Lecture:4 How Multithreading actually works working of thread by an HFT Developer

Karan IITgn1,083 words

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वेलकम तू दिस लेक्चर सीरीज पार्टिकुलर वीडियो सी आर गोइंग तू टॉक अबाउट हो तू थ्रेड्स एग्जीक्यूट प्रोग्राम तो दो थ्रेड किस तरह से एक प्रोग्राम को एग्जीक्यूट करती है किस तरह से वो इंटरेक्ट करती है प्रोग्राम के साथ तो लेट से जब मेरा कोई भी प्रोग्राम स्टार्ट होता है एग्जीक्यूट होना उसमें क्या होता है की एक में थ्रेड होती है जिसको मैं थ्रेड टी बोल रहा हूं या फिर हम इसको प्रक्रिया भी बोल सकते हैं प्रक्रिया में प्रक्रिया उसे में प्रक्रिया से ही सब प्रक्रिया क्रिएट एंड किसी भी प्रोग्राम में इंडिपेंडेंट रिटायरमेंट की कितनी थ्रेड होंगी वह फिक्स नहीं होता है कितनी क्रिएट कर सकते हैं रनटाइम पर तो लेट से अभी क्या हो रहा है की मेरा जो फंक्शन है मैं असम कर रहा हूं की वो थ्रेड टी वैन एग्जीक्यूट करेगी एंड फंक्शन कर रहा है उसको थ्रेड टी तू एग्जीक्यूट करेगी तो हो क्या रहा है की जो में थ्रेड टी वह यह लाइन एग्जीक्यूट करती है यह लाइन एग्जीक्यूट करती है यह लाइन एग्जीक्यूट करती है एंड दें थर्ड टी1 फंक्शन वैन को एग्जीक्यूट करना स्टार्ट करती है सीपीयू को कंप्लीट करते हैं लेट्स से ये rahaming डेट सी आर हेविंग अन सिंगल सीपीयू और थ्रेड टी तू को सीपीयू असाइन हो जाता है तो अभी क्या करेगी फंक्शन वैन को एग्जीक्यूट करना स्टार्ट करेंगे फंक्शन तू को और जो सीपीयू है जो पहले t1 के पास था अभी T2 के पास चला गया अभी t1 के पास सीपीयू नहीं है तो फंक्शन वैन को एग्जीक्यूटिव ही नहीं कर सकती यानी इसने यहां तक फंक्शन वैन को एग्जीक्यूट किया था एंड दें सीपीयू टीटू के पास चला गया अभी T2 क्या है फंक्शन तू को एग्जीक्यूट करेगी यानी T2 ने यह वाली लाइन एग्जीक्यूट कारी यह लाइन एग्जीक्यूट कारी ये लाइन एग्जीक्यूट कारी एंड दें फिर से ये वाली लाइन पे कॉन्टैक्ट स्विच हो गया कॉन्टैक्ट जैसे ही हुआ तो अभी क्या हुआ की सीपीयू t1 को असाइन हो गया यानी अभी t1 जहां से इसने पहले जहां पर उसने लास्ट वाली लाइन एग्जीक्यूट कारी थी वहां से फिर से एग्जिबिशन स्टार्ट होगा यानी इस लाइन को एग्जीक्यूट करेगी इस लाइन को एग्जीक्यूट करेगी लेट्स से वैन मोर कॉन्टैक्ट स्विच होता है इस पॉइंट पर सीपीयू मिल जाता है 32 ने जो सीपीयू इसको असाइन था वह फ्री कर दिया यानी अभी थ्रेड टेबल के पास सीपीयू ए गया यानी अभी जितना भी लाइन का कोड बचा हुआ था फंक्शन वैन में एग्जीक्यूट होने के लिए उसको एग्जीक्यूट कर दिया और यह सारा जो प्रक्रिया हो रहा था फंक्शन वैन एग्जीक्यूट हो रहा था t1 पे एंड फंक्शन तू एग्जीक्यूट हो रहा था T2 पे बट हमारी जो में थ्रेड थी टी वो क्या थी यहां पे वेट कर रही थी की फंक्शन वैन और फंक्शन तू का जो एग्जीक्यूशन है वो थ्रेड टी वैन और टी तू कंप्लीट कर ले तो होगा क्या की अभी जैसे ही t1 ने अपना एग्जिबिशन कंप्लीट कर लिया तो अभी ये दोनों जो थ्रेड है t1 और T2 यह में थ्रेड में जाकर मिल जाएंगे यानी इनका जो जो भी आउटपुट आया है फंक्शन वैन से एंड फंक्शन तू से वो T2 को मिल जाएगा यानी थ्रेड टी यानी में थ्रेड उसको एक्सेस कर सकती है अभी फिर से थ्रेड टी जो में प्रक्रिया है मेरा वो फिर से कोड को एग्जीक्यूट करना स्टार्ट कर देगा तो अभी यहां पर हम कुछ चीज देखने वाले हैं की जब भी कॉन्टैक्ट स्विच होता है तो कॉन्टैक्ट्स विच यानी की सीपीयू जब थर्ड t1 से T2 को असाइन हो रहा था तो उसमें काफी सारी प्रक्रिया होती हैं मतलब एक फिक्स प्रक्रिया होता है की यह सारे रिसोर्सेस इसको दिए जाएंगे ये सारे रिसोर्सेस को दिए जाएंगे तो एक फिक्स टाइम होता है जो की कॉन्टैक्ट होता है यानी जितने ज्यादा कॉन्टैक्ट्स स्विच होंगे हमारा जो प्रोग्राम है उसका एग्जीक्यूशन टाइम उतना ही ज्यादा हो जाएगा किसी भी पॉइंट इन टाइम पर हो सकता है इसको हम लोग डिसाइड नहीं कर सकते हैं तो जिसको भी कंप्लीट करते टाइम पर प्रायोरिटी मिल जाती है उसको सीपीयू असाइन हो जाता है तो किसी भी टाइम पर सीपीयू किसी भी थ्रेड को मिल सकता है अगर प्रायोरिटी ज्यादा है यानी की अगर थ्रेड टी वैन हाई प्रायोरिटी थ्रेड है तो सी न्यू t1 को मिल कॉन्टैक्ट कारी एंड उसके बाद अचानक से कॉन्टैक्ट ए गया तो प्रोग्रामर इसको डिसाइड नहीं कर सकता की कौन सी थ्रेड को सीबीओ और साइन होगा एंड कौन सी थ्रेड को को असाइन नहीं होगा प्रोग्रामर डिसाइड कर सकता है केवल उसे केस में जिसमें कोई भी एक प्रक्रिया और थ्रेड आ हाई प्रायोरिटी थ्रेड बना दी जाए फॉर एग्जांपल लेट्स से t1 जो थी वो कुछ ऐसा टास्क परफॉर्म कर रही थी की जो बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट था तो उसे केस में क्या होगा की t1 हमेशा हाई प्रायोरिटी थ्रेड रहेगी और सीपीयू हमेशा पहले t1 को असाइन होगा एंड दें टी तू का साइन होगा तो प्रायोरिटी के बेसिस पे टी वैन को सीपीयू असाइन किया जा सकता है बट अगर थ्रेड t1 और T2 से प्रायोरिटी थ्रेड है यानी की दोनों में से दोनों की जो प्रायोरिटी है वो से है है तो किसी भी टाइम पर कॉन्टैक्ट हो सकता है एंड सीपीयू किसी भी थ्रेड को असाइन हो सकता है एंड सेकंड थिंग इसे जो में थ्रेड है टी वो हमेशा t1 और T2 के एजुकेशन का वेट करना चाहिए यानी इनका जब तक एजुकेशन कंप्लीट नहीं हो जाएगा तब तक में थ्रेड टी को में थ्रेड को वेट करना चाहिए अगर वेट नहीं होगा तो क्या होगा लेट्स इट एवं एग्जीक्यूट हो रही है t1 इस रनिंग [संगीत] एंड टी तू इसे अलसो रनिंग तो होगा क्या की टेबल कहीं तो रन हो रही थी टीटू कहीं तो रन हो रही थी अभी जो में थ्रेड है उसने बेटी नहीं किया एंड वह जो रिटर्न कंडीशन है उसे पर ए गई वह टर्मिनेट हो बट थ्रेड वही सी विल कॉल t1 एंड टीटू की पैरेंट थी यानी की टी जो थी में थ्रेड होने का वेट कर रही थी बट किसी भी रीजन से वह वेट नहीं हो पाया और जो में थ्रेड है वो टर्मिनेट हो गई बट t1 एंड टी तू स्टील सिस्टम में एलॉय रह गए तो इनको बोलते हैं ऑर्फन थ्रेड किस तरह से हम c++ का उसे करके किस तरह से ये वेट करते हैं किस तरह से थर्ड एग्जीक्यूट करते हैं वो सारी चीज हम जो कोड इंप्लीमेंट कर रहे होंगे उसे टाइम पर देखेंगे

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