैं ठीक इसके अलावा और भी दो सेक्शंस होते हैं जैसे की डाटा और इंस्ट्रक्शन और यह जो स्टॉक और हिप है आपने स्टॉक और हिप डाटा स्ट्रक्चर अगर पड़े हुए तो आप अभी उससे कंपेयर मत करिए यह कुछ करैक्टेरिस्टिक्स के मामले में उससे मैच कर सकता है बट आप इसको यह मत सोचिए की यह हिप डाटा स्ट्रक्चर यहां उसे हो रहा है अभी ऐसा मत सोचिए आप यह सोचिए की ये आम सी जगह है अभी ये जो इंस्ट्रक्शन की जगह इसको तो मैंने फिक्स कर दिया डाटा की जगह इसको फिक्स कर दिया डाटा में यूजुअली ग्लोबल वैरियेबल्स आते हैं अभी हिप और स्टॉक में क्या होता है जब भी आप ऐसे में वाला वेरिएबल बनाते हो डिक्लेरेशन करके कोई वेरिएबल बनाते हो तो उसको मेमोरी मिलती है तो उसको मेमोरी मिलती है हिप में तो अब अगर आपने केवल वैरियेबल्स को मेमोरी नहीं मिल रही है और भी चीजों को मेमोरी मिल रही है बट हम अभी वैरियेबल्स की बात कर रहे हैं तो लोकल वैरियेबल्स जो बनाए जाते हैं उनको मेमोरी कहां मिल रही है तो जब भी कोई फंक्शन कल होता है तो उसे फंक्शन के वैरियेबल्स को मेमोरी स्टेट में मिल जाति है राइट कुछ मेमोरी मिल गई इतनी बड़ी मेमोरी बनाने की वजह से बना देता हूं ठीक है तो कुछ मेमोरी मिल गई फिर वह फंक्शन और हो गया तो उसके वेरिएबल की मेमोरी रिलीज हो गई फिर एक और नया फंक्शन ए गया तो उसके वैरियेबल्स क्रिएट हो गए फिर पता चला की वह फंक्शन का कम भी खत्म हो गया वह रिलीज हो गया तो उसके वैरियेबल्स की मेमोरी रिलीज हो गई इस तरीके से मेमोरी कम ज्यादा होती रहती है न्यू की मदद से तो मेमोरी हिप में मिल रही है तो हम यह नहीं का सकते हैं की वह लगातार में मेमोरी मिलेगी है और ऐसा इसलिए भी हो जाता है क्योंकि मेमोरी कहानी से भी रिलीज की जा शक्ति है बीच में से आपने कोई मेमोरी ब्लॉक रिलीज कर लिया तो वो जरूरी नहीं है की वो लगातार में ही मौजूद हो मेमोरी ब्लॉग्स लगातार में हुई जरूरी नहीं है अब जो ऐसे रेंट टाइम पर हम उनकी मेमोरी को रिलीज नहीं कर सकते यानी उनका तो पहले से लाइफटाइम ते लेकिन दमा वाले वैरियेबल्स का लाइफ टाइम हम ते कर सकते हैं जब हमें फ्री या डिलीट को कल करना है हम कर सकते हैं अब मैं इस रीजन में आपको दो टर्म्स देता हूं जितने भी वैरियेबल्स बन रहे चाहे वो ऐसे में वाले हो या दम हो यानी स्ट्राइक रीजन में मिल रही हो मेमोरी हो उनको आप बोलिए कंज्यूम कंस्यूमर मेमोरी ब्लॉक और जितनी जगह बाकी बैक गई उसको आप बोलो फ्री मेमोरी एरिया तो दो तरह के मेमोरी एरिया में डिवाइडेड हो गई आपकी टोटल प्रोग्राम की मेमोरी कंस्यूमर ब्लॉक जब भी मैं लॉक के लॉक या न्यू चला है तो वह फ्री मेमोरी एरिया में से कुछ जगह तो मेमोरी एरर आएगी क्योंकि अब और मेमोरी बच्ची नहीं ऐसे में प्रोग्राम क्रश कर सकता है क्योंकि मेमोरी बच्ची नहीं यह सिचुएशन है जिससे प्रोगामर डरता है प्रोगामर चाहता है की यह सिचुएशन कभी प्रोग्राम रन ही नहीं हो पाएगा वरना इसका मतलब यह की हमारे पास लिमिटेड मेमोरी रिसोर्स है अब जरूरी यह है की हम इसी रिसोर्स में इतनी क्वांटिटी में मेमोरी है पूरे प्रोग्राम को रन कर ले चाहे कितना भी कॉम्प्लिकेटेड प्रोग्राम हो हमें इसी मेमोरी साइज में उसको रन करना है इसीलिए मेमोरी मैनेजमेंट की जरूर पड़ती है तो यहां पर एक इंपॉर्टेंट कॉन्सेप्ट आता है मेमोरी लिक जो अक्सर बिगनर्स गलती करते हैं और अगर यह गलती आप कर रहे हैं तो डेफिनेटली आपका प्रोजेक्ट फेल हो सकता है इसीलिए मेमोरियल को पहले समझना और वह अब क्योंकि पेंटर तो ऐसे में वाला वेरिएबल है उसका जैसी इसको खत्म होता है वह लोकल वेरिएबल है जी फंक्शन के अंदर बनाएं पर एग्जांपल आपने कोई फंक्शन बनाया हुआ है उसके अंदर यह पेंटर वेरिएबल बनाया हुआ है ठीक है और इस पेंटर के अंदर की मदद से अभी मैं पूरा नहीं लिख रहा हूं ठीक है ऐसा लिख देता हूं टाइप कास्टिंग भी करनी है तो ये मेलो की मदद से जो ब्लॉग बनेगा उसका एड्रेस पी में ए जाएगा ठीक है भैया तो यही होने वाला है ये मैं लॉक की मदद से बनाया और ये पी वेरिएबल बना है अब जब ये फंक्शन और होगा और होगा तो मैं लॉक से बने वेरिएबल की मेमोरी तो रिलीज नहीं होगी लेकिन पीटो डिस्ट्रॉय हो जाएगा ना और का डिस्ट्रॉय हो गया तो मैं लॉक की मदद से बने वेरिएबल को कोई पॉइंट नहीं कर रहा राइट अब यह जो वेरिएबल है इसका कोई नाम भी नहीं हूं की मदद से जो वेरिएबल बनते हैं दमा वाले वेरिएबल बनते हैं इनके कोई नाम नहीं होते इनका सिर्फ राइटर होता है और इस से आप इसको एक्सेस कर सकते हो तो अब प्रॉब्लम ये है की इसका एड्रेस उसे पेंटर के पास था जो अब डिस्ट्रॉय हो चुका है अब आप इसका एड्रेस हासिल कर ही नहीं सकते तो फिर ये वो मेमोरी एरिया है जो कहलात तो रहा है कंस्यूमर में क्योंकि इसको मेमोरियल लॉकेट हो गई है लेकिन आप इसको एक्सेस नहीं कर का रहे हो और ये फ्री मेमोरी एरिया में भी नहीं है इसलिए किसी और को भी नहीं हो पाएगा यानी जब आपको मेमोरी की जरूर पड़ेगी और पुरी मेमोरी भर जाएगी तो कंप्यूटर बोलेगा की भाई मेमोरी तो पुरी फूल हो चुकी अब और मेमोरी ब्लॉक नहीं मिल सकता है जबकि हम का रहे हैं इसका तो उसे ही नहीं हो रहा है यही वाला दे दो ना बोले नहीं ये तो कंज्यूम में काउंट हो रहा है यह है मेमोरी लिख की हम मां लेने की पी के डिस्ट्रा हो जान के बाद यह मेमोरी ब्लॉक अब हम ना तो एक्सेस कर का रहे हैं ना किसी और को एलोकेट कर का रहे हैं तो ये मेमोरी हमारी टोटल मेमोरी में से लिक हो गई है अब इसको उसे ही नहीं कर का रहे हो इसलिए अब लॉजिक समझ में आया की मेमोरी क्या होता है ठीक है अब मेमोरी लिक ना हो इसके लिए आप क्या करते हो आप इसके लिए इसको फ्री करते हो या डिलीट करते हो जब आप फ्री करते हो तो आप उसमें ये एड्रेस पास कर देते हो तो इससे क्या होता है पहले इसकी मेमोरी रिलीज हो जाति है और उसके बाद फंक्शन और होगा तो पी की मेमोरी भी रिलीज हो जाएगी तो सिस्टमैटिकली आपके मेमोरी को रिलीज करवाया इससे क्या हुआ वो फ्री मेमोरी एरिया में चला गया और कल को जब और मेमोरी की जरूर पद रही है तो वो मेमोरी एलोकेट हो शक्ति क्योंकि वो फ्री मेमोरी एरिया में चली गई थी तो जब मेमोरी मैनेजमेंट में यह बात सबसे इंपॉर्टेंट है की मेमोरी कैसे बच्चा जाए और समय रहते जब जरूरी नहीं है तो उसे वेरिएबल की मेमोरी को आप रिलीज करें एसएमएस के साथ नहीं कर सकते तो आई होप आपको मेमोरी मैनेजमेंट का यह बेसिक समझ में आया होगा और आप इसे सी में भी कर सकते हैं सी प्लस प्लस में भी कर सकते हैं लेकिन हां ये जो डिलीट करने वाली कैपेबिलिटी है फ्री करने वाली कैपेबिलिटी है या आपको जावा पाइथन जैसी लैंग्वेज में नहीं मिलती है जी वजह से आप वहां मेमोरी मैनेजमेंट खुद नहीं करते हो हालांकि ये एक लिहाज से अच्छी बात भी है और एक लिहाजा से कम पावर हासिल करने वाली बात भी है अगर पाइथन जावा जैसी लैंग्वेज में ऑटोमेटिक मेमोरी मैनेजमेंट का कॉन्सेप्ट है तो कम से कम प्रोगामर थोड़ा रिलैक्स हो जाता है की मेमोरी मैनेजमेंट उसे नहीं करना है तो मेमोरी लिख जैसे जो घटनाएं हैं वो नहीं होगी मेमोरी प्रॉपरली मैनेज हो जाएगी ऑप्टिम इस तरीके से मैनेज हो जाएगी लेकिन मेमोरी मैनेजमेंट करने का जो तरीका है पाइथन में या जावा में या किसी भी ऐसी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में जिसमें ऑटोमेटिक मेमोरी मैनेजमेंट का है तो वहां इंटरनल कोई ना कोई प्रोग्राम चल रहा होगा जो मेमोरी को मैनेज करता होगा जो समय-समय पर उन मेमोरी ब्लॉक को रिलीज करता होगा जो की अब उसे में नहीं ए रहे हैं तो यह सब करने में काफी टाइम कंज्यूम होता है क्योंकि वह तो एक जेनेरिक वे में इस कम को कर रहे हैं ना तो आप अपनी मर्जी से उनकी मेमोरी रिलीज कर का रहे हो और वह अपने आप कर रहे हैं हो सकता है वह आप जैसे करते हो उससे अच्छी तरीके से कर रहा है लेकिन फिर भी अगर आपका नॉलेज है और आप सी सी प्लस प्लस में कम कर रहे हैं तो आप चाहे तो ऐसा बेस्ट कोड लिख सकते हैं जिसमें बहुत फास्ट एग्जीक्यूशन हो और मेमोरी का मैनेजमेंट भी अच्छी तरीके से हो यह लिबर्टी पावर आपको सीएनसी प्लस लैंग्वेज में मिलती है तो ये अच्छी बात भी है और अगर आपका कुछ कम है तो फिर हो सकता है की यह इस पावर का फायदा ना उठा पे और मेमोरी मैनेजमेंट अच्छे से ना कर पे मेमोरी लिक वगैरा हो इसलिए यह इंटरव्यू में बहुत इंपॉर्टेंट क्वेश्चन के रूप में पूछा जाता है तो मेमोरी मैनेजमेंट का ये लेक्चर आपको कैसा ग रहा है कमेंट पे जरूर बताइएगा अगर कुछ डाउट आपका र गया है तो जरूर पूछेगा ये जो इंटरव्यू सीरीज चल रही है इसमें लगातार में इस तरह के क्वेश्चंस आपके सामने रख रहा हूं तो आप इन टॉपिक को अगर देखते रहेंगे तो आपका नॉलेज थोड़ा थोड़ा बढ़ता रहेगा तो 10-15 मिनट का अगर एक वीडियो आप देखते हैं और उससे आपका नॉलेज बढ़ता है और इंटरव्यू में वो आंसर आप दे देते हैं जिससे आपका सिलेक्शन हो जाता है तो लाख रुपए की बात हो गई है तो तो फिर लाइक करिए वीडियो को कमेंट देखकर बताइए आपके सवाल और इस वीडियो के बड़े में शेर करिए जितना हो सकता है और अभी तक इस चैनल को सब्सक्राइब नहीं किया तो जल्दी सब्सक्राइब कर लीजिए मैं और वीडियो के साथ आगे हाजिर होता हूं आज के लिए इतना ही थैंक यू गुड बाय [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत]

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