ब्लैकरॉक एक ऐसी कंपनी जिसके सामने दुनिया का सबसे अमीर देश अमेरिका भी मदद की गुहार लगाए खड़ा रहता है 2008 का इकोनॉमिक क्राइसिस हो या फिर 2020 का कोविड पडेम जब भी अमेरिका की वर्चस्व पर सवाल खड़े हुए हैं ब्लैक रॉक कंपनी अमेरिका के लिए वरदान बनके सामने आई है और खाली अमेरिका ही नहीं आज ब्लैक रॉक दुनिया भर में 10 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा के फंड्स को मैनेज करती है यह नंबर कितना बड़ा है इसका अंदाजा आपको इस बात से लग जाएगा कि इंडिया जो आज के समय में 3.7 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ दुनिया की फिफ्थ सबसे बड़ी इकोनॉमी है ब्लैक रॉक इससे 2.5 गुना से भी अधिक के एसेट्स मैनेज कर रही है दुनिया की टॉप कंपनीज जैसे पैसों की जरूरत होती है तो यह देश ब्लैक रॉक के आगे हाथ फैलाकर खड़े हो जाते हैं यह कंपनी शैडो बैंक की तरह काम करती है आज जो हम खाना खा रहे हैं पानी पी रहे हैं बीमार पड़ने पर जो दवाई खा रहे हैं उन सभी चीजों पर कहीं ना कहीं ब्लैक रॉक कंपनी का कंट्रोल है इतना ही नहीं रशिया यूक्रेन वॉर में जब यूक्रेन की इकोनॉमी की कमर टूटी हुई थी तब जेलेंस्की ने पूरे यूक्रेन देश के फंड्स की चाबी और किसी को नहीं बल्कि सीधा ब्लैक रॉक कंपनी को थमा दी थी थी इतना सब कंट्रोल करने के बाद भी अगर आपने अभी तक इस कंपनी के बारे में नहीं सुना तो इसके पीछे यह रीजन है कि यह कंपनी खुद सुर्खियों में रहना नहीं चाहती ताकि इनके काले कारनामे लोगों के सामने ना आ सके इसलिए इन्होंने वर्ल्ड के टॉप मीडिया आउटलेट को अपने कंट्रोल में कर रखा है इसीलिए दोस्तों आज की वीडियो हम इसी ब्लैक रॉक कंपनी के बारे में जानेंगे जानेंगे कि कैसे इस कंपनी ने दुनिया की लगभग हर इकोनॉमिक एक्टिविटी पर अपना कब्जा जमा रखा है कैसे आज डेवलप्ड देश जब उनकी इकोनॉमी डाउन होती है तब इस कंपनी से हेल्प मांगते हैं कैसे यह कंपनी एक रियल लाइफ इलुमिनाटी की तरह वर्क करती है और सबसे बड़ा सवाल आखिर कैसे यह कंपनी अमेरिका के गवर्नमेंट ऑफिसर्स को हायर कर फ्यूचर में उनसे अपने पक्ष में लॉज बनवाकर अमीर बनती है दोस्तों वीडियो काफी इंटरेस्टिंग होने वाली है आप एंड तक बने रहिएगा हिस्ट्री ऑफ ब्लैक रॉक एंड लैरी फिंक दोस्तों वीडियो को शुरू करने से पहले आइए सबसे पहले कंपनी की हिस्ट्री और उनके फाउंडर की कहानी को जान लेते हैं क्योंकि तभी आपको समझ आएगा कि कैसे इतने कम समय में यह कंपनी फाइनेंस की दुनिया में बादशाहत हासिल कर पाई है दोस्तों ब्लैक रॉक कंपनी के फाउंडर लैरी फिंक है लैरी फिंक अमेरिका की एक साधारण यहूदी फैमिली में पैदा हुए थे जिनकी रूचि फाइनेंस और स्टॉक मार्केट में काफी ज्यादा थी वह समझ गए थे कि पैसे की पावर पॉलिटिकल पावर से भी ज्यादा होती है जिसके पास पैसा होगा वह देश के नेता और सरकार को अपनी जेब में लेकर घूम सकता है इसलिए साल 1976 में उन्होंने अमेरिका की इन्वेस्टिंग फर्म बस्टन फर्स्ट में बतौर सिक्योरिटी ट्रेडर काम करना शुरू कर दिया सिर्फ ठ सालों में ही वह कंपनी के एमडी पद पर प्रमोट कर दिए गए मात्र 31 साल की उम्र में उन्होंने यह उपलब्धि अपने नाम कर ली थी उन्होंने अपने कार्यकाल में कंपनी को 1 बिलियन डॉलर्स का प्रॉफिट कराया था जिसके बाद फाइनेंस की दुनिया में उनका कद काफी बढ़ गया था लेकिन 1986 में उनसे कैलकुलेशन के दौरान एक छोटी सी गलती हो गई जिससे कंपनी को 100 मिलियन डॉलर्स का लॉस हुआ लैरी जल्द ही कंपनी के सीईओ बनने वाले थे लेकिन इस गलती के कारण उन्हें कंपनी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया लैरी को काफी बुरा लगा लैरी ने तय किया कि अब वह फिर कभी नौकरी नहीं करेंगे इसके बाद उन्हें ब्लैकस्टोन कंपनी के फाउंडर स्टीव श्वार्जमैन का साथ मिला स्टीव समझ गए थे कि लैरी उनके लिए तुरुप का इक्का साबित हो सकता है स्टीव ने लैरी को 5 मिलियन डॉलर्स दिए और लैरी ने सात अन्य साथियों के साथ मिलकर ब्लैक स्टोन फाइनेंस मैनेजमेंट लिमिटेड कंपनी की शुरुआत की एक तरह से देखा जाए तो 1988 में ब्लैक रॉक कंपनी की नींव डल चुकी थी इस कंपनी ने तेजी से तरक्की की और 1994 तक यह कंपनी 53 बिलियन डॉलर्स के एसेट्स मैनेज करने लगी थी बड़ी-बड़ी कंपनियां ब्लैकस्टोन कंपनी को अपना पैसा मैनेज करने की जिम्मेदारी दे देने लगी थी लेकिन 1994 में स्टीव ने खुद को कंपनी से अलग कर लिया और कंपनी में अपने 35 पर शेयर्स सिर्फ 240 मिलियन डॉलर्स में बेच दिए स्टीव इसे अपनी लाइफ की सबसे बड़ी गलती मानते हैं उन्हें आज भी इस बात का पछतावा है क्योंकि अगर उन्होंने वो शेयर्स नहीं बेचे होते तो आज उनकी वैल्यू 50 बिलियन डॉलर से भी अधिक की हो चुकी होती स्टीव के अलग होने से लैरी को कुछ खास फर्क नहीं पड़ा और उन्होंने कंपनी का नाम बदलकर ब्लैक रॉक कर लिया ब्लैक स्टोन से ब्लैक रॉक होने पर भी इन्वेस्टर्स ने भरोसा कायम रखा साल 199 में ब्लैक रॉक ने $14 के प्राइस के साथ अपना पहला आईपीओ लॉन्च किया और उन्हें $900 मिलियन डॉलर्स की फंडिंग मिली इसके कुछ ही महीनों में कंपनी 165 बिलियन डॉलर के एसेट्स मैनेज करने लगी थी लैरी फिंग जानते थे कि यदि उन्हें आगे बढ़ना है तो अपने विरोधियों को रास्ते से हटाना होगा उन्होंने अपनी कंपटिंग कंपनियों को खरीदना शुरू कर दिया साल 2006 में पहले उन्होंने मेरिल लिंच कंपनी को खरीदा और फिर 2009 में बार्कलेज ग्लोबल इन्वेस्टर्स को भी टेकओवर कर लिया अब ब्लैक रॉक का रास्ता साफ हो चुका था और तब से लेकर आज तक कंपनी ने फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा ओवरव्यू ऑफ ब्लैक रॉक दोस्तों ब्लैक रॉक को आज दुनिया की सबसे पावरफुल एसेट मैनेजमेंट कंपनी माना जाता है जो दुनिया के कई देशों और कंपनियों के फंड्स को मैनेज करने का काम करती है यह कंपनी इंश्योरेंस फंड पेंशन फंड बॉन्ड्स सिक्योरिटीज और स्टॉक्स को रेगुलेट करती है इसके अलावा रियल एस्टेट सेक्टर में भी यह कंपनी डील करती है आज ब्लैक रॉक के दुनिया के 38 देशों में 89 से अधिक ऑफिस हैं और 100 से अधिक देशों में कंपनी के क्लाइंट्स मौजूद हैं सभी कॉन्टिनेंट्स पर इस कंपनी की प्रेजेंस है यह कंपनी आज के समय में 10 ट्रिलियन डॉलर से अधिक के एसेट्स मैनेज कर रही है दोस्तों 10 ट्रिलियन डॉलर यूएस चीन के बाद हर देश की जीडीपी से ज्यादा पैसा है लेकिन दोस्तों ऐसा नहीं है कि ब्लैक रॉक कंपनी ने इतनी बड़ी कामयाबी इतने कम समय में ऐसे ही हासिल कर ली दरअसल इसके पीछे कंपनी द्वारा लिए गए ऐसे कई फैसले हैं जिन पर आज भी सवाल खड़े किए जाते हैं इकोनॉमिक क्राइसिस इज नॉट एनी लिमिटेशन साल 2008 और 2020 में जब पूरी दुनिया में इकोनॉमिक क्राइसिस आया था पूरी दुनिया में हाहाकार मच गया था उस समय भी ब्लैक रॉक ने खूब पैसा कमाया था साल 2008 में लेमन क्राइसिस के दौरान अमेरिका सहित दुनिया के तमाम बड़े देशों की इकोनॉमी डूब रही थी कई कंपनियां बैंकर पट हो गई थी लाखों लोगों की नौकरियां चली गई थी लेकिन उस समय ब्लैक रॉक कंपनी की इनकम में 23 पर की बढ़ोतरी देखने को मिली थी जो कि अपने आप में काफी चौकाने वाली बात थी इतना ही नहीं दोस्तों अमेरिका को उस समय इकोनॉमिक क्राइसिस से बाहर लाने में भी ब्लैक रॉक कंपनी का इंपॉर्टेंट रोल रहा था सरकार ने लैरी फिंक से जब सलूशन मांगा तो उन्होंने कई बैंक्स को लोन देने का फैसला किया और गवर्नमेंट ने थोक के भाव बैंक्स को पैसे दिए जिससे मार्केट में फिर से पैसा आ सके लेकिन यहां पर भी एक ट्विस्ट देखने को मिला लैरी ने अपना बिजनेस माइंड चलाया उन्होंने उन बैंक्स को ही पैसा दिया था जिनमें उनकी कंपनी के स्टेक्स थे दोस्तों कुछ लोगों का ऐसा भी मानना है कि वह इकोनॉमिक क्राइसिस क्रिएट करने वाले भी लैरी फिंक ही थे उनकी डेट सिं केट पॉलिसी के कारण ही लेमैन क्राइसिस आया था यानी कि उनकी कंपनी ब्लैक रॉक ने बड़ी मात्रा में उन जगह पैसा लगाया जहां से पैसा वापस आने की संभावनाएं काफी कम थी और नतीजा इकोनॉमिक क्राइसिस के रूप में निकला दोस्तों इतना ही नहीं 2008 के बाद 2020 में कोविड पेंडम में दुनिया को एक और झटका लगा उस समय भी ब्लैक रॉक ने प्रॉफिट शो किया था साथ ही कई कंपनियों को दिवालिया होने से भी बचाया था इसके अलावा कंपनी अपनी हायर पोस्ट पर बड़ी मात्रा में गवर्नमेंट ऑफिशियल को हायर करती है कंपनी का कहना है कि वह ऐसा इसलिए करती है क्योंकि गवर्नमेंट ऑफिशल्स जिन्हें क्षेत्र चलाने का अनुभव प्राप्त है वह कंपनी को बेहतर तरीके से चला सकते हैं लेकिन दोस्तों सच्चाई इसके उलट है डाटा की माने तो कंपनी भले ही गवर्नमेंट ऑफिशियल को हायर सैलरी देकर अपने यहां नौकरी पर रखती है बट जब यह ऑफिसर्स वापस जाकर पॉलिटिक्स में जा जाते हैं या गवर्नमेंट बनाते हैं तब ऐसे लॉज जानबूझकर बनवाए जाते हैं जिससे ब्लैक रॉक कंपनी को फायदा हो इन्हें टैक्स में बचत मिले एग्जांपल देखें तो डीज और एडीएमओ ब्लैक रॉक कंपनी के एंप्लॉय रह चुके हैं जो एक समय पर बराक ओबामा की नेशनल इकोनॉमिक काउंसिल के सदस्य रह चुके थे और यही लोग आगे बाइड के अंडर काम करते हैं इवन कमाला हैरिस भी ब्लैक रॉक की एंप्लॉई रह चुकी है जो आज की डेट में अमेरिका की वाइस प्रेसिडेंट है इसके अलावा माइकल पाइल जो ब्लैक रॉक कंपनी की फॉर्मर ग्लोबल चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटजिस्ट थे वे ब्लैक रॉक कंपनी जॉइन करने से पहले बराक ओबामा की गवर्नमेंट का हिस्सा थे और आज यही माइकल अमेरिका की वाइस प्रेसिडेंट कमाला हैरिस के चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर हैं अब जायज सी बात है अगर कोई पॉलिसी बनेगी और व ब्लैक रॉक के पक्ष में ना हो ऐसा तो हो नहीं सकता और कहीं ना कहीं इसी वजह से आज अमेरिका का मोस्टली पैसा ब्लैक रॉक ही मैनेज करती है इवन कोरोना महामारी के समय अमेरिका के फेडरल रिजर्व ने एफएम ए जो ब्लैक रॉक की एक कंसल्टिंग आर्म है उसको इमरजेंसी में अपने फंड्स को मैनेज करने का टेंडर दिया था खास बात यह है यह टेंडर बिना किसी बिडिंग के या बोली के ब्लैक रॉक को मिला था ब्लैक रॉक रेगुलेट्स ईच एंड एवरी इंडस्ट्री दोस्तों अमेरिका जो दुनिया का सबसे अमीर देश है उसकी गवर्नमेंट को कंट्रोल करने की वजह से ब्लैक रॉक कंपनी आज पूरी दुनिया को कंट्रोल कर रही है असल में पेप्सी कोकाकोला walmart's को mcdonalds.com जैसी सभी कंपनी में ब्लैक रॉक के स्टेक्स मौजूद है यानी आप अपने क्रेडिट या डेबिट कार्ड से भी अगर कोई ट्रांजैक्शन कर रहे हैं तो उसका फायदा ब्लैकरॉक को हो रहा है इंडिया की भी कई कंपनियों में ब्लैकरॉक ने इन्वेस्ट किया हुआ है होल्डिंग्स है बैरक की सबसे बड़ी होल्डिंग्स की बात करें तो ford.com में 7.5 के अलावा में ये टॉप इन्वेस्टर्स की लिस्ट में ही मौजूद है ब्लैकरॉक जिस भी कंपनी के शेयर खरीदती है उसके शेयर्स में एक तेज उछाल देखने को मिलता है यानी उस कंपनी की तो चांदी ही चांदी हो जाती है हाल ही में अप्रैल 2024 में भारत की दो कंपनी इलेक्ट्रो स्टील कास्टिंग्स और पीटीसी इंडिया लिमिटेड में 207 करोड़ के शेयर्स खरीदे थे ब्लैक रॉक के इन्वेस्ट करते ही कंपनी के शेयर्स में 11 पर तक का उछाल देखने को मिला था दोस्तों आज के समय में चाइना में भी ब्लैक रॉक का इन्फ्लुएंस बढ़ रहा है असल में यूएसए ने अपनी चाइनीज कंपनियों में इन्वेस्टमेंट पर बैन लगा रखा है और कई चाइनीज कंपनीज को ब्लैकलिस्ट भी किया हुआ है लेकिन यूएसए के ब्लैकलिस्ट करने के बावजूद आज उन कंपनियों में ब्लैक रॉक इन्वेस्ट कर रहा है चाइना की रियल एस्टेट मार्केट और म्यूचुअल फंड सेक्टर में लैरी फिंक की कंपनी का दबदबा मजबूत हो रहा है आने वाले समय में शायद चीन को भी लैरी फिंक अपनी उंगलियों पर नचाते नजर आएंगे दोस्तों ब्लैकरॉक वैसे तो खुद को एनवायरमेंटल एंड सोशल फ्रेंडली कंपनी बताती है ले लेकिन दूसरी ओर उन कंपनियों में भी यह इन्वेस्ट करती है जो क्लाइमेट चेंज के लिए रिस्पांसिबल है और फॉसिल फ्यूल्स के यूज को जहां बढ़ावा मिल रहा है ऑयल एंड कॉरपोरेशन कंपनी एकन मोबल में ब्लैकरॉक की 6.7 पर की हिस्सेदारी है केवल यह कंपनी आज वर्ल्ड के 2 पर कार्बन एमिशन के लिए जिम्मेदार है इसके अलावा गन मैन्युफैक्चरिंग जैसे बिजनेस में भी ब्लैक रॉक ने निवेश किया हुआ है इससे कहीं ना कहीं कंपनी का डबल स्टैंडर्ड भी देखने को मिलता है यानी एक बात साफ है लैरी फिंक और उनकी कंपनी को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि कंपनी सही काम कर रही है या नहीं उसकी इन्वेस्टमेंट नेचर के लिए हार्मफुल तो नहीं है या फिर वह समाज के लिए ठीक है या नहीं ब्लैक रॉक को सिर्फ अपने प्रॉफिट से मतलब है और यही वजह है कि साल 1999 से लेकर 2020 तक इस कंपनी ने 7539 पर की बेहतरीन ग्रोथ की ब्लैक रॉक मैजिकल सॉफ्टवेयर इसके अलावा दोस्तों आज इस कंपनी के पास एक अलादीन का चिराग है जिसके जरिए आज ये इस ऊंचाई तक पहुंच पाई है अलादीन के चिराग का नाम अलादीन ही है यानी एसेट लायबिलिटी एंड डेट एंड डेरिवेटिव इन्वेस्टमेंट नेटवर्क असल में यह कंपनी के द्वारा डिजाइन किया गया एक सॉफ्टवेयर है जो फ्यूचर प्रोग्राम के तौर पर काम करता है इस सॉफ्टवेयर का काम रिस्क मैनेजमेंट करना है आलादीन सॉफ्टवेयर ग्लोबल इवेंट्स और रिस्क पैरामीटर्स को मेजर करते हुए एआई के जरिए यह बताता है कि कहां पर इन्वेस्ट करना सही रहेगा और कहां पर पैसा डूबने की आशंका है दुनिया के लगभग सभी देशों और हजारों कंपनियों के डाटा को कैलकुलेट कर यह सॉफ्टवेयर अपनी रिपोर्ट देता है 50000 से अधिक यूजर्स इस सॉफ्टवेयर का यूज कर रहे हैं बड़ी-बड़ी कंपनियां करोड़ों रुपए इस सॉफ्टवेयर को यूज करने के लिए दे रही हैं और आज 2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक के एसेट्स सिर्फ इस सॉफ्टवेयर के जरिए मैनेज किए जा रहे हैं इसी के थ्रू जापान अपने 1.5 ट्रिलियन के पेंशन फंड को रेगुलेट करता है वर्ल्ड्स लार्जेस्ट कंपनीज apple's पैरेंट फर्म अल्फाबेट यह तीनों अमेरिका की सबसे बड़ी यूएस पब्लिक कंपनीज ब्लैक रॉक के अलादीन सिस्टम पर ही रिलाई करती है लेकिन दोस्तों इस कंपनी के बारे में इतना सब कुछ जानने के बाद आपके मन में एक सवाल शायद उठ रहा होगा कि अगर यह कंपनी इतनी बड़ी और विशाल है तो इसके बारे में मीडिया में ज्यादा खबरें क्यों नहीं आती असल में यह भी कंपनी की अपनी एक पॉलिसी है री फिंक नहीं चाहते कि उनकी कंपनी मीडिया में ज्यादा आए अगर मीडिया में कंपनी की खबरें छपने लगेगी तो हर छोटे-बड़े फैसले पर लोगों की नजर रहेगी और लैरी फिंक अपने फैसले प्राइवेट रखना ही पसंद करते हैं और वह ऐसा करने में इसीलिए कामयाब हो जाते हैं क्योंकि दुनिया की 90 पर मीडिया पर भी ब्लैक रॉक का कंट्रोल है अधिकतर सभी बड़े मीडिया हाउस में ब्लैक रॉक ने इन्वेस्ट किया हुआ है फॉक्स में % सीपीएस में 16 पर और कॉमकास्ट में 13 पर की हिस्सेदारी ब्लैक की है यही वजह है कि कोई भी मीडिया हाउस ब्लैक रॉक की मर्जी के बगैर उनके बारे में कुछ नहीं छाप सकता तो दोस्तों यह थी ब्लैक रॉक और इसके फाउंडर लैरी फिंक की पूरी जानकारी उम्मीद है कि आपको यह वीडियो पसंद आई होगी अब सभी को इस बात का इंतजार है कि j ब्लैकरॉक कंपनी भारत में क्या टहलका मचाएगी इस कंपनी में लैरी फिंक और मुकेश अंबानी दोनों ने 151 करोड़ डॉलर इन्वेस्ट किए हुए कंपनी क्या गदर मचाएगी यह तो समय के साथ पता चल जाएगा आपके इस पर क्या व्यूज है हमें कमेंट करके जरूर बताएं
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