Will You YET Prepare for GOVERNMENT EXAMS? | Warikoo Careers Hindi

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नई दिल्ली के नॉर्थ में मुखर्जी नगर वहां का एक कमरा। 10/10 फीट का होगा। सिंगल बेड है, कुर्सी है, टेबल है। और टेबल के ऊपर किताबें जो छत को छू रही है। किराया ₹8,000 महीना। 26 साल के रमेश वहां रहते हैं। देवरिया यूपी से हैं। चार साल पहले आए थे। इन सालों में उन्होंने एसएससी सीजीएल दो बार दिया। यूपीएससी प्रीलिम एक बार और यूपीपीसीएस एक बार। किसी में नहीं हुआ। पापा गवर्नमेंट स्कूल टीचर थे। रिटायर हो चुके हैं। मां हर संडे को फोन करती है। कुछ हुआ? कहीं कुछ बात बनी? नहीं मां। अगली बार पक्का इस बार तो होके रहेगा। रमेश अपना फोन रखता है। किताबें खोल के फिर से पढ़ना शुरू कर देता है। ऐसा कमरा इस देश में बहुत सारे शहरों में बहुत सारी कॉलोनीज में मुखर्जी नगर हो, ओल्ड राजेंद्र नगर हो, प्रयागराज हो, पटना हो, जयपुर हो, कमरे का साइज बदलता है, कमरे का रेंट बदलता है। शायद बेड भी बदलता है, टेबल कुर्सी बदलती है। कहानियां सेम है। नहीं हुआ। लेकिन अगली बार पक्का वही फोन रख के वापस फिर से पढ़ाई। यह वीडियो ना सरकारी नौकरी के खिलाफ नहीं है। सरकारी नौकरियां बहुत अमेजिंग है। सैलरी अमेजिंग है। सिक्योरिटी अमेजिंग है। पेंशन अमेजिंग है। पर्क्स अलाउंसेस अमेजिंग है। रुतबा रिस्पेक्ट अमेजिंग है। लेकिन किसी चीज की ख्वाहिश करना और किसी चीज को हासिल करने के लिए वाकई में एक प्लान होना बहुत बड़ा फासला है। और इस फासले के बीच में करोड़ों लोग इस देश में हर साल भटक जाते हैं। रमेश एक मनगढ़न नाम है। लेकिन उसकी जिंदगी की कहानी सच है। इस वीडियो में उस सच को समझने की कोशिश करेंगे ताकि आप जिंदगी में जो भी अपने लिए निर्णय लें चाहे आप सरकारी नौकरियों के लिए बैठना चाहते हैं, तैयार हो ना है या नहीं आप सोच समझ के वो निर्णय लें। शुरू करते हैं सबसे बड़े वाले से। यूपीएससी सिविल सर्विसेज एग्जाम पिक्चरें बनी है इसके ऊपर। Instagram के पेजों पर पेज डेडिकेटेड है इस पे। YouTube पर भरे हुए हैं वीडियो, कोचिंग सेंटर्स बने हुए हैं इसके लिए। और 2025 में 9 लाख 37,000 लोगों ने इस एग्जाम के लिए रजिस्टर किया। प्रीलिम में करीब 5,75,000 लोग बैठे और उनमें से एग्जैक्टली 958 लोग सिलेलेक्ट हुए। सिलेक्शन रेट ऑफ़ 0.16% मतलब हजार लोगों ने रजिस्टर किया दो लोगों का अल्टीमेटली सिलेक्शन हुआ। पूरे फनल को समझने की कोशिश करते हैं। प्रीलिम्स के जो सारे कैंडिडेट हैं उसमें से मेंस सिर्फ 2.45% पहुंच पाते हैं। मेंस जो क्लियर करते हैं उसमें से रफली 19% लोगों को इंटरव्यू कॉल आती है। इंटरव्यू कॉल में जो बैठते हैं उनमें से करीब 35% फाइनली रेकमेंड किए जाते हैं। तीन स्टेज का एलिमिनेशन हर स्टेज में कटौती कटौती कटौती क्योंकि इस देश के सबसे फाइनेस्ट लोग ही चुनने हैं। अब सबसे जरूरी बात जो भी यूपीएससी क्लियर करते हैं और हर साल करीब हजार लोग तो क्लियर करते ही हैं ना। वो अपने पहले अटेम्प्ट में नहीं करते हैं। ऑन एन एवरेज तीसरे या चौथे अटेम्प्ट में क्लियर होता है। एवरेज ऐज और सिलेक्शन करीब 27 साल है। सिर्फ 7 से 10% लोग हैं जो पहले अटेम्प्ट में ही क्लियर कर पाते हैं। ऐसा भी नहीं है कि सीटें बढ़ रही हैं। 2024 में 109 सीटें थी। 2025 में 1087 2026 में 933 कम हो गई है। बाकी एग्जाम देखते हैं। एसएससी सीजीएल और सीएचएसएल वॉल्यूम ज्यादा है लेकिन ऑड सी मतलब प्रोबेबिलिटी उतनी कम है। एसएससी सीजीएल में 2024 में करीब 34 लाख लोगों ने रजिस्टर किया। सीटें करीब 18175 सिलेक्शन रेट ऑफ़ 0.52% यूपीएससी से बेटर है लेकिन 0.52 मतलब 190 लोगों में से एक इंसान सिलेक्ट होगा। 2025 आते-आते 28 लाख लोग रजिस्टर किए। सीटें थी करीब 15,000 तो और कम हो गया सिलेक्शन रेट। सीएचएसएल उससे भी बुरा है। 2024 में 34, लाख लोगों ने रजिस्टर किया। 3,955 सीटें थी। मतलब हर एक सीट के लिए 1010 एपिकेंट्स सिलेक्शन रेट ऑफ 1% यूपीएससी से भी लोअर और वैकेंसी काउंट्स जो है ना वो बहुत अनप्रिडिक्टेबल है। 2021 में करीब 6000 सीटें थी। 2023 में गिरकर करीब 1200 हो गई। 2024 में आके वापस करीब 4000 हो गई। तो ऐसा हो सकता है कि आप 2 साल से तैयारी कर रहे हैं और सीटें ही कम हो गई है। एंड उसकी वजह से आपके चांसेस उड़ गए। रेल्वेज पे आते हैं। आरआरबी एनटीपीसी 2024 25 की कहानी 1 करोड़ 22 लाख एप्लीकेशनेशंस 1 करोड़ 22 लाख वैकेंसीज करीब 11000 सिलेक्शन रेट ऑफ 95% हर 1000 लोगों में एक इंसान भी सिलेक्ट नहीं होगा। आरआरबी ग्रुप डी की कहानी देख लेते हैं। 1 करोड़ 8 लाख एप्लीकेशनेशंस 32 हजार 400 सीटें के करीब। बैंकिंग देख लेते हैं। एसबीआई पीओ की कहानी। 2023-24 में 2000 वैकेंसीज थी। 24-25 आते-आते 600 हो गई। 25-26 में सिर्फ 541 सीट्स। कितने लोगों ने अप्लाई किया? 8.5 लाख से लेकर 8.5 लाख तक। सिलेक्शन रेट ऑफ लेस देन 0.1%। तो सिलेक्शन रेट की समरी देखें। यूपीएससी सीएससी 0.17% एसएससी सीजीएल52% एसएससी सीएचएसएल 0.1% आरआरबी एनटीपीसी095% एसबीआई पीओ लेस देन 0.1% 3 से 5 साल अपनी जिंदगी के एक लेस देन 0.5% की जीत की प्रोबेबिलिटी के लिए लॉटरी टिकट के क्लोज है ये। लेकिन अब समझने की कोशिश करते हैं कि इस टिकट की कीमत कितनी है। एक कॉम्प्रिहेंसिव यूपीएससी प्रिपरेशन का अगर आप कोर्स लेंगे 1.5 से ₹ लाख आराम से। यह सिर्फ कोचिंग कोचिंग है। फिर तो आपको मतलब दिल्ली में भी रहना है अगर दिल्ली में है या कहीं भी और तो 6 से ₹10,000 पीजी रूम का खर्चा खाने का खर्चा 3 से 5,000 ट्रांसपोर्ट, मिसलेनियस आपके पर्सनल खर्चे 3 से 5,000 तो महीने के आप करीब 15 से ₹25,000 खर्च कर रहे हैं। अगर 3 साल की आपकी प्रिपरेशन है क्योंकि ऑन एन एवरेज 3 साल के अटेम्प्ट हैं। देन द टोटल सम ऑफ मनी दैट यू आर इन्वेस्टिंग इज अराउंड 9 से 11 लाख। अगर यह पांच साल का साइकिल हो जाता है 14 से ₹17 लाख। एसएससी बैंकिंग कोचिंग चीपर है। यस। 10 से ₹25,000 लेकिन लिविंग कॉस्ट तो उतना ही है। खासकर अगर आप दिल्ली में ही मूव कर गए हैं तो 2 से 4 साल की प्रिपरेशन के लिए आराम से 4 से 5 ₹6 लाख वहां भी जा रहे हैं। अब इन सारी कोचिंग के लिए रहने खाने के खर्चे के लिए कोई लोन-वोन तो नहीं मिलता है। एजुकेशन लोन तो नहीं है तो आपको कोई पर्सनल लोन लेना पड़ेगा। आपको अपना सोना गिरवी रखना पड़ेगा। फैमिली को कोई कर्ज लेना पड़ेगा। वह कर्ज आएगा आराम से 11 12% में। अगर आप किसी गांव में हैं जहां कोई कोलटरल नहीं है। आप कोई चीज गिरवी नहीं रख सकते तो यह रेट ऑफ इंटरेस्ट 15 20 25% तक भी जा सकता है। शायद उससे भी ज्यादा। तो इसका कोई सरपैर नहीं है। एंड परिवार अपनी पूरी जिंदगी की आमदनी इस पे लगा देते हैं। 1.5% ऑन एन एवरेज विन रेट या प्रोबेबिलिटी ऑफ़ सक्सेस के लिए। वक्त की कीमत अलग। आपने इन दो तीन चार जितने भी साल लगे आपको तैयारी करने के लिए कोई काम नहीं किया कुछ कमाया नहीं कोई एक्सपीरियंस नहीं गैदर किया तो बाय द टाइम यू क्वालीफाई आप 27 साल के हैं एंड अगर आप क्वालीफाई कर लें आपकी जिंदगी सेट है कोई दो राह नहीं है इट इज द बेस्ट लाइफ दैट यू कैन हैव इन इंडिया ऑन मेनी कम्स लेकिन अगर आप वो 99.5% लोगों में से हैं जिनका नहीं हुआ डिस्पाइट गिविंग इट एवरीथिंग वो शिद्दत वो परिश्रम वो मां बाप का आशीर्वाद वो हर एक चीज उन सबके बावजूद अगर नहीं देन एट द एज ऑफ़ 27 आप ₹15 लाख अपनी जिंदगी के खर्च कर चुके हैं। तीन से चार साल अपनी जिंदगी के खर्च कर चुके हैं। एंड आपके पास आपके रेज्यूुे में कुछ भी नहीं है दिखाने के लिए। इट इज़ अ स्केरी स्केरी सिचुएशन टू बी इन। अब पूछने वाली बात यह है कि यार ऐसी चीज तो मैं कुछ नई नहीं बता रहा हूं जो आपको ऑलरेडी नहीं पता है। मेरा कोई इंटरेस्ट भी नहीं है। ना ही मैं कोई कोचिंग सेंटर चलाता हूं। ना ही मैं बच्चों को गवर्नमेंट एग्जाम्स के लिए पढ़ाता हूं। ना ही मेरा कोई प्राइवेट स्कूल है जहां मैं चाहता हूं कि वो जाएं और सरकारी नौकरियां लाने। आई आई एम डिस्पैशनेट। सो अ वेरीेंट क्वेश्चन जो मैं पर्सनली पूछूंगा कि इस देश में इतने सारे लोग इन सरकारी नौकरियों के पीछे क्यों भागते हैं? एंड दे मल्टीपल रीज़ंस बिहाइंड दैट। ऑफ कोर्स इट्स वै इजी टू से कि यार स्टेबिलिटी है। आप फायर नहीं होंगे। आपके पास जॉब सिक्योरिटी है। बट दीज़ आर आल्सो वैरी डिमांडिंग जॉब्स। हां। ऐसा नहीं है कि ये बिल्कुल सोने के तख्त पे आप बैठे हुए हैं। जिंदगी एकदम चिल है। आपको कुछ काम नहीं करना है। दीज़ आर रियली डिमांडिंग रोल्स। आपकी ट्रांसफर होती रहेगी। आपका परिवार हिलता रहेगा। यू आर ऑलवेज डीलिंग विथ द पब्लिक। यू आर ऑलवेज डीलिंग वि थिंग्स व्हिच आर ब्यूरोकैटिक यू आर नॉट ग्रोइंग एस फास्ट एस मे बी अदर्स आर आपकी सैलरी चाहे जितनी भी हो शायद कोई प्राइवेट सेक्टर में है उनकी सैलरी ज्यादा हो सकती है हां आपको यह लगेगा कि वो कभी फायर हो सकते हैं आप नहीं हो सकते हैं बट एट सम पॉइंट ऑफ़ टाइम यू आल्सो बिलीव कि यार मैं एक अच्छा वर्कर हूं एक कैपेबल वर्कर हूं तो अगर मैं प्राइवेट में होता तो शायद मैं वहां भी फायर नहीं होता। क्यों होता? अगर होता भी तो कहीं और नौकरी मिल जाती। सो इट्स अ कॉम्बिनेशन और अ लॉट ऑफ़ थिंग्स एंड आई फील द बिग रीज़ मेरे हिसाब से। इसकी एक सरकारी नौकरी आपको एक ऐसी चीज देती है जो इस देश में बहुत बहुत ज्यादा वैल्यूुएबल है। एंड दैट इज प्रेडिक्टेबिलिटी ऑफ स्टेटस। इस देश में स्टेटस बहुत जरूरी है। लोग आपको कैसे देखते हैं? कैसे परखते हैं? समाज में आपका ओदा क्या है? वो बहुत जरूरी है। एंड अगर आप एक सरकारी अफसर हैं एक यूपीएससी के या एक एसबीआई पीओ में हैं या रेलवेेज में काम करते हैं। देयर इज़ सडनली अ प्रेडिक्टेबिलिटी ओवर हाउ पीपल विल रिसोंड टू इट। नंबर एक नंबर दो अगर खुदा ना खास्ता आपके साथ कुछ हो जाता है। आप कहीं फंस जाते हैं देयर इज अ सर्टन आई नो पीपल एंड दस आई विल बी एबल टू मैनेज इट कंफर्ट। जो कि बाकी जगहों पर नहीं होता है। अगर आप मुझसे पूछेंगे मेरे पास आज पैसा है, पब्लिक प्रोफाइल है। करोड़ों लोग मुझे देखते हैं, मेरा कंटेंट फॉलो करते हैं वगैरह वगैरह। लेकिन अगर भगवान ना करे मैं किसी ऐसी चीज में फंस जाऊं व्हिच इज नॉट समथिंग दैट आई हैव डन नॉट समथिंग दैट आई हैव विश फॉर। आई डोंट नो हाउ टू गेट आउट ऑफ इट। मतलब मेरे को बिल्कुल फर्स्ट प्रिंसिपल से ही सबको ढूंढना पड़ेगा कि जी किससे बात करनी होगी, कहां पहुंचना होगा, कैसे करना होगा। क्योंकि मुझे नहीं पता हाउ द सिस्टम वर्क्स। मुझे नहीं पता है हाउ द बैक एंड गवर्नमेंट मशीनरी वर्क्स। लेकिन अगर एक इंसान एक गवर्नमेंट मशीनरी में है देन दे अंडरस्टैंड हाउ इट वर्क्स। देयर ऑलवेज अ फोन कॉल अवे फ्रॉम एनी हेल्प दैट दे वुड नीड। एंड थर्ड इज़ दैट इट गिव्स देम अ मैसिव सेंस ऑफ कंफर्ट नोइंग कि देयर जनरेशन इज ऑलरेडी सेट एंड सिक्योर। उनकी पेंशन, उनकी मेडिकल, उनकी ग्रेचुटी, उनका पीएफ इट सेट्स देम अप फॉर लाइफ। एंड उनकी जनरेशन गेट्स एवन्यूस एंड एक्सेस दैट इज टेकन केयर ऑफ। क्योंकि हर एक इंसान के लिए, हर एक मां-बाप के लिए। उनकी जनरेशन कहां जाएगी? क्या वो जिंदगी में आगे बढ़ पाएगी कि नहीं? बिगर एंड बेटर देन द ऑर्बिट देयर पेरेंट्स वुड बोर्न इन इज़ द बिगेस्ट थिंग। एंड इन सो मेनी वेज़ अ गवर्नमेंट जॉब गारंटीस दैट गारंटीस दैट हां ऑन कोर्स इनकम तो है ही एंड बुरी बिल्कुल भी नहीं है। एक एंट्री लेवल आईएएस ऑफिसर ₹0000 से ₹1 लाख महीने से शुरू करते हैं। एक सरकारी बंगला मिलेगा। गाड़ी मिलेगी। मेडिकल इंश्योरेंस होगी। कि 60 साल तक आपकी जॉब सिक्योरिटी है। एक टैक्स इंस्पेक्टर 55 से ₹65,000 कमा रहे हैं। एक बैंक पीओ 70 से ₹80,000 कमा रहे हैं। एक लोअर डिवीजन क्लर्क भी व्हिच इज लिटरली द स्टार्ट ऑफ एवरीथिंग। वो भी 23 से ₹27,000 कमा रहे हैं। अब अगर आप एक छोटे शहर में जाएंगे ना पटना या देवररिया, प्रयागराज। वहां अगर आप एक प्राइवेट सेक्टर में काम करते हैं। यह तनख्वाएं उनसे दो तीन चार गुना ज्यादा है। इट्स अ सेम क्वालिफिकेशन, सेम एक्सपीरियंस, सेम एवरीथिंग। लेकिन एक छोटे शहर का ग्रेजुएट 8 से ₹15,000 कमा रहा होगा। वहीं एक सरकारी नौकरी वि इज ऑफ कोर्स इनली हार्ड टू गेट आपको उसके मल्टीपल्स दे रही है। एंड जहांजहां मैंने देखा है वो स्टेट्स जिनका जीडीपी पर कैपिटा लो है। प्राइवेट एंप्लॉयमेंट इतनी ज्यादा नहीं है। अनप्रिडिक्टेबिलिटी ऑफ़ आउटकम है। दे लव गवर्नमेंट जॉब्स अ लॉट मोर। व्हिच इज व्हाई माय अंडरस्टैंडिंग यूपी बिहार में आप देखेंगे देयर इज अ लॉट मोर लव। फॉर गवर्नमेंट जॉब्स देन अदर स्टेट्स इट्स नॉट ओनली पपुलेशन नहीं क्योंकि अगर आप महाराष्ट्र गुजरात देखेंगे दे आर आल्सो हेवीली पपुलेटेड बट द एवेन्यूस एंड द ओपोरर्चुनिटीज दैट ग्रेजुएट्स हैव देयर आर अ लॉट मोर देन दीज़ अदर स्टेट्स एंड दिस इज़ व्हाई मुझे ऐसा लगता है कि द लव फॉर समथिंग व्हिच इज सिक्योर व्हिच इज प्रेडिक्टेबल ना सिर्फ इनकम के लिए बट आल्सो सोशल स्टेटस वो सरकारी नौकरियां उनको देती है। अब इस पूरे वीडियो का आउटकम क्या है? मैं यह नहीं बोल रहा हूं कि आप सरकारी नौकरियों के लिए तैयारी मत करिए। प्लीज करिए। लेकिन एक प्लान के साथ करिए। अगर आप अपनी आंखों में पट्टी बांधकर एक रेस भागते हैं तो व्हाट इज द लाइकलीहुड दैट यू विल विन? वेरी लेस राइट? कितना लेस? 10% 5%5% वही 5% आपके इस एग्जाम का भी आउटकम है और वो बेवकूफी है अगर आप अपनी आंखों पर पट्टी बांध के सिर्फ कामना करते हुए इस अंधविश्वास के साथ कि जी हमारा तो हो ही जाएगा क्योंकि हमने एक पिक्चर देखी है जिसमें किसी इंसान ने कर दिखाया। यू आर फॉलिंग प्र टू द बिगेस्ट बायस दैट ह्यूमन माइंड हैज़ कि वो कन्फर्मेशन ढूंढता है। वो किसी भी चीज से अगर वैलिडेशन मिल जाए उससे ज्यादा प्यार करता है। एक कहानी अगर पता चल जाए कि एक इंसान ने आठ बार ये एग्जाम दिया सब कुछ किया तब भी हो गया उससे उन्हें प्यार हो जाएगा। वो उन सारी कहानियों को इग्नोर करेंगे जो कि हजारों लाखों करोड़ों लोगों के साथ होती है। लेकिन कभी भी वो एग्जाम क्लियर नहीं कर पाते। माय एम फॉर दिस वीडियो इज टू गिव यू अ रियलिस्टिक प्लान कि अगर आप 22 23 साल की उम्र में किसी भी सरकारी नौकरी के लिए तैयारी करते हैं एंड इस आशा से करते हैं कि आपका क्लियर हो जाएगा तो मतलब आप में दिमाग है आप में क्षमता है। आप में धैर्य है, आप में शिद्दत है। उन्हीं सब चीजों को अपनी जिंदगी बनाने के लिए भी यूज़ करिए। कैसे? सबसे पहले एक प्लान बनाइए कि यार चाहे मैं जितना भी करीब आ जाऊं। आई विल हैव अ डेडलाइन टू व्हेन आई हैव टू स्टॉप। वो डेडलाइन मेरी इकोनॉमिक स्थिति डिटरमिन करेगी। मेरी पर्सनल स्थिति डिटरमिन करेगी। मेरी सोशल स्थिति डिटरमिन करेगी। बट ये डेडलाइन जरूरी है। तो फर्ज करिए आप बोलते हैं कि 25 साल की उम्र तक मैं अटेम्प्ट दूंगा। नहीं हुआ तो मैं रुक जाऊंगा। चाहे मेरे मेंस क्लियर हो जाए, चाहे मैं इंटरव्यू तक पहुंच जाऊं, आई विल स्टॉप। बिकॉज़ आई कांट लीव माय लाइफ टू अ 5% चांस। और फिर आपको सब कुछ दे देना है। 25 साल तक आपको ऐसी मेहनत करनी है दोस्त कि आप हो ही जाएंगे। आप क्लियर करके ही रहेंगे। एंड भगवान करे हो भी जाए। लेकिन एज द प्रोबेबिलिटी सजेस्ट 99% का नहीं होगा। तो 25 साल बाद यू नीड अनदर प्लान। अ प्लान फॉर लाइफ दैट विल हैव टू स्टार्ट। और वो प्लांस क्या हो सकते हैं? अगर आप एक छोटे शहर से हैं एंड यू विल बी लाइक आई डोंट नो व्हाट टू डू। अगर आपने मेहनत के साथ काम किया है। इफ यू हैव स्टडीड हार्ड। इफ यू हैव रियली वर्क्ड, यू कैन गेट अ जॉब। एंड दैट विल बी द फर्स्ट थिंग। अपने आपको पैरों पर खड़ा करवाना है। एनी जॉब। एनी जॉब दैट स्टार्ट्स मेकिंग यू अर्न मनी। बहुत जरूरी है। क्योंकि जब तक आप अपने पैसे खुद के कमाने शुरू नहीं करेंगे आपका जो आत्मविश्वास है ना और जो खुददारी है वो वापस नहीं आएगी। एवरीथिंग दैट यू हैव लॉस्ट बिकॉज़ यू कुडंट क्लियर द एग्जाम। आपके परिवार कर्ज तले दब गए हैं। उन्होंने सोना गिरवी भी रख दिया है वगैरह-वगैरह वो सारी चीजें ना आपको रातों को खाती रहेंगी। लेकिन जिस दिन आप कमाना शुरू करेंगे, आप धीरे-धीरे उस सेल्फ रिस्पेक्ट को वापस अपनी जिंदगी में लाना शुरू करेंगे। दैट्स द फर्स्ट स्टेप। नंबर दो उस नौकरी के साथ चाहे वो जितने भी पैसे आपको देती हो ₹13,000 ₹15,000 ₹25,000 आप अपनी रातों को आप अपने वीकेंड्स पे आप अपनी छुट्टियों में स्किल्स एक्वायर करेंगे। वो स्किल्स जो आपको जिंदगी में जितवाएंगे वो एआई स्किल्स हो सकते हैं, वो डिजिटल मार्केटिंग स्किल्स हो सकते हैं। वो कंटेंट राइटिंग स्किल्स हो सकते हैं। वो एडिटिंग स्किल्स हो सकते हैं। वो कोडिंग स्किल्स हो सकते हैं। वो सिविल इंजीनियरिंग के स्किल्स हो सकते हैं। वो मैकेनिकल के हो सकते हैं। वो इलेक्ट्रिकल के हो सकते हैं। आप जो सीखना चाहें जो करना चाहें लेकिन करना पड़ेगा। जितनी ही मेहनत आपने यूपीएससी के लिए करी, जितनी ही मेहनत आपने किसी भी सरकारी एग्जाम के लिए करी, उतनी ही मेहनत आपको अपनी जिंदगी में नए स्किल्स जोड़ने के लिए भी करनी पड़ेगी। एंड उससे दिशाएं खुलेंग एंड दिशाओं की कमी नहीं है। ओपोरर्चुनिटीज की कमी नहीं है इस देश में। लेकिन क्लेरिटी की कमी है। कन्विक्शन की कमी है। एंड दैट इज व्हाट यू नीड टू बिल्ड। तो कोई भी शख्स जो सरकारी नौकरी के लिए तैयारी करना चाहता है उनको यह पांच सवाल अपने आप से पूछने होंगे। नंबर एक मैं कौन से एग्जाम की तैयारी कर रहा हूं? सबसे गलत जवाब है सरकारी नौकरियों के लिए। एक स्पेसिफिक आंसर चाहिए। क्योंकि जब तक आपके पास फोकस नहीं होगा ना तब तक आप भटकते रहेंगे। आप एक दरवाजे से दूसरे दरवाजे जाते रहेंगे क्योंकि एक दरवाजा बंद हो गया है। दूसरा आपको खुला दिख रहा है आप वहां भाग जाएंगे। वो जैसे-जैसे थोड़ा सा बंद होने लग जाएगा तीसरे दरवाजे की तरफ चले जाएंगे। गलत। व्हिच एग्जाम आर यू प्रिपेयरिंग फॉर? नंबर दो, मेरा फाइनेंसियल रनवे कितना है? मैं कितने पैसे खर्च कर सकता हूं? परिवार का कर्ज जोड़ के, सब कुछ जोड़ के दैट इज द नंबर ऑफ अटेम्प्ट्स आई कैन मेक। और मुझे वह डेडलाइन अपनी जिंदगी पर डालनी ही पड़ेगी। नंबर तीन कितने अटेमप्ट पर मैं रुक जाऊंगा। तो जो भी आपकी फाइनेंसियल स्थिति है, जो भी आपकी पर्सनल स्थिति है, जो भी आपकी सोशल स्थिति है, जो भी कि आपकी प्रोफेशनल स्थिति है, उन सबको मद्देनजर रखते हुए आप कितने अटेम्प्ट देंगे और उसके बाद नहीं। चाहे आप जितने भी करीब आ गए हो। क्योंकि जिंदगी बहुत लंबी है दोस्त। दिस इज नॉट द एंड ऑफ योर लाइफ। यह सरकारी नौकरी तो एक शुरुआत होगी ना। वो शुरुआत आप किसी भी और रूप में भी कर सकते हैं। नंबर चार क्या एक सरकारी नौकरी आपका जेन्युइन जुनून है या एक डिफॉल्ट है? बहुत लोगों से जब मैं बात करता हूं जी सरकारी नौकरी क्यों? क्योंकि सरकारी नौकरी कोई सरपैर नहीं है। कोई लॉजिक नहीं है। कोई कारण नहीं है। देयर आर पीपल हु आर पैशनेट बिकॉज़ दे अंडरस्टैंड व्हाई एंड व्हाट एंड दैट्स व्हाई दे गो फॉर इट। एंड देयर पीपल हु आर लाइक जी ऐसे ही चलता आ रहा है। हमने देखा है बहुत अच्छी पिक्चर थी। ये था वो था तो करना है। एंड नंबर पांच सबसे ज्यादा जरूरी क्या आपने उन लोगों से बात करी है जिन्होंने अपनी सालों की जिंदगी इस एग्जाम क्लियर करने में लगा दी लेकिन तब भी ना कर पाए। हैव यू सेट विथ देम? एंड हर्ड व्हाट ऑल दे वेंट थ्रू? क्योंकि उनसे जब तक आप नहीं बात करेंगे, उनसे जब तक आप नहीं सीखेंगे तब तक आपको असलियत नहीं पता चलेगी। बहुत लोग आपको ज्ञान देंगे कि अरे इन लूजर से बात मत करना। आप डीमोटिवेट हो जाओगे। सिर्फ विनर से बात करना। सिर्फ उन्हीं की कहानियों में ही वो जज्बा है जो आपको अपने अंदर डालना है। वो सब बहुत अच्छा लगता है सुनने में। वही बॉलीवुड पिक्चर जैसे। लेकिन इट इज अ वेरी डिफरेंट थिंग टू कम फेस टू फेस विथ द ट्रुथ। यह सच्चाई है। यह सच्चाई 50% नहीं है। 99% पे प्रोबेबिलिटी है कि शायद मेरे साथ भी होगी। मुझे इस सच्चाई के लिए तैयार होना पड़ेगा। हैव दैट कन्वर्सेशन। आपकी जिंदगी एक लॉटरी की टिकट नहीं है दोस्तों। आपकी जिंदगी एक बहुत बहुत मुश्किल से मिली जिंदगी है। बहुत सारी पीढ़ियों ने आपको पैदा किया है। आप सिर्फ एक एग्जाम के पीछे अपनी पूरी जिंदगी नहीं बिता सकते। प्लीज कोशिश करिए। जी जान से कोशिश करिए। हो गया तो जिंदगी बहुत खूबसूरत होगी। नहीं हुआ तो मैं आपको दावे के साथ लिख के दे सकता हूं कि अगर आप में दृढ़ साहस निश्चय है। यू विल हैव अ वंडरफुल लाइफ विद और विदाउट अ गवर्नमेंट जॉब। एक नौकरी आपकी जिंदगी नहीं बनाती। आप खुद अपनी जिंदगी बनाते हैं। ये है अंकुर वड़ी का ऑफिशियल YouTube करियर चैनल और मैं हूं अंकुर वारी। साइनिंग ऑफ। आई एम सुपर थिंक टू अनाउंस माय न्यू लेटेस्ट प्रोजेक्ट इंडिया जीनियस चैलेंज। यह एक नेशन वाइड हंट है भारत के ब्राइटेस्ट यंग स्टूडेंट्स का। एज्ड बिटवीन 13 टू 15 इयर्स। एक ऑनलाइन राउंड फॉललोड बाय द नेशनल फाइनल्स दैट विल हैपन इन दिल्ली जहां सबसे ब्राइटेस्ट स्टूडेंट्स को मिलेगी ₹1 लाख की स्कॉलरशिप। ऑनलाइन राउंड्स में डेली, वीकली मंथली विनर्स अनाउंस होंगे। उनको मिलेंगे iPhonस, आईपैड्स, PS5, बुक्स, ट्रॉफीज़, सर्टिफिकेट्स एंड अ लॉट मोर। ऑल लीडिंग टू द नेशनल फाइनल्स हैपनिंग इन दिल्ली। प्लीज अगर आप किसी 13 से 15 साल के बच्चे को जानते हैं, आपके परिवार में कोई है या आप खुद वो हैं, देन लॉग ऑन टू इंडिया जीनियस चैलेंज.com एंड स्टार्ट प्लेइंग द चैलेंज।

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