DELED 4TH SEMESTER मैराथन class /DELED 4TH SEMESTER SCIENCE /DELED FOURTH SEMESTER SCIENCE CLASS

Pariksha Veer14,646 words

Full Transcript

हेलो गाइस, आप सभी साथियों का स्वागत है आपके अपने YouTube चैनल परीक्षा पर। सभी मेरे प्यारे-प्यारे साथियों को गुड मॉर्निंग। आप सभी जल्दी से जुड़ जाइए क्योंकि मैं लेकर आ चुका हूं आप सभी के लिए डेली फोर्थ सेमेस्टर साइंस की महामैराथन क्लास। ठीक है? इसका एक पार्ट हम सभी ने कल पढ़ लिया है और आज इसका दूसरा और फाइनल पार्ट है। यानी आज आपका जो साइंस है वो पूरी तरीके से समाप्त हो जाएगा। और कल सुबह 8:30 बजे हम आपको एक प्रीवियस ईयर पेपर करवाएंगे। वो प्रीवियस ईयर पेपर कौन सा होगा वो आपको पता लग जाएगा जब हम क्लास शेड्यूल करवाएंगे। ठीक है? एक इंपॉर्टेंट इंफॉर्मेशन है कि आज शाम 5:00 बजे डेलड सेकंड सेमेस्टर की इंग्लिश की क्लास चलने वाली है। और जैसा कि मैंने आपको पहले भी कहा है कि इंग्लिश की क्लास सेकंड सेमेस्टर की चला करें तब भी आप मत छोड़ा करिए क्योंकि सेकंड सेमेस्टर की जो इंग्लिश है वो फोर्थ के बिल्कुल एक सेम जैसी है। तो सभी बच्चे शाम को 5:00 बजे भी जुड़ेंगे और इंग्लिश की क्लास आप लोग वहां पर जरूर करेंगे। मैं एक पीवाईक्यू कराऊंगा और सीधा सेकंड सेमेस्टर के सवाल आपके फोर्थ में भी पूछे जाते हैं। तो आप लोग कोई सब्जेक्ट करो या ना करो लेकिन सेकंड सेमेस्टर की इंग्लिश जरूर पढ़ा करिए आप लोग। ठीक है? चलिए फिलहाल हम यहां पर स्टार्ट करेंगे आज अपनी महामैराथन क्लास साइंस का पार्ट टू। बताइए आवाज आपको ठीक-ठाक आ रही है सभी को? ठीक है? चलिए दूसरी बात यह है कि आज शाम 8:00 बजे से डीएलएड सेकंड सेमेस्टर की मैथ की महा रिवीजन क्लास चलेगी। तो ऐसे बच्चे जिनका सेकंड सेमेस्टर मैथ में बैक है। आप सभी के लिए ये क्लास रामबाण होने वाली है क्योंकि यहां पर आपको वही सवाल कराए जाएंगे जो आपके एग्जाम में आने वाले हैं। यानी उसी कांसेप्ट पे सवाल आपके एग्जाम में पूछे जाएंगे और ये चैप्टर वाइज होगा तो आपको सारे कांसेप्ट भी आपके क्लियर होंगे। तो सभी बच्चे शाम को 8:00 बजे जुड़ना ना भूलें। जिन भी बच्चों का बैक है या कोई खुद से भी पढ़ना चाहता है तो सभी जुड़िए क्योंकि बहुत इंपॉर्टेंट क्लास यहां पे चलने वाली है। ठीक है? चलिए तो स्टार्ट करेंगे आज की क्लास को। एक बार बताइए क्या आप सभी बिल्कुल तैयार हैं आज की क्लास को लेकर के? जी। चलिए एक बार बताइए क्या आप सभी बिल्कुल रेडी हैं? भैया चार का करवाएंगे। नेहा जी थोड़ा समय दीजिए। मैराथन खत्म हो जाए। आपकी भी करवा देंगे। तीन चार क्लास आपकी करवा देंगे। बहुत है। ठीक है। चलिए ठीक है। अब आते हैं आगे की तरफ। पढ़ते हैं बेटा। सबसे पहली आज हम स्लाइड पढ़ेंगे आवर्त सारणी की। ठीक है? कल हम लोगों ने संक्षारण तक के टॉपिक को हमने पढ़ लिया था। ठीक है? संक्षारण तक के टॉपिक को कल पढ़ लिया था। आज हम इसके आगे यानी आवर्त सारणी से हम इसकी शुरुआत करेंगे। पीरियडिक टेबल से शुरुआत करेंगे। देखो अगर हम पीरियडिक टेबल की बात करते हैं तो तीन लोगों का नाम आता है। तीन क्यों? चार लोगों का कह सकता हूं। जैसे एक तो थे मेंडलीफ साहब। एक मेंडलीफ जी ने जो है आपकी क्या बनाई? एक आवर्त सारणी बनाई। उसके बाद फिर थे डोबरनियर। कौन थे बेटा? डोबरनियर। उसके बाद में फिर थे भैया न्यूलैंड। कौन थे? न्यूलैंड। और फिर एक आपके इंपॉर्टेंट आ जाते हैं मोजले। कौन आ जाते हैं बेटा? मोजले। तो यहां पर चार लोगों ने पीरियडिक टेबल बनाया था। याद रखना। इन चारों के बारे में हम सभी ने बहुत विस्तार से अपने परीक्षावीर ऐप पर पहले ही पढ़ लिया है। ठीक है? बहुत अच्छे से पढ़ लिया है। देखो अगर हम मेंडलीफ की बात करते हैं तो इन्होंने सबसे पहले इन्होंने बनाया। ठीक है? सबसे पहले अगर कहा जाए किसने बनाया? तो सबसे पहले बनाया था किसने? मेंडलीफ ने बनाया था। और जो मोजले साहब ने बनाया यह आधुनिक आवर्त सारणी। इन्होंने कौन सी आवर्त सारणी बनाई थी? आधुनिक। आधुनिक आवर्त सारणी मतलब अगर आप देखते हो ना किसी भी बुक स्टोर में जाते हो वहां पर जो आपको पीरियडिक टेबल दिखता है वो पीरियडिक टेबल किसने बनाया है वो आधुनिक वाली है जिसे जिसे मोजले ने बनाया। ठीक है? अब इन्हीं आवर्त सारणी के बारे में हमको पढ़ना है। आपके एग्जाम पॉइंट्स ऑफ व्यू से मेंडलीफ वाला इंपॉर्टेंट है और आधुनिक आवर्त सारणी इंपॉर्टेंट है। यानी कि ये दोनों आपके इंपॉर्टेंट है। बाकी अगर हम बात करें तो न्यूलैंड ने कौन सा नियम दिया था? तो न्यूलैंड ने एक अष्टक नियम दिया था। ये भी आप एमसीक्यू के लिए याद रखिएगा। और डोबरनियर ने एक त्रिक नियम दिया था। क्या नियम दिया था बेटा? त्रिक नियम दिया था। तो इसे भी आप लोग याद रखिएगा। चलिए तो बाकी डोबरनियर में बस एक ही आएगा कि त्रिक नियम किसने दिया था? तो डोबरनियर ने दिया था। अष्टक नियम किसने दिया था? तो न्यूलैंड ने दिया था। बाकी मेंडलीफ और मोजले के बारे में हम सभी आज की इस क्लास में पढ़ने वाले हैं। जी भैया चलिए अब हम स्टार्ट करेंगे। पहला सवाल आपके एग्जाम में पूछा जाएगा कि आवर्त सारणी किसे कहते हैं? पहला सवाल आवर्त सारणी किसे कहते हैं? तो मेंडलीफ ने तत्वों के परमाणु भार के बढ़ते क्रम के अनुसार तत्वों को एक सारणी तैयार की जिसे आवर्त सारणी कहते हैं। एक नंबर में यह सवाल दो-तीन बार पूछा गया है कि आवर्त सारणी किसे कहते हैं? तो याद रखना मेंडलीफ ने तत्वों के परमाणु भार के बढ़ते क्रम के अनुसार तत्वों की एक सारणी तैयार की जिसे आवर्त सारणी कहते हैं। बताइए परिभाषा पता हो गया भाई आप सभी को? जी बताइए। अब आप मुझे बताइए क्या इतनी चीजें आपको समझ में आ गई? बोलिए। अगर आपसे पूछा जाए कि आवर्त सारणी किसे कहते हैं? तो आपको लिखना है कि मेंडलीफ ने तत्वों के परमाणु भार के बढ़ते क्रम के अनुसार तत्वों की एक सारणी तैयार की जिसे आवर्त सारणी कहा जाता है। याद रखना इस चीज को। अच्छा एक चीज और याद रखिएगा। आवर्त तथा वर्ग से आप क्या समझते हैं? देखो एक चीज बताऊं जो आपकी पीरियडिक टेबल है बेटा वो कैसे बनी है? आपकी पीरियडिक टेबल कैसे बनी है? अगर आपने पीरियडिक टेबल देखा होगा तो आपकी जो पीरियडिक टेबल होती है ना बेटा वो कुछ इस प्रकार की बनी हुई है। कुछ इस प्रकार की आपकी पीरियडिक टेबल बनी हुई है। ठीक है? अब आप मेरी बात को समझिए। अगर हम पीरियडिक टेबल की बात करते हैं तो जो यहां पर क्षैतिज पंक्तियां ये देखो ये जो क्षैतिज पंक्तियां हैं ये देखो ये वाली जो पंक्ति है ये ये जो क्षैतिज पंक्ति होती है क्षैतिज का मतलब जानते हो ये जो ये जो लेटी हुई जो पंक्ति होती है इसे हम क्षैतिज पंक्ति बोलते हैं। इसको बेटा हम आवर्त कहते हैं। क्या कहते हैं बेटा? आवर्त कहते हैं। और यह जो खड़ी हुई जो पंक्तियां हैं इन्हें हम वर्ग कहते हैं। वर्ग या समूह। ये जो खड़ी वाली जो पंक्तियां हैं सारी की सारी जितनी भी ये सारी पंक्तियां जो खड़ी वाली हैं इन्हें हम बेटा क्या कहते हैं? इन्हें हम वर्ग कहते हैं। और ये सवाल दो-तीन बार आपके एग्जाम में आया है कि भैया आवर्त तथा वर्ग किसे कहते हैं? यह सवाल दो-तीन बार आपके एग्जाम में आ चुका है कि पीरियडिक टेबल में आवर्त तथा वर्ग किसे कहते हैं? समझना। आवर्त किसे कहते हैं? आवर्त सारणी की क्षैतिज पंक्तियां। क्षैतिज पंक्तियों का मतलब जो ऐसे लेटी हुई जो पंक्तियां हैं ये क्षैतिज पंक्तियां होती हैं। तो आवर्त सारणी की क्षैतिज पंक्तियां आवर्त कहलाती हैं। इसमें कुल सात आवर्त होते हैं। ये मेंडलीफ वाले की बात हो रही है बेटा। किसकी? मेंडलीफ की। ये मेंडलीफ की बात हो रही है। ठीक है? मेंडलीफ की बात हो रही है। तो जो मेंडलीफ की आवर्त सारणी है, ठीक है? आवर्त सारणी है, उसमें सात आवर्त हैं। और जो आधुनिक आवर्त सारणी है, उसमें भी सात आवर्त हैं। मेंडलीफ की आवर्त सारणी में वर्ग कितने हैं? नौ हैं। और आधुनिक आवर्त सारणी में वर्ग कितने हैं? 18 हैं। याद रखना। अब यहां पर मैं लिख देता हूं बेटा समझना। आधुनिक आवर्त सारणी में आधुनिक आवर्त सारणी में सात वर्ग सॉरी सात आवर्त सात आवर्त सात आवर्त व 18 वर्ग हैं। ठीक है? जबकि जबकि मेंडलीफ की आवर्त सारणी में जबकि मेंडलीफ की आवर्त सारणी में सात आवर्त सात आवर्त व नौ वर्ग हैं। इन्हें आप याद रखिएगा। इन दोनों में कंफ्यूज नहीं होना है आपको। इसे अच्छे से याद रखना है आप सभी को। हम आ गया भैया। तो वर्ग को समूह भी कहते हैं। याद रखना वर्ग को समूह भी कहते हैं। फिलहाल आपसे सवाल क्या पूछा गया था कि वर्ग आवर्त तथा वर्ग से आप क्या समझते हैं? तो आवर्त किसे कहते हैं? आवर्त सारणी की क्षैतिज पंक्तियां आवर्त कहलाती हैं और इसमें कुल सात आवर्त होते हैं। वर्ग किसे कहते हैं? सारणी में ऊर्ध्वाधर खाने हैं जिन्हें वर्ग ये नौ हटा दीजिए क्योंकि अब ये तो पूछा नहीं कि मेंडलीफ वाला है कि किसका है? तो आवर्त सारणी में ऊर्ध्वाधर खाने हैं जिन्हें वर्ग कहा जाता है। तो एक बार मुझे आप बताइए कि आवर्त और वर्ग आपको समझ में आया? वर्ग को समूह भी कहा जाता है। मतलब जो पीरियडिक टेबल होती है उसमें जो क्षैतिज पंक्तियां होती हैं उन्हें आवर्त कहते हैं और जो ऊर्ध्वाधर पंक्तियां होती हैं उन्हें हम वर्ग या समूह कहते हैं। बताइए एक बार मुझे बताइए क्या पूरे तरीके से आपको समझ में आ गया? अब अगर आपसे पूछा जाए कि आधुनिक आवर्त सारणी में कितने आवर्त और कितने वर्ग हैं? तो सात आवर्त और 18 वर्ग हैं। जबकि मेंडलीफ की आवर्त सारणी में सात आवर्त व नौ वर्ग हैं। ठीक है? अच्छा कहीं-कहीं पर आपको आठ वर्ग भी मेंडलीफ वाले में दिखेगा लेकिन नौ होते हैं। अगर आप शून्य वर्ग को भी शामिल कर लेते हैं तो नौ होते हैं। ठीक है? चलिए आगे बढ़ेंगे। मेंडलीफ की आवर्त नियम क्या है? देखो एक चीज़ याद रखना। मेंडलीफ और मोजले में एक अंतर है। देखो जो मेंडलीफ हैं मेंडलीफ साहब और मोजले दोनों में मैं आपको बता देता हूं। मेंडलीफ और मोजले इन दोनों की आवर्त सारणी का ज्यादा जिक्र होता है। मेंडलीफ ने क्या किया? तत्वों को तत्वों को उनके परमाणु भार के बढ़ते क्रम में लगाया। बढ़ते क्रम में लगाया। जिससे इनकी आवर्त सारणी फेल हो गई। जिससे इनकी आवर्त सारणी फेल हो गई। मतलब जो मेंडलीफ थे मेंडलीफ अगर आपके एग्जाम में आ जाए कि मेंडलीफ की आवर्त सारणी क्यों फेल हो गई? तो सीधा बताना क्योंकि इन्होंने तत्वों को उनके परमाणु भार के बढ़ते हुए क्रम में लगाया और मोजले का क्यों पास हो गया? ठीक है? मोजले जी का क्या क्यों पास हो गया? समझना। देखिए इन्होंने तत्वों के परमाणु क्रमांक परमाणु क्रमांक के बढ़ते क्रम में लगाया। बढ़ते क्रम में लगाया। लगाया। इसलिए यह पास हो गई। इसलिए यह पास हो गई। और आज की डेट में हम लोग जो आवर्त सारणी पढ़ते हैं, वह आधुनिक आवर्त सारणी यानी मोजले साहब वाली ही पढ़ते हैं हम लोग। ठीक है? बताइए मेंडलीफ और मोजले की आवर्त सारणी में क्या अंतर है? अगर कोई पूछे तो बता ले जाओगे। बताओ अगर कोई आपसे पूछे कि मेंडलीफ और मोजले की आवर्त सारणी में क्या अंतर है? तो आप क्या बताओगे कि भैया मेंडलीफ ने तत्वों को उनके परमाणु भार के बढ़ते क्रम में लगाया जिससे इनकी आवर्त सारणी फेल हो गई। जबकि मोजले ने तत्वों के परमाणु क्रमांक के बढ़ते क्रम में लगाया। इसलिए यह पास हो गई। तो दोनों में अंतर आपको समझ में आ गया। मान लो कोई आपसे पूछ ले कि मेंडलीफ की आवर्त सारणी और मोजले की आवर्त सारणी में क्या अंतर है? बता ले जाओगे। ठीक? आगे मेंडलीफ ने आवर्त नियम क्या बताया? मेंडलीफ के आवर्त नियम के अनुसार तत्वों के भौतिक तथा रासायनिक गुण उनके परमाणु भार के आवर्ती फलन होते हैं। अर्थात आवर्त सारणी में तत्वों को उनके बढ़ते परमाणु भार के क्रम में रखा जाता है तो समान गुणों वाले तत्वों में एक प्रकार की आवृत्ति मिलती है तथा कुछ विशिष्ट गुणों की समय-समय पर पुनरावृति होती है। इसे ही मेंडलीफ का आवर्त नियम कहते हैं। तो अगर मेंडलीफ के आवर्त नियम की बात करेंगे तो परमाणु भार के इर्द-गिर्द ही आंसर आपका घूमेगा। एक बार और पढ़िए। सवाल पूछा जाएगा। मेंडलीफ की आवर्त का नियम क्या है? समझना। तो मेंडलीफ के आवर्त नियम के अनुसार तत्वों के भौतिक तथा रासायनिक गुण उनके परमाणु भार के आवर्ती फलन होते हैं। अर्थात आवर्त सारणी में तत्वों को उनके बढ़ते परमाणु भार के क्रम में रखा जाता है तो समान गुणों वाले तत्वों में एक प्रकार की आवृत्ति मिल जाती है तथा कुछ विशिष्ट गुणों की समय-समय पर पुनरावृति होती है। इसे ही मेंडलीफ का आवर्त नियम कहते हैं। बताइए यहां तक आपको समझ में आ गया? जी एक बार बताइए यहां तक चीजें क्लियर है हम चलिए अच्छा यहीं पर अगर आपसे पूछा जाए एक सवाल आपसे पूछा जाए समझना मेंडलीफ के आवर्त सारणी के गुण मेंडलीफ के आवर्त सारणी के गुण या मेंडलीफ से एक सवाल बिल्कुल पक्का है आएगा आवर्त सारणी के गुण क्या है? आवर्त सारणी के गुण अगर कोई पूछे कि मेंडलीफ के आवर्त सारणी का गुण क्या है? तो आप क्या लिखोगे? सबसे पहला पॉइंट ध्यान रखिए। सबसे पहला पॉइंट आपको क्या लिखना है? मेंडलीफ की आवर्त सारणी मेंडलीफ की आवर्त सारणी मेंडलीफ की आवर्त सारणी सही परमाणु भार सही परमाणु भार ज्ञात करने में सहायक है। ज्ञात करने में सहायक है। पहली बात पहला गुण हो गया। अच्छा गुण के जगह पर अगर आपसे विशेषता भी पूछ ले, महत्व पूछ ले, उपयोगिता पूछ ले तब भी आप लिख सकते हैं। दूसरा आप इनमें गुण क्या लिख सकते हैं बेटा? मेंडलीफ की आवर्त सारणी से मेंडलीफ की आवर्त सारणी से मेंडलीफ के आवर्त सारणी से तत्वों के गुणों का पता लगाया जा सकता है। तत्वों के गुणों का पता लगाया जा सकता है। पता लगाया जा सकता है। ठीक है? यह भी आपका क्लियर हो गया। उसके बाद तीसरा गुण आप लिख सकते हो मेंडलीफ की आवर्त सारणी मेंडलीफ की आवर्त सारणी में तत्वों को व्यवस्थित तरीके से रखा गया। व्यवस्थित तरीके से रखा गया। तरीके से रखा गया। ठीक है? उसके बाद आगे इनकी आवर्त सारणी में इनकी आवर्त सारणी में एक ही समूह के तत्व एक ही समूह के तत्व समान गुण रखते हैं। समान गुण रखते हैं। और आप नीचे लिख सकते हो एक पॉइंट इनकी आवर्त सारणी में इनकी आवर्त सारणी में सात आवर्त व नौ वर्ग हैं। नौ वर्ग है। ठीक है? बस इतनी चीज आप लिख सकते हो। तो बताइए अगर आपके एग्जाम में ये सवाल पूछा जाता है कि मेंडलीफ के आवर्त सारणी के गुण क्या हैं? तो ये मैंने पांच ऐसे गुण लिख दिए हैं। अच्छा अगर इसी गुण के जगह पर बेटा आपसे विशेषताएं पूछ ले तब भी सेम चीज लिख दीजिएगा। अगर आपसे विशेषताएं पूछ लें, अगर आपसे महत्व पूछ लें, अगर आपसे उपयोगिता पूछ ले, कुछ भी पूछ ले एग्जाम में तो आप इनको लिख सकते हो। और मेंडलीफ के जितनी भी चीजें मैं पढ़ा रहा हूं बच्चा सारा पढ़ लेना क्योंकि मेंडलीफ से सवाल आना बिल्कुल पक्का है। मेंडलीफ से सवाल आता है हर बार। ठीक है? तो मेंडलीफ के आवर्त सारणी के गुण क्या है? मेंडलीफ की आवर्त सारणी सही परमाणु भार ज्ञात करने में सहायक है। मेंडलीफ की आवर्त सारणी से तत्वों के गुणों का पता लगाया जा सकता है। मेंडलीफ की आवर्त सारणी में तत्वों को व्यवस्थित तरीके से रखा गया है। इनकी आवर्त सारणी में एक ही समूह के तत्व समान गुण रखते हैं और इनकी आवर्त सारणी में सात आवर्त व नौ वर्ग हैं। अब बताइए कर ले जाओगे आप सभी भाई? जी। चलिए एक बार मुझे बताइए क्या आप सभी को यहां तक चीजें समझ में आ गई? जी जल्दी बताइए क्या यहां तक चीजें आप सभी को समझ में आ गई? मेंडलीफ की आवर्त सारणी के गुण आपको समझ में आ गए? जी हम वाह भाई। ठीक है। तो अगर गुण हम देख लें तो इनका दोष भी देखेंगे हम लोग भाई क्योंकि दोष भी होगा। मेंडलीफ की आवर्त सारणी के दोष क्या है? आइए अगर दोष पूछा जाएगा तो क्या लिखेंगे? तो इनके दोष भी हैं। गुण तो हमने पढ़ लिया। विशेषताएं पढ़ ली, महत्व पढ़ लिया, उपयोगिता पढ़ लिया। दोष क्या है? आइए देखते हैं। मेंडलीफ की आवर्त सारणी में निम्न दोष पाए जाते हैं। हाइड्रोजन को प्रथम वर्ग में क्षार धातुओं के साथ रखा गया। जबकि इनके गुण हैलोजनों से भी मिलते हैं। मतलब जब मेंडलीफ सर ने अपनी अपनी जो आवर्त सारणी उसको बनाया तो इन्होंने हाइड्रोजन को प्रथम वर्ग में लिथियम, सोडियम और पोटेशियम के साथ में रख दिया। जबकि हाइड्रोजन के जो गुण है वो हैलोजन से भी मिलते हैं। इसीलिए इनकी आवर्त सारणी थोड़ा फेल हो गई। दूसरा जो क्षार धातुएं हैं लिथियम, सोडियम, पोटेशियम जो क्षार धातुएं हैं तथा जो मेटल धातु हैं जिन्हें हम सिक्का धातु भी बोलते हैं के गुण काफी अलग-अलग होते हैं। फिर भी उन्हें आवर्त सारणी में प्रथम वर्ग में रख दिया गया। देखो अगर आप ये नहीं भी लिखोगे जो हमने लिखा है लिथियम, सोडियम, पोटेशियम, Cu, एgu ये सब नहीं भी लिखोगे तब भी कोई दिक्कत नहीं। आप खाली इतना लिखना कि क्षार धातु तथा सिक्का धातुओं के गुण काफी अलग-अलग होते हैं। फिर भी उन्हें आवर्त सारणी में प्रथम वर्ग में रखा गया। इसके साथ-साथ और कौन सा दोष है मेंडलीफ की आवर्त सारणी के? देखिए 14 दुर्लभ मृदा तत्वों को आवर्त सारणी में उपयुक्त स्थान नहीं दिया गया। मतलब जो 14 दुर्लभ मृदा तत्व होते हैं उनको आवर्त सारणी में स्थान ही नहीं मिला। उसके साथ-साथ अधिक परमाणु द्रव्यमान वाले तत्वों को कम परमाणु द्रव्यमान वाले तत्वों से पहले भी रख दिया गया। तो यह भी मामला यहां पर इनका गड़बड़ हो गया। तो बताइए क्या आप ये चार दोष लिख सकते हो? क्या लिखना है आपको चार दोष? पहला लिखना है कि हाइड्रोजन को प्रथम वर्ग में क्षार धातुओं के साथ रखा गया। जबकि इसके गुण हैलोजन से भी मिलते हैं। दूसरा क्षार धातु तथा सिक्का धातुओं के गुण काफी अलग-अलग होते हैं। फिर भी उन्हें आवर्त सारणी में प्रथम वर्ग में रखा गया। इसके साथ तीसरा दोष क्या था बेटा? कि 14 दुर्लभ मृदा तत्वों को आवर्त सारणी में उपयुक्त स्थान नहीं दिया गया और अधिक परमाणु द्रव्यमान वाले तत्वों को कम परमाणु द्रव्यमान वाले तत्वों से पहले रखा गया। अब बताइए क्या आपको इतनी बातें समझ में आ गई? अगर समझ में आ गई तो हां या ना में जवाब दीजिए। हम बिल्कुल अभिषेक जी प्रणाम आपको। जब समझ में आ जाए तो हां ना बोल दिया करो नहीं मुंह तोड़ देंगे हैं पढ़ा रहे इनको हां ना बोलने में इनको कष्ट हो रहा है देखो चलो भाई आगे बढ़े ठीक है अच्छा यहां पर एक सवाल ये तीनचार बार पूछा गया कि मेंडलीफ की आवर्त सारणी में संक्रमण तत्व क्या हैं? तो देखना सबसे पहले तो एक पूछा जाएगा कि मेंडलीफ की आवर्त सारणी में टोटल कितने संक्रमण तत्व हैं? तो नौ। मेंडलीफ की आवर्त सारणी में कुल कितने संक्रमण तत्व हैं? नौ संक्रमण तत्व हैं। चौथे, पांचव तथा छठे आवर्त में वर्ग आठ के तत्व संक्रमण तत्व कहलाते हैं। इस प्रकार मेंडलीफ आवर्त सारणी में नौ संक्रमण तत्व हैं। ये आप नहीं भी नौ तत्व का नाम लिखोगे तब भी कोई दिक्कत नहीं है। आपसे पूछा जाएगा मेंडलीफ की आवर्त सारणी में संक्रमण तत्व क्या है? तो आप लिख देना कि चौथे, पांचवें तथा छठे आवर्त में आठवें वर्ग के तत्व संक्रमण तत्व कहलाते हैं। और टोटल नौ संक्रमण तत्व हैं। ये हमारे नौ संक्रमण तत्व हैं। आप इनको याद रखिएगा। जी। आ गया भाई समझ में? जी। आगे बढ़े। ठीक है। तो अगर आपसे पूछे कि भैया एक एक मिनट के लिए पढ़ लो। बस क्लियर हो जाएगा आपका कि चौथे, पांचव तथा छठे आवर्त में वर्ग आठ के तत्व संक्रमण तत्व कहलाते हैं। इस प्रकार मेंडलीफ आवर्त सारणी में नौ संक्रमण तत्व हैं। अब हम बढ़ेंगे अपने अगले पर। पहले बताओ मेंडलीफ के बारे में सब कुछ क्लियर हुआ कि नहीं क्लियर हुआ? चलो कमेंट करके बताओ। जी एक बार मुझे बताओ बेटा। बेटा एग्जाम डेट को लेकर के मैं अभी एक वीडियो बना दूंगा थोड़ी देर के बाद में। आप उसे देख लेना। दो-ती मिनट की वीडियो रहेगी। उसमें जो जो इंफॉर्मेशन मुझे मिली है वो मैं सारी चीज आपको उसमें बता दूंगा। एग्जाम डेट चेंज होगी नहीं होगी। बस थोड़ा इस क्लास का मतलब इस क्लास के बाद में वीडियो अभी मैं आपको एक बना के दूंगा। आप उसे देख लेना। हर एक चीज बिल्कुल सही इंफॉर्मेशन मैं आपको दूंगा। परेशान मत हो। आगे बढ़े। ठीक? आधुनिक आवर्त सारणी क्या है बेटा? अब आते हैं आधुनिक आवर्त सारणी पर। देखो, हेनरी मोसले ने कहीं-कहीं मोसले लिखा है, कहीं-कहीं मोजले लिखा है, तो कंफ्यूज मत होना। हेनरी मोसले ने आवर्त सारणी को परमाणु संख्या के आधार पर व्यवस्थित किया था। इसलिए इसे आधुनिक आवर्त सारणी कहा जाता है। आधुनिक आवर्त सारणी में तत्वों को सात आवर्त और 18 वर्ग समूहों में बांटा गया है। क्षैतिज पंक्तियों को आवर्त और ऊर्ध्वाधर स्तंभों को समूह कहते हैं। तो ये चीजें तो आपको मैंने पहले ही बता दिया है कि आधुनिक आवर्त सारणी में सात आवर्त व 18 वर्ग हैं। आवर्त किसे कहते हैं? क्षैतिज पंक्तियों को आवर्त कहते हैं और ऊर्ध्वाधर पंक्तियों को हम वर्ग कहते हैं। तो आधुनिक आवर्त सारणी से आप क्या समझते हैं? हेनरी मोसले ने आवर्त सारणी को परमाणु संख्या के आधार पर व्यवस्थित किया था। इसलिए इसे आधुनिक आवर्त सारणी कहा जाता है। आधुनिक आवर्त सारणी में तत्वों को सात आवर्त और 18 समूहों में बांटा गया है। क्षैतिज पंक्तियों को आवर्त और ऊर्ध्वाधर स्तंभों को समूह कहते हैं। चलिए बताइए समझ में आ गया बेटा। हां आधुनिक आवर्त सारणी आपको समझ में आ गया बेटा। हेनरी मोसले की आधुनिक आवर्त सारणी क्या है? तो याद रखना कि भैया जो मोसले साहब है इन्होंने अपनी आवर्त सारणी को परमाणु क्रमांक के आधार पर इन्होंने बनाया था और जो है मेंडलीफ साहब ने किसके आधार पर बनाया था परमाणु भार के आधार पर मैंने आपको पहले ही बता दिया है ये चीज समझना यह बात मैंने पहले ही बता दिया है कि मेंडलीफ साहब ने तत्वों को उनके परमाणु भार के बढ़ते क्र क्रम में लगाया जिससे इनकी आवर्त सारणी फेल हो गई मोजले ने इन्होंने तत्वों के परमाणु क्रमांक के बढ़ते क्रम में लगाया। इसलिए यह पास हो गई। तो अगर कोई पूछे कि मेंडलीफ और मोजले की आवर्त सारणी में क्या अंतर है? तो मेंडलीफ ने सारे तत्वों को परमाणु भार के आधार पर रखा। लेकिन जो मोसले साहब थे इन्होंने तत्वों को परमाणु क्रमांक के आधार पर रखा। अब बताइए इतनी बातें समझ में आ गई आप सबको? जी। अब हम आते हैं अपने अगले टॉपिक पर। पहले बताओ यहां तक चीजें समझ में आ गई? आ गया भैया। अब आते हैं हम लोग अपने अगले टॉपिक पर। एक सवाल छोटा सा पूछा जाता है कि स्थिर विद्युत आवेश तथा विद्युत धारा से आप क्या समझते हैं? स्थिर विद्युत आवेश तथा विद्युत धारा से आप क्या समझते हैं? समझना। घर्षण प्रक्रिया के बाद पदार्थ सामान्य की तुलना में कुछ अलग व्यवहार प्रदर्शित करता है और पदार्थ के इस विशेष गुण को विद्युत आवेश नाम दिया गया। अच्छा आपने एक बात देखा होगा जब हम लोग बचपन में पेन लेते थे या पटरी लेते थे और अपने सर में ऐसे घिसते थे और घिसने के बाद हम क्या करते थे? धूल के ऊपर ऐसे रखते थे तो इसमें धूल चिपक जाता था। या फिर कागज के छोटे-छोटे टुकड़े के ऊपर रखते थे। तो इसमें कागज के छोटे-छोटे टुकड़े चिपक जाते थे। इसी को हम लोग विद्युत आवेश कहते हैं। तो अगर आपसे कहा जाए स्थिर विद्युत आवेश किसे कहते हैं? तो घर्षण प्रक्रिया के बाद पदार्थ सामान्य की तुलना में कुछ अलग व्यवहार प्रदर्शित करते हैं और इसी को हम क्या कहते हैं? इसे हम लोग बोलते हैं स्थिर विद्युत आवेश। पहले बताओ यहां तक समझ में आ गया? हां जी। बोलो भैया। ओ मेरे भैया बताओ इतना समझ में आ गया? चलिए इसी में एक आपका लिखा हुआ है विद्युत धारा। अब ये विद्युत धारा किसे कहते हैं बेटा? अगर आपसे पूछा जाए विद्युत धारा तो याद रखना विद्युत आवेश की दर को विद्युत आवेश की दर को दर को विद्युत धारा कहते हैं। विद्युत धारा कहते हैं। बस ये दोनों डेफिनेशन आपकी क्लियर हो गई। सबसे पहले विद्युत आवेश किसे कहते हैं? तो घर्षण प्रक्रिया के बाद पदार्थ सामान्य की तुलना में कुछ अलग व्यवहार प्रदर्शित करते हैं और पदार्थ की इस विशेष गुण को विद्युत आवेश कहते हैं और विद्युत आवेश की दर को विद्युत धारा कहते हैं। पहले बताइए दोनों आपको समझ में आ गया भाई मेरे। हां जी बिल्कुल पहले इतना बताइए आपको दो देखो कुछ बच्चे हैं जो लगातार बातें कमेंट में कोई बात नहीं बेटा बस 10 पांच दिन और बात कर लीजिए उसके बाद फिर आपके मुंह से आवाज ही नहीं निकलेगी आप परेशान काहे हो बेटा पढ़ाई लिखाई नहीं करोगे ना तो दिक्कत हो जाएगी आपको इसलिए हम बोल रहे हैं पढ़ाई लिखाई कर लो एग्जाम में टाइम नहीं बचा और इस टाइम पर जो चीज पढ़ लोगे फिर वही आपके लिए सबसे अच्छा होगा ठीक है बच्चा चलिए तो घर्षण प्रक्रिया के बाद पदार्थ सामान्य की तुलना में कुछ अलग व्यवहार प्रदर्शित करता है और पदार्थ की इस विशेष गुण को विद्युत आवेश दिया गया है और विद्युत आवेश की दर को विद्युत धारा कहा जाता है। विद्युत आवेश का मात्रक क्या होता है? तो विद्युत आवेश का मात्रक जो है कूलम होता है। याद रखना विद्युत आवेश का मात्रक क्या है बेटा? कलाम होता है। आगे बढ़ेंगे। तड़ित चालक। अब यह तड़ित चालक क्या होता है? यह बहुत इंपॉर्टेंट है। एक दो बार आ चुका है आपके एग्जाम में। तड़ित चालक। अच्छा आपने देखा होगा कि आसमान में बिजली चमकती है और वह बिजली गिरती है। आपने देखा ना तड़ित चालक क्या है? अगर आपसे पूछे तड़ित चालक क्या है? तो आपको एक बात पता होगी आसमान में बिजली कड़कती है और वो बिजली गिर जाती है। अच्छा एक बात बताओ पेड़ पर गिर जाती है। कहीं पर तालाब है तालाब में गिर जाती है। किसी के छत पर गिर जाती है। अच्छा यार अगर ऐसी बात है तो बुर्ज खलीफा पे काहे नहीं गिर गई? इतनी बड़ी-बड़ी बिल्डिंग शहर में बनती हैं। उन पर काहे नहीं गिर जाती है? क्या कभी आपने ये सुना कि किसी बड़ी बिल्डिंग पर जो है बिजली गिर गई और वो बिल्डिंग पूरी की पूरी जो है तहस-नहस हो गई। ऐसा कभी नहीं सुना। क्यों नहीं सुना? क्योंकि उन बिल्डिंग में तड़ित चालक लगाया जाता है। क्या होता है? तड़ित चालक। मैं आपको फोटो दिखा रहा हूं। ये है तड़ित चालक। ये देख रहे हो ना तड़ित चालक? और जब आसमान की बिजली आती है जैसे मान लीजिए कि आसमान की बिजली इस बिल्डिंग पर गिरने वाली थी। यहां पे ये बिजली यहां पर गिरने वाली थी। लेकिन यहां पर जब तड़ित चालक लगेगा तो गिरने वाली इधर थी। लेकिन ये तड़ित चालक इस बिजली को खींच लेगा अपनी तरफ। और अपने तरफ खींच लेगा और बिजली इस पर गिरेगी और बिजली जब इस पर गिरेगी तो बिजली ऐसे नीचे जाकर के इसमें जो है घोल बनाया जाता है। अभी सब पढ़ाऊंगा आपको। वो नीचे धरती में जाकर उसको न्यूट्रलाइज कर देती है। यानी कि उस बिजली से गिरने वाला जो नुकसान होता है वो कोई भी नुकसान नहीं होता है। आइए एक-एक करके हम आपको पढ़ाते हैं तड़ित चालक क्या है और काम कैसे करता है। आकाशीय विद्युत को नियंत्रित करने के लिए तड़ित चालक का प्रयोग किया जाता है। इसे लगाने से आकाशीय विद्युत की तरंगे तड़ित चालक की ओर खींची हुई चली आती हैं तथा इसके ऊपरी सिरे से गुजरती हुई धरती में समा जाती हैं। परिणाम स्वरूप किसी प्रकार की क्षति नहीं हो पाती और इसका आविष्कार फ्रकलिन ने किया था। अब बताओ क्या यहां तक चीजें आपको समझ में आ गई? अगर आपसे कोई पूछे तड़ित चालक क्या है? तो आप बता ले जाओगे। तड़ित चालक एक ऐसा यंत्र कह सकते हैं जो आकाशीय बिजली से हमारी घरों और इमारतों की रक्षा करता है। ठीक है? इसे आप लगा दोगे तो यह आकाशीय बिजली को अपनी ओर आकर्षित कर लेगा और अपनी ओर आकर्षित करके उसे नीचे की तरफ धरती में भेज देगा और उससे किसी भी प्रकार की कोई नुकसान नहीं होगा। चलिए अब बताइए समझ में आ गया? आ गया भैया। तो आकाशीय विद्युत को नियंत्रित करने के लिए तड़ित चालक का प्रयोग किया जाता है। इसे लगाने से आकाशीय विद्युत की तरंगे तड़ित चालक की ओर खींची हुई चली आती हैं तथा इसके ऊपरी सिरे से गुजरते हुए धरती में समा जाती हैं। परिणाम स्वरूप किसी प्रकार की क्षति नहीं हो पाती और इसका आविष्कार फ्रैंकलिन ने किया था। बाकी हमने आपको फोटो बता दिया है। यह आपका तरित चालक लगा है। यह आकाशीय बिजली को अपने ऊपर गिरने देता है और नीचे ऐसे चली आती है और पृथ्वी में समा जाती है और कोई नुकसान नहीं होता। अगला सवाल है कलाम का नियम। कलाम का नियम आपके एग्जाम में पूछा गया है कि कलाम का नियम क्या होता है? आइए एक-एक करके देखते हैं। हम देखो इसमें एक सूत्र होता है। पहले हम आपको कलाम के नियम का एक सूत्र बताएंगे। f बराबर पहले मेरी सूत्र समझ लो सारी चीजें समझ में आ जाएगी। यहां पर f बराबर होता है k q1 q2 / r² यानी कि कलाम महोदय ने ये कहा था कि किसी भी दो स्थित मतलब ऐसा कह सकते हैं कि ये देखो f क्या है बेटा? ये बल है। अब ये आकर्षण बल भी हो सकता है, प्रतिकर्षण बल भी होता है। कलाम ने ये कहा कि किन्ही भी दो आवेशों के बीच अच्छा ये दो आवेश है। पहला आवेश दूसरा आवेश। इन दोनों आवेशों का गुणनफल इन दोनों आवेशों का गुणनफल यानी q1 * q2 इन दोनों आवेशों का गुणनफल उस पर लगने वाले आकर्षण और प्रतिकर्षण बल के अनुक्रमानुपाती होती है तथा ये आकर्षण या प्रतिकर्षण बल उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है। तो ये दोनों चीज याद रखो पूरी परिभाषा क्लियर हो गई। सबसे पहले यह तो आपका एक सूत्र है। इसे याद कर लोगे तो बहुत अच्छी बात है क्योंकि यहीं से परिभाषा क्लियर हो जाएगा। देखो कलाम का नियम कहता है कि इस नियम के अनुसार दो स्थिर बिंदु आवेशों के बीच लगने वाला आकर्षण अथवा प्रतिकर्षण बल दोनों आवेशों की मात्राओं के गुणनफल के अनुक्रमानुपाती तथा उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है। अब देखो यहां से सूत्र में क्या बताया कि किन्ही दो आवेशों के बीच लगने वाला आकर्षण या प्रतिकर्षण बल उन दोनों आवेशों के गुणनफल के अनुक्रमानुपाती होता है। अनुक्रमानुपाती समझ में आ गया तथा उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है। अगर कोई वैल्यू बटे में होती है तो उसे व्युत्क्रमानुपाती बोलते हैं। और अगर कोई चीज अंश में लिखा होता है तो उसे हम अनुक्रमानुपाती बोलते हैं। आ गई बात समझ में? पहले बताइए कलाम का नियम समझ में आया? तो पहले आप इसे पढ़ो और इसे देखो। कलाम का नियम आप कभी भूलोगे ही नहीं। क्या बताया था कलाम का नियम में? कि इस नियम के अनुसार दो स्थिर बिंदु आवेशों के बीच लगने वाला आकर्षण अथवा प्रतिकर्षण बल दोनों आवेशों की मात्राओं के गुणनफल के अनुक्रमानुपाती तथा उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है और यह बल उन आवेशों को जोड़ने वाली रेखा के अनुदिश होता है। बताइए अब बताइए क्या आपको कलाम का नियम समझ में आ गया? चलिए जल्दी बताइए। हां जी। चलिए आगे बढ़ेंगे। आवेश का सुचालक तथा कुचालक क्या होता है? सुचालक मतलब जिनसे विद्युत एक सिरे से दूसरे सिरे में आसानी से चला जाए उसे हम सुचालक और जिसमें आसानी से विद्युत एक छोर से दूसरे छोर पर ना जा पाए उसे हम कुचालक कहते हैं। अब आपसे पूछा जाएगा सुचालक तथा कुचालक किसे कहते हैं? यदि किसी धातु में आवेश का प्रवाह बिना अवरोध के होता है तो वह धातु सुचालक होती है। इसी प्रकार यदि किसी धातु में आवेश की प्रवाह में अवरोध उत्पन्न होता है तो वह कुचालक होती है। लगभग सभी धातुएं अम्ल, लवणों के जलीय विलयन तथा मानव शरीर आदि विद्युत के सुचालक पदार्थ के उदाहरण हैं। इसी प्रकार लकड़ी, रबड़, कागज, अभ्रक आदि कुचालक पदार्थ के उदाहरण हैं। तो सुचालक और कुचालक तो एक छोटा टॉपिक है। यह तो आपको समझ में आ ही गया होगा। जी। देखो मैराथन मैंने करा दिया है। आपका एक परफेक्ट रिवीजन हो चुका है। इसी के साथ-साथ आपको विज्ञान के ज्यादा से ज्यादा आपको प्रीवियस ईयर पेपर आपको सॉल्व करना पड़ेगा। आपके ऐप पर बहुत सारे प्रीवियस ईयर पेपर हमने दे दिया है। जो बच्चे पेड बैच लिए हैं उनको बहुत सारे प्रीवियस ईयर मिल जाएंगे। जो फ्री वाले बच्चे हैं उनको भी एक दो तीन प्रीवियस ईयर पेपर आपको मिल सकते हैं। बाकी जो पेड वाले जो बच्चे हैं आप सभी को कल हिंदी की चार प्रीवियस ईयर पेपर की A4 साइज कल हमने आपको दे दिया है। देखा आप लोगों ने कि नहीं देखा ये बताओ पहले। ठीक है? देखो हमने आपको तीन-चार साल का मैंने सॉल्व करा दिया था। जो नहीं सॉल्व हुआ है उसका मैंने A4 साइज दे दिया है। और आज संभवत शांति शिक्षा एवं सतत विकास का भी शाम तक मैं आपको प्रोवाइड करवा दूंगा। ठीक है? मतलब अगर आपने परीक्षावीर पर विश्वास किया है, आपने परीक्षावीर पर ट्रस्ट किया है तो आपका वो ट्रस्ट बिल्कुल भी टूटने नहीं दूंगा मैं आपके। बिल्कुल एक से एक चीजें आपको मैं दूंगा कि आपको मजा आ जाएगा। कोई भी मैराथन आप देखो आप उस मैराथन को पढ़ो। प्लस प्रीवियस ईयर पेपर पूरा पढ़ डालो। और अगर आपके पास समय बचता है तो जो आपने नोट्स बनाया है या आपने नोट्स नहीं बनाया है जो ऐप पर नोट्स उपलब्ध है उन नोट्स को भी एक बार पढ़ लो। ठीक है? क्योंकि मैराथन में हम केवल इंपॉर्टेंट चीजें पढ़ाते हैं। तो कुछ अगर एक्स्ट्रा चीजें आपको पढ़नी है तो उसके लिए नोट्स भी आपको पढ़ना जरूरी है। ठीक है भाई मेरे राम रानी सर आपके हाथ में चोट कैसी लगी? काला धब्बा यह बेटा चोट नहीं लगी थी। वो परसों मेरी तबीयत खराब हुई थी ना परसों शायद। हां तो यहां पे ग्लूकोज वगैरह चढ़ाए थे ना तो बाकी तो सब ठीक था। एक ग्लूकोज गलत चढ़ गया था वहां पे। अरे वो था ना जो बोतल वगैरह चढ़ाते हैं तो उसका वही निशान है ना थोड़ा सा मतलब क्या ही बताएं। बाकी चोट नहीं लगी है। चलिए आगे बढ़े। आगे बढ़े। चलिए अब बढ़ेंगे आगे की तरफ। तो कुचालक और सुचालक समझ में आ गया कि यदि किसी धातु में आवेश का प्रवाह बिना अवरोध के होता है तो वह धातु सुचालक होती है। इसी प्रकार यदि किसी धातु में आवेश के प्रवाह में अवरोध उत्पन्न होता है तो वह धातु कुचालक होती है। लगभग सभी धातुएं अम्ल, लवणों के जलीय विलयन तथा मानव शरीर आ विद्युत के सुचालक के उदाहरण हैं। जबकि लकड़ी, रबर, कागज, अभ्रक ये सब कुचालक के उदाहरण होते हैं। बताइए इतनी बातें समझ में आ गई आप सभी को? बताइए। हां बिल्कुल। आगे विद्युत धारा मैंने आपको अभी-अभी समझा दिया है कि विद्युत आवेश की दर को विद्युत धारा कहते हैं। चलिए आगे पढ़ते हैं। यदि किसी मुक्त इलेक्ट्रॉन पर कोई बल किसी निश्चित दिशा में लगे तो अनियमित गति के साथ-साथ इलेक्ट्रॉन बल की दिशा में थोड़ा-थोड़ा बढ़ता जाता है। अर्थात बल की दिशा में इलेक्ट्रॉन का स्थान जैसे मान लो यह मेरी तार है। समझना सपोज करिए यह तार है। यह क्या है? यह तार है। इसमें होते हैं इलेक्ट्रॉन। क्या होते हैं? इसमें होते हैं इलेक्ट्रॉन। यह मैं E से लिख रहा हूं इलेक्ट्रॉन। अगर मैं इसमें बल लगाऊं। ये मान लीजिए इधर से मैंने बल लगाया। क्या लगाया बेटा? इधर मैंने बल लगाया। तो जब मैं बल लगाऊंगा तो ये इलेक्ट्रॉन में भी बल लगेगा और ये इलेक्ट्रॉन आगे की तरफ बढ़ेंगी। ठीक है? तो हमेशा जब भी किसी भी तार होता है वायर में जो विद्युत धारा थी लोग कहते हैं ना करंट लग गया। तार में करंट आ गया। करंट आ गया। वो करंट कुछ और नहीं होता। जैसे मैंने इस तार को यहां पर बोर्ड में मैंने लगाया और यहां से जैसे इसको बल मिला ये इलेक्ट्रॉन एक दूसरे को पुश करने लगते हैं। एक दूसरे को दबाने लगते हैं और ये इलेक्ट्रॉन इधर की तरफ बढ़ने लगते हैं और जब ये बढ़ने लगते हैं तो हम ये कहते हैं कि इसमें करंट आ गया है। तो यदि किसी मुक्त इलेक्ट्रॉन पर कोई बल किसी निश्चित दिशा में लगे तो अनियमित गति के साथ-साथ इलेक्ट्रॉन बल की दिशा में थोड़ा-थोड़ा बढ़ता जाता है। अर्थात बल की दिशा में इलेक्ट्रॉन का स्थानांतरण होता है। उनके स्थानांतरण से धातु खंड में विद्युत आवेश का स्थानांतरण होता है। जिसे सामान्यता विद्युत का प्रवाह कहते हैं तथा विद्युत आवेश के प्रवाह को विद्युत धारा कहते हैं। बताइए आ गई बात समझ में? चलिए एक बार बताइए यहां तक आपको समझ में आ गया? अरे बिल्कुल आसान आंसर है। आप पढ़ सकते हो। कोई दिक्कत वाली बात नहीं है। चलिए सर मैथ्स की तैयारी कैसे करें? अरे बेटा डिस्क्रिप्शन बॉक्स में मैथ की प्लेलिस्ट मैंने डाल दी है। आप लोग वहां से जाकर के मैथ की डेली दो-दो तीन-तीन क्लास करो। आपकी मैथ अच्छी हो जाएगी। अब भाई देखो यार मैंने पढ़ा दिया। सिलेबस खत्म कर दिया। अब पढ़ना आपको है। वीडियो आपके पास है। आप उनको पढ़िए, अच्छे से समझिए। सारी चीजें समझ में आ जाएंगी आपको। ठीक है? अच्छा अगर आपसे कोई पूछे विद्युत धारा के प्रकार कितने होते हैं? तो विद्युत धारा के दो प्रकार होते हैं। प्रत्यावर्ती धारा और दिष्ट धारा। ठीक है? अच्छा धारा का मात्रक क्या होता है? कोई बच्चा बताएगा? चलिए कोई बताएं विद्युत धारा का मात्रक क्या होता है? विद्युत धारा का मात्रक एंपियर होता है। क्या होता है बेटा? एंपियर होता है विद्युत धारा का मात्रक। अच्छा विद्युत धारा कितने प्रकार के होते हैं बेटा? तो विद्युत धारा आपके दो प्रकार के होते हैं। एक प्रत्यावर्ती धारा और एक दिष्ट धारा। विद्युत धारा के विभिन्न स्रोत कौन-कौन से हैं? मतलब विद्युत धारा हमें कहां से मिल सकती है? तो विद्युत धारा हमें दो तरीके से मिल सकती है। एक है विद्युत सेल और दूसरा है जनित्र जिन्हें हम जनरेटर भी बोलते हैं। क्या बोलते हैं बेटा? जनरेटर भी हम इनको बोलते हैं। जनरेटर। क्या बोलते हैं? इसे हम लोग जनरेटर भी बोलते हैं। तो विद्युत धारा के विभिन्न स्रोत कौन-कौन से हैं बेटा? तो विद्युत धारा के दो स्रोत हैं। एक विद्युत सेल अरे सेल मतलब बैटरी जैसे इन्वर्टर की बैटरी होती है उसे हम बोलते हैं विद्युत सेल और एक होती है जनरेटर। तो विद्युत धारा के दो स्रोत होते हैं। एक विद्युत सेल होता है और एक जनित्र होता है। अब आइए विद्युत सेल के बारे में हम पढ़ते हैं। विद्युत सेल कितने प्रकार के होते हैं? तो विद्युत सेल आपके दो प्रकार के होते हैं। प्राथमिक सेल और द्वितीयक सेल। और यह टॉपिक बेटा मोस्ट इंपॉर्टेंट है। इसे जरूर याद रखना क्योंकि यहां से सवाल तकरीबन हर एक साल पूछा गया है। मोस्ट इंपॉर्टेंट सवाल हां वही वाला जो जनरेटर शादी में चलता है वही वाला है। वही जनरेटर की बात हो रही है यहां पे। हम हम अच्छा आइए मैं बता देता हूं प्रत्यावर्ती धारा और दिष्ट धारा क्या होती है मैं बता देता हूं प्रत्यावर्ती और दिष्ट समझना प्रत्यावर्ती धारा क्या होती है बेटा समझना जो प्रत्यावर्ती धारा है इसमें प्रत्यावर्ती धारा मैं बता दूंगा इसमें धारा का परिमाण इसमें धारा का परिमाण धारा का परिमाण और धारा की दिशा और धारा की दिशा और धारा की दिशा बदलती रहती है। क्या होती है बेटा? बदलती रहती है। बदलती रहती है। इसमें क्या होगा? दिष्ट धारा में इसमें धारा का परिमाण इसमें धारा का परिमाण धारा का परिमाण और दिशा और दिशा दिशा बदलती नहीं है। बदलती नहीं है। यह चीज याद रखिएगा। इसमें बदलती नहीं है। तो प्रत्यावर्ती धारा में बदलती रहती है और इसमें दिष्ट धारा में बदलती नहीं है। सब कुछ मैंने ऐप पे पढ़ा दिया। देखो बेटा एक चीज बता दें आपको मैराथन में इंपॉर्टेंट चीजें रिवीजन करा रहा हूं। अगर आपको किसी टॉपिक में कोई दिक्कत होगी तो आपने बैच ले रखा है। उस टॉपिक की वीडियो देख सकते हो। उस टॉपिक की पूरी पीडीएफ आप देख सकते हो और आपके सारे डाउट क्लियर हो जाएंगे। इसीलिए मैं कह रहा हूं कि मैराथन के साथ-साथ प्रीवियस ईयर पेपर और अगर आपने बैच ले रखा है तो उसकी नोट्स जरूर एक बार पढ़ लेना जिससे कोई चीज ना छूटे। ठीक है? याद रखना इस चीज को। चलिए आगे बढ़े बेटा। तो विद्युत धारा कितने प्रकार के होते हैं? दो प्रकार के। प्रत्यावर्ती धारा और दिष्ट धारा। प्रत्यावर्ती धारा वह धारा होते हैं जिसमें धारा की परिमाण और दिशा बदलती रहती है और दिष्ट धारा वो होते हैं जिसमें परिमाण और दिशा बदलते नहीं है। उसके बाद फिर हमने पढ़ा कि विद्युत के स्रोत कितने हैं? तो विद्युत धारा के दो स्रोत हैं विद्युत सेल और जनित्र। विद्युत सेल कितने प्रकार के होते हैं? तो विद्युत सेल दो प्रकार के होते हैं। प्राथमिक सेल और द्वितीयक सेल। अब यहां से पूछे जाते हैं कि प्राथमिक सेल किसे कहते हैं? द्वितीयक सेल किसे कहते हैं? और इन दोनों से इंपॉर्टेंट इनके उदाहरण हैं। तो उदाहरण तो जरूर याद रखना है आप सभी को। ठीक है? समझना। प्राथमिक सेल क्या है? ऐसे सेल जिनको एक बार ही उपयोग में लाया जा सके और पुनः चार्ज नहीं किया जा सके प्राथमिक सेल कहलाते हैं। मतलब ऐसे सेल जिनको हम दोबारा चार्ज नहीं कर सकते हैं। ऐसे जैसे दुई प्रकार के सेल होते हैं। एक सेल होता है जिन्हें आप चार्ज कर सकते हो। जैसे आपने देखा होगा कि जैसे हमारा क्या होता है सेल जैसे कई सारे सेल हैं जिन्हें आप चार्ज कैसे जैसे आपके फोन में जो बैटरी लगी होती है ठीक है या इन्वर्टर की जो बैटरी होती है गाड़ी की जो बैटरी होती है इन्हें आप चार्ज कर सकते हो तो ऐसे सेल जिन्हें आप चार्ज कर सकते हो उन्हें हम द्वितीयक सेल कहते हैं और ऐसे सेल जो एक बार डिस्चार्ज हो जाए आप उन्हें चार्ज नहीं कर सकते आप फेंक देते हो उसे हम प्राथमिक सेल कहते हैं। तो अगर आपसे कोई पूछे कि प्राथमिक सेल और द्वितीयक सेल किसे कहते हैं? तो ऐसे सेल जिनको एक बार ही उपयोग में लाया जा सके और पुनः चार्ज नहीं किया जा सके उन्हें प्राथमिक सेल कहते हैं। जैसे शुष्क सेल उदाहरण बहुत इंपॉर्टेंट है दोनों के। याद रखना शुष्क सेल, लेक्कलासे सेल, डेनियल सेल तथा वोल्टीय सेल आदि। तो प्राथमिक सेल में कौन आते हैं कि ऐसे सेल जिन्हें चार्ज नहीं किया जा सकता उन्हें प्राथमिक सेल कहते हैं। और प्राथमिक सेल में शुष्क सेल, लेक्कलासे सेल, डेनियल सेल तथा वोल्टीय सेल शामिल है। वहीं पर द्वितीयक सेल में क्या होते हैं? ऐसे सेल ऐसे सेल जिनको बार-बार उपयोग में लाया जा सकता है तथा चार्ज किया जा सकता है उसे द्वितीयक सेल कहते हैं। जैसे सीसा संचायक सेल और क्षारीय संचायक सेल। अब बताइए क्या यहां तक चीजें आपको क्लियर हो गई? क्या आप सभी को प्राथमिक सेल और द्वितीयक सेल दोनों आपको समझ में आ गया? और उदाहरण बेटा मोस्ट इंपॉर्टेंट है। उदाहरण जरूर याद करना। मैं लिख दे रहा हूं। नहीं तो आप लोग भूल जाते हो। उदाहरण जरूर याद रखना। उदाहरण जरूर याद रखना। परिभाषा तो याद करना ही करना है। उदाहरण जरूर याद रखना। तो बताइए प्राथमिक सेल और द्वितीयक सेल दोनों क्लियर हो गया आपका। जी। बहुत बढ़िया। तो प्राथमिक सेल ऐसे सेल जिनको एक ही बार में उपयोग में लाया जा सकता है। जैसे शुष्क सेल, लेक्लासे सेल, डेनियल सेल तथा वोल्टी सेल। द्वितीयक सेल क्या होते हैं? ऐसे सेल जिनको बार-बार उपयोग में लिया जा सकता है तथा चार्ज किया जा सकता है। उसे द्वितीयक सेल कहते हैं। जैसे शीशा संचायक सेल, छारीय संचायक सेल आदि। ठीक है। अच्छा एक क्वेश्चन आया था वोल्टीय सेल का नामांकित चित्र बनाइए। एक क्वेश्चन आया था वोल्टीय सेल का नामांकित चित्र। ये इंपॉर्टेंट है। ये आपके एग्जाम में आया है। वोल्टीय सेल का नामांकित चित्र। वोल्ट सेल का नामांकित चित्र। आपको इसका खाली चित्र बनाना है एग्जाम में। नामांकित चित्र बनाइए। यही दो चीज है जिनके चित्र आपसे पूछे जाते हैं। एक तो वोल्टीयसल और दूसरा कल हमने आपको भट्टी पढ़ाया था। परावर्तनी भट्टी और वात्या भट्टी। तो परावर्तनी भट्टी और वात्या भट्टी का चित्र बनाना सीख लेना और एक पर ये वोल्टी इनका भी चित्र बनाना आप सीख लेना। ठीक है? स्क्रीनशॉट ले लीजिए आप इनका। जी आप इनका स्क्रीनशॉट ले लीजिए। हम ठीक है। हां बेटा यह आता है चित्र यह आया है क्वेश्चन वोल्ट सेल का नामांकित चित्र ठीक है अब आते हैं प्रतिरोध प्रतिरोध किसे कहते हैं प्रतिरोध अच्छा आप देखो तो प्रतिरोध का मतलब होता है अवरोध अवरोध मतलब होता है रोकना प्रतिरोध क्या होता है अगर मान लीजिए किसी भी तार में विद्युत धारा प्रवाह हो रही है और उस विद्युत धारा को जो रोकने का काम करता है उसे हम क्या कहते हैं? प्रतिरोध कहते हैं। तो आपके एग्जाम में पूछा जाएगा प्रतिरोध किसे कहते हैं बेटा? हां जी। अब आप देखिए प्रतिरोध किसे कहते हैं? किसी चालक में प्रवाहित धारा के मार्ग में अवरोध उत्पन्न करने के गुण को प्रतिरोध कहते हैं। जैसे मान लीजिए ये देखना यहां पे विद्युत धारा ऐसे बढ़िया जा रही थी ऐसे बढ़िया। लेकिन यहां पर ये क्या हो गया बेटा? ये प्रतिरोध हो गया। ये बीच में क्या हो गया? ब्रेकर टाइप का दिख रहा है ना? जैसे आप गाड़ी खूब बढ़िया से लेकर जा रहे हो और आगे आपको ब्रेकर मिल जाता है तो आपकी गाड़ी स्लो हो जाती है। तो यही काम प्रतिरोध का होता है कि अगर विद्युत धारा का प्रवाह हो रहा है और उस विद्युत धारा को रोकने का जो काम करता है वो प्रतिरोध करता है। किसी चालक में प्रवाहित धारा के मार्ग में अवरोध उत्पन्न करने के इस गुण को प्रतिरोध कहते हैं। आ गई बात प्रतिरोध। अच्छा यहीं पर आपसे पूछा जाएगा प्रतिरोध का मात्रक। क्या पूछा जाएगा बेटा? यहीं पर आपसे पूछा जाएगा प्रतिरोध का मात्रक। प्रतिरोध का मात्रक क्या होता है बेटा? ओम होता है। क्या होता है? ओम होता है। अच्छा इस प्रतिरोध से सवाल आपके एग्जाम में पूछे जाते हैं। बहुत सारे सवाल पूछे जाते हैं। जी। अच्छा यहीं पर ओम का नियम भी आपसे पूछा जाएगा। ओम का नियम क्या होता है? तो ओम का नियम क्या होता है? कि यदि किसी चालक की भौतिक अवस्थाएं स्थिर रहती हैं तो प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा चालक के सिरों पर लगाए गए विभवांतर के अनुक्रमानुपाती होता है। एक बात याद रखना यहां पर देखिए एक सूत्र ओम ने दिया था V/I = R ये सूत्र आप याद रखिएगा V/I = R या फिर हम ये कह सकते हैं I = V/ R ये भी आप कह सकते हो। यानी कि ओम का नियम ये कहता है कि जो हमारी धारा है I क्या है बेटा? धारा धारा विभवांतर के अनुक्रमानुपाती होती है और धारा प्रतिरोध के व्युत्क्रमानुपाती होती है। ठीक है? ये आप लिख सकते हो। हां। तो V/I बराबर अरे कई सूत्र होते हैं। V = IR भी कहीं लिखा होता है। I = V/ R भी लिखा होता है। तो बहुत सारी चीजें होती हैं। कई प्रकार से सवाल बना सकते हो। तो ओम का नियम आपके एग्जाम में पूछा गया है। तो यदि किसी चालक की भौतिक अवस्थाएं स्थिर रहती हैं तो प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा चालक के सिरों पर लगाए गए विभवांतर के अनुक्रमानुपाती होती हैं। हम हां बेटा टेट का क्लास स्टार्ट है और टेट की क्लास आप लोगों ने अगर बैच नहीं लिया है तो ले लीजिएगा बैच। ठीक है? क्लासेस चल रही है, बढ़िया से चल रही हैं। कुछ चीजें कंप्लीट हो गई हैं। तो उनको भी आप लोग पढ़ सकते हो। हर एक चीज वहां पर मिल जाएगा। नहीं दोनों बैच ले सकते हो तो कम से कम प्राइमरी लेवल का बैच लेकर अपनी तैयारी कर लो। यूपीटेट का बैच ₹299 में है। अपने परीक्षा वीर ऐप पर। सभी बच्चे बैच ले लीजिए। बैच अगर आप नहीं ले सकते हो, कोई समस्या आ रही है तो स्क्रीन पर एक नंबर दिखा होगा। इस नंबर पर आप WhatsApp पर मैसेज कर दीजिए। इतना बढ़िया हम लोगों का सीटेट में रिजल्ट आया है यूपीटेट में उससे भी अच्छा रिजल्ट आएगा इसकी गारंटी है। आप लोग बस पढ़ते चलिए बढ़िया तरीके से। आ गया भैया। चलिए चलिए कुछ बच्चे कह रहे हैं सर फ्री में दे दीजिए। रुपया नहीं बेटा। देखो यार एक तो पहले तो आप शिवम सर के कंटेंट देखो फिर दूसरों के कंटेंट देखो फिर शिवम सर की फीस देखो फिर दूसरों की फीस देखो आपको मेरा बैच फ्री ही लगेगा कि भाई इतने कम पैसे में इतने टीचर्स इतना बढ़िया कैसे पढ़ा रहे हैं वो आपको फ्री ही लगेगा ठीक है लेकिन अब तुम लोगों को खाली हंसी मजाक अब जैसे तुम दुकान पे जाना किस पे जो किताब बेचते हैं उनसे जाना कि हे हमारे पास पैसा नहीं हमको एक किताब फ्री में दे दो हैं तो तुमको वो दौड़ा लेगा तुरंत बनते हैं। समझ रहे हो ना बेटा? तो हर एक चीज जैसे ऐसा नहीं होता कि आप कोई पैसे देते हो तो शिवम सर सीधा उसको अपने पास रखते हैं। इतने सारे टीम काम करती है। सबकी सैलरी देख लो तो कुछ नहीं बचता बचता है। ठीक है? चलो कोई बात नहीं। आगे बढ़ते हैं। ओम का नियम क्या है बेटा? एक बार और देख लीजिए। यदि किसी चालक की भौतिक अवस्थाएं स्थिर रहती हैं तो प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा। ये विद्युत धारा है। प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा चालक के विभवांतर पर सॉरी चालक के सिरों पर लगाए गए विभवांतर के अनुक्रमानुपाती होती है। मतलब जो धारा है वो अनुक्रमानुपाती होती है। किसके? विभवांतर के। बस यही आपको याद रखना है और कुछ नहीं करना है। यही इतना आपको याद रखना है बेटा। ठीक है? हां। क्या है? यदि किसी चालक की भौतिक अवस्थाएं स्थिर रहती हैं तो प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा चालक के सिरों पर लगाए गए विभवांतर के अनुक्रमानपाती होती हैं। बाकी आपको सूत्र जो याद रखना है आप ये सूत्र याद रख सकते हो। V/I = R अगर आपको ओम के नियम का सूत्र अगर आपसे कोई पूछे तो ये सूत्र आप लिख सकते हो V/I = R। अगला सवाल है विद्युत धारा का ऊष्मीय प्रभाव क्या होता है? अब एक सवाल आएगा कि विद्युत धारा का ऊष्मीय प्रभाव क्या है? समझना। जब किसी चालक में विद्युत धारा प्रवाहित होती है तो चालक गर्म हो जाता है। चालक में होने वाले इस प्रभाव को ऊष्मा का प्रभाव कहते हैं। विद्युत धारा के ऊष्मीय प्रभाव का विद्युत बल्ब, प्रेस, पानी गर्म करने की केतली, टोस्टर इत्यादि में करते हैं। अच्छा आपने एक बात देखा होगा जब आप जैसे मान लीजिए आप कहीं पर विद्युत धारा का प्रवाह करते हो तो उससे ऊष्मा भी उत्पन्न होती है। जैसे मान लो बल्ब है। अभी आप देखते हो बल्ब अगर हम थोड़ी देर जला के छोड़ दें तो हम अगर उस बल्ब को छुएंगे तो हाथ मेरा जल जाएगा या पानी गर्म करने वाली जो केतली होती है अब क्या केतली में कोई लकड़ी डाल रहा है नहीं डाल रहा है ना उस केतली में क्या कोई आग लगा रहा है उस केतली में नहीं ना लेकिन हम जैसे ही बोर्ड का प्लग ऑन करते हैं तुरंत वो केतली हमारी गर्म होने लगती है और पानी गर्म हो जाता है। ठीक है? तो ये क्यों होता है? यह हमारा जो प्रेस होता है जिससे हम कपड़े प्रेस करते हैं। स्त्री जिन्हें आप बोलते हो। तो जब आप उसमें पलक लगाते हो तो थोड़ी देर बाद वो स्त्री गर्म हो जाती है। तो इसी को हम ऊष्मीय प्रभाव कहते हैं। जब किसी चालक में विद्युत धारा प्रवाहित होती है तो चालक गर्म हो जाता है और चालक में होने वाले इस प्रभाव को ऊष्मा का प्रभाव कहते हैं। विद्युत धारा के ऊष्मीय प्रभाव का विद्युत बल्ब, प्रेस, पानी गर्म करने की केतली, टोस्टर इत्यादि में हम लोग करते हैं। अब बताइए इतनी बात आपको समझ में आ गई हम बताइए समझ में आ गया तो विद्युत धारा का ऊष्मीय प्रभाव क्या होता है कि जब किसी चालक में विद्युत धारा प्रवाहित होती है तो चालक गर्म हो जाता है और चालक में होने वाले इस प्रभाव को ऊष्मा का प्रभाव कहते हैं। विद्युत धारा के ऊष्मीय प्रभाव का विद्युत बल्ब, प्रेस, पानी गर्म करने की केतली, ट्विस्टोस्टर इत्यादि में करते हैं। अगला आ जाएगा चुंबकीय क्षेत्र किसे कहते हैं? मैग्नेटिक फील्ड किसे कहते हैं? चुंबक के आसपास का क्षेत्र जिसमें चुंबकीय प्रभाव का अनुभव होता है, उसे हम चुंबकीय क्षेत्र कहते हैं। ठीक है? आ गई बात समझ में आपको? तो चुंबक के आसपास का क्षेत्र जिससे चुंबकीय प्रभाव का अनुभव होता है उसे चुंबकीय क्षेत्र कहते हैं। हम सर प्लीज बता दीजिए कब से पूछ रहे हैं। कलाम का नियम और ओम बेटा दोनों बता चुके। अभी इसका मतलब आप वीडियो में पीछे हैं। अभी आप जब आगे आ जाएंगे तो आपको पता लग जाएगा। मैंने कलाम का नियम और दोनों पढ़ा दिया। ओम का नियम। ठीक है? आगे अगला सवाल क्या है? चुंबकीय व अचुंबकीय पदार्थ में अंतर क्या है? ये सवाल बहुत पूछा जाता है। मोस्ट इंपॉर्टेंट है। आपसे पूछा जाएगा चुंबकीय व अचुंबकीय पदार्थ में क्या अंतर है? देखना। चुंबकीय पदार्थों को चुंबक आकर्षित करते हैं। जबकि अचुंबकीय पदार्थों पर चुंबक का कोई असर नहीं होता है। चुंबकीय पदार्थ क्या होते हैं? ऐसे पदार्थ जो चुंबक से चिपक जाते हैं या चुंबक को आकर्षित करते हैं उसे हम चुंबकीय पदार्थ कहते हैं। जैसे लोहा। लोहा क्या करता है? चुंबक को आकर्षित करता है। चुंबक में चिपक जाता है तो वो चुंबकीय पदार्थ होता है। अचुंबकीय पदार्थ क्या होता है? अचुंबकीय पदार्थ वो होता है जो चुंबक के साथ या चुंबक को आकर्षित नहीं करता। जैसे लकड़ी अब आप लकड़ी को चुंबक के पास ले जाओगे तो क्या आकर्षित होगा? नहीं होगा। तो चुंबकीय पदार्थों को चुंबक आकर्षित करता है। जबकि अचुंबकीय पदार्थों पर चुंबक का कोई असर नहीं होता है। चुंबकीय पदार्थों से चुंबक बनाया जा सकता है। जबकि अचुंबकीय पदार्थों को चुंबक नहीं बनाया जा सकता है। चुंबकीय पदार्थों के उदाहरण है लोहा, कोबाल्ट, निकिल और स्टील। जबकि अचुंबकीय पदार्थों के उदाहरण है लकड़ी, प्लास्टिक, रबड़, कागज, कांच, तांबा, एलुमिनियम, पत्थर आदि। पहले बताइए इतना समझ में आ गया? बोलिए। ठीक है। अब बढ़ेंगे आगे की तरफ। अब आते हैं हम लोग रुधिर पर यानी कि ब्लड की तरफ आएंगे। ब्लड ब्लड अब देखिए ब्लड चलिए ब्लड शुरुआत करें उससे पहले एक बात मैं पूछूंगा। कितने बच्चे हैं जिन्होंने कम से कम विज्ञान के चार से पांच साल का पेपर सॉल्व कर लिया है? बताइए। कितने बच्चे हैं जिन्होंने विज्ञान का चार से पांच साल का पेपर सॉल्व कर लिया है। देखो अभी आपकी ये विज्ञान की मैराथन खत्म हो जाएगी। आज आप पूरा दिन कुछ काम मत करिएगा। जितने भी विज्ञान के प्रीवियस ईयर पेपर मैंने बैच पर दे रखे हैं वो सारे प्रीवियस ईयर पेपर का आप पीडीएफ उठा के सब पढ़ लेना। इसीलिए कहता हूं अगर किसी ने बैच नहीं लिया है तो ले लेते या ले लेना चाहिए अभी भी आपको क्योंकि बहुत फायदा होगा। ₹249 खर्च करोगे बहुत फायदा आपको मिलेगा। तो बैच लेना अनिवार्य रहता है इसीलिए क्योंकि आपको फिर इधर-उधर देखना नहीं पड़ेगा कौन सा फ्री वाले में है कौन सा फ्री वाले में नहीं है ₹249 खर्च करो 6 महीने पूरी सुविधा लो जो भी ऐप पर मिलते हैं आपको ठीक है लेकिन नहीं आप लोगों को क्या ही बताएं तो अगर जिसने भी प्रीवियस ईयर पेपर नहीं लगाया है विज्ञान का या जिसने भी किसी भी सब्जेक्ट का प्रीवियस ईयर नहीं लगाया है और जिसकी मैराथन हो गई है आप सभी एक-एक करके सारे प्रीवियस ईयर पेपर पेपर एक दिन में पढ़ सकते हो। पूरा पूरा दिन कुछ मत पढ़ो। एक दिन एक सब्जेक्ट पकड़ो। पूरा पढ़ डालो। पूरा प्रीवियस ईयर पेपर उसका। ठीक है? जैसे हिंदी हिंदी पूरा पढ़ डालो। जैसे शांति शिक्षा, सतत विकास, मैराथन आपने देख लिया। उसके बाद पूरा प्रीवियस ईयर पेपर कर डालो। इस प्रकार से एक-एक दिन एक-एक सब्जेक्ट को देना स्टार्ट कर दीजिए। जी। ठीक है? अब आते हैं रुधिर वर्ग। रुधिर वर्ग की खोज किसने की थी? कार्ल लैंडस्टीनर ने की थी। किसने की थी बेटा? कार्ल लैंडस्टीनर ने। सन 1901 में सबसे पहले की थी। रुधिर वर्ग चार तरह के होते हैं। ए, बी, ए, बी और ओ। ठीक है? चलिए आ गया भैया समझ में? जी। हम चलिए आगे बढ़ेंगे। तो रुधिर वर्ग की खोज किसने की थी? कार्ल लैंड स्टीनर ने 1901 में की थी। और रुधिर वर्ग चार प्रकार के होते हैं। ए, बी, ए, बी और ओ। अच्छा रक्त के कार्य क्या होते हैं? बेटा अगर आपसे कोई पूछे रक्त के कार्य क्या होते हैं? तो रोगों से सुरक्षा करना, शरीर का ताप नियंत्रण करना, शरीर की सफाई, रुधिर का जमना, उत्सर्जी पदार्थ का परिवहन मतलब शरीर की सफाई और रुधिर का जमना दोनों उत्सर्जी पदार्थ का परिवहन करना, कार्बन डाइऑक्साइड का परिवहन करना और ऑक्सीजन का परिवहन करना। अगर आपसे पूछा जाए कि भैया ब्लड के काम क्या है? तो आपको इतनी चीजें आपको वहां पर बताना होगा। बाकी अगर आपसे रुधिर से संबंधित कुछ छोटी-छोटी चीजें अगर आपको जानना हो तो भैया रक्त का पीएच कितना होता है? किसी बच्चे को पता है? रक्त का पीएच कितना होता है? तो 7.4 होता है। ठीक है? बिल्कुल। आगे लिख सकते हो। पुरुषों में 5 से 6 लीटर रक्त होता है। जबकि महिलाओं में जबकि महिलाओं में चार से 5 लीटर रक्त होता है। चार से 5 लीटर रक्त होता है। अच्छा मैंने आप सभी को जब विज्ञान हमने आपको पढ़ाया जब हमने आप सभी को विज्ञान पढ़ाया तो एक बात हमको बताइए हमने आपसे कहा था कि कौन से ऐसे जीव हैं जिनमें हरा खून पाया जाता है? कौन से ऐसे जीव हैं जिनमें नीला खून पाया जाता है? ऐप वाले बच्चे तुरंत आंसर बताएंगे। अगर किसी ने आंसर नहीं बताया इसका। चलो पहले हमको बताइए कौन से ऐसे जीव है जिसमें नीला खून पाया जाता है? बताओ कौन-कौन से ऐसे जीव हैं जिनमें नीला खून पाया जाता है? अगर किसी ने बता दिया तो हम समझ जाएंगे कि आप लोग तेज हो। बहुत बढ़िया। किसी बच्चे ने बता दिया। सोनाली ने बता दिया भाई। ठीक है सोनाली बहुत बढ़िया। दो-दो सोनाली ने बता दिया। अच्छा हरा जो है छिपकली में पाया जाता है। स्किंक प्रजाति की एक छिपकली है। इसका मतलब बच्चों ने अच्छे से पढ़ाई की है। यही चीज तो मुझे चाहिए भाई। यही चीज हमें चाहिए। जी यही चीज हमें चाहिए और जितने बच्चे ऐप पर बैच लिए हैं देखो जितने बच्चे ऐप पर बैच लिए बेटा एक बार मतलब पूरा चाहे पीडीएफ ही पढ़ डालो कोई पूरी क्लास मत देखो कोई पूरी क्लास मत देखो आप बैच लिए हो जैसे साइंस आपने लिया साइंस की मैंने 30 क्लास कराई आप क्लास यको मत देखिए आप उन 30ों क्लास की पीडीएफ जल्दी-जल्दी पढ़ लीजिए अगर कोई चीज मैराथन में छूट गई है तो आपका वहां से कवर हो जाएगा ठीक है? तो नीला खून पाया जाता है मकड़ी में, ऑक्टोपस में और केकड़े में। नीला और हरा खून पाया जाता है। स्किंक प्रजाति की एक छिपकली होती है। उसमें हरा खून पाया जाता है। जी। अब बढ़ेंगे आगे की तरफ। शरीर रुधिर के कार्य आपको समझ में आ गया? कौन-कौन सा है रक्त का कार्य? यह ऑक्सीजन का परिवहन करती है। कार्बन डाइऑक्साइड का परिवहन करता है। उत्सर्जी पदार्थ का परिवहन करता है। शरीर की सफाई करता है। रुधिर को जमाता है। शरीर का ताप नियंत्रण करता है और रोगों से सुरक्षा करता है। हम आगे ये एक सवाल आता है कि रक्त का थक्का कैसे बनता है? यह क्वेश्चन आपके एग्जाम में कई बार पूछा गया है कि रक्त का थक्का कैसे बनता है? देखिए, रक्त का थक्का कैसे बनता है? देखो, अब इसको बनाकर आपको लिखना है। इसमें कुछ पॉइंट्स मैं आपको बता दे रहा हूं। इन्हें आप एग्जाम में बनाकर लिखिएगा। बढ़िया नंबर मिलेगा। देखिए रक्त का जमना एक रासायनिक क्रिया है। यह संपूर्ण क्रिया विभिन्न चरणों में पूरा होती है। शरीर के क्षतिग्रस्त स्थान की रुधिर कोशिकाएं फट जाती हैं और रक्त बहकर वायु के संपर्क में आता है। क्षतिग्रस्त ऊतकों के रक्त की प्लेटलेट्स के विकसित होने से एक तत्व बनता है जिससे प्लाज्मा में उपस्थित फाइब्रिनोजिन नामक निष्क्रिय प्रोटीन फाइब्रिन में बदल जाती है जो रेशे के भांति होती है और अनेक फाइब्रिन के रेशे चोट के स्थान के ऊपर जाल के रूप में जम जाते हैं। इन रेशों में रक्त कणिकाएं उलझ जाती हैं और क्षतिग्रस्त पर लाल थक्का जम जाता है और रक्त का बहना बंद हो जाता है। इसे आप एक बार दो बार आप पढ़िएगा। आपके एग्जाम में आएगा कि रक्त का थक्का बनने की प्रक्रिया। जैसे रक्त का थक्का क्या होता है? अगर आपका कहीं पर हाथ कट गया। आप उस हाथ में जहां पर कट गया वहां पर हम अगर थोड़ी देर दबाए रहते हैं तो वहां पर ब्लड क्लॉट हो जाता है। यानी कि रक्त का थक्का बन जाता है और खून बहना बंद हो जाता है। तो ये प्रक्रिया क्या है? इस प्रक्रिया को आपको पूरा लिखना है। दो नंबर में सवाल पूछा गया है। आप कैसे इसे लिखोगे? समझिए। रक्त का जमना एक रासायनिक क्रिया है। यह संपूर्ण क्रिया विभिन्न चरणों में पूरी होती है। शरीर के क्षतिग्रस्त स्थान की रुधिर कोशिकाएं फट जाती है। जैसे मान लीजिए आपका कोई हाथ कट गया कुछ भी हो गया तो वहां की जो रुधिर कोशिकाएं वो फट जाती हैं और रक्त बहकर वायु के संपर्क में आता है। क्षतिग्रस्त ऊतकों के रक्त की प्लेटलेट्स के विकसित होने से एक तत्व बनता है जिससे प्लाज्मा में उपस्थित फाइब्रिनोजिन नामक निष्क्रिय प्रोटीन फाइब्रिन में बदल जाती है। जो रेशे की भांति होती है। अनेक फाइब्रिन के रेशे चोट के स्थान के ऊपर जाल के रूप में जम जाते हैं। इन रेशों में रक्त कणिकाएं उलझ जाती हैं और क्षतिग्रस्त पर लाल थक्का जम जाता है और रक्त का बहना बंद हो जाता है। अब बताइए क्या इसको आप इसका स्क्रीनशॉट ले लीजिए। ये एक बार में समझ में नहीं आएगा ये आपको। यह आप जब दो-तीन बार आप इसको पढ़ोगे ना तो ये पूरी तरीके से आपको समझ में आ जाएगा कि अगर हमारा हाथ कट जाता है या कोई भी अंग में क्षति हो जाती है तो वहां पर रक्त का थक्का कैसे जमता है। ठीक है बताइए। अच्छा ब्लड की कमी से आप क्या समझते हैं? ब्लड की कमी किसे कहते हैं? देखिए, ब्लड की कमी किसे कहते हैं? किसी कारण शरीर में लाल रक्त कण हीमोग्लोबिन की सामान्य से कम मात्रा होने की स्थिति को रक्त की कमी कहा जाता है। ऐसा नहीं जैसे बहुत सारे लोग कहते हैं अरे भाई इनके शरीर में ब्लड की कमी है। तो ब्लड की कमी का मतलब ये नहीं कि आपके शरीर में ब्लड नहीं है। है ब्लड लेकिन उसमें हीमोग्लोबिन की मात्रा कम है। क्या है? हीमोग्लोबिन की मात्रा कम है। तो किसी कारण शरीर में लाल रक्त कण या हीमोग्लोबिन की सामान्य से कम मात्रा होने की स्थिति को रक्त की कमी कहा जाता है और शरीर में रक्त की कमी होने से एनीमिया हो जाता है। सर जी कल साइंस का नहीं बेटा साइंस करवाएंगे। देखो अब हम लोग एकद दिन लगातार पीवाईक्यू ही करेंगे। अभी मैराथन हम नहीं करेंगे। एक दो दिन हम पीवाईक्यू करेंगे। कल पीवाईक्यू आपकी दो करवाऊंगा। कल हो सकता है एसएसटी की भी पीवाईक्यू अजय सर से बोल के मैं करवाऊं और कल एक पीवाईक्यू जो है हम अपनी भी करवाएंगे किसी एक सब्जेक्ट की। ठीक है? हां हो सकता है साइंस की ही पीवाईक्यू हो। हम ये नहीं कह रहे हैं नहीं होगी। हो सकता है मे बी वही हो जाए। तो अभी जब क्लास अब खत्म होंगी तब डिसाइड करूंगा कल कौन सा हुआ है कौन सा नहीं हुआ है। उनकी पीवाईक्यू हम आपको कराएंगे। बाकी साइंस की बहुत सारी पीवाईक्यू आपको ऐप पर दे दी गई है। उन्हें आप पढ़िए। ठीक है? चलिए अब आते हैं एड्स। एड्स क्या होता है? फैलने के कारण क्या है? और उनसे बचाव क्या है? कितने बच्चे लिख सकते हैं? यार ये सब तो नॉर्मल चीजें हैं यार। एड्स का फुल फॉर्म क्या है? एड्स दिवस कब मनाया जाता है? एड्स फैलने के कारण क्या होते हैं? और एड्स रोकने के उपाय क्या होते हैं? बताइए। कितने बच्चे इसका आंसर लिख सकते हैं? एड्स का फुल फॉर्म एड्स किस दिवस को मनाया जाता है? एड्स दिवस कब मनाया जाता है? एड्स होने के कारण और उससे बचने के उपाय क्या-क्या हैं? आइए बताता हूं। यह आपका रक्त जनित रोग है। यानी खून से संबंधित यह रोग है। रक्त जनित रोग। खून से संबंधित यह रोग है। एड्स जिसका फुल फॉर्म होता है एक्वायर्ड इम्यूनो डेफिशिएंसी सिंड्रोम। एड्स रोग एचआईवी विषाणु के संक्रमण से होता है। एड्स ऐसी बीमारी है जो रोग प्रतिरोधक क्षमता कम कर देती है। इस रोग में व्यक्ति अपने प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता खो देता है। अगर आपसे कोई पूछे एड्स क्या है? एड्स का फुल फॉर्म क्या है? एड्स किस वायरस से फैलता है? तो एड्स का फुल फॉर्म है एक्वायर्ड इम्यूनो डिफिशिएंसी सिंड्रोम। यह एचआईवी वायरस से होता है और इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। यानी इम्यून सिस्टम क्या होता है? कम हो जाता है। आ गई बात आपको समझ में? ठीक है? एड्स दिवस कब मनाया जाता है? कोई बच्चा कमेंट करके बताएगा? एड्स दिवस। चलिए बताइए। एड्स दिवस कब मनाया जाता है? बताओ। एड्स दिवस 1 दिसंबर। बहुत सारे बच्चे बता रहे हैं। सब तेज हो गए हैं। सबको तेज कर दिया गया है भाई। सबको तेज कर दिया गया है। और एड्स किस वायरस से फैलता है? अगर पूछा जाए तो तो एड्स आपका एचआईवी वायरस से फैलता है। एड्स के कारण क्या है? किस कारण से एड्स आपका फैलता है? भाई सबसे पहले संक्रमित व्यक्ति से असुरक्षित यौन संबंध बनाने से सबसे बड़ा कारण ये है। ठीक है? अगर किसी को संक्रमण है यानी किसी भी व्यक्ति को पुरुष या महिला किसी को पहले से एड्स है और उसके साथ आप असुरक्षित यौन संबंध बनाएंगे। ठीक है? सुरक्षा का बिल्कुल भी ध्यान आप नहीं रखेंगे तो एड्स होने की संभावना है। दूसरा एड्स से ग्रस्त रोगी पर किए हुए इंजेक्शन को दूसरे व्यक्ति के शरीर में लगाने से। मतलब अगर हम किसी इंजेक्शन को किसी रोगी में लगा दिए जिसे पहले से ही एड्स था और वही इंजेक्शन ले जाकर दूसरे को लगा दिया तो उसे भी एड्स हो सकता है। तीसरा एड्स संक्रमित खून प्राप्त करने से मतलब हम किसी ने ब्लड डोनेट कर दिया और उसको पहले से ही जो है एड्स था और वही खून हम ले जाकर दूसरे को चढ़ा दिया तो एड्स हो जाएगा। एड्स पीड़ित मां के द्वारा जन्म लेने वाले बच्चे को अगर किसी मां को एड्स है और उसकी संतान पैदा होती है तो उसे भी एड्स हो जाएगा। दाढ़ी बनाते समय, टैटू बनवाते समय और शरीर में कोई छेद करते समय उपयोग में लिए जाने वाले सुई, ब्लेड इत्यादि सामग्री एचआईवी, विषाणु से संक्रमित होने पर मतलब आप टैटू बनवा रहे हो। सबसे ज्यादा खतरनाक टैटू होता है। टैटू बनवा रहे हो, कान में छेद करा रहे हो, नाक में छेद करा रहे हो। ठीक है? या दाढ़ी बना रहे हो। ठीक है? तो उस समय पर अगर उसने ब्लेड या सुई ऐसी इस्तेमाल की जो पहले उसने कहीं ना कहीं एड्स संक्रमित व्यक्ति पर वही चीज इस्तेमाल की थी तो आपको एड्स होने की संभावना हो सकती है। अब पहले आप बताओ क्या इतनी बातें आपको समझ में आ गई? तो अगर एड्स फैलने का कारण पूछा जाएगा तो क्या आप लोग कर ले जाओगे? चलिए हां ठीक है। अगला मैराथन देखते हैं किस चीज का होगा। देखो पांच विषय का मैराथन हो गया है। जिन बच्चों को पांचों विषय का मैराथन पढ़ना है डिस्क्रिप्शन बॉक्स में लिंक है। तुरंत के तुरंत जाकर के उन पांचों को देख लो और पांचों को मत देखा करो। पहले एक मैराथन देख लो। फिर सारे उसका प्रीवियस ईयर पेपर कर लो। फिर एक पूरा मैराथन देखो। फिर उसके सारे पीवाईक्यू करो। ठीक है? और दो-द नंबर वाले जो प्रश्न होते हैं उनको रट्टा नहीं मारना है। उनको पढ़ लो, समझ लो, एग्जाम में अपने तरीके से बढ़िया तरीके से लिख देना। ठीक है? चलिए। अच्छा अब आता है हेपेटाइटिस बी। हेपेटाइटिस बी क्या होता है? समझना। हेपेटाइटिस बी क्या होता है? हेपेटाइटिस बी यह एक विषाणु संक्रामक रोग है जो कि हेपेटाइटिस बी वायरस के कारण फैलता है। हेपेटाइटिस बी से पीड़ित कई मरीजों को लंबे समय तक कोई तकलीफ ना होने के कारण इसका पता भी नहीं चलता। हेपेटाइटिस बी के संक्रमण के कारण प्रत्येक वर्ष लीवर खराब हो जाने के कारण 4000 से 5000 लोगों की मृत्यु हो जाती है। तो हेपेटाइटिस बी जो होता है लीवर संबंधित रोग है। क्या है बेटा? लीवर संबंधित रोग है। लीवर संबंधित रोग है। हम आगे बढ़े। ठीक है। आ गया। हेपेटाइटिस बी क्या है बेटा? तो हेपेटाइटिस बी लीवर संबंधित रोग है। हेपेटाइटिस बी यह एक विषाणु संक्रामक रोग है जो कि हेपेटाइटिस बी वायरस के कारण फैलता है। हेपेटाइटिस बी से पीड़ित कई मरीजों को लंबे समय तक कोई तकलीफ ना होने के कारण इसका पता भी नहीं चलता है। हेपेटाइटिस बी के संक्रमण के कारण प्रत्येक वर्ष लीवर खराब होने के कारण 4000 से 5000 लोगों की मृत्यु हो जाती है। अब बताओ यहां तक चीजें समझ में आ गई? चलिए एनीमिया रोग के लक्षण और उपाय बता दीजिए। कौन है राणा रानी जी? ठीक है मैं बता दे रहा हूं बेटा। देखो कुछ नहीं होता है। एनीमिया में एक तो खून की कमी आपकी हो जाएगी तो आपको कमजोरी लगेगी। थकान हो जाएगा। ठीक है? सांस फूलने लगेगी। सिर दर्द ज्यादा रहेगा। ये चीज ध्यान रखना। अगर एनीमिया किसी को है तो सिर दर्द बहुत ज्यादा होता है खून की कमी में थकान और सिर दर्द ये सबसे ज्यादा आपका रहेगा तो लक्षण में आप लिख देना कमजोरी थकान सिर दर्द ठीक है चक्कर आना ये सब आपका हो जाएगा और वहीं पर अगर पूछा जाए कि भाई मेरे लक्षण ये आपने पूछा था ना तो लक्षण तो मैंने आपको बता दिया बेटा हम आ गया भाई चलिए अगला है प्राथमिक उपचार किसे कहते हैं? बहुतेंट क्वेश्चन है। प्राथमिक उपचार किसे कहते हैं? बेटा प्राथमिक उपचार का मतलब होता है कि अगर कहीं दुर्घटना हो जाती है, किसी को चोट लग जाता है, कोई अचानक से गिर जाता है तो अस्पताल ले जाने से पहले हम जो उपचार करते हैं उसे हम प्राथमिक उपचार कहते हैं। मतलब अगर कोई है जिसको सांप ने काट लिया, कोई है जिसका हाथ कट गया, सर फट गया। ठीक है? कोई एक्सीडेंट हो गया तो अस्पताल ले जाने से पहले जो उपचार करते हैं उसे हम प्राथमिक उपचार कहते हैं। पहले बताओ यहां तक समझ में आ गया? अस्पताल ले जाने से पहले किया जाने वाला उपचार प्राथमिक उपचार कहलाता है। चोट लगने, एक्सीडेंट होने या बीमार होने पर तत्काल राहत देने के लिए जो चिकित्सीय गतिविधि की जाती है, वह प्राथमिक चिकित्सा कहलाती है। जैसे हाथ जलने पर तुरंत ठंडे पानी में डाल देना, बुखार होते ही डॉक्टर के पास ले जाने से पहले बुखार उतारने की गोली मरीज को दे देना इत्यादि प्राथमिक उपचार है। जैसे मान लीजिए किसी का एक्सीडेंट हो गया उसको बहुत सारा खून उसका बह रहा है और हम उस खून को रोकने के लिए उस पर पट्टी बांध देते हैं। ठीक है? या अगर उसका हाथ टूट गया है तो उसके नीचे हमने एक फंटा लगा के उसको बांध दिया। तो मतलब अस्पताल ले जाने से पहले हम जो उपचार करते हैं उसे हम प्राथमिक उपचार कहते हैं। पहले बताइए समझ में आ गया? तो चोट लगने, एक्सीडेंट होने या बीमार होने पर तत्काल राहत देने के लिए जो चिकित्सीय गतिविधि की जाती है, वह प्राथमिक चिकित्सा कहलाती है। जैसे हाथ जलने पर तुरंत ठंडे पानी में डालना, बुखार होते ही डॉक्टर के पास ले जाने से पहले बुखार उतारने की, गोली मरीज को देना इत्यादि प्राथमिक उपचार कहलाता है। अच्छा प्राथमिक उपचार के सिद्धांत क्या है? समझना। प्राथमिक उपचार के सिद्धांत क्या है? सबसे पहले घायल व्यक्ति की हालत बिगड़ने से पूर्व जल्द से जल्द दुर्घटना के बाद प्राथमिक उपचार देना चाहिए। प्राथमिक उपचार का सिद्धांत क्या है? या प्राथमिक उपचार देने की सावधानियां क्या है? तो अगर कहीं पर दुर्घटना हो जाए तो ज्यादा सोचना विचारना नहीं चाहिए। जहां तक हो सके हमें उसको प्राथमिक उपचार देना चाहिए। दूसरा रक्त स्राव को तुरंत ठीक करना। अगर उसका खून ज्यादा बह रहा है तो उसे तुरंत ठीक करना क्योंकि अक्सर रोगी 90% लोगों की मृत्यु इसलिए हो जाती है दुर्घटना पर क्योंकि उनसे ब्लड बहुत ज्यादा निकल जाता है। तीसरा श्वसन और परिसंचण को सही करना। अगर उसे सांस नहीं आ रहा है। ठीक है? रक्त परिसंचण नहीं हो रहा है तो हमें क्या करना होगा भाई? हमें उसमें जो सांस है चाहे माउथ टू माउथ आप सांस लेते हो। कृत्रिम सांस जिन्हें आप बोलते हो। यह काम करना। चौथा व्यक्ति को सदमा लगने से बचाना तथा यदि वह पहले से ही सदमे में हो तो इसका इलाज करना। जैसे बहुत सारे लोगों को सांप ने काट लिया या दुर्घटना हो गया तो वो सदमे में चला जाता है। अरे अब मैं मर जाऊंगा अब क्या होगा? ये होगा वो हो जाएगा। तो आप उसको यह बताओ कि ऐसा कुछ नहीं है। ठीक हो जाओगे। अगर किसी को सांप काट लिया ना तो जैसे दो प्रकार के लोग होते हैं। एक लोग तो ऐसे होते हैं किसी को सांप काट दिया तो वो जाएंगे। अरे कोई बात नहीं यार इतना जहरीला नहीं होता और जहरीला है भी तो अब तो दवाई आती है। इंजेक्शन आती है। ठीक हो जाओगे। मतलब किसी ना किसी तरीके से उसको मोटिवेट करो ताकि वो डरे ना। ठीक है? अच्छा कुछ लोग क्या होते हैं कि अगर डेढ़ा सांप भी काट लिया अरे अब ना बची हैं। पुत्तन के पापा को भी यही सपवा काटे रहा। दुई घंटा मर गए रहा। तो कुछ लोग होंगे जो एकदम घबड़वा देंगे वैसे मर जाएंगे। हार्ट फेल हो जाएगा। ठीक है? कुछ लोग ऐसे होते हैं जो उनको सदमे से उबारने का काम करते हैं कि अगर किसी को चोट लग गई ना बेटा तो उनको बताएंगे कि बेटा ऐसा नहीं भले ही बहुत भयंकर सांप ने काटा हो बचने का चांस ना हो। वो बताएंगे कि नहीं ऐसा कुछ नहीं है। इसकी इंजेक्शन आती है अभी लगाएंगे एक घंटे में घर आ जाओगे। ठीक है? एक लोग जाएंगे यार वो ऐसा ऐसा एग्जांपल देंगे। अरे वही मर गए वही बच गए। वह आज तक नहीं उठ पाए। आज भी वो ऐसे पड़े पड़े चारपाई पर ही पानी पीते हैं। तो ऐसा बता देंगे कि वैसे घबराए मर जाएंगे वो। होता है कि नहीं होता है? जी बेटा एनीमिया को दूर करने का कोई उपाय नहीं है। बस एक उपाय है कि आप आयरन वाली चीजें खाओ। चाहे आयरन की गोली खाओ, आयरन की सिरप पियो। अगर ज्यादा खून कम है तब आप डॉक्टर के पास जाओगे। वह आपको एक ₹3500 वाला इंजेक्शन लगाते हैं। पता है कि नहीं पता है आपको? अगर किसी को एनीमिया यानी कि ब्लड की कमी हो जाती है तो जैसे बहुत जैसे मान लो कि 12 पॉइंट खून होना चाहिए। 12 पॉइंट होना चाहिए। अगर आपका आठ या नौ है, 10 है तब तो आप पालक खा सकते हो, गुड़ चना खा सकते हो। ये सारा काम करके आप लोग आराम से रह सकते हो। लेकिन कभी-कभी क्या होता है कि खून बहुत कम हो जाता है। पांच पॉइंट, छ पॉइंट तो उस कंडीशन में आप डॉक्टर के पास जाओ। डॉक्टर आप लोगों को एक इंजेक्शन देंगे। ठीक है? ₹3500 का इंजेक्शन होता है। हां 3500 वाला उसका नाम है 3500 वाला। अरे कोई कोई 3000 में लगा देता है। कोई 3500 लेता है, कोई 2500 लेता है। वो इंजेक्शन लगाओगे आपका खून बढ़ जाएगा। या फिर आप भी कुछ और उसके बाद मतलब वो इंजेक्शन लगवाने के बाद ये नहीं बढ़ गए। अब हम तो अमर हो गए। नहीं उसके बाद आप खाना खाइएगा तो जल्दी बढ़ जाएगा। अच्छा आगे बढ़े। अरे सब हमको डॉक्टर समझ अरे गुरु जी आपको कैसे पता? अब आता है एक थैलेसीमिया रोग। ये भी आपका एक रुधिर जनित रोग ही होता है। थैलेसीमिया। थैलीसीमिया एक प्रकार का जन्मजात एवं वंशानुगत एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में होने वाला रक्त से संबंधित रोग है। इस रोग से रोगी के शरीर में हीमोग्लोबिन का निर्माण कम होता है तथा खून में विद्यमान आरबीसी का जीवन अवधि घट जाता है जो घटकर 20 दिन तक रहता है। अच्छा आरबीसी का जीवनकाल कितना होता है बेटा? कोई बताएगा? आरबीसी का जीवनकाल कितना होता है? तो आरबीसी का जो जीवनकाल है बेटा वो 120 दिन होता है। 120 दिन। ठीक है? लेकिन थैलीसीमिया में क्या होता है? अच्छा थैलीसीमिया अगर किसी को हो गया तो वो बचेगा नहीं। वो मर जाएगा। इसलिए मर जाएगा क्योंकि उसमें ना खून नहीं बनेगा उतना। भाई जो खून 120 दिन में बनना था वो 20 दिन में बनेगा तो कितना खून शरीर बना लेगी? तो ऐसे लोग मर जाते हैं। मतलब बहुत कम चांसेस होता है बचने का। थैलीसीमिया एक प्रकार का जन्मजात एवं वंशानुगत एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में होने वाली रोग से संबंध रक्त से संबंधित रोग है। इस रोग से रोगी के शरीर में हीमोग्लोबिन का निर्माण कम होता है तथा खून में विद्यमान आरबीसी की जीवन अवधि घट जाती है जो घटकर 20 दिन तक ही रह जाती है। एक सवाल है अस्थि भंग क्या है? अस्थि भंग मतलब हड्डियों का टूटना। जब किसी हड्डी में दरार पड़ जाती है या वह टूट जाती है तो इसे अस्थि भंग कहते हैं। यह एक आम चोट है और सभी उम्र के लोगों को हो सकती है। जी। हम आ गया। ठीक है। अस्थि भंग क्या होता है? समझ में आ गया आपको? कि जब किसी हड्डी में दरार पड़ जाती है या वह टूट जाती है तो इसे अस्थि भंग कहते हैं। यह एक आम चोट है और सभी उम्र के लोगों को हो सकती है। अस्थि भंग निम्न प्रकार की होती है। सरल अस्थिभंग, विषम अस्थिभंग, बहुखंड अस्थिभंग, कच्ची अस्थि भंग और जटिल अस्थि भंग। इतने सारे अस्थि भंग यहां पे हो सकते हैं। पहले बताओ यहां तक चीजें आपको समझ में आ गई बच्चा। ओ मेरे भैया लोग ओ मेरे लड्डू गोपाल लोग बताओ समझ में आ गया जी अच्छा चलिए मुझे दो क्वेश्चन बताइए। प्रतिरोध से मैं दो सवाल पूछूंगा और देखता हूं कितने बच्चे इसका आंसर दे लेते हैं। मान लीजिए ऐसा एक सवाल आया। इसको मैंने कह दिया 1 ओम। यह हमने कह दिया 4 ओम। यह हमने कह दिया 8 ओम। हमने कहा तुल्य प्रतिरोध ज्ञात कीजिए। अच्छा कितने बच्चे ऐप पर इस प्रकार की क्लास मेरी कर चुके हैं। तुल्य प्रतिरोध ज्ञात कीजिए। और किसी भी बच्चे को अगर यह सवाल नहीं आता है या पहली बार आज आप जीवन में देख रहे हो तो ऐप पर एक क्लास है तुल्य प्रतिरोध ज्ञात करना। यहां से सवाल तीनचार बार आपके एग्जाम में आए हैं। तो तुल्य प्रतिरोध ज्ञात करना और मैं देख रहा हूं और मुझे अपार खुशी भी हो रही है कि सभी बच्चे आंसर सही दे रहे हैं। बेटा तुल्य प्रतिरोध में देखो दो प्रकार की चीजें होती हैं। समझना दो प्रकार की चीजें होती हैं। जैसे एक होता है कि अगर एक ही लाइन में है। जैसे एक ही लाइन में है तब क्या कंडीशन होती है? और अगर मान लीजिए इस प्रकार का है। मान लीजिए इस प्रकार का बना हुआ है। इस प्रकार का यहां पर हमने कह दिया दो, यहां पे कह दिया तीन और यहां पे कह दिया चार। और कहा गया कि इसका भी तुल्य प्रतिरोध ज्ञात करें। तो दो प्रकार का सवाल आता है। वैसे मैं इस दो सवाल को करा दे रहा हूं। इसको कर लीजिए, समझ लीजिए। समझने के लिए बहुत है। लेकिन एक बात याद रखना अगर किसी को भी डाउट है, किसी को भी अगर थोड़ी भी परेशानी है तो आपको करना क्या है कि आप जितने भी मेरे प्यारे साथी हैं तुल्य प्रतिरोध वाली क्लास देख लीजिएगा। अगर एक ही लाइन में है जैसे आपने ये देखा ये एक चार ये एक ही लाइन में है ना बेटा तो उस कंडीशन में जो तुल्य प्रतिरोध होगा सभी को जोड़ देना। एक + 4 और + 8 कितना हो जाएगा बेटा? 13 ओम हमारा आंसर हो जाएगा। लेकिन अगर आप देखोगे यह लाइन अलग-अलग भाई यह ऊपर है, यह यह है यह है। तो उस कंडीशन में तुल्य प्रतिरोध होगा 1/r = 1/2 + 1/3 और +1/4 ये हो जाएगा। मतलब अगर एक ही लाइन में है तो आप इनको जोड़ देना सीधा कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन अगर अलग-अलग लाइन में है तो उस कंडीशन में 1/ r = 1/2 1/3 और 1/4 हो जाएगा। अब जोड़ो 2 3 और 4 का एलसीएम 12 होगा। 2 * 6 = 12 3 * 4 = 12 और 4 * 3 = 12 तो 1/ r बराबर हो जाएगा 6 4 10 3 / 12 तो एक बात बताओ अगर 1/ r = 13/1 है तो r बराबर क्या होगा? 12 / 13 ओम हो जाएगा। बस अब बताइए दोनों समझ में आ गया आपको? तो इन्हीं दो तरीके के सवाल आपके एग्जाम में पूछे जाते हैं। या तो आपको सीधा ऐसे लाइन दे दिया जाएगा और या तो इस प्रकार का लाइन दे दिया जाएगा। तो बताइए आप लोग कर ले जाओगे। बोलो भैया ओ मेरे बच्चा लोग भैया बोलो ठीक है बिल्कुल हो जाएगा ठीक हो जाएगा तो बहुत अच्छी बात है भाई हम चलो हो जाएगा तो एक सवाल का आंसर दो आ जाओ एक सवाल का आंसर दो अगर हो जाएगा तो एक सवाल का आंसर दो जैसे मान लो आपको कभी ऐसे दिया जाए सवाल यहां यहां पर ए है। ये दो नंबर में सवाल 2020 में आया था। बीटीसी 2020 में ये दो नंबर का सवाल आया था। यहां पर 1 ओम, यहां पर दो और इससे बड़ा सवाल नहीं आता है आपके एग्जाम में। 3 ओम, यहां पर 4 ओम और यहां पर 5 ओम। चलिए, अब इसका तुल्य प्रतिरोध ज्ञात करें। चलिए, तुल्य प्रतिरोध ज्ञात कीजिए। तुल्य प्रतिरोध ज्ञात कीजिए। लगाइए अब इसको बहुत सिंपल होता है। कुछ नहीं करना है आपको। समझो। अब मेरी बात को समझो। देखते हैं कितने बच्चे कर ले सकते हैं। ऐप वाले कर ले जाएंगे क्योंकि वो बच्चे पढ़ चुके होंगे ना इसको। हां। किसी का आंसर आ गया 90/13 बहुत सारे बच्चों का आंसर आ गया तो पढ़ाया गया है बच्चों ने 249 खर्च किया है तो उसका रिवार्ड उनको बहुत तगड़े से मिला होगा बिल्कुल अब जो बच्चे आज पहली बार देख रहे हैं भाई तो उनको मैं क्या ही कहूं चलिए आगे बढ़े। अरे बेटा देखो एक चीज होता है देखो होता क्या है लोगों की मानसिकता थोड़ी खराब है उनको लगता है कि हम काहे बैच लें जबकि तुम एक बात सोचो यार तुम कॉलेज में एडमिशन ले वहां भी फीस देना पड़ा आप बोर्ड फॉर्म भरते हो वहां भी पैसे देने होते हैं आप जो है कैफे पर जाते हो वहां भी हर जगह देना होता है लेकिन जब यहां पढ़ने के लिए ऐसा हम नहीं कहेंगे सभी लोग हैं 90% बच्चे तो बैच लिए ही हैं वो तो पढ़ ही रहे हैं बहुत बच्चों ने बैच लिया है लेकिन ले लिया करो जैसे कहीं पर आपको कोई सीख दे रहा है समझ मतलब ₹249 खर्च करके अगर आपको नई-नई चीजें सीखने को मिल जाए चलो ठीक है आप मैराथन पढ़ा देंगे आप पास हो जाओगे सब कुछ हो जाएगा प्रीवियस ईयर पढ़ लोगे पास हो जाओगे लेकिन जो नॉलेज आपको दी गई है ऐप पर जो बच्चे डेली पढ़े हैं अच्छे से एक-एक चीज वो नहीं मिलेगा यह सब अनमोल है बेटा इस पे रुपया तो मायने ही नहीं रखता इस पे यह सब अनमोल चीजें हैं लेकिन अब क्या ही बताएं आप लोग चलो कोई बात नहीं आगे बढ़िए। अब देखते हैं यहां पर एक चीज देखो। अब इसमें क्या करेंगे? कुछ नहीं। सबसे पहले हम इस वाले को करेंगे जो मैंने अभी बताया है। यानी इसे हम r ड कर देंगे। तो 1/ R' = 1/2 1/3 और 1/4 अभी केवल इसको करेंगे। इन सबको अभी ध्यान नहीं देंगे। अब आप देखिए इनको हम सॉल्व करेंगे तो 12 2 * 6 = 12 3 * 4 12 4 * 3 = 12 ये हमारा हो जाएगा 13 / 12 इसका मतलब r ड बराबर हो जाएगा 12 / 13 क्योंकि भाई 1 / r' = 13 / 12 अब ये पूरी लाइन अब ऐसे बन जाएगी देखो अब कैसे बन जाएगी ऐसे अब यह ऐसा बन जाएगा। यहां पर 1 ओम, बीच वाला 13/1 और यहां पर 5 ओम। अब ये सीधा लाइन बन जाएगा। बस कुछ नहीं करना। पहले अगर कभी भी आपको ऐसा मिलेगा तो ये पूरा आप इस तरीके से सॉल्व करना और बाद में तीनों को जोड़ देना। बस आंसर आ जाएगा। तो r बराबर क्या हो जाएगा बेटा? 1 + 13 / 12 और + 5 और 1 6 + 13 / 12 12 * 6 = 72 और 13 कितना हो जाएगा? अच्छा एक सेकंड कुछ गलत हुआ है क्या बेटा? 12 / 13 था 13 / 12 हम बिल्कुल ठीक है। तो 6 + 13 / 12 हो जाएगा। अच्छा 12/3 होगा ना भाई 1/r ड = 13/1 तो 12/3 अच्छा 13/1 तो 12/3 हां सॉरी सॉरी सॉरी सॉरी यहां पर सही था ना 1 / r ड बराबर था जब 12 / 13 लिखा सही यहां गलत लिख दिया कोई बात नहीं यहां पे 12 / 13 होगा ना बेटा तो 5 और 1 6 + 12 / 13 * 6 = 78 13 * 6 = 78 70 और 12 90/3 ओम आंसर आ जाएगा। अब यही सवाल आपके एग्जाम में 2020 में आया था। एक सवाल मुझे और करके बताइए आप लोग। एक सवाल ज्यादा नहीं बस एक सवाल। एक सवाल मुझे आप करके दीजिए। चलिए इसका तुल्य प्रतिरोध बताएं। तुल्य प्रतिरोध होमवर्क है। कमेंट में आंसर दीजिएगा। कमेंट में आंसर दीजिएगा। अब बताइए क्या आपको आज की क्लास पूरी तरीके से समझ में आ गई बेटा? क्या बढ़िया तरीके से चीजें आपको समझ में आ गई? बोलिए हां कि ना? जी मेरे भैया। चलिए इसको थोड़ा और बढ़िया बना दे। चलो थोड़ा और बढ़िया बना दें। बढ़िया क्या? ठीक है। चलो इसका आंसर मुझे बताइए। तुल्य प्रतिरोध क्या होगा? और बताइए क्लास कैसी लगी आप सभी को बेटा? और एक चीज बता दें जिन बच्चों को बैच लेना है वो अभी भी बैच ले सकते हैं। ठीक है? मात्र आपको ₹249 में बैच मिल जाएगी। जहां पर आपको सारे सब्जेक्ट्स की क्लासेस, उनकी पीडीएफ, सारे पीवाईक्यू, सारे मैराथन के पीडीएफ, हर एक चीज, नोट्स, हर एक चीज आपको 249 में मिल जाएगा। तो आप लोग जाकर के आप पढ़ सकते हैं। बाकी बताइए आपको क्लास कैसी लगी? क्या आपको क्लास बढ़िया लगी कि नहीं लगी? बताओ। हां हां बिल्कुल करवा देंगे बेटा। 2025 का करवा देंगे। अब कल और परसों दो दिन हम लोग केवल प्रीवियस ईयर पेपर करेंगे। ठीक है? उसके बाद जो होगा देखा जाएगा। अच्छा नहीं चल रही। रुकिए मैं बताता हूं। एक सेकंड। चलिए थैंक यू। मिलते हैं आपको अगली क्लास में। बाकी वीडियो लाइक कर दीजिए, शेयर कर दीजिए। लाइक तो करते नहीं। लाइक करने कह दो ना तो जैसे लगता है इनकी किडनी मान ली हो। लाइक कर दिया करो सभी बच्चे। ठीक है? चलिए थैंक यू सो मच। मिलते हैं कल पीवाईक्यू में। लेकिन हां जिन बच्चों का सेकंड सेमेस्टर मैथ में बैक है या आपका बैक नहीं भी है आप पढ़ना चाहते हो तो ये आज शाम को 8:00 बजे आप सभी परीक्षा YouTube चैनल पर मिलिएगा जहां पर आज आपको सेकंड सेमेस्टर मैथ की बहुत जबरदस्त क्लास चलाई जाएगी। आप लोग आइए चैप्टर वाइज रिवीजन में भाग लीजिए। थैंक यू सो मच। जय हिंद।

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