वेदर यू आर राइटिंग कंटेंट और कॉपी या कुछ भी आप लिख रहे हैं उसमें प्लेजरिज्म का होना एक बहुत बड़ा रेड फ्लैग है और एज अ राइटर आपकी यह ड्यूटी है कि बिफोर यू सबमिट दैट पर्टिकुलर वर्क टू योर क्लाइंट आप उसे इंश्योर कर लें कि उसमें एक जरा बराबर भी प्लेजरिज्म ना हो। अब बिफोर वी एक्चुअली टॉक अबाउट यू नो द टाइप्स कि किस-किस तरह से होता है। पहले यह देख ले कि प्रजिज्म है क्या? प्रजिम्म का मतलब है कि आप किसी और का काम, किसी का आईडिया, किसी की मेहनत, किसी के अल्फाज़ बगैर क्रेडिट दिए अपने लिए इस्तेमाल करने लग जाए। यह अनफॉर्चूनेट है कि अभी भी यह प्रवेलेंट है। पाकिस्तान में बाहर मुल्कों में प्लेजरिज्म किया जाता है और यह एथिकल प्रैक्टिस नहीं होती और आपने अपने आप को एक अच्छे स्टैंडर्ड में रखना है। एथिकल स्टैंडर्ड में रखना है और आपने कभी किसी का काम प्लेजराइज नहीं करना है। अब यह देख लेते हैं कि प्लेजरिज्म की टाइप्स क्या है? किस तरह से हो जाता है। एक तो आप किसी को कॉपी कर लें जब उसका अगर कोई प्रोग्राम है उसका नाम अगर आपने लिया उसका नाम छह के छह के बजाय सात कर दिया। ये प्लेजरिज्म है। अगर आपने किसी प्रोग्राम में उसकी आउटलाइन एज इट इज़ कॉपी कर ली। यह प्लेजरिज्म है। दो चार लफज़ आगे पीछे कर लिए। यह प्लेजरिज्म है। फिर आपने उसको पैराफ्रेज़ कर दिया कि लिया किसी और से काम आईडिया उसका लिखा हुआ उसका। आपने बस उसमें दो चार लव्स ऐड किए और कहा जी यह मेरा है। यह भी प्लेजरिज्म में आता है। अपने आप को प्लेजराइज़ भी लोग करते हैं। बाय यूजिंग व्हाटएवर दे डन। देव डन फॉर अनदर क्लाइंट। किसी और क्लाइंट के लिए काम किया। इस क्लाइंट के लिए वही काम उसको भी भेज। यह भी सेल्फ प्लेजरिज्म है। फिर एक्सीडेंटल भी होता है कि आप भूल गए साइट करना या बताना या यह फिगर आउट करना कि यार यह तो प्लेजराइज्ड मुझे मतलब अपेरेंटली लग रहा है। लेकिन आपको अक्सर भूल जाता है ज़हन में नहीं रहता। अब लोग इसकी आड़ में भी अपना वाकई प्लेजराइज किया हुआ काम ले आ जाते हैं। बट स्टिल बंदे को अपना पता होता है। आमाल का दारोमदार जो है वह नियतों पर होता है। तो आपको पता होना चाहिए कि कहां पे क्या चीज हो रही है। एक तरीका जो प्लेजरिज्म को रिमूव करने में हेल्प करता है वो है कि आप उसको पैराफ्रेज करें स्मार्ट और इफेक्टिव तरीके से। पैराफ्रेजिंग से मुराद है कि आप उसको अपने आइडियाज को जो भी मेन कोर आईडिया उसको अपने अल्फाज़ में अपने सेंटेंस स्ट्रक्चर के हिसाब से लिख दें। इसमें यह टूल स्पिनर, टेक्स्ट स्पिनर में डालने से फायदा नहीं होता। आप जेनुइनली वह आईडिया दें। उसको उसको यू नो डिस्टिल करें और उस आईडिया को अपने अल्फाज़ में प्रेजेंट कर दें। इसमें आपने फोकस करना है अंडरस्टैंडिंग पे और रीएक्सप्लेनिंग कांसेप्ट पे कि अगर एक फॉर एग्जांपल यू नो देयर इज़ दिस लाइन दैट इज़ प्लेज़राइज्ड। तो आप देखेंगे उसमें आईडिया क्या है? फिर आप अपने कोई उसमें डेप्थ ऐड कर सकते हैं। अपनी तरफ से नई उसमें कोई एग्जांपल बना सकते हैं। उसको बिल्कुल पैराफ्रेज कर सकते हैं। तो इन चीजों से आपका प्लेजरिज्म मिनिमाइज होता है। अगर आप चाह रहे हैं ना कि आपने इसको एक इफेक्टिवली सही कर देना है प्लेजरिज्म को तो आपका जो मेन सोर्स है उसको अच्छी तरह से समझें। वो क्या बात करना चाह रहे हैं? उस सोर्स को फिर बंद कर दें। उसे कॉपी ना करें कुछ। अगर आपको है ना कि आईडिया नहीं आ रहा, लिखा नहीं जा रहा उसको पढ़ के उसको बंद कर दें। लिखें खुद ही क्योंकि आईडिया आपके ज़हन में होना चाहिए। अपनी मेमोरी से उसको लिखें बाय और मेमोरी से लिखने का ये मतलब भी नहीं एग्जैक्ट एग्जैक्ट लिखें। ऑब्वियसली यू बी यू ब्रिंग योर ओन टच टू द एक्चुअल स्टफ दैट यू राइट। फिर एंड पे जब हो जाए तो अगर आपको डर लग रहा है कि अभी भी कुछ सेम ना हो तो उसको कंपैरिजन कर लें और अगर फिर भी लग रहा है कि यार यहां पे सिमिलरिटी है तो एटलीस्ट आप रेफरेंस ऐड कर दें उसका कि यह मैंने कहां से लिया। अब इसके अलावा एक और इफेक्टिव तरीका है प्लेजरिज्म को दूर करने का। वो है प्लेजरिज्म डिटेक्शन टूल्स। यह टूल्स जो हैं, यह आपको हेल्प करते हैं आइडेंटिफाई करने में कि कहां पर आपके टेक्स्ट में क्या चीज कॉपी की गई है। टर्निटिन हो गया एक टूल है। टर्निटिन यूनिवर्सिटीज में यूजली यूज़ किया जाता है पूरी दुनिया में। ग्रामरली प्रीमियम भी आपको बताता है प्लेजरिज्म का। क्वल बॉट भी एक टूल है। फिर यू नो कॉपीस्केप और यू नो स्क्रबलर और यह टूल्स भी हैं जो आपको हेल्प करते हैं लेजरिज्म डिटेक्ट करने में। अब यहां पर यह चीज ज़हन में रखिएगा कि कुछ यह पेड हैं टूल्स। अब पेड टूल की जाहिर है ऑथेंटिसिटी ज्यादा होती है। प्री टूल आपको बता देते हैं। ऐसे एक्सिस्ट करते हैं यकीनन बहुत सारे यू नो फ्री टूल्स यू कैन सिंपली सर्च लुक फॉर देम ऑनलाइन। लेकिन उनकी ऑथेंटिसिटी का आप बहुत ज्यादा कोई आपके पास यू नो प्रूफ नहीं होता। अब टर्न इट इन से आप पूरी दुनिया की यूनिवर्सिटीज और इंस्टीटश उसको यूज करते हैं। तो अगर आप उसकी कोई रिपोर्ट दे रहे हैं तो वह क्रेडिबल है। आप ग्रामरली की दे रहे हैं तो वो रिलेटिवली वो भी क्रेडिबल है। तो इन चीजों का ज़हन में रखिएगा कि अगर आपने किसी को रिपोर्ट जमा भी करानी है प्लेजरिज्म की केस में देखो ज़ीरो है तो वो किसी अच्छे प्रॉपर टूल से हो। एक क्रिएटर और एक क्यूरेटर बनेंगे। एक कॉपीियर नहीं बनेंगे। अगर आप कॉपी करेंगे तो यू विल नेवर बी एबल टू अकम्प्लिश बिग थिंग्स बिकॉज़ यू विल ऑलवेज बी लुकिंग फॉर आईडियाज कि कोई आपकी तरफ आईडिया फेंक दे तो आप उसको यूज़ कर सकें। तो दैट इज नॉट अ गुड वे टू ओरिजिनलिटी लाने का इन व्हाटएवर यू राइट। उसका बेस्ट तरीका है कि आप अपनी अच्छी थरो रिसर्च करें। डेप्थ में जाएं, चीजों को समझें। सोर्सेस को लेके आं, अपना इनसाइट लेके आं। अपना वर्ल्ड व्यू लेके आं। अपना मैकेनिज्म लेके आ चीजों को लेके। फिर नोट्स बनाएं अपने अल्फ़ाज़ में। फिर अपना पर्सनल एनालिसिस, एग्जांपल्स, इनसाइट्स, अपनी स्टोरीज यह चीजें अपने कॉपी में या कंटेंट में ऐड करें। उससे वो जेन्युइन ट्विस्ट आएगा उसको जो कहीं और नहीं मिलेगा आपको। फिर हमेशा रीाइट करें। कभी कॉपी पेस्ट ना करें चीजों को। अपना एक यूनिक वॉइस, अपना एक यूनिक स्टाइल बना लें। और जब भी आप किसी के काम से इंस्पायर हो, अब यह देखें हाउ कैन आई ऐड माय ओन आईडिया टू दिस? हाउ कैन आई मेक दिस बेटर? हाउ कैन आई गिव इट माय ओन ट्विस्ट? हाउ डस दिस रिलेट टू माय पर्सनल एक्सपीरियंसेस? हाउ डस दिस रिलेट टू माय रिसर्च? ठीक है? इन चीजों को जब आप जेहन में रखेंगे, जब आप सोर्सेस को ट्रैक में रखेंगे, जब आप यू नो कोटेशन कोट एंड कोट कर देंगे कि यह मैंने फला जगह से लिया है। जब आप साइटेशंस या उनकी रेफरेंसेस सही ऐड करेंगे, लिंक्स देंगे और जब आप प्लेजरिज्म चेकर्स को इस्तेमाल करेंगे तो आप प्लेजरिज्म को अवॉइड कर सकेंगे और आपको उससे बहुत ज्यादा फायदा होगा। तो प्लेजरिज्म इज अ नो गो एरिया फॉर राइटर्स। और आप अपने आप को एक अच्छे हायर स्टैंडर्ड पे रखेंगे। एक मोरल और एथिकल ग्राउंड अच्छा लेंगे और ना काम किसी का उठाएंगे ना किसी को उठाने देंगे। होप दिस हेल्प्स। सी यू इन द नेक्स्ट वीडियो।
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