तो ये पूरी प्रकृति जो है वो ईश्वर ही है। जो भी हम देख रहे हैं। ये झरने झरझर झरझर झरते हुए वेद सुनाते हैं। ये झरने वेद सुनाते हैं। ये पंछी जो चहचाते हैं मंत्र ही तो गाते हैं। और नदी की धारा में लोरी है। नदी के पास में बैठ के हैं तो ऐसे नींद सी आने लगती है। नदी की धारा में मां की लोरी है और सांझ ढलती हुई गायों की घंटियों में संध्या की मानो आरती हो रही है। सूखे पत्ते पर चलते हैं तो लगता है छमम छमम करते हुए महादेवी स्वयं मंदिर में पाजेब बजाती है। सूखे पत्तों पर चलते हैं छमम छमम और साए साएं करते हुए संध्या की हवा मानो मां गंगा की आरती गाती है। बूंद की टप-टप शिव के शीश पर मानो मध्यम सी धीमी सी कोई ताल हो और रात को झिंगुरों के गीत मानो शांति मंत्र का पाठ वाला हाल हो। बरखा से आती हुई बौछार। यज्ञ के मंत्रों का ही तो है आह्वान। फड़फड़ उड़ते पंछी जो करे ईश्वर का तालियों की गड़गड़ाहट से सम्मान। फरमान सुनाती है बिजली स्वयं तेज है ईश्वर का। और कृष्ण रंग के पंख से ओम का नाद है भ्रमर का। यह कोयल अपने कंठों से बोलती नहीं है। कान्हा की मुरली बजाती है और यह संपूर्ण प्रकृति उस परम चैतन्य की आरती ही तो गाती है और यह समस्त प्रकृति परमात्मा का प्रकट रूप ही तो है और मनुष्य इस प्रकृति का सर्वोत्तम विकसित रूप यथा पिंडेय तथा ब्रह्मांडे आप में और मुझ में सब में स्वयं परमात्मा प्रतिरूप ही तो है। [प्रशंसा] स्वामी जी को भी सुना ये भी कवि है अच्छा बहुत गीत लिखे हैं स्वामी तो एक एक मेरे जीवन का सफलता वगैरह भी एक कविता लिखी है उसमें टाइम लगेगा दो मिनट सुना दूं दो मिनट आपके पास समय होना चाहिए देखो मेरे को तो आनंद आ रहा है संतों का सानिध्य मिलना दो मिनट मेरी सफलता किसको कहेंगे? आपको मैं खुशियों की कहानी सुनाऊं? आइए आपको भी साथ ले जाऊं। आइए ना चलता हूं। आपको भी साथ ले चलता हूं। जिंदगी कब कहेगी कि आज मैं सच में सफलता हूं। सब कुछ मेरा हो जाए। मेरा अपना प्राइवेट स्पेस, प्राइवेट लाइफ, कोई मेरी चीजें इस्तेमाल नहीं करे। सिर्फ मैं रहूं और कोई कुछ ना कहे। जो चाहूं करूं, कहूं कोई टोकने वाला नहीं होना चाहिए। सो कॉल्ड कोई भी भौकने वाला नहीं होना चाहिए। यह नहीं है सफलता। ये तो अकेलापन आइसोलेशन है। बीमारी का कारण है। अपने आसपास हमें कुछ प्यारे से लोग चाहिए। जो कमजोरियों में हाथ थाम ले हमारे और कहे डोंट वरी मूव ऑन सब सही हो जाएगा। दोस्त हम आपके साथ हैं। आप तो मुस्कुराइए। और अपनी खुशियों को हम जिनके साथ खुल के जी सके और खुशियों में वह जले नहीं हमसे उस मोमेंट में उस क्षण में हमसे ज्यादा वह हमसे उत्साह में जी सके ऐसे लोगों के साथ मैं अपने जीवन के हर क्षण को खास खास लम्हे के रूप में बिताऊं फिर तब कहूंगा खुशियों की कहानी सुनाऊं आइए आपको भी साथ ले जाऊं मेरा मन अपने लोगों में रसा बसा हो हर क्षण वो मुझ में और मैं उनमें जीने को मरने की बात मत करो मर तो अपने आप जाएगा शरीर मरता है आत्मा तो मरती नहीं मेरा मन हर समय अपने लोगों में आसपास आनंद पूर्वक क्षण आनंद पूर्वक स्नेह पूर्वक हर क्षण जीने को मचलता हूं जिंदगी तब कहेगी आज मैं सच में सफलता हूं शहर छोड़कर किसी दूर पहाड़ी पर जा ठहरे और कभी अतरंगे अजीब तरीके के कपड़े कभी ऐसे कभी वैसे कपड़े पहने किसी मानसून की बरखा में नहाएं किसी गहरे सागर में डूब कर आए कभी ऊंट कभी घोड़े कभी जिराफ की सवारी कर लें कभी सफेद घनी बर्फ पर बैठकर हल्की हल्की बर्फबारी कर लें। यह नहीं है सफलता। यदा कदा मन बहलाने के लिए ठीक है। आसपास के लोगों के साथ अंतर संघर्ष हुआ है और मन छिल गए तो कुछ समय के लिए घाव सहलाने के लिए ठीक है। टॉक्सिक पीपल और टॉक्सिक एनवायरमेंट से कुछ समय के लिए किनारा चाहिए। पर ये जो बता रहे हैं ना पहाड़, समुद्र, रेगिस्तान ये सबसे टफेस्ट लाइफस्टाइल है। घूमने के लिए। ठीक है। रहने के लिए पूछो। उनका हाल जो रहते हैं। मैं रेगिस्तान से हूं। यदा कदा अनुभव के लिए अच्छा है। पर सदा सदा के लिए तो हमें इंसानों का सहारा चाहिए। जिनके साथ हम बच्चों की तरह बिना किसी जजमेंट के बिना किसी डर के खुल के ठहाके लगा सके। जिनके साथ बिना किसी बड़े तगड़े तामझाम के भी वो बचपन के दिन में याद करो ना पकड़ा पकड़ी छुपम छुपाई लो लक्कड़ चैन चक्कर जैसे नन्हे नन्हे खेल खेलकर भी आनंद पा सके। जिनके बीच हमें अपनत्व का साया महसूस होता हो और थाम ले कसकर जब कोई भी हमारे बीच में थोड़ा सा कमजोर पड़ा या थोड़ा सा भी रोता हो आपके चेहरे पर भी मुस्कान आ जाएगी। आपके बचपन की ऐसी कोई तस्वीर या कोई निशानी बताऊं? आपको खुशियों की कहानी सुनाऊं? आइए तो आपको भी साथ ले चलता हूं। निस्वार्थ, निसंकोच, निरंतर आनंद की सांसों की सरगम में जब पलता हूं, जिंदगी तब कहेगी कि आज मैं सच में सफलता हूं। लास्ट पैराग्राफ कम ऑन गाइस। नो गाइस, नो सन, कुत्ता, घर में एक डॉगी हो, बड़ा सा एलईडी स्क्रीन, एक पर्सनल रूम, एक बेडरूम, एक ड्राइंग रूम, एक गेस्ट रूम, एक मॉर्निंग टाइम के लिए ग्रैंड बालकनी, एक बड़ा सा बंगलो, कुछ महंगे कपड़े, बड़े महंगे हार, एक पर्सनल स्विमिंग पूल हो और वेदर ऑलवेज कांस्टेंट बैंगलोर, हैदराबाद टाइप थोड़ा सा वार्म, थोड़ा सा कूल हो। यह नहीं है। यह नहीं है सफलता के पायदान। हां, खूबसूरत स्पेस होना चाहिए। बड़े से हवेली वाला केस होना चाहिए। घर में 50ों लोग हो और यह भुखमरी की तरह दाल रोटी क्यों खानी है? खाने के लिए हमारे पास ऐशो आराम भी हो लेकिन दिखाने के लिए नहीं। आनंद पूर्वक स्नेह पूर्वक मिलकर जीने के लिए सभी भोग हो। चारों तरफ हंसी खुशी और उत्सव की बेला हो और इतना बड़ा टोला आनंद में झूमे ना कभी झमेला हो। कैसे? जैसे संध्या को हजारों चिड़ियाओं के समूह को आपने आसपास में अटकेलियां करते देखा होगा। एक्सीडेंट थोड़ी होता है। और 50 बच्चे एक साथ मिल जाए तो उनको मस्ती में आपस में एक दूसरे को नए-नए दोस्त बनकर तुरंत पहेलियां करते देखा होगा। मैंने देखा है मेरा बड़ा परिवार है। छोटा परिवार सुखी परिवार नहीं होता है। ये गरीबी है। छोटा परिवार सुखी परिवार और वसुदेव कुटुंब ये तो धाराएं अलग-अलग है। बड़ा परिवार भी सुखी परिवार अगर प्रेम हो परिवार में आनंद हो। मैंने देखा है अपने परिवार में छोटों की अपनी मंडली, नौजवानों की अपनी, महिलाओं की अपनी टोली और सबके अपने वैरायटी अलग-अलग है। उनमें से कुछ शार्प माइंडेड तो कुछ कूल तो कुछ शांत तो कुछ भोली। पर कोई किसी को नीचा नहीं दिखाए। हाथ बढ़ाए जैसे ही कोई हल्का सा ही फिसल जाए। अरे भाभी आप छोटी-छोटी बातों को क्यों कहते हो उसे? आपको पता है ना वो बात का बुरा मान जाती है। मत कहा करो। परिवार साथ में लेकर चलना है। और उसे जाकर बताएं ये क्या भाभी है। उसका मान सम्मान करने से छोटे थोड़ी हो जाएंगे। साथ में मिलकर के चलते हैं। छुट छुटपुट के अंदर किनारे अंगुलियां जबली होती है तो हाय बाय करने के काम आती है। मिलती है तो प्रहार करने के काम आती है। ऐसे मत किया करो। ऐसे मिलकर के समझाए कोई किसी को नीचा नहीं दिखाए। हाथ बढ़ाए जैसे कोई हल्का सा फिसल जाए। आगे पड़े पूरा कारवा संग में रंगे सभी आनंद के रंग में बंधे सभी विश्वास की डोर में और अकड़ सभी की खुली भोर में। मान मर्यादा के बंधन भी मिलते हो और आनंद के सरोबार सभी के दिल भी खिलते हो। उत्साह हो सभी में। छोटा बड़ा बड़ा सभी में ये क्या मरी मरी सी जिंदगी जी रहे हो ये क्या मरी मरी सी जिंदगी जी रहे हो आओ आपको जीवन की जवानी दिखाऊं आओ आपको खुशियों की कहानी सुनाऊं आपको भी साथ ले जाऊं जीवन झूमझूम कर लहरा लहरा कर गाए जीवनम सुंदरम सुंदरम जीवनम उत्तमम शो सोभनम दिव्यम जीवनम लाइफ इज़ ब्यूटीफुल एव्री मिनट इज़ कनवर्टेड इनू ब्यूटीफुल मोमेंट एव्री पार्ट ऑफ़ दिस ग्रेट यूनिवर्स इज़ ब्यूटीफुल ईशा वत्सम इदम सर्वम यत्तकिम जगतम जगत लाइफ खुद कहे मैं प्रॉफिट वेंडेटा सोनाटा मारगेट ऑपरेटा हूं प्रोफिटाटा का मतलब है क्रिएटिव ट्विस्ट के साथ वेंडेटा का मतलब स्ट्रांग डिटरमिनेशन के साथ एक मिशन के साथ सोनाटा का मतलब हारमोनियस जर्नी सक्सेसफुल में मारगेट का मतलब अचीविंग सक्सेस मिलकर के ऑपरेटा का मतलब ग्रैंड परफॉर्मेंस पूरी जिंदगी सुख और समृद्धि पूर्वक जीवन खुद कहे अरे इतने सुंदर और इतने प्यारे और इतने सरल और सुखद जीवन को जीने को तो देखकर मैं खुद मचलता हूं जिंदगी तब कहेगी आज मैं सच में सफलता हूं [प्रशंसा]
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