Find Perfect Entry and Exit using Multi Timeframe Analysis |Price Action| Price lesson Hindi

Price Lesson हिंदी2,659 words

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आज हम एक ऐसे ट्रेडिंग कांसेप्ट के बारे में जानने वाले हैं जिसे अगर आप सीख जाते हैं तो आपकी ट्रेडिंग स्टाइल हमेशा हमेशा के लिए बदल जाएगा टेक्निकल एनालिसिस के जन्मदाता चार्ल्स डॉ ने ईयर 1900 में एक थ्योरी दिया था डॉ थ्योरी जिससे लोग एक्चुअली मार्केट को प्रिडिक्ट कर सकते थे कि आगे क्या होने वाला है भले ही आज के youtube1 साल पहले थी और यह स्ट्रेटेजी इसी थ्योरी से ड्राइव हुआ है जिसे मल्टी टाइम फ्रेम एनालिसिस कहा जाता है इस वीडियो में मैं आपको समझाऊ कि कैसे आप हायर टाइम फ्रेम से लेकर लोअर टाइम फ्रेम तक चार्ट्स का एनालिसिस कर सकते हैं और अपने ट्रेडिंग डिसीजन को बेहतर बना सकते हैं तो सबसे पहले समझते हैं कि मल्टी टाइम फ्रेम एनालिसिस होता क्या है यह एनालिसिस का एक तरीका है जिसमें आप पहले हायर टाइम फ्रेम का एनालिसिस करते हैं और फिर धीरे-धीरे लोअर टाइम फ्रेम तक आते हैं इस प्रोसेस में आपको तीन महत्त्वपूर्ण टाइम फ्रेम की जरूरत होती है पहला टाइम फ्रेम डायरेक्शन टाइम फ्रेम होता है जिसका उपयोग आप मार्केट की दिशा को समझने के लिए करते हैं यानी आप देखते हैं कि प्राइस ऊपर जा रहा है नीचे जा रहा है या साइड वेज मूव कर रहा है जिससे आपको ओवरऑल ट्रेंड का आईडिया मिलता है दूसरा टाइम फ्रेम बिहेवियर टाइम फ्रेम होता है जो प्राइस के बिहेवियर के बारे में डिटेल में बताता है यानी प्राइस का मोमेंटम कैसा है मार्केट स्ट्रक्चर ब्रेक हो रहा है या नहीं वीक रिजेक्शंस या डोजी कै कैंडल स्टिक्स दिख रहे हैं या नहीं और मार्केट रिट्रेस कर रहा है या नहीं तीसरा और आखिरी टाइम फ्रेम एंट्री टाइम फ्रेम होता है जिसमें आप एक्चुअल ट्रेड एंटर करते हैं अगर प्राइस डाउन ट्रेंड में है तो आप सेल के लिए देखेंगे और अगर अपर ट्रेंड में है तो आप बाय करने के लिए देखेंगे यह बहुत सिंपल है यह जो टाइम फ्रेम्स आप इस्तेमाल करेंगे वह आपके ट्रेडिंग स्टाइल पर निर्भर करते हैं मान लीजिए मैं इंट्राडे और स्विंग ट्रेडिंग का मिक्स उपयोग करता हूं तो मैं चार घंटे का टाइम फ्रेम डायरेक्शन के लिए एक घंटे का टाइम फ्रेम बिहेवियर के लिए और 15 मिनट का टाइम फ्रेम एंट्री के लिए उपयोग करता हूं लेकिन अगर आप स्काल्पर हैं तो आपके लिए यह टाइम फ्रेम्स अलग होंगे आप एक घंटे को डायरेक्शन के लिए 15 मिनट को बिहेवियर के लिए और 5 मिनट टाइम फ्रेम को एंट्री के लिए इस्तेमाल करेंगे इसलिए टाइम फ्रेम पूरी तरह से आपके ट्रेडिंग स्टाइल पर निर्भर करता है लेकिन मैंने एग्जांपल देकर समझा दिया है जिससे आप अपने ट्रेडिंग स्टाइल के हिसाब से सही टाइम फ्रेम चुन सकते हैं मल्टी टाइम फ्रेम एनालिसिस को शुरू करते हैं जिसमें हम सबसे पहले 4 घंटे के टाइम फ्रेम को चुनेंगे ताकि हमें पता चल सके कि मार्केट इस समय किस दिशा में है चार घंटे का टाइम फ्रेम चुनने का सबसे बड़ा कारण यह है कि यह हमें मार्केट का पूरा स्ट्रक्चर बता देता है कि अभी मार्केट किस दिशा में है अगर हम 15 मिनट का चार्ट इस्तेमाल करते तो हमें स्पष्ट दिशा का पता नहीं चलता क्योंकि प्राइस ऊपर नीचे ऊपर नीचे कर रही होती है इसलिए दिशा को समझने के लिए हमेशा बड़े टाइम फ्रेम पर जाना बेहतर रहता है आप में से ज्यादातर लोग इस चार्ट को देखकर कंफ्यूज हो सकते हैं कि यहां प्राइस क्या कर रही है और हमें कैसे ट्रेड लेना चाहिए बाय करना है या सेल करना है या फिर अभी ट्रेड नहीं करना है लेकिन यह गलत तरीका है चार्ट्स को देखने का क्योंकि हम एक इंट्राडे या स्विंग ट्रेडर हैं हमें बहुत पुराने चार्ट्स को नहीं देखना चाहिए हमें यह ऑब्जर्व करना है कि हाल के समय में मार्केट की प्राइस कैसे बिहेव कर रही है अगर हम ऐसा करने लगे तो हमारे चार्ट्स पर बहुत सारे सपोर्ट और रेजिस्टेंस लाइंस बन जाएंगी जिससे आपका चार्ट बहुत जटिल हो जाएगा और आप ट्रेडिंग डिसीजन नहीं ले पाएंगे सोचिए अगर आपके चार्ट्स पर इतनी सारी लाइंस हो तो आप कैसे समझेंगे कि इस समय प्राइस क्या कर रही है 4 घंटे के टाइम फ्रेम में हमारा चार्ट बिल्कुल स्ट्रांग अप ट्रेंड में दिखाई दे रहा है और इस समय प्राइस कंसोलिडेशन कर रही है इस कंसोलिडेशन जोन का सबसे पहले हम हाई मा करेंगे और फिर कंसोलिडेशन जोन का लो मार्क करेंगे चार्ट्स पर इन दोनों लाइंस को बनाकर हम वेट करेंगे सबसे पहले हम मार्केट को डिसाइड करने देंगे कि उसे किस दिशा में जाना है इस समय मार्केट दोनों तरफ जा सकती है या तो अपना ट्रेंड कंटिन्यू कर सकती है या फिर यहां से रिवर्स डाउन कर सकती है अगर मैं इस समय लाइव ट्रेड में होता तो मैं पहले चार घंटे के टाइम फ्रेम में कैंडलेस्टिक को इन दोनों लाइंस के बाहर क्लोज होने का इंतजार करता तभी हम डिसाइड करते कि हमें बाय करना है या सेल अगले कुछ कैंडल्स में प्राइस लोअर लो के नीचे कैंडल क्लोज करती है ऐसे समय में ज्यादातर नए ट्रेडर्स सेल पोजीशन में एंटर करते हैं मैं चाहता हूं कि आप ध्यान से देखें कि इसके बाद प्राइस क्या करती है अगले ही कैंडल में एक बड़ी ग्रीन बुलिश कैंडल बनती है अब जो मैं आपको बताने वाला हूं उसे ध्यान से सुने क्योंकि यह चीज आपकी ट्रेडिंग स्टाइल को हमेशा के लिए बदल सकती है मैं आपको एक सीक्रेट टिप दे रहा हूं बिल्कुल फ्री में अभी चार्ट्स 4 घंटे के टाइम फ्रेम में है और हम देख सकते हैं कि ये एक स्ट्रांग अपट्रेंड है लेकिन जैसे ही हम चार्ट्स को एक घंटे के टाइम फ्रेम में बदलते हैं तो हमें दिखता है कि प्राइस धीरे-धीरे नीचे की तरफ जा रही है और जब हम 1 घंटे के टाइम फ्रेम को 15 मिनट के टाइम फ्रेम में बदलते हैं तब हमें चार्ट्स पर एक स्ट्रांग डाउन ट्रेंड दिखता है यह बात आपको कंफ्यूज कर सकती है कि 4 घंटे के टाइम फ्रेम पर प्राइस ऑ ट्रेंड दिखा रही है लेकिन 1 घंटे और 15 मिनट के टाइम फ्रेम में प्राइस डाउन ट्रेंड शो कर रही है ऐसा क्यों हो रहा है इसे समझिए जब प्राइस 4 घंटे के टाइम फ्रेम में थी तो लास्ट कुछ कैंडल्स में प्राइस रिट्रेसमेंट या पुलबैक ले रही थी इसी पुलबैक को छोटे टाइम फ्रेम में देखने पर यह हमें डाउन ट्रेंड जैसा दिखाई देता है एक बात हमेशा याद रखें हायर टाइम फ्रेम हमेशा छोटे टाइम फ्रेम के ट्रेंड से ज्यादा मजबूत होता है इस सिचुएशन में 4 घंटे का टाइम फ्रेम न घंटे के टाइम फ्रेम से और 15 मिनट के टाइम फ्रेम से भी ज्यादा स्ट्रांग होगा और एक घंटे का टाइम फ्रेम 15 15 मिनट के टाइम फ्रेम से स्ट्रांग कर होगा इसीलिए हम ट्रेड भी उसी डायरेक्शन में लेंगे जिसमें बड़े टाइम फ्रेम का ट्रेंड चल रहा हो चूंकि 4 घंटे के टाइम फ्रेम का ट्रेंड अप ट्रेंड है इसलिए हम बाय पोजीशन बनाने वाले हैं अभी चार्ट्स 15 मिनट के टाइम फ्रेम में है और इस चार्ट्स में हमें तुरंत बाय ट्रेड में एंट्री नहीं करनी है क्योंकि प्राइस का मोमेंटम अभी भी डाउन साइड की तरफ ही है पहले हम वेट करेंगे कि प्राइस 15 मिनट के टाइम फ्रेम में बेयरिश से बुलिश ट्रेंड में शिफ्ट हो जाए तभी हम बाय पोजीशन में एंट्री करेंगे अभी तक प्राइस हमें कोई सिग्नल नहीं दे रही है कि वह बुलिश होने वाली है इसलिए हम अभी भी इंतजार करेंगे प्राइस इस लेवल को रीटेस्ट करने आती है लेकिन पूरी तरह से ब्रेक नहीं कर पाती और फिर से नीचे चली जाती है ऐसा दोबारा होता है जिससे हमें पता चलता है कि अभी प्राइस साइड वेज हो चुकी है इस समय बाय पोजीशन में एंट्री करने के लिए यह जरूरी है कि प्राइस इस लेवल के ऊपर क्लोज होकर अपट्रेंड का स्ट्रक्चर बनाए अगर हम प्राइस को 1 घंटे के टाइम फ्रेम में बदलते हैं तो हम देख सकते हैं कि अभी तक हमें कोई भी बुलिश सिग्नल चार्ट्स पर नहीं मिल रहा है जिससे हम बाय डिसीजन बना सकें अगले कुछ कैंडल्स में प्राइस लास्ट स्विंग लो तक आती है और उस पर्टिकुलर लेवल से एक स्ट्रांग रिजेक्शन लेकर ऊपर की तरफ बढ़ जाती है जिससे एक बिग ग्रीन बुलिश कैंडल बनती है प्राइस ने ट्रेंड लाइन को ब्रेक कर दिया है लेकिन हमें 1 घंटे के टाइम फ्रेम पर ट्रेड एंट्री नहीं करनी है इसलिए हम अपने चार्ट्स को 15 मिनट के टाइम फ्रेम में बदल रहे हैं अब हम कह सकते हैं कि मोमेंटम डाउन ट्रेंड से अप ट्रेंड में शिफ्ट हो चुका है और इस समय 15 मिनट के टाइम फ्रेम में मोमेंटम अप है एक घंटे के टाइम फ्रेम में मोमेंटम अप है और आखिरकार 4 घंटे के टाइम फ्रेम में भी मोमेंटम अप है जब इन तीनों टाइम फ्रेम में मोमेंटम एक ही दिशा में होता है तब समझो कि आपका सेटअप बनकर तैयार हो चुका है और यह किसी जादू से कम नहीं है हमेशा याद रखें कभी भी जल्दबाजी में ट्रेड नहीं करना चाहिए हमें तब तक इंतजार करना चाहिए जब तक तीनों टाइम फ्रेम में प्राइस एक ही दिशा में ना हो जाए अब यहां हम बाय पोजीशन में ट्रेड में एंट्री करते हैं ठीक इस जॉइंट ग्रीन कैंडल की क्लोजिंग पर जिसमें हमारा स्टॉप लॉस ट्रेंड लाइन के थोड़े नीचे होगा इस ट्रेड में हमारा टारगेट लेवल 4 घंटे के टाइम फ्रेम का स्विंग हाई होने वाला है क्योंकि प्राइस ने इसी लेवल से डाउन ट्रेंड की ओर शिफ्ट होना शुरू किया था इसे आप सप्लाई जन या रेजिस्टेंस एरिया भी कह सकते हैं अगर आप टारगेट सेट करने में कंफ्यूज हो रहे हैं तो मैं आपको एक टिप देता हूं ट्रेड में एंट्री करने से पहले आपको चार्ट्स के लेफ्ट साइड पर ध्यान देना चाहिए और देखना चाहिए कि स्विंग कौन-कौन से लेवल पर है जैसे कि लास्ट टाइम यह एक स्विंग हाई है और इससे पहले यह एक स्विंग हाई है तो हम इस समय दो टारगेट रख सकते हैं लेकिन क्योंकि बड़े टाइम फ्रेम में ट्रेंड स्ट्रांग है इसलिए स्विंग हाई को टारगेट रखना ज्यादा सही रहेगा और देखो प्राइस बिना समय बर्बाद किए पर चला गया अब मैं आपको एक और तरीका बताता हूं कि कैसे इस ट्रेड में एंट्री करनी है एक जरूरी बात अगर आप चार्ट्स पर मल्टीपल इंडिकेटर्स का उपयोग करते हैं या एक साथ चार-पांच चार्ट्स देखते हैं तो आपके पास ट्रेडिंग व्यू का प्रीमियम प्लान होना जरूरी होता है इसका कॉस्ट ₹1 पर ईयर है अगर आप ट्रेडिंग व्यू का सब्सक्रिप्शन फ्री में चाहते हैं तो आप अपना डीमेट अकाउंट शाम को ट्रेडिंग ऐप में खोल सकते हैं अपने ट्रेडिंग को इंप्रूव करने के लिए सको में स्विच करें सको आपकी ट्रेडिंग हिस्ट्री का एनालिसिस करके आपको आपकी गलतियों के बारे में बताता है जिन्हें जानकर आप अपनी ट्रेडिंग को और बेहतर बना सकते हैं एक ही प्लेटफार्म पर सभी एसेट क्लास में ट्रेड कर सकते हैं जिसमें कमोडिटी डेरिवेटिव्स और करेंसी डेरिवेटिव्स भी शामिल हैं यहां अकाउंट ओपनिंग फ्री है और पहले साल के लिए अकाउंट मेंटेनेंस भी फ्री है म्यूचुअल फंड और आईपीओ में कोई कमीशन नहीं है बाकी सभी एसेट क्लास में ट्रेड करने पर केवल ₹ पर ऑर्डर ब्रोकरेज लिया जाता है और यहां कोई भी हिडन चार्ज नहीं है 1000 से ज्यादा स्टॉक्स पर चार गुना लेवरेज मिलता है जिसे आप लाइफ टाइम तक होल्ड कर सकते हैं यहां पर आपको ट्रेडिंग व्यू का प्रीमियम वर्जन मिलता है जहां आप मल्टी चार्ट लेआउट और 50 से भी ज्यादा इंडिकेटर्स का इस्तेमाल कर सकते हैं और चार्ट्स पर ही बाइंग और सेलिंग के ऑर्डर प्लेस कर सकते हैं साथ-साथ अपने स्टॉप लॉस और टारगेट को भी मैनेज कर सकते हैं अगर आप डिस्क्रिप्शन में दिए गए लिंक से सम को ब्रोकर ज्वाइन करते हैं तो आपको सीबी से रजिस्टर्ड एडवाइजर द्वारा दी गई रियल टाइम ट्रेडिंग एडवाइस बिल्कुल फ्री मिलेगी टाइम फ्रेम को 15 मिनट से 1 घंटे में शिफ्ट करते हैं अब प्राइस अपने हाई के आसपास है और अगर आप यहां बाय पोजीशन में ट्रेड एंट्री करते हैं तो आपका स्टॉप लॉस काफी नीचे होना पड़ेगा जिससे आपका रिस्क रिवॉर्ड रेशियो खराब हो जाएगा इसलिए हमें तुरंत ट्रेड में एंट्री नहीं करनी है बल्कि प्राइस को पहले रिट्रेस होने देना चाहिए इस लेवल तक प्राइस रेड कैंडल बनाते हुए नीचे आती है और इस लेवल को टच करती है लेकिन आप तुरंत यहां पर एंट्री नहीं ले सकते अगर आप यहां एंट्री लेते हैं तो आप बस अनुमान लगा रहे हैं कि प्राइस ऊपर जाएगा लेकिन प्राइस बहुत अनिश्चित होता है चाहे कितना भी महत्त्वपूर्ण लेवल क्यों ना हो वह कभी भी ब्रेक हो सकता है या फिर उस लेवल को रिस्पेक्ट नहीं कर सकता है इसलिए हम इंतजार करते हैं कि मार्केट पहले कंफर्म हो जाए कि वह किस दिशा में जाने वाली है उसके बाद ही हम ट्रेड में एंट्री करेंगे आप अगर अपनी इच्छा के अनुसार ट्रेड करेंगे तो यह एक खतरनाक तरीका हो सकता है कभी भी मार्केट में सरवाइव नहीं कर सकते हैं चाहे आपके पास कितना भी कैपिटल क्यों ना हो अधिकतम एक सप्ताह लगेगा और आपका कैपिटल डूब जाएगा इसलिए हमेशा कंफर्मेशन का वेट करना चाहिए अब प्राइस को 15 मिनट के टाइम फ्रेम पर शिफ्ट करते हैं अगर आप देख रहे हैं कि प्राइस अभी भी डाउन ट्रेंड में है तो हमें कुछ नहीं करना चाहिए जब तक हमें इस लेवल के ऊपर एक स्ट्रांग ग्रीन कैंडल के साथ प्राइस क्लोज नहीं कर जाती तब तक इंतजार करना जरूरी है एक बार फिर प्राइस प्रीवियस स्विंग लो को ब्रेक करती है और अगले कुछ कैंडल में एक स्ट्रांग ग्रीन कैंडल बनाते हुए ऊपर की तरफ जाती है और इस लेवल के ऊपर स्ट्रांग क्लोज हो जाती है यहां पर एक कारण है कि प्राइस इसी पार्टिकुलर लेवल से रिवर्स क्यों हुआ जैसे ही हम चार्ट्स को बड़े टाइम फ्रेम पर शिफ्ट करते हैं तो चार्ट्स के लेफ्ट साइड में एक डिमांड जोन नजर आता है हम यहां सप्लाई और डिमांड जन कैसे ड्रॉ करते हैं इस पर चर्चा नहीं करेंगे क्योंकि मैंने इस टॉपिक पर पहले ही एक डिटेल वीडियो बना दिया है आप चैनल पर जाकर वह वीडियो देख सकते हैं मैं चाहता हूं कि आप इस स्थिति को ध्यान से देखें और इसे उस वीडियो से लिंक कर पाएं जो मैंने पहले बनाया है अब हमारे पास तीन कंफर्मेशन है फर्स्ट 15 मिनट के टाइम फ्रेम में ट्रेंड अप है सेकंड 1 घंटे के टाइम फ्रेम में ट्रेंड अप है और थर्ड 4 घंटे के टाइम फ्रेम में भी प्राइस अप है हम जानते हैं कि यह सेटअप हमारे लिए एक जादू की तरह काम करता है इस कैंडल की क्लोजिंग पर हम बाय ट्रेड में एंट्री करेंगे जिसमें हमारा स्टॉप लॉस कैंडल के लो के पास होगा और टेक प्रॉफिट नेक्स्ट स्विंग हाई पर होगा अगर हम बड़े टाइम फ्रेम पर देखें तो यह हमारा एक के लेवल है जहां तक प्राइस जा सकती है आप देख सकते हैं कि प्राइस वैसा ही करता है धीरे-धीरे मार्केट स्ट्रक्चर बनाते हुए ऊपर की तरफ उस लेवल को टच करती है जिससे हमारा टारगेट हिट हो जाता है और हम प्रॉफिट बुक कर लेते हैं यह ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी मेरे लिए सबसे अच्छा काम करती है क्योंकि मैं एक इंट्राडे के साथ-साथ स्विंग ट्रेडर भी हूं लेकिन जब आप इस स्ट्रेटजी को उपयोग में लाएंगे तो अपने ट्रेडिंग स्टाइल के अनुसार टाइम फ्रेम को चेंज कर सकते हैं अगर आपको ट्रेडिंग व्यू का सब्सक्रिप्शन फ्री में चाहिए या फिर एक ही प्लेटफार्म पर इक्विटी कमोडिटी स्टॉक म्यूचुअल फंड ऑप्शंस आदि में ट्रेड करना चाहते हैं तो आप अपना डीमेट अकाउंट समको में खोल सकते हैं समको ट्रेडिंग पप का लिंक डिस्क्रिप्शन में है स्ट्रेटेजी समझ में आ गई हो तो इसे बैक टेस्ट करें फिर देखें कि आपके लिए काम करता है या नहीं और उसके बाद ही ओरिजिनल अकाउंट में इसे अप्लाई करें वीडियो अच्छी लगी हो तो वीडियो को लाइक कर दें और फ्री में प्राइस एक्शन ट्रेडिंग सीखने के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद

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