रात के 3 बजे तक मुझे नींद नहीं आ रही थी और बिखर मैं मजबूर होकर अपनी बहन के कमरे में गया ताकि मैं आहिस्ता से अपनी बड़ी बहन को उठा के उससे बात कर सकूं मैं इसके कमरे में आया तो हल्की सी रोशनी वाली लाइट चल रही थी मेरी सारी बहनें सो रही थी और ऊपर मैंने अपनी बड़ी बहन को देखा तो वह कमरे में नहीं सो रही थी मैं बड़ा हैरान हुआ कि मेरी बहन रात के इस वक्त कहां जा सकती है मैं बाहर सहन में आया और हमारा बाथरूम बाहर सहन में बना हुआ था मैं बाथरूम के करीब आया तो मुझे हल्की सी सरगोशियां की आवाजें आ रही थी मैंने जो बाथरूम के करीब से आकर सुना तो वह मेरी बहन की आवाज थी जो किसी को कह रही थी कि जल्दी करो वरना कोई आ ना जाए और कोई बंदा था बोल रहा था कि रात के 3:00 बज रहे हैं इस वक्त कौन आएगा तुम परेशान ना हो मुझे सुकून के साथ करने दो फिर मैं बाथरूम का कोई सरा ढूंढने लगा ताकि मैं अंदर उन दोनों को देख सकूं कि आखिर अंदर चल क्या रहा था फिर बाथरूम के रोशन दान से जब मैंने देखा तो वह दोनों एक दूसरे को सुकून दे रहे थे वह लड़का हमारे ही मोहल्ले का था जो मेरी बहन को सुकून दे रहा था मुझे काफी गुस्सा आया मैं परेशान हुआ कि क्या करूं और फिर मेरे दिमाग में एक तरकीब आई मैं वापस बाथरूम के मेन दरवाजे पे आया और मैंने हल्के से कहा किंजा मुझे पता है तुम अंदर हो और तुम्हारे साथ कोई और भी है और मुझे यह भी पता है कि तुम लोग अंदर क्या कर रहे हो तुम दोनों की भलाई इसी में है कि आहिस्ता से दरवाजा खोलो घर में कोई शोर सुन के जागना चा और शोर मत करना मेरी बड़ी बहन के अंदर से आवाज आई भाई आप गलत फहमी है मैं वाश रूम में हूं आप क्यों आए हैं जाएं आप मैंने कहा नहीं मुझे झूठ बोलने की जरूरत नहीं मैंने देख लिया है यह तूरी है ना वह लड़का उसी के साथ तुम रंगरलियां मना रही थी तुम्हारी बलाई इसी में है कि दरवाजा खोल लो वरना मैं अम्मी और अब्बू को उठा के आ जाऊंगा अभी फिर किंजा ने कहा अच्छा भाई आप किसी को उठा के ना लाए मैं दरवाजा खोल रही हूं और फिर आहिस्ता किंजा ने दरवाजा खोला वो लड़का तैमूर वहां से भागने की कोशिश करने लगा मैंने कहा खबरदार तैमूर जो तुम यहां से हिले भी वह वही रोक रहा और मेरी बहन भी फिर मैंने बहन पर झूठ मूठ का गुस्सा किया मुझे खैर पहले से शक था अपनी बहन पे कि शायद वह इस तरह के काम में मुलस है लेकिन आज मैंने रंगे हाथों पकड़ लिया था उसके पास मुकने का कोई चारा नहीं था फिर मैंने कहा यह कब से चल रहा था दोनों के बीच और फिर मैंने अपनी बहन से कहा कि तुम तो बड़ा कहती थी कि मैं अपने शौहर से मोहब्बत करती हूं इसलिए मैं दूसरी शादी नहीं कर सकती यह काम तो तुम बड़े शौक से कर रही हो फिर मेरी बहन मुझसे कहने लगी यूसुफ जो कुछ भी हुआ अनजाने में हुआ मेरी इसमें कोई गलती नहीं मुझे माफ कर दो और यहां से चले जाओ मैंने कहा नहीं आज तुम हाथ आई हो मैं इतनी सानी से तुम्हें नहीं छोडूंगा फिर उसने कहा यूसुफ तुम क्या चाहते हो खुदा का वास्ता है मुझे जाने दो और अम्मी अब्बू को पता चल गया कि मैं तैमूर के साथ थी तो वह तो मुझे जान से ही मार डालेंगे प्लीज मेरे साथ ऐसा जुल्म ना करो मेरा पर्दा रख लो फिर मैंने कहा अच्छा तुम इस तामूर को भगाओ मैं तुमसे अकेले में बात करना चाहता हूं शायद तैमूर पहले से ही बहुत डरा हुआ था वह यह सुनते ही बाहर चला गया उसने मेरी बात भी नहीं सुनी और फिर मैंने अपनी बहन को पकड़ लिया मैंने कहा जो तुम यह काम इसके साथ कर रही थी चलो बाथरूम के अंदर मेरे साथ भी करो वह कहने लगी नहीं भाई मैं आपके साथ नहीं करूंगी मैंने कहा तुम्हें करना पड़ेगा वरना मैं अम्मी और अब्बू को उठा के ले आऊंगा फिर मेरी बड़ी बहन मुझसे कहने लगी यूसुफ शर्म करो मैं तुम्हारी बड़ी बहन हूं तुम मुझसे छोटे हो मैंने कहा कुछ नहीं होता इस वक्त मेरा दिमाग बहुत बहुत खराब है वैसे भी मुझे तुम्हारी जरूरत थी मैं तुम्हें उठाने आया था यह तो अच्छा हुआ मुझे तुम इस हालत में मिल गई हो अब मैं नहीं जाऊंगा खुद को बिना सुकून दिलवाए फिर मैंने उसे हाथ से पकड़ा और बाथरूम में ले आया उसने कहा अच्छा रुको मेरी बात सुनो पहले मैंने कहा एक हाथ पकड़ लो फिर मैं बात बताती रहूं उसने कहा नहीं पहले मेरी एक शर्त है मैं बाद में तुम्हें पूरा पूरा सुकून दूंगी मैंने कहा अच्छा बताओ जल्दी से उसने कहा अभी नहीं वो मैं आपको कल को बताऊंगी मैंने कहा नहीं किनसा ऐसा जुल्म मत करो रात नहीं गुजरेगी उसने कहा पक्का वादा है कल तुम्हें जरूर सुकून पहुं जाऊंगी लेकिन पहले मेरी शर्त सुन लो मैंने बहुत इसरार किया मैंने उसके हाथ में भी दिया मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ लेकिन वह ना मानी और फिर मैं वापस आके अपने बिस्तर पर लेट गया अब मुझे काफी देर तक नींद ना आई मैं ऐसे ही जागता रहा और अपनी बड़ी बहन के बारे में सोचता रहा कि वह कब तैमूर के साथ लगी हुई थी पता नहीं और किस किस के साथ वह लगी है जिस चीज से मैं डर रहा था वही काम मेरे घर में हो रहा था मैं ऐसी चीज से डरता था कि मेरी बहने या मेरी अम्मी बाहर किसी के कहने में ना आ जाए और यह काम ना कर ले आखर वही हुआ खैर मेरी आंख लग गई गई आज मेरी आंख सुबह 8 बजे खुली थी मैं बाहर आया तो अम्मी नाश्ता बना चुकी थी मुझे कहा यूसुफ आज उठने में तुमने बहुत देर कर दी मैंने कहा हां अम्मी बस आंख लग गई थी मैंने कहा अच्छा जल्दी से नाश्ता कर लो और फिर दुकान प जाओ मेरी अम्मी भी मुझे बहुत खूबसूरत और हसीन लगती थी लेकिन मैं यही सोचता था कि इनसे बात कैसे करूं और फिर इसी मौके की तलाश में था कि वह क दिन आएगा कि मैं अम्मी के साथ खैर मैंने नाश्ता किया नाश्ता करने के बाद अपनी बहनों के कमरे में गया मैं जब गया तो मेरी बड़ी बहन अपने छोटे बेटे को नाश्ता करवा रही थी और मुझे देख देख के मुस्कुरा भी रही थी फिर मैंने अपनी बहन से कहा कि बताओ तुम्हारी क्या शर्त है उसने कहा भाई आज दोपहर जब आप खाना खाने आएंगे तब मैं आपको बताऊंगी कि मेरी शर्त क्या है मैंने कहा अच्छा फिर मैं वापस अपनी दुकान पे आया दुकान पर आया तो छोटे ने दुकान खोल के सफाई सुथरा करके बैठा हुआ था दुकान पर बैठे हुए अभी मुझे थोड़ी ही देर हुई थी मैंने जिसका जिक्र किया था कि हमारे गांव में एक लड़की है जिससे मैं मोहब्बत करता हूं इसका नाम आलिया है और वह इस मोहल्ले की सबसे खूबसूरत लड़की है वह सौदा लेने के बहाने मेरी दुकान पर आई मुझे कहा यूसुफ मैंने तुमसे जरूरी बात करनी है तुम्हारे पास कोई फोन है मुझे दो ताकि मैं तसल्ली से तुमसे बात कर सकूं और फिर दुकान पर मैं बात नहीं कर सकती मेरे पास एक बटन वाला मोबाइल था मैंने उसे वह मोबाइल दे दिया मैंने कहा जाओ घर जाओ और फिर घर जाके उसने मुझे फोन किया मुझे कहा यूसुफ मुझे तुम्हारी बड़ी याद आती है तुम मुझसे मिलने की कोशिश करो रात भर तुम्हें मैं याद करती रहती हूं मैंने कहा मुझे तुम्हारी भी बड़ी याद आती है लेकिन यह गांव है यहां कोई होटल वगैरह तो मिलते ही नहीं कि हम वहां जाकर मिल ले फिर आलिया ने कहा मेरे पास एक तरकीब है अगर तुम्हें अच्छी लगे तो मैंने कहा क्या बताओ उसने कहा मेरे घर के पीछे कपास की फसल लगी हुई है अगर उस कपास की फसल में कोई बैठ जाए तो कोई उसे देख नहीं सकता अगर तुम कहो तो मैं रात को वहां आऊंगी तुम भी वहां आ जाना वहां हम एक दूसरे से सुकून से मिल लेंगे मेरे दिल तो बड़ा किया कि आलिया के साथ मिल लू क्योंकि वो बहुत खूबसूरत थी गांव में इतनी खूबसूरत थी कि सारे लड़के उसी के पीछे होते थे लेकिन मैं डर रहा था कि अगर मैं आलिया के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया तो यह गांव वाले मुझे छोड़ेंगे नहीं और मेरा दूसरा भी हो गया था मेरी बहन की सुर फिर मैंने आलिया को कहा आलिया वह जगह ठीक नहीं हम वहां नहीं मिल सकते कोई और जगह सोचो उसने कहा प्लीज यूसुफ आ जाओ मुझे तुमसे बात करनी है और हां घर वाले मैं मेरा रिश्ता ढूंढ रहे हैं कहीं ऐसा ना हो कि मेरी शादी कर दे तुम अपनी अम्मी अब्बू से बात करो मेरे घर रिश्ता बिजवा हो मैं बेशक आलिया से मोहब्बत तो करता था लेकिन मैं अभी शादी नहीं करना चाहता था मैं जिंदगी में अभी बहुत कुछ करना चाहता था इसलिए शादी करके मैं अपने पांव में बेड़ियां नहीं लगाना चाहता था फिर मैंने आलिया अभी इतना अच्छा कमाता नहीं हूं तुम्हारे सामने है मेरी छोटी सी दुकान है इससे मुश्किल से घर का खर्चा चलता है मैं अपने पैरों पर खड़ा हो जाऊं और फिर तुम्हारे घर मैं रिश्ता जरूर भेजूंगा फिर आलिया कहने लगी तब भी जो के जब मैं किसी और के घर चली जाऊंगी मुझे कोई जरूरत नहीं है इतनी दौलत की जिस हाल में भी मुझे तुम रखोगे मैं उस हाल में तुम्हारे साथ राजी रहूंगी यूसुफ खुदा के लिए वह तुम्हारे बगैर नहीं रह सकती हालत कुछ मेरी भी ऐसी थी आलिया से शायद मैं सच्ची मोहब्बत करता था दिल तो मेरा भी चाहता था कि मैं शादी कर लूं लेकिन मैं ने कहा मैं देखता हूं कि जो जल्दबाजी में शादी कर लेते हैं और फिर कमाने के लिए उनको बाहर जाना पड़ता है उनकी औरतें यहां अकेले किसी और के साथ इसलिए मैंने सोचा कि मैं तब तक शादी नहीं करूंगा अगर करूंगा तो मैं अपनी बीवी को सारी जिंदगी हमेशा अपने साथ ही रखूंगा यह मैंने सोचा हुआ था बड़ी मुश्किल से आलिया को मैंने समझाया मैंने कहा अभी कुछ सब्र करो मैं अपने पांव पर खड़ा हो जाऊं मैं तुमसे जरूर शादी करूंगा और आलिया कहने लगी अच्छा ठीक है तुम रात को उस फसल में आना मैं तुम्हारा इंतजार करूंगी मैंने कहा आज तो नहीं हां मैं तुम्हें जरूर बताऊंगा उसने कहा अच्छा यूसुफ तुम्हारे पास कोई छोटी सी तस्वीर होगी मैं उसे हमेशा अपने सीने से लगा के रखूंगी मुझे जब भी तुम्हारी याद आया करेगी मैं उसे देख लिया करूंगी असल में जो गांव की मोहब्बत होती है व होती इतनी शदीद है गांव की लड़की जब भी एक बार किसी से मोहब्बत करती है तो वह फिर सच्चे दिल से करती है शायद आलिया भी मुझसे सच्चे दिल से मोहब्बत करती थी मैंने कहा अच्छा कल जाऊंगा आज किसी भी टाइम पासपोर्ट साइज तस्वीर बनाऊंगा और मेरी दुकान पर आ जाना मैं वह तुम्हें दे दूंगा उसने कहा अच्छा ठीक है उसने कहा अच्छा यह मोबाइल लेने के लिए इस छोटे को भेजो जो तुमने दुकान पर रखा हुआ है मैं ने कहा अच्छा ठीक है फिर मैंने छोटे को भेजा असल में वह छोटा मेरा काफी हद तक राजदार भी था और मेरी आदत से खूब वाकफ था क्योंकि जो भी औरत मेरी दुकान पर आती थी मैं असल में दिल फेंक बंदा हूं हुसन परस्त भी हूं अच्छी चीज मुझे बहुत अच्छी लगती है खूबसूरत चीजों में तारीफ करता हूं शायद इसीलिए मुझे सब मोहल्ले वाले ठरकी कहते थे मैंने उससे छोटे को कहा कि जाओ और वह मोबाइल लेके आओ वो गया मोबाइल लेकर आया कब दोपहर होगी मुझे पता ही नहीं चला फिर मैंने छोटे को कहा आज तो मेरे घर खाना लेकर मत जाना मैं खुद ही घर खाके आऊंगा उसने कहा अच्छा उस्ताद जी अब दोपहर के 1 बज रहे थे मैंने खाना खाने के बहाने अब गर आया गर आया तो अम्मी ने भी खाना नहीं बनाया था कहा यूसुफ तुमने खाना लेने गर आए हो इस छोटे को बेज देते मैंने कहा हां मैं वह छोटा स जरा काम पर मसरूफ था इसलिए मैं खुद आया हूं उसने कहा अभी तो खाना नहीं बना अच्छा तुम बैठ जाओ फिर मैं अपनी बहन के कमरे में गया मेरी दो छोटी बहने शायद किसी के घर गई हुई थी वो भी नहीं थी मेरी बड़ी बहन अकेले बैठी हुई थी मैंने उससे पूछा हां क्या शर्त है तुम्हारी तुमने बताया ही नहीं उसने कहा भाई मैं एक बंदे को पसंद करती हूं मैंने कहा हां मुझे पता है कि वो तैमूर उस उसने कहा नहीं तैमूर को नहीं वो कोई और है हमारी बरा का नहीं है फिर मैंने कहा किंजा तुमरा त मूर के साथ यह काम क्यों कर रही थी अगर उसको पसंद नहीं करती उसने कहा भाई व तो मेरी जरूरत पूरी करता है मैं उससे मना भी नहीं कर पाई इसलिए फिर मैंने कहा किंज यह गलत बात है तुम अगर इससे मोहब्बत नहीं करती तो उसे अपने करीब क्यों आने दिया उसने कहा छोड़े भाई मैं इस बारे में बाद में बात करूंगी मैं तुम्हें यह बता रही थी कि मैं एक लड़के को पसंद करती हूं और मैं उससे शादी करना चाहती हूं तो मैंने कहा तुम मुझे क्यों बता रही हो तुम यह बात अम्मी और अब्बू को बताओ उसने कहा अम्मी यह बात नहीं मानेगी इसलिए मैं तुम्हें बता रही हूं मैंने कहा कौन है वह वह हमारे घर के सामने वाला रोड बन रहा था उसमें एक लेबर शायद मजदूर थे एक लड़का उसमें पठान था जो दिखने में समाट और खूबसूरत सा था मेरी बहन ने कहा इस पठान को मैं पसंद करती हूं वो भी मुझे रात को मिलने आता है पिछली रात भी वह आया था मैं हैरान हुआ कि मेरे घर में यह क्या चल रहा था मैंने कहा अच्छा फिर उसने कहा मैं उससे शादी करना चाहती हूं लेकिन वह लड़का वजीर स्तान का है तो मेरे अम्मा और अब्बा तुम मानने के लिए शादी बिल्कुल नहीं करेंगे इसलिए तुम अम्मी और अब्बू से बात करो मेरी शादी उस पठान से कर दो मुझे वह पठान बहुत अच्छा लगता है मैंने कहा कनीज खबरदार तो तुमने यह सोचा भी यह कैसी बात कर रही हो अब हम क्या अपनी बहन बेटी पठानों में देंगे उसने कहा भाई आप मेरा यह काम कर दें आप यकीन करें जो मैं आपको सुकून दूंगी आप वह सारी जिंदगी याद रखेंगे जिस अंदाज से उसने बोला था मैंने उसको मना ना कर पाया मैंने कहा अच्छा मैं बात करता हूं उसने कहा नहीं भाई पहले बात करो बाद में तुम्हारा काम करूंगी मैंने कहा नहीं किंजा खुदा के वास्ते यह काम बहुत मुश्किल है इस पर टाइम लगना है प्लीज आज रात को मुझे सुकून दे दे दो उसने कहा नहीं भाई आज रात को मैं उस पठान से वादा किया हुआ है मैं उसको मिलूंगी उसको मैं सुकून दूंगी आज मुश्किल है मैंने कहा किंजा क्या हो गया है तुम्हें ये मुझसे कैसी बातें कर रही हो मैं तुम्हारा बड़ा भाई हूं उसने कहा हां बड़े भाई हो और अब मेरे राजदार भी बन गए हो इसलिए तो मैं बता रही हूं और फिर मैंने कहा अच्छा किंजा कोई बात नहीं इसको आज मना कर दो आज तुम मुझे सुकून दे दो पहले थोड़ा सा एक हद तक लेकिन आज लाजमी दो फिर मैं कल तुम्हारे सामने अम्मी और अब्बू से बात करूंगा लेकिन तरीके से हम डायरेक्ट यह नहीं बोलेंगे कि फला लड़का है मैं अम्मी और अब्बू को बताऊंगा और उनको बोलूंगा कि आप मेरी बड़ी बहन की शादी कर दें और फिर मैं किसी चरी तरीके से चक्कर चलाऊंगा ताकि तुम्हारी शादी उस पठान से हो जाए मेरी बहन ने कहा हां यह काम कर दो पूरी जिंदगी तुम्हें सुकून देती रहूंगी मैंने कहा अच्छा आज रात मेरे कमरे में ना तुम्हारे साथ तो मेरी दूसरी बहनें भी सो रही होती हैं आयशा और सलमा इसलिए मैं तो यहां नहीं आ सकता तुम ही आ जाना उसने कहा आज नहीं कल आऊंगी मैंने कहा नहीं आज तुमने हर हाल में आना है वरना मैं आज तुम उस पठान से मिलने नहीं दूंगा सारी रात जागता रहूंगा उसने कहा अच्छा रात को 1 बजे तुम्हारे पास आऊंगी 15 से 20 मिनट तुम्हारे साथ रहूंगी और फिर वह पठान आ जाएगा और फिर मैं उससे थोड़ी देर बात रूम में मिलूंगी मैंने कहा अच्छा ठीक है और फिर अम्मी भी खाना बनाने के लिए कमरे में आई दोस्तों इस कहानी की अगली किश्त देखने के लिए इस चैनल को सब्सक्राइब कर ले और बेल के आइकन को क्लिक कर ले ताकि नए आन किश्त आपको जल्द से जल्द मिल सके
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