The Salary Trap - The System Keeps You Broke ? Story Summary

SeeKen4,161 words

Full Transcript

अलार्म बजने के 7 मिनट पहले ही अभिषेक की आंख खुल चुकी थी और खुलेगी क्यों नहीं? पिछले कई सालों से वह सेम मॉर्निंग और सेम रूटीन फॉलो कर रहा था। कई बार की तरह आज भी उसका उठके जॉब पे जाने का मन नहीं था बट उसकी बॉडी कर चुकी थी हैबिट की वजह से। बट उसके अंदर कुछ तो ऐसी चीज थी जिसने अभी तक नहीं किया था। पेपर पे देखो तो उसकी लाइफ बहुत अच्छी थी। उसने अपनी जिंदगी में इतने पैसे कमा लिए थे जितना उसके गरीब मां-बाप ने कभी सोचा तक नहीं होगा। शायद उसके पूरे खानदान में किसी ने इतने पैसे नहीं कमाए थे जितना अभिषेक ने कमा लिए थे। उसका खुद का घर था, कार थी, ऐसी लाइफस्टाइल थी जिसके वो खुद भी सपने देखता था। बट पता नहीं क्यों उसकी कंडीशन अच्छी होने के बाद भी खराब ही थी। कहीं ना कहीं वो एक ऐसे ट्रैप में फंस चुका था जो उसे जकड़े जा रहा था और उसे अंदर से खाली महसूस करा रहा था। कई बार वो अपनी सैलरी से नई फोन, ब्रांडेड कपड़े खरीदता। बट ये जो अनहैप्पीनेस और एक स्ट्रेस था उसके अंदर वो थोड़े टाइम गायब होने के बाद वापस आ जाता। ऊपर ऊपर से सबको वो राजा जैसा लगता था। लेकिन कहीं ना कहीं अंदर से उसके अंदर एक स्लेव जैसी फीलिंग आती थी। जो बस मेहनत किए जा रहा है पैसे कमाने के लिए बट सेटिस्फाइड नहीं है। उसे पता था कि वो बहुत ज्यादा कैपेबल है बहुत सी चीज अचीव करने के लिए। बट वो कर नहीं पा रहा था। वो स्टक था। हे दोस्तों अगर आप यह वीडियो देख रहे हो तो बहुत ज्यादा चांस है कि इन दो में से किसी एक प्रॉब्लम के आप शिकार हो। पहला या तो आप सैलरी ट्रैप में फंसे हो या फिर दूसरा आप कंफर्ट ज़ोन में फंसे हो जो आपको आपके ट्रू पोटेंशियल तक पहुंचने नहीं दे रहा है। लेकिन फिकर मत करिए। आज के इस वीडियो के थ्रू आप इस कंफर्ट ज़ोन को तोड़ के इस सैलरी ट्रैप को तोड़ के कैसे अपने ट्रू पोटेंशियल तक पहुंच सकते हो यह सीखने वाले हो। एक बहुत ही पावरफुल स्टोरी और तीन इंपॉर्टेंट बुक के लेसंस के थ्रू जो आपको मैं आगे बताऊंगा। और वीडियो को एंड तक देखोगे तो आपको एक बहुत इंटरेस्टिंग चीज पता चलने वाली है जो मैं बहुत लिमिटेड टाइम के लिए आप लोगों के लिए पर्सनली करने वाला हूं। जहां हम मिलके कंफर्ट ज़ोन से लड़ेंगे। इसलिए वीडियो को एंड तक जरूर देखना। नाउ लेट्स स्टार्ट विद द स्टोरी। नाउ अभिषेक बचपन से ही एक आलसी इंसान नहीं था। हार्ड वर्किंग था। अपने घर में उसने काफी तकलीफें देखी थी। इसीलिए उसका सपना था पढ़ लिख के कुछ बड़ा करना और पढ़ाई के लिए उसने लोन भी लिया था। उसने लोन लिया, पढ़ाई करी, अच्छे मार्क्स लाए और इस वजह से उसे अच्छी जॉब भी मिल गई। धीरे-धीरे ही उसकी इनकम भी बहुत बढ़ने लग गई। पैसे आ रहे थे बट प्रॉब्लम यह थी कि पैसे टिक नहीं रहे थे। उसने जो घर खरीदा था उसका लोन, ईएमआई और अलग-अलग जगह पैसे खर्च हो जाते थे। और इसी चीज की एक रूटीन बन चुकी थी। वो अपने काम में भी अच्छा था। इनफैक्ट इतना अच्छा था कि अब उसको अपना काम भी बोरिंग लगने लग गया था। वही सेम रूटीन, वही सेम लाइफ। बट फिर एक दिन उसने एक वीडियो देखा। वीडियो के अंदर जो इंसान था उसे लोग डॉक्टर बुक बोल रहे थे। उस डॉक्टर बुक ने एक ऐसी लाइन बोली जो सुनते ही अभिषेक का इंटरेस्ट पीक पे चले गया। लाइन यह थी कि यू आर जस्ट वन बैड मंथ अवे फ्रॉम अ फाइनेंसियल डिजास्टर। उस वीडियो में डॉक्टर बुक बता रहे थे कि कैसे 90% से ज्यादा लोग अगर सिर्फ एक महीने कुछ बुरा हो जाता है उनके साथ। अगर वो काम नहीं कर पाए, उनकी सैलरी ना आए तो उनकी पूरी जिंदगी तहस-नहस हो सकती है। यह सुनने के बाद अभिषेक ने वो वीडियो को पॉज किया और वो सोचने लग गया कि हां यार सच में मेरे साथ भी यही चीज चल रही है। फिर उसने उस वीडियो को और देखा। उस वीडियो में अभिषेक को एक बहुत इंटरेस्टिंग लाइन लगी। द फाइव लेयर ऑफ कंफर्ट ट्रैप कि लोग है ना पांच लेयर के कंफर्ट ट्रैप में फंसे होते हैं। मैक्सिमम लोग जिसे निकलना जरूरी है। उस ट्रैप के बारे में फ्रेगमेंटेशन, गोल्डन हैंड कफ, द गैप। यह सारी चीजें उसे इंटरेस्टिंग लग रही थी। थोड़ी बहुत समझ में आई बट पूरी नहीं समझ में आ रही थी। उसे नहीं समझ में आ रहा था कि यह उसकी लाइफ से कैसे रिलेटेड है और उसे वह कैसे सीख के यह प्रॉब्लम्स को खत्म कर सकता है। इसीलिए उस वीडियो के नीचे एक लिंक थी जिससे डॉक्टर बुक से कंसल्टेशन ली जा सकती थी वो उसने बुक कर डाली बिना ज्यादा सोचे। 2 दिन बाद उसका कंसल्टेशन कॉल था जिसके लिए वो बहुत एक्साइटेड था। 2 दिन बाद वो कंसल्टेशन कॉल पे गया। वहां डॉक्टर बुक ने उससे कई सारे सवाल किए। सवाल जवाब में पता चला कि अभिषेक ₹2 लाख महीने कमाता है और उसने अपनी पूरी लाइफ स्टाइल के बारे में बताया। जिसके बाद डॉक्टर बुक ने वह फाइव लेयर ऑफ कंफर्ट ट्रैप को एक्सप्लेन करना स्टार्ट किया। जिसमें से पहला लेयर है योर इनकम इज नॉट इक्वल टू वेल्थ। डॉक्टर बुक ने बताया कि कैसे कई लोग पैसे बहुत कमा लेते हैं बट वो लोग रिच नहीं होते। वो लोग कई बार एक मिडिलमैन की तरह बनके रह जाते हैं। मतलब जैसे 2 लाख अभिषेक कमाता है बट उसके 1.7 लाख ऑलरेडी कमिटेड होते हैं रेंट, ईएमआई और बाकी सारी चीजों में। पैसे आने से पहले ही डिसाइड होते हैं कि वह कहां चले जाएंगे। और यही है पहला लेयर ट्रैप का। जहां पर लोग कई बार पैसे कमाते तो हैं बट उससे वो लोग रिच नहीं बन पाते। अभिषेक ने बोला कि हां मैं सच में मिडिल मैन बन के रह गया हूं। पैसे तो बहुत कमा रहा हूं बट पता नहीं वो कहां गायब हो जाते हैं। यहीं पे आया लेसन नंबर टू लेयर नंबर टू ऑफ ट्रैप जो था फ्रेगमेंटेशन ट्रैप। बेसिकली डॉक्टर बुक ने बताया कि पैसे गायब नहीं होते हैं बल्कि वो लीक हो जाते हैं। लीक कैसे? कभी रेंट में, कभी ईएमआई में। वो फालतू सारे खर्चों में जो एक हैबिट बन चुकी है और हर महीने होती ही होती है। जैसे बाहर हमेशा खाना। और यह इनकम जो बड़ी आती है, इतने टुकड़ों में टूट जाती है और टुकड़ों में जाते रहती है कि कई बार लोगों को रियलाइजेशन भी नहीं होता है। और यह क्यों होता है? यहीं पे आता है लेयर नंबर थ्री जो है लाइफस्टाइल इनफ्लेशन। डॉक्टर बुक ने बताया कि अभिषेक के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था। वो एक हमंबल बिगिनिंग करके उसने आया था। बट जैसे-जैसे उसने पैसे कमाना चालू किए ऑब्वियसली उसके दिमाग में आया कि यार और अच्छी कार ले लेते हैं और अच्छा घर ले लेते हैं जो उसने किया भी। बट जैसे-जैसे उसने अपनी लाइफस्टाइल को इंक्रीस किया उसके खर्चे भी बढ़ने लग गए। और यहीं से उसकी इनकम फ्रेगमेंट्स में टूटना चालू हो गई। घर का रेंट, कार की ईएमआई यह सारी चीजों में और यह लेयर बहुत इंपॉर्टेंट है। मैक्सिमम लोग यहीं पर फंसते हैं। जहां कई बार वह पैसे बहुत कमाते हैं। लेकिन क्योंकि वो उसी पैसों के साथ-साथ अपनी लाइफस्टाइल को भी अपग्रेड करते रहते हैं। उनको ऐसा लगता है कि वो अमीर हो रहे हैं, प्रोग्रेस कर रहे हैं। बट एक्चुअली में वो सिर्फ एक ट्रैप में फंसते जा रहे हैं। जो उन्हें लेके आता है लेयर फोर पे वो है गोल्डन हैंडकफ। यह सारी गोल्डन चीजें कार, घर, अच्छे-अच्छे कपड़े यह दिखने में चमकते हैं सोने की तरह। बट यह एक्चुअल में एक गोल्डन हैंडकफ जैसे होते हैं। बेड़ियों जैसे, हैंडकफ जैसे जो लोगों के हाथ बांध देते हैं। उनकी फ्रीडम को बांध देते हैं और उन्हें जो चाहिए वह करने नहीं देते। इसके ऊपर डॉक्टर बुक ने अभिषेक से पूछा कि क्या कल अगर तुम चाहो तो भी अपना जॉब छोड़ सकते हो? अभिषेक ने सैड मुंह के साथ कहा कि नहीं। तब उन्होंने कहा यही है गोल्डन हैंडकफ का लेयर। तुमने अपनी लाइफ स्टाइल ऐसी बना ली है कि अब तुम उसी के जंजीरों में बन चुके हो। अब तुम इसलिए काम नहीं कर रहे हो क्योंकि तुम्हें काम करना है बल्कि तुम इसलिए काम कर रहे हो क्योंकि तुम काम बंद कर देना अफोर्ड नहीं कर सकते हो और यह लेयर तक तुम कैसे पहुंचे अभिषेक तब डॉक्टर बुक ने बताया फिफ्थ लेयर जो है द गैप आपके पास जिंदगी में कितनी फ्रीडम होगी यह डिपेंड करता है उस गैप में दो चीजों के गैप में गैप बिटवीन द अमाउंट यू अर्न एंड द अमाउंट यू स्पेंड जितना ज्यादा ये गैप छोटा होगा जैसे तुम्हारे केस में 2 लाख कमा रहे हो और 1.7 लै खर्च हो जा रहे हैं मतलब सिर्फ 30 हजार बच रहा है मतलब ये गैप बहुत छोटा है और ये गैप छोटा है। इसीलिए तुम्हारी जंजीरें कसती जा रही है। बट जैसे-जैसे तुम यह गैप को बढ़ाओगे, तुम्हारी जंजीरें लूज होना स्टार्ट हो जाएगी। नाउ यही वो कांसेप्ट था जो अभिषेक को सबसे अच्छा लगा था। इसी चीज पे सबसे ज्यादा एक्साइटेड होकर अभिषेक ने पूछा भी कि इस गैप को ही मैं कैसे बढ़ा सकता हूं। बिकॉज़ पूरा सिस्टम ही ऐसा डिजाइन है। हम लोग रहते ही ऐसे सोसाइटी में हैं जो इस गैप को कम कर रहा है। मैं ना चाह के भी चीजें खरीदता हूं। बहुत सारी चीजें करने लग जाता हूं जो मुझे नहीं करनी है। यह पूरा सिस्टम ही मुझे गरीब बनाना चाहता है। डॉक्टर बुक ने कहा कि हां इन अ वे तुम सही हो। बट इन अ वे तुम गलत भी हो। डॉक्टर बुक ने अभिषेक से पूछा क्या तुम्हें कहानियां पसंद है? अभिषेक ने कहा, हां थोड़ी बहुत। तब उन्होंने एक कहानी बताई। कहानी है एक समझदार ताकतवर भेड़िए की वूल्फ की। यह जो भेड़िया था वो जंगल में बहुत मशहूर था क्योंकि वो बहुत स्ट्रांग था। वो मुश्किल से मुश्किल हिरन का शिकार करता था। हर दिन वो जाता और शिकार करके भरपेट खाना खाता। सभी जानवर उससे डरते थे। बट फिर कुछ टाइम बाद वो इस साइकिल से बोर होने लग गया। उसे मजा नहीं आता था इतना। और कहीं ना कहीं वो थक चुका था। उसे लग रहा था कि यार बस बहुत हो गया। अब मुझे ऐसा शिकार नहीं करना है। बस किसी तरीके से आसानी से खाना मिल जाए तो बेटर है। और जैसे ऊपर वाले ने उसकी दुआ कबूल करी। कुछ टाइम बाद जब वह जंगल में घूम रहा था तो दूर कहीं उसने एक रोशनी जलती हुई देखी। जब वो वहां गया तो उसने देखा कि वहां पे कुछ नो मैड्स आए हुए हैं। जो खानाबदोश लोग होते हैं ना वो उस जंगल आए थे। उनका पूरा एक ट्राइब घूम रहा था जो इस जंगल में आकर सेटल हुआ था और उन लोगों ने बहुत सारे जानवरों को मारा था और उसका गोश्त रख लिया था। अब यह वुल्फ जब वहां पे गया तो उसने देखा कि बहुत सारा खाना पड़ा हुआ है। देखते ही उसकी आंखों में एक चमक सी आ गई। वो फौरन वहां पर गया और उसने खूब सारा गोश्त खा लिया और वह बहुत खुश हुआ क्योंकि आज उसे बिना हंटिंग के खाना मिल गया [गला साफ़ करने की आवाज़] और वह खाना खा के चुपचाप वहां से निकल गया। दूसरे दिन वो फिर आया फिर उसको खाना मिल गया। ऐसे ही कुछ दिन वो बिना हंटिंग के खाना खाते रहा। उसे लग रहा था कि यह तो बहुत अच्छा हो रहा है। बट एक चीज उसने रियलाइज नहीं करी क्योंकि उसने अब हंटिंग करना बंद कर दी थी। अब उसके मसल्स जो थे वो वीक होना स्टार्ट हो गए थे। उसकी जो शार्पनेस थी हंटिंग की वो धीरे-धीरे डिक्लाइन हो रही थी और उसे पता भी नहीं चल रहा था। ऐसे ही कुछ हफ्ते बीत गए। उस नो मैड लोगों को पता चला खाना गायब हो रहा है तो उन्होंने उसको छुपा के रखना भी चालू किया। तब उस भेड़िए ने कचरे से बचा कुचा गोश्त खाना स्टार्ट कर दिया और ऐसे ही धीरे-धीरे उसकी जो बॉडी पहले बहुत स्ट्रांग थी वो धीरे-धीरे वीक होने लग गई और इतने आराम आराम से वीक हो रही थी कि उसे रियलाइज भी नहीं हुआ। कुछ हफ्ते बाद अचानक जब वो एक दिन वापस से वहां खाना खाने गया तो उसने देखा कि वो जो लोग थे उस जगह से शिफ्ट हो के चले गए हैं। उसने बहुत ढूंढा बट वो लोग उसे नहीं मिले। बट उसे भूख बहुत तेज लगी थी। वो वापस से शिकार करने के लिए निकला क्योंकि उसके पास चॉइस नहीं लेकिन जब वह शिकार करने गया तो उसने नोटिस किया कि उसका बदन वैसे काम ही नहीं कर रहा है जैसे पहले करता था। वह डियर के पीछे भागा बट डियर ऐसे स्पीड में भाग के निकल गया कि उसके हाथ ही नहीं आया और वो बहुत जल्दी थक भी गया। इतना थक गया कि जब उसने फिर वापस से कोशिश करी तब भी कुछ हाथ नहीं आया। वो इतना थक हार गया था। फिर वापस से उसने ऊपर वाले से जैसे दुआ की कि मुझे आज बचा लो कैसे भी। तभी समझो कुछ तो करिश्मा हुआ। उसे चलते-चलते एक मरा हुआ खरगोश मिल गया। वो खरगोश मरा हुआ था जो पहले यह भेड़िया कभी नहीं खाता। बट अभी क्योंकि उसे इतनी भूख लगी थी इसलिए उसने खा लिया और यह खाते ही उसे आईडिया आया कि क्यों ना अब वो छोटे शिकार करना ही स्टार्ट करें और फिर उसने करा भी यही। उसने धीरे-धीरे अब डियर के पीछे जाने के बजाय खरगोश का शिकार करना चालू किया। स्टार्टिंग में उसमें भी चैलेंजेस आए बट वो धीरे-धीरे करने लग गया। धीरे-धीरे उनका शिकार करते-करते उसके मसल्स वापस से स्ट्रांग होने लग गए। उसकी जो हंटर इंस्टिंक्ट थी वो वापस से स्ट्रांग होने लग गई। देखते ही देखते अब वो वापस से बड़े-बड़े जानवरों को भगाने लग गया। और अब वो फिर से डियर को हंट करने लग गया और उस टाइम उसने कसम खाई। अब वह वापस कभी भी आराम से खाने के पीछे नहीं जाएगा। नाउ इससे पहले कि स्टोरी में हम आगे बढ़े। देखो कई सारे लोगों को लगता है कि सिस्टम ऐसा बना हुआ है जिसकी वजह से हम आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं जो कि एक तरीके से सच भी है। लेकिन सिस्टम से ज्यादा जो चीज हमारी प्रॉब्लम है वो है हमारा कंफर्ट ज़ोन। हमारा कंफर्ट ज़ोन हमें आगे बढ़ने नहीं देता है। जो आपको कहानी में और अच्छे से आगे क्लेरिटी से पता चलेगा। और कंफर्ट ज़ोन से लड़ने के लिए मैं आपको तीन बुक्स जरूर रिकमेंड करना चाहूंगा। पहली बुक है डू द वर्क जो आपको बताती है कि कैसे जब भी हम कोई अच्छा काम करने जाते हैं तो रेजिस्टेंस बीच में आता है। स्पेशली कोई भी काम के स्टार्ट में, मिडिल में या फिर एंड में। और इन तीनों से ही कैसे लड़ सकते हैं। इसलिए यह बुक आप जरूर पढ़ना। दूसरी बुक मैं आपको रेकमेंड करूंगा फाइव सेकंड रूल जो अगेन आपको कंफर्ट ज़ोन से बाहर निकलने में एक बहुत अच्छा प्रैक्टिकल तरीका बताएगा। और तीसरी बुक है कंपाउंड इफेक्ट जो आपको बताती है कि कैसे छोटे-छोटे चॉइससेस ही जब हम लेना चालू करते हैं अगर वह गलत होते हैं तो वो एक ट्रैप बन जाते हैं बट अगर वो सही होते हैं तो वो आपको आपके ट्रू पोटेंशियल तक ले जाने में हेल्प करते हैं। नाउ ये तीनों ही बुक अगर आप पढ़ते हो तो बेस्ट है। बट अगर आप नहीं पढ़ सकते हो किसी रीज़न की वजह से पढ़ने आपको बोर होता है तो फिकर मत करना। ये तीनों बुक हमने आपके बिहाफ में पढ़ी। इसकी जो सबसे इंपॉर्टेंट बातें थी उसको कंसाइज करके शॉर्टर बना दिया ताकि आप कम टाइम में इस किताब की ये बातों को सीख सको। कंफर्ट ज़ोन से बाहर निकल सको। और उसको हमने सिर्फ ऑडियो में कन्वर्ट नहीं किया। सिर्फ ऑडियो बुक नहीं बनाई बल्कि एक स्टेप आगे जाके इसके वीडियो फॉर्मेट में हमने कन्वर्ट किया है एनिमेशन के थ्रू ताकि कंपेरेटिवली आप आसानी से इसकी बातें सीख सको और अप्लाई भी कर सको। और एक और इंटरेस्टिंग बोनस है जो वीडियो के एंड में बताऊंगा। इससे पहले कि ये सारे बोनसेस खत्म हो जाए। आप सिर्फ ₹99 में यह सारी चीज ये तीनों किताब प्लस इससे ज्यादा 70 और किताबें हैं जो आपको हेल्प करेगी। प्लस एक और स्पेशल बोनस वो सब आपको मिल जाएगा सिर्फ ₹99 में। इसलिए गो एंड सब्सक्राइब नाउ। नाउ लेट्स गेट बैक टू द स्टोरी। नाउ यह कहानी सुनाने के बाद अभिषेक ने पूछा कि कहानी तो बहुत अच्छी है बट आपने मुझे यह क्यों कहानी सुनाई? तब डॉक्टर बुक उसे समझाया यह कहानी मैं तुम्हें इसलिए बता रहा हूं क्योंकि तुमने कहा सिस्टम तुम्हारे अगेंस्ट डिजाइन है। क्या वो जो गांव वाले आए थे वो जानबूझ के चाहते थे भेड़िया आए और उनका खाना खाए? नहीं। वो भेड़िया खुद से गया। क्यों गया? क्योंकि वो एक चीज के पीछे भाग रहा था जिसे बोलते हैं कंफर्ट ज़ोन। अभी तुम राइट नाउ एक कंफर्ट ज़ोन में फंसे हो। यहां पे भी मेहनत तो है बट उतनी मेहनत नहीं है जिससे तुम एक्चुअल में ग्रो कर सको। यह तुम्हारी जो सैलरी है वह कहीं ना कहीं अब तुम्हारे लिए फ्री फूड जैसी हो चुकी है क्योंकि उसके लिए अब तुम्हें लड़ना नहीं पड़ रहा है। जैसे उस वुल्फ को सिर्फ चल के जाना था। मेहनत उसमें भी थी बट कम मेहनत थी, ग्रोथ नहीं थी। वैसे ही अब तुम्हें भी ग्रो नहीं कर रहे हो। बस वही काम कर रहे हो जो पहले करते थे जिससे तुम्हारी स्किल्स वीक हो रही है और तुम्हारे मसल्स भी। अभिषेक को रियलाइज हुआ कि हां यह बात तो सही है। उसने ग्रो करना बंद कर दिया है और इसीलिए शायद उसे इतना खालीपन भी लगता है। अब वो जो काम कर रहा है वह बहुत ही आसान है और कई बार तो दूसरों से काम करा लेता था। बट फिर भी उसको सैलरी मिल रही थी इसलिए वह ग्रो नहीं कर पा रहा था और सैलरी बढ़ भी नहीं रही थी। तब उसने पूछा कि यह बात आपने एकदम सही कही है। तो अब इसका सशन क्या करें? वो गैप मैं कैसे बढ़ा सकता हूं। तब डॉक्टर बुक ने उसे तीन स्टेप का सशन दिया। मैं तुम्हें अभी तीन स्टेप का एक एस्केप प्लान बताता हूं जो तुम्हारे गैप को बढ़ाएगा और कंफर्ट के ट्रैप से तुम्हें भागने में हेल्प करेगा। जिसके लिए पहला स्टेप तुम्हें यह है करना है कि डिक्रीज कंफर्ट। यह ऑटोमेटिकली गैप को बढ़ाएगा। तुम्हारे जो पैसे हैं वो अलग-अलग जगह पर लीक हो रहा है। तुम्हें उस लीकेजेस को एक-एक करके बंद करना पड़ेगा। स्पेशली उन चीजों को करना बंद करो जो तुम्हें कंफर्ट की तरफ ले जा रहे हैं और तुम्हारी स्किल्स को खराब कर रहे हैं। मे बी ऐसे कुछ एप्स को डिलीट करना जो तुम्हारे फालतू पैसे ले जा रहे हैं या फिर तुम्हारा फालतू टाइम वेस्ट कर रहे हैं। अननेसेसरी एक्सपेंसेस, लाइफस्टाइल, ऐसी लाइफस्टाइल की चीजें जिसे तुम थोड़ा बहुत कम कर सकते हो और कोई फर्क नहीं पड़ेगा। इंपल्सिव स्पेंडिंग यह सब चीजें बंद करो। कंफर्ट के पीछे भागना बंद करो। स्टेप वन यह है। यह करोगे ऑटोमेटिकली तुम्हारे खर्चे फालतू कम होंगे। क्योंकि जैसे कि नवल रविकांत भी बोलते हैं, द ओनली वे टू गेट रिच इज बाय इंक्रीजिंग योर इनकम एंड कीपिंग योर लाइफस्टाइल द सेम। अब अपनी लाइफस्टाइल को और इंप्रूव मत करना और कंफर्ट की तरफ मत जाना। जितने पे हो उतने पे रुको या फिर उससे कम कर दो। सेकंड इनक्रीज इनकम थ्रू डिसकंफर्ट सिस्टम। ऐसा एक सिस्टम क्रिएट करो जिसमें आपको बार-बार डिसकंफर्ट की तरफ लेके जाया जाए। और यह चीज तुम्हारी इनकम बढ़ाएगी। जैसे ही इनकम बढ़ेगी तुम्हारा गैप अपने आप बढ़ेगा। मतलब नई स्किल्स सीखो, किताबें पढ़ो। तुम्हारे ब्रेन को बोर होगा। बट फिर भी पढ़ो। ऐसे ग्रुप्स का पार्ट बनो जहां पर लोग अनकंफर्टेबल चीजें करते हैं। मे बी जिम जाओ, मे बी बुक क्लब ज्वाइन करो, मे बी कोई स्किल्स की क्लासेस जाओ, चैलेंजेस लो, अनकंफर्टेबल सिचुएशन की तरफ जाओ, ग्रोथ की तरफ जाओ। जैसे एक मसल तभी ग्रो होता है जब वो डिसकंफर्ट फील करता है। वैसे ही आपका ब्रेन और स्किल्स भी तभी होंगे जब तुम डिसकंफर्ट वाली चीजें करोगे। इससे तुम्हारी इनकम बढ़ेगी। और स्टेप थ्री बिल्ड एसेट्स। एक्सपेंसेस कम होंगे। सेकंड स्टेप से इनकम इनक्रीस होगी। उसके बाद भी तुम्हें एसेट्स बनाने हैं ताकि ऐसी चीजों से तुम्हें पैसे आते रहे जिसकी वजह से तुम्हें जिंदगी भर सिर्फ काम ना करना पड़े और तुम अपनी लाइफस्टाइल भी इनक्रीस कर सको। बिकॉज़ अगर तुम सिर्फ अर्न करते रहोगे तो सारी चीजें सिर्फ तुम पर डिपेंडेंट होगी जो डेंजरस है। और अच्छी बात यह है कि अगर तुम्हें यह सारी चीजें मेरे साथ करनी है तो मैं वीकली संडे को लाइव करता हूं। तुम उसे ज्वाइन कर सकते हो। मेरे प्लेटफार्म के थ्रू मैं वीकली लाइव करता हूं अपनी कम्युनिटी मेंबर्स के साथ जहां हम लोग हर हफ्ते मिलते हैं किताब की बातें सीखते हैं जो थोड़ी डिसकंफर्टेबल होती है। हम ऐसी एक्सरसाइज ऐसे रूटीन फॉलो करते हैं जो थोड़ी बोरिंग होती है। थोड़ी अनकंफर्टेबल होती है। डिसकंफर्ट की तरफ रहती है। बट यह हमें माइंडसेट से दिमाग से स्किल से इंप्रूव करने में हेल्प करती है। मैं तुम्हें सजेस्ट करूंगा कि वो लाइफ मेरे साथ जुड़ना चालू करो और चीजों के लिए घाई मत करना। अगर तुम राइट नाउ जिस सिचुएशन में फंसे हो वो दो दिन में नहीं फंसे हो। वो कई सालों की मेहनत है तो एटलीस्ट एक साल तो अपने को जरूर देना। इस सिस्टम से निकालने के लिए। अभिषेक को यह सारी बातें समझ आती है और फिर वह उनके साथ वीकली लाइव आना चालू करता है और जैसे कि डॉक्टर बुक ने कहा था चीजें अचानक से बदलना चालू नहीं होती है बट धीरे-धीरे कंसिस्टेंटली वीकली लाइव्स करके कम्युनिटी मेंबर्स के साथ मिलते हुए वो एक-एक चीज पर काम करना चालू करता है। वो अपनी लाइफ से कंफर्ट को थोड़ा-थोड़ा कम करता है और डिसकंफर्ट की तरफ जाता है। स्किल्स सीखता है। अपने हुनर को बढ़ाता है। ऐसे प्रोजेक्ट्स लेता है जो टफ होते हैं। ऐसी चीजें सीखता है। एआई ये सारी चीजें जो उसके कलीग्स नहीं कर रहे होते हैं। और ऐसे ही धीरे-धीरे हर वीक वन स्टेप एट अ टाइम वन चैलेंज एट अ टाइम वह अपने को ग्रो करने लगता है। और गेस व्हाट? एक साल बाद अभिषेक की इनकम डबल हो जाती है। क्योंकि उसके बॉसेस को भी मालूम पड़ता है कि कैसे वो कंपनी के लिए बहुत वैल्यू ऐड कर रहा है। इनफैक्ट इसके साथ-साथ उसने अपना साइड बिजनेस भी चालू कर दिया है। और इस वजह से अब जब वो सुबह उठता है ऑटोमेटिकली तो उसको वो प्रेशर फील नहीं होता है। वो इसलिए काम पे नहीं जाता है क्योंकि उसे उसको जाना ही पड़ेगा। बल्कि वो इसलिए काम पर जाता है क्योंकि उसे अब काम करने में मजा आने लगता है क्योंकि वहां पर भी उसकी ग्रोथ होने लगती है। याद रखो दोस्तों कंफर्ट आपको बहुत टेंपरेरी फीलिंग देता है। सेफ फील कराता है बट सच तो यह है कि कंफर्ट विदाउट ग्रोथ एक ट्रैप है जिससे आपका निकलना जरूरी है। अब अभिषेक की तरह अगर आप भी चाहते हो कि मैं पर्सनली वीकली लाइव आके आप लोगों को बताऊं कि कैसे हम कंफर्ट ज़ोन से लड़ सकते हैं। किताबों की बातें सीख के उन्हें कैसे अप्लाई कर सकते हैं। तो आप लोगों के लिए यही है स्पेशल बोनस मेरी तरफ से। मैं खुद आप लोगों के साथ लाइव आऊंगा और आप लोगों को बताऊंगा कि कैसे आप इन बुक की बातों को अप्लाई कर सकते हो। अपने कंफर्ट ज़ोन को तोड़ सकते हो और सिर्फ मैं ही नहीं हमारे कम्युनिटी मेंबर्स भी कैसे कंफर्ट ज़ोन को तोड़ रहे हैं। हम मिलके इस एनिमी से लड़ेंगे। इस ट्रैप को तोड़ेंगे। तो अगर आप इसमें इंटरेस्ट रखते हो इस बोनस को चाहते हो तो इसके लिए आपको और ₹1000 ₹100 देने की जरूरत नहीं है। अगर आपने समरी बोर्ड का सब्सक्रिप्शन लिया है जो सिर्फ ₹99 का है। अगर आप वो सब्सक्रिप्शन लेके रखे हो तो यह चीज आपको कंप्लीटली फ्री ऑफ कॉस्ट उसके साथ ही मिल जाएगी। ट्रस्ट मी यह सारी चीजें मैं पहले ₹1000, 5000, ₹1,000 इवन ₹25,000 में मैंने यह सब चीजें लाइव इंटरेक्शंस बेचे हैं। बट अगर आप अभी जाके खरीदते हो तो सिर्फ ₹99 में आपको यह सारे बोनसेस मिल जाएंगे। सो गो नाउ नीचे लिंक दी हुई है। सब्सक्राइब करिए समरी बोर्ड को। आपको मेल और WhatsApp पे लिंक आ जाएगी जिसके थ्रू आप हमारी ज़ूम मीटिंग को भी ज्वाइन कर सकते हो। समरी बोर्ड का भी एक्सेस तो आपको मिल ही जाएगा। सो लेट मत करो इससे पहले कि ऑफर खत्म हो जाए। अभी जाइए समरी बोर्ड को सब्सक्राइब करिए। और मिलते हैं लाइव सेशंस में। टिल देन, बाबा बाई।

Need a transcript for another video?

Get free YouTube transcripts with timestamps, translation, and download options.

Transcript content is sourced from YouTube's auto-generated captions or AI transcription. All video content belongs to the original creators. Terms of Service · DMCA Contact

The Salary Trap - The System Keeps You Broke ? Story Summ...