भागवत पर ऐतिहासिक प्रवचन - Bhagwat Explained By Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj - Official2,257 words

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मेरे सामने प्रस्ताव रखा है एक महाशय ने आज तो आप भागवत ही सुनाइए वैसे मुझे ऐसा अभ्यास नहीं है एक ही ग्रंथ पर बोलूं मैं तो वेद से लेकर रामायण तक सभी ग के प्रमाण देते हुए किसी विषय को प्रस्तुत करता हूं फिर भी मैं पर्यटन करूंगा और यह भी सत्य है की भागवत सारिका कोई भक्ति का ग्रंथ है ही नहीं बना ही नहीं इस भागवत के विषय में भागवत [संगीत] पांचवां वेद है पहले स्कंद के तीसरी अध्याय का 40 वर्ष लोग सर्व दे देते हंसनम सारंग सारंग समुद्रतम पहले स्कंद के तीसरी अध्याय का 42वां श्लोक सब शास्त्र है भागवत नहीं लिखा है और गरुड़ पुराण में लिखा है ब्रह्म सूत्र [संगीत] का अर्थ है देखिए भगवान ने अपनी शक्ति से ब्रह्मा के हृदय में भागवत प्रकट किया ब्राह्मण किया नारद ने बदक व्यास के हृदय में प्रकट किया भागवत का निर्माण किया और सुनो बदक व्यास ने पहले वेद के कर भाग किया वेद में कम आलेश्वर इसके बाद ब्रह्म सूत्र बनाए वेदांत फिर गीता फिर महाभारत फिर 18 पुराण में भी भागवत थी संक्षिप्त विचार लाख का पुराण एक लाख का महाभारत 55 सूत्रों का ब्रह्म सूत्र 700 लोगों की गीता यह सब बनाने के बाद भी ज्ञान सागर डिप्रेशन जिसे आप लोग कहते हैं का पिक्चर कृष्णा की कश्यप टूटना या पति साक्षात व्यासों नारायण प्र शंकराचार्य ने कहा है व्यास भगवान के अवतार हैं और इतने ग्रंथ बना डेल तीन वर्ष में और फिर भी आसन क्यों ग्रंथ बनाने से और लेक्चर देने से और लेक्चर सुनने से कुछ नहीं हुआ करता वेदव्यास तुमने भगवान श्री कृष्णा के यश गण नहीं किया उनकी लीला कथा का डिटेल में वर्णन नहीं किया वरना आश्रम धर्म का वर्णन बड़ा लंबा चौड़ा महाभारत में किया इसीलिए तुम को टेंशन है तो ऐसा करो की पहले भक्ति करो भगवान का दर्शन करो फिर भागवत लिखो भगवान की भक्ति की भगवान श्री कृष्णा के दर्शन किया तू बहुत ही इंपॉर्टेंट है इतना इंपॉर्टेंट है की भक्ति के विषय में मेरा चैलेंज है कोई ग्रंथ नहीं उपनिषद वेद भी नहीं आप लोग सुनकर लेकिन हम तो दूर से नमस्कार करते हैं सनातन है लेकिन उससे उपनिषद के पढ़ने से हमारे हृदय में श्रीकृष्ण के प्रति प्रेम नहीं उभाटा रोमांचकाम पाश्र्वेद अश्रु ये सात्विक भाव के उद्देश्य नहीं होते ब्रह्म क्या है जीव क्या है माया क्या है ससुराल लंबा चौड़ा लेक्चर है उसमें ज्ञान जिसे कहते हैं लेकिन भगवान की लियाओ का ज्ञान नहीं है [संगीत] लीला बता रे जिसमें भगवान की लीला आदि की कथा ना हो तो बंध्या नादिरा 11 11 20 माइग्रस्थ कथा वो कथा बांध है 48 भागवत तरीका कोई भक्ति ग्रंथ नहीं है चलिए अब भागवत के द्वारा हम भक्ति का निरूपण करने जा रहे हैं भागवत के प्रारंभ में ही पहले स्कंद में ही परमहंस बैठे हुए थे और सुखदेव परीक्षित भी थे तो सूट जी से प्रश्न किया [संगीत] मंद भाग्य मनुष्यों के हिसाब से आप ऐसा कोई मार्ग बताइए जिससे जीव का प्रवचन शास्त्र वेद तू इतने अधिक है की उनको जितना पढ़ो उतने ब्रह्म पैदा होगा निर्णय नहीं होगा क्योंकि कई विरोधी बातें एक-एक ग्रंथ में भी की है इसीलिए शास्त्र वेद के प्रत्येक ग्रंथ में कहा गया है महापुरुष के द्वारा तत्वज्ञान प्राप्त करो स्वयं पढ़ने के द्वारा स्वयं समझना के द्वारा अगर चाहे हम ज्ञान प्राप्त कर लेंगे तो महाराज ऐसा कोई सरल मार्ग बताइए मां का नहीं मां का आनंद तो आप लोगों को रोज मिलता है बिना पैसे के कौन सा आनंद है जब आप लोग गहरी नींद में सोते हैं सपना भी नहीं देखते उसे समय आपको जो आनंद मिलता है वह मां का आनंद है मां ली हो जाता है आनंद में लेकिन आत्मा को नहीं मिलता वह अगर मिल जाए तो उसकी दो विशेषताएं हैं कभी और नंबर दो प्रतिक्षण बढ़ता जाएगा और यह जो मिलता है गहरी नींद में भाग गई घर से आप का ऐसा हो गया है अरे घाट हो गया है शेर डॉ हो गया है गहरी नींद वाला प्रति हट्टी आत्मा को सुख चाहते करो [संगीत] नंबर दो [संगीत] कर लिया उसके बाद संसार की भक्ति कर रहे दिन भर निरंतर भक्ति हो और कोई कामना ना हो भक्ति के साथ बनाया है संसार की कामना अगर है तो इसका मतलब की अभी आप यह भी नहीं समझे की भगवान की आवश्यकता क्या है फिर जब संसार के ही संसार के ही समाज प्रकार आपको सुख मिल जाएगा तो फिर भगवान के नाम भी नहीं देना चाहिए अरे भाई हमको मिठाई चाहिए ना तो मिठाई की दुकान तो चलो जूते की दुकान पर खड़े होकर के मिठाई मैंगो तो लोग कहेंगे ना मेंटल है कामना के विषय में मैं आपको बताऊं एक भागवत नहीं बताऊंगा और मठ नहीं उठा रहा हूं मैं जब भगवान ने और प्रहलाद को गॉड में ले लिया गुस्से में बुद्धि नॉर्मल नहीं रहती है हम लोग गीता ए गई क्रोध से बुद्धि नष्ट हो जाति है सबकी लेकिन गुस्से में भूल गया था की गलती कर रहा हूं मैं कोई भिखारी हूं अरे मैं तो दास हूं दास का कम है सेवा करना मांगना नहीं मांगना तो स्वामी का कम है ए पानी ला दे चश्मा ला देना मैं आपका दास हूं मैं मांगता मांगता नहीं अरे बड़ा ज्ञान छांट रहा है कल का छोकरा अरे सब मानते हैं [संगीत] साथ में स्कंद के 10वें अध्याय का छतवान महाराज जो मांगे वो दास नहीं और आपको भी हमसे कुछ नहीं चाहिए बोलो अब तो आजा हो गई आजा का पालनपुर तो करना पड़ेगा [संगीत] सत्य धर्म जितने भी गन हैं मांगने की प्रवृत्ति होने पर महाराज इसलिए मैं कुछ नहीं मांगता तो सूट जी महाराज ने परमहंसों से कहा की भक्ति में कुछ मांगना नहीं होता कामना एन हो और निरंतर हो फिर आगे इसी एक पहले स्कंद में परीक्षित पूछ रहे हैं सुखदेव परमहंस हो जव्यम कर्तव्य प्रभु करना है बताइए क्या करूं पहले स्कंद के 19वे अध्याय का 38वां श्लोक सुखदेव परमहंस में उत्तर दिया भगवान ईश्वर छाता भयम दूसरे स्कंद के पहले अध्याय का पांचवा श्लोक तीन कम करो मेरी बात सुनकर मानो यह श्रवण भक्ति और भगवान का नाम गन कीर्तन करो दूसरी भक्ति और मां से निरंतर स्मरण करो तीसरी भक्ति [संगीत] ब्रह्मा ने चारों वेदों को तीन बार माता ब्रह्मांड और मत कर एक निश्चय निकाला श्रीकृष्ण की भक्ति करो और कुछ ना पढ़ो ना सुनो ना करो श्री कृष्णा में भक्ति हो बस इससे अधिक और कोई मार्ग नहीं है बस एक ही मार्ग और आगे चलो ब्रह्मा के पुत्र मनु मनु के पुत्र प्रिया व्रत प्रिया व्रत के पुत्र अग्नि द्रव्य पुत्र नाही नाही के पुत्र ऋषभ ऋषभ के 100 पुत्र ये ऋषभ भगवान के अवतार है पहले इसका नाम था [संगीत] [संगीत] बैठे हैं ब्रह्मलोक चलो जी और ब्रह्म लोक पहुंच गए महाराज [संगीत] उत्तर दिया कबीर पहले योगी सरकार का नाम था कवि उन्होंने कहा माने भगवान की भक्ति के शिवा और मैं कोई मार्ग नहीं मानता केवल भक्ति मार्ग है 11 में स्कंद के दूसरे अध्याय का 43वां श्लोक 33वां लोक ऐसा मार्ग है भक्ति धवन आंख मूंदकर भागो ना गिरोगे नफीस लोग पीछे तुम्हारे श्याम सुंदर चल रहे हैं संभालने वाले लगी क्यों इसका उत्तर दिया भागवत धर्म बिटिया [संगीत] ऐसे आपके हृदय में ऐसे हैं भगवान बैठे आपके पीछे हैं अब आप आगे देख रहे हैं माया की और [संगीत] माया ने अधिकार कर लिया अब क्या करें छोड़ना प्रति छोड़ना प्रभुत्व शरण महात्मा नाम 11 12 14 15 भागवत सब पढ़ना सुना कर्म धर्म [संगीत] मेरे बराबर गुरु की भी भक्ति करो ये दो शर्तें गुरु और मेरी दोनों की भक्ति करो तो तुम भगवान के सम्मुख हो जाओगे तो फिर तुमको अपना लक्ष्य मिल जाएगा एक मंत्र भक्ति ही तुम्हारा गया है योग भी कहा गया है भागवत कहती है वासुदेव तारों धर्म एक दो 28 वासुदेव परम ज्ञानम 129 सब ज्ञान योग कर्म धर्म भगवान के निमित्त होता है भगवान ने स्वयं कहा है ज्ञान क्या है भक्ति क्या है जो मेरे निमित्त हो बस वही धर्म जो मेरे निमित्त हो वही ज्ञान जो मेरे निमित्त हो वही भक्ति और जो मुझको छोड़ के हो उससे ना माया जाएगी और ना मैं मिलेगा वो चक्कर खाएगा 84 लाख कोई भी हो अब अंतिम सुनो सबसे बड़े प्रश्न करने वाले ज्ञानी उठो और सबसे बड़े उत्तर देने वाले भगवान श्री कृष्णा कितना बढ़िया प्रश्न किया है भागवत में कोई उसका जवाब नहीं है दुनिया में किसी ग्रंथ में कर रहे हैं भगवान से महाराज आपसे अधिक कौन ज्ञान रखना है इसलिए मैं आपसे एक प्रश्न कर रहा हूं क्या यह हमारे भारतवर्ष में तमाम रास्ते क्यों बन गए एक बाबा जी आए हो कहते हैं जब करो दूसरे बाबा जी आए वो कहते हैं नाक पकड़ के और प्राणायाम करो तीसरी बाबा जी आए उन्होंने कहा चारों धाम की मार्टिन करो चौथ बाबा जी आए मैं क्या करूं पागल हो जाऊं [संगीत] किसकी सुनो किसकी सही बात है किसकी गलत है और ग में भी ऐसे ही लिखा है सभी बातें लिखी है और अगर बन गए तो कौन सही है और क्यों इतना बढ़िया प्रश्न है अध्याय का पहले श्लोक है भगवान ने कहा कल नैना [संगीत] हो गई थी कुछ नहीं था केवल मैं था जब सृष्टि मैंने की तो अपनी भेद वाणी को ब्रह्मा के हृदय में प्रकट किया देने ब्रह्म हृदय को मैंने समझ सका ब्रह्मा लोग पुस्तक पढ़कर के ज्ञान प्राप्त करना चाहते हैं और साहब पंडित बन जाते हैं आजकल देखो तो बाजार लगा है कुछ नहीं आता जाता नाम नहीं मालूम क्या बनाए है वेदांत न्याय शंकर मीमांसा अपनाया वहां का कुछ किस कहानी पढ़ के और बक्त हो गए तो भगवान कहते हैं मेरी भेद वाणी मैं मैंने केवल भक्ति बताई थी क्या हुआ उसके बाद यह हुआ मेरी भेद वाणी को ब्रह्मा के बाद लोगों ने पढ़ा देवताओं ने राक्षसों ने मनुष्यों ने तो उनकी प्रकृति अलग-अलग सतगुरु मनुष्य जैसे मां लो मैं ऐसे बैठे बैठे ऐसे कर डन या ऐसे कर दो आप लोग कहेंगे ऐसे कुछ बुलेट होंगे किसी को ऐसे करके कुछ ऐसा करते होंगे बिलासपुर में आके हमारे पास जुड़ गए यह कोई जादू वाला श्लोक है रोज बोलते हैं इसको आप इसी के करण सरस्वती ए जाति है आपके पास जो इतने शास्त्र वेद बोलने ग गया तो संसार में लोग किसी चीज का विचित्र विचित्र अर्थ लगाते हैं कानपुर में लेक्चर हो रहा था मेरा 1 लाख आदमी था और तीन-तीन घंटा हम बोलते थे तो बीच में एक रात की गली होती है जो कहती थी वो मुंह में दाल लेते थे तो लोगों ने कहा ये गली को इससे गली है हमारे पास लिख के भेजो एक ने यह क्या गली खाता हैं आप बीच में मैंने गली दिखाए 11 14 6 एवं प्रकृति 22 चित्र [संगीत] [संगीत] सत्यम सत्यम 10 11 [संगीत] कोई धर्म करण को कोई नाम कमाओ कोई तप कोई अहिंसा कोई कुछ अनेक अनेक रास्ते लोगों ने बना दी सुनो [संगीत] [संगीत] फिर क्या करें भक्ति हमें क्या ग्रहीय श्रद्धा और उसमें शर्ट है कुछ थोड़ी सी नंबर दो अनन्या भक्ति हो कपिल भगवान के अवतार ने देवभूति अपनी मां को उपदेश दिया था पुरुषोत्तम भक्ति अनन्या हनी चाहिए बस इतने में मां का अटैचमेंट हो और कहानी ना हो मनुष्य देवता देवी रक्षा कहानी उसको अनन्या कहते हैं और निरंतर हो मैंने इसके लिए एक दोहा बनाया है आप लोगों को भी मालूम है हरि गुरु भजन [संगीत] ऑन की भक्ति करनी होगी और नित्य गोविंद राधे और भवनीश का [संगीत] अंतरण शुद्ध होगा [संगीत] [संगीत] [संगीत] नहीं योगी और ऋषि और मनी हो तपस्ती हो ज्ञानी हो पति [संगीत] राम ही केवल प्रेम प्यार धर्म परायण स्विकूलताराम चरण [संगीत] [संगीत] [प्रशंसा] राम कृपा ना सही सब होगा राम कृपा कैसे होगी इस प्रकार भक्ति करने से हमारा अतः करण शुद्ध होगा इंद्रियों को दिव्या बनाएगी दिव्या प्रेम देगा भागवत प्रताप कराएगा कमाने के साथ-साथ उसकी रक्षा करने पर ध्यान नहीं देते गम देते भगवान और महापुरुष के प्रति दुर्भावना [संगीत] ता भगवान ने ऐसा क्यों किया सीता का त्याग क्यों किया अपने आप को जानता नहीं कहां जा रहा है गधा भगवान के पास संत मिले उनके जमाने में हम थे लेकिन ऐसा क्यों करते हैं ऐसे को खड़े होते हैं ऐसा कपड़ा क्यों पहना हैं ऐसे को बोलते यह देह विमान मिथ्याभिमान आपस में हम लोग एक दूसरे की बुराई करने में बधाई रुचि लेते हैं ओवैसी तुमको अपना लाभ कामना है देखो एक आदमी अपनी लड़की की शादी के लिए साड़ी खरीदने जाता है बाजार में रास्ते में तमाम दुकान हैं तरकारी की दुकान भी है चप्पल जूते की भी तमाम देखा जाता है चप्पल की दुकान क्यों खोल रखा है हमको साड़ी चाहिए अपना कम बना ले एक बेटा सीरियस बीमा है वो डॉक्टर के घर जाता है रास्ते में कोई मिले उसका रिश्तेदार हो क्यों ना अरे आशीर्वाद हमको बहुत जरूरी कम है अभी हम आपसे बात नहीं करेंगे शाम को आना हमारे पास लड़का हमारा सीरियस है हमको डॉक्टर से बात कर रहा है ऐसे ही पता नहीं कब मानो दे छन जाए जल्दी करो भगवान संबंधी और संत संबंधी ही बात सुनो आपस में जब बैठो और कोई बात शुरू हो उठ के चले जो अरे भगवान की कोई बात सुनाओ उसने हमारा अंतरण शुद्ध हो प्रतिज्ञा कर लो सब लोग जब आपस में मिलो तो भगवान की चर्चा हो और ना करें वो तो चले जो है जो अपने आप समझ ले आए ऐसे ये बाबा जी हो गया ठीक है ठीक है हम हो गए बाबा जी तो इस प्रकार कुसंग से भी बचिए जो कमाइए [संगीत] उसको लाख करके रखिए [संगीत] इतना परिश्रम करके केवल भागवत सुनाया है [प्रशंसा] राधे [संगीत]

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